IRCON Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी का मुनाफा 44% घटा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ा

IRCON Q1 Results: रेलवे सेक्टर की सरकारी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी IRCON International Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 43.6% घटकर ₹92.74 करोड़ रह गया।

पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹164.5 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई।

IRCON का रेवेन्यू 9.5% बढ़ा

IRCON का कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.5% बढ़कर ₹1,955.8 करोड़ हो गया। पिछले साल की जून तिमाही में यह ₹1,786.3 करोड़ था। EBITDA भी 2.6% बढ़कर ₹205.17 करोड़ रहा। एक साल पहले यह करीब ₹200 करोड़ था।

हालांकि, EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। यह पिछले साल के 11.19% से घटकर 10.49% रह गया।

ISTPL का टोल कलेक्शन अधिकार खत्म

IRCON ने बताया कि उसकी ज्वाइंट वेंचर कंपनी Ircon-Soma Tollway Pvt. Ltd. (ISTPL) का टोल कलेक्शन अधिकार 14 मई को खत्म हो गया। यह अधिकार बढ़ाई गई कंसेशन अवधि पूरी होने के बाद खत्म हुआ। ISTPL में IRCON की 50% हिस्सेदारी है। अब हाईवे से जुड़े एसेट्स नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंपे जा रहे हैं।

30 जून तक ISTPL की नेटवर्थ करीब ₹216.17 करोड़ थी। इसमें IRCON का हिस्सा करीब ₹108.09 करोड़ है। कंपनी ने कहा कि उसे ज्वाइंट वेंचर में अपने निवेश की वैल्यू में किसी तरह की कमी यानी इम्पेयरमेंट की उम्मीद नहीं है।

दूसरे प्रोजेक्ट्स पर भी अपडेट

रेल मंत्रालय ने Bastar Railway Pvt. Ltd. को बंद करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। कंपनी के मुताबिक, इससे जुड़ी कानूनी और दूसरी प्रक्रियाएं चल रही हैं। IRCON ने यह भी बताया कि उसने MCL प्रोजेक्ट के फेज I और फेज II को रेल मंत्रालय को सौंपने का फैसला किया है।

इसके अलावा, 23 जून को IRCON ने बताया था कि Badri Rai & Company के साथ उसके ज्वाइंट वेंचर को ₹763.1 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन ने अगरतला में स्मार्ट-ग्रिड प्रोजेक्ट के लिए दिया है।

शेयर में 1.32% की गिरावट

पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.14% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 24.34% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.87 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CBSE Class 12 compartment result 2026: 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट हुए घोषित, डिजीलॉकर से स्कोरकार्ड करें डाउनलोड

CBSE Class 12 compartment result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा छात्रों के लिए आज अहम दिन है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के छात्रों के कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। जुलाई के अंत में हुई कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट का छात्र काफी समय से इंतजार कर रहे थे। रिजल्ट जारी होने से छात्रों को काफी राहत मिली है।

सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के रिजल्ट सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल cbse.gov.in और cbseresults.nic.in के साथ ही, डिजीलॉकर के रिजल्ट पोर्टल https://results.digilockergov.in पर देखे जा सकते हैं। रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपने रोल नंबर, एडमिट कार्ड नंबर, स्कूल नंबर और सिक्योरिटी पिन की जरूरत होगी।

सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 28 जुलाई को हुई थी। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए थी जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम पासिंग मार्क्स नहीं ला पाए थे। कंपार्टमेंट परीक्षा ऑफलाइन, पेन-एंड-पेपर मोड में भारत और विदेश के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर हुई थी। बोर्ड द्वारा जारी डेटा के अनुसार, कुल 1,63,800 स्टूडेंट्स कंपार्टमेंट कैटेगरी में लिस्टेड थे।

इस साल सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 में 53.08% छात्र सप्लीमेंट्री/इम्प्रूवमेंट परीक्षा में सफल रहे हैं। सीबीएसई सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए कुल 2,91,576 स्टूडेंट्स ने पंजीकरण किया था जिसमें से 2,75,287 स्टूडेंट्स ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। इसमें से इम्प्रूवमेंट परीक्षा में 1,11,056 छात्रों ने हिस्सा लिया था और इसके अलावा कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए 1,64,231 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। कुल पास प्रतिशत 53.08% दर्ज किया गया है।

सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026: कैसे डाउनलोड करें

छात्र अपनी मार्कशीट चेक और डाउनलोड करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • ऑफिशियल सीबीएसई वेबसाइट, cbse.gov.in, या रिजल्ट वेबसाइट, cbseresults.nic.in पर जाएं।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
  • रोल नंबर, एडमिट कार्ड नंबर और स्कूल नंबर जैसी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा CAPTCHA कोड या सिक्योरिटी पिन डालें।
  • “सबमिट” पर क्लिक करें।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी।
  • रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक कॉपी रख लें।

सीबीएसई 12वी कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026: चेक करने के दूसरे तरीके

अगर सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट्स स्लो हैं या ज्यादा ट्रैफिक की वजह से काम नहीं कर रही हैं, तो छात्र अपनी मार्कशीट एक्सेस करने के लिए डिजिलॉकर और UMANG मोबाइल एप्लिकेशन जैसे आधिकारिक मंचों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। छात्रों को रिजल्ट पर दी गई सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करनी चाहिए। किसी भी गलती के मामले में, उन्हें सुधार के लिए संबंधित सीबीएसई अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए।

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Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

Retail Inflation : रिटेल महंगाई जुलाई में लगातार चौथे महीने बढ़ी है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.45% हो गई। जून में यह 4.38% थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण रही।

जुलाई में महंगाई लगातार दूसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही। अप्रैल में महंगाई 3.48% थी। इसके बाद मई में 3.93%, जून में 4.38% और जुलाई में 4.45% हो गई। यानी अप्रैल से अब तक महंगाई करीब 1 प्रतिशत अंक बढ़ चुकी है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जुलाई में Consumer Food Price Index (CFPI) आधारित महंगाई 5.52% रही। जून में यह 5.32% थी। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की महंगाई ज्यादा रही। यहां यह 5.79% रही। शहरी इलाकों में यह 5.05% थी।

इसी वजह से आने वाले महीनों में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ICRA के मुताबिक, अगस्त में रिटेल महंगाई 4.7% तक पहुंच सकती है।

गांवों में महंगाई का ज्यादा दबाव

ग्रामीण भारत में कुल रिटेल महंगाई जुलाई में 4.84% रही। जून में यह 4.74% थी। वहीं, शहरी महंगाई 3.93% से मामूली बढ़कर 3.96% हो गई। खाने-पीने की चीजों के अलावा कपड़े और जूते भी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा महंगे हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी महंगाई 3.97% रही। शहरी क्षेत्रों में यह 2.41% थी।

कुछ सेवाओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई। जुलाई में रेस्टोरेंट और होटल से जुड़ी सेवाओं की महंगाई 7.72% रही। ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.43% और पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन, अन्य सेवाओं की महंगाई 14.77% रही।

अदरक, लहसुन और प्याज ने रुलाया

रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें जुलाई में काफी महंगी हुईं। अदरक की कीमतों में सालाना आधार पर 83.62% की बढ़ोतरी हुई। जून में यह 50.41% थी। लहसुन की महंगाई भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई। प्याज की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। प्याज की महंगाई जून के 4.73% से बढ़कर जुलाई में 22.54% हो गई।

हालांकि, कुछ सब्जियों ने राहत दी। जुलाई में टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 4.59% घटी। जून में टमाटर 31.92% महंगा था। आलू की कीमत 16.56% और भिंडी की कीमत 5.52% घटी।

सोना-चांदी भी महंगे

महंगाई के आंकड़ों में कीमती धातुओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दिखी। जुलाई में चांदी के आभूषणों की कीमत सालाना आधार पर 109.84% बढ़ी। सोने, हीरे और प्लैटिनम के आभूषण भी महंगे हुए। इनकी कीमतों में क्रमशः 32.98% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आगे ब्याज दरों पर क्या होगा?

