Q1 Results: अग्रवाल टफन्ड ग्लास का रेवेन्यू 23% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ पहुंची

Agarwal Toughened Glass Q1 Results: टफन्ड, लैमिनेटेड, इंसुलेटेड और सेफ्टी ग्लास बनाने वाली कंपनी Agarwal Toughened Glass India Ltd ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.86% बढ़कर ₹34.40 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹28 करोड़ था।

ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ पर पहुंची

30 जून 2026 तक कंपनी की एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ रही। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने ₹95 करोड़ का रेवेन्यू और ₹22 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

किन वजहों से बढ़ा कारोबार?

कंपनी ने बताया कि आर्किटेक्चरल, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैल्यू-एडेड ग्लास प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग से कारोबार को सहारा मिला। ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है। साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश भी किया जा रहा है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

अग्रवाल टफन्ड ग्लास के प्रमोटर और होल-टाइम डायरेक्टर महेश अग्रवाल ने कहा कि FY27 की शुरुआत सकारात्मक रही है। मजबूत ऑर्डर बुक और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस से कारोबार को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कंपनी ने पूंजी भी जुटाई है। इससे बैलेंस शीट और मजबूत हुई है। अब कंपनी अगले चरण की ग्रोथ के लिए तैयार है।

आगे की क्या रणनीति है?

कंपनी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करने पर काम कर रही है। फोकस इंसुलेटेड ग्लास, लैमिनेटेड ग्लास और जंबो ग्लास जैसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर रहेगा। कंपनी प्रीमियम कमर्शियल बिल्डिंग, एयरपोर्ट, मेट्रो रेल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।

मुनाफा बढ़ाने पर रहेगा फोकस

अग्रवाल टफन्ड ग्लास का लक्ष्य बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के जरिए मार्जिन बढ़ाना है। साथ ही कच्चे माल और बिजली की लागत को नियंत्रित करने के लिए सोर्सिंग और एनर्जी एफिशिएंसी में सुधार किया जाएगा। कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार भी करना चाहती है, ताकि नए बाजारों में तेजी से और कम लागत पर डिलीवरी की जा सके।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BSE के शेयरों में 38% तेजी की उम्मीद, PL Capital ने ₹4850 का टारगेट दिया

BSE Share Price: शेयर बाजार की प्रमुख एक्सचेंज BSE Ltd के नतीजे मजबूत रहे। ब्रोकरेज फर्म PL Capital इस शेयर को लेकर अब भी काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,850 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 38% की संभावित तेजी का संकेत देता है।

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?

PL Capital का मानना है कि BSE का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी को कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और StAR MF प्लेटफॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा डेटा सर्विसेज, इंडेक्स बिजनेस, कॉरपोरेट बॉन्ड, NPS और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे नए कारोबार भी आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं।

जून तिमाही में कैसे रहे नतीजे?

जून तिमाही में BSE का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,566 करोड़ हो गया। EBITDA 70% बढ़कर ₹1,213 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹873 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी करीब 71% रहा, जो ऑपरेटिंग मजबूती को दिखाता है।

आगे क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में मामूली कटौती की है। इसकी वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बदलाव और प्रोपराइटरी ट्रेडिंग से जुड़े नियामकीय प्रभाव हैं। इसके बावजूद कंपनी की कमाई को लेकर भरोसा कायम है। PL Capital ने FY27 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 27% और शुद्ध मुनाफे में 28% की वृद्धि का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ब्रोकरेज का मानना है कि BSE की ग्रोथ सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर नहीं है। कंपनी लगातार नए कारोबार जोड़ रही है और अपने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग और ₹4,850 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, निवेशकों को नियामकीय बदलाव और बाजार की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनका असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE के शेयर बुधवार को 2.96% की गिरावट के साथ ₹3,511 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 7.67% टूटा है। हालांकि, बीते 6 महीने के दौरान इसमें 21.40% और 1 साल में 48.32% की तेजी आई है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 2,495% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty फ्लैट, Sensex में 152 अंकों की बढ़त, दो सेक्टर्स के दम पर बरसे ₹1 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes green: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई लेकिन मुनाफावसूली और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रास्ता बंद रहने पर ईरान को कड़े हमले की चेतावनी में मार्केट ने अधिकतर बढ़त गंवा दी। शुरुआती बढ़त गंवाते हुए सेंसेक्स डे-हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी फिसलकर 24500 के नीचे आ गया। हालांकि निचले स्तर पर इनमें थोड़ी रिकवरी हुई और ये ग्रीन जोन में बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज 0.18% की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.76% की मजबूती आई है।

