Tata Elxsi share: Q1 नतीजों के बाद शेयर 6% टूटा, अब खरीदें, बेचें या रहें बनें, जानें एक्सपर्ट की राय

Tata Elxsi Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी ( Tata Elxsi) के शेयर 15 जुलाई को  6 फीसदी टूट गए और ₹3,473.75 पर आ गया, जो 52 हफ़्ते का सबसे निचला लेवल है।दरअसल,   कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार को पसंद नहीं आए।  टाटा ग्रुप की कंपनी ने जून तिमाही में प्रॉफिट में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी, जबकि रेवेन्यू काफी हद तक स्ट्रीट के अनुमानों के मुताबिक ही रहा। यहीं कारण है कि  शेयर आज निफ्टी 500 में भी टॉप लूजर में शामिल है।

इंजीनियरिंग और डिज़ाइन सर्विस फर्म ने लगातार 1.3% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ की रिपोर्ट दी, जो एनालिस्ट की 1.2% की उम्मीदों से काफी हद तक मेल खाती है। हालांकि, EBIT मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 340 बेसिस पॉइंट्स घटकर 21.2% हो गया, जो स्ट्रीट के 22% के अनुमान से कम है।

मार्जिन में गिरावट मुख्य रूप से बड़ी डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, कस्टमर से जुड़े खर्च, ऑनसाइट सेल्स और डिलीवरी कैपेबिलिटी में इन्वेस्टमेंट, ज़्यादा सबकॉन्ट्रैक्टिंग कॉस्ट, टैलेंट इन्वेस्टमेंट और कुछ एक बार के सालाना खर्चों की वजह से हुई।

मैनेजमेंट ने बताया कि जून तिमाही में मार्जिन पर दबाव सबसे ज़्यादा था, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही पर सालाना सैलरी हाइक का असर पड़ेगा।

अब क्या करें, जानें क्या कहते है ब्रोकरेजज

JP मॉर्गन ने टाटा एलेक्सी पर अपनी ‘neutral’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,500 रखा है। ब्रोकरेज ने इस तिमाही को मिला-जुला बताया, जिसमें रेवेन्यू उम्मीद से थोड़ा ज़्यादा रहा लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी काफी कम रही।

रेवेन्यू ग्रोथ मीडिया और टेलीकॉम वर्टिकल की वजह से हुई, जबकि ऑटोमोटिव और हेल्थकेयर बिज़नेस दबाव में रहे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मीडिया और टेलीकॉम में मोमेंटम बना रहेगा, जिसे हाल की डील्स और प्रोजेक्ट रैंप-अप से सपोर्ट मिला है।हालांकि, JPMorgan ने कहा कि FY27 में हाई सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ देने का कंपनी का टारगेट हेल्थकेयर सेगमेंट में रिकवरी पर निर्भर करता है, जहां विजिबिलिटी अभी भी अनिश्चित है।

ब्रोकरेज ने यूरोपियन ऑटोमोटिव मार्केट में लगातार मुश्किलों पर मैनेजमेंट की कमेंट्री को भी हाईलाइट किया, जो टाटा एलेक्सी के ऑटोमोटिव बिज़नेस का 40% से ज़्यादा हिस्सा है।

 JPMorgan 

मार्जिन पर, JPMorgan ने कहा कि यह तेज गिरावट डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, रैंप-अप खर्च, ऑनसाइट डिलीवरी इन्वेस्टमेंट, टैलेंट एडिशन, कस्टमर-रिलेटेड प्रोविजन और एक बार की सालाना कॉस्ट के कॉम्बिनेशन की वजह से हुई। हालांकि इनमें से कुछ कॉस्ट अगले एक से दो क्वार्टर में कम होने की उम्मीद है, लेकिन दूसरों को नॉर्मल होने में ज़्यादा समय लग सकता है।

