IMD Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश के लोगों को उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत की मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार (IMD), प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक मानसून और ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इसके कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 7 अगस्त तक अच्छी बारिश होगी, वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के किन शहरों में होगी तेज बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। अगले चार से पांच दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश
आईएमडी के अनुसार, 3 से 7 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 3 से 6 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।
इन जगहों पर गिर सकती है बिजली
4 अगस्त को प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने की भी आशंका है।
वाराणसी सहित इन शहरों में होगी तेज बारिश
4 और 5 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, संत रविदास नगर, गोरखपुर मंडल के कई जिले, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से और तराई क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है। 6 अगस्त को बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
IMD ने लोगों को दी ये सलाह
IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तेज बारिश की वजह से कई जगहों पर पानी भर सकता है। कच्चे मकानों और कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज बारिश की वजह से छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहें, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों, बिना जरूरत यात्रा से बचें और जलभराव व तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी पूरी सावधानी बरतें।
IMD Heavy Rain Alert: देश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजातरीन वेदर बुलेटिन में 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में मुसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कुल 21 राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर और बंगाल में भारी बारिश की आशंका: 3 राज्यों के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 4 अगस्त को पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की जा सकती है। असम और मेघालय इन दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी 4 अगस्त को एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर लाल चेतावनी दी गई है।
बिहार और पूर्वोत्तर के इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों और पूर्वी भारत में भी बादलों का आक्रामक रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-
अरुणाचल प्रदेश
बिहार
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा
दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
4 अगस्त को देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है:-
उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।
पूर्वी व मध्य भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।
पश्चिम व दक्षिण भारत: मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे।
आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
Delhi Weather Today: उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून के सक्रिय रहने के कारण दिल्ली-NCR में सोमवार को भी मौसम सुहावना बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि NCR में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश के दौरान कुछ जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है।
दिल्ली का आज का मौसम पूर्वानुमान
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह और दोपहर के समय एक या दो बार हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, शाम या रात में फिर से हल्की बारिश होने की संभावना है। शहर के कुछ इलाकों में, खासकर रात के समय, बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान के भी आने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, नमी का स्तर ज्यादा होने के कारण बारिश के बीच-बीच में मौसम उमस भरा महसूस हो सकता है। इसके अलावा, IMD ने आज के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।
NCR में मौसम कैसा रहेगा?
नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे NCR के आस-पास के शहरों में भी मौसम का हाल कुछ ऐसा ही रहने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है, खासकर दिन के बाद के समय में।
इसके अलावा, IMD ने 4 अगस्त के लिए “येलो अलर्ट” भी जारी किया है। अनुमान है कि दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में दिन भर मध्यम बारिश होगी और न्यूनतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे मौसम भले ही सुहावना बना रहेगा, लेकिन कुछ जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की परेशानी भी हो सकती है।
IMD Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इसके अलावा, कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की भी आशंका जताई गई है।
आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़े मौसम तंत्र के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। इसी वजह से कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान तराई क्षेत्र के सिद्धार्थनगर जिले में तेज से लेकर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
इन शहरों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में मानसून और ज्यादा सक्रिय रहेगा। मानसून की रेखा उत्तर की ओर बढ़ने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज या भारी बारिश भी हो सकती है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान ज्यादातर बादलों से ढका रह सकता है। इस दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना भी जताई गई है।
कब तक होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में अगले दिन अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक शहर में बारिश दर्ज नहीं की गई।
Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।
इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।
पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली
मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।
India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।
उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।
पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश
पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश
मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।
पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश
कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।
दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।
केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।
The Kia Syros EV and Vinfast VF6 are the most affordable electric vehicles from their respective brands. The premium Kia offering is sold in the compact SUV space, one below the VF6’s midsize SUV segment. So, can it match or even outdo the larger VF6 when it comes to specifications and features? We compare the Kia Syros EV X-Line ER and Vinfast VF6 Wind Infinity top-spec variants to find out.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Dimensions
Syros EV
VF6
Length (mm)
3,995
4,241
Width (mm)
1,805
1,834
Height (mm)
1,670
1,615
Wheelbase (mm)
2,550
2,730
Ground clearance (mm)
197
190
Frunk (L)
16
No
Boot space (L)
390-465
423
Wheel size (in)
17
18
Clearly, the Vinfast VF6 is the larger SUV between the two. It is 246mm longer, 29mm wider and has a 180mm longer wheelbase than the Kia Syros EV. However, the Syros is 55mm taller and offers a 7mm higher ground clearance. It also gets a 16-litre frunk, a feature missing on the VF6. In terms of luggage space, the VF6 offers 423 litres of boot space, but the Syros EV can hold up to 465 litres when its sliding rear seats are pushed forward, although capacity drops to 390 litres with the seats in their rearmost position. The VF6 also rides on larger 18-inch alloy wheels, compared to the 17-inch units on the Syros EV.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Powertrains
Syros EV
VF6
Battery size (kWh)
51.4
59.6
Electric motor setup
Single motor
Single motor
Drive layout
FWD
FWD
Power (hp)
171
204
Torque (Nm)
255
310
Claimed 0-100kph time (s)
8.1
8.9
ARAI range (km)
526
463
The two SUVs use a single-motor, front-wheel-drive setup, but the VF6 has the bigger 59.6kWh battery pack, compared to the Syros EV’s 51.4kWh unit. It also produces 33hp more power and 55Nm more torque. Despite this, the Syros EV is quicker, with a claimed 0-100kph time of 8.1 seconds, compared to the VF6’s 8.9 seconds. It also has a clear advantage in terms of claimed driving range, offering 526km on a single charge, which is 63km more than the VF6’s 463km, despite having a smaller battery pack.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Charging speeds
Syros EV
VF6
AC charging (10-100 percent)
4.5 hrs (11kW unit)
Time not specified (7.2kW unit)
DC fast charging (10-70 percent)
–
25 mins (100kW unit)
DC fast charging (10-80 percent)
39 mins (100kW unit)
–
Both the Syros EV and VF6 support 100kW DC fast charging. However, Kia claims a 39-minute charging time for a 10-80 percent top-up, while Vinfast’s claimed 25-minute figure is for the slightly lower 10-70 percent charging window. On the AC charging front, the Syros EV supports charging speeds of up to 11kW, taking 4.5 hours to charge from 10 to 100 percent. The VF6, meanwhile, supports up to a 7.2kW AC charger, although Vinfast has not yet revealed its charging time.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Exterior features
Syros EV
VF6
Headlamps
LED
LED projector
Front fog lamps
LED
No
LED tail-lamps
Yes
Yes
Powered ORVMs
Yes
Yes
Alloy wheels
Yes
Yes
Flush door handles
Yes
No
Body cladding
Yes
Yes
Rear spoiler
Yes
Yes
Not a lot separates them when it comes to exterior features, with both offering LED tail-lamps, powered ORVMs, alloy wheels, body cladding and a rear spoiler. However, the VF6 comes with LED projector headlamps, while the Syros EV gets LEDs with reflectors. Another differentiation is that the Syros EV gets flush-fitting door handles, whereas the VF6 is equipped with conventional pull-type door handles.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Interior features
Syros EV
VF6
Infotainment screen (in)
12.3
12.9
Digital driver’s display (in)
12.3
No
Climate control display (in)
5
No
Sunroof
Panoramic, openable
Panoramic, fixed
Wireless charger
Yes
Yes
Driver’s seat powered adjustment
4-way
8-way
Ventilated front seats
Yes
Yes
USB ports
2 Type C (f/r), including 1 100W (f)
2 Type A (f/r), 1 90W Type C (r)
Rear AC vents
Yes
Yes
Rear seat base ventilation
Yes
No
Climate control
Single zone
Dual zone
All window one touch up/down
Yes
Yes
Ambient lighting
Yes
Footwell only
Sound system
8-speaker Harmon Kardon
8 speakers
Apple CarPlay and Android Auto
Wireless
Wireless
Connected car tech
Yes
Yes
Rear sunshades
Yes
No
Rear centre armrest
Yes
Yes
Sliding, reclining rear seats
Yes
No
Speaking of interior features, both are well equipped and offer a wireless phone charger, ventilated front seats, connected car technology, one-touch up/down function for all windows, wireless Apple CarPlay and Android Auto and an 8-speaker sound system. The VF6 gets a slightly larger 12.9-inch infotainment screen, an 8-way power-adjustable driver’s seat and dual-zone climate control.
