बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में कई बड़ी डील्स की तैयारी, जानिए आगे किन शेयरों में देखने को मिल सकता है एक्शन

बंधन बैंक में आज जोरदार तेजी है। दरअसल,ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि बंधन बैंक में बड़ी डील की तैयारी चल रही है। बैंकिंग-फाइनेंशियल सेक्टर में सिर्फ बंधन बैंक ही नहीं, बल्कि और भी डील होने की सुगबुगाहटें हैं। पिछले एक साल में बैंकिंग सेक्टर में पहले भी कई डील्स हो चुके हैं। आइए बैंकिंग और फाइनेंशियल में डील्स को लेकर क्या अपडेट हैं, इस पर डालते हैं एक नजर।

बैंकिंग-फाइनेंशियल सेक्टर में आगे भी दिखेगा एक्शन

बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में कई बड़ी डील्स की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक 4 डील्स पाइपलाइन में हैं यानी इस सेक्टर के लिए 4 बड़े ट्रिगर्स हैं। बंधन बैंक में बड़ी डील्स की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक बंधन बैंक में प्रोमोटर हिस्सा ब्रिकी संभव है। GIC और IFC की करीब 30% हिस्सेदारी से एग्जिट संभव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,25–32% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी है। संभावित डील की वैल्यू 60 करोड़ डॉलर तक हो सकती है। IHC संभावित खरीदारों में शामिल है। इसके लिए बातचीत में कई महीने लग सकते हैं। इस रिपोर्ट पर बंधन बैंक की प्रतिक्रिया भी आई है जिसमें कहा गया है कि उसे इस खबर को लेकर कोई जानकारी नहीं। प्रोमोटर हिस्सा बिक्री को लेकर कोई जानकारी नहीं। अबू धाबी की IHC के साथ किसी बातचीत लेकर जानकारी नहीं है।

फेडरल बैंक-जना SFB

ऐसी खबरें हैं कि जना SFB में फेडरल बैंक कंट्रोलिंग स्टेक ले सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डील अंतिम चरण में है। जना होल्डिंग्स की 16.9% हिस्सेदारी बिक्री की संभावना है। कंट्रोलिंग स्टेक लेने पर ओपन ऑफर ट्रिगर हो सकता है

DCB बैंक: फंड जुटाने की तैयारी

DCB बैंक के बोर्ड ने 2,000 करोड़ रुपए तक फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। इसमें 1,500 करोड़ तक इक्विटी इश्यू के जरिए जुटाए जाएंगे। इसके लिए ChrysCapital समेत PE निवेशकों से बातचीत की रिपोर्ट आई है।

IIFL फाइनेंस पर ब्लैकस्टोन की नजर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकब्लैकस्टोन, IIFL फाइनेंस में हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहा है। Fairfax के पास पहले 13.69% हिस्सेदारी थी। जुलाई में Fairfax ने 1.49% हिस्सेदारी बेची थी।

बैंकिंग-फाइनेंशियल: 1 साल में हुईं कई बड़ी डील्स

बैंकिंग-फाइनेंशियल में 1 साल में हुईं कई बड़ी डील्स पर नजर डालें तो RBL बैंक में एमिरेट्स NBD ने 3 अरब डॉलर के निवेश से 60 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। वहीं, श्रीराम फाइनेंस में MUFG ने 4.4 अरब डॉलर के निवेश से 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। वहीं, YES बैंक में SMBC 1.6 अरब डॉलर के निवेश से 20 फीसदी और फेडरल बैंक में ब्लैकस्टोन ने 6,197 करोड़ रुपए के निवेश से 9.9 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।

 

 

 

Trading Plan : वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोरदार तेजी, जानिए आगे के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