इस वजह से, जेपी मॉर्गन को सिर्फ़ तीसरी तिमाही से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है और उसने FY27-FY29 के लिए अपने अर्निंग्स एस्टिमेट्स में 1-13% की कटौती की है, जिसका मुख्य कारण कम मार्जिन का अंदाज़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने स्टॉक पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,000 रखा है।ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा एलेक्सी ने इन-लाइन रेवेन्यू दिया लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर निराश किया। जहां मीडिया और कम्युनिकेशंस सेगमेंट को डील रैंप-अप से फ़ायदा हुआ, वहीं ट्रांसपोर्टेशन और मेडिकल डिवाइसेज़ बिज़नेस में मामूली गिरावट आई।

कोटक ने मार्जिन मिस के लिए डील ट्रांज़िशन कॉस्ट और गो-टू-मार्केट (GTM) और डिलीवरी कैपेबिलिटीज़ में अपफ्रंट इन्वेस्टमेंट को ज़िम्मेदार ठहराया। उसका मानना ​​है कि कॉस्ट इन्फ्लेशन का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रक्चरल है और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका असर जारी रह सकता है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि टाटा एलेक्सी अपने सेल्स ऑर्गनाइज़ेशन, खासकर अपनी डील-हंटिंग क्षमताओं में इन्वेस्टमेंट को बढ़ा रही है, कुछ समय के कम इन्वेस्टमेंट के बाद।

ऑटोमोटिव बिज़नेस पर, कोटक को उम्मीद है कि ग्लोबल ऑटोमेकर्स द्वारा R&D खर्च कैलेंडर ईयर 2026 तक कम रहेगा, जिसका कारण जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, इंडस्ट्री में गिरावट और चीनी OEMs से बढ़ते कॉम्पिटिशन को बताया गया है। इसने यह भी कहा कि कई ऑटोमेकर्स ने कमजोर डिमांड के कारण नए व्हीकल डेवलपमेंट प्रोग्राम में या तो देरी की है या उन्हें कैंसिल कर दिया है।

मुश्किल डिमांड के माहौल और ठीक-ठाक मार्जिन आउटलुक को देखते हुए, कोटक ने FY27-FY29 के लिए अपने कमाई के अनुमानों में 10-14% की कमी की है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tata Elxsi Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, पहली बार रेवेन्यू ₹1000 करोड़ के पार पहुंचा

Tata Elxsi Q1 Results: डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज देने वाली कंपनी Tata Elxsi ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹144.3 करोड़ था।

रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही में Tata Elxsi का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹1,021.1 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 2.8% की बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार है जब Tata Elxsi का तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।

वहीं, EBITDA 15.7% बढ़कर ₹216 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21.2% दर्ज किया गया।

किन कारोबारों ने बढ़ाई रफ्तार?

Tata Elxsi की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन और मीडिया कारोबार का रहा।

ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3% बढ़ा। वहीं, मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 22.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% घटकर ₹170.6 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹220 करोड़ था। इसी तरह, EBIT भी 12.5% घटकर ₹193.7 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन 22.27% से घटकर 18.97% पर आ गया।

AI और ऑटोमोबाइल कारोबार पर फोकस

Tata Elxsi के CEO और MD मनोज राघवन ने कहा कि तिमाही के दौरान बड़े ऑर्डर और मजबूत डील एग्जीक्यूशन की वजह से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ऑटोमोबाइल कारोबार में OEM ग्राहकों से मजबूत मांग बनी रही।

उन्होंने बताया कि कंपनी AI पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। इसी तिमाही में उसने ViTEL नाम का Gen AI बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह अलग-अलग मटेरियल का बेहतर एनालिसिस करने में मदद करेगा। इसके अलावा AnaTEL नाम का AI प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है। इसे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तैयार किया गया है।

Tata Elxsi का शेयर मंगलवार को 2.97% की गिरावट के साथ ₹3,710 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 39.96% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

TCS Share Price: टाटा की कंपनी के शेयर 6% उछले, ABB के साथ हुई बड़ी AI डील

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

टाटा की TCS 8900 खास इंजीनियरों की टीम बनाएगी, OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देने की तैयारी

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। टाटा ग्रुप की यह कंपनी AI से जुड़ी नई सर्विसेज को बढ़ाने के लिए 5,900 से 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) की टीम तैयार करेगी। इसके साथ ही AI से जुड़ी कंपनियों को खरीदने (Acquisition) के विकल्प भी तलाश रही है।

आखिर FDE क्या होते हैं?

फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं, जो सिर्फ कंपनी के ऑफिस में बैठकर कोड नहीं लिखते। वे सीधे क्लाइंट के साथ काम करते हैं और उसकी समस्याओं के हिसाब से AI या टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन तैयार करते हैं।

अब मान लीजिए किसी बैंक को AI से अपने कस्टमर सर्विस सिस्टम को बेहतर बनाना है। ऐसे में TCS का FDE उस बैंक के साथ मिलकर काम करेगा। वह बैंक के मौजूदा सॉफ्टवेयर, डेटा और बिजनेस प्रोसेस को समझेगा। फिर AI मॉडल को उसी हिसाब से जोड़ेगा और उसे लागू करेगा।

इन इंजीनियरों का काम क्या होगा?

TCS के CEO के. कृतिवासन ने रॉयटर्स से कहा कि कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से 1% से 1.5% को फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर बनाना चाहती है।

ये इंजीनियर सीधे क्लाइंट के साथ काम करेंगे। उनका काम कंपनियों में AI टूल्स को लागू करना, उन्हें मौजूदा सिस्टम से जोड़ना और कारोबार की जरूरत के हिसाब से AI सॉल्यूशन तैयार करना होगा।

OpenAI और Microsoft से मुकाबला

TCS की यह रणनीति ऐसे समय आई है, जब OpenAI, Anthropic और Microsoft जैसी कंपनियां भी फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स की भर्ती बढ़ा रही हैं। इन इंजीनियरों की मदद से कंपनियां अपने ग्राहकों के यहां AI को तेजी से लागू कर रही हैं।

AI, डेटा सिक्योरिटी में अधिग्रहण की तैयारी

TCS अब AI, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े अधिग्रहणों पर भी विचार कर रही है। TCS के CFO समीर सेक्सरिया ने कहा कि कंपनी ऐसे कारोबार तलाश रही है, जो उसकी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत बना सकें।

AI से आउटसोर्सिंग मॉडल को खतरा नहीं

कई निवेशकों को डर है कि AI की वजह से आईटी कंपनियों को मिलने वाले प्रोजेक्ट कम हो सकते हैं। लेकिन TCS के CEO का मानना है कि ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को AI अपनाने के लिए ऐसे पार्टनर की जरूरत होगी, जो उनके मौजूदा सिस्टम, डेटा और प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझते हों। यही TCS की सबसे बड़ी ताकत है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ कम लागत का मामला नहीं, बल्कि कंपनी के अनुभव और प्रतिभा का फायदा है।

AI कारोबार की ग्रोथ धीमी हुई

हालांकि, जून तिमाही में TCS के AI कारोबार की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। पहली तिमाही में AI से होने वाली सालाना आय की ग्रोथ 13% रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 28% थी।

CEO ने कहा कि लंबी अवधि में वह AI कारोबार में करीब 25% तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ देखना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि यह बढ़ोतरी हर तिमाही एक जैसी नहीं रहेगी।

AI पर ₹8,500 करोड़ खर्च

TCS हर साल करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,500 करोड़) टैलेंट डेवलपमेंट और AI पर खर्च करती है। इसमें कर्मचारियों की ट्रेनिंग, AI स्किल्स डेवलप करना और नई AI तकनीकों के लिए एक्सपर्ट्स की हायरिंग शामिल है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Dividend Stocks: इस हफ्ते 7 कंपनियों के शेयरधारक होंगे मालामाल, ₹229 तक मिलेगा डिविडेंड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Dividend: हर शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देगी टाटा की टीसीएस, रिकॉर्ड डेट भी तय

TCS Dividend: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने पहली तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में TCS ने 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। वहीं जनवरी 2026 में कंपनी ने 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड मिलाकर कुल 57 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया था।

पिछले 5 साल में कितना डिविडेंड दिया?

