Balrampur Chini Q1 Results: चीनी कंपनी का मुनाफा 14% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति

Balrampur Chini Q1 Results: चीनी कंपनी Balrampur Chini Mills का जून तिमाही प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.5% घटकर 44.1 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 51.6 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA घटा

बलरामपुर चीनी मिल्स का रेवेन्यू 6% बढ़कर 1,636.8 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 1,542.3 करोड़ रुपये था। हालांकि, ऑपरेशनल कमाई पर दबाव रहा। EBITDA 15% घटकर 114 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल यह 134.3 करोड़ रुपये था।

EBITDA मार्जिन भी 8.71% से घटकर 6.96% हो गया। यानी बिक्री बढ़ने के बावजूद कंपनी की कमाई का मार्जिन कमजोर हुआ।

वर्तिका शुक्ला बनीं इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

बलरामपुर चीनी मिल्स ने वर्तिका शुक्ला को एडिशनल डायरेक्टर और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 11 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2031 तक पांच साल का होगा। कंपनी के मुताबिक, शुक्ला को इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, बिजनेस स्ट्रैटेजी और एनर्जी सेक्टर में 38 साल से ज्यादा का अनुभव है।

उन्होंने अपने करियर के 38 साल Engineers India Limited (EIL) में बिताए हैं। यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत काम करने वाली कंपनी है। उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स, बिजनेस डायवर्सिफिकेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े काम का भी अनुभव है।

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों का हाल

बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 4.62% गिरकर 625 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 35.52% दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.72 हजार करोड़ रुपये है।

Balrampur Chini Mills एक प्रमुख चीनी और एथेनॉल बनाने वाली कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार गन्ने की पेराई करके चीनी बनाना है। इसके अलावा कंपनी गन्ने के रस और शीरे से एथेनॉल तैयार करती है, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाने के लिए होता है। कंपनी बिजली उत्पादन के कारोबार में भी है। गन्ने की पेराई से निकलने वाले बगास का इस्तेमाल कर यह को-जनरेशन प्लांट से बिजली बनाती है।

Vedanta Group: इन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद-बेच सकते हैं प्रमोटर, ₹3000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vedanta Group: इन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद-बेच सकते हैं प्रमोटर, ₹3000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी

Vedanta Group: माइनिंग दिग्गज वेदांता ग्रुप की हाल में लिस्ट हुई कुछ कंपनियों में जल्द ही प्रमोटर खरीद-बिक्री कर सकते हैं। Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसके लिए खुले बाजार से धीरे-धीरे शेयर खरीदने का रास्ता अपनाया जा सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने CNBC-TV18 को यह जानकारी दी है।

खुले बाजार से होगी खरीदारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर चुनिंदा कंपनियों के शेयर खुले बाजार से धीरे-धीरे खरीद सकते हैं। इसे Creeping Purchase कहा जाता है। इसमें एक साथ बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बजाय समय के साथ थोड़ा-थोड़ा शेयर खरीदा जाता है।

SEBI के नियमों के तहत प्रमोटर इस तरीके से एक साल में अपनी हिस्सेदारी 5% तक बढ़ा सकते हैं। हालांकि, असल खरीदारी कितनी होगी और किस कंपनी में होगी, यह अभी साफ नहीं है।

₹2,000 से ₹3,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 2,000 से 3,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं। इसके लिए Vedanta Ltd. या Vedanta Aluminium के शेयरों को गिरवी रखने या बेचने का विकल्प अपनाया जा सकता है।

हालांकि, Vedanta ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। CNBC-TV18 के सवाल पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वह बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती।

अनिल अग्रवाल ने क्या कहा था?

