Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 22 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,000 के नीचे बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर और निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। लगभग 1443 शेयरों में बढ़त हुई, 2616 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड कॉर्प और ओएनजीसी शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज्यादातर नेगेटिव रहा। निफ्टी FMCG सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 0.65% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 0.18% की बढ़त हुई। गिरावट वाले सेक्टर में, निफ्टी मीडिया सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.68% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी PSU बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी IT (-1.5%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच जारी तनाव और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट पर हूथी गुट की वजह से आई दिक्कतो ने तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंता बढ़ा दी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ। घरेलू महंगाई को लेकर फिर से बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल हावी रहा। इसने उम्मीद से बेहतर बिजनेस अपडेट और Q1 के अच्छे नतीजों के असर को कम कर दिया।

रियल एस्टेट, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट पर US के प्रस्तावित टैरिफ को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के बीच फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा।

सावधानी भरे माहौल के बावजूद, FMCG और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से इन्हें सहारा मिला, जो यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में मज़बूत ग्रोथ दिख रही है।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज के सेशन में भारतीय इक्विटी मार्केट में हर तरफ गिरावट नजर आई। लगातार बिकवाली के दबाव और निवेशकों के सतर्क रवैये के बीच बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। अहम सेक्टरों में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) मूड दिखा।

निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। यह 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। अब इसके लिए 23,950–23,900 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। उसके बाद 23,800 के पास अगला मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, 24,100–24,200 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। पॉजिटिव मोमेंटम वापस पाने के लिए लगातार इन स्तरों से ऊपर बने रहना जरूरी होगा।

BSE सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ। इंडेक्स में हर तरफ बिकवाली हुई और यह दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,600–76,400 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 77,000–77,300 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन से ऊपर एक मजबूत चाल बुलिश सेंटीमेंट को बहाल करने में मदद कर सकती है।

आज की गिरावट की वजह हर तरफ से हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार का सतर्क रवैया रहा। हालांकि शॉर्ट-टर्म मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, मीडियम-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें, आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ मजबूत सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाएं।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिर से भारतीय इक्विटी मार्ट के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। जहां कच्चा तेल 50EMA के ऊपर बना हुआ है, वहीं निफ्टी 50EMA के नीचे जाने की कगार पर है। ऐसा लगता है कि निफ्टी और कच्चा तेल फिर से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चल रहे हैं।

निफ्टी के डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का दौर नीचे की ओर टूटता हुआ दिख रहा है। RSI में बेयरिश क्रॉसओवर है, जो निकट भविष्य में कमजोर मोमेंटम का संकेत दे रहा है। अगर निफ्टी 23900 के नीचे गिरता है तो गिरावट 23700/23600 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट टर्म में ऊपरी स्तर 24100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 191 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 715 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि बाजार का मूड खराब होने के बावजूद कुछ चुनिंदा FMCG और ऑटो शेयरों में तेजी दिखी। तकनीकी तौर पर निफ्टी 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,100 के सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी है, जो मौजूदा स्तरों से और गिरावट का संकेत देती है।

श्रीकांत चौहान मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे ट्रेड कर रहा है, तब तक गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। यह गिरावट 50-डे SMA या 23,850 के स्तर तक जारी रह सकती है। इसके बाद और गिरावट हो सकती है, जिससे इंडेक्स 23,750-23,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, 24,100 के स्तर के ऊपर जाने पर बाजार का मूड बदल सकता है। इस स्तर के ऊपर, बाजार में 24,200-24,250 तक की रिकवरी हो सकती है। इंट्राडे मार्केट की स्थिति अनिश्चित और उतार-चढ़ाव वाली है। इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी जो पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से 58,597–57,287 की रेंज में बना हुआ था, उसमें भी आज एक बड़ा ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 8 जुलाई के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ। गिरती हुई MACD लाइन और बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम बार नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है, तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56300 और फिर 56000 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए इक्विटी इंडेक्स, जानिए 22 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 21 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के नीचे रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ। लगभग 2087 शेयरों में बढ़त हुई,1942 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक,TCS,रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,HCL टेक्नोलॉजीज,आयशर मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,IT,ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में 0.3-0.8% की गिरावट आई। जबकि ऑटो,मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.6-1% की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद,मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित बिजनेस अपडेट्स के कारण मिडकैप्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि लार्ज-कैप्स की तुलना में इस सेगमेंट का महंगा वैल्यूएशन सावधानी बरतने का संकेत देता है,लेकिन उम्मीद है कि इनकी बिजनेस की स्थिति कम से कम वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अच्छी बनी रहेगी।

