‘आमिर खान Love Jihad के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं’; अभिनेता की तीसरी शादी पर भड़के महाराष्ट्र के मंत्री

Nitesh Rane on Aamir Khan: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता नितेश राणे ने बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह तय करना उनका काम नहीं है कि किसकी शादी में कौन जाए। लेकिन अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो आमिर खान को अपना आदर्श मानते हैं, इस पर विचार करें कि उन्हें उनसे कैसी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर खान ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बनते जा रहे हैं।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, शिरडी में आमिर खान की तीसरी शादी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री नितेश राणे ने कहा, “यह तय करना मेरा काम नहीं है कि कौन किसकी शादी में शामिल होगा। लेकिन, अब समय आ गया है कि हिंदू युवा, जो उन्हें एक सेलिब्रिटी मानते हैं, इस पर सोचें कि उन्हें इससे किस तरह की प्रेरणा लेनी चाहिए। मेरा मानना ​​है कि जब सेलिब्रिटी अपनी निजी जिंदगी के बारे में ऐसे फैसले लेते हैं, तो हिंदू समाज को इस पर सोचना चाहिए। आमिर खान असल में ‘लव जिहाद’ के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं।”

राणे के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, आमिर खान की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्री का कहना है कि ‘लव जिहाद’ संबंधी आरोप उनका व्यक्तिगत राजनीतिक बयान है। आमिर खान ने इसी महीने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की थी। रीना दत्ता और किरण राव के बाद यह आमिर खान की तीसरी शादी है।

आमिर खान ने 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी। दोनों के दो बच्चे अभिनेता जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद आमिर ने 2005 में किरण राव से दूसरी शादी की। इस शादी से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ। हालांकि, साल 2021 में दोनों ने अलग होने का ऐलान कर दिया। अब आमिर ने तीसरी शादी की है।

मुस्लिम विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं नितेश राणे

नितेश राणे पहले भी कई ऐसे सार्वजनिक बयान दे चुके हैं जिन्हें आलोचकों, विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने मुस्लिम विरोधी या सांप्रदायिक बताया है। इनमें मुस्लिम समुदाय, मस्जिदों, हलाल, लव जिहाद और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर उनकी तीखी टिप्पणियां शामिल रही हैं। दूसरी ओर, राणे और उनके समर्थकों का कहना है कि वे हिंदू हितों की बात करते हैं और उनके बयान कानून या सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर आधारित हैं।

Love Jihad क्या होता है?

‘लव जिहाद’ एक बेहद संवेदनशील और विवादित शब्द है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारत में राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहसों में किया जाता है। इस शब्द का उपयोग उन मामलों को परिभाषित करने के लिए किया जाता है, जहां कथित तौर पर कोई मुस्लिम पुरुष किसी गैर-मुस्लिम महिला (आमतौर पर हिंदू या ईसाई) को शादी के माध्यम से इस्लाम में परिवर्तित करने के इरादे से प्रेम जाल में फंसाता है।

इस विषय से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोण और मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:-

1. आरोप और चिंताएं (दावा करने वालों का पक्ष)

धर्मांतरण का आरोप: दक्षिणपंथी संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों का आरोप है कि यह एक संगठित प्रयास है, जिसके तहत पहचान छिपाकर (जैसे गलत नाम बताकर) या शादी का झांसा देकर महिलाओं का जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

पारिवारिक और सांस्कृतिक चिंताएं: इन समूहों का मानना है कि इसके पीछे जनसांख्यिकीय (demographic) बदलाव या सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करने का इरादा होता है।

2. आलोचकों और कानूनी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

आरोप निराधार: आलोचकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कई विपक्षी दलों का कहना है कि ‘लव जिहाद’ जैसी कोई संगठित साजिश नहीं है। उनका मानना है कि इस शब्द का इस्तेमाल सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने और वयस्कों की अपनी मर्जी से की जाने वाली अंतरधार्मिक (interfaith) शादियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता: आलोचकों का तर्क है कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 के तहत हर वयस्क नागरिक को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

