Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी आज जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

Gift Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ है। निवेशक सेंट्रल बैंक की मीटिंग, कॉर्पोरेट अर्निंग और गल्फ में डेवलपमेंट से भरे इस हफ्ते पर भी नजर रखेंगे। यहीं वजह है कि सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के ऊपर खुलने की संभावना है, GIFT निफ्टी के साथ एक मजबूत शुरुआत का संकेत है।

गिफ्ट निफ्टी 23,947 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 140.5 पॉइंट्स का प्रीमियम है। शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाज़ार लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए थे। बेंचमार्क निफ्टी 50 23,800 के लेवल से नीचे चला गया। सेंसेक्स 331.62 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 102.15 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में बढ़त

US और ईरान के बीच दुश्मनी में ठहराव के बाद सोमवार को एशियाई इक्विटी में तेजी आई, जिससे संघर्ष के डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आईं और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। बाजारों ने उन रिपोर्टों का स्वागत किया कि जब तक अमेरिका आगे हमले नहीं करता, ईरान हमले रोक देगा।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.3 परसेंट बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 0.4 परसेंट और साउथ कोरिया का कोस्पी 0.6 परसेंट बढ़ा। US फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत की, S&P 500 फ्यूचर्स 0.8 परसेंट और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.3 परसेंट बढ़े। यूरोपियन फ्यूचर्स भी ज़्यादा थे।

क्रूड 5% गिरा

लड़ाई में साफ रुकावट के बाद सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 5.2 परसेंट गिरकर $91.73 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5.4 परसेंट गिरकर $84.45 पर आ गया। हाल ही में लड़ाई बढ़ने के दौरान ब्रेंट के कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद दोनों बेंचमार्क लगभग एक हफ़्ते में अपने सबसे निचले लेवल पर आ गए।

फेड और बिग टेक की कमाई से पहले वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला रुख रहा। शुक्रवार को US मार्केट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, क्योंकि इन्वेस्टर्स इस हफ़्ते की फेडरल रिज़र्व पॉलिसी मीटिंग और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर नज़र रखे हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.46 परसेंट बढ़ा, जबकि S&P 500 0.05 परसेंट बढ़ा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी खर्च की चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर स्टॉक दबाव में रहने से नैस्डैक कंपोजिट 0.64 परसेंट गिर गया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताओं को कम करने और सेंट्रल बैंकों पर मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट मार्केट सेंटिमेंट और कमोडिटी की कीमतों के मुख्य ड्राइवर बने रहेंगे।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में शॉर्ट-टर्म में मंदी का रुझान बना हुआ है। 23,800-24,000 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर लगातार मूव करने से सेंटिमेंट में सुधार होगा और 24,200 की ओर रास्ता खुलेगा। नीचे की तरफ, 23,700-23,600 मुख्य सपोर्ट एरिया है, और 23,600 से नीचे जाने पर गिरावट 23,500-23,300 ज़ोन तक बढ़ सकती है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी 50 इंडेक्स ने निचले लेवल के पास एक मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक बनाया, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। उन्होंने बताया कि निफ्टी 50 अभी 23,600 के आसपास एक ज़रूरी सपोर्ट ज़ोन के पास है, जो 15 जून के अपसाइड गैप और एक बढ़ती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म पुलबैक की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नेगेटिव हो गया है, शेट्टी का मानना ​​है कि मीडियम से लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा कमजोरी के फिर से शुरू होने से पहले, आने वाले हफ्ते में इंडेक्स 24,200 पर तुरंत रेजिस्टेंस की ओर थोड़ा उछाल देखेगा। उन्होंने आगे कहा कि 23,600 का लेवल देखने के लिए मुख्य सपोर्ट बना हुआ है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live  Update: कच्चा तेल के नीचे आने से बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे है। गिफ्ट निफ्टी करीब 150 प्वाइंट ऊपर है। एशिया में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। डाओ और नैस्डैक फ्यूचर्स 300 प्वाइंट तक ऊपर नजर आए। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। सोने में भी चमक दिखी है और 4100 डॉलर के पार निकली है।