हालांकि,इस तेजी को बनाए रखने के लिए इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी का थमना जरूरी है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में बढ़ोतरी सुस्त पड़ सकती है।

फिलहाल,ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार हो रहा जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच कम होते निवेश के कारण लार्ज-कैप्स के कमजोर प्रदर्शन को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 127 अंकों की सीमित रेंज में ही घूमता रहा। यह 10 जुलाई,2026 के बाद से इसकी सबसे छोटी डेली ट्रेडिंग रेंज रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।

आगे निफ्टी के लिए 24270-24300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। अगर यह लगातार इस रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में मौजूदा पुलबैक 24450 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24100-24050 के जोन में स्थित 20-डे EMA एरिया तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार के एक दायरे में रहने और कुछ खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की संभावना है। पहली तिमाही के नतीजे और मिडिल ईस्ट में हो रही गतिविधियां बाजार के सेंटीमेंट पर असर दिखाएंगी। जबकि कच्चे तेल की कीमतें एक अहम उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बनी रहेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव,ब्रेंट क्रूड में तेजी,रुपए की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार के एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि,पहली तिमाही के नतीजों के चलते कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,लेकिन निवेशकों का मूड वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की चाल से प्रभावित होता रहेगा।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार का कहना है कि जुलाई में अब तक निफ्टी 24,530–23,800 के सीमित दायरे में ही घूमता रहा है। इस रेंज के अंदर,इंडेक्स अपने 50 डे EMA (24,000) और 200 डे EMA (24,430) के बीच बना हुआ है।

उनका मानना ​​है कि अगर यह 24,430 के ऊपर जाता है,तो यह जुलाई की कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी छोर (24,530–24,600 जोन) तक पहुंच सकता है। वहीं,अगर यह 24,000 से नीचे गिरता है,तो यह वापस 23,800 के लेवल पर आ सकता है। 23,800–24,600 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त के लिए एक मजबूत ब्रेक की जरूरत है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे इंडेक्स 57,300–58,500 की बड़ी कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,आगे और खरीदारी न होने से शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 57,500–57,300 जोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 58,500 के आसपास दिख रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास फ्लैट बना हुआ है,जो मोमेंटम में कमजोरी दिखाता है। जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, ट्रेडर्स को सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफिट बुक करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 20 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 17 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 964.58 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 261.55 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। लगभग 1632 शेयरों में बढ़त हुई, 2419 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,टेक महिंद्रा,TCS,जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,विप्रो,सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी बैंक रहा,जिसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी IT में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरे बढ़त वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में 1.3-1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा में 1.4 प्रतिशत और मेटल में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बाजार जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार के लिए पहली तिमाही के नतीजे मेन ट्रिगर होंगे,जिससे अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में हलचल दिखेगी। हालांकि,मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अहम डिसाइडिंग फैक्टर बने रहेंगे। इनसे ब्याज दरों,कंपनियों की अर्निंग, महंगाई और देश के मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक के अनुमानों पर असर पड़ने की संभावना है।