इन डीमर्ज्ड कंपनियों की लिस्टिंग के समय Vedanta Group के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा था कि उनके लिए ‘मालिक बने रहना जरूरी नहीं है।’ उन्होंने कहा था कि कंपनी की ग्रोथ के लिए वह हर संभव कदम उठाएंगे। इसमें कारोबार का पुनर्गठन और विदेशों में विस्तार भी शामिल है।

वेदांता ग्रुप के शेयरों का हाल

मंगलवार को Vedanta का शेयर 2.70%% गिरकर 276 रुपये पर बंद हुआ। वहीं Vedanta Oil & Gas का शेयर 39.64 रुपये पर लगभग सपाट रहा।

Vedanta Iron & Steel का शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ 38.81 रुपये पर पहुंच गया। दूसरी ओर, Vedanta Aluminium Metal का शेयर 0.69% गिरकर 469.35 रुपये पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP for Child: 18 साल का होने से पहले बच्चा बन जाएगा करोड़पति! समझिए कितना निवेश करना होगा और कैसे करें प्लानिंग

SIP for Child: इस वित्तीय अनिश्चितता के दौर में अपने बच्चों को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि बहुत से लोग बच्चे के पैदा होने के साथ निवेश की प्लानिंग शुरु कर देते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि शुरुआत से ही बहुत बड़ी रकम लगाई जाए। सही निवेश, लंबी अवधि और कंपाउंडिंग की ताकत से छोटी-छोटी रकम भी बड़ा फंड बना सकती है। सवाल है कि हर महीने कितना निवेश करना होगा और अलग-अलग रिटर्न पर कितना पैसा बनेगा?

मान लीजिए आपका बच्चा अभी पैदा हुआ है। आपके पास पूरे 18 साल हैं। अगर आप हर महीने एक तय रकम SIP में लगाते हैं और औसतन 10%, 12% या 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो कितना पैसा बन सकता है, इसे समझते हैं।

1 करोड़ के लिए हर महीने कितना निवेश?

18 साल में कुल 216 महीने होते हैं। 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य पाने के लिए अनुमानित मंथली SIP इस तरह होगी।

अनुमानित सालाना रिटर्न18 साल में 1 करोड़ के लिए मंथली SIPकुल निवेशअनुमानित फायदा
10%₹17,487₹37.77 लाख₹62.23 लाख
12%₹14,184₹30.64 लाख₹69.36 लाख
15%₹10,298₹22.24 लाख₹77.76 लाख

यहां एक बात समझना जरूरी है। 15% रिटर्न मानकर चलना ज्यादा आक्रामक अनुमान है। शेयर बाजार आधारित निवेश में रिटर्न तय नहीं होता। इसलिए प्लान बनाते समय बहुत ज्यादा रिटर्न मानकर चलना ठीक नहीं है।

12% रिटर्न पर ₹10,000 की SIP से कितना पैसा बनेगा?

अब दूसरा उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आप बच्चे के जन्म से हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं। 18 साल तक निवेश जारी रखते हैं।

अगर औसत रिटर्न 10% रहा तो करीब 57.2 लाख रुपये बनेंगे। 12% रिटर्न पर यही रकम करीब 70.5 लाख रुपये हो जाएगी। वहीं, 15% औसत रिटर्न मिला तो फंड करीब 97.1 लाख रुपये पहुंच सकता है। यानी सिर्फ 10,000 रुपये की मासिक SIP से भी 18 साल में 1 करोड़ के काफी करीब पहुंचा जा सकता है।

अलग-अलग SIP से कितना फंड बनेगा?

12% सालाना औसत रिटर्न मानकर देखें तो तस्वीर और साफ हो जाती है।

मासिक SIP18 साल में कुल निवेशअनुमानित फंड
₹5,000₹10.80 लाख₹35.3 लाख
₹10,000₹21.60 लाख₹70.5 लाख
₹15,000₹32.40 लाख₹1.06 करोड़
₹20,000₹43.20 लाख₹1.41 करोड़

इस हिसाब से 15,000 रुपये की मासिक SIP 12% औसत रिटर्न पर 18 साल में करीब 1 करोड़ रुपये का फंड बना सकती है।

बच्चा 5 साल का हो चुका है तो?

मान लीजिए आपने निवेश जन्म के समय शुरू नहीं किया और बच्चा अब 5 साल का है। आपके पास 18 साल की उम्र तक सिर्फ 13 साल बचे हैं।

12% सालाना औसत रिटर्न मानें तो 1 करोड़ रुपये के लिए करीब 28,200 रुपये हर महीने निवेश करना होगा। समय कम होने की वजह से मासिक निवेश काफी बढ़ जाता है।

अगर बच्चा 10 साल का हो चुका है तो सिर्फ 8 साल बचेंगे। ऐसे में इसी अनुमानित रिटर्न पर करीब 64,300 रुपये महीने की SIP चाहिए होगी। यही वजह है कि बच्चे के लिए निवेश में जल्दी शुरुआत सबसे बड़ा फायदा देती है।

₹1,000 या ₹2,000 की SIP करें तो?

