निफ्टी में हेरफेर से आखिरी समय में जोरदार तेजी आई? 3 और 4 अगस्त के ट्रेड्स की जांच कर रहा SEBI

मार्केट रेगुलेटर SEBI 3 और 4 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान हुए ट्रेड्स की जांच कर रहा है। रेगुलेटर यह पता लगाना चाहता है कि कहीं क्लोजिंग प्राइस या इंडेक्स में हेरफेर तो नहीं किया गया। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, SEBI ने दोनों दिनों का ट्रेडिंग डेटा स्टॉक एक्सचेंजों से मांगा था। एक्सचेंज डेटा दे चुके हैं। अब नियामक उसकी जांच कर रहा है।

क्या देख रहा है SEBI?

SEBI यह समझना चाहता है कि CAS शुरू होने से पहले और उसके बाद इंडेक्स में जो बड़ा अंतर दिखा, वह सामान्य था या किसी ने जानबूझकर क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित किया।

3 अगस्त को CAS के पहले दिन निफ्टी 3:28 बजे करीब 24,573 पर था। सिर्फ दो मिनट में यह 201 अंक उछलकर 24,774 पर पहुंच गया।

इसी तरह 4 अगस्त को 3 बजे निफ्टी 24,463 के आसपास था। 3:15 बजे तक यह 152 अंक चढ़कर 24,615 पर पहुंच गया। इन तेज बदलावों के बाद बाजार में सवाल उठने लगे।

हेरफेर की आशंका क्यों?

बाजार के जानकारों का कहना है कि CAS के दौरान ट्रेडिंग कम होती है। ऐसे में कम कारोबार वाले शेयरों या इंडेक्स में बड़ी खरीद-बिक्री करके क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करना आसान हो सकता है।

उदाहरण के लिए, कोई बड़ा निवेशक पहले इंडेक्स में पोजिशन बना सकता है। फिर CAS के दौरान बड़ी खरीदारी करके इंडेक्स को ऊपर धकेलने की कोशिश कर सकता है। एक्सपायरी वाले दिन ऐसा जोखिम और बढ़ सकता है।

लेकिन साबित करना आसान नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ किसी ट्रेड से इंडेक्स ऊपर-नीचे हुआ, इससे हेरफेर साबित नहीं होता। SEBI को यह भी दिखाना होगा कि क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करने की मंशा थी और इसमें एक से ज्यादा पक्ष शामिल थे।

SEBI ने क्या कदम उठाए?

SEBI ने ब्रोकरों से कहा है कि वे रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाएं। साथ ही अपने ट्रेडिंग ऐप पर Indicative Price को साफ तौर पर दिखाएं।

सूत्रों का कहना है कि यह निगरानी पहले से तय योजना का हिस्सा है। इसका मकसद सामान्य निवेशकों को रोकना नहीं, बल्कि बाजार में निष्पक्ष और व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करना है।

Closing Auction Session (CAS) क्या है?

Closing Auction Session यानी CAS शेयर बाजार में 3:15 बजे से 3:30 बजे तक चलने वाली 15 मिनट की प्रक्रिया है। इस दौरान खरीद और बिक्री के ऑर्डर मिलाए जाते हैं। फिर ऐसा क्लोजिंग प्राइस तय होता है, जिस पर सबसे ज्यादा ट्रेड हो सकें।

SEBI ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की है ताकि क्लोजिंग प्राइस ज्यादा सटीक और पारदर्शी हो। साथ ही क्लोजिंग के समय हेरफेर की गुंजाइश कम हो और भारतीय शेयर बाजार वैश्विक मानकों के और करीब पहुंचे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Amara Raja Q1 Results: अमारा राजा का मुनाफा 15% बढ़ा, EV बैटरी कारोबार पर बड़ा दांव

Amara Raja Q1 Results: ऑटोमोटिव बैटरी बनाने वाली कंपनी Amara Raja Energy & Mobility ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 15.8% बढ़कर 191 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 165 करोड़ रुपये था।

कंपनी की रेवेन्यू 24% बढ़कर 4,214.5 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,401 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी बेहतर

