Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए क्या ₹1 करोड़ का फंड काफी है? एक्सपर्ट से समझें महंगाई और रिटर्न का पूरा गणित

Retirement Planning Calculation: भारतीय निवेशकों के बीच सालों से ₹1 करोड़ को रिटायरमेंट का एक मैजिक नंबर माना जाता रहा है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि एक बार बैंक खाते या म्यूचुअल फंड में ₹1 करोड़ आ गए, तो उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

किसी व्यक्ति के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस काफी हो सकता है, तो किसी के लिए ₹5 करोड़ भी कम पड़ सकते हैं। आपका रिटायरमेंट फंड कितना होना चाहिए, यह किसी राउंड फिगर पर नहीं बल्कि आपकी मासिक खर्चों, महंगाई दर, रिटायरमेंट की उम्र और लाइफ एक्सपेक्टेंसी पर निर्भर करता है। आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग का पूरा गणित।

क्यों फेल हो सकता है ₹1 करोड़ का ‘मैजिक नंबर’?

वाइज फिनसर्व के ग्रुप सीईओ और सीआईओ अजय कुमार यादव के अनुसार, ₹1 करोड़ की समस्या यह नहीं है कि यह छोटा अमाउंट है, बल्कि समस्या यह है कि यह नंबर आपके भविष्य की जीवनशैली के खर्चों को नहीं दर्शाता।

मान लीजिए कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र में रिटायर होता है और 90 साल की उम्र (30 साल का रिटायरमेंट) तक का प्लान बनाता है। अगर ₹1 करोड़ पर 7% सालाना रिटर्न मिले, तो व्यक्ति हर महीने ₹66,500 की फिक्स्ड पेंशन ले सकता है।

अगर महंगाई दर केवल 5% सालाना भी मान ली जाए, तो आज का ₹66,500 का खर्च 10 साल बाद बढ़कर ₹1.08 लाख और 20 साल बाद ₹1.76 लाख प्रति माह हो जाएगा। यानी आपके पैसे की क्रय शक्ति तेजी से घटेगी और कुछ ही सालों में ₹1 करोड़ का फंड खत्म हो जाएगा।

इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न का असली गणित

अगर आपका पोर्टफोलियो 7% का रिटर्न देता है और महंगाई दर 5% रहती है, तो आपका वास्तविक या इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न केवल 2% ही रह जाता है। इस 2% वास्तविक रिटर्न के हिसाब से देखें, तो ₹1 करोड़ का फंड 30 सालों के लिए केवल ₹37,000 प्रति माह की ही परचेजिंग पावर दे पाएगा।

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹1 लाख निकालना चाहता है और वह महंगाई को अनदेखा करता है, तो उसका ₹1 करोड़ का कॉर्पस 12.5 साल में खत्म होगा। लेकिन अगर महंगाई जोड़ दी जाए, तो यह फंड मात्र 9.1 साल यानी करीब 69 साल की उम्र तक में ही पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

आपको रिटायरमेंट के लिए असल में कितने पैसों की जरूरत है?

रिटायरमेंट कॉर्पस की गणना हमेशा उल्टे क्रम से करनी चाहिए। मान लीजिए एक 40 वर्षीय व्यक्ति का आज का मासिक खर्च ₹1 लाख है और वह 60 साल में रिटायर होना चाहता है। 6% महंगाई दर पर 60 साल की उम्र में वही जीवनशैली बनाए रखने के लिए उसे प्रति माह ₹3.21 लाख यानी साल के करीब ₹38.49 लाख की आवश्यकता होगी।

कितना कॉर्पस चाहिए होगा?

बिना महंगाई एडजस्टमेंट (7% रिटर्न पर) 60 साल की उम्र में कम से कम ₹4.82 करोड़ का फंड चाहिए। 5% पोस्ट-रिटायरमेंट महंगाई जोड़ने पर यही फंड बढ़कर ₹8.68 करोड़ हो जाता है।

क्या है 30X रिटायरमेंट रूल?