टाटा म्यूचुअल फंड को उम्मीद है कि बेहतर होते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के दम पर FY27 में निफ्टी की अर्निंग्स में 15-17% की बढ़ोतरी होगी। इसका कहना है कि निफ्टी का वैल्यूएशन अपने लान्ग टर्म एवरेज से नीचे आ गया है,जो अगले 12-18 महीनों में इक्विटी रिटर्न के लिए एक अच्छा माहौल बनाता है। भारत का लॉन्ग-टर्म इक्विटी आउटलुक, बेहतर होते इन्वेस्टमेंट साइकल,क्रेडिट ग्रोथ,मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे सपोर्ट,रियल एस्टेट में रिकवरी और मज़बूत बैंकिंग फंडामेंटल्स की वजह से अच्छा बना हुआ है। FII की लगातार बिकवाली के बावजूद,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मज़बूत निवेश भारतीय इक्विटी को सपोर्ट कर रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि मार्केट की चाल में बदलाव दिख रहा है, जिसमें IT और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में लार्ज-कैप शेयरों की ओर जबरदस्त रुझान है। बिजनेस अपडेट्स और Q1 की कमाई की उम्मीदों को लेकर अच्छे माहौल से इसे सपोर्ट मिल रहा है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों की वजह से दिख रहा है,जो महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल और आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

साथ ही,FY27 की दूसरी छमाही (H2) में घरेलू मांग अच्छी रहने की उम्मीद में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारी का रुझान दिख रहा है। कुल मिलाकर भारत के लिए बेहतर होते आउटलुक के बीच चुनिंदा शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और खरीदारी के साथ ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स पांच दिन के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल गया है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे का संकेत है। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,RSI बुलिश क्रॉसओवर में आ गया है,जिससे पॉजिटिव मोमेंटम और मजबूत हुआ है। आने वाले समय में निफ्टी के मजबूत बने रहने और 24,800 के लेवल की ओर बढ़ने की संभावना है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज,HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1FY27 नतीजों पर बारीकी से नजर रखेगा। इनसे बाजार की निकट भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर,बाजार के स्टॉक-स्पेसिफ़क रहने की संभावना है। अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

AI Bubble: क्या AI का बबल फूट रहा? इन 5 बड़े ‘क्रैश’ ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

AI Bubble: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पिछले कुछ सालों में शेयर बाजार को नई रफ्तार दी है। AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई। लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। दुनिया भर के बाजारों में AI शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या AI का बूम भी डॉट-कॉम बबल की तरह खत्म होने वाला है?

दक्षिण कोरिया का Kospi Index गुरुवार को 6% से ज्यादा टूट गया। AI चिप बनाने वाली SK Hynix के शेयर 11% और Samsung Electronics के शेयर 8% गिर गए। निवेशकों को अब कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई की चिंता सता रही है।

आइए जानते हैं हाल के समय में AI थीम से जुड़े 5 बड़े झटकों के बारे में।

IBM

आईटी और कंसल्टिंग कंपनी IBM के शेयर जुलाई 2026 में करीब 25% टूट गए। इससे कंपनी का करीब 70 अरब डॉलर का मार्केट कैप साफ हो गया। कमजोर शुरुआती नतीजों के साथ यह चिंता भी बढ़ी कि AI कंपनी के पारंपरिक कंसल्टिंग कारोबार पर असर डाल सकता है।

SaaS सेक्टर

सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयर फरवरी 2026 में बुरी तरह टूटे। इसकी वजह Anthropic का नया Agentic AI प्लेटफॉर्म रहा। इसके बाद Salesforce, Adobe और ServiceNow जैसे शेयरों में तेज बिकवाली हुई। निवेशकों को लगा कि AI पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल को बदल सकता है।

Nvidia

AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia को जनवरी 2025 में बड़ा झटका लगा। कंपनी का मार्केट कैप एक ही दिन में करीब 600 अरब डॉलर घट गया। इसकी वजह चीन के AI स्टार्टअप DeepSeek का सस्ता AI मॉडल था। इसके बाद निवेशकों को डर सताने लगा कि महंगे AI चिप्स की मांग उम्मीद से कम हो सकती है।

Alphabet और Big Tech

टेक दिग्गज कंपनियों Alphabet, Amazon, Meta और Microsoft के शेयर जून 2026 में फिसल गए। Alphabet करीब 6% और Amazon लगभग 5% टूट गया। निवेशकों को चिंता थी कि AI पर हो रहा भारी खर्च कब मुनाफे में बदलेगा।

