Gift Nifty Indicator: ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच क्या हरे निशान में खुलेंगे भारतीय बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator:  कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, US-ईरान शांति समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीदें और घरेलू कंपनियों की अच्छी कमाई का माहौल भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकता है। हालांकि एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। यहीं कारण है कि 6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद GIFT निफ्टी पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है।

सुबह लगभग 7:45 बजे GIFT निफ्टी 58.5 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 24,693 पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि निफ्टी 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग लेवल से ऊपर खुल सकता है। यह पॉजिटिव संकेत भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के बुधवार के सेशन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 फीसदी बढ़कर 78,581.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर पहुंचा और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद 24,600 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार की जोरदार तेजी के बाद एशियाई इक्विटी में सुस्ती देखी गई, जिसमें वॉल स्ट्रीट में रात भर की कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 1.57 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.64 फीसदी नीचे आया क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों पर दबाव था। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 2.44 फीसदी की गिरावट आई, जबकि SK हाइनिक्स लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया।

US बाजार रात भर मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में प्रगति को लेकर उम्मीद टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी पर भारी पड़ी। डाउ में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि तिमाही नतीजों के बाद स्पेसएक्स और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

तेल की कीमतों में नरमी

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान बातचीत में हुई प्रगति से अंततः अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.35 प्रतिशत गिरकर 74.96 डॉलर पर आ गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिसी फैसले के बाद, अब निवेशकों का ध्यान अप्रैल-जून तिमाही के जारी अर्निंग्स सीजन (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर लौटने की उम्मीद है। कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल के मुख्य कारण बने रहेंगे, जबकि मध्य पूर्व से जुड़ी वैश्विक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव व्यापक बाजार धारणा को प्रभावित करते रहेंगे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को लगातार छह सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर (शुद्ध विक्रेता) बन गए, तथा 943 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए,6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद दिख रही है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,643.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार के कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद निफ्टी 24600 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581.00 पर और निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 प्रतिशत बढ़कर 24,624.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:55 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 63.50 अंक यानी 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 24,696.50 के स्तर पर दिख रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 1.47 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि,स्ट्रेट टाइम्स में 0.88 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 1.70 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 0.85 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 4.28 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हालांकि, शांघाई कंपोजिट में 0.41 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

अमेरिकी बाजार

बुधवार को ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में प्रगति के संकेतों के बीच डाओ जोन्स रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ,जबकि तिमाही नतीजों के बाद SpaceX और AMD के शेयरों में गिरावट के कारण नैस्डैक (Nasdaq) में पिछले पांच सत्रों में पहली बार गिरावट नजर आई। कारोबार के अंत में डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 263.18 अंक या 0.49% बढ़कर 54,349.06 पर बंद हुआ। S&P 500 में 13.00 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,723.52 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 221.55 अंक या 0.83% गिरकर 26,363.44 पर सेटल हुआ।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार के शुरुआती कारोबार में डॉलर इंडेक्स दूसरी बड़ी मुद्राओं के मुकाबले सपाट दिख रहा था। फिलहाल ये 99.67 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 4.61% पर सपाट दिख रही है। वहीं, 2 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मामूली बढ़त के साथ 4.18% पर आ गई है।

एशियाई करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त देखने को मिल रही है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.524% की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (+0.313%) और थाई बाहत (+0.203%) का नंबर है। ताइवान डॉलर,मलेशियाई रिंगित,फिलीपीन पेसो,सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में भी थोड़ी बढ़त दिख रही है। दूसरी तरफ चीनी रेनमिनबी एकमात्र ऐसी करेंसी है जिसमें गिरावट आई है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.018% नीचे दिख रहा है।

FII और DII फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5 अगस्त को लगातार छह सत्रों से जारी अपनी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (नेट सेलर बन गए)। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बॉयर रहे।

 