महंगाई बढ़ने से RBI के लिए ब्याज दरों को लेकर फैसला थोड़ा मुश्किल हो सकता है। RBI ने हाल में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज के मुताबिक, बारिश, कच्चे तेल की कीमत और इनपुट लागत पर नजर रखना जरूरी होगा। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से महंगाई 5% के ऊपर जा सकती है।

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में औसत CPI महंगाई करीब 5% रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव और मानसून इसके लिए बड़े जोखिम हैं। अगर महंगाई का दबाव दूसरी चीजों तक भी फैलता है, तो दिसंबर 2026 की बैठक में RBI ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

तेलंगाना में सबसे ज्यादा महंगाई

राज्यों की बात करें तो जुलाई में तेलंगाना में महंगाई सबसे ज्यादा 6.32% रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 5.72% और तमिलनाडु में 5.44% रही। वहीं, मिजोरम में महंगाई सबसे कम 1.84% रही। मेघालय में यह 2.31% और त्रिपुरा में 2.32% रही। दिल्ली में भी महंगाई अपेक्षाकृत कम 2.68% रही।

कुल मिलाकर, जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अभी इसकी बड़ी वजह खाने-पीने की चीजें और कुछ सप्लाई से जुड़ी समस्याएं हैं। अगर यह दबाव आगे भी बना रहता है, तो इसका असर RBI की ब्याज दरों की अगली रणनीति पर पड़ सकता है।

Lenskart Q1 Results: आईवियर कंपनी का मुनाफा 270% बढ़ा, रेवेन्यू ₹2714 करोड़ पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Motors CV Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹2560 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू भी 20% उछला

Tata Motors CV Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Commercial Vehicles Ltd ने 12 अगस्त को जून तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 83% बढ़कर ₹2,560 करोड़ हो गया। इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट ग्राहकों से मजबूत मांग ने कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दिया। हालांकि, कमोडिटी की बढ़ती लागत का दबाव भी रहा।

Tata Motors CV का रेवेन्यू 20% बढ़ा

टाटा मोटर्स CV का ऑपरेशंस से रेवेन्यू पहली तिमाही में 20% बढ़कर ₹20,576 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹17,192 करोड़ था।

कंपनी के MD और CEO गिरीश वाघ ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री ने मजबूती दिखाई। भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, बेहतर फ्लीट इस्तेमाल और अलग-अलग सेक्टर से बनी मांग ने कारोबार को सहारा दिया।

उन्होंने कहा कि Tata Motors के कमर्शियल व्हीकल वॉल्यूम में सालाना आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी के मुताबिक, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, बेहतर मार्केट रणनीति और लगातार अच्छे अमल से कंपनी की बाजार स्थिति और मजबूत हुई है।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल की मांग भी बढ़ी

टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की। eSCV सेगमेंट ने मई और जून में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

इन दो महीनों में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 10% रही। वहीं, पहली तिमाही में eSCV सेगमेंट में Tata Motors की बाजार हिस्सेदारी 47% रही। कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल की बढ़ती मांग और उसके EV इकोसिस्टम की मजबूती का पता चलता है।

EBITDA मार्जिन 11.7% रहा

टाटा मोटर्स के CFO जीवी रमणन के मुताबिक, पहली तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफे के साथ EBITDA मार्जिन भी मजबूत रहा। यह 11.7% रहा।

कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी और जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद कंपनी ने यह मार्जिन हासिल किया। तिमाही में फ्री कैश फ्लो भी मजबूत रहा और यह करीब ₹1,100 करोड़ रहा।

कंपनी ने कहा कि कमोडिटी की लागत का दबाव अभी बना हुआ है। इससे निपटने के लिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी, कीमतों में अनुशासन और बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर फोकस किया जा रहा है।

Tata Motors CV का मार्केट शेयर कितना रहा?

कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में घरेलू CV VAHAN मार्केट शेयर 36.8% रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 100 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई।

कैटेगरी के हिसाब से HCV में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 56.3% रही। ILMCV में 36.9%, SCV PU में 27.7% और CV Passenger सेगमेंट में 41.3% रही।

शेयर में 1.6% की गिरावट

Tata Motors CV के शेयर 12 अगस्त को 1.6% की गिरावट के साथ ₹342 पर बंद हुए। कंपनी ने तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए। इसलिए इन नतीजों का असर अगले कारोबारी सत्र में शेयर पर देखने को मिल सकता है।

कंपनी ने आगे के प्रदर्शन को लेकर भी भरोसा जताया है। Tata Motors के मुताबिक, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, लगातार इनोवेशन और ग्राहकों को बेहतर वैल्यू देने पर फोकस के चलते आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपनी बाजार स्थिति मजबूत करने और मुनाफे के साथ ग्रोथ जारी रखने की उम्मीद कर रही है।