पिछले सेशन में, BSE सेंसेक्स 0.43% गिरकर 76,059.77 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। सोमवार को एशियाई मार्केट मिले-जुले ट्रेड कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 0.26% गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स 0.4% बढ़ा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.9% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.68% बढ़ा। पिछली बार चेक करने पर, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4% से ज़्यादा गिरकर $87 प्रति बैरल पर था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 4.5% गिरकर $85 प्रति बैरल पर था।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Juniper Green Energy IPO: जुनिपर ग्रीन का आईपीओ 30 जुलाई को खुलेगा, रिन्यूएबल एनर्जी पर दांव लगाने का बड़ा मौका

Juniper Green Energy IPO: जुनिपर ग्रीन एनर्जी का आईपीओ 30 जुलाई को खुल जाएगा। यह आईपीओ 1,800 करोड़ रुपये का है। कंपनी इश्यू के जरिए इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स या पुराने इनवेस्टर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

एंकर इनवेस्टर्स के लिए 29 जुलाई को खुलेगा इश्यू

Juniper Green Energy ने पहले आईपीओ से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। बाद में उसने इश्यू का साइज घटा दिया। कंपनी आईपीओ में शेयरों के प्राइस बैंड सहित कई जानकारियां सोमवार यानी 27 जुलाई को इश्यू करेगी। यह इश्यू एंकर इनवेस्टर्स के लिए एक दिन पहले यानी 29 जुलाई को खुल जाएगा।

6 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट होंगे शेयर 

शेयरों का एलॉटमेंट 4 अगस्त को होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज में 6 जुलाई को लिस्ट होंगे। कंपनी ने 2 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर अपने एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व रखा है। इश्यू के आधे शेयर (एंप्लॉयीज का हिस्सा छोड़कर) क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हैं। 35 फीसदी शेयर्स रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हैं।

 टॉप 10 इंडिपेंडेंट रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल 

जुनिपर ग्रीन एनर्जी गुरुग्राम की कंपनी है। यह देश के सबसे बड़े 10 रिन्यूएबल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स में शामिल है। इसके पोर्टफोलियो में 50 प्रोजेक्ट्स हैं। कंपनी की कुल बिजली उत्पादन क्षमता इस साल जून में 7,910.20 MW की थी। मार्च 2020 में कंपनी का सिर्फ एक सोलर प्रोजेक्ट था, जिसकी क्षमता 100 मेगावॉट थी। कंपनी के 50 प्रोजेक्ट्स में 20 ऑपरेशनल प्रोजेक्ट्स हैं। 19 कॉन्ट्रैक्टेड प्रोजेक्ट्स है, जिन पर काम चल रहा है। बाकी 11 अवॉर्डेड प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है।

कंपनी आईपीओ से आए पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी

कंपनी आईपीओ से आए 1,411.9 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा। इस साल जून में कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी पर 13,266 करोड़ रुपये का कर्ज था। जुनिपर ग्रीन की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों में ACME Solar Holdings, NTPC Green Energy और Adani Green Energy शामिल हैं। ये सभी कंपनियां स्टॉक्स एक्सचेंज में सूचीबद्ध (Listed) हैं।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 41 फीसदी बढ़ा

जुनिपर ग्रीन का प्रॉफिट FY26 में 10.9 फीसदी बढ़कर 40.5 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 41.3 फीसदी बढ़कर 718.9 करोड़ रुपये रहा। यह इश्यू उन निवेशकों के लिए एक मौका है, जो रिन्यूएनबल एनर्जी पर दांव लगाना चाहते हैं। देश में कुल बिजली उत्पादन में रन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। यह हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी पर पहुंच गई है।

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शेयर बाजार का सेंटिमेंट फिलहाल कमजोर

यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब मध्यपूर्व में बढ़ते टेंशन और क्रूड में उछाल से मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर है। इस हफ्ते पांचों कारोबारी सत्रों में बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट आई। इस हफ्ते निफ्टी करीब 600 अंक गिरा है, जबकि सेंसेक्स 1500 अंक से ज्यादा टूटा है। निवेशकों को इश्यू में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर्स की राय लेने की सलाह है।

Tata Consumer Q1 Results: प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 427 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 12% बढ़ा

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने 24 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 27.8 फीसदी बढ़कर 427 करोड़ रुपये हा। इस दौरान रेवेन्यू करीब 12 फीसदी बढ़ा। कंपनी के प्रॉफिट और रेवेन्यू दोनों ही एनालिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा रहे। कंपनी का शेयर 24 जुलाई को 1.42 फीसदी चढ़कर 1,092 रुपये पर बंद हुआ।

