DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.1% बढ़कर ₹793.9 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹762.7 करोड़ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹2,716.7 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा कमजोर

जून तिमाही में DLF का EBITDA 58.7% घटकर ₹150.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹364.2 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 13.4% से घटकर 11.7% पर आ गया।

इसके बावजूद कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 51% रहा। तिमाही के दौरान DLF ने ₹1,317 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो बनाया। इससे कंपनी की नेट कैश पोजिशन बढ़कर ₹15,200 करोड़ हो गई।

लॉन्च में देरी से घटी बिक्री

जून तिमाही में DLF की नई सेल्स बुकिंग ₹657 करोड़ रही। DLF ने कहा कि कुछ प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में देरी की वजह से यह आंकड़ा प्रभावित हुआ। कंपनी को उम्मीद है कि जरूरी मंजूरियां जल्द मिलेंगी और नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का कहना है कि मजबूत ब्रांड, ग्राहकों की लगातार मांग और आने वाले प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन के दम पर वह मध्यम अवधि के ग्रोथ लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

रेंटल कारोबार बना मजबूत

DLF का करीब 5 करोड़ वर्ग फुट का रेंटल पोर्टफोलियो 95% ऑक्यूपेंसी के साथ मजबूत बना हुआ है। कंपनी का फोकस लंबे समय में अपने रेंटल बिजनेस को और बढ़ाने पर है।

चालू वित्त वर्ष में DLF करीब 15 लाख वर्ग फुट के तीन नए रिटेल प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इनमें DLF Midtown Plaza (नई दिल्ली), DLF Summit Plaza (गुरुग्राम) और DLF Promenade (गोवा) शामिल हैं।

DCCDL का प्रदर्शन भी मजबूत

DLF की सहयोगी कंपनी DLF Cyber City Developers Limited (DCCDL) का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,917 करोड़ रहा। EBITDA 9% बढ़कर ₹1,474 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹717 करोड़ हो गया।

DLF ने क्या कहा?

DLF का कहना है कि मजबूत लैंड बैंक, नए प्रोजेक्ट्स की बड़ी पाइपलाइन, मजबूत बैलेंस शीट और लगातार बढ़ता कैश फ्लो कंपनी को रियल एस्टेट सेक्टर की तेजी का फायदा उठाने में मदद करेगा। कंपनी का फोकस आगे भी लाभदायक और टिकाऊ ग्रोथ पर रहेगा।

DLF का शेयर सोमवार को 0.62% की बढ़त के साथ ₹663 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex 544 प्वाइंट्स मजबूत, Nifty 24774 पर बंद, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closes green: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले को टालने का ऐलान किया तो मार्केट में रौनक छा गई। कच्चे तेल की नरमी से इसे और सपोर्ट मिला। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी 24750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने आज मार्केट को शानदार सपोर्ट दिया और इसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक मजबूत हुआ। इंडेक्स के हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने इसे सपोर्ट किया जिसका निफ्टी इंड़ेक्स करीब 2% मजबूत हुआ। निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी आज डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक तो ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए।

मार्केट की रौनक में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब ₹3 लाख करोड़ बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में करीब ₹3 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। आज सेंसेक्स (Sensex) 544.39 प्वाइंट्स यानी 0.70% के उछाल के साथ 78,639.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 390.70 प्वाइंट्स यानी 1.60 के उछाल के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800.46 प्वाइंट्स चढ़कर 78,895.10 और निफ्टी भी 390.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,774.30 तक पहुंचा।

₹2.98 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,42,524.92 करोड़ था। आज यानी 3 अगस्त 2026 को यह बढ़कर ₹4,90,40,595.36 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,98,070.44 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 21 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, टीसीएस और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट सन फार्मा, भारती एयरटेल और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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187 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4595 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2837 शेयर आज मजबूत हुए तो 1552 में गिरावट रही जबकि 206 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 187 शेयर एक साल के हाई और 67 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 12 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 12 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Ather Energy Q1 Results: घाटे में बड़ी कमी, रेवेन्यू 88% उछला; 1 साल में 223% चढ़ा स्टॉक

Ather Energy Q1 Results: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹51 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹178.2 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 88.8% बढ़कर ₹1,217 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA घाटा भी काफी कम होकर ₹33.4 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹134.3 करोड़ था। इसका मतलब है कि बिक्री बढ़ने के साथ कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर हुई है।