ट्रैक (Trackk) के सह-संस्थापक और सीईओ वेदांत गुप्ते और अजय कुमार यादव के अनुसार, 30X रूल एक अच्छा शुरुआती अनुमान हो सकता है:

नियम: अपने रिटायरमेंट के पहले साल के कुल अनुमानित खर्च को 30 से गुणा कर दें।

उदाहरण: अगर रिटायरमेंट के पहले साल का खर्च ₹38.49 लाख है, तो ₹38.49 लाख × 30 = लगभग ₹11.55 करोड़ का कॉर्पस चाहिए।

यह बड़ा फंड आपको शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव, मेडिकल इमरजेंसी और लंबी उम्र जीने के जोखिम से सुरक्षा का बड़ा कवर देता है।

महंगाई के अलावा इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

लाइफ एक्सपेक्टेंसी: अब औसतन लोग लंबा जीवन जी रहे हैं। अपनी वित्तीय योजना 75 या 80 साल के बजाय कम से कम 90 साल की उम्र मानकर बनाएं।

हेल्थकेयर कॉस्ट: इलाज का खर्च आम महंगाई की तुलना में दोगुनी तेजी से बढ़ता है। इसके लिए रिटायरमेंट फंड से अलग एक समर्पित मेडिकल एंड इमरजेंसी रिजर्व बनाएं।

कैश फ्लो पर ध्यान दें, गोल नंबर पर नहीं: ₹1 करोड़ या ₹5 करोड़ जैसे गोल नंबरों के पीछे भागने के बजाय यह तय करें कि रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने कितना कैश फ्लो चाहिए और आपका घर कहां मेट्रो शहर या टियर-2 शहर है।

आपके लिए क्या है सही रिटायरमेंट नंबर?

भारतीय निवेशकों के लिए कोई एक फिक्स्ड रिटायरमेंट नंबर नहीं हो सकता। ₹1 करोड़ एक शुरुआत का पड़ाव तो हो सकता है, लेकिन यह पूरा रिटायरमेंट प्लान नहीं है। आपका सही नंबर वह है जो आपकी जीवनशैली, स्वास्थ्य जरूरतों, पेंशन/रेंटल इनकम और महंगाई को जोड़कर तैयार होता है ताकि रिटायरमेंट के बाद आपके पैसे कभी खत्म न हों।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस और विस्फोटक बनाने वाली कंपनी Solar Industries India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92.7% बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹338.7 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,154.5 करोड़ था।

EBITDA 94% बढ़ा

सोलर इंडस्ट्रीज का EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹534.9 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, प्री-टैक्स प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट है।

डिफेंस कारोबार में 123% की छलांग

सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस कारोबार 123% बढ़ा। यही पहली तिमाही की सबसे बड़ी ग्रोथ का कारण रहा।

कंपनी ने कहा कि स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्ट्स की बढ़ती रेंज और भारत के साथ विदेशी ग्राहकों से बढ़ते ऑर्डर का फायदा मिल रहा है। नुवाल ने कहा कि कंपनी को भारत और वैश्विक स्तर पर डिफेंस पार्टनर बनाने की रणनीति अब नतीजों में दिखने लगी है।

₹21,350 करोड़ का ऑर्डर बुक

सोलर इंडस्ट्रीज की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज का अंतरराष्ट्रीय विस्फोटक कारोबार भी 65% बढ़ा। कंपनी का कहना है कि बढ़ते ऑर्डर, नए बाजार और लगातार निवेश उसकी वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।

FY27 का लक्ष्य बरकरार

सोलर इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को बरकरार रखा है। मजबूत शुरुआत, बड़ा ऑर्डर बुक और निवेश योजनाओं के दम पर कंपनी को इस लक्ष्य पर भरोसा है।

कंपनी ने FY27 में ₹2,050 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है। इसमें से पहली तिमाही में करीब ₹450 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।

Solar Industries के शेयर

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 8.52% उछलकर ₹20,325 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 55.83% बढ़ा है। वहीं बीते 5 साल में इसने 1,054% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये है।

Tata Motors PV Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 80% गिरा, JLR के कमजोर आंकड़ों ने मुश्किल बढ़ाई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत 2036 तक बन सकता है 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी, करने होंगे ये 20 रिफॉर्म्स