रेवेन्यू 11.9 फीसदी बढ़कर 5348 करोड़ रुपये रहा

Tata Consumer Products का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 11.9 फीसदी बढ़कर 5,348.8 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,778.9 करोड़ रुपये था। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 5,340 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। EBITDA जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 19.9 फीसदी बढ़कर 724 करोड़ रुपये रहा।

EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 13.5 फीसदी पहुंच गया

कंपनी का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में बढ़कर 13.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 12.7 फीसदी था। यह सीएनबीसी-टीवी8 के पोल में एनालिस्ट्स के 13.6 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स टाटा समूह की कंपनी है। यह नमक, चाय, कॉफी सहित कई तरह के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बनाती है।

भारत में कंपनी के ब्रांडेड बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा

टाटा कंज्यूमर के एमडी एवं सीईओ सुनील डिसूजा ने कहा, “एक बार फिर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ का बड़ा हाथ है। इससे कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ग्रोथ 29 फीसदी पहुंच गई। इंडिया में ब्रांडेड बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी की ग्रोथ बिनजेस की ग्रोथ भी स्ट्रॉन्ग रही।” कंपनी के इंडिया बिजनेस का रेवेन्यू 13 फीसदी बढ़कर 3,540 करोड़ रुपये रहा।

चाय बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 2 फीसदी रही

जून तिमाही में भारत में कंपनी के चाय बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 2 फीसदी रही, जबकि रेवेन्यू कम रहा। कंपनी ने कहा है कि कंपनी ने चाय की कीमतों में कमी का फायदा ग्राहकों को दिया। नमक से रेवेन्यू 7 फीसदी बढ़ा। कॉफी बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ 24 फीसदी रही। कंपनी के रेडी-टू-ड्रिंक बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 35 फीसदी रही।

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

24 जुलाई को शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला। इस हफ्ते लगातार पांचवें दिन बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स गिरकर बंद हुए। निफ्टी 0.43 फीसदी यानी 102 अंक गिरकर 23,767 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.43 फीसदी यानी 331 अंक की कमजोरी के साथ 76,059 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 0.18 फीसदी की तेजी रही।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 27 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook :24 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 331.62 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। लगभग 2050 शेयरों में बढ़त हुई,1961 शेयरों में गिरावट आई और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,एटरनल, M&M, श्रीराम फाइनेंस और भारती एयरटेल शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,विप्रो,सिप्ला,ITC और HDFC लाइफ शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस मिली-जुली रही। निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी IT (0.8% ऊपर),निफ्टी PSU बैंक (0.5% ऊपर)और निफ्टी बैंक (0.18% ऊपर)रहे।

दूसरी ओर निफ्टी ऑटो सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.10% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल (0.55% नीचे),निफ्टी एनर्जी (0.57% नीचे),निफ्टी रियल्टी (0.55% नीचे),निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.46% नीचे),निफ्टी फार्मा (0.4% नीचे) और निफ्टी इंफ्रा (0.4% नीचे) रहे।

ब्रॉडर मार्केट भी अपने इंट्राडे निचले स्तरों से सुधरे। निफ्टी मिडकैप 100 बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में मार्केट का सेंटीमेंट खराब रह सकता है। तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से मेन मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और ग्रोथ पर बुरा असर पड़ सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें संकट के समय के अपने पीक से काफी नीचे होने के बावजूद US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए हैं। यह बॉन्ड मार्केट की उन चिंताओं को दिखाता है जो एनर्जी से जुड़ी महंगाई के जोखिम,मजबूत लेबर मार्केट की स्थिति और फेड के लगातार सख़्त रुख (hawkish stance) से जुड़ी हैं।

इन वजहों से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इंपोर्ट पर वॉशिंगटन के नए टैरिफ ने एक्सपोर्ट पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेक्नोलॉजी इंटेसिव मार्केट पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है,क्योंकि ग्रोथ पर ऊंची दरों का दबाव है और निवेशक दूसरे उभरते हुए मार्केट की ओर रुख करके जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अच्छे वैल्यूएशन और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों के चलते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