3. अदालतों और जांच एजेंसियों का रुख

एनआईए (NIA) और पुलिस जांच: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने कुछ मामलों की जांच की है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, व्यक्तिगत स्तर पर धोखाधड़ी या जबरन धर्मांतरण के मामले तो सामने आए हैं। लेकिन किसी केंद्रीयकृत या संगठित ‘लव जिहाद’ नेटवर्क या साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

संसद में बयान: भारत सरकार ने भी संसद में एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया था कि मौजूदा कानूनों में ‘लव जिहाद’ जैसी कोई परिभाषा नहीं है और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ऐसा कोई संगठित मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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4. राज्यों के कानून

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों ने ‘गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध कानून’ (Anti-Conversion Laws) पारित किए हैं। हालांकि, इन कानूनों में सीधे तौर पर ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं है। लेकिन इनमें शादी के लिए धोखाधड़ी, लालच या जबरन किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने और इसके लिए सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं।

आज का मौसम 12 जुलाई: IMD ने यूपी संग इन 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन इलाकों में आएगी बवंडर वाली आंधी

India Weather today: देश भर में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 12 जुलाई के लिए देश का ताजा मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी इस बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत समेत देश के कुल 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बवंडर जैसी तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जबकि दक्षिण के एक राज्य में लू का असर भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के तीन प्रमुख राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:-

बिहार

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

इन क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे नदी जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने आज उत्तर प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज तेज मानसूनी बारिश देखने को मिलेगी:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

पंजाब

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है। इसे हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:-

1. 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार बवंडर वाली हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

2. 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।

3. इन राज्यों में केवल आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तराखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के एक इलाके के लिए गर्मी की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, आज तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे यहां के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।

योगी सरकार का नकली दवा माफिया पर सबसे बड़ा प्रहार, आगरा में जालसाज सिंडिकेट की कमर टूटी

Yogi government's biggest crackdown on spurious drug mafia

– एफएसडीए आयुक्त के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर मारे एक साथ छापे, अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा

– सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, नकली दवाएं, फर्जी बिलिंग और री-लेबलिंग का संगठित नेटवर्क बेनकाब

– बड़ी कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों पर 3 नई एफआईआर, अब तक 58 थोक लाइसेंस निरस्त/निलंबित

– अब तक हुई कार्रवाई में कुल 9 मुकदमे दर्ज और 3.63 करोड़ रुपए की दवाएं जब्त

– एफएसडीए अब अवैध वसूली करने वालों पर भी कस रहा शिकंजा

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने आगरा में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे निर्णायक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए के संगठित दवा सिंडिकेट की परतें खोल दी हैं। एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की विशेष टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर नकली दवाओं, सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, फर्जी बिलिंग, अवैध री-लेबलिंग, फिजीशियन सैंपलों की बिक्री और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया।

कार्रवाई के बाद 14 संचालकों के खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या 9 और निरस्त अथवा निलंबित थोक लाइसेंसों की संख्या 58 पहुंच गई है।

 

15 ड्रग इंस्पेक्टरों ने एक साथ मारे छापे

आयुक्त डॉ रोशन जैकब के नेतृत्व में गठित 15 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने आगरा के कम्बूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार (शू मार्केट), कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट और कोतवाली क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की। जिन 13 फर्मों पर छापेमारी हुई उनमें मोहन ट्रेडर्स (कम्बूटोला), मनी मेडिकल (मुबारक महल), नीलकंठ (कृष्णा कॉम्प्लेक्स), वंश फार्मा (कम्बूटोला), प्रशांत मेडिकल (कम्बूटोला), पोरवाल मेडकेयर (शू मार्केट), एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस (मुबारक महल), डॉली ड्रग हाउस (कम्बूटोला), मनु फार्मा (कोतवाली के सामने), आरडीएम फार्मास्युटिकल्स (नवबिया मार्केट), इनाया फार्मा (कम्बूटोला) और नूर फार्मा (कम्बूटोला) शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल के परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि नीलकंठ, कृष्णा कॉम्प्लेक्स स्थित प्रतिष्ठान और मनु फार्मा पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत रोक लगा दी गई। टीम ने मौके से 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए।