भारतीय आईटी सेक्टर

भारतीय आईटी कंपनियां भी इस दबाव से नहीं बचीं। IBM की गिरावट के बाद AI को लेकर चिंता बढ़ गई। Infosys, TCS, Wipro, HCLTech, Persistent Systems, Coforge और LTIMindtree जैसे शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। Nifty IT Index करीब 2% टूट गया। जबकि Nifty 50 और Sensex बढ़त के साथ बंद हुए।

फिलहाल AI सेक्टर की लंबी अवधि की कहानी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन ऊंची वैल्यूएशन, मुनाफे को लेकर सवाल और AI से बदलते कारोबार की वजह से इस सेक्टर में आगे भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबार से पहले कुछ कंपनियां खबरों में हैं। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े डील, नई साझेदारी और कारोबारी अपडेट जैसे ट्रिगर शामिल हैं। ऐसे घटनाक्रम का असर आज इन शेयरों की चाल पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 17 जुलाई को किन 9 शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Tech Mahindra

आईटी सर्विसेज कंपनी Tech Mahindra का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.8% बढ़कर ₹1,486.3 करोड़ हो गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान से कम रहा। कंपनी की कुल आय 4.2% बढ़कर ₹15,711.9 करोड़ रही, जो अनुमान से बेहतर है। इसने लगातार तीसरी तिमाही में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के नए डील हासिल किए।

Wipro

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro का कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू जून तिमाही में 1.2% घटा। यह प्रदर्शन TCS और HCLTech के मुकाबले कमजोर रहा। TCS ने 0.4% की ग्रोथ दर्ज की, जबकि HCLTech में 0.5% की गिरावट रही।

Jio Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 156% बढ़कर ₹830 करोड़ हो गया। डिविडेंड आय को छोड़कर कुल आय 141% बढ़कर ₹1,496 करोड़ रही। वहीं, प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 38% बढ़कर ₹505 करोड़ पहुंच गया।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज और सॉफ्टवेयर कंपनी Hexaware Technologies ने Factory के साथ नई साझेदारी की है। इसके तहत कंपनी वैश्विक ग्राहकों को AI आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट समाधान उपलब्ध कराएगी। इसका फायदा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टरों को मिलेगा।

Borosil Renewables

सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Havells India ने कर्नाटक के तुमकुरु स्थित अपने केबल प्लांट के विस्तार के लिए ₹255 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया है। इसके बाद प्लांट की सालाना केबल उत्पादन क्षमता 4,59,600 किमी से बढ़कर 7,34,640 किमी हो जाएगी।

Piramal Finance

NBFC कंपनी Piramal Finance का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 67% बढ़कर ₹461 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹276.3 करोड़ था।

Sky Gold and Diamonds

ज्वेलरी कंपनी Sky Gold and Diamonds ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी Starmangalsutra Private Ltd को करीब ₹10.70 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह नुकसान साइबर धोखाधड़ी की वजह से हुआ। कंपनी के एक कर्मचारी के ऑफिस मोबाइल और लैपटॉप का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

Hathway Cable and Datacom

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी Hathway Cable and Datacom का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21% घटकर ₹25 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी की आय 6% से ज्यादा बढ़कर ₹565.1 करोड़ हो गई। EBITDA 13.9% घटकर ₹75.4 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 16.5% से घटकर 13.3% पर आ गया।

शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी अब तक पिछले बुधवार की कैंडल नहीं तोड़ पाया है। बुधवार का हाई 24,300 और निचला स्तर 23,805 था। पिछले 3-4 दिनों का हाई देखिए,वही पार नहीं हो रहा। लेकिन निचले स्तर पर 24,000 भी नहीं टूट रहा है। कल भी हमारा 24,200-24,250 का शॉर्ट जोन था और क्लोजिंग में वापस हमने न्यूट्रल नजरिया रखा। अभी कुछ दिन यही रणनीति रहेगी। निफ्टी में इंट्राडे रहिए और क्लोजिंग में न्यूट्रल रहें।