Grasim Q1 Results: प्रॉफिट 51% बढ़कर 2146 करोड़, रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bata India Q1 Results: फुटवियर कंपनी का मुनाफा 23% बढ़ा, ₹25 के डिविडेंड का ऐलान

Bata India Q1 Results: फुटवियर कंपनी Bata India ने जून तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.1% बढ़कर 64 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 52 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू और EBITDA में भी बढ़त

बाटा का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 3.9% बढ़कर 979 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 942 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 2.6% बढ़कर 204 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 199 करोड़ रुपये था।

हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटा है। यह पिछले साल के 21.1% से घटकर 20.8% रह गया।

₹25 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान

Bata India के बोर्ड ने FY27 के लिए हर शेयर पर 25 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यानी यह फेस वैल्यू का 500% डिविडेंड है।

डिविडेंड के लिए 19 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट तय की गई है। पात्र शेयरधारकों को डिविडेंड का भुगतान 2 सितंबर 2026 से किया जाएगा।

Bata India के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले मंगलवार को Bata India का शेयर NSE पर 1.94% गिरकर 699 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में शेयर 22.76% गिरा है। वहीं, 1 साल में स्टॉक 40.93% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 8.99 हजार करोड़ रुपये है।

Bata India का बिजनेस क्या है

Bata India प्रमुख फुटवियर कंपनी है। यह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए जूते, सैंडल, चप्पल और स्पोर्ट्स फुटवियर बेचती है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को Bata स्टोर्स, मल्टी ब्रांड आउटलेट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचती है। इसके अलावा, कंपनी अपने फुटवियर के साथ बैग, बेल्ट और दूसरी एक्सेसरीज भी बेचती है।

कंडोम बनाने वाली कंपनी का शेयर बना रॉकेट, एक महीने में 33% चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

3 reasons to buy the Honda Amaze and 3 reasons to avoid it

Honda Amaze front three quarter static

Honda sells both the second-gen and third-gen iterations of the Amaze in India. However, our focus here would be solely on the latter as it’s the latest and thus the best-equipped to tussle with other sub-4-metre sedans. As the Japanese brand’s most affordable offering, the Amaze carries a price tag of between Rs 7.65 lakh and 10.00 lakh (ex-showroom). Considering the brand’s badge appeal and some segment-first features, should you buy the Honda Amaze? Let’s find out.

Reasons to buy the Honda Amaze

Rear-seat comfort and a spacious boot

Usable interior space and a large boot add practicality to the Amaze

Honda Amaze rear seats

The rear seats of the Amaze are especially more comfortable than the front ones. Not only do the outer seats provide ample support, but their backrest angle is good too. Making these back seats more comfortable is the usable amount of kneeroom and legroom on offer, partly helped by the scooped-out portion of the front seatbacks. Further aiding comfort here are the dedicated AC vents, a centre armrest with cupholders, and headrests for all three passengers.

Honda Amaze boot space

As for the Amaze’s luggage-carrying capacity, its 416-litre boot is one of the most spacious in the segment, easily trumping the Maruti Dzire and Hyundai Aura. While the loading lip is high, The Amaze’s boot offers plenty of width and depth to accommodate your luggage.

Easy to live with

The Amaze gets several user-friendly details right while also feeling more premium

The Amaze’s beige-black interior theme, an expansive glass area and a low-set dashboard make its cabin feel light and airy. This two-tone colour scheme, along with the high perceived quality and overall levels of fit & finish, make the Honda Amaze’s interior feel more premium over its rivals.

Honda Amaze interior

The light steering and clutch, a tight turning radius plus an easy-to-use manual gearbox mixed with good all-round visibility, make pottering around town easy. If you go for the CVT (continuously variable transmission) option, driving the Honda Amaze becomes a hassle-free affair. It comes with paddle shifters that react promptly and also come in handy when there’s a need for engine braking. Meanwhile, the physical controls for the HVAC system allow users to adjust the temperature or the fan speed without getting too distracted.

ADAS is available

This is the only car in its class to feature advanced driver-assistance systems

Honda Amaze front tracking

The Amaze is offered with the camera-based Honda Sensing ADAS (advanced driver-assistance systems) suite on the top-spec ZX trim. For those who want that extra layer of active safety nannies, features such as adaptive cruise control with autonomous emergency braking, lane-keeping assist and automatic high-beam will be useful add-ons. The Amaze can also be had with the brand’s LaneWatch Camera system, which displays the camera feed on the infotainment screen, aiding situational awareness.

