Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 163% बढ़ा, रेवेन्यू में 81% का उछाल

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी माइनिंग कंपनी Hindustan Copper के शेयर सोमवार, 10 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 163.4% बढ़कर 353 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 134 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू 81.4% बढ़कर 936.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 516.4 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

हिंदुस्तान कॉपर का EBITDA 507.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 212.3 करोड़ रुपये था। यानी ऑपरेटिंग मुनाफा भी दोगुना से ज्यादा बढ़ा।

वहीं, EBITDA मार्जिन 41% से बढ़कर 54% पर पहुंच गया। इससे कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार दिखा।

कॉपर की कीमतों का भी मिला सहारा

वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतें पिछले छह हफ्तों से लगातार बढ़ रही थीं। इसकी वजह सप्लाई का कम होना और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होना रहा।

पिछले हफ्ते कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के आखिर के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी कॉपर की कीमतें मजबूत रह सकती हैं।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों का हाल

नतीजों के बाद Hindustan Copper के शेयरों में 1% से ज्यादा तेजी देखने को मिली। हालांकि, फिर मुनाफावसूली के के चलते यह लाल निशान में चला गया। दोपहर 2.20 बजे तक स्टॉक 0.48% की गिरावट के साथ 533.50 रुपये पर बंद हुआ।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.72% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 125% का रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 51.63 हजार करोड़ रुपये है।

हिंदुस्तान कॉपर का बिजनेस क्या है

Hindustan Copper Ltd भारत सरकार के मालिकाना हक वाली खनन कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार कॉपर (तांबा) की खोज, खनन, उत्पादन और बिक्री है।

कंपनी कॉपर ओर (अयस्क) निकालने से लेकर उसे प्रोसेस कर कॉन्संट्रेट, कॉपर कैथोड, वायर रॉड और दूसरे कॉपर उत्पाद बनाती है। इसके ग्राहक बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और रक्षा जैसे कई बड़े उद्योग हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

OMCs reject E20 fuel contamination claims after nationwide testing

Fuel station

State-run oil marketing companies (OMCs) – Indian Oil, Bharat Petroleum (BPCL) and Hindustan Petroleum (HPCL), have rejected recent claims of widespread contamination in E20 petrol, saying a nationwide testing exercise found no evidence to support reports of elevated chloride and moisture levels. The companies said fuel samples collected across the supply chain recorded chloride levels within the prescribed limits, while enhanced checks have also found no signs of water ingress in underground fuel storage tanks.

  1. OMCs say chloride levels remained between 0-3ppm
  2. Testing covered refineries, ethanol plants, depots and retail outlets
  3. Two retail outlets temporarily suspended after isolated findings

This statement comes less than a week after reports citing an internal communication from the Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) alleged elevated chloride and moisture contamination in E20 petrol, raising concerns over possible damage to fuel system components. SIAM, however, subsequently withdrew the communication, saying media reports had “selectively” quoted excerpts from the document and that some of the figures cited required further authentication through additional data collection and consultation with its member OEMs.

OMCs say testing found no widespread contamination

The oil companies said samples collected from refineries, ethanol distilleries, storage depots, tanker trucks and retail fuel stations recorded chloride levels between 0ppm and 3ppm, well below the several-hundred-ppm figures reported earlier. They added that claims of chloride contamination of up to 500ppm could not be validated.

According to the companies, testing included more than 100 petrol samples from refineries, ethanol supplied by 80 distilleries, more than 80 samples from terminals and over 160 samples from retail outlets, all of which returned chloride readings within the 0-3ppm range. The ethanol testing was carried out jointly by the OMCs and the Centre for High Technology, the petroleum ministry’s technical arm.

Two fuel stations flagged during testing

The OMCs said two retail outlets recorded elevated chloride levels during the exercise. Fuel supplies at both stations were suspended, investigated and restored only after corrective measures were implemented.

Moisture checks expanded across fuel stations

On the issue of moisture contamination, the companies said around 90,000 fuel stations have begun mandatory inspections of underground storage tanks, with checks carried out eight to twelve times a day. According to the OMCs, no water intrusion has been detected so far.

The companies added that mobile fuel testing laboratories have been deployed, with results independently verified by fuel laboratories. Test data is also being published on the Centre for High Technology’s website and will continue to be updated as additional samples are analysed.