भारत 10 साल में 20 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है। लेकिन, इसके लिए रिफॉर्म्स के बड़े कदम उठाने होंगे। इनवेस्टमेंट बैंक इक्विरस के एमडी और चेयरमैन अजय गर्ग ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए भारत को एक साथ 20 रिफॉर्म्स करने होंगे।

गर्ग न कहा, “मेरा मानना है कि एक साथ कुल 20 रिफॉर्म्स करने होंगे। इसकी वजह यह है कि इंडिया की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है। आज भारत की इकोनॉमी यूरोप के कई देशों की इकोनॉमी से बड़ी है। लेकिन, भारत में प्रति व्यक्ति आय अब भी सिर्फ 3000 डॉलर है।” प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत यूरोपीय देशों से काफी पीछे है।

Equirus एक इनवेस्टमेंट बैंक है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई है। उसने इस हफ्ते एक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें भारत के लिए जरूरी 20 रिफॉर्म्स बताए गए है। इक्विरस का मानना है कि इन रिफॉर्म्स से अगले एक दशक में भारत की जीडीपी बढ़कर करीब पांच गुनी हो जाएगी। इन रिफॉर्म्स के बगैर 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में भारत को 21 साल लग जाएंगे।

गर्ग ने कहा कि अगर हर सेक्टर में भारत की ग्रोथ बीते 10 साल जितनी रहती है तो इकोनॉमी के 20 ट्रिलियन डॉलर के लेवल तक पहुंचने में 21 साल लग जाएंगे। लेकिन, जरूरी रिफॉर्म्स करने से यह लेवल 2036 तक हासिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में डॉलर के मुकाबले रुपये में संभावित मजबूती को ध्यान में नहीं रखा गया है।

इक्विरस की रिपोर्ट में शामिल रिफॉर्म्स में पहले नंबर पर कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट है। गर्ग ने कहा कि भारत में बॉन्ड मार्केट इसके शेयर बाजार के मुकाबले काफी कम विकसित है। इसकी बड़ी वजह बॉन्ड्स से जुड़े टैक्स के नियम हैं। कुछ साल पहले सरकार ने डेट म्यूचुअल फंड्स के टैक्स के नियमों में बदलाव किया। इससे डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश का आकर्षण कम हो गया।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, बॉन्ड्स के टैक्स के नियम भी इक्विटी जैसे होने चाहिए। रिपोर्ट में सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने की जरूरत बताई गई है। इक्विरस का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग से ज्यादा फोकस सर्विसेज पर रखने की जरूरत है। फाइनेंशियल मार्केट्स, ग्लोबल कपैबिलिटी सेंटर्स, टूरिज्म और एजुकेशन ऐसे चार क्षेत्र हैं, जिनमें सबसे ज्यादा रिफॉर्म्स की जरूरत है।

गर्ग ने रेलवे के निजीकरण को भी जरूरी बताया है। उन्होंने टेलीकॉम सेक्टर का उदाहरण दिया। टेलीकॉम सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने के बाद टेलीकॉम सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ। टेलीकॉम सेवाएं पिछले कुछ सालों में आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंच गई हैं। साथ ही टैरिफ यानी टेलीकॉम सेवाओं की कीमत में भी बड़ी कमी आई है।

Tata Motors PV Q1 Results: पैसेंजर व्हीकल मेकर के तिमाही नतीजे आज, 13 अगस्त को; शेयर 3% तक चढ़ा

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड आज, 13 अगस्त को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। रिजल्ट सामने आने से पहले कंपनी के शेयर में तेजी है। BSE पर शेयर दिन में पिछले बंद भाव से करीब 3 प्रतिशत तक उछलकर 351.60 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.28 लाख करोड़ रुपये है। बता दें कि पहले कंपनी के बोर्ड की मीटिंग होगी, जिसमें नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद इन्हें रिलीज किया जाएगा।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 18,598 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध मुनाफा 455 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 57,859 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 87,569 करोड़ रुपये रहा था।