निफ्टी का आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23650-23600 के जोन में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है,तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23450 और फिर 23300 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तकाल रेजिस्टेंस 23950-24000 के जोन में है,जो 50-दिन के EMA के साथ मेल खाता है।

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बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी में भी निफ्टी जैसी ही शुरुआती कमजोरी दिखी। यह निचले स्तर पर खुला और नीचे की ओर गया,लेकिन फिर इंट्राडे के निचले स्तरों से तेज रिकवरी हुई जिससे नुकसान की भरपाई हो गई। इस रिकवरी की वजह से डेली चार्ट पर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी और इंडेक्स ने अपना 200-डे का EMA फिर से हासिल कर लिया,जो ट्रेडर्स के लिए एक अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57100-57200 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56300-56200 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 332 अंक गिरकर बंद; लगातार 5वें दिन लाल, निवेशकों के ₹91511 करोड़ स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। दिन में सेंसेक्स ने 917 अंकों की तगड़ी मार झेली और 75,474.43 के लो तक चला गया। निफ्टी भी 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। हालांकि बाद में रिकवरी हुई। सेंसेक्स 331.62 अंकों की गिरावट के साथ 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंकों की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 91,510.68 करोड़ रुपये घट गया। गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह घटकर 4,75,69,475.24 करोड़ रुपये हो गया।

NSE पर एचसीएल टेक्नोलोजिज, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टॉप गेनर्स रहे। वहीं इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज ऑटो टॉप लूजर्स रहे।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। बाद में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 96.55 (अस्थायी) पर बंद हुआ। खबरों के मुताबिक, इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की संभावित दखलंदाजी का भी हाथ रहा, जिसके जरिए कच्चे तेल की कीमत में उछाल के बीच रुपये में और गिरावट को रोकने की कोशिश की गई। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी घरेलू करेंसी को कुछ सहारा दिया। रुपया गुरुवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट में हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: जानिए दूसरे दिन इश्यू को कितना रिस्पॉन्स, कितना चल रहा जीएमपी

लोहिया कॉर्प के आईपीओ का आज दूसरा दिन है। अब तक इश्यू में निवेशकों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। 24 जुलाई को दोपहर से पहले तक यह इश्यू करीब 45 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। यह जानकारी एनएसई के डेटा पर आधारित है। कंपनी इश्यू से 1,101.28 करोड़ रुपये जुटाने वाली है।

Lohia Corp आईपीओ में ऑफर फॉर सेल के जरिए 1,43,52,274 शेयर बेचेगी। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में यह इश्यू 84 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 43 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) की कैटेगरी में 19 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है।

लोहिया कॉर्प ने आईपीओ में प्रति शेयर 405-425 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इनवेस्टर गेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, लोहिया कॉर्प के शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 15 रुपये चल रहा है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर शेयर की लिस्टिंग 3.5 फीसदी प्रीमियम के साथ हो सकती है।

इस इश्यू में कम से कम शेयरों के लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 35 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर निवेशक के कम से कम 14,875 रुपये का निवेश करना होगा। एक इनवेस्टर मैक्सिमम शेयरों के 13 लॉट के लिए निवेश कर सकता है। FY26 में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी की कुल इनकम 25.3 फीसदी बढ़कर 1,737.87 करोड़ रुपये रही।

आईपीओ में बोली लगाने वाले निवेशकों को शेयर का एलॉटमेंट 28 जुलाई को हो जाने की संभावना है। कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर 30 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं। शेयर बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे। यह कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाती है। यह कानपुर की कंपनी है। इस साल 31 मार्च को कंपनी का कुल एसेट्स 1,304.66 करोड़ रुपये का था।

यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। इस हफ्ते बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें दिन गिरकर बंद हुए। निफ्टी 0.43 फीसदी यानी 102 अंक गिरकर 23,767 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.43 फीसदी यानी 331 अंक की कमजोरी के साथ 76,059 पर बंद हुआ। इसकी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है।

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

Infosys Share Price : इंफोसिस के नतीजे खराब,लेकिन डिजास्टर नहीं, अब कुछ समय एक दायरे में रह सकता है यह शेयर-अनुज सिंघल

तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

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Market Insight : बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की, अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस लगाएं

Market Insight : चौतरफा बिकवाली के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में शुरुआती गिरावट और बढ़ गई है। निफ्टी 23600 के आसपास आ गया है। सुबह 10:50 बजे के आसपास सेंसेक्स 795.76 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 75,595.63 पर और निफ्टी 227.50 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,642.10 पर दिख रहा था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई थी।

बाजार: क्या आज बनेगा बॉटम?