ट्रम्प बोले- रूस से डीजल खरीदने में अमेरिका का फायदा:EU ने भी 250 अरब डॉलर की एनर्जी खरीदी, अमेरिकी मीडिया इसे नजरअंदाज कर रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह सौदा अमेरिका के हित में है। ट्रम्प ने दावा किया कि यूरोपीय संघ (EU) ने भी रूस से ऊर्जा खरीदने पर 250 अरब डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है। ट्रम्प ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि EU ने रूस को ऊर्जा के लिए 250 अरब डॉलर दिए, लेकिन फेक न्यूज मीडिया इस खबर पर बात नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अमेरिकी लोगों के हित में फैसले लिए हैं और उनकी नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ है। रूस अमेरिका को लाखों टन डीजल भेजेगा ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा था कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल अमेरिका भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजने की बात कही गई। ट्रम्प के मुताबिक, रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर कुछ समय बाद 30 लाख टन डीजल और भेजा जा सकता है। ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस समझौते के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने इसे बड़ा सौदा बताते हुए कहा कि अमेरिका को बड़ी मात्रा में डीजल मिलेगा। पुतिन ने भी कहा कि रूस अमेरिका और दुनिया के दूसरे बाजारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पाद देने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। EU ने 826 रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए ट्रम्प के रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव करने के बीच यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, नए प्रतिबंधों में 1,569 लोगों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनमें 826 रूसी कंपनियां और उन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर काम करने वाले 743 लोग शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का मकसद रूस के सैन्य उद्योग को सामान और सेवाएं देने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ाना है। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, इन कंपनियों का सालाना कारोबार कम से कम 20 अरब यूरो है और इनमें 2.5 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। जेलेंस्की बोले- रूस को युद्ध के लिए ज्यादा पैसा मिलेगा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को EU के नए प्रतिबंधों का स्वागत किया, लेकिन रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि ऊर्जा बेचकर रूस की कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने के लिए कर सकता है। जेलेंस्की ने दावा किया कि अमेरिका की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए संघर्षविराम की घोषणा के अगले ही दिन रूस ने यूक्रेन की 6 ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में देशभर में 33 लोग घायल हुए। ट्रम्प ने रविवार को रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर की जानकारी दी ट्रम्प ने रविवार को बताया था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। ————————-

ट्रम्प बोले- रूस से डीजल खरीदने में अमेरिका का फायदा:EU ने भी 250 अरब डॉलर की एनर्जी खरीदी, अमेरिकी मीडिया इसे नजरअंदाज कर रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह सौदा अमेरिका के हित में है। ट्रम्प ने दावा किया कि यूरोपीय संघ (EU) ने भी रूस से ऊर्जा खरीदने पर 250 अरब डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है। ट्रम्प ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि EU ने रूस को ऊर्जा के लिए 250 अरब डॉलर दिए, लेकिन फेक न्यूज मीडिया इस खबर पर बात नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अमेरिकी लोगों के हित में फैसले लिए हैं और उनकी नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ है। रूस अमेरिका को लाखों टन डीजल भेजेगा ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा था कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल अमेरिका भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजने की बात कही गई। ट्रम्प के मुताबिक, रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर कुछ समय बाद 30 लाख टन डीजल और भेजा जा सकता है। ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस समझौते के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने इसे बड़ा सौदा बताते हुए कहा कि अमेरिका को बड़ी मात्रा में डीजल मिलेगा। पुतिन ने भी कहा कि रूस अमेरिका और दुनिया के दूसरे बाजारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पाद देने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। EU ने 826 रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए ट्रम्प के रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव करने के बीच यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, नए प्रतिबंधों में 1,569 लोगों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनमें 826 रूसी कंपनियां और उन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर काम करने वाले 743 लोग शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का मकसद रूस के सैन्य उद्योग को सामान और सेवाएं देने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ाना है। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, इन कंपनियों का सालाना कारोबार कम से कम 20 अरब यूरो है और इनमें 2.5 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। जेलेंस्की बोले- रूस को युद्ध के लिए ज्यादा पैसा मिलेगा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को EU के नए प्रतिबंधों का स्वागत किया, लेकिन रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि ऊर्जा बेचकर रूस की कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने के लिए कर सकता है। जेलेंस्की ने दावा किया कि अमेरिका की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए संघर्षविराम की घोषणा के अगले ही दिन रूस ने यूक्रेन की 6 ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में देशभर में 33 लोग घायल हुए। ट्रम्प ने रविवार को रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर की जानकारी दी ट्रम्प ने रविवार को बताया था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। ————————-

Ravi Kishan: ‘मैं डरा हुआ हूं कोई गलती नहीं कर सकता’, ‘अयोध्या की रामलीला’ में भगवान राम का किरदार निभाने पर बोले रवि किशन

Ravi Kishan: एक्टर और सांसद रवि किशन नई दिल्ली में ‘अयोध्या की रामलीला’ में श्री राम का रोल निभाएंगे। इस इवेंट का टेलीकास्ट दुनिया भर में होगा। एक्टर का कहना है कि स्टेज पर भगवान का रोल निभाने में उन्हें “डर” लग रहा है।

उन्होंने HT सिटी से कहा, “पहली बार श्री राम का रूप धारण करने का सौभाग्य मिला है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वे मेरे शरीर में आएं और मुझे गरिमा के साथ परफॉर्म करने की ऊर्जा दें। मैंने पहले परशुराम और केवट का रोल किया है, बचपन में माता सीता का रोल भी किया है और एक टीवी सीरियल में श्री कृष्ण का रोल भी निभाया है। लेकिन यह अलग है। मैं हमेशा से श्री राम का रोल निभाना चाहता था।”