Stocks to Watch: 6 अगस्त को इन 18 स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 6 अगस्त के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े ऑर्डर, शेयर बायबैक, USFDA अपडेट और मैनेजमेंट की अहम घोषणाओं से जुड़े स्टॉक्स शामिल हैं। ऐसे में इन 18 कंपनियों के शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर का असर कम होने के साथ अगले 2-3 वर्षों में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और CASA रेशियो बेहतर होगा। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने AGM में कहा कि मर्जर के बाद बैलेंस शीट की संरचना बदली है, जिसका असर खत्म होने में कुछ समय लगेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 25.2% बढ़कर 1,032 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 16.3% बढ़कर 9,150.3 करोड़ रुपये और EBITDA 1,881 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर रहे, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 21% हो गया।

Neuland Laboratories

फार्मा कंपनी Neuland Laboratories का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 14 करोड़ रुपये से बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 292.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 641.5 करोड़ रुपये रही। EBITDA 34.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया।

Bikaji Foods International

पैकेज्ड फूड कंपनी Bikaji Foods International का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में मामूली 0.4% बढ़कर 60.1 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 12.5% बढ़कर 734.3 करोड़ रुपये हो गई। बढ़ती ऑपरेटिंग लागत की वजह से कंपनी के मुनाफे की रफ्तार सीमित रही।

Biocon

फार्मा कंपनी Biocon का शुद्ध मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 141 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 19.43% से बढ़कर 19.54% हो गया।

JK Lakshmi Cement

सीमेंट कंपनी JK Lakshmi Cement का शुद्ध मुनाफा 150 करोड़ रुपये से घटकर 108 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 9.4% बढ़कर 1,905 करोड़ रुपये रही। EBITDA 311.2 करोड़ रुपये से घटकर 258.7 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 17.9% से घटकर 13.6% पर आ गया।

PB Fintech

फिनटेक कंपनी PB Fintech का शुद्ध मुनाफा 85 करोड़ रुपये से बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 40.1% बढ़कर 1,888.2 करोड़ रुपये रही। EBITDA 34.22 करोड़ रुपये से बढ़कर 139.1 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 2.54% से बढ़कर 7.37% हो गया।

Navin Fluorine

स्पेशलिटी केमिकल कंपनी Navin Fluorine का शुद्ध मुनाफा 117.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 243.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 44.1% बढ़कर 1,045.1 करोड़ रुपये रही। EBITDA 206 करोड़ रुपये से बढ़कर 357 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 28.5% से बढ़कर 34.2% हो गया।

Godrej Agrovet

एग्री-इनपुट कंपनी Godrej Agrovet का शुद्ध मुनाफा 149 करोड़ रुपये से घटकर 128.3 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 9.2% बढ़कर 2,855.2 करोड़ रुपये रही। EBITDA 269.6 करोड़ रुपये से घटकर 240.1 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 10.32% से घटकर 8.41% पर आ गया।

Bayer CropScience

एग्रोकेमिकल कंपनी Bayer CropScience का शुद्ध मुनाफा 278.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 321.6 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 4.2% घटकर 1,835 करोड़ रुपये रही। EBITDA 5.5% बढ़कर 367.6 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 20% हो गया।

Aster DM

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM का शुद्ध मुनाफा 85.5 करोड़ रुपये से घटकर 16.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 21.6% बढ़कर 1,311 करोड़ रुपये रही। EBITDA 27.5% बढ़कर 264.3 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 19.2% से बढ़कर 20.2% हो गया।

GMM Pfaudler

इंजीनियरिंग कंपनी GMM Pfaudler का शुद्ध मुनाफा 55.1 करोड़ रुपये से घटकर 4.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.4% बढ़कर 924.8 करोड़ रुपये रही। EBITDA 7.1% घटकर 94 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 12.7% से घटकर 10.1% पर आ गया।

NBCC

सरकारी कंपनी NBCC को 801.20 करोड़ रुपये के दो नए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) ऑर्डर मिले हैं। इनमें RBI से 780.38 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसके तहत अमरावती में ऑफिस और आवासीय परिसर बनाए जाएंगे। वहीं, ओडिशा में छात्रावास निर्माण के लिए कंपनी को 20.82 करोड़ रुपये का एक और ऑर्डर मिला है।

