संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Sanskrit Language

संस्कृत को विश्व की पहली भाषा और वह भी पहली व्याकरणबद्ध भाषा माना जाता है। कहते हैं कि इसी भाषा के कारण देश और दुनिया की अन्य भाषाओं का जन्म हुआ। विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर जानिए दुनिया की सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और समृद्ध भाषाओं में से एक 'संस्कृत' से जुड़े 5 अद्भुत रहस्य:- 

 

कंप्यूटर और AI के लिए सबसे उपयुक्त भाषा: नासा (NASA) के शोध के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) के लिए संस्कृत दुनिया की सबसे स्पष्ट और सटीक भाषा है, क्योंकि इसमें व्याकरण के नियम पूरी तरह से स्पष्ट और गणितीय हैं।

 

अद्भुत शब्द भंडार और एक शब्द के अनेक पर्यायवाची: संस्कृत में केवल एक ही वस्तु या भाव के लिए सैकड़ों शब्द उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, संस्कृत में 'पानी' (जल) के लिए 70 से अधिक और 'हाथी' के लिए 100 से भी अधिक पर्यायवाची शब्द हैं।

 

स्मरण शक्ति और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव: अनुसंधान से पता चला है कि संस्कृत के मंत्रों और अक्षरों का उच्चारण करने से गले और मस्तिष्क में विशेष कंपन (vibrations) उत्पन्न होते हैं। यह तंत्रिका तंत्र को सक्रिय कर ध्यान केंद्रित करने और स्मरण शक्ति (Memory Power) बढ़ाने में मदद करता है।

 

अद्वितीय व्याकरणिक संरचना (अव्यय शब्द क्रम): संस्कृत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें वाक्यों में शब्दों का क्रम (word order) बदलने से वाक्य का अर्थ नहीं बदलता। जैसे- “रामः गृहं गच्छति” और “गच्छति गृहं रामः” दोनों का अर्थ एक ही रहता है, जो किसी अन्य भाषा में संभव नहीं है।

 

संसार की अधिकांश भाषाओं की जननी: संस्कृत को इंडो-यूरोपीय भाषा परिवार की मूल भाषाओं में से एक माना जाता है। अंग्रेजी, जर्मन, लैटिन, रूसी और सभी भारतीय भाषाओं के अनगिनत शब्द (जैसे- Mother/मातृ, Brother/भ्रातृ, Geometry/ज्यामिति) सीधे संस्कृत से विकसित हुए हैं।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन के बाद श्रीलंका ने खुद को पारी की हार से बचाया

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन ना बचाने के बाद श्रीलंका ने मैच को अंतिम दिन तक खींच लिया है। श्रीलंका ने आज सुबह 290 रनों पर सिमट जाने के बाद फॉलोऑन बचाने के लिए 14 रन पीछे रह गई। इसके बाद चौथे दिन स्टंप्स तक 6 विकेट खोकर 229 रन बना गई। श्रीलंका कुल 213 रनों से पीछे थी लेकिन उसने सुनिश्चित किया कि घरेलू दर्शकों के सामने पारी की हार ना मिले।

पहली पारी में 290 रन पर सिमटने वाली श्रीलंका के लिए स्टंप तक सोनल दिनुशा सात रन और केशारा नुवांथा तीन रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।भारतीय गेंदबाजों में मानव सुथार ने दो जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा ने एक एक विकेट झटका।

श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। उदारा एक गैरजिम्मेदार शॉट खेलकर जल्द रवाना हो गए। मिशारा भी 32 रन पर आउट हो गए। इसके बाद पसिंदू और कमिंडू ने श्रीलंकाई पारी को संभाला अंत में फॉर्म में आए कमिंडू की विकेट प्रसिद्ध कृष्णा ने चटकाया और 115 रनों की साझेदारी पर विराम लगाया।

चायकाल तक श्रीलंका 190 रनों पर 3 विकेट खोकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी लेकिन 9 रनों के भीतर 3 विकेटों से भारत को जीत की सुगंध आने लग गई। अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे पसिंदु सूर्यबंदारा पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी शतक के पास पहुंचकर आउट हो गए। 82 रन बनाने वाले पसिंदू इस बार 92 रनों पर स्टंप्स आउट हुए। 