यह मानते हुए कि उन्हें स्क्रीन की तुलना में ज्यादा डर लग रहा है वे कहते हैं, “अंदर से डरा हुआ हूं! मेरा मानना ​​है कि एक एक्टर के लिए स्टेज पर जाने से पहले डर और घबराहट बहुत जरूरी है। यह श्री राम का रोल है इसलिए इसे सही ढंग से निभाने की और भी ज्यादा जरूरत है… मन में हमेशा यह बात रहती है कि कोई गलती न हो जाए।”

स्टेज और स्क्रीन की तुलना करते हुए रवि ने कहा कि “यहां आप गलती नहीं कर सकते या मन से कुछ नया नहीं जोड़ सकते। आपको तय स्क्रिप्ट और किरदार के दायरे में ही रहना होता है। मेरे पास कितना भी अनुभव क्यों न हो, आखिर हम इंसान हैं और किसी से भी गलती हो सकती है! मैं अपना 100% देने की कोशिश करता हूं और इसी का नतीजा है कि ‘मिर्जापुर द मूवी’, ‘मामला लीगल है’ और ‘लापता लेडीज’ में मेरे किरदारों को सफलता मिली।”

वे याद करते हैं कि एक पुजारी का बेटा होने के नाते वे श्री राम और महादेव की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं और अब उन्हें यह मौका मिल रहा है। एक्टर ने कहा कि यह सिर्फ अभिनय की बात नहीं है – चेहरे पर सौम्यता, शालीनता, संयम और एकाग्रता भी जरूरी है। क्योंकि आप पुरुषों में उत्तम श्री राम का किरदार निभा रहे हैं। पूरी दुनिया इसे देखेगी और दूरदर्शन, OTT और YouTube लाइव स्ट्रीमिंग पर 50 करोड़ से ज्यादा लोग इसे लाइव देखेंगे।”

अपनी तैयारी के बारे में वे कहते हैं, “अच्छी बात यह है कि अभी नवरात्रि चल रही है और मैं व्रत रख रहा हूं, इसलिए शुद्ध शरीर और पवित्र आत्मा के साथ मैं यह किरदार निभाऊंगा। मैं शाकाहारी हूं और दुबला-पतला दिखने के लिए खास डाइट ले रहा हूं। रामलीला से पहले मैं अपनी मूंछें हटा दूंगा और खुद को शांत और संयमित रख रहा हूं ताकि मैं इस किरदार को बेहतरीन ढंग से निभा सकूं।”

The Legend of Hanuman 7: ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान 7’ का रिलीज हुआ ट्रेलर, इस दिन होगी जियोहॉटस्टार पर होगी स्ट्रीम

The Legend of Hanuman 7 Trailer release: हनुमान की गाथा एक बार फिर लौट आई है। इस बार दांव पहले से कहीं बड़े हैं। JioHotstar ने ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 7 का ट्रेलर जारी कर दिया है। इसके साथ ही दर्शकों के पसंदीदा शोज में से एक का अब तक का सबसे बड़ा अध्याय सामने आया है। ग्राफिक इंडिया द्वारा निर्मित और शरद देवराजन के सह-निर्माण में तैयार इस सीजन का प्रीमियर 23 अक्टूबर को होगा।

नए सीजन में लंका का युद्ध अपने निर्णायक और भयावह मोड़ पर पहुंचता है, जहां रावण अब तक के अपने सबसे शक्तिशाली रूप में सामने आता है। वानर सेना के शिविर में निराशा छाने लगती है, तभी हनुमान उस एक अस्त्र की तलाश में निकल पड़ते हैं, जो रावण का हमेशा के लिए अंत कर सकता है।

लेकिन अंतिम अस्त्र की यह खोज जल्द ही उन्हें युद्धभूमि से बहुत आगे समय के अलग-अलग पड़ावों तक ले जाती है। इस यात्रा में वे भगवान राम के अतीत के उन अनजाने पहलुओं और मृत्यु के साम्राज्य तक पहुंचते हैं, जिनसे अब तक पर्दा नहीं उठा था। इसी दौरान हनुमान एक ऐसे रहस्य से पर्दा उठाते हैं, जो सब कुछ बदलकर रख देगा—उनकी दिव्यता का वास्तविक स्वरूप और उनकी असीम शक्ति।