बाजार: आज के 2 बड़े सेक्टरल कॉल्स

कोरिया के बाजार में भारी गिरावट आई है। बैंक ऑफ कोरिया ने पॉलिसी रेट 2.50% से बढ़ाकर 2.75% किया है। आमतौर पर कोस्पी में गिरावट हमारे लिए एल्गो पॉजिटिव मानी जाती है। खास तौर से IT शेयरों में आज फिर तेजी आ सकती है। कल भी हमने IT पर घबराने से रोका था। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने LTTS पर बिना घुमाए-फिराए लॉन्ग का नजरिया दिया था। TCS पर भी पिछले 1 हफ्ते से पॉजिटिव नजरिया रहा है। सिर्फ टाटा एलेक्सी और HCLTech पर हमने निगेटिव नजरिया रखा था। नतीजे,प्लेसमेंट और वैल्युएशन का कॉम्बिनेशन देखिए। आज उदाहरण के तौर पर विप्रो और टेक महिंद्रा पर लगभग सभी निगेटिव हैं। अगर इनके नतीजे हल्के से भी बेहतर आए तो इनमें जोरदार तेजी आ सकती है।

कच्चा तेल $85 पर है और रुपया ऑल टाइम लो के करीब है। ये भी IT शेयरों के लिए एल्गो पॉजिटिव ट्रिगर्स हैं। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। कल ICICI Pru के नतीजे बाजार के दौरान आए थे। ICICI Pru में प्रूडेंशियल की बिक्री का डर भी कम हुआ है। HDFC Life के नतीजे भी काफी अच्छे हैं।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमारी दिक्कत ये है कि कच्चा तेल $85 पर अड़ा हुआ है और यही कारण है कि कोई रैली टिकती नहीं है। मगर बाजार में किसी भी एंगल से पैनिक नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है India VIX। India VIX में रत्ती भर भी डर के संकेत नहीं हैं। इसीलिए जैसे ही हम 24,000 के करीब आते हैं,खरीदारी आ जाती है। ऐसे में इस रेंज को स्मार्टली खेलने की जरूरत है। इंडेक्स में बड़ी ट्रेड 23,800 के नीचे या 24,300 के ऊपर ही मिलेगी। तब तक आपको इंडेक्स में इंट्राडे ही रहना होगा और क्लोजिंग में किसी भी लेकर जाने की टेम्पटेशन से बचिए। लेकर जाना ही है तो हेज के साथ या इंडिविजुअल शेयरों में मजबूत NBFCs,बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में अब इन स्तरों पर शॉर्ट से बचें। जहां अर्निंग्स मजबूत हैं और कमेंट्री पॉजिटिव है,वहां खरीदारी करें।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,275-24,325 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,950-24,050 पर और बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,000-24,050 है। इसके लिए 23,950 पर स्टॉप-लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,200-24,250 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 24,325 पर रखें।

Stock Picks : मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम, ऑटो और केमिकल स्पेस के इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,500-57,700 पर और बड़ा सपोर्ट 57,200-57,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,200-58,500 पर है। इस समय बैंक निफ्टी में ट्रेड करना बेहद मुश्किल है। कल का इंट्राडे चार्ट देखिए।

SBI Funds IPO: क्या करें निवेशक?

SBI Funds देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है,मगर सिर्फ AUM के आधार पर। सिर्फ AUM सबसे बड़े MF का पैमाना नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो IPO वैल्यूएशन ICICI Pru के मुकाबले इतने डिस्काउंट पर नहीं होता। ऊपरी प्राइस बैंड पर मार्केट कैप ICICI Pru से 40,000 करोड़ रुपए कम होगा। SBI AMC की AUM ग्रोथ 17% है,जबकि ICICI Pru की 26% है। SBI AMC का Equity AUM 36% है,जबकि इंडस्ट्री एवरेज 56% है। SBI AMC का 32% AUM Passive Funds से है। यही कारण है कि SBI MF का मुनाफा कमजोर है और ICICI Pru के मुकाबले ROE काफी नीचे है। अब क्योंकि टेबल पर कुछ छोड़ा है तो लिस्टिंग गेन मिल सकता है। अगर अप्लाई कर रहे हैं तो सिर्फ लिस्टिंग गेन के हिसाब से करें। अगर सिर्फ MF सेक्टर पर दांव लगाना है तो और भी बेहतर विकल्प हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Semiconductor Mission 2.0: सरकार की ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर स्कीम, इन 10 स्टॉक्स को मिल सकता है तगड़ा फायदा