अगर शुरुआत में बड़ी रकम निवेश करना संभव नहीं है, तो ₹1,000 या ₹2,000 की SIP से भी शुरुआत की जा सकती है। मान लीजिए 18 साल तक हर महीने ₹1,000 निवेश करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो करीब ₹7.6 लाख का फंड बन सकता है।

वहीं, ₹2,000 की SIP से करीब ₹15.2 लाख हो सकते हैं। 15% औसत रिटर्न मिलने पर यही रकम क्रमशः करीब ₹10.9 लाख और ₹21.8 लाख हो सकती है। शुरुआत छोटी हो सकती है, लेकिन कम उम्र से निवेश शुरू करने का फायदा यह है कि समय के साथ SIP बढ़ाई जा सकती है।

पैसा कहां निवेश करें?

लंबे समय का लक्ष्य है तो निवेश का तरीका भी उसी हिसाब से चुनना चाहिए। 18 साल का समय होने पर इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP एक विकल्प हो सकती है। लेकिन इसमें बाजार का जोखिम रहता है।

जैसे-जैसे बच्चा 18 साल के करीब पहुंचे, पूरे पैसे को इक्विटी में रखना सही नहीं होगा। लक्ष्य से कुछ साल पहले धीरे-धीरे रकम को कम जोखिम वाले विकल्पों में शिफ्ट किया जा सकता है।

एक और तरीका हर साल SIP बढ़ाना है। उदाहरण के लिए शुरुआत 10,000 रुपये महीने से करें और हर साल इसे 10% बढ़ाते जाएं। इससे शुरुआती वर्षों में कम रकम से शुरुआत होगी और समय के साथ निवेश बढ़ता जाएगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

ट्रम्प की मीडिया कंपनी को 2200 करोड़ रुपए का घाटा:3 महीने में सिर्फ 16 करोड़ की कमाई, 6 महीने में 6000 करोड़ का नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मीडिया कंपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) को अप्रैल-जून 2026 में 2,261 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 16.15 करोड़ रुपए रही। जनवरी से जून 2026 के बीच TMTG का कुल नेट लॉस 6,118 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 23.75 करोड़ रुपए थी। यानी छह महीने में कंपनी का घाटा उसकी कुल कमाई से करीब 258 गुना रहा। कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन महीने का घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। वहीं, कमाई में 89% की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल एसेट्स से 1800 करोड़ रुपए का नुकसान कंपनी के मुताबिक, उसके घाटे का सबसे बड़ा कारण डिजिटल एसेट्स, उन्हें गिरवी रखकर किए गए निवेश और शेयरों से जुड़ा नुकसान रहा। इनसे जुड़े 1,809 करोड़ रुपए के बिना बिके नुकसान को कंपनी ने दर्ज किया। इसके अलावा करीब 111 करोड़ रुपए का ब्याज और 77 करोड़ रुपए का स्टॉक-बेस्ड पेमेंट भी कंपनी के खर्च में जुड़ा। कंपनी की कमाई कहां से हुई? TMTG की लगभग पूरी कमाई उसके मीडिया कारोबार से हुई। इसमें करीब 13.6 करोड़ रुपए विज्ञापन और 1.7 करोड़ रुपए सब्सक्रिप्शन से मिले। कंपनी का मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल है। इसके अलावा वह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ट्रुथ+ और फिनटेक ब्रांड Truth.Fi चलाती है। कंपनी ने पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भी विस्तार किया है। नई सर्विस ट्रुथ API से कंपनियों को ट्रम्प की पोस्ट तक तेज पहुंच 1 अगस्त से TMTG ने ट्रुथ API नाम की सर्विस शुरू की है। यह निवेशकों और कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रकाशित पोस्ट तक तेजी से पहुंच देती है। कंपनी के अंतरिम CEO केविन मैकगर्न ने बताया कि अब तक 10 कंपनियां इस सर्विस की ग्राहक बन चुकी हैं। वे हर महीने करीब 57 लाख से 95 लाख रुपए तक फीस दे रही हैं। हालांकि, इस सर्विस को लेकर हितों के टकराव की चिंता भी जताई गई है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प की ट्रुथ सोशल पोस्ट का वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है। ट्रुथ सोशल की विजिट एक तिहाई से ज्यादा घटी ट्रुथ सोशल को 2022 में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह X और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से काफी पीछे है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऑनलाइन ट्रैकिंग कंपनी सिमिलरवेब के आंकड़ों के हवाले से बताया कि जुलाई 2026 में ट्रुथ सोशल की विजिट पिछले साल के जुलाई के मुकाबले एक तिहाई से ज्यादा कम हो गईं। TMTG अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर DJT नाम से सूचीबद्ध है। सोमवार को कारोबार खत्म होने तक कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई।