Tukaram Mundhe: ‘मैं कोई सेलिब्रिटी नहीं हूं’, छापेमारी से देशभर में फेमस हुए तुकाराम मुंढे ने अपनी पॉपुलैरिटी पर क्या कहा

इन दिनों पूरे देश में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) चीफ तुकाराम मुंढे छाए हुए हैं। तुकाराम मुंढे ने फूड एंड सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाते हुए अबतक कई फेमस रेस्ट्रां पर शिकंजा कसा है। वहीं हाल ही में एफडीए चीफ तुकाराम मुंढे ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करना है। उन्होंने साफ किया कि विभाग की कार्रवाई का मकसद फूड बिजनेस को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और सही क्वालिटी वाला खाना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है।

3,000 से ज्यादा जगहों पर हुई छापेमारी

तुकाराम मुंढे ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं कोई सेलिब्रिटी हूं। मैं सिर्फ़ एक फ़ूड सेफ़्टी कमिश्नर हूं।” उन्होंने कहा कि जो कारोबारी खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। रॉयटर्स के अनुसार, महाराष्ट्र FDA ने तुकाराम मुंढे के फूड सेफ्टी कमिश्नर बनने के बाद से खाद्य कारोबारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। मई से अब तक विभाग की टीमों ने 3,000 से ज्यादा जगहों पर जांच और छापेमारी की है। इस दौरान कुछ बड़े फूड ब्रांड के आउटलेट भी कार्रवाई की चपेट में आए हैं। चार डोमिनोज आउटलेट और एक पिज्जा हट आउटलेट के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

अयूब समेत चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित

महाराष्ट्र FDA ने 23 अगस्त को साउथ मुंबई के मशहूर रेस्टोरेंट अयूब का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। विभाग की टीम ने 22 अगस्त को फोर्ट स्थित रेस्टोरेंट की जांच की थी। जांच में खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से न रखने, कच्चे और पके भोजन को अलग नहीं रखने, मक्खियों की मौजूदगी और गंदगी जैसी कई कमियां मिलीं। इसके अलावा नालियों की सफाई, पानी जमा होने, पेस्ट कंट्रोल और कर्मचारियों की स्वच्छता में भी खामियां पाई गईं। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत चलाए गए अभियान में अयूब समेत चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें कुर्ला का एक रेस्टोरेंट और नागपुर के दो आउटलेट भी शामिल हैं।

31 अन्य प्रतिष्ठानों को जारी किया नोटिस

FDA ने राज्य के 31 अन्य प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए। इसके अलावा विभाग ने 2.24 करोड़ रुपये से ज्यादा के फूड प्रोडक्ट्स भी जब्त किए। ये कार्रवाई राज्य में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई है। महाराष्ट्र में फूड सुरक्षा अभियान के बीच खुले खाने के तेल की बिक्री पर रोक को लेकर भी विवाद सामने आया। FDA ने पहले पूरे राज्य में इस रोक को सख्ती से लागू करने की बात कही और दुकानदारों की छूट की मांग को खारिज कर दिया। वहीं करीब एक घंटे बाद विभाग ने अपना यह बयान वापस ले लिया, जिससे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। महाराष्ट्र में खुले खाने के तेल की बिक्री पर आगे कोई फैसला लेने से पहले राज्य सरकार नियमों को स्पष्ट करने के लिए एक बैठक करेगी।

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

Rajni Raman Sharma

इंदौर। जनवादी लेखक संघ, इंदौर के अध्यक्ष रजनी रमण शर्मा का आज तड़के उनके पैतृक शहर बीकानेर में निधन हो गया। वे साहित्य और रंगकर्म के जाने-माने मर्मज्ञ थे। मूलतः राजस्थान के निवासी होने के बावजूद उनके हृदय में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश की संस्कृति एक साथ धड़कती थी।