SIS Ltd

सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS Ltd का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 9.4% बढ़कर 101.7 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 29.7% बढ़कर 4,603.6 करोड़ रुपये और EBITDA 36.2% बढ़कर 207.1 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने 106 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक का भी ऐलान किया।

Cummins India

इंजन निर्माता Cummins India का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 589 करोड़ रुपये से घटकर 543 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 17.9% बढ़कर 3,426 करोड़ रुपये रही। EBITDA 616.2 करोड़ रुपये से घटकर 609.2 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 21.5% से घटकर 18% पर आ गया।

RMC Switchgears

इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RMC Switchgears को अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 333.8 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। नए ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी। इससे आने वाले समय में कारोबार को सहारा मिलने की उम्मीद है।

Cohance Lifesciences

फार्मा कंपनी Cohance Lifesciences को हैदराबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के निरीक्षण के बाद अमेरिकी दवा नियामक USFDA से Form 483 मिला है। निरीक्षण के दौरान एजेंसी ने पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए हैं। अब कंपनी इन टिप्पणियों का जवाब देगी।

तिमाही नतीजे 5 अगस्त

आज कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Advent Hotels International, The Anup Engineering, Aegis Logistics, Apollo Tyres, Bajaj Electricals, BirlaNu, BLS E-Services और Blue Star शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों और बाजार की नजर रहेगी।

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: फार्मा कंपनी का प्रॉफिट 10 गुना बढ़ा, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: फार्मा कंपनी न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने जून तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी दोगुना से ज्यादा होकर 641.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 292.7 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार

जून तिमाही में EBITDA बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 34.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है।

कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 650.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 300.6 करोड़ रुपये थी। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 17.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 197.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 147.4 करोड़ रुपये हो गया।

CMS और GDS कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सहर्ष दावुलुरी ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक रहा। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CMS) और जेनेरिक ड्रग सब्सटेंस (GDS) कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कमर्शियल प्रोडक्ट्स से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आई। साथ ही प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। ग्राहकों की दिलचस्पी भी कंपनी की व्यापक क्षमताओं में बढ़ रही है।

विस्तार पर रहेगा फोकस

न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने कहा कि वह API, जटिल मॉलिक्यूल्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, नए प्रोडक्ट्स के सफल कमर्शियल लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर निर्भर करेगा।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को NSE पर न्यूलैंड लेबोरेटरीज का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ 20,049 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 51.86% चढ़ा है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 1,081% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.72 हजार करोड़ रुपये है।

HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 349% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी बायोकॉन ने 5 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा बढ़कर 141 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का प्रॉफिट करीब 349% उछला है।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,942 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 766.1 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी मामूली बढ़कर 19.54% हो गया, जो एक साल पहले 19.43% था।

ग्रॉस EBITDA 902 करोड़ रुपये रहा। इसका मार्जिन 21% रहा। कंपनी ने कहा कि बायोफार्मा कारोबार में बेहतर मुनाफे की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

बायोफार्मा कारोबार ने कमाल किया

बायोकॉन का बायोफार्मा कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन रहा। इस कारोबार की रेवेन्यू 17% बढ़कर 3,615 करोड़ रुपये पहुंच गई। बायोसिमिलर कारोबार की रेवेन्यू 16% बढ़कर 2,855 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, जेनेरिक दवाओं की रेवेन्यू 21% बढ़कर 760 करोड़ रुपये रही।

कंपनी ने कहा कि नए बायोसिमिलर और जेनेरिक प्रोडक्ट लॉन्च होने से यह बढ़त मिली। हालांकि, सर्विसेज कारोबार दबाव में रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू 16% घटकर 736 करोड़ रुपये रह गई।

फाइनेंस कॉस्ट घटी, R&D खर्च बढ़ा

बैलेंस शीट मजबूत करने की रणनीति के चलते कंपनी का ब्याज खर्च 23% घटकर 213 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च 17% बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गया।