Quality Power Q1 Results: मुनाफा 47% बढ़ा, ऑर्डर बुक दमदार; डिविडेंड का भी ऐलान

Quality Power Q1 Results: पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Quality Power Electrical Equipments ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं।

कंपनी का एडजस्टेड कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर 54.5 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में 37.1 करोड़ रुपये था। वहीं, रेवेन्यू 32% बढ़कर 256.4 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 194.1 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

क्वालिटी पावर का एडजस्टेड EBITDA 50% बढ़कर 72.5 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 25% से बढ़कर 28.3% पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि एडजस्टेड आंकड़ों में तुर्की के कारोबार पर Ind AS 29 के तहत दर्ज 7.82 करोड़ रुपये के गैर-नकद (Non-Cash) नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।

रिपोर्टेड आधार पर EBITDA 64.7 करोड़ रुपये, EBITDA मार्जिन 25.2%, जबकि शुद्ध मुनाफा 46.7 करोड़ रुपये और PAT मार्जिन 18.2% रहा।

ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट पर फोकस

30 जून 2026 तक क्वालिटी पावर की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक 1,945.5 करोड़ रुपये रही, जो FY26 की कुल रेवेन्यू का करीब 1.9 गुना है। तिमाही के दौरान कंपनी को 104.9 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। इनमें अमेरिका के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए हाई-वोल्टेज रिएक्टर, जापान में FACTS सिस्टम और Hitachi Energy India से 400 kV इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर के ऑर्डर शामिल हैं।

सांगली प्लांट में उत्पादन की तैयारी

क्वालिटी पावर के सांगली प्लांट में क्षमता विस्तार का काम जारी है। मशीनों की स्थापना की जा रही है और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अगस्त में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। चेयरमैन और एमडी पीटी पांडियन ने कहा कि हाई-वोल्टेज और एनर्जी ट्रांजिशन सॉल्यूशंस की मजबूत मांग के चलते कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की अच्छी शुरुआत की है।

डिविडेंड और शेयर का हाल

क्वालिटी पावर ने FY27 के लिए 0.25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश देने की भी घोषणा की है।

कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 3.63% की गिरावट के साथ 1115 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 37.56% चढ़ा है। 1 साल में इसने 41.77% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 8.64 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन का घाटा कम हुआ, रेवेन्यू 40% बढ़ा; नया प्लांट लगाने का प्लान

BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही में 56.35 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के घाटे में बड़ी कमी

कंपनी का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.96 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 2.29% से बढ़कर 7.93% पर पहुंच गया। कंपनी ने इसका श्रेय बेहतर ऑपरेशनल, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को दिया है।

क्षमता विस्तार पर जोर

तिमाही के दौरान BigBloc Construction ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इसमें ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। कंपनी का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जो पिछले साल 53% था। इसके अलावा समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।

इंदौर में बनेगा सबसे बड़ा AAC प्लांट

BigBloc ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। यहां भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। मानसून के बाद इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना का ऑर्डर भी मिला है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में उसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी के CFO मोहित साबू ने कहा कि BigBloc अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का फोकस क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, वितरण नेटवर्क और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gen Z की अनोखी नौकरी वाली मांग ने छेड़ी बहस, IITian फाउंडर ने बताया क्यों कैंडिडेट को किया सिलेक्ट

नौकरी के इंटरव्यू में कैंडिडेट आमतौर पर सैलरी, छुट्टियों, वर्क फ्रॉम होम और जॉब रोल से जुड़ी बातें पूछते हैं। लेकिन नोएडा के एक फाउंडर के सामने एक उम्मीदवार ने ऐसी मांग रख दी, जिसने इंटरव्यू का माहौल ही बदल दिया। कैंडिडेट ने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा कि उसे हर दोपहर 30 मिनट की नींद लेने की जरूरत होगी, क्योंकि इससे उसकी productivity बेहतर होती है। हैरानी की बात यह थी कि उसने यह बात न तो मजाक में कही और न ही किसी झिझक के साथ।

फाउंडर नितिन वर्मा के मुताबिक, उम्मीदवार ने अपनी इस जरूरत को ऐसे रखा जैसे वह सैलरी पर बातचीत कर रहा हो। पहली प्रतिक्रिया में उन्हें इंटरव्यू खत्म करने का ख्याल आया, लेकिन बाद में उन्होंने इस मांग को एक अलग नजरिए से देखने का फैसला किया। सवाल यह था कि क्या कर्मचारी के काम के नतीजे अच्छे हों तो 30 मिनट की nap वास्तव में बड़ी समस्या है?