शानदार एक्शन के साथ इमोशन, आस्था और मित्रता का संगम पेश करता यह सीजन हनुमान की यात्रा में एक नए और प्रभावशाली अध्याय की शुरुआत करता है। अब रावण के अंत की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 7 का प्रीमियर 23 अक्टूबर को विशेष रूप से JioHotstar पर होगा।

शरद केलकर एक बार फिर रावण की आवाज के रूप में लौट रहे हैं और अपने दमदार अंदाज से इस शक्तिशाली खलनायक के किरदार को जीवंत करेंगे। शो में वापसी को लेकर शरद केलकर ने कहा- “मैं ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ का हिस्सा बनकर बेहद खुश हूं। यह ऐसा शो है, जो हमारी पौराणिक कथाओं की कुछ कालजयी गाथाओं को जीवंत करता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ेगी, दर्शक इससे जुड़े रहेंगे और हर नए खुलासे का इंतजार करेंगे।”

शरद देवराजन, निर्माता एवं लेखक, सह-संस्थापक और सीईओ, ग्राफिक इंडिया ने कहा- “‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ का निर्माण मेरे जीवन की सबसे संतोषजनक यात्राओं में से एक रहा है। JioHotstar के साथ हमारी साझेदारी ने हमें इस दुनिया का विस्तार करने और इसकी कई परतों को दर्शकों के सामने ऐसे अंदाज में प्रस्तुत करने का अवसर दिया है, जो कालजयी होने के साथ-साथ आज के दौर से भी जुड़ा है। एनिमेशन ही ऐसा माध्यम है, जो भगवान हनुमान की कथा के विशाल स्वरूप, कल्पनाशीलता और आध्यात्मिक गहराई के साथ न्याय कर सकता है।

शरद देवराजन, जीवन जे. कांग और चारुवी अग्रवाल द्वारा निर्मित ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 7 अपनी विशिष्ट एनिमेशन शैली और विस्तृत पौराणिक दुनिया को आगे बढ़ाता है। ग्राफिक इंडिया की इस प्रस्तुति का निर्देशन जीवन जे. कांग और नवीन जॉन ने किया है, जबकि इसकी पटकथा शरद देवराजन, जीवन जे. कांग, सरवत चड्ढा और शिवांगी सिंह ने लिखी है।

ट्रेलर हनुमान की यात्रा के अब तक के सबसे शक्तिशाली अध्याय की झलक पेश करता है। देखें ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 7, 23 अक्टूबर से विशेष रूप से JioHotstar पर।

पटना के महावीर मंदिर की अनूठी पहल, प्रसाद और दान की कमाई से चल रहे अस्पताल, बच्चों के लिए बन रहा बाल कैंसर हॉस्पिटल

बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर सिर्फ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नहीं है। पटना जंक्शन से लगा यह मंदिर आस्था के साथ-साथ सेवा और जनकल्याण की भी एक बड़ी मिसाल है। यहां बजरंगबली के दर्शन करने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मंदिर में चढ़ने वाले नैवेद्यम प्रसाद और अन्य माध्यमों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल मरीजों के इलाज, शिक्षा और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी किया जाता है। महावीर मंदिर न्यास समिति के अंतर्गत कई अस्पताल, चिकित्सा संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और भोजनालय संचालित होते हैं।

प्रसाद की कमाई से होता है मरीजों का इलाज

महावीर मंदिर की आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री से होने वाली बचत से आता है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के चढ़ावे, कर्मकांड शुल्क, स्वैच्छिक दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक से मिलने वाले ब्याज से भी मंदिर को आय होती है। इन्हीं संसाधनों के जरिए महावीर मंदिर न्यास समिति स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों का संचालन करती है। इन संस्थानों में महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर नेत्रालय, महावीर हार्ट हॉस्पिटल, महावीर वरिष्ठ नागरिक अस्पताल और विशालनाथ अस्पताल शामिल हैं।

इसके अलावा भीखमदास ठाकुरबाड़ी स्थित महावीर नेत्रालय की शाखा भी संचालित की जाती है। इन संस्थानों के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग, आंखों की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस अस्पतालों में बेहद कम दरों पर आधुनिक सुविधाएं दी जाती है।

बन रहा है बाल कैंसर संस्थान

महावीर मंदिर न्यास समिति का स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा विस्तार लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में महावीर किशोर कुणाल बाल कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी जारी है। 100 बेड का एक नया अस्पताल बनाया जा रहा है। यह पूरी तरह कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज को समर्पित होगा। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 2027 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। इस अस्पताल में 18 साल तक के बच्चों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी। यहां जांच और उपचार के लिए सभी आधुनिक उपकरण और तकनीकें होंगी।