 

साहित्य क्षेत्र में 'तुम्हारे आस-पास' (उपन्यास), अनेक कविताओं और आलेखों के साथ-साथ आकाशवाणी के राजस्थान, दिल्ली तथा मध्य प्रदेश केंद्रों से ब्रज भाषा में लिखे उनके साहित्य का प्रसारण होता रहा। इसके अतिरिक्त, इन राज्यों के आकाशवाणी और दूरदर्शन केंद्रों के विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण रही। साहित्य अकादमियों से लेकर देश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के मंचों पर एक कुशल संचालक और सहभागी के रूप में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी आवाज़ में एक खास किस्म का जादू और कसक थी, जो श्रोताओं को बाँधकर रखती थी।

 

रजनी रमण जी ने घासीराम कोतवाल, मशीन, जुलूस, पूस की एक रात, सुन लड़की दबे पाँव आते हैं सभी मौसम, थैंक यू मिस्टर ग्लाड, शम्बूक की हत्या, हम रोशनी बाँटते हैं, भस्मासुर अभी जिंदा है, अंधेर नगरी, मेघदूत, ढोला-मारू, हाउस ऑफ मैड, आमार सोनार बांग्ला, रक्तदीप और नया युग जैसे लगभग तीन दर्जन नाटकों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनके अभिनय को न केवल व्यापक सराहना मिली, बल्कि उन्हें कई 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' (बेस्ट एक्टर) के पुरस्कारों से भी नवाजा गया।

 

उनके द्वारा निर्देशित नृत्य-नाटिका 'मेघदूत', 'श्री कृष्ण पारिजातम्' और 'तोड़ो राव' में उनकी विलक्षण रंग-दृष्टि दर्शकों को हतप्रभ कर देती थी। अफ़सर हुसैन और अलका जी जैसे दिग्गज रंगकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले रजनी रमण जी को राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा भी सम्मानित किया गया था। वे नाटक लेखन, अभिनय, तकनीकी निर्देशन, मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था—रंगमंच की हर विधा में प्रवीण थे। उन्होंने जिस भी क्षेत्र में कार्य किया, वहाँ अपनी अमिट छाप छोड़ी।

 

वर्ष 2013 से वे जनवादी लेखक संघ, इंदौर के अध्यक्ष पद पर आसीन थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनवरत 150 मासिक रचना-पाठों का सफल आयोजन कराया और इंदौर इकाई को देश की सबसे सक्रिय इकाइयों में से एक के रूप में स्थापित किया।

 

जनवादी लेखक संघ, इंदौर की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!

Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

Hathras Victim Family Relocation: हाथरस पीड़िता के परिवार को 3 महीने में नोएडा या गाजियाबाद करें शिफ्ट; हाईकोर्ट का UP सरकार को निर्देश

Hathras Victim Family Relocation: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाथरस दुष्कर्म मामले की पीड़िता के परिवार के पुनर्वास को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार के 22 फरवरी, 2025 के फैसले को रद्द करते हुए उसे तीन महीने के भीतर पीड़िता के परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में बसाने का निर्देश दिया। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट ने पहले राज्य सरकार को पीड़िता के परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में बसाने के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया था। लेकिन सरकार ने इस अनुरोध पर समुचित ध्यान नहीं दिया।

पीठ ने कहा कि सरकार ने अदालत के निर्देशों की अनदेखी करते हुए अपने फैसले में परिवार को पुनर्वास के लिए कासगंज, एटा और अलीगढ़ में से किसी एक स्थान को चुनने का विकल्प दिया था। सोमवार को दिए गए आदेश में पीठ ने कहा कि 22 फरवरी, 2025 के फैसले में सरकार ने गाजियाबाद या नोएडा में पुनर्वास के परिवार के अनुरोध का कोई उल्लेख नहीं किया था। इसलिए इसे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया फैसला नहीं माना जा सकता।