 

विभोर मेडिकल एजेंसी से खुला नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क

एफएसडीए की ताजा जांच टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की Chymoral Forte और Shelcal के नकली होने संबंधी शिकायत से शुरू हुई। 7 नवंबर 2025 को अंशिका फार्मा के मालिक मनोज गुप्ता की जांच में पता चला कि उन्होंने Chymoral Forte की खेप विभोर मेडिकल एजेंसी से खरीदकर पाल ब्रदर्स (कोलकाता) को बेची थी। विभोर मेडिकल एजेंसी के प्रो. संजीव कुमार गुप्ता के यहां जांच में खरीद के बिल फर्जी मिले।

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उन्होंने दवाएं गुप्ता मेडिकल एजेंसी (गोरखपुर) और हर्षित ट्रेडर्स (आगरा) से खरीदने का दावा किया, लेकिन दोनों फर्मों ने इससे इनकार कर दिया। वहीं वरदान मेडिकल एजेंसी में “ESI SUPPLY NOT FOR SALE” अंकित दवाएं मिलीं और लैब जांच में Chymoral Forte अधोमानक तथा ACILOC नकली पाई गई, जिसकी टोरेंट फार्मा ने भी पुष्टि की। पूछताछ में अंकुर अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने नकली दवाएं संजीव कुमार गुप्ता से बिना वैध बिल के खरीदी थीं।

जांच में विभोर मेडिकल एजेंसी, वरदान मेडिकल एजेंसी, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल एजेंसी और पाल ब्रदर्स का अंतरराज्यीय सिंडिकेट सामने आने पर संजीव कुमार गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, प्रियंका बंसल, अरुण कुमार गुप्ता और पाल ब्रदर्स के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 276, 277, 278, 316 और 318 में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

 

अस्पताल की दवाओं की री-लेबलिंग से लेकर फर्जी बिलिंग तक, कई परतों में खुला सिंडिकेट

एफएसडीए की जांच में अस्पताल और सरकारी आपूर्ति की जीवनरक्षक दवाओं की री-लेबलिंग, फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। 21 मई को युग फार्मा के प्रो. सचिन गुप्ता के यहां बिना कोल्ड-चेन रखे इंसुलिन इंजेक्शन और री-लेबलिंग मिली। पूछताछ में दवाओं की सप्लाई शारदा फार्मा के शिवम गुप्ता और आरएमडी फार्मा के राजेश गुप्ता तक पहुंची, जिसके बाद तीनों फर्में सील कर दी गईं। बाद में शारदा फार्मा के सीसीटीवी में नबील खान और सोनू बघेल संदिग्ध दवाएं हटाते दिखे।

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एसटीएफ गाजियाबाद की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे मोहित गुप्ता (महादेव फार्मा) से अस्पताल व सरकारी आपूर्ति की दवाएं बिना बिल खरीदकर उन पर लगी 'Not for Sale' पहचान हटाकर फर्जी लेबल और नई एमआरपी के साथ बाजार में बेचते थे। इस मामले में सचिन गुप्ता, शिवम गुप्ता, नितिन गुप्ता, राजेश गुप्ता, मोहित गुप्ता और हितेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं 1 से 3 जुलाई की जांच में वी.ए. मेडिकोज में Jardiance, Telma-H, Thyrox और Gluconorm PG-2 जैसी दवाओं की री-लेबलिंग, नकली Telma-H और फर्जी खरीद बिल मिले।

शोभित अग्रवाल ने दवाएं लाइसेंस निरस्त हो चुके हर्षित ट्रेडर्स से लेने की बात स्वीकार की, जबकि जांच में वरदान मेडिकल एजेंसी के पुराने बिलों से करीब 1.88 करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग, अंकुर अग्रवाल द्वारा संजीव गुप्ता (विभोर मेडिकल एजेंसी) से बिना बिल नकली दवाएं खरीदने और सबूत मिटाने के प्रयास का खुलासा हुआ। साथ ही मोहित बंसल (रुद्रा एंटरप्राइजेज) और प्रवीण अग्रवाल (श्री भगवती मेडिकल एजेंसी, मथुरा) द्वारा फर्जी बिल, UP-80 EL-0069 वाहन व ऑटो-रिक्शा के जरिए नकली दवाओं को वैध दिखाने का खेल सामने आया।