Semiconductor Mission 2.0: केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार का फोकस सिर्फ चिप फैक्ट्री लगाने पर नहीं है। अब चिप डिजाइन, मशीनें, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग, रिसर्च और पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित किया जाएगा।

ऐसे में कई भारतीय कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 10 कंपनियों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Tata Electronics

टाटा ग्रुप भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब लगाने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी पहले से इस सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है। ISM 2.0 से इसके विस्तार को और रफ्तार मिल सकती है।

CG Power & Industrial Solutions

CG Power सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है। कंपनी की चिप मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को सरकार की नई नीति से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।

Kaynes Technology

Kaynes Technology पहले ही सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक्टिव है। सरकार की ATMP और OSAT पर बढ़ती फोकस से कंपनी को फायदा हो सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में काम करती है। ISM 2.0 में डिजाइन कंपनियों को बढ़ावा मिलने से इसके लिए नए अवसर बन सकते हैं।

Dixon Technologies

Dixon भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन मजबूत होने का फायदा इसे भी मिल सकता है।

Syrma SGS Technology

Syrma SGS इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB असेंबली में काम करती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार से कंपनी का कारोबार बढ़ सकता है।

MosChip Technologies

MosChip चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेवाएं देती है। सरकार का डिजाइन और IP डेवलपमेंट पर जोर कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

HCL Technologies

HCLTech चिप डिजाइन और इंजीनियरिंग R&D सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ काम करती है। भारत में डिजाइन इकोसिस्टम बढ़ने से नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।

Tata Consultancy Services (TCS)

टटा ग्रुप यह आईटी कंपनी TCS सेमीकंडक्टर, AI और इंजीनियरिंग सेवाओं में दुनिया की कई चिप कंपनियों के साथ काम करती है। घरेलू निवेश बढ़ने से इस कारोबार में भी तेजी आ सकती है।

Cyient

Cyient सेमीकंडक्टर डिजाइन, एम्बेडेड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाएं देती है। नई नीति से इस क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह समझना जरूरी है कि सरकार ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया है। इस लिस्ट में कंपनियां उनके मौजूदा कारोबार और सेमीकंडक्टर सेक्टर में मौजूदगी के आधार पर चुनी गई हैं।

ISM 2.0 से इन्हें नए ऑर्डर, निवेश या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों को तुरंत या समान रूप से फायदा होगा। निवेश का फैसला हमेशा कंपनी के नतीजों, वैल्यूएशन और भविष्य की योजनाओं को देखकर ही करना चाहिए।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 15 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 15 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। वहीं कुछ को बड़े ऑर्डर, नई मंजूरी और अहम कॉरपोरेट अपडेट मिले हैं। इसके अलावा विदेशी बाजारों से आए संकेत भी कुछ सेक्टरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। बाजार खुलने से पहले जानिए किन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियों Infosys और Wipro के ADR में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी टेक कंपनी IBM के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। इसका असर बुधवार को घरेलू बाजार में Infosys, Wipro, TCS, HCLTech जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Elxsi का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी पहली बार ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। इससे पहले कंपनी ने तिमाही नतीजों में बेहतर ग्रोथ दर्ज की थी।

L&T Technology Services

आईटी कंपनी L&T Technology Services (LTTS) ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू, मार्जिन और कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। वहीं, मुनाफा अनुमान के लगभग बराबर रहा।