इलाज के साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर

महावीर मंदिर की गतिविधियां केवल अस्पतालों के संचालन तक सीमित नहीं हैं। महावीर पैरा मेडिकल ट्रेनिंग और महावीर एएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से चिकित्सा एवं नर्सिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं, पाणिनि वेद विद्यालय के जरिए पारंपरिक वैदिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाता है।

गयाजी से अयोध्या तक जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था

धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए भी महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से पहल की गई है। इसके तहत गयाजी में विष्णु रसोई, सीतामढ़ी में सीता रसोई और अयोध्या में राम रसोई का संचालन किया जाता है। इन रसोइयों में लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। धार्मिक यात्राओं पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होती है।

पूर्वी चम्पारण में में आकार ले रहा विराट रामायण मंदिर

महावीर मंदिर न्यास समिति की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में पूर्वी चंपारण जिले के चकिया क्षेत्र में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर भी शामिल है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण संसार के सबसे बड़े मंदिर के रूप में हो रहा है।

इस भव्य मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचा और लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग स्थापित किया गया है। मंदिर की प्रस्तावित लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। इसकी संरचना में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर शामिल होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट रखी गई है, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई 180, 135, 108 और 90 फीट प्रस्तावित है। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

रोजाना करीब 10 लाख रुपये की आय

महावीर मंदिर की आर्थिक गतिविधियों का अंदाजा मई 2023 में महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से जारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इन आंकड़ों के अनुसार, मंदिर की प्रतिदिन की आय करीब 10 लाख रुपये थी। इस आय में भेंटपात्रों में मिलने वाली चढ़ावे की राशि, कर्मकांड शुल्क, नैवेद्यम प्रसाद से होने वाली बचत, श्रद्धालुओं की ओर से स्वेच्छा से दिए जाने वाले दान, विक्रय केंद्रों की बचत और बैंक ब्याज शामिल थे। इसमें अस्पतालों और अन्य संस्थानों की आय-व्यय राशि शामिल नहीं थी।

पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट

दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट में पावर बैंक फटने से लगी आग, इंडियो एयरलाइन का विमान हैदराबाद डायवर्ट

रूस पर 1,600 नये प्रतिबंध लगायेगा यूरोपीय संघ

यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने सोमवार को कहा कि ईयू रूस पर नये प्रतिबंध लगाने जा रहा है जिसके तहत रूस के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र और यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में चुनाव कराने से जुड़े करीब 1,600 लोगों और संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में डाला जायेगा।

लक्जमबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले सुश्री कलास ने कहा कि संघ का मानना है कि रूस की युद्ध के लिए धन जुटाने की क्षमता को सीमित करने का प्रभावी साधन प्रतिबंध हैं। उन्होंने अमेरिका से अपनी नीतियों को यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलाने का आग्रह किया। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए अमेरिका से मॉस्को पर दबाव बढ़ाने की अपील की।

“श्री कलास ने कहा, “हमारा स्पष्ट मानना है कि रूस पर दबाव ही काम करेगा।” उन्होंने कहा कि रूस ने यह युद्ध शुरू किया था और इसे रोकने के लिए उस पर ही दबाव बनाया जाना चाहिए।

प्रस्तावित प्रतिबंधों में रूस का सैन्य-औद्योगिक ढांचा और यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में आयोजित वे चुनाव निशाने पर हैं, जिन्हें सुश्री कलास ने ‘फर्जी चुनाव’ करार दिया। युद्ध जारी रखने की रूस की क्षमता को कमजोर करने के प्रयासों के तहत यूरोपीय संघ अपने प्रतिबंधों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है।

सुश्री कलास ने दावा किया कि यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के कारण रूस को एक ट्रिलियन यूरो से हाथ धोना पड़ा है और यह रकम अब युद्ध में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस के ‘शैडो फ्लीट’ के खिलाफ उठाये गये कदमों से भी रूस के लिए अपने सैन्य अभियान को वित्तपोषित करना मुश्किल हो रहा है।

यह स्वीकार करते हुए कि रूस पाबंदियों से बचने के नये तरीके ढूंढ़ रहा है, सुश्री कलास ने कहा कि ईयू भी उसी हिसाब से अपने कदमों में बदलाव कर रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश मामलों की परिषद की पिछली लगातार 10 बैठकों में संघ ने नयी प्रतिबंध सूचियों पर सहमति जतायी है।

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सुश्री कलास ने कहा कि अगर अमेरिका भी ऐसा ही रुख अपनाता है तो यूरोपीय संघ रूस पर दबाव बढ़ाने में ज्यादा बेहतर स्थिति में होगा। उन्होंने अमेरिका से रूस पर ‘ग्राहम बिल’ को लागू करने का आग्रह किया।