इसके आधार पर वी.ए. मेडिकोज, शोभित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, संजीव गुप्ता, मोहित बंसल और प्रवीण अग्रवाल समेत संबंधित आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

 

 3.63 करोड़ रुपए की अवैध दवाएं जब्त, कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की परतें खुलीं

एफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आगरा में नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ मई 2026 से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 3.63 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की नकली, अवैध तथा सरकारी और डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट की आर्थिक और आपराधिक श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित है।

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उन्होंने बताया कि पूरे अभियान के दौरान अनियमितताओं और अवैध कारोबार में संलिप्तता पाए जाने पर अब तक 58 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त अथवा निलंबित किए जा चुके हैं। इस सिंडिकेट के खिलाफ पहले ही 6 नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। अब 10 जुलाई की कार्रवाई के आधार पर तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए आगरा के कोतवाली फव्वारा थाने में तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली दवाओं, अवैध री-लेबलिंग, फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी और अंतरजनपदीय मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके अलावा विभाग को ड्रग एसोसिएशनों द्वारा कुछ दवा व्यापारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी मिली हैं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी व्यापारी के आर्थिक शोषण की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

योगी सरकार में पर्यावरणीय बदलाव की नई इबारत, जल से जंगल तक विकास की नई पहचान

new chapter of environmental change in Yogi government

– जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता संरक्षण में उत्तर प्रदेश बना मिसाल

– सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ नदियों से बदली पर्यावरण संरक्षण की तस्वीर

– वृक्षारोपण, वेटलैंड संरक्षण और अमृत सरोवर से मजबूत हुआ हरित उत्तर प्रदेश

– बुंदेलखंड जल क्रांति, स्वच्छ हवा और नगर वनों ने बढ़ाई पर्यावरणीय मजबूती

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन का नया अध्याय लिखा है। पिछले नौ वर्षों में योगी सरकार ने सुरक्षित पेयजल, नदियों के पुनर्जीवन, वनीकरण, आर्द्रभूमि संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छ वायु, वन्यजीव सुरक्षा और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू कर प्रदेश की पर्यावरणीय तस्वीर बदलने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर, स्वास्थ्य और आजीविका को भी बेहतर बनाना रहा है।
 

आर्सेनिक-फ्लोराइड मुक्त पेयजल से लाखों लोगों को मिला सुरक्षित जीवन

बलिया, गाजीपुर, मऊ, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहले भूजल प्राकृतिक रूप से आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रदूषित था। लाखों लोग असुरक्षित हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर थे, जिससे आर्सेनिकोसिस, कंकाल फ्लोरोसिस, श्वसन संबंधी बीमारियों और कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया था।

योगी सरकार ने जल जीवन मिशन और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से सतही जल आधारित पाइप पेयजल योजनाओं का व्यापक विस्तार किया। गहरे जलस्रोतो के उपयोग तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हजारों गांवों को सुरक्षित नल जल उपलब्ध कराया गया, जिससे आर्सेनिक और फ्लोराइड जनित बीमारियों के खतरे में उल्लेखनीय कमी आई है। 
 

नमामि गंगे और 'एक जिला-एक नदी' अभियान से नदियों में लौटी स्वच्छता

नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य हुए हैं। कानपुर के सीसामऊ नाले से प्रतिदिन गंगा में गिरने वाले लगभग 140 एमएलडी गंदे पानी को रोककर आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों तक पहुंचाया गया।

वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर सहित अनेक शहरों में सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाई गई तथा औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत किया गया, जिससे गंगा जल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। सरकार के एक जिला एक नदी अभियान ने गोमती, हिंडन, तमसा, सोत और अन्य छोटी नदियों के पुनर्जीवन को नई गति दी।  