Anand Rathi Shares & Stock Brokers

ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Shares & Stock Brokers ने FY27 की शुरुआत अच्छी की है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.2% बढ़ा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम, मार्जिन फंडिंग और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank ने कहा है कि 18 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में विदेशी बाजारों से फंड जुटाने की सीमा बढ़ाने पर विचार होगा। इसके तहत बैंक बॉन्ड, नोट्स और ऑफशोर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी कर पूंजी जुटा सकेगा।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank ने कहा है कि वह Fairfax Financial की संशोधित बोली से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता। बैंक ने कहा कि रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) की प्रक्रिया गोपनीय है। यह सफाई शेयर कीमत में हलचल के बाद NSE की ओर से मांगे गए जवाब के बाद दी गई।

Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank ने बताया कि उसकी सब्सिडियरी Axis Finance में प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा हो गया है। इसके बाद बैंक की हिस्सेदारी घटकर 94.92% रह गई है। हालांकि, हिस्सेदारी कम होने के बावजूद Axis Bank कंपनी की होल्डिंग कंपनी बना रहेगा।

Capacit’e Infraprojects

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Capacit’e Infraprojects को मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में सुपर हाई-राइज टावर T5 के निर्माण का ₹482 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट में बेसमेंट, पोडियम, क्लबहाउस, सर्विस फ्लोर, पेंटहाउस और टेरेस समेत सिविल निर्माण का काम शामिल है।

DEN Networks

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड कंपनी DEN Networks ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹54 करोड़ से घटकर ₹37 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में मामूली बढ़त रही और यह ₹241.3 करोड़ से बढ़कर ₹242.8 करोड़ हो गया।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery को बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने उसकी सब्सिडियरी Delhivery Financial Services को NBFC-ND (Type II) के तौर पर काम करने की अनुमति दे दी है। इससे कंपनी अब फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार को आगे बढ़ा सकेगी।

Kirloskar Brothers

पंप बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी Kirloskar Brothers की ब्रिटेन स्थित सब्सिडियरी SPP Pumps को बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है। कंपनी को Saipem Offshore Construction से 11.67 मिलियन पाउंड (करीब ₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है। इसके तहत वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई की जाएगी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी IOL Chemicals and Pharmaceuticals को चीन से बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के Clopidogrel Bisulfate API को चीन की National Medical Products Administration (NMPA) से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी के निर्यात कारोबार को मजबूती मिल सकती है।

Easy Trip Planners

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Easy Trip Planners (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत डिजिटल कैंपेन के जरिए राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही देशभर के यात्रियों के बीच झारखंड की पहचान मजबूत करने पर काम होगा।

Jain Resource Recycling

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Jain Resource Recycling के तमिलनाडु प्लांट में भट्टी में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद प्लांट के प्रभावित हिस्से का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) के बोर्ड ने उसकी सब्सिडियरी HSCC (India) के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। यह विलय ‘गोइंग कंसर्न’ आधार पर किया जाएगा।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डूबे निवेशकों के ₹2 लाख करोड़, Sensex में 550 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23052 पर बंद

Sensex-Nifty closes red: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच बढ़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के काफी करीब पहुंच गया। इसने एशियाई बाजारों में कोहराम मचा दिया। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24050 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक ही इसकी आंधी चली। निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सरकारी बैंकों, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मार्केटपर काफी दबाव बनाया। इसमें रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए तो पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से कमजोर हुआ और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। फार्मा और मेटल सेक्टर की रौनक भी बाजार को संभाल नहीं पाई। निफ्टी फार्मा आज 1% से अधिक तो निफ्टी मेटल आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹2.19 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,19,285.18 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज छह ग्रीन जोन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में रही तो दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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134 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4433 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1501 शेयर आज मजबूत हुए तो 2737 में गिरावट रही जबकि 195 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 134 शेयर एक साल के हाई और 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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खामेनेई का बेटा 90% खत्म… ईरान पर भीषण हमले के बीच ट्रंप के इस दावे से मचा हड़कंप

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

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