EV बाजार में दिख रहा बड़ा मौका

Ather Energy का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी के मुताबिक, दिल्ली EV पॉलिसी और केंद्र सरकार की PM E-Drive जैसी योजनाएं इस सेक्टर को मजबूती दे रही हैं।

इसके अलावा पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता भी है। इससे ग्राहक EV अपनाने की तरफ बढ़ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि हालिया पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही EV की मांग तेज होने लगी थी।

जल्द लॉन्च होगा नया स्कूटर

Ather अब अपने नए EL स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी में है। जून तिमाही में इसका होमोलोगेशन पूरा हो गया है और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।

कंपनी के होसुर प्लांट में FY27 की दूसरी तिमाही से इसका कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा। अगस्त में होने वाले Ather Community Day के दौरान इस स्कूटर को लॉन्च किया जाएगा।

कंपनी आने वाले समय में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60,000 गाड़ी प्रति माह करने की योजना पर काम कर रही है।

हाल ही में जुटाए ₹1,300 करोड़

Ather Energy ने इसी महीने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹1,300 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने 1.08 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,202 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए।

टेक्नोलॉजी फीचर्स पर भी फोकस

एथर एनर्जी लगातार अपने सॉफ्टवेयर फीचर्स भी मजबूत कर रही है। हाल ही में उसने ‘Pothole+ Alerts’ फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर 450 Apex, 450X और Rizta Z समेत Gen 2 और उसके बाद के स्कूटरों में उपलब्ध है।

यह फीचर Ather के कनेक्टेड स्कूटरों से मिले डेटा की मदद से रास्ते में गड्ढों, टूटी सड़कों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और स्पीड ब्रेकर की पहले से जानकारी देता है। इससे राइडिंग ज्यादा सुरक्षित और आसान हो सके।

Ather Energy के शेयरों का हाल

एथर एनर्जी का शेयर सोमवार को 1.56% की बढ़त के साथ 1,280 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 89.38% का रिटर्न दिया है। वहीं 1 साल में इसने 223.27% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 50.16 हजार करोड़ रुपये है।

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Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Clean Max Enviro Energy Solutions ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 107% बढ़कर ₹832 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹402.3 करोड़ था। कंपनी इस तिमाही में घाटे से निकलकर ₹55 करोड़ के मुनाफे में आ गई। पिछले साल इसी अवधि में उसे ₹16.6 करोड़ का घाटा हुआ था।

Clean Max का एडजस्टेड EBITDA 74% बढ़कर ₹494 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹283.9 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 70.6% से घटकर 50% रह गया।

रिकॉर्ड क्षमता जोड़ी

जून तिमाही में Clean Max ने 0.53 गीगावाट (GW) की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता शुरू की। यह कंपनी के इतिहास में एक तिमाही में जोड़ी गई सबसे बड़ी क्षमता है। इसके साथ ही जून के अंत तक कंपनी की कुल कॉन्ट्रैक्टेड रिन्यूएबल पावर सेल्स क्षमता 6 GW पहुंच गई, जो मार्च के अंत में 5.7 GW थी।

वहीं, ऑपरेशनल रिन्यूएबल पावर क्षमता बढ़कर 3,493 मेगावाट (MW) हो गई। पिछली तिमाही में यह 3,088 MW थी। इसमें 2,442 MW सोलर और 646 MW विंड क्षमता शामिल है।

आगे भी मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

Clean Max ने FY28 के लिए कम से कम ₹3,000 करोड़ EBITDA का लक्ष्य बरकरार रखा है। वहीं, FY27 में कम से कम 1.5 GW नई रिन्यूएबल क्षमता शुरू करने का टारगेट भी दोहराया है।

कंपनी ने बताया कि वह पहली तिमाही में ही इस लक्ष्य का करीब 40% हासिल कर चुकी है। फिलहाल 2.6 GW की कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता पर काम चल रहा है।

Data और AI सेक्टर पर बड़ा दांव

Clean Max के मुताबिक, भारत के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) नॉन-डेटा सेंटर रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में उसकी करीब 14% हिस्सेदारी है। वहीं, उसकी कुल कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता का 42% यानी 2.5 GW हिस्सा Data और AI ग्राहकों से जुड़ा है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में यही उसकी ग्रोथ का बड़ा आधार बनेगा।