बाजार की आगे की चाल और रणनीति पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो आज हम रेंज का ब्रेकडाउन करेंगे। लेकिन याद है ना,पिछले शुक्रवार हमने रेंज का ब्रेकआउट देखा था। बुधवार से हमारा नजरिया था कि 23,800 टूटेगा। मगर ये भी संभव है कि ब्रेकडाउन भी टिके नहीं। US की 10 साल की बॉन्ड यील्ड अब मेक ऑर ब्रेक लेवल पर है। 4.7% की बॉन्ड यील्ड के ऊपर अमेरिका में पैनिक होता है। हो सकता है वीकेंड पर डॉनल्ड ट्रंप कुछ कदम पीछे लें। उन्होंने धमकी दी है कि कुछ बड़ा करेंगे। हो सकता है वीकेंड पर वो कहें कि ईरान मान गया है।

कच्चा तेल $102 तक गया लेकिन अब $100 के करीब है। आज शायद IT सबसे पहले रिकवरी दिखाए। इंफोसिस के नतीजे कमजोर हैं लेकिन बहुत ज्यादा कमजोर नहीं हैं। एक नजर मार्केट ब्रेड्थ पर भी रखें जो 2 दिन से काफी कमजोर है।

 

निफ्टी: अब क्या हैं अहम स्तर?

अनुज सिंघल का कहना है कि 23,800 का लेवल तो तो आज निर्णायक तौर पर टूटने वाला है। इस रैली की शुरुआत हुई थी 23,123 से। 23,123 से हम 24,430 तक गए, यानी 1307 अंकों की रैली हुई। उसमें से अब हम रैली का 43% गिर चुके हैं। 50% रिट्रेसमेंट 23,776 पर है और 61.8% रिट्रेसमेंट 23,622 पर है और अब 23,622 निफ्टी की आखिरी लक्ष्मण रेखा है। इसके नीचे बंद हुए तो पूरी रैली खत्म होने का रिस्क होगा।

बाजार: क्या हो अब रणनीति?

बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की है। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब आप ट्रेलिंग SL लगाएं। वीकेंड पर शॉर्ट्स बिल्कुल ना लेकर जाएं, क्योंकि अब बाजार काफी हद तक पैनिक फैक्टर को पचा चुका है और अगर वीकेंड पर कुछ पॉजिटिव हुआ तो बड़ी कवरिंग होगी। मगर दिक्कत ये है कि बाजार का टेक्सचर काफी कमजोर है। पैसा पूरे हफ्ते सिर्फ बेचकर बना है। ऐसे में जोखिम लेकर लॉन्ग करने की रणनीति भी थोड़ी रिस्की है।

ये बाजार थकाने वाला है,इसमें कोई शक नहीं है। इस बाजार में रिवेंज ट्रेडिंग ना करें। जरूरी नहीं है कि इस हफ्ते का नुकसान आप आज ही पूरा भरें। कई बार आपको स्वीकार करना पड़ता है कि ये बाजार अलग है। बाजार में चुनिंदा शेयरों में मौके अब भी हैं,हालांकि बहुत सीमित हैं। पिछले 2-3 दिनों से बड़ा पैसा 2-व्हीलर शेयरों में बना है। अगर शॉर्ट करना नहीं आता तो इस बाजार में काफी दिक्कत है। बाजार में अंदाजे को नहीं बल्कि प्राइस एक्शन को फॉलो कीजिए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 (ऑप्शंस जोन) पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,600-23,650 (Fibonacci लेवल्स) पर है। वहीं, इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। गैपडाउन के बाद वेट एंड वॉच की रणनीति रखें। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो आधी पोजिशन बुक करें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 55,200 पर है। उसके पहले बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। लेकिन अगर 57,000 जल्दी वापस नहीं आया तो बड़ी गिरावट का खतरा है। बैंक निफ्टी में अब इन लेवल्स पर नया ट्रेड करना लगभग नामुमकिन है। पहले के शॉर्ट्स हैं तो ट्रेलिंग SL के साथ रहें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।