यूक्रेन में नए सिरे से चुनाव कराने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मांग पर सुश्री कलास ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत युद्ध के दौरान आमतौर पर चुनाव नहीं कराये जाते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि अगर युद्धविराम हो जाता है तो वे जल्द से जल्द चुनाव कराने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा, “चुनाव हमेशा देश के भीतर विभिन्न समूहों के बीच का मुकाबला होते हैं, जबकि हमले बाहर से हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि युद्ध जारी रहने के दौरान राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

सुश्री कलास ने ‘ऊर्जा युद्धविराम’ के टिके रहने पर भी चिंता जतायी और कहा कि ईयू को अभी तक यह नहीं दिखा है कि रूस इसका पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए किसी भी तरह के संघर्षविराम को केवल ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित रखने के बजाय और आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं की रक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हमलों को रोकने के लिए लड़ाई पर व्यापक रोक लगानी होगी।

पश्चिम एशिया के मुद्दे पर सुश्री कलास ने हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों की निंदा की और मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को खुला रखने और लाल सागर से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय संघ एक अंतरराष्ट्रीय बल के समन्वय से अपने नौसैनिक ‘ऑपरेशन एस्पाइड्स’ को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा कर रहा है।

सुश्री कलास ने कहा कि यूरोपीय संघ द्वारा लेबनान में नागरिक और सैन्य घटकों वाले एक नये मिशन की स्थापना पर भी फैसला लेने की उम्मीद है। यदि यह निर्णय स्वीकार कर लिया जाता है तो यह मिशन कुछ ही महीनों में ज़मीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार हो सकता है।

Pic Credit : UNI

‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 7 का ट्रेलर जारी, 23 अक्टूबर से होगा प्रसारण

जियोहॉटस्टार ने लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ के सातवें सीजन का ट्रेलर जारी कर दिया है। ग्राफिक इंडिया द्वारा निर्मित इस सीजन का प्रीमियर 23 अक्टूबर 2026 को होगा।

नए सीजन में लंका का युद्ध निर्णायक मोड़ पर पहुंचता है, जहां हनुमान रावण का अंत करने वाले एक विशेष अस्त्र की तलाश में निकलते हैं। इस दौरान उनकी यात्रा युद्धभूमि से आगे समय के विभिन्न पड़ावों तक पहुंचती है, जहां उन्हें भगवान राम के अतीत के अनजाने पहलुओं और अपनी दिव्यता की वास्तविक शक्ति से जुड़े रहस्यों का पता चलता है।

सीजन में रावण अपने सबसे शक्तिशाली रूप में नजर आएगा। एक्शन, आस्था, भावनाओं और मित्रता से भरपूर यह कहानी हनुमान की अब तक की सबसे चुनौतीपूर्ण लड़ाई और उनकी असीम शक्ति के नए पहलुओं को सामने लाएगी।

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शरद केलकर एक बार फिर रावण के किरदार को अपनी आवाज देंगे। उन्होंने कहा कि सीरीज का सातवां सीजन हनुमान की यात्रा को नई दिशा में ले जाएगा और दर्शकों को उनकी दिव्यता तथा अपार शक्ति के ऐसे पहलुओं से परिचित कराएगा, जिन्हें उन्होंने पहले नहीं देखा होगा।

ग्राफिक इंडिया के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद देवराजन ने कहा कि जियोहॉटस्टार के साथ साझेदारी ने इस पौराणिक दुनिया का विस्तार करने का अवसर दिया है। सातवें सीजन में हनुमान की यात्रा को युद्धभूमि से आगे समय के विभिन्न पड़ावों तक ले जाते हुए कहानी का अब तक का सबसे अप्रत्याशित अध्याय प्रस्तुत किया गया है।

शरद देवराजन, जीवन जे. कांग और चारुवी अग्रवाल द्वारा निर्मित इस सीजन का निर्देशन जीवन जे. कांग और नवीन जॉन ने किया है। इसकी पटकथा शरद देवराजन, जीवन जे. कांग, सरवत चड्ढा और शिवांगी सिंह ने लिखी है।

‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ सीजन 7 का प्रीमियर 23 अक्टूबर से विशेष रूप से जियोहॉटस्टार पर होगा।

Pic Credit : UNI

Ramayana Part 1 Advance Booking: दुनिया भर में 5 नवंबर को रिलीज होगी ‘रामायणम् पार्ट 1’, दशहरा पर खुलेगी एडवांस बुकिंग