निफ्टी 50 में बड़ा बदलाव! विप्रो 3 दशक बाद इंडेक्स से बाहर होगी, BSE को मिलेगी एंट्री

निफ्टी 50 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इस इंडेक्स में स्टॉक्स एक्सचेंज BSE को दिग्गज आईटी कंपनी Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव 30 सितंबर से लागू होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु की आईटी कंपनी Wipro का भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से करीब तीन दशक पुराना सफर खत्म हो जाएगा।

Wipro असल में Nifty 50 की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही है। हालांकि, अप्रैल से सितंबर 2013 के बीच कंपनी इस इंडेक्स से बाहर रही थी। उस समय Wipro के नॉन-आईटी कारोबार के डीमर्जर की वजह से यह बदलाव हुआ था। इसके बाद कंपनी लगातार Nifty 50 में बनी रही।

Wipro से पैसा निकलने का अनुमान

Nuvama के अनुमान के मुताबिक, Wipro के Nifty 50 से बाहर होने पर इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड करीब 246 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, BSE के इंडेक्स में शामिल होने से करीब 741 मिलियन डॉलर का निवेश आने का अनुमान है।

BSE के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 2,600% से ज्यादा की तेजी आई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव्स कारोबार और बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से कंपनी को फायदा मिला है।

Nifty 500 में भी बदलाव

Nifty 50 में बदलाव के साथ NSE ने दूसरे प्रमुख इंडेक्स में भी बदलाव किए हैं। Nifty 500 से 3M India, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Bayer Cropscience, Blue Dart Express, Chalet Hotels, Go Digit General Insurance, Indegene, Jubilant Pharmova, Latent View Analytics, Sonata Software और Travel Food Services जैसी कंपनियां बाहर होंगी।

वहीं, Nifty 500 में Aether Industries, Avanti Feeds, Azad Engineering, Black Box, Brookfield India REIT, Embassy Office Parks REIT, Fractal Analytics, INOX India, Kirloskar Brothers, MTAR Technologies, Sansera Engineering, Sterlite Technologies और Vedanta Aluminium समेत कई कंपनियां शामिल होंगी।

Stocks to Watch: 11 अगस्त को इन 24 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lumax Auto Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट कंपनी का मुनाफा 109% बढ़ा, रेवेन्यू में भी तगड़ा उछाल

Lumax Auto Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Lumax Auto Technologies ने FY27 की शुरुआत मजबूत नतीजों के साथ की है। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा यानी 109% बढ़कर 86.6 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 41.4 करोड़ रुपये था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33% बढ़कर 1,363.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 1,026.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 52.3% बढ़कर 190.1 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 12.2% से बढ़कर 14% पहुंच गया।

नए प्रोडक्ट और ग्राहक जोड़ने पर फोकस

Lumax Auto Technologies नए और एडवांस प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। कंपनी मौजूदा ग्राहकों से ज्यादा कारोबार हासिल करना चाहती है। इसके साथ ही नए व्हीकल प्लेटफॉर्म पर जगह बनाने और अलग-अलग बाजारों में नए ग्राहक जोड़ने की योजना है।