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240 करोड़ से अधिक पौधरोपण से बढ़ा हरित आवरण

अतिक्रमण हटाने, गाद निकालने, सीवरेज नेटवर्क विकसित करने और एसटीपी स्थापित करने से अनेक नदियों का प्राकृतिक प्रवाह फिर से बहाल हुआ। इससे भूजल पुनर्भरण और सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिली। वहीं हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प के तहत वर्ष 2017 से 2026 के बीच 240 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर प्रदेश ने देश में नई पहचान बनाई।

स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बढ़ावा देने, नदी किनारे वृक्षारोपण, नगर वन, मियावाकी वन और सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसी व्यवस्थाओं ने हरित आवरण बढ़ाने के साथ जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी मजबूत की।

 

रामसर वेटलैंड और अमृत सरोवर अभियान से जल संरक्षण को मिली नई ताकत

आर्द्रभूमियों के संरक्षण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। नवाबगंज, सांडी, समसपुर, सुर सरोवर और सुरहा ताल जैसी प्रमुख वेटलैंड्स का पुनरुद्धार किया गया। सुरहा ताल को भारत के 100वें रामसर स्थल का दर्जा मिलना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि रही।

इन प्रयासों से प्रवासी पक्षियों के आवास सुरक्षित हुए और जैव विविधता को नई मजबूती मिली। मिशन अमृत सरोवर के तहत लगभग 69 हजार तालाबों और पारंपरिक जल निकायों का पुनर्जीवन किया गया। तालाबों की खुदाई, गाद निकालने, जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल संरक्षण और सिंचाई की व्यवस्था को नया आधार मिला।

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बुंदेलखंड में जल क्रांति और ऊसर भूमि सुधार से किसानों को मिला नया संबल

बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्र में जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। चेक डैम, तालाबों के पुनरुद्धार, वाटरशेड विकास, सिंचाई परियोजनाओं और केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास हुए।

इससे खेती को नई मजबूती मिली और पलायन की समस्या में कमी आने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। प्रदेश में ऊसर और क्षारीय भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक भूमि सुधार कार्यक्रम संचालित किए गए। जिप्सम, जल निकासी और आधुनिक मृदा सुधार तकनीकों के माध्यम से लाखों हेक्टेयर अनुपजाऊ भूमि को खेती योग्य बनाया गया, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिली।

 

एयरशेड मॉडल, नगर वन और ग्रीन बेल्ट से स्वच्छ हवा की दिशा में बड़ी पहल

स्वच्छ हवा के लिए सरकार ने एयरशेड आधारित रणनीति अपनाई। जिग-जैग तकनीक वाले ईंट भट्ठों को बढ़ावा दिया गया, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी को मजबूत किया गया तथा उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना (यूपी कैम्प) लागू की गई।

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग जैसे कदमों से वायु प्रदूषण नियंत्रण को नई दिशा मिली। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर जैसे शहरों में नगर वन, जैव विविधता पार्क और ग्रीन बेल्ट विकसित किए गए। इन पहलों से शहरी हरित क्षेत्र बढ़ा, हीट आइलैंड प्रभाव कम करने में मदद मिली और नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध हुआ।

 

दुधवा, रानीपुर और चंद्रप्रभा में वन्यजीव संरक्षण को मिली नई गति

वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में दुधवा लैंडस्केप और तराई क्षेत्र में आवास संरक्षण, हाथी रिजर्व, वन्यजीव गलियारों की बहाली, सोलर फेंसिंग और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की स्थापना जैसे कदम उठाए गए। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में मदद मिली।

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बुंदेलखंड में रानीपुर टाइगर रिजर्व की स्थापना ने जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती दी। वहीं चंद्रप्रभा सहित अन्य वन क्षेत्रों में प्राकृतिक पुनर्जनन, मिट्टी एवं नमी संरक्षण तथा वन बहाली कार्यक्रमों के माध्यम से खराब हो चुके वन क्षेत्रों को पुनर्जीवित किया गया।