अमेरिका और यूरोप में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च

बायोकॉन के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीहास तांबे ने कहा कि कंपनी ने तिमाही के दौरान अमेरिका और यूरोप समेत विकसित बाजारों में कई प्रो़डक्ट लॉन्च किए। साथ ही उभरते बाजारों में नए प्रोडक्ट और साझेदारियों के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कि कंपनी को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगी। इसका असर दूसरी छमाही के नतीजों में साफ दिखाई देगा।

बायोकॉन की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि कंपनी अब रणनीतिक निवेश को टिकाऊ ग्रोथ में बदलने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि बायोसिमिलर के लिए बेहतर नीति माहौल और अमेरिका में बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

बायोकॉन के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को बायोकॉन का शेयर 0.76% की बढ़त के साथ 425.20 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक यह करीब 10% चढ़ चुका है। वहीं, पिछले एक साल में इसने 14% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

Berger Paints Q1 Results: प्रॉफिट 21 फीसदी बढ़कर 404 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank AGM: देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत है। इसे आगे और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों में CASA (करंट अकाउंट-सेविंग अकाउंट) रेशियो और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होगा।

मर्जर से बैलेंस शीट का स्ट्रक्चर बदला

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर के बाद बैंक की बैलेंस शीट के स्ट्रक्चर में बदलाव आया है। इसका सबसे ज्यादा असर CASA रेशियो और NIM पर पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘हम डिपॉजिट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। साथ ही कंजम्प्शन आधारित कारोबार पर फोकस बढ़ा रहे हैं। हमें भरोसा है कि अगले 2-3 वर्षों में CASA और NIM दोनों में सुधार होगा।’

पहली बार AGM में किया संबोधन

राजीव कुमार ने 5 अगस्त को बैंक की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को संबोधित किया। यह उनका चेयरमैन के तौर पर पहला संबोधन था।

उन्होंने कहा कि बैंक की कार्यसंस्कृति मजबूत है। आंतरिक नियंत्रण प्रणाली भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने शेयरधारकों, ग्राहकों और सभी हितधारकों के भरोसे की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बैंक के कामकाज का तरीका और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है। इसे आगे और सशक्त बनाया जाएगा।’

पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे के बाद आया बयान

राजीव कुमार का यह बयान अहम माना जा रहा है। मार्च में तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मूल्यों में मतभेद की बात कही थी। इसके बाद स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई। जून में आई रिपोर्ट में किसी तरह की गवर्नेंस या नैतिक चूक के सबूत नहीं मिले।

CEO के तीसरे कार्यकाल पर चुप्पी

राजीव कुमार ने कहा कि बोर्ड में नई नियुक्तियां सिर्फ मेरिट के आधार पर होंगी। उन्होंने कहा कि योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

हाल के महीनों में MD और CEO शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा रही है। हालांकि, राजीव कुमार ने अपने संबोधन में इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया।

 

डिपॉजिट ग्रोथ रही मजबूत

राजीव कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में HDFC बैंक के डिपॉजिट में 14.4% की बढ़ोतरी हुई। यह पूरे बैंकिंग सिस्टम की 11.5% वृद्धि से बेहतर रही। वहीं, इसी अवधि में बैंक के एडवांस (लोन) 12.1% बढ़े।

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC बैंक से पहली बार होम लोन लेने वाले 95% से ज्यादा ग्राहक बैंक में सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं। इससे मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़े हैं।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

HDFC बैंक के शेयर बुधवार को 0.99% की गिरावट के साथ 734.65 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.47% गिरा है। वही, 1 साल के दौरान 25.70% टूटा है। पिछले 5 साल का रिटर्न भी 1.56% नेगेटिव हो गया है। बैंक का मार्केट कैप 5.65 लाख करोड़ रुपये है।

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: अग्रवाल टफन्ड ग्लास का रेवेन्यू 23% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ पहुंची

Agarwal Toughened Glass Q1 Results: टफन्ड, लैमिनेटेड, इंसुलेटेड और सेफ्टी ग्लास बनाने वाली कंपनी Agarwal Toughened Glass India Ltd ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.86% बढ़कर ₹34.40 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹28 करोड़ था।

ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ पर पहुंची

30 जून 2026 तक कंपनी की एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक ₹55 करोड़ रही। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने ₹95 करोड़ का रेवेन्यू और ₹22 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

किन वजहों से बढ़ा कारोबार?