Clean Max के शेयरों का हाल

Clean Max Enviro Energy Solutions का शेयर शुक्रवार को को NSE पर 2.48% की बढ़त के साथ ₹1,341.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसका रिटर्न 54.63% रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 15.73 हजार करोड़ रुपये है। यह कंपनी इसी साल मार्च में मार्केट में लिस्ट हुई थी।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए है। फाइनेंशियल,ऑटो और कुछ दिग्गज शेयरों में तेजी की वजह से निफ्टी 24,350 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2444 शेयरों में बढ़त हुई,1607 शेयरों में गिरावट आई और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,जियो फाइनेंशियल,M&M और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। जबकि TCS,एटरनल,मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे अधिक बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%),निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%),निफ्टी एनर्जी (1%),निफ्टी फार्मा (0.7%),निफ्टी इंफ्रा (0.7%)और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर,निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई,जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया,जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 0.4% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भी बाजार में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हाई बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सतर्क नजर आए रहे। बाजार की यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजों के दौर कैसा रहता है। हालांकि,अभी तक अनुमान से बेहतक नतीजे आ रहे हैं। इसके साथ साथ ही ग्लोबल रिस्क फैक्टर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मज़बूत ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण बाजार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजे और पश्चिम एशिया एशिया की स्थितियां अहम भूमिका निभाएंगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24450-24500 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24650 और उसके बाद 24800 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि आज निफ्टी दिन भर ज्यादातर हरे निशान में ही रहा। इसने ऑवरली टाइमफ़्रेम पर अहम मूविंग एवरेज से ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखी,जिससे शॉर्ट टर्म के लिए पॉज़िटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है। हालांकि,मोमेंटम की कमी दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण ट्रेडर्स सतर्क हैं।

इसके बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स डेली चार्ट पर 50 EMA से ऊपर बना हुआ है। नीचे की तरफ़,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,500 पर दिख रहा है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में लगातार तीसरे सेशन में भी तेजी कायम रही और यह 66 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो (shadow)वाली एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बनी। टेक्निकल नज़रिए से मार्केट की यह चाल ऊपरी स्तरों पर ‘हाई वेव’ या ‘डोजि’जैसे कैंडल पैटर्न के बनने का संकेत देती है,जो रेजिस्टेंस वाले स्तरों पर मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (volatility) का संकेत है।

निफ्टी अभी 24350-24400 के अहम रेजिस्टेंस जोन (8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप,17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-डे EMA) के आसपास है। इसलिए,किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले रेजिस्टेंस के आसपास कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर यह 24400 के ऊपर टिकता है,तो जल्द ही इसमें 24600-24700 के स्तर देखने को मिल सकते है। वहीं, नीचे की तरफ सपोर्ट 24200 पर है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में इसमें गिरावट जारी रही,जिससे यह 56,769 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,निचले स्तरों से अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में कामयाब रहा। आखिर में यह 0.10% की गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ।

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन के दौरान बैंक निफ्टी 57,330–56,672 की रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स सीमित दायरे में बना हुआ है। बैंक निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे हो रहा है,जो किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड का अभाव दिखाता है। RSI भी सपाट हो गया है,जिससे पता चलता है कि तेजी या मंदी का कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है। वहीं,ADX भी सपाट बना हुआ है,जो कमजोर ट्रेंड और कम उतार-चढ़ाव (volatility) का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो इसमें में 58000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58400 तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 के जोन में है।

 

Trading Strategy : निचले स्तरों से तेजड़ियों ने की जोरदार वापसी, जानिए अब सोमवार के लिए क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति

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Aarti Industries: केमिकल कंपनी का मुनाफा 260% उछला, मैनेजमेंट भी बड़े बदलाव हुए

Aarti Industries Q1 Results: केमिकल कंपनी आरती इंडस्ट्रीज ने जून 2026 तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 260.47% बढ़कर ₹155 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹43 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 42.42% बढ़कर ₹2,387 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1,676 करोड़ था।

कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई भी मजबूत रही। EBITDA 79.8% बढ़कर ₹383 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.71% से बढ़कर 16.04% हो गया। मार्च तिमाही के मुकाबले भी मुनाफा 13.14% और रेवेन्यू 8.20% बढ़ा है।

सब्सिडियरी बेचने से भी हुआ फायदा

आरती इंडस्ट्रीज को तिमाही के दौरान ₹2 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन मिला। यह फायदा Shanti Intermediates में अपनी हिस्सेदारी बेचने से हुआ। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इससे कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। वजह यह है कि इस सब्सिडियरी का रेवेन्यू और मुनाफे में योगदान 0.1% से भी कम था।

आगे की क्या है तैयारी?