टाटा मोटर्स में अब अलग-अलग हैं PV और CV बिजनेस

टाटा मोटर्स 1 अक्टूबर 2025 से दो हिस्सों में बंट चुकी है। पैसेंजर व्हीकल बिजनेस अब टाटा मोटर्स PV के नाम से शेयर बाजार में लिस्ट है। वहीं कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का नाम टाटा मोटर्स लिमिटेड है। कमर्शियल व्हीकल बिजनेस 12 नवंबर 2025 को BSE पर 330.25 रुपये और NSE पर 335 रुपये पर लिस्ट हुआ था। वहीं टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के शेयरों का कारोबार 14 अक्टूबर 2025 को 400 रुपये प्रति शेयर पर शुरू हुआ था।

टाटा मोटर्स PV में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 42.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 457.04 रुपये और एडजस्टेड लो 294.15 रुपये है।

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एक दिन पहले Tata Motors ने जारी किए थे नतीजे

एक दिन पहले टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स ने तिमाही नतीजे जारी किए थे। जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढ़कर 2,556 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 1,397 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 20,667 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 17,324 करोड़ रुपये था। कुल खर्च भी बढ़कर 18,038 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 15,982 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर! गिग और डिलीवरी वर्कर्स के लिए PFRDA लाया खास NPS प्लान

NPS for Gig Workers: जोमैटो, स्वैगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने देश के लाखों डिलीवरी बॉयज, ड्राइवर्स और सर्विस पार्टनर्स को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘NPS e-shramik Model’ को नए सिरे से हाइलाइट किया है।

इस खास स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी वर्कर मात्र ₹99 जैसी छोटी राशि से भी अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स की शुरुआत कर सकता है। आइए जानते हैं आम लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए यह स्कीम कितनी फायदेमंद है और इसमें कैसे जुड़ सकते हैं।

बिना किसी दबाव के बचत: अपनी मर्जी और क्षमता से जमा करें पैसा

इस योजना को गिग वर्कर्स की अस्थिर और दैनिक कमाई को ध्यान में रखकर बेहद लचीला बनाया गया है। PFRDA ने योगदान के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की है। वर्कर जब चाहें और जितना चाहें, अपनी कमाई के हिसाब से पैसा जमा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी वर्कर प्रतिदिन या हर हफ्ते ₹99 जैसी मामूली रकम से भी अपने एनपीएस खाते में पैसे डाल सकता है। साथ ही यह मॉडल NPS कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। इसमें पैसा केवल वर्कर, केवल एग्रीगेटर कंपनी, या फिर दोनों मिलकर जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन से वर्कर्स उठा सकते हैं इस योजना का लाभ?

यह स्कीम उन सभी युवाओं और कर्मचारियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए काम करते हैं:

  • फूड डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy आदि।
  • क्विक-कॉमर्स एंड ग्रॉसरी डिलीवरी: Blinkit, Zepto, Instamart आदि।
  • राइड-हेलिंग ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido आदि।
  • होम सर्विसेज पार्टनर्स: Urban Company और अन्य सर्विस प्लेटफॉर्म्स।

खाता खोलना है बेहद आसान

इस योजना में जुड़ने की प्रक्रिया को एकदम डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया गया है:

आसान KYC: बेसिक केवाईसी के लिए केवल नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य मान्य तरीकों से मिनटों में पूरी हो जाती है।

PRAN जनरेशन: वर्कर की सहमति से तुरंत एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी कर दिया जाता है।

नॉमिनी की सुविधा: ऑनबोर्डिंग के 60 दिनों के भीतर माता-पिता की जानकारी और नॉमिनी डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं।

कंपनी बदलने पर भी बंद नहीं होगा अकाउंट

अगर कोई डिलीवरी बॉय या ड्राइवर एक कंपनी जैसे- Zomato छोड़कर दूसरी कंपनी Swiggy या Uber में काम करने जाता है, तो उसका एनपीएस खाता बंद नहीं होगा। वह आसानी से अपने खाते को नए एग्रीगेटर के साथ जोड़ कर सकता है। PFRDA के तय फ्रेमवर्क के तहत ऑनबोर्डिंग के समय पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) वर्कर से कोई खाता खोलने का शुल्क नहीं लेते हैं।