 ‘हर दोपहर मुझे Nap चाहिए’

IIT-backed कंपनी के फाउंडर और CEO नितिन वर्मा ने LinkedIn पर इस इंटरव्यू का अनुभव शेयर किया। उनके मुताबिक, उम्मीदवार ने पूरी गंभीरता और आत्मविश्वास के साथ कहा कि दोपहर की 30 मिनट की झपकी उसके काम को बेहतर बनाती है। वर्मा ने बताया कि उम्मीदवार ने यह बात ऐसे रखी, जैसे वह सैलरी पर बातचीत कर रहा हो। उनका पहला विचार इंटरव्यू खत्म करने का था, लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि क्या यह मांग वाकई इतनी गलत है।

फाउंडर को पसंद आई कैंडिडेट की बेबाकी

नितिन वर्मा ने माना कि छोटी दोपहर की नींद से फोकस, एनर्जी और याददाश्त बेहतर हो सकती है। उन्होंने मजाक में कहा कि कॉरपोरेट ऑफिस में दोपहर की मीटिंग्स के दौरान कई लोग वैसे भी ऊंघते नजर आते हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि यह उम्मीदवार अपनी जरूरत खुलकर बता रहा था। फाउंडर के मुताबिक, ज्यादातर लोग इंटरव्यू में खुद को कंपनी की पसंद के हिसाब से पेश करते हैं, जबकि इस कैंडिडेट ने साफ बताया कि वह किस तरह काम करने पर सबसे ज्यादा productive रहता है।

‘मुझे फर्क नहीं पड़ता तुम कब सोते हो’

वर्मा ने कैंडिडेट को फिक्स 30 मिनट की Nap Break देने के बजाय साफ कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कर्मचारी कब आराम करता है। उनके लिए जरूरी यह है कि सौंपा गया काम समय पर पूरा हो। यानी शर्त सीधी थी, काम पूरा करो, तो घंटे गिनने की जरूरत नहीं; काम नहीं हुआ तो कोई Nap मदद नहीं करेगी।

आखिरकार मिल गई नौकरी

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कैंडिडेट को नौकरी मिल गई। फाउंडर ने कहा कि उसकी Nap की मांग असली मुद्दा नहीं थी। उन्हें उसकी ईमानदारी और आत्मविश्वास ने प्रभावित किया। इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर भी मजबूर किया कि क्या आधुनिक वर्कप्लेस में कर्मचारियों की productivity को ऑफिस में बिताए घंटों से मापा जाना चाहिए या उनके actual results से।

LinkedIn पर लोगों ने क्या कहा?

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे बदलते workplace culture का संकेत बताया। कुछ ने कहा कि अगर कर्मचारी अपना काम पूरा कर रहा है तो उसे अपनी working style में थोड़ी आजादी मिलनी चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने Gen Z के इस अंदाज पर मजाक भी किया। एक यूजर ने कहा कि Gen Z को पता है कि जरूरी benefits के लिए negotiation कैसे करनी है।

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Bonus Share: हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर मिलेगा फ्री, 20 अगस्त रिकॉर्ड डेट

वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनी ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 20 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। कंपनी पहली बार बोनस शेयर देगी।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी 51,99,637 तक फुली पेड अप बोनस इक्विटी शेयर बांटने वाली है। इनके अलॉटमेंट की तारीख 21 अगस्त है। इनमें ट्रेडिंग 24 अगस्त से की जा सकेगी। कंपनी अक्टूबर 2023 में BSE SME पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 50 करोड़ रुपये का रहा था।

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) समाधान देती है। इसके बिजनेस वर्टिकल में बिल्ड ओन ऑपरेट ट्रांसफर (BOOT) मॉडल, EPC मॉडल और मुख्य उपकरणों की सप्लाई शामिल है। कंपनी वेस्ट मैनेजमेंट में EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेवाएं, कमीशनिंग सेवाएं, वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में कंसल्टिंग और एडवाइजरी सेवाएं; वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, निर्माण और मैनेजमेंट; लेबोरेटरी सेवाएं और अन्य सेवाएं देती है।

Organic Recycling का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत कमजोर

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 241.05 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 15.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर की BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 315 रुपये और एडजस्टेड लो 206 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 ​तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 31 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 2.34 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 2.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 43.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 4 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 4.65 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।