तिमाही में अमारा राजा का EBITDA 11.7% बढ़कर 405.9 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 363.5 करोड़ रुपये था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 10.7% से घटकर 9.6% रह गया। यानी कमाई बढ़ी, लेकिन मार्जिन पर थोड़ा दबाव रहा।

बैटरी कारोबार से सबसे ज्यादा कमाई

अमारा राजा की सबसे ज्यादा कमाई लीड-एसिड बैटरी और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स से हुई। इस कारोबार की रेवेन्यू 3,279.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,005.24 करोड़ रुपये हो गई।

वहीं, न्यू एनर्जी बिजनेस की रेवेन्यू 121.29 करोड़ रुपये से बढ़कर 209.30 करोड़ रुपये रही। इस कारोबार का घाटा भी 35.20 करोड़ रुपये से घटकर 22.05 करोड़ रुपये रह गया। यानी नए कारोबार में भी सुधार दिखा।

EV बैटरी कारोबार में बढ़ाया निवेश

अमारा राजा ने तिमाही के दौरान अपनी सब्सिडियरी Amara Raja Advanced Cell Technologies (ARACT) में करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बाद इस कंपनी में कुल निवेश बढ़कर 1,650.01 करोड़ रुपये हो गया।

EV बैटरी सेल पर क्या है प्लान?

पिछले महीने कंपनी ने कहा था कि भारत में बनने वाली उसकी पहली EV बैटरी सेल शुरुआत में चीन की बैटरी सेल जितनी सस्ती नहीं होगी। लेकिन कंपनी का मानना है कि स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा और सरकार लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी। , इसके बाद ग्राहक भारत में बनी बैटरी के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार होंगे।

कंपनी अपनी पहली 2170 सिलेंड्रिकल बैटरी सेल लॉन्च करने जा रही है। इसे सबसे पहले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल ड्रोन और पावर टूल्स में भी किया जा सकेगा। फिलहाल कई EV कंपनियां इन बैटरी सेल का परीक्षण कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों को इन्हें अपनाने में थोड़ा समय लग सकता है।

Amara Raja शेयरों का हाल

नतीजों के बाद Amara Raja Energy & Mobility के शेयर दबाव में दिखे। कंपनी का शेयर 3.74% की गिरावट के साथ 896.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 17.05 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Raymond Realty में जबरदस्त सेलिंग, Q1 में मुनाफा घटने के बाद शेयर 10% फिसला

रेमंड रियल्टी लिमिटेड (RRL) के शेयर में 10 अगस्त को 10.5 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। बीएसई पर शेयर 617.10 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 7 अगस्त को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। उन पर बाजार आज प्रतिक्रिया दे रहा है। कंपनी का मुनाफा घटने से शेयर में बिकवाली का दबाव है। रेमंड रियल्टी का जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 13.43 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 16.50 करोड़ रुपये था।

कुल इनकम 535.71 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 391.86 करोड़ रुपये रही थी। कुल खर्च 520.54 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 370.41 करोड़ रुपये के थे। रेमंड रियल्टी ने जून 2026 तिमाही में 700 करोड़ रुपये की सेल्स बुकिंग दर्ज की, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 306 करोड़ रुपये था।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन) दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 61.2 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 29.8 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन बेहतर होकर 11.6 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 7.8 प्रतिशत था।

जुलाई 2025 में डीमर्ज होकर लिस्ट हुई थी Raymond Realty

रेमंड रियल्टी, रेमंड लिमिटेड से अलग होकर लिस्ट हुआ रियल्टी बिजनेस है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2025 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए। डीमर्जर के तहत रिकॉर्ड डेट 14 मई 2025 तक जिन शेयरहोल्डर्स के पास रेमंड के शेयर थे, उन्हें उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर रेमंड रियल्टी का एक शेयर दिया गया। इससे पहले रेमंड समूह ने लाइफस्टाइल और फैशन कारोबार को अलग किया था। इसके बाद रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड नामक एक अलग लिस्टेड एंटिटी सामने आई। इस डीमर्जर के हिस्से के रूप में, रेमंड लिमिटेड के शेयरधारकों को उनके पास मौजूद रेमंड के हर 5 शेयरों पर रेमंड लाइफस्टाइल के 4 शेयर मिले थे।