सेक्टरवाइज आज पीएसयू बैंकिंग और ऑटो सेक्टर ने मार्केट को काफी सपोर्ट किया। निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी पीएसयू बैंक आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान ने सरकारी बैंकों के शेयरों की चमक बढ़ाई है। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,055.38 के हाई से 769.64 प्वाइंट्स टूटकर 78,285.74 और निफ्टी 24,677.60 प्वाइंट्स से 179.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,497.95 तक आ गया। इस गिरावट से पहले सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स और निफ्टी 62.70 चढ़ गया था।

₹1.03 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 4 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,15,078.89 करोड़ था। आज यानी 5 अगस्त 2026 को यह बढ़कर ₹4,92,18,206.44 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹103,127.55 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 18 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 18 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी और एसबीआई में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट टीसीएस और एचसीएलटेक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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202 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4448 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2310 शेयर आज मजबूत हुए तो 1923 में गिरावट रही जबकि 215 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 202 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

REPO Rate के ऐलान से पहले Sensex में 600 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty पहुंचा 24600 के पार

Share Market Rally: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई तो बाजारों में रौनक छा गई। घरेलू स्टॉक मार्केट में भी सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से ऊपर चढ़ गया और निफ्टी भी 24600 के पार चला गया। मार्केट में यह रौनक उस दिन आई है, जब आरबीआई (RBI) रेपो रेट (REPO Rate) को लेकर ऐलान करने वाला है। ब्रोडर लेवल पर भी आज शानदार रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 371.98 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 78,800.93 और निफ्टी (Nifty) 7.95 प्वाइंट्स यानी 0.03% के उछाल के साथ 24,622.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 626.43 प्वाइंट्स चढ़कर 79,055.38 और निफ्टी 62.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,677.60 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच जल्द सौदे की उम्मीद

अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। इसने जियो-पॉलिटिकल टेंशन के हल्के होने के आसार बढ़ा दिए हैं जिससे भारत समेत अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक छा गई।

कच्चे तेल में गिरावट

होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 5% से ज्यादा गिरकर $79 के पास आ गया है। इससे मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

सरकारी बैंकों और ऑटो सेक्टर से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को ऑटो और सरकारी बैंकों से मजबूत सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की बढ़त है। जुलाई महीने के मजबूत सेल्स डेटा पर ऑटो सेक्टर और आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान से पहले सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।

डॉलर इंडेक्स में नरमी

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा हैं संकेत, RBI की पॉलिसी पर नजर

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। वॉल स्ट्रीट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने , कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण एशियाई बाजारों में तेजी के बाद GIFT निफ्टी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। आज सबकी नजरें RBI के पॉलिसी फ़ैसले पर होंगी, जिससे बैंकों, NBFCs, ऑटो और रियल्टी जैसे ब्याज दरों से असर पड़ने वाले सेक्टर के शेयरों पर ध्यान रहेगा।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 165 अंक या 0.67 फीसदी की बढ़त के साथ 24,745 पर ट्रेड कर रहा था, जो यह संकेत देता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,614.90 के क्लोजिंग स्तर से काफी ऊपर खुल सकता है। बाजार के सकारात्मक शुरुआत के संकेत तब आए हैं जब भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने मंगलवार को लगातार चार सत्रों की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया था। सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर आ गया, जबकि निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। RBI के पॉलिसी फैसले और साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

एशियाई बाजारों में तेजी, वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड ऊंचाई पर

बुधवार को एशियाई इक्विटी में वैश्विक तेजी जारी रही, क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की अच्छी कमाई और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की उम्मीदों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। जापान का निक्केई 225 3 फीसदी बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4 फीसदी चढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 1.5 फीसदी ऊपर चढ़ा।

शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी फ्यूचर्स मिले-जुले रहे, जिसमें बेंचमार्क के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी ऊपर चढ़े।

अमेरिकी इक्विटी में रात भर आई तेजी के बाद वैश्विक धारणा में काफी सुधार हुआ। अच्छी कॉर्पोरेट कमाई और जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डॉव 1.71 प्रतिशत चढ़ा, जबकि S&P 500 में 1.79 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 2.59 फीसदी की बढ़त हुई। पैलांटिर टेक्नोलॉजीज और कैटरपिलर जैसी AI से जुड़ी कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों और सालाना अनुमानों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ावा दिया।

तेल की कीमतों में गिरावट जारी

पिछले सेशन में 5 प्रतिशत से ज़्यादा गिरने के बाद कच्चे तेल की कीमतें दबाव में रहीं, क्योंकि US-ईरान विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट के डर को कम कर दिया। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर $79.02 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.5 फीसदी गिरकर $75.35 पर आ गया।

RBI के पॉलिसी फैसले पर नज़र

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीद और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार के निकट-अवधि के नजरिए को मजबूत किया है, जबकि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से भी बाजार की धारणा को मजबूती मिल रही है।

पोनमुडी ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बुधवार को आने वाले RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले पर है। बाजार के प्रतिभागी महंगाई, लिक्विडिटी, ग्रोथ और व्यापक पॉलिसी आउटलुक पर केंद्रीय बैंक की टिप्पणी पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GACM Technologies का ₹15 करोड़ का MoU, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर बढ़ाएगी फोकस

GACM Technologies: टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी GACM Technologies ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए Meridian Intelligence Private Limited के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी की कुल संभावित वैल्यू ₹15 करोड़ है। कंपनी का कहना है कि इससे उसकी टेक्नोलॉजी क्षमताएं मजबूत होंगी और लंबे समय में नए रेवेन्यू के अवसर बनेंगे।

2028 तक रहेगा समझौता

कंपनी के मुताबिक, यह MoU 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत दोनों कंपनियां भविष्य में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करेंगी। जरूरत के मुताबिक आगे अलग-अलग बाध्यकारी समझौते भी किए जाएंगे।

टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो होगा मजबूत

GACM Technologies का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद कंपनी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पोर्टफोलियो को मजबूत करना है। साथ ही नए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करना, ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना और कारोबार का विस्तार करना भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जे. वी. तिरुपति राव ने कहा कि Meridian Intelligence के साथ यह साझेदारी GACM Technologies की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षमताओं को नई मजबूती देगी। इससे कंपनी को स्केलेबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करने, बाजार में मौजूदगी बढ़ाने और लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?

वित्त वर्ष 2025-26 में GACM Technologies का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹22.94 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹14.58 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹4.12 करोड़ से बढ़कर ₹8.60 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि यह बेहतर ऑपरेशनल और टिकाऊ ग्रोथ रणनीति का नतीजा है।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Best Agrolife Share: 3 दिन में 36% उछला एग्रोकेमिकल स्टॉक, दमदार रिजल्ट से निवेशकों में खरीदने की होड़

Best Agrolife Share: एग्रोकेमिकल कंपनी बेस्ट एग्रोलाइफ के शेयरों में जून तिमाही के नतीजों के बाद जोरदार तेजी आई है। यह स्टॉक रिजल्ट के बाद तीन कारोबारी सत्र में करीब 36% चढ़ चुका है। वहीं, बीते 5 दिनों में इसने 46% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

मंगलवार को भी स्टॉक 20% के अपर सर्किट के साथ 22.66 रुपये पर बंद हुआ। इसकी वजह जून तिमाही में मुनाफे का डबल होना और मैनेजमेंट का आने वाली तिमाहियों को लेकर सकारात्मक रुख है।