Ramayana Part 1 Advance Booking: नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायणम् पार्ट वन’ के मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट को लेकर बनी उलझन को दूर कर दिया है। यह फिल्म 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में सभी प्रीमियम फॉर्मेट में रिलीज होगी। इस बात की घोषणा रविवार 11 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर की गई।

लीड एक्टर्स वाला एक नया पोस्टर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, “नवरात्रि के शुभ अवसर पर हम एक नए युग की शुरुआत का जश्न मना रहे हैं। यह राम के युग का आरंभ है। नमित मल्होत्रा ​​की ‘रामायणम् पार्ट 1’ 5 नवंबर से दुनिया भर के सिनेमाघरों में। सभी प्रीमियम फॉर्मेट में। दशहरा पर एडवांस बुकिंग शुरू होगी।

यह ऐलान फिल्म की रिलीज डेट को लेकर चल रही उलझन के बीच हुआ है। सोनी पिक्चर्स द्वारा जारी किए गए इंटरनेशनल ट्रेलर में शुरुआत में दुनिया भर में रिलीज की तारीख 6 नवंबर बताई गई थी। वहीं प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने कहा था कि फिल्म को भारत में दिवाली पर रिलीज करने का प्लान है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फिल्म 5 नवंबर को भारतीय सिनेमाघरों में आ सकती है और 4 नवंबर को इसके पेड प्रीव्यू हो सकते हैं। हालांकि मेकर्स की हालिया घोषणा से यह कन्फर्म हो गया है कि फिल्म दुनिया भर में 5 नवंबर को रिलीज होगी। उन्होंने यह भी बताया है कि दशहरा पर इसकी एडवांस बुकिंग शुरू हो जाएगी।

नितेश तिवारी के निर्देशन और नमित मल्होत्रा ​​के प्रोडक्शन में बनी ‘रामायणम् पार्ट वन’ इस साल की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक है। ‘रामायणम्’ में रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में, साई पल्लवी सीता के रोल में, यश रावण के रोल में, सनी देओल हनुमान के रोल में और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे।

नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने DNEG और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के साथ मिलकर इस फिल्म को बनाया है और इसे दो हिस्सों वाली एपिक फिल्म के तौर पर प्लान किया गया है। ‘रामायणम्’ का पहला पार्ट इस साल दुनिया भर में रिलीज़ होगा, जबकि दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली पर आएगा। ये फिल्में हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होंगी। फिल्म IMAX में भी रिलीज होगी। सोनी पिक्चर्स भारत को छोड़कर दुनिया भर में इसे डिस्ट्रीब्यूट करेगा, जबकि धर्मा प्रोडक्शन्स हिंदी भाषी मार्केट में इसके डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालेगा।

इजराइल में नेतनयाहू की कुर्सी पर संकट:4 सर्वे में से 2 में विपक्ष आगे, किसी भी खेमे को बहुमत नहीं

इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कुर्सी पर संकट मंडरा रहा है। 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले आए 4 प्रमुख सर्वे में से 2 में विपक्षी खेमा आगे है, जबकि एक में दोनों खेमे बराबरी पर हैं और एक में नेतन्याहू का खेमा आगे है। किसी भी खेमे को सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें मिलती नहीं दिख रहीं। ऐसे में चुनाव के बाद सत्ता की चाबी छोटे दलों के हाथ में जा सकती है। इजराइल में चुनाव से पहले लोगों की राय बंटी येरुशलम के महाने येहुदा बाजार में चुनावी पोस्टरों के बीच 76 साल के फल विक्रेता अब्राहम लेवी को भरोसा है कि नेतन्याहू फिर सरकार बनाएंगे। वे कहते हैं, ‘नेतन्याहू को अपना काम पूरा करना है।’ लेकिन इसी शहर की जाफा स्ट्रीट पर दुकानदार इल्डा की राय अलग है। उनका कहना है कि हमास के हमले की जिम्मेदारी नेतन्याहू को लेनी चाहिए। तेल अवीव के जाफा इलाके में रहने वाले तुर्गेमान भी बदलाव चाहते हैं। वे कहते हैं कि वे गादी आइजनकोट का समर्थन करेंगे। लोगों की ये अलग-अलग राय इजराइल के चुनावी माहौल को दिखाती हैं। यहां कुछ लोग नेतन्याहू को दोबारा मौका देना चाहते हैं, तो कुछ हमास के हमले के बाद सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इजराइल में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे। इसके बाद गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई में 74 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। करीब तीन साल बाद हो रहे इस चुनाव में सुरक्षा, हमास के हमले की जिम्मेदारी और नेतन्याहू का नेतृत्व बड़े मुद्दे हैं। सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का समर्थन चाहिए इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी खेमे को कम से कम 61 सीटों का समर्थन चाहिए। चुनाव से पहले आए चार प्रमुख सर्वे में किसी भी खेमे को यह आंकड़ा मिलता नहीं दिख रहा। हमास हमले में अपनों को खोने वाले परिवार भी बंटे 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में कई परिवारों ने अपने लोगों को खो दिया था। अब चुनाव में ऐसे परिवारों के बीच भी नेतन्याहू को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। किबुत्ज बेरी की मेराव के माता-पिता हमले में मारे गए थे। उनका मानना है कि जिस सरकार के कार्यकाल में इतना बड़ा हमला हुआ, उसे दोबारा सत्ता में नहीं आना चाहिए। वहीं, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की उम्मीदवार तालिक देश में मजबूत नेतृत्व चाहती हैं। इससे साफ है कि हमले के पीड़ितों के परिवार भी इस सवाल पर एकमत नहीं हैं कि अगली सरकार किसकी होनी चाहिए। फिलिस्तीन को अलग देश बनाने का मुद्दा चुनावी बहस से दूर इस चुनाव में फिलिस्तीन को अलग देश बनाने का मुद्दा प्रमुख यहूदी दलों की बहस में ज्यादा जगह नहीं पा रहा है। नेतन्याहू फिलिस्तीनी इलाकों पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखने के पक्ष में हैं। विपक्षी दल भी सुरक्षा के मामले में सख्त रुख रखते हैं। यानी नेतन्याहू का विरोध करने वाले सभी दल फिलिस्तीन के मुद्दे पर उनसे अलग राय नहीं रखते। सरकार बदलने की मांग के बावजूद सुरक्षा और फिलिस्तीन के भविष्य को लेकर बड़े दलों के बीच मतभेद सीमित दिखाई देते हैं। सर्वे के मुताबिक, विपक्षी मतदाताओं में 36% और अरब नागरिकों में 57% लोग दो राष्ट्र समाधान का समर्थन करते हैं। इस व्यवस्था के तहत इजराइल और फिलिस्तीन दो अलग-अलग देश होंगे। सरकार बनाने में अरब पार्टियों और छोटे दलों की भूमिका अहम इजराइल में किसी भी खेमे को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में छोटे दल सरकार बनाने का समीकरण बदल सकते हैं। चुनाव के बाद नेतन्याहू और विपक्ष, दोनों को सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। दिए गए अनुमानों के मुताबिक, कुछ छोटे दलों को 12 से 15 सीटें मिलने की संभावना है। इनमें राम पार्टी को 5, संयुक्त अरब सूची को 7 से 9, ओफर विंटर की पार्टी को 5 और हेंडेल-जेलखा को 4 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया है। इन दलों का समर्थन किसे मिलता है, यह चुनाव के बाद सरकार बनाने की बातचीत में अहम हो सकता है। हालांकि, सीटों के ये अनुमान किस सर्वे से जुड़े हैं और क्या सभी आंकड़े एक ही सर्वे के हैं, इसकी पुष्टि जरूरी है। 7 साल पुराने भ्रष्टाचार केस में चुनाव से 16 दिन पहले कोर्ट पहुंचे नेतन्याहू चुनाव से पहले नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के मामले में भी अदालत का सामना करना पड़ रहा है। रविवार, 11 अक्टूबर को वे इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान इजराइल के पूर्व अटॉर्नी जनरल अविचाई मंडेलब्लिट ने गवाही दी। मंडेलब्लिट ने ही 2019 में नेतन्याहू के खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला किया था। उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी मंजूरी के बिना नेतन्याहू के तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ का फोन टैप किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि पुलिस किसी और के कहने पर काम कर रही है। क्या है नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार का मामला? नेतन्याहू पर कारोबारियों से महंगे तोहफे लेने और मीडिया संस्थानों को फायदा पहुंचाने के बदले अपने पक्ष में खबरें दिखवाने के आरोप हैं। 2019 में उनके खिलाफ रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों में मुकदमा शुरू हुआ था। नेतन्याहू इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। मामले की सुनवाई अदालत में जारी है। —————————– यह खबर भी पढ़ें… इजराइल में 20 दिन बाद वोटिंग, नेतन्याहू हार सकते हैं:हमास हमले ने बदली देश की राजनीति 7 अक्टूबर 2023 को हमास के करीब 6 हजार लड़ाकों ने इजराइल पर हमला किया। लोगों को घरों और बंकरों में मारा गया, कई लोगों को जिंदा जला दिया गया और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…