 

प्लास्टिक मुक्त तीर्थस्थलों और जैव विविधता संरक्षण से पर्यावरण को मजबूती

अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक नगरों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने, कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और स्वच्छता ढांचे का विस्तार करने से धार्मिक पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का बेहतर संतुलन स्थापित हुआ।
 

सारस, गंगा डॉल्फिन, मीठे पानी के कछुओं और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए गए। स्वच्छ नदियों, बेहतर आर्द्रभूमि प्रबंधन और आवास संरक्षण के माध्यम से प्रदेश की जैव विविधता को नई ऊर्जा मिली। गोरखपुर में स्थापित जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र गिद्धों की घटती आबादी को पुनर्जीवित करने की दिशा में देश की महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से संकटग्रस्त गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।

 

सौर ऊर्जा, जैविक खेती और स्वच्छ ऊर्जा से सतत विकास को बढ़ावा

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल और सिंचाई योजनाओं का विस्तार कर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया गया। इससे डीजल पर निर्भरता कम हुई और दूरदराज गांवों में जलापूर्ति अधिक विश्वसनीय बनी। गंगा कॉरिडोर के किनारे जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाने तथा नदी प्रदूषण को रोकने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए गए।

इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट और पुराने लैंडफिल के उपचार जैसे कार्यों को गति दी गई। इससे शहरों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई और पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने में सफलता मिली।

कल का मौसम 12 जुलाई: दिल्ली से यूपी-बिहार तक भारी बारिश का तांडव, IMD ने आंधी तूफान का ये अलर्ट दिया

Weather Forecast for July 12: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 12 जुलाई को मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुल मिलाकर, 12 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि कई राज्यों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा:-

  • बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • झारखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
  • गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा में भी भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा। जबकि मेघालय और असम के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कोंकण और गोवा में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत

केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके अलावा तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर लू (हीट वेव) जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक बारिश मेघालय के चेरापूंजी क्षेत्र में लगभग 19 सेंटीमीटर दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 सेंटीमीटर, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 8 से 16 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

राज्यों के अनुसार कल (12 जुलाई) का वेदर फोरकास्ट

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कीर्तिनगर में 13 सेमी और हिमाचल के नाहन में 16 सेमी बारिश के बाद कल भी पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी (Heavy to Very Heavy) बारिश का अलर्ट है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में कल भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना, बेगूसराय और खगड़िया समेत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR: पंजाब के लुधियाना और कपूरथला में भारी बारिश (7 सेमी) के बाद कल भी पंजाब और हरियाणा-दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा: पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी स्थानों पर मानसून सक्रिय है। चेरापूंजी और मौसिनराम में भारी तबाही के बाद कल भी इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड: गंगा के मैदानी इलाकों (Gangetic West Bengal) और झारखंड (जामताड़ा, गोड्डा) के अधिकांश हिस्सों में कल भी भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम थोड़ा शुष्क या छिटपुट बारिश वाला रह सकता है।

दक्षिण भारत व तटीय कर्नाटक: तटीय कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में कल मानसून मेहरबान रहेगा। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान और गुजरात: राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी) और गुजरात क्षेत्र के अलग-अलग (Isolated) स्थानों पर ही कल केवल छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यानी यहां मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी है।

तापमान का हाल: उमस और गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है:-

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से भी अधिक दर्ज किया गया, जिससे वहां भीषण गर्मी का माहौल है।
  • यूपी, बिहार, ओडिशा, असम और राजस्थान के कई इलाकों में भी रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ठंडा स्थान

देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश के खरगोन में 19.4°C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में कल यात्रा करते समय सावधानी बरतें। आकाशीय बिजली (Lightening) चमकने के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।

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लोगों के लिए सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
  • स्थानीय प्रशासन और भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।

Bank Holiday: 13 जुलाई, सोमवार को बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on 13th July 2026: अगर आपको अगले हफ्ते के पहले ही दिन यानी सोमवार, 13 जुलाई को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए है। अक्सर लोग बिना छुट्टी चेक किए बैंक चले जाते हैं और वहां ताला लटका मिलने पर परेशान होना पड़ता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 13 जुलाई को देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में बैंकों में छुट्टी रहने वाली है। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में नहीं होगी। आइए जानते हैं कि सोमवार को किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से कामकाज होगा।

13 जुलाई को कहां बंद रहेंगे बैंक?