सालडिविडेंड
कुल भुगतान (₹/शेयर)

2021₹6 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹15 फाइनल₹35
2022₹7 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹22 फाइनल₹45
2023₹8 अंतरिम + ₹67 स्पेशल + ₹9 अंतरिम + ₹9 अंतरिम + ₹24 फाइनल₹108
2024₹9 अंतरिम + ₹18 स्पेशल + ₹10 अंतरिम + ₹10 अंतरिम + ₹28 फाइनल₹75
2025₹10 अंतरिम + ₹66 स्पेशल + ₹11 अंतरिम + ₹11 अंतरिम + ₹30 फाइनल₹128

पिछले पांच वर्षों में TCS ने कुल 457 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है। इस दौरान कंपनी ने 2022 और 2023 में शेयर बायबैक भी किए थे।

तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर करीब 14% और पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% अधिक है। ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा।

कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13,349 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.61% ज्यादा है। वहीं कंपनी ने बताया कि उसका नेट इनकम 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये हो गया।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

जून तिमाही के दौरान TCS ने 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS का शेयर गुरुवार को लगभग 2,048 रुपये के आसपास सपाट बंद हुआ। हालांकि, दिन में कारोबार के दौरान यह 2% तक गिर गया था।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Hiring: टीसीएस ने 9279 नई हायरिंग की, कर्मचारियों की संख्या 5.93 लाख के पार

TCS Hiring: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की शुद्ध भर्ती की है। इसके साथ ही 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

यह पिछले एक साल से ज्यादा समय में TCS की सबसे बड़ी तिमाही भर्ती है। इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने 2,356 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की थी।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन के तहत कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी। अब ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी फिर से भर्ती बढ़ा रही है।

कारोबार सुस्त, फिर भी भर्ती जारी

डॉलर के लिहाज से कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ लगभग स्थिर रही। इसके बावजूद TCS ने टैलेंट में निवेश जारी रखा। जून तिमाही के अंत तक कंपनी के पास 9.5 अरब डॉलर का ऑर्डर बुक (TCV) था। वहीं, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एट्रिशन में मामूली सुधार

आईटी सर्विसेज में पिछले 12 महीनों का एट्रिशन रेट 13.6% रहा, जो पिछली तिमाही के 13.7% से थोड़ा कम है।

तिमाही के दौरान कर्मचारियों ने 1.46 करोड़ लर्निंग आवर्स पूरे किए और 13 लाख नई स्किल्स (Competencies) हासिल कीं। कंपनी ने बताया कि अब 3.12 लाख से ज्यादा कर्मचारी AI और मशीन लर्निंग में बेहतर एफिशिएंसी हासिल कर चुके हैं।

HR प्रमुख ने क्या कहा?

TCS के चीफ HR ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल ने कहा कि इस तिमाही में कंपनी ने दुनियाभर के कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि लागू की है। साथ ही भारत के नए लेबर कोड के अनुरूप सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म में लगातार निवेश कर रही है, ताकि कर्मचारी भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रहें।

तिमाही नतीजे भी आए

TCS ने पहली तिमाही में 13,349 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। वहीं, 72,275 करोड़ रुपये का रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Trent Share Crash: टाटा का स्टॉक 13% क्रैश, अब खरीदें या बेचने में भलाई? जानिए एक्सपर्ट्स से

Trent Share Crash: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd के शेयर मंगलवार को करीब 13% टूट गए। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। जून तिमाही का बिजनेस अपडेट बाजार की उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

शेयर Nifty 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,356 करोड़ रुपये घट गया। कारोबार के अंत में Trent का शेयर 12.64% गिरकर 2,921 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 20% से ज्यादा टूट चुका है।

उम्मीद से कम रही रेवेन्यू ग्रोथ

Trent ने जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में 19% ज्यादा है। हालांकि, बाजार को 22% से 23% की ग्रोथ की उम्मीद थी। इसी वजह से कई ब्रोकरेज ने कंपनी को लेकर अपना नजरिया थोड़ा सतर्क कर लिया।

स्टोर बढ़े, कमाई की रफ्तार घटी

Share.Market by PhonePe के क्वांट रिसर्चर निश्चल जैन के मुताबिक, कंपनी ने अपने फैशन नेटवर्क का विस्तार जारी रखा। कुल स्टोर बढ़कर 1,312 हो गए। इनमें 982 Zudio और 301 Westside स्टोर शामिल हैं।

हालांकि, तेजी से नए स्टोर खोलने का असर पुराने स्टोरों पर भी पड़ा। कई इलाकों में नए और पुराने स्टोर एक-दूसरे की बिक्री को प्रभावित करने लगे। इसकी वजह से रेवेन्यू पर स्केवयर फुट में 12.2% की गिरावट आई।

गिरावट पर क्या बोले एक्सपर्ट?

निश्चल जैन का कहना है कि शेयर में तेज गिरावट की वजह कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ और संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली रही। इसके अलावा शेयर एक अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल के नीचे भी फिसल गया।

हालांकि, उनका मानना है कि यह कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं, बल्कि ऊंचे वैल्यूएशन का असर है। खासकर Zudio का विस्तार अब भी कंपनी के लिए लंबी अवधि का मजबूत ग्रोथ ड्राइवर बना हुआ है।

उन्होंने मौजूदा निवेशकों को ‘Hold’ या गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulate on Dips) की सलाह दी है। नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी गई है।

Zudio की ग्रोथ को लेकर बढ़ी चिंता

Trent ने FY26 में 250 नए स्टोर खोले थे। इनमें Westside और Zudio दोनों शामिल हैं। जून तिमाही में भी कंपनी ने 20 नए स्टोर जोड़े।

हालांकि, Fident Asset Management की एनालिस्ट ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि कंपनी पहले अगले कुछ वर्षों में रेवेन्यू को 2 से 2.5 गुना बढ़ाने की बात कर रही थी। इसमें सबसे बड़ा योगदान Zudio से आने की उम्मीद थी।

अब Zudio की ग्रोथ सामान्य होती दिख रही है। इससे निवेशकों को कंपनी की आगे की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है।

ब्रोकरेज भी हुए सतर्क

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ अब लो सिंगल डिजिट में आ गई है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि क्या कंपनी पहले जैसी तेज ग्रोथ जारी रख पाएगी।

ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि सिर्फ 20% ग्रोथ के मुकाबले शेयर का वैल्यूएशन 70 से 80 गुना तक पहुंच गया था। यानी ग्रोथ और वैल्यूएशन में संतुलन नहीं दिख रहा था।

वहीं, Goldman Sachs और Citi ने भी कहा कि जून तिमाही का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। Citi ने स्टोर प्रोडक्टिविटी में गिरावट, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से स्टोर विस्तार को लेकर भी चिंता जताई।

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Titan Q1 Update: टाटा की कंपनी का ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा, Tanishq-Mia की बिक्री ने भरी उड़ान

Titan Q1 Update: टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के बिजनेस अपडेट जारी कर दिए हैं। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में सालाना आधार पर 41% की बढ़ोतरी हुई है। इस ग्रोथ में ज्वेलरी, घड़ियां, आईकेयर और दूसरे नए कारोबारों का बड़ा योगदान रहा। रिटेल नेटवर्क के विस्तार ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।

भारत में कारोबार 37% बढ़ा

टाइटन का घरेलू कारोबार (Domestic Business) सालाना आधार पर 37% बढ़ा। सबसे ज्यादा ग्रोथ ज्वेलरी बिजनेस में देखने को मिली। यह कारोबार 39% बढ़ा। वहीं, घड़ियों और आईकेयर बिजनेस में 23-23% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी के उभरते कारोबार (Emerging Businesses) में भी 19% की ग्रोथ रही।

Akshaya Tritiya ने बढ़ाई ज्वेलरी की चमक

Titan ने बताया कि ज्वेलरी कारोबार को Akshaya Tritiya और त्योहारी सीजन का अच्छा फायदा मिला। इस दौरान नए ग्राहकों की संख्या शुरुआती डबल डिजिट में बढ़ी। वहीं, ग्राहकों की औसत खरीदारी (Average Ticket Size) में भी मजबूत बढ़ोतरी हुई।

सादा (Plain) और स्टडेड (Studded) ज्वेलरी, दोनों कैटेगरी में मिड-30% की ग्रोथ दर्ज की गई। वहीं, गोल्ड कॉइन की बिक्री भी डबल डिजिट में बढ़ती रही।

घड़ियों में एनालॉग की मजबूत मांग

घड़ियों के कारोबार में 23% की ग्रोथ दर्ज की गई। इसकी सबसे बड़ी वजह एनालॉग घड़ियों की मजबूत मांग रही। इस कैटेगरी में बिक्री हाई-20% की रफ्तार से बढ़ी। हालांकि, स्मार्टवॉच की बिक्री में लो-टीन (Low Teens) की गिरावट दर्ज की गई।

आईकेयर बिजनेस भी चमका

आईकेयर बिजनेस में भी 23% की बढ़ोतरी हुई। टाइटन के अपने ब्रांड और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड, दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया। एक साथ कई चश्मे खरीदने और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस करने वाली मार्केटिंग रणनीति का भी फायदा मिला।

दूसरे कारोबारों का कैसा रहा प्रदर्शन?

  • टाइटन के उभरते कारोबारों में 19% की ग्रोथ दर्ज की गई।
  • फ्रेगरेंस (Perfume) कारोबार मिड-टीन्स की रफ्तार से बढ़ा।
  • महिलाओं के बैग की बिक्री में मजबूत डबल डिजिट ग्रोथ रही।
  • वहीं, Taneira ब्रांड की ग्रोथ लो सिंगल डिजिट में रही।

विदेशों में कारोबार दोगुने से ज्यादा बढ़ा

Titan का अंतरराष्ट्रीय कारोबार सालाना आधार पर 128% बढ़ा। Tanishq, Mia और CaratLane ब्रांड को खासतौर पर उत्तरी अमेरिका में अच्छी मांग मिली।

वहीं, GCC (खाड़ी देशों) के बाजार में भी इन ब्रांड्स ने डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की। कंपनी ने कहा कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद Damas ब्रांड के कारोबार में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला।

77 नए स्टोर खोले

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान Titan ने 77 नए स्टोर खोले। इसके बाद जून 2026 तक कंपनी का कुल रिटेल नेटवर्क बढ़कर 3,680 स्टोर हो गया। कंपनी ने यह भी साफ किया कि ये शुरुआती आंकड़े हैं। वैधानिक ऑडिटरों (Statutory Auditors) की सीमित समीक्षा के बाद इनमें बदलाव हो सकता है।

टाइटन के शेयरों का हाल

Titan Company Ltd का शेयर सोमवार को 21.80 रुपये यानी 0.49% की बढ़त के साथ 4,482 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 6.97% बढ़ा है। पिछले 1 साल में इसने 22.33% का रिटर्न दिया है। यह 5 साल में 160.65% बढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 3.98 लाख करोड़ रुपये है।

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Tata Motors PV Q1 Update: तीन गुना बढ़ी Curvv, Sierra की बिक्री; पंच, नेक्सॉन ने भी दिखाया दम

Tata Motors PV Q1 Update: टाटा ग्रुप की दिग्गज ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd के लिए अप्रैल-जून 2026 तिमाही शानदार रही है। कंपनी की ज्यादातर पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री और प्रोडक्शन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने ये आंकड़े सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को सौंपे हैं।

Punch और Nexon की बिक्री 52% बढ़ी

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Punch और Nexon का प्रोडक्शन बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 80,001 यूनिट था। घरेलू बिक्री भी जोरदार बढ़ी। यह 76,230 यूनिट से बढ़कर 1,15,882 यूनिट पहुंच गई। यानी करीब 52% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात लगभग स्थिर रहा। इस बार 317 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 320 यूनिट था।

Curvv और Sierra की बिक्री तीन गुना के करीब

Curvv और Sierra की डिमांड भी तेजी से बढ़ी। इन दोनों मॉडलों का प्रोडक्शन 9,135 यूनिट से बढ़कर 25,790 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात में गिरावट आई। इस तिमाही में 23 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 101 यूनिट था।

Safari, Harrier और Sumo की भी अच्छी डिमांड

Safari, Harrier और Sumo की बिक्री भी मजबूत रही। इन मॉडलों का प्रोडक्शन 6,488 यूनिट से बढ़कर 11,976 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 6,536 यूनिट से बढ़कर 12,117 यूनिट पहुंच गई।

निर्यात में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। इस बार 30 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल सिर्फ 1 यूनिट विदेश भेजी गई थी।

Tiago, Tigor और Altroz की बिक्री घटी

हर मॉडल की कहानी अच्छी नहीं रही। Tiago, Tigor, Altroz, Zest और Bolt की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। इनका प्रोडक्शन 35,496 यूनिट से घटकर 30,163 यूनिट रह गया। घरेलू बिक्री भी 32,801 यूनिट से घटकर 27,017 यूनिट पर आ गई।

हालांकि, एक अच्छी बात भी रही। इन मॉडलों का निर्यात 548 यूनिट से बढ़कर 2,038 यूनिट हो गया।

Nano और Hexa अब भी लाइन से बाहर

इस तिमाही में भी Nano और Hexa का न तो प्रोडक्शन हुआ और न ही घरेलू बिक्री या निर्यात। कंपनी ने साफ किया है कि ये शुरुआती आंकड़े हैं। इनका अभी ऑडिट नहीं हुआ है। ऑडिट के बाद अंतिम आंकड़ों में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

Tata Motors पर Citi की क्या राय?

पिछले हफ्ते ब्रोकरेज फर्म Citi ने Tata Motors Passenger Vehicles पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी थी। हालांकि, नई Sierra EV की तारीफ भी की। ब्रोकरेज के मुताबिक, Sierra EV में 63 kWh और 75 kWh बैटरी पैक का विकल्प मिलेगा। बड़ा बैटरी पैक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देगा।

इसकी शुरुआती कीमत 18.8 लाख रुपये रखी गई है। टॉप वेरिएंट की कीमत 24.8 लाख रुपये तक जाती है। इसका मुकाबला Mahindra BE 6, Mahindra XEV 9E और Maruti e-Vitara से होगा।

Citi का कहना है कि Hyundai Creta Electric और MG ZS EV के मुकाबले Sierra EV की कीमत प्रतिस्पर्धी है। खासकर एंट्री-लेवल वेरिएंट की कीमत ऐसी रखी गई है, जिससे ग्राहक ऊंचे वेरिएंट खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

टाटा मोटर्स के शेयरों का हाल

Tata Motors Passenger Vehicles Ltd का शेयर सोमवार को 0.81% की बढ़त के साथ 346.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 10.72% टूटा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 16% की गिरावट आई है।

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