कंपनी ने बताया कि आर्किटेक्चरल, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैल्यू-एडेड ग्लास प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग से कारोबार को सहारा मिला। ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है। साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश भी किया जा रहा है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

अग्रवाल टफन्ड ग्लास के प्रमोटर और होल-टाइम डायरेक्टर महेश अग्रवाल ने कहा कि FY27 की शुरुआत सकारात्मक रही है। मजबूत ऑर्डर बुक और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस से कारोबार को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कंपनी ने पूंजी भी जुटाई है। इससे बैलेंस शीट और मजबूत हुई है। अब कंपनी अगले चरण की ग्रोथ के लिए तैयार है।

आगे की क्या रणनीति है?

कंपनी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करने पर काम कर रही है। फोकस इंसुलेटेड ग्लास, लैमिनेटेड ग्लास और जंबो ग्लास जैसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर रहेगा। कंपनी प्रीमियम कमर्शियल बिल्डिंग, एयरपोर्ट, मेट्रो रेल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।

मुनाफा बढ़ाने पर रहेगा फोकस

अग्रवाल टफन्ड ग्लास का लक्ष्य बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के जरिए मार्जिन बढ़ाना है। साथ ही कच्चे माल और बिजली की लागत को नियंत्रित करने के लिए सोर्सिंग और एनर्जी एफिशिएंसी में सुधार किया जाएगा। कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार भी करना चाहती है, ताकि नए बाजारों में तेजी से और कम लागत पर डिलीवरी की जा सके।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BSE के शेयरों में 38% तेजी की उम्मीद, PL Capital ने ₹4850 का टारगेट दिया

BSE Share Price: शेयर बाजार की प्रमुख एक्सचेंज BSE Ltd के नतीजे मजबूत रहे। ब्रोकरेज फर्म PL Capital इस शेयर को लेकर अब भी काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,850 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 38% की संभावित तेजी का संकेत देता है।

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?

PL Capital का मानना है कि BSE का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी को कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और StAR MF प्लेटफॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा डेटा सर्विसेज, इंडेक्स बिजनेस, कॉरपोरेट बॉन्ड, NPS और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे नए कारोबार भी आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं।

जून तिमाही में कैसे रहे नतीजे?

जून तिमाही में BSE का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,566 करोड़ हो गया। EBITDA 70% बढ़कर ₹1,213 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹873 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी करीब 71% रहा, जो ऑपरेटिंग मजबूती को दिखाता है।

आगे क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में मामूली कटौती की है। इसकी वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बदलाव और प्रोपराइटरी ट्रेडिंग से जुड़े नियामकीय प्रभाव हैं। इसके बावजूद कंपनी की कमाई को लेकर भरोसा कायम है। PL Capital ने FY27 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 27% और शुद्ध मुनाफे में 28% की वृद्धि का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ब्रोकरेज का मानना है कि BSE की ग्रोथ सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर नहीं है। कंपनी लगातार नए कारोबार जोड़ रही है और अपने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग और ₹4,850 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, निवेशकों को नियामकीय बदलाव और बाजार की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनका असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE के शेयर बुधवार को 2.96% की गिरावट के साथ ₹3,511 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 7.67% टूटा है। हालांकि, बीते 6 महीने के दौरान इसमें 21.40% और 1 साल में 48.32% की तेजी आई है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 2,495% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 हजार करोड़ रुपये है।

₹1.6 लाख सैलरी पर ₹1.85 लाख EMI! F&O ट्रेडिंग के चक्कर में लगा ₹60 लाख का चूना, चौंका देगी आईटी प्रोफेशनल की ये स्टोरी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।