मार्जिन और मुनाफे में जोरदार उछाल

जून तिमाही में Best Agrolife का मुनाफा तेजी से बढ़ा। कंपनी का रेवेन्यू 4% बढ़कर 396 करोड़ रुपये रहा। लेकिन असली मजबूती मुनाफे में दिखी। EBITDA 70% बढ़कर 78 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 12% से बढ़कर 20% हो गया।

शुद्ध मुनाफा (PAT) भी दोगुना होकर 41 करोड़ रुपये रहा। ग्रॉस मार्जिन 29% से बढ़कर 37% पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, कीमतों में चुनिंदा बढ़ोतरी और लागत पर नियंत्रण की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

पेटेंटेड प्रोडक्ट्स पर बढ़ा फोकस

बेस्ट एग्रोलाइफ का पेटेंटेड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो लगातार मजबूत हो रहा है। इस तिमाही में इसकी वॉल्यूम 37% बढ़ी। वहीं, ब्रांडेड बिक्री में पेटेंटेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 45% से बढ़कर 64% हो गई। डीलरों को ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की बिक्री भी 13% बढ़ी। कंपनी ने तीन नए पेटेंटेड प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं, जिससे कुल पोर्टफोलियो 12 प्रोडक्ट्स का हो गया है।

मैनेजमेंट का कहना है कि किसानों से अच्छा फीडबैक मिल रहा है और रिपीट ऑर्डर भी बढ़ रहे हैं। मानसून में देरी और फसल की धीमी शुरुआती बढ़त से खरीफ सीजन की शुरुआत कमजोर रही। लेकिन अब दूसरी तिमाही से मांग में सुधार की उम्मीद है।

कंपनी की रणनीति आगे क्या है?

मैनेजमेंट का फोकस फिलहाल कारोबार को स्थिर करने और मुनाफा बढ़ाने पर है। इसी वजह से CAPEX योजना को अभी टाल दिया गया है। कंपनी ने 60 करोड़ रुपये का सेल्स रिटर्न प्रावधान भी किया है। साथ ही वर्किंग कैपिटल सुधारने के लिए इन्वेंट्री घटाकर 764 करोड़ रुपये कर दी गई है।

कंपनी को आगे 10% से 15% की CAGR रेवेन्यू ग्रोथ और 13% से 14% के टिकाऊ EBITDA मार्जिन की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी विस्तार जारी है। नेपाल, थाईलैंड, वियतनाम और मेक्सिको में नए प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन मिले हैं, जबकि श्रीलंका में पेटेंटेड प्रोडक्ट्स को फास्ट-ट्रैक मंजूरी मिली है।

Best Agrolife Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 104% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q1 Results: सरकारी कंपनी Dredging Corporation of India ने जून तिमाही में मजबूत वापसी की है। कंपनी को इस तिमाही में ₹11.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹23.33 करोड़ का घाटा हुआ था।

जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 46.7% बढ़कर ₹355.4 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹242.2 करोड़ था। वहीं, कुल आय बढ़कर ₹356.5 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹243.3 करोड़ थी।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

Dredging Corporation का EBITDA 32% बढ़कर ₹62 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹47 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 19.36% से घटकर 17.42% रह गया। इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन लागत उससे तेज रफ्तार से बढ़ी।

पोर्ट और जलमार्ग परियोजनाओं से मिला सहारा

यह सरकारी कंपनी बंदरगाहों और जलमार्गों से जुड़ी ड्रेजिंग सेवाएं देती है। सरकार के पोर्ट आधुनिकीकरण, समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर और जलमार्ग विकास पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिल रहा है। इससे कारोबार में तेजी देखने को मिली।

मार्जिन पर रहेगी नजर

कंपनी मुनाफे में लौट आई है। लेकिन EBITDA मार्जिन में गिरावट निवेशकों के लिए अहम संकेत है। आगे कंपनी की कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि वह बढ़ते रेवेन्यू के साथ लागत, ईंधन खर्च, रखरखाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को कितनी अच्छी तरह संभाल पाती है।

शेयरों का हाल

मंगलवार को Dredging Corporation of India का शेयर 2.95% की बढ़त के साथ ₹1,128.90 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। हालांकि, बीते 1 साल में इसने 69.45% का तगड़ा रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 3.16 हजार करोड़ रुपये है।

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