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शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का मार्केट कैप 4100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह 6 महीनों में लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.93 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पहली बार मार्केट में पैसा लगाने से पहले नोट कर लें ये 5 पॉइंट्स, नुकसान से बचाएगी समझदारी

First Time Investor Tips: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करना काफी रोमांचक हो सकता है, लेकिन बिना तैयारी के बाजार में उतरा गया एक गलत कदम आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है। अगर आप भी एक नए निवेशक हैं और पहली बार मार्केट में पैसा लगाने का मन बना रहे हैं, तो शुरुआत करने से पहले वित्तीय विशेषज्ञों के ये 5 सबसे जरूरी नियम जरूर नोट कर लें।

1. सबसे पहले बनाएं अपना फाइनेंशियल गोल

निवेश केवल पैसा लगाने का नाम नहीं है, बल्कि यह आपके भविष्य की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम है। पैसा लगाने से पहले यह स्पष्ट करें कि आप रिटायरमेंट, घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या वेल्थ क्रिएशन में से किस उद्देश्य के लिए निवेश कर रहे हैं। आपका लक्ष्य अल्पकालिक या दीर्घकालिक ही यह तय करेगा कि आपको इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में से किसमें पैसा लगाना चाहिए।

2. इमरजेंसी फंड तैयार रखें और जल्दी शुरुआत करें

बाजार में बड़ा दांव लगाने से पहले अपने पास एक सुरक्षा कवच यानी इमरजेंसी फंड जरूर रखें। अपनी किसी भी बड़ी इन्वेस्टमेंट से पहले 3 से 6 महीने के लिविंग एक्सपेंस को किसी आसानी से निकलने वाले सेविंग्स या लिक्विड अकाउंट में रखें। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान आपको पैनिक में अपने शेयर बेचने नहीं पड़ेंगे। इसके साथ ही जितनी जल्दी संभव हो छोटे-छोटे अमाउंट से इन्वेस्ट करना शुरू कर दें। शुरुआती निवेश से आपको पावर ऑफ कंपाउंडिंग का ज्यादा समय तक फायदा मिलता है।

3. ‘डाइवर्सिफिकेशन’ अपनाएं, सारा पैसा एक जगह न लगाएं

शेयर बाजार का सबसे पहला नियम है कि, ‘कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें’। अपने पैसे को किसी एक कंपनी या सिर्फ एक सेक्टर में लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट क्लासेज इक्विटी, गोल्ड, डेट और अलग-अलग सेक्टर्स में बांटें। अगर आपका एक इन्वेस्टमेंट खराब परफॉर्म करता है, तो दूसरे स्टॉक्स या फंड्स आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस रखेंगे।

4. सोशल मीडिया की टिप्स से बचें, रीसर्च पर भरोसा करें

सोशल मीडिया फिनफ्लुएंसर्स, वॉट्सऐप टिप्स या मार्केट की अफवाहों के आधार पर कभी भी आंख बंद करके पैसा न लगाएं। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, बैलेंस शीट, कर्ज की स्थिति और वैल्यूएशन को समझें।म्यूचुअल फंड चुनते वक्त फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) और एक्सपेंस रेशियो की जांच करें।

5. मार्केट टाइम करने के बजाय SIP का रास्ता चुनें

मार्केट में ‘बॉटम’ पर खरीदना और ‘टॉप’ पर बेचना लगभग असंभव है। इसलिए मार्केट टाइमिंग के चक्कर में न पड़ें। बाजार की चाल का अंदाजा लगाने के बजाय SIP या नियमित पीरियोडिक इन्वेस्टमेंट का जरिया अपनाएं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव में आपकी खरीदारी की लागत औसतन कम हो जाती है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाने की संभावना बढ़ती है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है