बुढ़ापे में मिलेगा पेंशन और एकमुश्त फंड का दोहरा फायदा

यह योजना एनपीएस के ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ के नियमों के तहत काम करती है। इसमें जमा किया गया पैसा शेयर बाजार और सुरक्षित सरकारी सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है, जिससे लंबी अवधि में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है।

60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर वर्कर्स को एकमुश्त मोटी रकम निकालने का विकल्प मिलता है और बाकी पैसे से जीवनभर हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी बड़े बोझ के सुरक्षित भविष्य बनाने का यह सबसे भरोसेमंद जरिया है।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक को होगा आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन आपके पक्ष में रह सकता है। कहीं से रुका हुआ पैसा मिलने या पुराने निवेश से फायदा होने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को नया ग्राहक या ऑर्डर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को बोनस या अतिरिक्त कमाई का मौका मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है। घर की मरम्मत, स्वास्थ्य या यात्रा से जुड़ा अचानक खर्च सामने आ सकता है। शेयर बाजार या किसी जोखिम भरे निवेश में पैसा लगाने से बचें। पुरानी बचत को सुरक्षित रखना आपके लिए बेहतर रहेगा

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हाल में किया गया कोई कारोबार का सौदा आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को वेतन बढ़ने या इंसेंटिव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सामाजिक कार्यक्रमों और दोस्तों से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीमा, म्यूचुअल फंड या रिटायरमेंट जैसी वित्तीय योजना शुरू करने के लिए दिन ठीक है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक रूप से आज का दिन आपके लिए अच्छा रह सकता है। किसी योजना के जरिए पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी में प्रमोशन या बोनस मिल सकता है, जबकि कारोबार में कोई पुराना भुगतान या सौदा पूरा हो सकता है। विदेश से जुड़े कारोबार में भी फायदा मिल सकता है। खर्च बढ़ने के बावजूद कमाई उसे संभाल सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। परिवार से जुड़ी कोई ऐसी जरूरत सामने आ सकती है, जिस पर अचानक पैसा खर्च करना पड़े। आमदनी सामान्य रहेगी, लेकिन बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। अगर किसी को पैसा उधार दिया है तो उसकी वापसी में देरी हो सकती है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य और स्थिर रह सकती है। धीरे-धीरे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कारोबार में फायदा मिलने के मौके बन सकते हैं, खासकर अगर आपका काम फैशन, ब्यूटी, कला या डिजाइन से जुड़ा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपके काम की तारीफ भी हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अचानक आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है या लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। बैंक, बीमा या बचत से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। हालांकि, किसी के साथ पैसों का लेन-देन करते समय पूरी सावधानी रखें, क्योंकि धोखे की आशंका हो सकती है। सट्टेबाजी और जोखिम भरे कामों से दूर रहना बेहतर रहेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने के लिए अच्छा है। आप किसी बड़े निवेश, बीमा पॉलिसी या लंबी अवधि की योजना की शुरुआत कर सकते हैं, जिसका फायदा आगे चलकर मिल सकता है। धन बचाने और भविष्य के लिए पूंजी तैयार करने के लिहाज से दिन अच्छा है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Stock in Focus: कंस्ट्रक्शन कंपनी को ₹126 करोड़ का ऑर्डर, महाराष्ट्र में 300 बेड का अस्पताल बनाएगी

Stock in Focus: पुणे की कंस्ट्रक्शन कंपनी Vascon Engineers को महाराष्ट्र के वर्धा में 300 बेड का जनरल अस्पताल बनाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने बुधवार, 12 अगस्त को इसकी जानकारी दी।

कंपनी को यह ऑर्डर ₹126.39 करोड़ का मिला है। इसमें GST शामिल नहीं है। यह लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) महाराष्ट्र के नागपुर डिवीजन के वर्धा स्थित पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से जारी किया गया है।