NCR में बसाने की मांग

पीठ ने कहा कि इस मामले में राज्य की ओर से अनावश्यक विरोध दिखाई देता है। उसके रवैये से परिवार के इस आरोप को बल मिलता है कि सरकार इस मामले को अपने खिलाफ मुकदमे की तरह देख रही है। पीड़िता के परिवार की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि कासगंज, एटा और अलीगढ़ हाथरस के करीब हैं। इससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में परिवार का कोई रिश्तेदार भी नहीं रहता है।

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत परिवार के रिश्तेदार गाजियाबाद और नोएडा में रहते हैं, जहां बसने पर वे बिना किसी भय के सामान्य जीवन जी सकेंगे। अदालत ने निर्देश दिया कि पुनर्वास पूरा होने के बाद परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी दिया जाए, जैसा कि 26 जुलाई, 2022 के आदेश में निर्देश दिया गया था।

मुख्य सचिव को अहम निर्देश

पीठ ने यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) को अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में उन्हें 30 नवंबर, 2026 को व्यक्तिगत रूप से उसके समक्ष पेश होना होगा।

क्या है केस?

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 14 सितंबर, 2020 को एक दलित युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कथित घटना सामने आई थी। घटना के करीब दो सप्ताह बाद दिल्ली के एक अस्पताल में युवती की मौत हो गई थी।

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मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए अपने बयान में पीड़िता ने चार आरोपियों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने परिवार की सहमति के बिना रात में पीड़िता का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को गलत बताया था।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी! 30 बैंक लॉकरों की जांच में जुटी SIT, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी जांच अब केवल दस्तावेजों की पड़ताल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में संपत्तियों और बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी 30 बैंक लॉकरों में रखी सामग्री का सत्यापन किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लॉकरों में वास्तव में कितनी और कौन-कौन सी वस्तुएं मौजूद हैं। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि क्या उनका डिटेल्स राम मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज इन्वेंट्री से मेल खाता है या नहीं।

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच टीम ने मंगलवार (26 अगस्त) को भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। पूरी प्रक्रिया को वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है। लॉकर खोलने से लेकर उसमें रखी प्रत्येक वस्तु की जांच तक हर चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। टीम वस्तुओं की पहचान, उनकी संख्या, उपलब्धता और स्थिति की पुष्टि करने के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड से उनका मिलान कर रही है।

रिकॉर्ड और वास्तविक सामान का होगा मिलान

फोरेंसिक सत्यापन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज सामान और लॉकरों में वास्तव में मौजूद सामान में कोई अंतर तो नहीं है। टीम प्रत्येक वस्तु को रिकॉर्ड में दर्ज विवरण से क्रॉस-चेक कर रही है।

जांच के दौरान केवल सामान की गिनती ही नहीं की जा रही, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित वस्तु किस रिकॉर्ड में दर्ज है और मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। इस पूरी प्रक्रिया के आधार पर एक विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

हर सामान का बनाया जा रहा ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड

जांच की खास बात यह है कि प्रत्येक वस्तु के सत्यापन के दौरान ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी तैयार किया जा रहा है। सामान का डिटेल्स, उसकी पहचान, रिकॉर्ड में उसकी एंट्री और मौके पर उसकी मौजूदगी को डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इन डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में न्यायिक कार्यवाही के दौरान उनकी प्रामाणिकता पर सवाल न उठे। इस तरह जांच टीम केवल कागजी रिकॉर्ड पर निर्भर नहीं रहना चाहती। बल्कि भौतिक साक्ष्यों का भी डिजिटल दस्तावेज तैयार कर रही है।

पेन ड्राइव में सुरक्षित होंगे जांच के दस्तावेज और वीडियो

फोरेंसिक सत्यापन के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा। जांच से जुड़े दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों को एक पेन ड्राइव में संकलित कर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करने की भी तैयारी की जा रही है। इससे जांच में सामने आए भौतिक साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेगा।

सितंबर के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट?

सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। संभावना जताई जा रही है कि जांच टीम सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर सकती है। वहीं, 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी बैठक के आसपास SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में सौंप सकती है।

फिलहाल, 30 बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच को इस मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। इस सत्यापन से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों और वास्तविक रूप से मौजूद सामान के बीच कोई अंतर है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा भी तय हो सकती है।

आरोपियों पर BNS की गलत धाराएं लगाने का वकील का दावा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकील ने मंगलवार को विशेष अदालत में दावा किया कि पुलिस ने मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं के तहत की है। आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने कहा कि मामले में चोरी और गबन, दोनों की धाराएं लगाई गई हैं। जबकि ये दोनों धाराएं एक साथ लागू नहीं हो सकतीं। सिंह ने अयोध्या के विशेष जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रजत वर्मा की अदालत में यह दलील दी।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद FIR दर्ज की गई। साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए।

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सिंह ने यह भी दलील दी है कि पुलिस ने आरोपियों को लोक सेवक के रूप में पेश किया है। जबकि राम मंदिर ट्रस्ट लोक प्राधिकरण नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लगाई गई धाराओं में आरोपियों को लोक सेवक बताया और उन पर सार्वजनिक संपत्ति के गबन का आरोप लगाया। सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की है।

Stocks to Watch: 20 स्टॉक्स; तीन लिस्टिंग और Groww, Cipla, Rama Steel समेत ये शेयर धमाल मचाने को तैयार!

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में भी ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 73.50 प्वाइंट्स यानी 0.30% की बढ़त के साथ 24,553.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 25 अगस्त को अगस्त सीरीज में निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 286.98 प्वाइंट्स यानी 0.37% के उछाल के साथ 77,656.09 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 115.50 प्वाइंट्स यानी 0.48% की मजबूती के साथ 24,334.55 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स में रिबिट कैपिटल 1.6% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹1914 करोड़ की इस ब्लॉक डील के फ्लोर प्राइस ₹195 तय किया गया है।

Welspun Corp

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वेलस्पन कॉर्प में वेलस्पन इंवेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स और एमडी-सीईओ विपुल माथुर कुल 63 लाख शेयर (2.4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। ₹1417 करोड़ की इस ब्लॉक डील के फ्लोर प्राइस ₹2250 तय किया गया है।

Honasa Consumer

होनासा कंज्यूमर ने शेयर खरीद सौदे के तहत तय शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण फ्लूएंस फार्मा में 58% हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडी ने 17 से 25 अगस्त, 2026 के बीच पीथमपुर में सिप्ला की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) का फॉलो-अप इंस्पेक्शन किया, जिसके बाद कंपनी को फॉर्म 483 में सात इंस्पेक्शन ऑब्जर्वेशन मिला।

UCO Bank

यूके बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेंद्र कुमार साबू को बैंक के एमडी और सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

ARSS Infrastructure Projects

एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को ईस्ट कोस्ट रेलवे से ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है।

Advait Energy Transitions

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स को मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड से ₹134.63 करोड़ का टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट 400kV, 220kV और 132kV वोल्टेज-क्लास EHV लाइनों के लिए सभी जरूरी एक्सेसरीज के साथ ‘इमरजेंसी रेस्टोरेशन सिस्टम’ (ERS) के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को राजस्थान काउंसिल ऑफ स्कूल एजुकेशन से 170 नई स्कूल बिल्डिंग बनाने के लिए ₹121.74 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Sai Parenterals

साई पैरेंटरल्स की ऑस्ट्रेलियाई सब्सिडियरी नोमेड फार्मा ने ऑस्ट्रेलिया की एक बड़ी मल्टी-बिलियन-डॉलर फार्मेसी चेन के साथ ओटीसी (ओवर-द-काउंटर) दवाओं की सप्लाई का एग्रीमेंट रिन्यू किया है। इसमें प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाया गया है, एग्रीमेंट और लंबा हुआ और इसकी वैल्यू बढ़ी है। तीन साल के लिए इस डील की वैल्यू AUD 3 करोड़ (लगभग ₹204 करोड़) होने का अनुमान है, जो तुरंत लागू होगी।