ब्रोकरेज चार्ज, एक्सपेंस रेशियो, एसटीटी (STT) और कैपिटल गेन टैक्स जैसे खर्चों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये आपके कुल रिटर्न को प्रभावित करते हैं। बाजार में गिरावट देखकर पैनिक में आकर अपने एसेट्स न बेचें और न ही ट्रेंडिंग शेयर्स के पीछे भागें। साथ ही साथ हर 6 महीने या एक साल में अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करें ताकि वह आपके फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से अलाइन रहे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty indicator: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन किस ओर घूमेगा बाजार का पहिया, आखिर गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत, जानें

GIFT Nifty indicator: सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के स्थिर या थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT Nifty से सीमित बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि मजबूत एशियाई बाजार और शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से बाज़ार का मूड बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क रख सकती है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 18.5 अंक या 0.08 फीसदी बढ़कर 24,660 पर ट्रेड कर रहा था। इससे शुक्रवार को 24,570.65 पर बंद हुए Nifty 50 के लिए काफी हद तक सपाट या सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिलते हैं। पिछले सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि ऑटो और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत बढ़त के मुकाबले फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी हावी रही। Sensex 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर आ गया, जबकि Nifty 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ार चढ़े

सोमवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त देखी गई। शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से संकेत लेते हुए ये बाज़ार ऊपर चढ़े। कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार डेटा के कारण फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई थीं। जापान का Nikkei 225 0.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही।  S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत गिरे और Nasdaq फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

शुक्रवार को अमेरिकी इक्विटी में बढ़त हुई, जब डेटा से पता चला कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद के विपरीत नौकरियों में कमी आई है। इससे निवेशकों ने निकट भविष्य में उधार लेने की लागत बढ़ने की उम्मीदें कम कर दीं। S&P 500 0.62 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 1.30 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average 0.28 प्रतिशत चढ़ा। इस हफ़्ते नैस्डैक में 5.19% की तेज़ी आई, S&P 500 में 3.58% की बढ़त हुई और डॉव 2.96% ऊपर चढ़ा। इसकी वजह कंपनियों की अच्छी कमाई और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताएं थीं। अब निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए इस हफ़्ते आने वाले US महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे।

होर्मुज़ को लेकर अनिश्चितता के बीच तेल की कीमतों में सुधार

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त हुई क्योंकि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कितनी जल्दी पूरी तरह से फिर से खुल पाएगा। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 1.09% बढ़कर $84.46 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.78% बढ़कर $78.79 हो गया।

ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज से होकर नए शिपिंग रूट तय करने के लिए ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन उसने यह भी कहा कि जलमार्ग के फिर से खुलने से पहले अमेरिका को कुछ अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

इंडेक्स पर क्या बनाए रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान समझौते की दिशा में हुई प्रगति से बाज़ार की धारणा (sentiment) को मदद मिली है, हालांकि बातचीत अभी भी शर्तों पर आधारित है। जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, तब तक मध्य पूर्व को लेकर बनी अनिश्चितता बड़े जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर सकती है। पोनमुडी ने आगे कहा कि WTI क्रूड का $78-79 प्रति बैरल के आसपास बने रहना यह बताता है कि बाज़ार अभी भी कुछ जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम (भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम) को ध्यान में रख रहे हैं।

पोनमुडी ने कहा कि निफ़्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,600-24,700 का ज़ोन मुख्य रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। इसके ऊपर लगातार बने रहने से तेज़ी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 24,800-25,000 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,500 तुरंत सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,400-24,300 का ज़ोन सपोर्ट के तौर पर है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 10 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ खुल सकते हैं। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,660 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद बाजार पर फाइनेंशियल शेयरों में आई गिरावट का असर ज्यादा रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी करीब 40 अंक यानी 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 24,680 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.09 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स में 1.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.80 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 1.89 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 0.69 फीसदी की मजबूती दिख रही है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.59 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। S&P रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 151.83 अंक या 0.28% बढ़कर 54,036.93 पर पहुंच गया। S&P 500 इंडेक्स में 47.68 अंक या 0.62% की बढ़त हुई और यह 7,757.64 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 342.26 अंक या 1.30% बढ़कर 26,690.62 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुरुआती कारोबार में दुनिया की अधिकांश बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में थोड़ी बढ़त देखने को मिल रही थी। ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। जोखिम के प्रति संवेदनशील मुद्राओं का प्रदर्शन कमजोर नजर आ रहा है। डॉलर इंडेक्स 99.63 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.66% और 4.20% पर ऊपर ट्रेड कर रही है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला रुख नजर आ रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया (+0.15%),फिलीपींस पेसो (+0.21%),थाई बाहत (+0.17%), ताइवान डॉलर (+0.16%),चीनी रेनमिनबी (+0.06%) और मलेशियाई रिंगित (+0.06%) मजबूत दिख रहे हैं। जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन (-0.50%),जापानी येन (-0.18%)और सिंगापुर डॉलर (-0.09%) कमजोर कारोबार कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज्यादा गिरावट नजर आ रही है।

FII और DII फंड फ्लो

7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹480 करोड़ के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने लगातार तीसरे दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update:  ग्लोबल मार्केट में बढ़त के बाद, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के हल्की बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार के मूड पर असर डाल सकती हैं। गिफ्ट निफ्टी के संकेत भी बताते हैं कि आज भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स – निफ्टी 50 और सेंसेक्स – की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हो सकती है।

गिफ्ट निफ्टी 24,678 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 37 पॉइंट ऊपर (प्रीमियम पर) था।

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण गिरावट देखी गई, क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कोई ठोस जियोपॉलिटिकल समाधान न निकलने से बाजार का मूड कमजोर बना रहा।

सेंसेक्स 455.59 पॉइंट या 0.58% गिरकर 78,499.17 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 65.35 पॉइंट या 0.27% गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों को लेकर बुलिश हैं। Morgan Stanley, HSBC, Motilal Oswal, Nuvama और JM Financial ने पांच कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके मुताबिक, अगले 12 महीनों में ये शेयर करीब 24% से 40% तक का रिटर्न दे सकते हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance पर Morgan Stanley ने ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,420 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,143 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 24.2% की रिटर्न संभावित तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मजबूत रिटेल लोन डिस्बर्समेंट और बेहतर लोन ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Britannia

FMCG कंपनी Britannia पर Nuvama ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 7,240 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 5,508 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 31.4% उछाल की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव प्रमुख जोखिम हैं।

Hindalco Industries

मेटल कंपनी Hindalco Industries पर HSBC ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,430 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,053.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 35.7% की तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्यूमिनियम की मजबूत वैश्विक मांग और चीन की उत्पादन सीमा कंपनी के लिए सकारात्मक रहेगी।

Time Technoplast

प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Time Technoplast पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 280 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 205.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 36.3% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि पैकेजिंग और कम्पोजिट सिलेंडर बिजनेस में विस्तार के दम पर लगातार मजबूत रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ दर्ज कर सकती है।

Ventive Hospitality

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Ventive Hospitality पर JM Financial ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 603.20 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 40% की संभावित तेजी बनती है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया लागत का दबाव अस्थायी है और लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

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Q1 Results: बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन का घाटा कम हुआ, रेवेन्यू 40% बढ़ा; नया प्लांट लगाने का प्लान

BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही में 56.35 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के घाटे में बड़ी कमी

कंपनी का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.96 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 2.29% से बढ़कर 7.93% पर पहुंच गया। कंपनी ने इसका श्रेय बेहतर ऑपरेशनल, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को दिया है।

क्षमता विस्तार पर जोर

तिमाही के दौरान BigBloc Construction ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इसमें ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। कंपनी का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जो पिछले साल 53% था। इसके अलावा समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।

इंदौर में बनेगा सबसे बड़ा AAC प्लांट

BigBloc ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। यहां भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। मानसून के बाद इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना का ऑर्डर भी मिला है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में उसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी के CFO मोहित साबू ने कहा कि BigBloc अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का फोकस क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, वितरण नेटवर्क और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।

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