7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

Ather Energy प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाएगी ₹1200 करोड़, शेयरहोल्डर्स से ग्रीन सिग्नल; चढ़ सकता है शेयर

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली एथर एनर्जी लिमिटेड प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹1200 करोड़ तक का फंड जुटाना चाहती है। इस प्रपोजल पर कंपनी के शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिल गई है। 14 अगस्त को कंपनी की असाधारण आम बैठक थी। इसी में प्रपोजल पास हुआ। इसके पक्ष में 97.72 प्रतिशत वोट रहे। इस डेवलपमेंट के चलते सोमवार, 17 अगस्त को एथर एनर्जी के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है।

कंपनी ने जून महीने में कई तरीकों से ₹2,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कहा गया था कि इन तरीकों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल इश्यू और फॉरेन करेंसी कनवर्टिबल बॉन्ड (FCCB) जारी करना शामिल है। कंपनी हाल ही में ₹1,300 करोड़ का QIP लाई थी। इसे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं। QIP में देश और दुनिया के बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया।

प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हीरो मोटोकॉर्प, एथर एनर्जी के को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन के साथ मिलकर, ₹1,260 प्रति वॉरंट के हिसाब से निवेश करेगी। यह कीमत ₹1,175.74 के फ्लोर प्राइस से 7.2 प्रतिशत ज्यादा है। स्ट्रैटेजिक इनवेस्टर इंडिया-जापान फंड ₹1,230 प्रति शेयर के हिसाब से इक्विटी शेयर खरीदेगा, जो फ्लोर प्राइस से 4.6% ज्यादा है। हीरो मोटोकॉर्प लगभग ₹960 करोड़ का निवेश करेगी, जबकि इंडिया-जापान फंड ₹200 करोड़ का निवेश करेगा। को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन दोनों ₹20-20 करोड़ का निवेश करेंगे।

Ather Energy का शेयर एक साल में 263 प्रतिशत चढ़ा

एथर एनर्जी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर ₹1511.05 है। कंपनी का मार्केट कैप ₹59600 करोड़ से ज्यादा है। यह मई 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 2980.76 करोड़ रुपये का था। एक साल में शेयर 263 प्रतिशत और 6 महीनों में 113 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 60 प्रतिशत और 2 सप्ताह में करीब 20 प्रतिशत उछली है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 39.58 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जून तिमाही में घाटे में गिरावट

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में एथर एनर्जी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर ₹51.09 करोड़ रह गया। एक साल पहले घाटा 178.23 करोड़ था। थोक बिक्री 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 83,173 यूनिट्स की रही, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 46,078 यूनिट्स की थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Patanjali Foods Q1 Results: प्रॉफिट 86% बढ़कर ₹335 करोड़, दो अंतरिम डिविडेंड का ऐलान

पतंजलि फूड्स ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। इस दौरान कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। एफएमसीजी और ए़डिबल ऑयल बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 86 फीसदी बढ़कर 335.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 180.4 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू 29 फीसदी बढ़कर 11337 करोड़ रुपये

Patanjali Foods का ऑपरेशंस से रेवेन्यू जून तिमाही में 29 फीसदी बढ़कर 11,337.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 69 फीसदी बढ़कर 543.3 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा मार्जिन भी इस दौरान बढ़कर 4.8 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.7 फीसदी था। कंपनी ने कहा है कि लगातार चौथी तिमाही कंपनी ने सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया।

अच्छे प्रदर्शन में एफएमसीजी बिजनेस का बड़ा हाथ

जून तिमाही में अच्छे प्रदर्शन में एफएमसीजी सेगमेंट का सबसे बड़ा हाथ रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35.39 फीसदी बढकर 2,937.75 करोड़ रुपये रहा। एडिबल ऑयल बिजनेस का रेवेन्यू 27.28 फीसदी बढ़क 8,504.72 करोड़ रुपये रहा।

ब्रांड और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने पर फोकस

पतंजलि फूड्स के सीईओ संजीव अस्थाना ने कहा कि कंपनी का फोकस ब्रांड को मजूबत बनाने, डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क और कॉस्ट मैनेजमेंट पर बना हुआ है। उन्होंने कहा, “हम लगातार रेवेन्यू के नए कीर्तिमान बना रहे हैं। यह तब है जब ऑपरेटिंग इनवायरमेंट लगातार बदल रहा है।”

कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए दो अंतरिम डिविडेंड का एलान किया

पतंजलि फूड्स ने तीसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। FY26 के लिए यह प्रति शेयर 1.50 रुपये होगा। कंपनी ने FY27 के पहले अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया। यह प्रति शेयर 0.80 रुपये होगा। दोनों को मिलाकर प्रति शेयर डिविडेंड 2.30 रुपये होगा। दोनों डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त होगी।

14 अगस्त को कंपनी के शेयर गिरकर हुए बंद

कंपनी ने आचार्य बालकृष्णन को दोबारा चेयरमैन और नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने का ऐलान किया। कंपनी अगली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल हासिल करेगी। Patanjali Foods का शेयर 14 अगस्त को एनएसई पर 0.52 फीसदी गिरकर 352 रुपये पर बंद हुआ।

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बीते एक साल में 41 फीसदी गिरा है शेयर 

पतंजलि फूड्स का शेयर बीते एक साल में करीब 41 फीसदी गिरा है। 2026 में यह शेयर अब तक 36 फीसदी से ज्यादा गिर चुका। कंपनी ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान 14 अगस्त को शेयर बाजार बंद होने के बाद किया। 16 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा।

Voltas Q1 Results: प्रॉफिट 53% बढ़कर ₹214 करोड़, Atomberg के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाएगी

Voltas Q1 Results: वोल्टास ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 53 फीसदी बढ़कर 214 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया। हालांकि, 14 अगस्त को शेयरों में अच्छी तेजी दिखी। 17 अगस्त को बाजार खुलने पर शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।

रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 4,673 करोड़

Voltas को FY26 की जून तिमाही में 140 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था। FY27 की जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 4,673.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 3,938.58 करोड़ रुपये था। यह टाटा समूह की कंपनी है, जो एयर कंडिशनर सहित कई तरह के कूलिंग प्रोडक्ट्स बनाती है।

 Atomberg के साथ ज्वाइंट वेंचर का ऐलान

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 48.7 फीसदी बढ़कर 265.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 178.5 करोड़ रुपये था। कंपनी का मार्जिन इस दौरान बढ़कर 5.7 फीसदी रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4.5 फीसदी था। वोल्टास ने Atomberg के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है।

जेवी रूम एयरकंडिशनर्स के कंप्रेशर बनाएगा

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में कहा है कि एटमबर्ग के साथ प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर रूम एयरकंडिशनर्स के लिए कंप्रेशनर और इससे जुड़े पार्ट्स बनाएगा। जेवी का फोकस हाई एनर्जी एफिशियंसी, ऑपरेशनल रियलाबिलिटी और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस पर होगा।

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शेयर 2.52 फीसदी चढ़कर 1,322 रुपये पर बंद

Voltas का शेयर 14 अगस्त को 2.52 फीसदी चढ़कर 1,322 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 3.70 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.12 फीसदी और सेंसेक्स 0.09 फीसदी गिरकर बंद हुए। बैंक निफ्टी में भी दबाव दिखा। यह 0.25 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

Vodafone Idea share Price: 3 दिन में 11% चढ़ा वोडाफोन आइडिया का शेयर, क्या आपको खरीदना चाहिए?

Vodafone Idea share Price: वोडाफोन आइडिया का शेयर तीन दिन में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को यह 4.37 फीसदी उछलकर 14.10 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के टैरिफ बढ़ाने की चर्चा है। दरअसल, भारती एयरटेल ने हाल में अपनी कई स्कीम के टैरिफ बढ़ाए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि वोडाफोन आइडिया भी टैरिफ बढ़ा सकती है।

वोडाफोन आइडिया की सेहत में दिख रहा सुधार

अगर वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ाती है तो उसका प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ जाएगा। मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के टैरिफ बढ़ाने से उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया की वित्तीय सेहत में सुधार दिख रहा है। इसका असर उसके शेयरों पर दिखा है। बीते एक साल में यह शेयर 129 फीसदी चढ़ा है।

शेयरों में तेजी जारी रहने का अनुमान 

उपाध्याय ने कहा, “निवेशकों को वोडाफोन आइडिया के शेयर अपने पास बनाए रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि कंपनी की स्थिति अब बदल रही है।” उनका मानना है कि यह शेयर 15 रुपये तक जा सकता है। उसके बाद यह 15.50 रुपये की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनी के एग्जिक्यूशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी चाहिए।

टैरिफ बढ़ाने से बढ़ सकता है रेवेन्यू 

IIFL का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए दो संभावनाएं दिख रही हैं। पहला, अगर यह टैरिफ बढ़ाती है तो इसका ARPU FY27 में करीब 4 रुपये बढ़ सकता है। दूसरा, अगर यह टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो इसके सस्ते प्लान में यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि दोनों ही स्थितियों में वोडाफोन आइडिया को फायदा होगा।

18.70 रुपये तक जा सकता है शेयर 

ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल ने बताया कि वोडाफोन आइडिया का शेयर 18.70 रुपये तक जा सकता है। जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 लाख बढ़ी है। लंबे समय बाद कंपनी के यूजर्स की संख्या बढ़ी है। एंबिट का कहना है कि कंपनी दिसंबर 2026 तक टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ा सकती है।

कंपनी का तीन साल में 45000 करोड़ निवेश का प्लान

कंपनी पहले ही डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए वह अगले तीन साल में अपने नेटवर्क में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा था कि प्रमोटर्स से मिलता सहयोग और बैंकों से फंड के लिए चल रही बातचीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।

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सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी हुई

वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। पहले नंबर पर रिलायंस जियो है। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। तीसरे पर वोडाफोन आइडिया है। रिलायंस जियो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। वोडाफोन में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।

Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: राकेश झुनझुनवाला के 10 निवेश मंत्र, इन्हें हर इनवेस्टर को जानना चाहिए

Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: दिग्गज इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला की आज पुण्यतिथि है। उनका देहांत 14 अगस्त, 2022 को हार्ट अटैक से हुआ था। उन्होंने शेयरों में निवेश से अकूत पैसा कमाया। उनकी खास बात यह थी कि निवेश के अपने अनुभव के बारे में वह हमेशा बताते रहते थे। वह निवेश में हुई गलतियों के बारे में भी बताने से नहीं हिचकते थे। इस वजह से लाखों निवेशक उनकी बातों को बड़े गौर से सुनते थे। आज भी निवेश से जुड़े उनके मंत्र उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने वे कई साल पहले थे। हर निवेशक को निवेश से जुड़े उनके बुनियादी सिद्धातों के बारे में जरूरत जानना चाहिए।

1. निवेश में धैर्य बहुत जरूरी है

वह निवेश से मोटी कमाई के लिए धैर्य को जरूरी मानते थे। उनका मानना था कि शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए निवेशकों को रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव की जगह लंबी अवधि के आउटलुक पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने खुद अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर लंबी अवधि में काफी पैसा कमाया था।

2. निवेश के लिए बॉटम का इंतजार नहीं करें

झुनझुनवाला का कहना था कि निवेश के लिए हर समय सही होता है। दरअसल कई इनवेस्टर्स निवेश के लिए मार्केट के बॉटम का इंतजार करते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। झुनझुनवाला कहते थे कि मार्केट के बॉटम यानी सबसे निचला स्तर और पीक यानी सबसे हाई लेवल के बारे में अनुमान लगाना मुश्किल है।

3. निवेश से पहले वैल्यूएशन को देखें

कई इनवेस्टर्स किसी शेयर में इसलिए निवेश करते हैं, क्योंकि उसकी कीमतें चढ़ रही होती हैं। झुनझुनवाला का कहना था कि किसी शेयर पर हाई वैल्यूएशन पर निवेश करना समझदारी नहीं है। निवेश से पहले इनवेस्टर को खुद से यह पूछना चाहिए कि वह जिस कीमत पर शेयर खरीद रहा है, क्या वह कीमत सही है।

4. रिस्क और निवेश का अटूट रिश्ता है

झुनझुनवाला का मानना था कि शेयरों में निवेश से पैसे कमाने के लिए रिस्क लेना ही पड़ता है। अगर आप शेयर में निवेश कर रहे हैं तो आपको लॉस बर्दाश्त करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी सलाह थी कि निवेश से पहले निवेशक को यह पता होना चाहिए कि वह कितना रिस्क लेने जा रहा है। कपैसिटी से ज्यादा रिस्क लेना खतरनाक हो सकता है।

5. अपनी गलतियों से सीखें

निवेश में गलती होना स्वाभाविक है। झुनझुनवाला कहते थे कि ऐसा कोई इनवेस्टर नहीं है, जिससे गलती नहीं हुई है। उनका कहना था कि गलतियों से सीखना चाहिए। आपसे एक गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। गलती होने का अगर आपको डर है तो आप कभी निवेश नहीं कर पाएंगे।

6. निवेश के लिए कभी उधार न लें

कई लोग निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए पैसे उधार तक ले लेते हैं। झुनझुनवाला इसके खिलाफ थे। उनका मानना था कि उधार के पैसे से निवेश करने में बड़ा रिस्क है। अगर निवेश किया गया पैसा डूब गया तो इनवेस्टर्स मुश्किल में फंस जाएगा।

7. फटाफट कमाई के बारे में न सोचें

शेयर मार्केट में निवेश से काफी पैसा बनाया जा सकता है। लेकिन, ऐसा एक दिन में नहीं हो सकता। इसमें समय लगता है। झुनझुनवाला कहते थे कि शेयर बाजार से फटाफट कमाई का लालच आपको मुश्किल में डाल सकता है। कुछ महीने या कुछ साल में पैसा डबल करने के टारगेट के साथ शेयरों में निवेश नहीं किया जा सकता।

8. मार्केट और निवेश की समझ बढ़ाते रहें

शेयरों में निवेश करने के लिए ज्ञान यानी नॉलेज जरूरी है। आपकी नॉलेज जितनी ज्यादा होगी, निवेश के फैसले लेने में आपको उतनी आसानी होगी। फाइनेंशियल स्टेटमेंट, वैल्यूएशन, पीई रेशियो, बुक वैल्यू जैसी चीजों के बारे में हर निवेशक को जानना चाहिए।

9. ‘भाव भगवान है’-कीमत का सम्मान करें

झुनझुनवाला हमेशा कहा करते थे-‘भाव भगवान है।’ इसका मतलब है कि शेयर की कीमत बहुत अहम है। आप जिस भाव पर शेयर खरीद रहे हैं, वह बहुत मायने रखता है। अगर आपने ज्यादा भाव पर शेयर खरीदा है तो आपको मुनाफे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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10. जब दूसरे बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए

आम तौर पर जब शेयर बाजार में तेजी होती है तो शेयर खरीदने में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। इसके उलट जब बाजार गिरता है तो निवेशक शेयर बेचने लगते हैं। यह समझदारी नहीं है। बाजार में तेजी आने पर शेयर महंगे हो जाते हैं, ऐसे में निवेश करने से ज्यादा प्रॉफिट कमाने की संभावना कम हो जाती है। झुनझुनवाला का कहना था कि जब सब बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए। तब शेयर सस्ते होते हैं।

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Steel केवल ₹100 में बेचेगी जमशेदपुर फुटबॉल क्लब, चर्चिल क्लब है बायर

टाटा स्टील अपने 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSPL) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच रही है। यह बिक्री 100 रुपये के मामूली अमाउंट पर चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड को की जाएगी। टाटा स्टील ने शुक्रवार को इस बारे में शेयर बाजार को जानकारी दी। कंपनी ने बताया है कि उसके बोर्ड की ओर से गठित निदेशकों की समिति ने इस बिक्री को मंजूरी दी।

JFSPL में टाटा स्टील के पास मौजूद 10 रुपये फेस वैल्यू के 4.08 करोड़ शेयर चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड (चर्चिल) को ट्रांसफर किए जाएंगे। समिति की मंजूरी के बाद टाटा स्टील और चर्चिल ने एक शेयर खरीद समझौता किया है। जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार 32.23 करोड़ रुपये का रहा।

चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड, ‘चर्चिल ब्रदर्स FC’ नाम से एक क्लब चलाती है। यह क्लब गोवा का है और 1988 में शुरू हुआ था। घरेलू फुटबॉल में इसका रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। यह क्लब इंडियन सुपर लीग में खेलता है। जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड की नेटवर्थ 5.8 करोड़ रुपये है। यह ट्रांजेक्शन रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

चर्चिल क्लब को 12 खिलाड़ी और 2 कोच भी होंगे ट्रांसफर

टाटा स्टील ने एक बयान में कहा कि JFSPL में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के नियमों के अनुसार की जा रही है। इस ओनरशिप ट्रांसफर में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब का इंडियन सुपर लीग (ISL) स्पोर्टिंग लाइसेंस, और 12 खिलाड़ियों व 2 कोच का ट्रांसफर शामिल है। चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से जमशेदपुर फुटबॉल क्लब के सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के कॉन्ट्रैक्ट अपने हाथ में ले लेगी। साथ ही उन्हें ISL में अपना प्रोफेशनल फुटबॉल करियर जारी रखने का मौका देगी।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बरकरार रखेगी Tata Steel, बनाएगी और बेहतर

टाटा स्टील में कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डी. बी. सुंदरा रामम का कहना है कि चर्चिल ब्रदर्स भारतीय फुटबॉल में एक शानदार इतिहास वाला क्लब है। इस समझौते से हमारे खिलाड़ियों और कोचों को क्लब फुटबॉल खेलना जारी रखने का मौका मिलेगा। टाटा स्टील ग्रासरूट और युवा स्तर पर फुटबॉल पर ध्यान देना जारी रखेगी। आगे कहा कि कंपनी अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बरकरार रखेगी और बेहतर बनाएगी। इसे ग्रासरूट फुटबॉल और एथलीट डेवलपमेंट के लिए नए सिरे से इस्तेमाल किया जाएगा। AIFF के साथ मिलकर यूथ सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा, उसमें निवेश किया जाएगा, उसकी क्षमता को और बढ़ाया जाएगा।

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन का प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 39 करोड़, रेवेन्यू 35% बढ़ा

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान रेवेन्यू और प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ दिखी। नेट प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 38.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयर पर नतीजों का पॉजिटिव असर दिखा।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में Anupam Rasayan का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की जून तिमाही में यह 585.8 करोड़ रुपये था। EBITDA 31 फीसदी बढ़कर 162.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 124.3 करोड़ रुपये था।

कंपनी के एबिड्टा मार्जिन में हल्की गिरावट 

अनुपम रसायन का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 25.6 फीसदी के एबिड्टा मार्जिन से कम है। कंपनी ने रवि देसाई को चीफ ऑपरेटिंग अफसर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 14 अगस्त, 2026 से लागू हो गया है।

नतीजों के बाद शेयरों में दिखी तेजी 

14 अगस्त को अनुपम रसायन के शेयरों में तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 0.46 फीसदी के उछाल के साथ 1,213.30 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीने में यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.21 फीसदी नीचे चल रहा था, जबकि सेंसेक्स में 0.30 फीसदी कमजोरी थी।

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बीते एक साल में 4.85 फीसदी चढ़ा शेयर 

Anupam Rasayan लाइफ साइंसेज और दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 13,737 करोड़ रुपये है। कंपनी ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीते एक साल में शेयर 4.85 फीसदी चढ़ा है।

Optimystix Entertainment Listing: कॉमेडी सर्कस, क्राइम पेट्रोल की प्रोड्यूसर ने शेयर बाजार में दी दस्तक; 3 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट

विपुल डी शाह की कंपनी ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट इंडिया के शेयर शुक्रवार को शेयर बाजार में हल्की बढ़त में लिस्ट हुए। शेयर ने NSE SME पर करीब 3 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 180 रुपये पर ट्रेडिंग की शुरुआत की। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 175 रुपये था। कंपनी का 108.50 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.84 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.85 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.26 गुना भरा।

इश्यू में 87.50 करोड़ रुपये के 50 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही फाउंडर और प्रमोटर विपुल डी शाह की ओर से 21 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों को ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री के लिए रखा गया। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट फिल्मों और टीवी शो का प्रोडक्शन करती है।

यह 150 से ज्यादा टीवी शो प्रोड्यूस कर चुकी है। लिस्ट में कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर शेफ्स, क्राइम पेट्रोल, बालवीर, सजन रे झूठ मत बोलो, लेडीज स्पेशल, सास बिना ससुराल, कॉमेडी नाइट्स बचाओ, पापड़ पोल, राइजिंग स्टार जैसे नाम शामिल हैं। ​इसने खेल-खेल में, द डिप्लोमैट, ओएमजी 2 जैसी फिल्मों के साथ-साथ छुरी और चटनी शॉर्ट फिल्म को भी प्रोड्यूस किया है। इसके अलावा 2 वेब सीरीज कैंडी और लुक्खा का प्रोडक्शन भी किया है। विपुल डी शाह कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। राजेश बहल को-प्रमोटर और ग्रुप सीईओ हैं। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट की शुरुआत साल 2001 में हुई थी। कंपनी को 60 से ज्यादा अवॉर्ड मिल चुके हैं।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 135.89 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 125 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 39 प्रतिशत बढ़कर 24 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 17.24 करोड़ रुपये था।

Technocraft Ventures IPO Listing: शेयर ने मचाया धमाल, 34% बढ़त में स्टॉक मार्केट में एंट्री

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।