United Breweries

यूनाइटेड ब्रुअरीज ने प्रीमियमाइजेशन की स्पीड तेज करने के लिए केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में हेनेकेन सिल्वर के विस्तार का ऐलान किया है।

Varun Beverages

वरुण बेवरेजेज ने रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) एल्कोहलिक बेवरेजेज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स का बिजनेस करने के लिए एक नई सब्सिडियरी KIVA स्पिरिट्स एंड कंपनी बनाने का ऐलान किया है। बोर्ड ने इसका सीईओ और एमडी प्रथमेश मिश्रा को बनाया है। इसके अलावा वरुण बेवरेजेज ट्यूनीशिया में बेवरेजेज के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस करने के लिए एक जॉइंट वेंचर कंपनी बनाएगी, जिस पर अभी जरूरी मंजूरी लेनी है।

Rainbow Children’s Hospital

विकास माहेश्वरी ने निजी कारणों से रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 31 अगस्त, 2026 से लागू होगा।

Tata Motors Passenger Vehicles

टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स ने हाल ही में लॉन्च हुई Sierra.ev को बिल्ट-इन 5G सेल्युलर कनेक्टिविटी से लैस करने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस के साथ सहयोग की ऐलान किया, जिससे आने वाले समय में सॉफ्टवेयर-डिफाइंड गाड़ियों (SDVs) का रास्ता साफ हो गया है।

Hindustan Copper

हिंदुस्तान कॉपर के ऑफर फॉर सेल इश्यू के तहत सरकार ने 2.90 करोड़ शेयरों के बेस इश्यू के बाद अब 2.90 करोड़ शेयरों (3% इक्विटी) के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह इश्यू आज बंद होगा।

Shankesh Jewellers

पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वैलरी के प्रमोटर गाडगिल रेणु गोविंद और पीएन गाडगिल एंड संस ने शंकेश ज्वैलर्स में प्रति शेयर ₹101.05 के भाव पर ₹23.44 करोड़ में 23.2 लाख शेयर (1.57% हिस्सेदारी) खरीद लिए। लिस्टिंग के दिन नीरज रजनीकांत शाह ने ₹22.96 करोड़ में 23 लाख शेयर ₹99.86 के भाव पर, राजस्थान ग्लोबल सिक्योरिटीज ने ₹7.3 करोड़ में 7.3 लाख शेयर ₹100.03 के भाव पर तो एनके सिक्योरिटीज रिसर्च ने ₹35.68 करोड़ में 35.14 लाख शेयर ₹101.55 के भाव पर खरीद लिए। इस बीच नोमुरा सिंगापुर ने शंकेश ज्वैलर्स से अपनी पूरी हिस्सेदारी (16.17 लाख शेयर) ₹15.63 करोड़ में ₹96.66 के भाव पर बेचकर बाहर निकलने का फैसला किया।

Medi Assist Healthcare Services

इन्वेस्टमेंट मैनेजर एनटीएसेट केमैन की एनटीएशियन डिस्कवरी मास्टर फंड ने मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज के 4 लाख शेयर और ₹14.27 करोड़ में प्रति शेयर ₹356.76 के भाव पर खरीदे हैं। एनटीएशियन डिस्कवरी मास्टर फंड के पास जून 2026 तक मेडी असिस्ट में पहले से ही 1.39% हिस्सेदारी (10.41 लाख शेयर) थी।

Rama Steel Tubes

मॉरीशस की इंवेस्टमेंट वेईकल मिनर्वा वेंचर्स फंड ने रामा स्टील ट्यूब्स के 1.72 करोड़ शेयर और ₹7.18 करोड़ में प्रति शेयर ₹4.16 के भाव पर खरीदे हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्र में फंड ने ₹4.08 के भाव पर 2.25 करोड़ शेयर ₹9.18 करोड़ में खरीदे थे।

Gaja Alternative Asset Management

आईपीओ को करीब 33 गुना बोली मिलने के बाद गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Dhanwel Hybrid Seeds, Mopshop Distribution

धनवेल हाइब्रिड सीड्स और मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयर आज बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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