13 जुलाई को देश के कुछ राज्यों में विशेष स्थानीय त्योहारों और ऐतिहासिक दिवसों के कारण सरकारी और निजी दोनों तरह के बैंकों में अवकाश रहेगा:

भानु जयंती (Bhanu Jayanti): नेपाली भाषा के महान कवि भानुभक्त आचार्य की जयंती के अवसर पर सिक्किम में 13 जुलाई को बैंकों में आधिकारिक छुट्टी रहेगी।

शहीद दिवस (Martyrs’ Day): इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्थानीय अवकाश के कारण जम्मू और कश्मीर में भी इस दिन बैंक बंद रह सकते हैं।

ध्यान दें: सिक्किम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में 13 जुलाई, सोमवार को बैंक पूरी तरह से खुले रहेंगे और कामकाज सामान्य दिनों की तरह होगा।

इंटरनेट बैंकिंग और ATM रहेंगे चालू

भले ही इन चुनिंदा राज्यों में सोमवार को बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सब्सक्राइबर्स और ग्राहक अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए इन ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

  • नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी।
  • UPI जैसे- गूगल पे, फोन पे, पेटीएम के जरिए पैसों का लेन-देन हमेशा की तरह चालू रहेगा।
  • कैश निकालने के लिए एटीएम (ATM) की सेवाएं पूरी तरह खुली रहेंगी।

IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

UP Mega Infrastructure Plan: लखनऊ समेत इन 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, आउटर रिंग रोड और नमो भारत कॉरिडोर को मिली मंजूरी

UP Mega Infrastructure Plan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिले को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने एससीआर के लिए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 187 किलोमीटर का नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर की रिंग रेल और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के लागू होने से क्षेत्र में परिवहन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूरे एससीआर को कवर करने वाली आउटर रिंग रोड के अलावा कई अहम परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। आवास विभाग की दो दिन चली बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इन पर क्रियांवयन शुरू होगा।

300 KM आउटर रिंग रोड से छह जिलों को फायदा

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में यूपी के 6 जिले शामिल हैं। उनमें लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ते हुए लगभग 300 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आसपास के जिलों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहला चरण: 105 किमी सड़क का निर्माण, अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: 195 किमी सड़क, अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये

187 KM नमो भारत कॉरिडोर

हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर कानपुर के न्यायगंज से अयोध्या तक बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 32,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पहला चरण: न्यायगंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर

दूसरा चरण: अमौसी से अयोध्या तक

कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यायगंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बांगर, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना भी होगी विकसित

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पहला चरण: पहले चरण में 63 किलोमीटर

सेकंड चरण: दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

  • सरकार ने बहराइच (रायबरेली) और संडीला (हरदोई) में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी मंजूरी दी है।
  • बहराइच क्षेत्र में पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • संडीला में फूड प्रोसेसिंग, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

300 किमी आउटर रिंग रोड और रिंग रेल

बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को मंजूरी दी गई है:-

पहला चरण: 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2100 करोड़ रुपये की लागत से होगा।

दूसरा चरण: 195 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रेल परियोजना: एससीआर क्षेत्र के चारों ओर 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

इससे जुड़े अहम बैठक में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बछरावां को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है:-

बछरावां (रायबरेली): पहले चरण में 12,500 करोड़ और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

संडीला (हरदोई): फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास परियोजनाएं

एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

आध्यात्मिक केंद्र: नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की 750 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी।

अस्पताल और ट्रांसपोर्ट नगर: सीतापुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

लखनऊ

रायबरेली

बाराबंकी

सीतापुर

उन्नाव

हरदोई

क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। यात्रा का समय घटेगा। औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों का समग्र आर्थिक और शहरी विकास तेज होने की उम्मीद है।