आरती इंडस्ट्रीज के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुयोग कोटेचा ने कहा कि FY27 की शुरुआत अच्छी रही है। हालांकि, दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर कारोबार पर पड़ा। इससे बिक्री का वॉल्यूम थोड़ा दबा रहा। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में मांग बढ़ेगी और वॉल्यूम भी सुधरेगा।

कंपनी ने बताया कि Zone IV Expansion और Chlorotoluene Value Chain प्रोजेक्ट में मजदूरों की कमी की वजह से 4 से 6 महीने की देरी हुई है। अब इन्हें अगले तीन तिमाहियों में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

FY27 के लिए ₹700-800 करोड़ के कैपेक्स का लक्ष्य भी बरकरार रखा गया है। वहीं, Superform Joint Venture और Re Aarti Chemical Recycling Venture भी तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं।

मैनेजमेंट में भी होगा बड़ा बदलाव

आरती इंडस्ट्रीज को ने नेतृत्व में बदलाव का भी ऐलान किया है। 1 अक्टूबर 2026 से सुयोग कोटेचा कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO बन जाएंगे। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

वहीं, मौजूदा चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेंद्र गोगरी अब नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। राशेश गोगरी और रेनिल गोगरी को नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन बनाया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय की उत्तराधिकार योजना और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस का हिस्सा है।

आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

आरती इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 0.91% की गिरावट के साथ 481.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 29.35% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 8% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 17.42 हजार रुपये है।

आरती इंडस्ट्रीज भारत की प्रमुख स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियों में से एक है। कंपनी ऐसे केमिकल बनाती है, जिनका इस्तेमाल कई बड़े उद्योगों में होता है। इनमें फार्मा, एग्रोकेमिकल, पॉलिमर, पेंट, डाई, पिगमेंट, एडिटिव्स और होम एंड पर्सनल केयर सेक्टर शामिल हैं।

सुनील सिंघानिया के फंड ने इस स्टॉक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी, 20% का अपर सर्किट लगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुनील सिंघानिया के फंड ने इस स्टॉक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी, 20% का अपर सर्किट लगा

Bai-Kakaji Polymers: प्लास्टिक पैकेजिंग सेक्टर की कंपनी बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शेयर गुरुवार को 20% के अपर सर्किट के साथ बंद हुआ। यह कंपनी की दिसंबर 2025 में लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ी एक दिन की तेजी रही। इस उछाल की वजह दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के Abakkus Venture Opportunities Fund की बड़ी खरीदारी रही।

बल्क डील में खरीदे 6.08 लाख शेयर

बल्क डील में Abakkus Venture Opportunities Fund ने कंपनी के 6.08 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 2.8% हिस्सेदारी के बराबर है। यह सौदा ₹200.34 प्रति शेयर के औसत भाव पर बीएसई में हुआ।

शेयर में तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी कई गुना बढ़ गया। गुरुवार को 13.13 लाख शेयरों में कारोबार हुआ, जबकि पिछले 20 दिनों का औसत दैनिक वॉल्यूम करीब 1 लाख शेयर था।

किन निवेशकों ने बेचे शेयर?

निवेशक संजय पोपटलाल जैन ने बाई-काकाजी पॉलिमर्स के 3.42 लाख शेयर बेचे। यह कंपनी की करीब 1.6% हिस्सेदारी के बराबर है। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹6.8 करोड़ रही। जून 2026 तक उनके पास कंपनी में 2.5% हिस्सेदारी थी। वहीं, Tiger Strategies Fund ने भी 1.08 लाख शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी घटाई। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹2.2 करोड़ रही।

बाई-काकाजी पॉलिमर्स के शेयर का हाल

बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शेयर गुरुवार को 20% के अपर सर्किट के साथ 240 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक करीब 27.52% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹514 करोड़ पहुंच गया। इसमें प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 74.1% है।

कंपनी का आईपीओ ₹186 प्रति शेयर के भाव पर आया था और 30 दिसंबर 2025 को इसकी शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई थी। इससे पहले लिस्टिंग के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी करीब 10% रही थी, जो जून 2026 में दर्ज की गई थी।

बाई-काकाजी पॉलिमर्स  का कारोबार

बाई-काकाजी पॉलिमर्स प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी PET प्रीफॉर्म, प्लास्टिक कैप और क्लोजर तैयार करती है। इसके ग्राहक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस और डेयरी जैसे उद्योग हैं। कंपनी की शुरुआत 2013 में महाराष्ट्र के लातूर से हुई थी और यह बाई काकाजी ग्रुप का हिस्सा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹365 करोड़ रहा।

सुनील सिंघानिया कौन हैं?