Lumax Jopp की हिस्सेदारी बेची

कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी Lumax Jopp Allied Technologies में अपनी पूरी 50% हिस्सेदारी जर्मनी की Jopp Holding GmbH को बेच दी है। बोर्ड ने इस सौदे को 8 मई 2026 को मंजूरी दी थी। जून तिमाही में यह सौदा पूरा हो गया।

इसके बाद Lumax Jopp Allied Technologies कंपनी की सब्सिडियरी नहीं रही। जून तिमाही के नतीजों में इस कंपनी का प्रदर्शन 29 जून 2026 तक शामिल किया गया है।

Lumax Auto ने क्या कहा?

Lumax Auto के मैनेजिंग डायरेक्टर अनमोल जैन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद कंपनी ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। रेवेन्यू बढ़ी और मुनाफा उससे भी तेज बढ़ा। उन्होंने कहा कि ग्रोथ कई प्रोडक्ट कैटेगरी में देखने को मिली है। मौजूदा प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ी है। साथ ही वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की मांग भी बढ़ी है।

ऑटो इंडस्ट्री ने भी FY27 की शुरुआत मजबूत की है। कंपनी के मुताबिक, व्हीकल प्रोडक्शन सालाना आधार पर 22% बढ़ा। सभी बड़े व्हीकल सेगमेंट में मांग अच्छी रही। प्रीमियम गाड़ियों की बढ़ती मांग और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से ऑटो कंपोनेंट कंपनियों को फायदा मिल रहा है।

Lumax Auto का शेयर सोमवार को 2.12% की बढ़त के साथ 1,758.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में इसने 68.59% का रिटर्न दिया है।

Vodafone Idea Q1 Results: वोडा आइडिया का घाटा घटकर ₹3754 करोड़ हुआ, 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vodafone Idea Q1 Results: वोडा आइडिया का घाटा घटकर ₹3754 करोड़ हुआ, रेवेन्यू और EBITDA में भी उछाल

Vodafone Idea Q1 Results: देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने जून तिमाही में पिछले साल के मुकाबले घाटा कम किया है। कंपनी को इसका फायदा ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ने से मिला। ज्यादा ग्राहक महंगे 4G और 5G प्लान की ओर बढ़े हैं।

कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा घटकर 3,754 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,608 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू और EBITDA बढ़ा

जून तिमाही में Vodafone Idea की रेवेन्यू 11,660 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 11,000 करोड़ रुपये थी। यानी रेवेन्यू में करीब 6% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी का EBITDA बढ़कर 5,034 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 4,600 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 41.84% से बढ़कर 43.17% हो गया।

5G अब 200 से ज्यादा शहरों में

Vodafone Idea के CEO अभिजीत किशोर ने कहा कि FY27 कंपनी के लिए काम को तेजी से जमीन पर उतारने का साल है। उनके मुताबिक, कंपनी के निवेश का असर अब कारोबार में दिखने लगा है।

उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी ने कई अहम बिजनेस पैरामीटर में सुधार किया। इनमें सब्सक्राइबर जोड़ना भी शामिल है। यह मर्जर के बाद पहली बार हुआ है। कंपनी की 5G सेवा अब 200 से ज्यादा शहरों में लाइव है।

₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर

वोडाफोन आइडिया ने नेटवर्क विस्तार के लिए 9,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स ऑर्डर पहले ही दे दिए हैं। मैनेजमेंट ने कहा कि कर्जदाताओं के साथ बातचीत जारी है। उसे उम्मीद है कि कर्ज से जुड़ी चर्चा सफलतापूर्वक पूरी होगी।

कंपनी का फोकस अब नेटवर्क विस्तार, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और AI से जुड़े बदलाव पर है।

Vodafone Idea के शेयर

वोडाफोन आइडिया के शेयर सोमवार को 0.71% की बढ़त के साथ 12.82 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 11.67% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में यह करीब 95% उछला है। वोडाफोन आइडिया का मार्केट कैप 1.40 लाख करोड़ रुपये है।

निफ्टी में हेरफेर से आखिरी समय में जोरदार तेजी आई? 3 और 4 अगस्त के ट्रेड्स की जांच कर रहा SEBI

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।