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आज का मौसम 11 जुलाई: दिल्ली, यूपी-बिहार संग 15 राज्यों में IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, इन जगहों पर आएगा बवंडर

India Weather Today: देश भर में मानसून की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर के बीच सक्रिय है।

इसके अलावा मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, रोहतक, बरेली, गोरखपुर, पूर्णिया से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर त्रिपुरा तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर से आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:-

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आज देश के कई हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से शामिल हैं:-

बिहार

पूर्वी उत्तर प्रदेश

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में आज भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते नदी जलस्तर बढ़ने और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और यूपी-पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पश्चिमी उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

पंजाब

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

अरुणाचल प्रदेश

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने और बवंडर जैसी तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की पूरी संभावना है।

इसी तरह बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आज आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

CM योगी का ऐलान: भदरसा बनेगा ‘भारत नगर’, मां ज्वाला जी के नाम पर होगी नई नगर पंचायत

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि अयोध्या जिले में हाल ही में बनी खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत का नाम बदलकर ‘मां ज्वाला जी’ के नाम पर रखा जाएगा, जबकि भदरसा नगर का नाम अब ‘भरत नगर’ होगा। बता दें कि उन्होंने यह घोषणा बिकापुर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान कही।

सीएम योगी ने कहा कि खिलौनी-सुचिंतागंज का नाम बदलने की मांग स्थानीय बीजेपी विधायक अमित सिंह चौहान ने की थी। उन्होंने अनुरोध किया है कि खिलौनी-सुचिंतागंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखा जाए। इसलिए मैं घोषणा करता हूं कि इस नगर पंचायत को मां ज्वाला जी नगर पंचायत के नाम से जाना जाए।”

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि भदरसा का नाम अब बदलकर भारत नगर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भरत कुंड से जुड़े इलाके की पहचान भी अब भारत नगर के नाम से होगी।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने हाल ही में भदरसा में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का व्यवहार देखा है। यह उनके असली चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भदरसा अब ‘भरत नगर’ के नाम से जाना जाएगा।”

बता दें कि भदरसा 2024 में एक नाबालिग के साथ रेप की घटना के कारण चर्चा में रहा था, जिसमें सपा नेता मोइद खान को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया, जबकि कथित अनियमितताओं के कारण उनके शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से गिरा दिया गया था।

नया नाम राम के छोटे भाई को सम्मान देता है

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नया नाम भगवान राम के छोटे भाई भरत को सम्मान देता है, जिनकी भक्ति और त्याग हमेशा एक मिसाल बनी रहेगी।

आदित्यनाथ ने कहा, “भरत ने भगवान राम के आदेश का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए 14 साल भरत कुंड के पास बिताए, जबकि भगवान राम की ‘पादुकाएं’ प्रतीकात्मक रूप से अयोध्या पर शासन कर रही थीं। दुनिया में कहीं भी भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है।”

उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को पूरे देश में पहचाना जाता है और बताया कि नया नाम ‘भरत नगर’ अब नगर पंचायत के तौर पर और विकसित किया जाएगा।

वहीं, इससे पहले 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने घोषणा की थी कि शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी कर दिया जाएगा। इसके अलावा जून में, आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम पावागढ़ रखा जाएगा। बता दें कि इन सबसे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किया जा चुका है।

432 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि योगी आदित्यनाथ बीकापुर में 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सहावल ब्लॉक में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

अपने भाषण में स्थानीय जन प्रतिनिधियों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय विधायकों ने बिकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली और गोसाईंगंज सहित पूरे अयोध्या जिले में विकास की गति को तेज किया है।

एक दिन पहले हुई भारी बारिश का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें पक्का नहीं था कि कार्यक्रम हो पाएगा या नहीं, लेकिन खराब मौसम के बावजूद लोगों की भारी संख्या मौजूदगी एक गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “बारिश के बावजूद लोगों में जो उत्साह दिखा, वह अयोध्या की भावना को दर्शाता है।”

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