24 महीने में पूरा करना होगा काम

यह प्रोजेक्ट आइटम-रेट के आधार पर दिया गया है। कंपनी को ऑर्डर मिलने की तारीख से 24 महीने के भीतर काम पूरा करना होगा। Vascon Engineers के मुताबिक, यह ऑर्डर घरेलू कारोबार से जुड़ा है और इसे एक घरेलू संस्था ने दिया है।

कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था में उसके किसी प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी या रुचि नहीं है। यह प्रोजेक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाले लेनदेन यानी Related Party Transaction के दायरे में भी नहीं आता।

जून में भी मिला था ₹347 करोड़ का ऑर्डर

Vascon Engineers को इससे पहले जून में भी बड़ा ऑर्डर मिला था। कंपनी ने 10 जून को बताया था कि उसे ₹347.43 करोड़ का Letter of Intent मिला है।

यह ऑर्डर सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की गुवाहाटी डिवीजन की ओर से दिया गया था। इसके तहत असम के गुवाहाटी में Zoo-Narengi Road Colony स्थित RBI क्वार्टर्स को गिराकर दोबारा विकसित करना है। यह काम EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन आधार पर दिया गया है।

Vascon Engineers के शेयरों का हाल

Vascon Engineers का शेयर बुधवार को 2.44% गिरकर ₹31.25 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 23.69% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 35.23% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 785.68 रुपये है।

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Gland Pharma के शेयर बन सकते हैं रॉकेट, नोमुरा ने दिया ₹3330 का टारगेट प्राइस

ग्लैंड फार्मा का शेयर 12 अगस्त को 1.69 फीसदी गिरकर 2,875 रुपये पर बंद हुआ। लेकिन, यह शेयर एक हफ्ते में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। इसकी वजह इसके जून तिमाही के अच्छे नतीजे हैं।

इस साल 68 फीसदी चढ़ा शेयर 

Gland Pharma का शेयर इस साल करीब 68 फीसदी चढ़ा है। कंपनी का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इसका रेवेन्यू साल दर साल आधार पर इस दौरान 19.6 फीसदी बढ़ा। EBITDA साल दर साल आधार पर 33.1 फीसदी बढ़ा। टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 47.1 फीसदी बढ़ा।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

कंपनी के जून तिमाही के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में CDMO सेगमेंट की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी रही। Cenexi को छोड़ दिया जाए तो रेवेन्यू में सीडीएमओ की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी रही। साल दर साल आधार पर इसकी ग्रोथ करीब 37 फीसदी रही। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन साल दर साल आधार पर फ्लैट रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 276 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा।

टेक-ट्रांसफर/सीडीएमओ पार्टनरशिप पर फोकस

नोमुरा ने कहा है कि ग्लैंड फार्मा ने आईपी-आधारित प्रोग्राम की जगह टेक-ट्रांसफर/सीडीएमओ पार्टनरशिप पर फोकस बढ़ाया है। इस मॉडल को कंपनी के इंजेक्टेबल मैन्युफैक्चरिंग कपैबिलिटी, यूरोप में सेनेक्सी की मौजूदगी और कंपनी के स्ट्रॉन्ग रेगुलेटरी और क्वालिटी ट्रैक रिकॉर्ड का सपोर्ट मिलेगा।

मोतीलाल ओसवाल ने भी दी खरीदने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने ग्लैंड फार्मा के शेयर के लिए 3,080 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि कंपनी का प्रदर्शन जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहा। इसमें अमेरिकी और यूरोपीय यूनियन मार्केट्स में कंपनी की अच्छी सेल्स ग्रोथ का हाथ रहा। हालांकि, दूसरे बाजारों में प्रदर्शन कमजोर रहा। अमेरिकी और यूरोपीय यूनियन मार्केट्स में अच्छे प्रदर्शन में नए प्रोडक्ट लॉन्चेज के साथ ही मौजूदा प्रोडक्ट्स की अच्छी सेल्स ग्रोथ का हाथ है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव

12 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.15 फीसदी यानी 35 अंक गिरकर 24,435 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.24 फीसदी यानी 187 अंक गिरकर 77,966 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी में 0.77 फीसदी की तेजी दिखी। निफ्टी फार्मा इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुआ।