Market Technicals : LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे से जानें कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Market Technicals : 14 अक्टूबर को निफ्टी में 99 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,623 पर बंद हुआ,जबकि बैंक निफ्टी 165 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 55,316 पर आ गया। बेंचमार्क सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद, NSE पर मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। यहां 1,421 शेयरों में गिरावट के मुकाबले लगभग 1,850 शेयरों में तेजी देखी गई। अब सवाल यह है कि आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल और इंडेक्स में क्या हो कमाई की रणनीति। इस अपनी राय साझा कर रहे हैं LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे।

निफ्टी पर रणनीति

रूपक डे ने कहा कि 30-मिनट के चार्ट पर निफ्टी को 200SMA के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इसमें भारी गिरावट देखी गई। 30-मिनट के चार्ट पर RSI अभी भी ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ की स्थिति में है। इसके अलावा, डेली RSI में ‘हिडन नेगेटिव डाइवर्जेंस’ बना है, जो बाजार में अंदरूनी कमजोरी का संकेत देता है।

हालांकि हालिया रिकवरी अच्छी रही है और इसमें मुख्य रूप से बैंकिंग और IT सेक्टर का योगदान रहा है,लेकिन निफ्टी या किसी अन्य प्रमुख इंडेक्स ने अभी तक किसी ‘रिवर्सल’ (रुझान में बदलाव) की पुष्टि नहीं की है। इसलिए, हम मौजूदा तेजी को एक ‘रिलीफ रैली’ (राहत भरी तेजी) के रूप में ही देख रहे हैं, न कि किसी लंबे समय तक चलने वाले ‘अपट्रेंड’ (तेजी के दौर) की शुरुआत के रूप में।

ऊपर की तरफ, 22,650 और 22,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है। नीचे की तरफ,22,500 पर तत्काल सपोर्ट है। यदि यह स्तर टूटता है,तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है,जिससे बाजार में तेज गिरावट आ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,850, 23,000

अहम सपोर्ट: 22,500, 22,300

रणनीति: 19 अक्टूबर की एक्सपायरी वाली निफ्टी 22,500 PE को लगभग 90 रुपये पर खरीदें। इसमें 60 रुपये का स्टॉप-लॉस और 140 रुपये का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर बैंकिंग इंडेक्स बैंक निफ्टी को 20EMA के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। आवरली चार्ट पर RSI में ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ हुआ है, जो तेजी के रुझान के कमजोर पड़ने का शुरुआती संकेत है। इसके अलावा,आवरली चार्ट पर इंडेक्स अभी भी 200SMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे पता चलता है कि निकट अवधि का रुझान दबाव में बना हुआ है।

बैंक निफ्टी के लिए 55,200 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट मौजूद है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टूटता है, तो इससे नई बिकवाली का दबाव बन सकता है, जिससे इंडेक्स 54,900 और 54,400 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 55,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,800

अहम सपोर्ट: 54,900, 54,400

रणनीति: बैंक निफ्टी अक्टूबर 54,900 PE को लगभग 400 रुपये पर खरीदें। इसमें 300 रुपये का स्टॉप-लॉस और 560 रुपये का टारगेट रखें।

 

Trading Plan: बाजार का टेक्निकल ढ़ाचा अभी की कमजोर, एक्सपर्ट से जानें निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे बनेगा पैसा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Fall: डे-हाई से Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22600 के नीचे

Share Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज मिला-जुला रुझान दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी रेड से ग्रीन और ग्रीन से रेड जोन में झूलने लगे। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली सुस्त होने और टैक्सेशन में राहत की उम्मीद इसे ऊपर ले जाने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ मुनाफावसूली और तेल की महंगाई इसे नीचे खींच रही। हालांकि शुरुआती सुस्ती के बाद सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22600 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है।

फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 313.37 प्वाइंट्स यानी 0.43% की गिरावट के साथ 72,720.41 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.45 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 22,605.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था लेकिन शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद यह एक तरफ फिसलता चला गया और डे-हाई से प्वाइंट्स टूटकर 616.51 प्वाइंट्स गिरकर 72,578.75 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा जिससे यह 199.00 प्वाइंट्स फिसलकर 22,558.95 तक आ गया।

किन वजहों से मार्केट आ रहा नीचे

मुनाफावसूली

एक कारोबारी दिन पहले मार्केट में शानदार रौनक रही। सेंसेक्स और निफ्टी डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुए। ऐसे में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से मार्केट पर दबाव बना और यह नीचे फिसलने लगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन खरीदारी से अधिक बिकवाली की। 13 अक्टूबर मंगलवार को FIIs ने करीब ₹1305 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

तेल की कीमतों में उछाल

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई ने सप्लाई की चिंताएं बढ़ाई हैं और कच्चे तेल में उबाल आया तो मार्केट में इसकी आंच महसूस हुई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $107 के करीब पहुंच गया।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल यह 2.33% की तेजी के साथ 14.45 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

किन वजहों से मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

LTCG और STT पर सरकार के नजरिए से सपोर्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इसने मार्केट में जोश भर दिया। वित्त मंत्री ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी।

RBI की कोशिशों से FIIs की बिकवाली सुस्त

विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन घरेलू मार्केट में बिकवाली की। हालांकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी को रोकने के लिए आरबीआई के उपायों से पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में रुपये में 1.5% की मजबूती आई है, जिससे मार्केट में FIIs की बिकवाली को काफी कम करने में मदद मिली है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश रुझान के लिए निफ्टी को 22,750 के पार जाना होगा। कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए 22,480/72,500 अहम सपोर्ट लेवल है और ऊपर की तरफ 22,850/73,500 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है। श्रीकांत के मुताबिक 22,850/73,500 के ऊपर सफल ब्रेकआउट के बाद मार्केट 23,000/74,000 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन अगर नीचे की तरफ 22,480/72,500 का लेवल टूटटा है तो बिकवाली की आंधी चल सकती है।

चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि नियर टर्म में आउटलुक पॉजिटिव है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पिछले कारोबारी सत्र में जबरदस्त रिकवरी से मार्केट का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली इस दबाव भी डाल रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है लेकिन बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: जब तक निफ्टी 22480 के लेवल को बनाए रखता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के सेशन में यह देखना अहम होगा कि पिछले सेशन में दिखी तेजी बनी रहती है या नहीं। हालांकि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है,लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती के संकेत दिखे हैं। अगर निफ्टी अपने 10 डे EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) यानी 22,600 के इमीडिएट सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहता है तो कुछ कंसोलिडेशन की संभावना के बावजूद यह 22,800 और फिर 23,000 के लेवल तक जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स 22600 के नीचे जाता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है। ऐसे में 22,300–22,200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

बैंक निफ्टी को भी सेलिंग प्रेशर से बचने के लिए 55,400 और 55,100 पर सपोर्ट बनाए रखने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए ऊपर की तरफ, 56,100 और 56,500 पर रेजिस्टेंस है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ आशीष क्याल का कहना है कि हाल की गिरावट के बाद ग्लोबल मार्केट में आई तेजी की वजह से बाजार में फिर से खरीदारी लौटी। दोपहर में आई तेजी की एक मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) पर दिया गया बयान था,जिससे इनकी समीक्षा की उम्मीद जगी। इस पॉजिटिव माहौल को और सपोर्ट देते हुए, HCLTech और TCS के शानदार तिमाही नतीजों के दम पर IT सेक्टर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह इंडेक्स की रिकवरी में अहम योगदान देने वाला सेक्टर बन गया।

डेली चार्ट पर चल रही गिरावट के बाद आई थोड़ी रिकवरी (पुलबैक) के ‘डायमेट्रिक पैटर्न’ की ‘वेव F’ के रूप में जारी रहने की उम्मीद है। लगातार चार सेशन के बाद,निफ्टी आखिरकार पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ,जो चल रही गिरावट में कुछ समय के लिए विराम का संकेत है। कम समय के फ्रेम में, निफ्टी अहम POC (पॉइंट ऑफ़ कंट्रोल) वॉल्यूम प्रोफ़ाइल एरिया से ऊपर चला गया है,जो एक अच्छा संकेत है। इसके आधार पर सपोर्ट लेवल 22,620 (फ्यूचर्स) के आस-पास है, जो लगभग 22,480 स्पॉट लेवल के बराबर है।

निफ्टी निचले स्तरों से वापसी (पुलबैक) दिखा रहा है। फिलहाल, जब तक निफ्टी 22,480 के निचले स्तर को बनाए रखता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (buy on dips) का ट्रेंड है और टारगेट 22,820 है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,820

अहम सपोर्ट: 22,480

स्ट्रेटेजी: अगर निफ्टी फ्यूचर्स 22,630 से 22,650 की ओर बढ़ता है और वहां से वापस घूमता है (रिवर्स होता है), तो 22,520 के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी करें। इसके लिए टारगेट 22,730-22,760 और उसके बाद 22,820 होंगे।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि बैंक निफ्टी एक हफ्ते से ज़्यादा समय से 54,200–55,400 की सीमित रेंज में बना हुआ था। पिछले सेशन में इंडेक्स आखिरकार इस रेंज से ऊपर निकला और 31 अगस्त के बाद पहली बार डेली चार्ट पर मिडिल बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद हुआ,जो शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर में हाल की रिकवरी रैली में प्राइवेट बैंकों का अहम योगदान रहा है और इनमें लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंकों की चाल अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके अलावा,इंडेक्स ने पिछले 3 सेशन से क्लोजिंग के आधार पर पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखा है, जिससे निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ने का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी अपने कंसोलिडेशन रेंज के ऊपर बंद हुआ है,लेकिन लगातार ब्रेकआउट की पुष्टि के लिए और खरीदारी की ज़रूरत है। इसमें 55,770 और उससे ऊपर तक की चाल देखी जा सकती है। नीचे की तरफ,55,000 तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस अपनी पिछली रेंज में जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,030

अहम सपोर्ट: 55,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 55,600 के ऊपर लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 55,400 और टारगेट 55,800 उसके बाद 56,030 होगा।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

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Market cues : मंदड़ियों के कमजोर पड़ने के मिल रहे संकेत, 22800–22900 के पार जाने पर निफ्टी में आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 50 ने जबरदस्त रिकवरी की। IT शेयरों के दम पर 13 अक्टूबर को इसमें 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और यह पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। यह बुल्स की मज़बूत वापसी का संकेत है। पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में और खासकर 8 अक्टूबर को 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद,निफ्टी ने 22,200 के लेवल को बचाए रखा जो आगे भी एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,22,500–22,600 का जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। वहीं ऊपर की तरफ मोमेंटम बनाए रखने और अपने अपट्रेंड को 23,000 के पार ले जाने के लिए इंडेक्स को 22,800–22,900 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से निकलना होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,722) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,743, 22,845 और 23,011

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,412, 22,309 और 22,144

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई जो ‘बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न’ जैसी दिखती है। यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ जो बुल्स की जबरदस्त वापसी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100 और 200 दिन के EMA) से नीचे ट्रेड करता रहा,हालांकि यह 10-दिन के EMA से ऊपर वापस आने में कामयाब रहा। मोमेंटम इंडिकेटर्स से पता चला कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 43.43 हो गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया और इसका हिस्टोग्राम लगभग दो महीनों में पहली बार हरा हो गया। इन सभी टेक्निकल संकेतों से पता चलता है कि निकट भविष्य में मोमेंटम में सुधार हो रहा है,हालांकि इंडेक्स अभी भी अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ा ट्रेंड अभी तक पूरी तरह से बुलिश नहीं हुआ है।

बैंक निफ्टी (55,481) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,568, 55,760 और 56,072

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,945, 54,752 और 54,440

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

एक दिन बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में भी जोरदार रिकवरी आई। इसने डेली चार्ट पर ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न (पूरी तरह से क्लासिकल नहीं) बनाया,जो तेजी का संकेत है। इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 55,200 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद हुआ। सितंबर के बाद पहली बार यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ,जो निकट भविष्य में तेजी की गति (मोमेंटम) में सुधार का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में RSI बढ़कर 48.22 पर पहुंच गया और इसने पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखाया। जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़ीं। ये बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत है। ये टेक्निकल संकेत बुलिश मोमेंटम में सुधार और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा करते हैं। हालांकि रिकवरी की पुष्टि के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगातार मजबूती बनाए रखना जरूरी होगा।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ (जिसे ‘फियर गेज’ भी कहा जाता है) पिछले सेशन में 6.1% बढ़ने के बाद 7.43% गिरकर 14.12 पर आ गया,जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली। हालांकि,उतार-चढ़ाव का यह इंडेक्स अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स को और ज्यादा राहत मिलेगी और इक्विटी मार्केट के लिए हालात और बेहतर होने के संकेत मिलेंगे।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 अक्टूबर को बढ़कर 1.16 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

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Share Market Rally: 5 वजहों से 700 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, आईटी सेक्टर की रौनक में Nifty पहुंचा 22600 के पास

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और इकनॉमिक ग्रोथ आउटलुक में अपग्रेड ने घरेलू स्टॉक मार्केट में आज शानदार रौनक बिखेरी। इस माहौल में सेंसेक्स 693 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी ने फिर से 22500 का लेवल हासिल किया और 22600 के करीब पहुंचा। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में मिला-जुला रुझान है और स्मॉलकैप स्पेस में बिकवाली का काफी दबाव है। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:55 AM पर सेंसेक्स 692.86 प्वाइंट्स यानी 0.96% की बढ़त के साथ 72,617.54 और निफ्टी भी 213.10 प्वाइंट्स यानी 0.95% के उछाल के साथ 22,576.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 696.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,620.91 और निफ्टी 217.80 प्वाइंट्स उछलकर 22,581.15 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 4.40% की तेजी के साथ 14.58 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी

IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली।

IT Stocks का शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज आज मार्केट को आईटी सेक्टर का शानदार सपोर्ट मिला है, जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक उछल पड़ा। इसे एफएमसीजी और रियल्टी से भी मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जिनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 1% और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी ऊपर चढ़ा है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब निफ्टी 22,300 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की पूरी गुंजाइश है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Thermax Share Price: कोटक के बुलिश कॉल से सरपट दौड़ा शेयर, 5% से ज्यादा उछला, जानें क्या है नया टारगेट

Thermax Share Price:  कैपिटल गुड्स इंडस्ट्रीज थर्मेक्स (Thermax) के शेयर में शुक्रवार को जोरदार उछाल देखने को मिला। शेयर आज 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 3301 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। शेयरों में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म Kotak Institutional Equities द्वारा ‘Buy’ रेटिंग के बाद देखने को मिली है। ब्रोकरेज फर्म ने ने कंपनी के आकर्षक वैल्यूएशन और अलग-अलग बिजनेस में ग्रोथ के मौकों को देखते हुए इसमें खरीदारी की राय दी है।

ब्रोकरेज ने अपनी रेटिंग को पिछले स्तर से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया है और ₹4,000 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है, जो गुरुवार की क्लोजिंग प्राइस से लगभग 15% की तेजी दिखाता है।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय

Kotak का कहना है कि Thermax अपने अनुमानित FY2028 की कमाई के 35 गुना पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज इस वैल्यूएशन को आकर्षक मानता है क्योंकि उसे उम्मीद है कि FY2026-29 के दौरान रेवेन्यू में 16% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिलेगी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि शुरुआती दौर वाले बिजनेस रेवेन्यू ग्रोथ में 5-6 प्रतिशत अंक का योगदान देंगे। इनमें US और भारत में डेटा सेंटर के साथ-साथ कंप्रेस्ड बायोगैस भी शामिल हैं, जहां Thermax की स्थिति मज़बूत है और बाज़ार के मौके बढ़ रहे हैं।

मार्जिन का आउटलुक भी अच्छा है। पुराने ऑर्डर पूरे होने और ज़्यादा मार्जिन वाले बिज़नेस (जैसे पावर, Thermax Babcock & Wilcox Energy Solutions (TBWES) और सर्विसेज़) से बढ़ते योगदान का इसे फ़ायदा मिल रहा है।

Thermax को ट्रैक करने वाले 21 एनालिस्ट में से 8 ने ‘Buy’ और आठ ने ‘Hold’ रेटिंग दी है, जबकि 5 ने ‘Sell’ की सलाह दी है। एनालिस्ट की आम राय के अनुसार, इसमें 34.4% की बढ़त की संभावना है।

शुक्रवार को Thermax के शेयर 5.19% बढ़कर ₹3,301.10 पर ट्रेड कर रहे थे। 2026 में अब तक इस स्टॉक में लगभग 8% की बढ़त हुई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : JM फाइनेंशियल के जय मेहता से जानें, क्या भारी बिकवाली के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में हो सकती है रिकवरी

Trading Plan : कल के सेशन में सभी सेक्टर में आई गिरावट और जबरदस्त बिकवाली के बाद,मार्केट में रिकवरी की कोशिश हो सकती है। हालांकि,मार्केट को लेकर सतर्क या नेगेटिव नजरिया दिख रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि रिकवरी कितनी देर तक टिक पाती है। निफ्टी को 22,350-22,500 के जोन में पहले और उसके बाद 22600-22800 की रेंज में बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। नीचे की तरफ,गुरुवार का निचला स्तर सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी की गिरावट 22000 की ओर बढ़ सकती है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह 55,000-55,600 के जोन की ओर वापसी कर सकता है। अगर यह लगातार 55,600 के ऊपर लगातार बना रहता है,तो बुल्स फिर से एक्टिव हो सकते हैं। बाजार जानकारों की राय है कि तब तक इंडेक्स एक दायरे में रह सकता है। इसे गुरुवार के निचले स्तर पर पहला सपोर्ट मिल सकता है और उसके बाद 54,000 और 53,700 पर बड़े सपोर्ट मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

JM फाइनेंशियल सर्विसेज़ में टेक्निकल रिसर्च हेड जय मेहता का कहना है कि 1 अक्टूबर को निफ़्टी को 22,217 के आसपास सपोर्ट मिला। इस हफ्ते की शुरुआत में कुछ सकारात्मक संकेत दिखे थे,लेकिन हाल के सेशन में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और इंट्राडे में 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई। कुल मिलाकर स्थिति मंदी वाली बनी हुई है। अगस्त सीरीज़ की शुरुआत से ही ‘लोअर लो’ और ‘लोअर हाई’ का ट्रेंड जारी है। निफ्टी ने 22,179 के आसपास नया 52-हफ्ते का निचला स्तर (लो) बनाया है।

निफ्टी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। इंडिया VIX तेजी से (लगभग 10 प्रतिशत) बढ़कर 15.27 पर पहुंच गया। निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22180–22000 के जोन में है। RSI नए निचले स्तर (lower lows) नहीं बना रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि 22000 ±50 पॉइंट्स के आसपास सबसे नजदीकी सपोर्ट मिल सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है तो गिरावट 21700 और आगे 21560 तक बढ़ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,500 पर पहला रेजिस्टेंस है और उसके बाद 22,800 पर एक मज़बूत रेजिस्टेंस है। जब तक ये लेवल नहीं टूटते तब तक मार्केट का रुख मंदी वाला रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 22,500, 22,800, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,180, 22,000, 21,560

रणनीति:जब तक निफ्टी 22,800 के नीचे बना हुआ है,तब तक उछाल पर बेचें। अगर निफ्टी फ्यूचर्स लगातार 22,000 के नीचे बना रहता है तो नई शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है,जिसमें 21,700 और 21,560 का लक्ष्य रखा जा सकता है।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय मेहता का कहना है कि Nifty 50 के मुकाबले Bank Nifty ने ज्यादा मजबूती दिखाई है। इसने 29 सितंबर को 53,800 के आसपास एक निचला स्तर बनाया और तब से ज्यादातर एक ही दायरे में बना हुआ है। यहां तक कि 1 अक्टूबर को,जब Nifty में तेज गिरावट आई, तब भी Bank Nifty मजबूती से टिका रहा। हाल के सेशन में जहां निफ्टी ने 52-वीक का नया निचला स्तर छुआ,वहीं बैंक निफ्टी अपने हालिया स्विंग लो से ऊपर बना रहा जो पॉज़िटिव रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखाता है। कुल मिलाकर स्थिति अभी भी मंदी वाली (bearish) है,लेकिन जब तक इंडेक्स 53,750 के ऊपर बना रहता है, तब तक और कंसोलिडेशन की संभावना है।

बैंक निफ्टी के लिए 55,700 पर मजबूत रेजिस्टेंस है। अगर यह लगातार 55,700 के ऊपर बना रहता है तो 56,200 और 56,700 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। वहीं,अगर यह 53,750 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 53,000 तक गिर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,700, 56,200, 56,700

अहम सपोर्ट: 54,120, 53,750, 53,000

स्ट्रेटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 53,750 और 55,700 के बीच रेंज ट्रेडिंग। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने पर,उस दिशा में 700–900 पॉइंट की चाल देखने को मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 22000 के मनोवैज्ञानिक लेवल पर भी मंडरा रहा खतरा, 21700 तक फिसल सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 8 अक्टूबर को निफ्टी पर मदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह 1.64 प्रतिशत गिरा और लगातार एक और सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। मोमेंटम इंडिकेटर ‘बेयरिश’ जोन में बने रहे। जबकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। तेल की ऊंची कीमतें, रुपये में कमजोरी, FII की लगातार बिकवाली और इंडिया VIX का 15 के स्तर से ऊपर जाना भी मार्केट सेंटीमेंट पर भारी पड़ा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी गुरुवार के 22,180 के निचले स्तर को साफ तौर पर तोड़ता है तो मंदड़िए 22,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को टारगेट कर सकते हैं और उसके बाद निफ्टी अप्रैल 2025 के निचले स्तर 21,700 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,22,400 एक शुरुआती रेजिस्टेंस बन सकता है और उसके बाद 22,600-22,700 का जोन बड़े रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,232) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस : 22,497, 22,596 और 22,756

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,177, 22,078 और 21,918

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 पिछले 18 महीनों के सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई,जो बाजार में भारी गिरावट के दबाव का संकेत है। 10, 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA सभी नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI सुपर-बेयरिश जोन में बना रहा और 30 से गिरकर 27.55 पर आ गया, जबकि MACD सिग्नल लाइन के नीचे रहा और हिस्टोग्राम में एक बढ़ती हुई लाल पट्टी दिखाई दी। कुल मिलाकर ये संकेत लगातार मंदी के रुझान की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी (54,515) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,899, 55,055 और 55,307

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,395, 54,239 और 53,987

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,053, 52,784

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को 1 प्रतिशत की गिरावट के बाद बैंक निफ्टी पिछले हफ़्ते के क्लोजिंग लेवल के करीब आ गया। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो लगातार बनी कमजोरी को दिखाता है। RSI गिरकर 40 के ज़ोन से नीचे 36.45 पर आ गया,जबकि MACD जो अपनी सिग्नल लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ रहा था,सिग्नल लाइन से नीचे ही बना रहा। हालांकि,MACD हिस्टोग्राम लगातार छठे सेशन में भी मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) में कमी दिखाता रहा। कुल मिलाकर ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का दबाव बना हुआ है,भले ही यह दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा हो।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX कल 10.01% बढ़कर 15.275 पर पहुंच गया। यह 11 जून, 2026 के बाद इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो बुल्स के बीच बढ़ती बेचैनी का संकेत है। 15 के लेवल से ऊपर बने रहने पर बुल्स पर दबाव बना रह सकता है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 अक्टूबर को गिरकर 0.73 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: SAIL

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

RBI MPC: तेजी से बढ़ रही ग्रोथ, आरबीआई की सख्ती, शेयर दबाव में, अब आगे क्या?

केंद्रीय बैंक आरबीआई (RBI) ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की और इसे 5.5% कर दिया। मार्केट को इसने हैरान नहीं किया, क्योंकि इसकी उम्मीद पहले से ही थी। हालांकि कुछ और बातें ऐसी रही, जिसने मार्केट का ध्यान अपनी तरफ खींचा। आरबीआई ने ग्रोथ का अनुमान तेजी से बढ़ाया तो दूसरी तरफ महंगाई का भी अनुमान बढ़ाया है और साथ ही अपना रुख न्यूट्रल से कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया है। आरबीआई ने इस वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया तो महंगाई का अनुमान भी 5% से बढ़ाकर 5.2% किया।

मार्केट में मिला-जुला रुझान

आरबीआई के रुझान से मार्केट को मिला-जुला संकेत मिला। जीडीपी अपग्रेड निश्चित रूप से कंपनियों की कमाई के लिए अच्छी बात है लेकिन महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी और मौद्रिक नीतियों की सख्ती से यह संकेत मिला कि दरों में आगे भी बढ़ोतरी की संभावना है। आरबीआई गवर्नर ने भी ऐसे संकेत दिए हैं।

वैसे मार्केट पहले से ही कमजोर है। पिछले महीने सितंबर में निफ्टी 6.1% गिरकर 22,620 तक आ गया था, जोकि मार्च के बाद इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी तो सेंसेक्स 5.8% गिरकर 72,480 पर आ गया। साथ ही अक्टूबर में एंट्री करते ही इसने लगातार आठ हफ्तों की लगातार गिरावट दिखाई, जो 25 वर्षों में इसकी सबसे लंबी गिरावट रही। आरबीआई के 5 अगस्त के पॉलिसी पॉज के बाद इंडेक्स लगभग 7.5% गिर चुका है।

अब आगे क्या

आरबीआई ने अपने आउटलुक से यह संकेत दिया है कि इसका फोकस फिलहाल इनफ्लेशन पर है। वैसे भी जून 2026 तिमाही में भारतीय इकॉनमी 7.8% की रफ्तार से बढ़ी थी जोकि आरबीआई के पहले के अनुमान 7% से अधिक रही। अब आरबीआई ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7.1% कर दिया। इसका मतलब है कि कंपनियों की मांग और रेवेन्यू की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

अब सबसे बड़ी परीक्षा सितंबर तिमाही के नतीजे को लेकर है। निफ्टी 50 की कंपनियों से रेवेन्यू और मुनाफे में सालाना करीब 20% के ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि तेल और कच्चे माल की लागत में उछाल से रेवेन्यू में बढ़ोतरी का पूरा फायदा प्रॉफिट में नहीं बदल सकता है और कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि ऑपरेटिंग मार्जिन में सालाना आधार पर सितंबर तिमाही में 100-150 बीपीएस की गिरावट आ सकती है।

ऐसे में असली सवाल ये रहेगा कि कंपनियां बढ़ती लागत को कितना सोख सकती है और ईबीआईटीडीए मार्जिन कितना बचा सकती हैं। सितंबर तिमाही के कारोबारी नतीजे पर तो मार्केट की नजर रहेगी ही लेकिन इसके अलावा आगे यह भी देखना होगा कि मैनेजमेंट की कमेंट्री क्या रहती है, क्या कंपनियों के पास प्राइसिंग पावर है, और वित्त वर्ष 2027 में डिमांड कैसी रहती है।

फिलहाल तो इस समय सबसे बड़ा रिस्क कच्चा तेल भी है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $101 के पार चला गया क्योंकि इससे इनफ्लेशन, करंट अकाउंट, रुपये और कॉरपोरेट मार्जिन- चारों पर दबाव पड़ता है। दूसरी तरफ अमेरिका और भारत में बॉल्ड यील्ड ऊंची है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय मार्केट में निवेश का क्रेज फीका पड़ सकता है। अमेरिका में 10-साल का ट्रेजरी यील्ड उछलकर करीब 5.3% और भारत में 10-साल का गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड 7.2% पर पहुंच गया। इससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। DIIs की खरीदारी और एसआईपी फ्लो ने एक जरूरी सहारा दिया है, लेकिन यूएस यील्ड में बढ़ोतरी, कमजोर रुपए और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से विदेशी पैसे की तेजी से वापसी मुश्किल हो गई है।

कंक्लूजन

बाजार का समीकरण बदल चुका है। 7.1% GDP ग्रोथ से कमाई का निचला स्तर तय होता है तो महंगाई की 5.2% की रफ्तार और 5.5% रेपो रेट से वैल्यूएशन रीरेटिंग की ऊपरी सीमा तय होती है। सितंबर में निफ्टी पहले ही लगभग 6% और अगस्त की पॉलिसी के बाद से लगभग 8% गिर चुका है, इसलिए अगला दौर इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या कंपनी की कमाई उम्मीदों से बेहतर हो सकती है। फिलहाल आरबीआई ने सस्ते कर्ज की संभावना खत्म कर दी है तो इक्विटी को बड़े बदलाव की जरूरत है। खास बात ये है कि भारत का ग्रोथ इंजन बना हुआ है लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, कई वर्षों के हाई लेवल के करीब ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और मार्जिन पर दबाव से कंपनियों की मजबूत कमाई के बावजूद शेयरों का जोश फीका हो सकता है।

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RBI ने 25 बीपीएस बढ़ाया रेपो रेट

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मार्केट लाल, Sensex डे-हाई से टूट गया 750 प्वाइंट्स, Nifty आया 22400 के नीचे

Share Market Crash: 25 साल में लगातार आठ हफ्ते की सबसे लंबी गिरावट के बाद इस हफ्ते की शुरुआत सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत की लेकिन फिर ये ढह गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर बातचीत फिलहाल स्थिर हो गई है। इससे मार्केट को शॉक लगा और सेंसेक्स डे-हाई से 750 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22400 के नीचे के आ गया।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 722.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,631.93 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 791.75 प्वाइंट्स टूटकर 71,840.18 और निफ्टी 199.85 प्वाइंट्स उछलकर 22,621.80 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 224.70 प्वाइंट्स गिरकर 22,397.10 तक आ गया।

क्या है वित्त मंत्री ने? 

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली में एक इवेंट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ट्रेड डील को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत अभी भी चल रही है लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से काफी बातचीत और समझौते के बाद ऐसी स्थिति हासिल कर ली है, जहां आगे कुछ देना या लेना दोनों के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्षों के लिए आगे बढ़ने की कोई गुंजाइश बची है, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के लिए अब आगे और समझौता करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होगा। इस पर मार्केट धड़ाम हो गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस अभी भारत के पक्ष में है अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सौदे को लेकर बातचीत अभी चल रही है।

वित्त मंत्री ने दिया चीन का उदाहरण

भारत के साथ सौदे को लेकर अमेरिका चाहता है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड इनबैलेंस यानी कारोबारी अंसतुलन कम हो यानी कि भारत अधिक से अधिक चीजें अमेरिका से खरीदे। वित्त मंत्री ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच भी ऐसा ही असंतुलन है और 2014 के बाद से व्यापार घाटा लगातार बहुत तेजी से बढ़ा है लेकिन केवल व्यापार घाटे को कम करना ही अगर किसी समझौते की मुख्य शर्त बन जाए, तो सवाल यह है कि बातचीत के जरिए इसे किस हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले कारोबारी बातचीत का उद्देश्य यह होता था कि दोनों देश अपनी समस्याएं और असमानताएं सामने रखते थे और फिर बातचीत के जरिए समाधान निकालते थे लेकिन अब व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी बातचीत में किसी देश को अपने बाजार में कुछ चीजों की पहुंच बढ़ानी होती थी तो बदले में वह दूसरे देश की कुछ चीजों को अपने यहां अधिक पहुंच देता था यानी दोनों तरफ से कुछ देना और कुछ लेना होता था लेकिन अब टैरिफ बड़ा हथियार बन गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि पहले टैरिफ यानी आयात शुल्क का इस्तेमाल कारोबारी बातचीत के दौरान एक ढांचे के तहत होता था लेकिन अब इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या कहना है अमेरिका का

भारत के साथ कारोबारी सौदे को लेकर अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमीसन ग्रीर (Jamieson Greer) का कहना है कि ट्रंप सरकार इसे लेकर आखिरी दौर में है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता जल्द होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि G20 की बैठक के दौरान भारत के कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ अच्छी बातचीत हुई। ग्रीर के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच जिन मुद्दों को लेकर मतभेद है, उसकी पहचान कर ली गई है और अब उन्हें सुलझाने के लिए काम किया जा रहा है।

India-US Trade Deal: मुश्किल में भारत-अमेरिका ट्रेड डील! 

Orient Cables IPO Listing: ₹450 पर लिस्ट ₹272 का शेयर, 97 गुना भरा था आईपीओ

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