सुनील सिंघानिया जाने-माने निवेशक और फंड मैनेजर हैं। वह पहले Reliance Mutual Fund (अब Nippon India Mutual Fund) के Chief Investment Officer (CIO) रह चुके हैं। 2018 में उन्होंने अपनी निवेश कंपनी Abakkus Asset Manager LLP की शुरुआत की।

Abakkus के जरिए वह शेयर बाजार में निवेश करते हैं और Abakkus Venture Opportunities Fund जैसे फंड मैनेज करते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में उनके निवेश पर बाजार की खास नजर रहती है। यही वजह है कि जब उनके फंड की किसी कंपनी में खरीदारी की खबर आती है, तो उस शेयर में अक्सर बड़ी हलचल देखने को मिलती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Best Agrolife Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 104% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Best Agrolife Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी Best Agrolife ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 104% बढ़कर 41 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 20 करोड़ रुपये था।

कंपनी का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, कीमतों में बढ़ोतरी, लागत पर नियंत्रण और ऑपरेशनल एफिशिएंसी की वजह से मुनाफे में यह तेज उछाल आया है।

रेवेन्यू भी बढ़ा, मार्जिन में बड़ा सुधार

बेस्ट एग्रोलाइफ का ऑपरेशन होने वाली रेवेन्यू भी बढ़ी है। जून तिमाही में यह 4% बढ़कर 396 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी तिमाही में रेवेन्यू 381 करोड़ रुपये थी। ग्रॉस प्रॉफिट 32% बढ़कर 146 करोड़ रुपये पहुंच गया।

ग्रॉस मार्जिन 29% से बढ़कर 37% हो गया। EBITDA 70% बढ़कर 78 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBITDA मार्जिन 12% से बढ़कर 20% पर पहुंच गया। PAT मार्जिन भी 5% से बढ़कर 10% हो गई।

तिमाही आधार पर भी रिकवरी दिखी

तिमाही आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। मार्च तिमाही में बेस्ट एग्रोलाइफ का रेवेन्यू 156 करोड़ रुपये था, जो जून तिमाही में बढ़कर 396 करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी इसमें 154% की बढ़ोतरी हुई।

EBITDA मार्च तिमाही में 27 करोड़ रुपये के घाटे में था, लेकिन जून तिमाही में 78 करोड़ रुपये के मुनाफे पर पहुंच गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी मार्च तिमाही में 37 करोड़ रुपये के नुकसान से निकलकर जून तिमाही में 41 करोड़ रुपये के फायदे में आ गया।

मानसून की देरी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन

बेस्ट एग्रोलाइफ के मैनेजिंग डायरेक्टर विमल कुमार ने कहा कि इस बार मानसून देर से आया। कई इलाकों में बारिश भी बराबर नहीं हुई। इसका असर खरीफ की बुवाई और फसल सुरक्षा वाले उत्पादों की मांग पर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी ने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की।

उनके मुताबिक Bestman, Fetagen, Warden Extra और Ronfen जैसे प्रोडक्ट्स की मांग मजबूत रही। हाल में लॉन्च किए गए Fluzam और Cubax Power Extra को भी बाजार में अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

आगे भी ग्रोथ की उम्मीद

बेस्ट एग्रोलाइफ को उम्मीद है कि अब मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ खरीफ सीजन में मांग भी तेज होगी।

कंपनी का कहना है कि वह नए प्रोडक्ट्स, बाजार विस्तार और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस बनाए रखेगी। इससे आने वाली तिमाहियों में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

बेस्ट एग्रोलाइफ के शेयर

बेस्ट एग्रोलाइफ का गुरुवार को 1.49% की गिरावट के साथ 16.49 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 6.87% चढ़ा है। हालांकि, बीते 6 महीने इसने 12.98% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 586.21 करोड़ रुपये है।

बेस्ट एग्रोलाइफ कृषि रसायन (Agrochemicals) सेक्टर की कंपनी है। यह फसल सुरक्षा के लिए कीटनाशक, खरपतवारनाशक, फफूंदनाशक और अन्य क्रॉप प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।