Reasons to avoid the Honda Amaze

Poor cabin insulation

The Amaze’s cabin is quite an audible one

One of the aspects of driving the Honda Amaze is its lack of proper cabin insulation. Apart from engine and road noises, even ambient sounds from the outside world make it into this cabin with relative ease. This means that the Amaze’s cabin never really feels as relaxing as it could have been.

Underwhelming performance

This Honda sedan lacks engine punch to keep up with some rivals

The 1.2-litre four-cylinder petrol engine of the Honda Amaze is happy to rev to its redline without complaint, but it isn’t a punchy unit. While there’s enough grunt once you get past the 4500rpm mark, this engine feels weak below 2,000rpm. Honda has tried to counter this by providing shorter ratios for the first and second gears.

Honda Amaze soft suspension

However, this leads to one having to downshift constantly when driving in bumper-to-bumper traffic or even when trying to drive away from speed-breakers. Even though the CVT masks this engine’s weak low-end and mid-range performance, pushing it results in the type’s characteristic rubber-band effect becoming apparent. The soft suspension means that the Amaze sags under load, raising the risk of scraping the belly on large speed-breakers. It also causes the Amaze to roll noticeably in the corners.

Pricier than rivals

The Amaze remains the most expensive offering in its segment

Honda Amaze LaneWatch camera

Unlike the top-spec Maruti Dzire, which is Rs 64,000 cheaper the fully loaded Honda Amaze, it still gets a powered sunroof and a 360-degree camera setup. The Amaze also lacks Type-C USB ports, offering just Type-A and 12-volt outlets. While the higher price tag of the top-spec trim can be explained away due to the inclusion of ADAS, buyers would still want the aforementioned missing features at this price bracket.

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L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस ट्रांसफर करेगी, ₹1400 करोड़ में समझौता हुआ

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ दो समझौते किए हैं। इसके तहत L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस 1,400 करोड़ रुपये में Vyoma को ट्रांसफर करेगी। इसके अलावा, L&T Network Services में अपनी पूरी हिस्सेदारी 30 करोड़ रुपये में बेचेगी।

शेयर जारी करके होगा भुगतान

L&T ने 11 अगस्त को यह समझौता किया है। डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। यानी कारोबार को एक चालू बिजनेस के तौर पर दूसरी कंपनी को दिया जाएगा।

इसके बदले Vyoma, L&T को पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर जारी करेगी। अंतिम रकम क्लोजिंग के समय होने वाले बदलावों के आधार पर तय होगी।

डेटा सेंटर बिजनेस का कितना कारोबार?

L&T के डेटा सेंटर बिजनेस का FY26 में रेवेन्यू 36.6 करोड़ रुपये रहा था। यह L&T के स्टैंडअलोन रेवेन्यू का सिर्फ 0.025% था। इस कारोबार की नेटवर्थ 1,142 करोड़ रुपये थी। यह L&T की स्टैंडअलोन नेटवर्थ का 1.565% है।

सौदा 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए समझौते में तय शर्तों को पूरा करना होगा।

नेटवर्क सर्विस कंपनी भी ट्रांसफर होगी

L&T अपनी L&T Network Services Private Ltd में 100% हिस्सेदारी भी Vyoma को देगी। इसकी कीमत 30 करोड़ रुपये तय की गई है। इसका भुगतान भी Vyoma के इक्विटी शेयर जारी करके किया जाएगा।

सौदा पूरा होने के बाद L&T Network Services, Vyoma की सब्सिडियरी बन जाएगी। वहीं, L&T की यह अप्रत्यक्ष सब्सिडियरी रहेगी।

Vyoma.AI क्या करती है?

Vyoma.AI को 22 अप्रैल 2026 को बनाया गया था। कंपनी का मकसद डेटा सेंटर स्थापित करना है। इसके अलावा यह इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देगी। FY26 में कंपनी का कोई रेवेन्यू या नेटवर्थ नहीं था। L&T के मुताबिक, डेटा सेंटर बिजनेस का ट्रांसफर किसी स्कीम ऑफ अरेजमेंट के तहत नहीं हो रहा है।

मंगलवार को L&T का शेयर 0.70% गिरकर 4,040 रुपये पर बंद हुआ।

RVNL Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी का मुनाफा 18.5% बढ़ा, EBITDA में जोरदार उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।