The Syros EV, meanwhile, stands out with a 12.3-inch digital driver’s display, a 5-inch climate control display, an openable panoramic sunroof, rear sunshades, rear seat base ventilation, and sliding and reclining rear seats. It also gets USB Type-C ports throughout the cabin, while the VF6 has Type-A ports at the front and rear, and only a single 90W Type-C port for rear passengers. Additionally, the Syros EV features a premium Harman Kardon sound system and more comprehensive ambient lighting (dashboard, doors and footwell area), whereas the VF6 offers just footwell lighting.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Driving features
Syros EV
VF6
Drive modes
Eco, Normal, Sport
Eco, Normal, Sport
Household-style interior 3-pin socket
Yes
No
Regen braking
Yes
Yes
Paddleshifters for regen
Yes
No
Adaptive cruise control
Yes
Yes
Differences here are less, save for the Syros EV’s household-style 3-pin power socket to power certain electrical devices, along with steering-mounted paddle shifters to adjust the level of regenerative braking. Regen levels can be adjusted via the touchscreen on the VF6, but an internal V2L charging socket is absent here. Drive modes and adaptive cruise control are offered by both models.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Safety features
Syros EV
VF6
Bharat NCAP rating
Yet to be tested
5 stars
Airbags
6
7
ABS with EBD
Yes
Yes
Electronic stability program
Yes
Yes
Hill-start assist
Yes
Yes
Tyre pressure monitoring system
Yes
Yes
360-degree camera
Yes
Yes
Front parking sensors
Yes
Yes
Electronic parking brake
Yes
Yes
Rain-sensing wipers
No
Yes
Auto-dimming IRVM
Yes
Yes
Isofix child seat anchors
Yes
Yes
Rear wiper, defogger
Yes
Yes
Disc brakes
Front, rear
Front, rear
Level 2 ADAS
Yes
Yes
Again, not much separates the them when it comes to safety kit. Both offer ABS with EBD, electronic stability control, hill-start assist, TPMS, a 360-degree camera, front parking sensors, an electronic parking brake, an auto-dimming IRVM, ISOFIX child seat anchors, front and rear disc brakes, and Level 2 ADAS.
The VF6, however, gets seven airbags, one more than the Syros EV’s six, along with rain-sensing wipers. It has also secured a full 5-star Bharat NCAP safety rating. The Syros EV’s Bharat NCAP crash test rating, meanwhile, is yet to be revealed at the time of writing, but it is likely to score a 5-star rating like its ICE counterpart.
Kia Syros EV X-Line ER vs Vinfast VF6 Wind Infinity: Prices and verdict
Syros EV
VF6
Price (in Rs lakh)
20
19.99
There’s no doubt that both the Kia Syros EV and Vinfast VF6 are feature-rich electric SUVs. However, despite being positioned a segment below the VF6, the Syros EV makes a strong case for itself with its overall package. It offers several features aimed at pampering the rear seat passengers, including sliding and reclining seats with ventilation (seat base only), sunshades and an openable panoramic sunroof. While it has a smaller footprint than the VF6, we found in our review that the Syros EV still offers a spacious cabin, helped by its boxy design and good interior packaging.
The Syros EV also has an advantage when it comes to claimed driving range. Despite using a smaller battery pack, it offers a higher single charge range, an important factor for most EV buyers. While both SUVs are priced very close to each other at the top-end, the Syros EV is clearly on the expensive side for its segment. However, the overall package goes a long way towards justifying its price. Buyers can also reduce the upfront cost by quite a lot by opting for the battery as a service (BaaS) scheme with the electric Syros, though this option is not available with the VF6.
Another advantage for the Syros EV is Kia’s wider sales and service network across the country, along with its stronger brand recognition among buyers. Vinfast, on the other hand, is still new to the market, with a relatively limited sales and service network. This could also play an important role in the overall ownership experience.
NEET PG 2026 Exam: सरकार NEET-PG परीक्षा के लिए कई बदलाव किए हैं। इसमें परीक्षा केंद्र के विकल्पों का दायरा बढ़ाना, उम्मीदवारों को परीक्षा वाले शहरों तक यात्रा की योजना बनाने के लिए ज्यादा समय देना और टेस्ट के दौरान हर सवाल के लिए अधिक समय देना शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NEET परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इस कदम का मकसद मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में आपातकालीन स्थितियों या परीक्षा स्थगित होने के कारण एग्जाम कई शिफ्ट में आयोजित करनी पड़ी थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों का मकसद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “पेपर पत्र तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों पर मज़बूत किया गया है।”
एक ही शिफ्ट में होगा एग्जाम
न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सभी उम्मीदवार एक जैसी परिस्थितियों में एक ही पेपर दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार 1 अगस्त को NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। नड्डा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित तरीके से आयोजित की जाए।
NEET-PG 2026 के एग्जाम सेंटर घर के पास होंगे
इससे पहले ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (first-come, first-served) वाली व्यवस्था थी। लेकिन अब उम्मीदवारों से आवेदन करते समय तीन राज्यों की प्राथमिकता बताने को कहा जाएगा। उनका राज्य अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता होगी, जिससे अधिकारियों को उनके घर के पास परीक्षा केंद्र आवंटित करने में आसानी होगी। पहले उन्हें अक्सर पास के केंद्र पूरी तरह भरे हुए मिलते थे और परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।
कब होगा एग्जाम?
NEET PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त 2026 (रविवार) को आयोजित होगी। यह एग्जाम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उम्मीदवारों को 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित टेस्ट शहर के बारे में जानकारी मिल जाएगी।
इससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। पहले, शहर और वेन्यू की जानकारी परीक्षा की तारीख के बहुत करीब जारी की जाती थी। इससे कई उम्मीदवारों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने में परेशानी होती थी।
तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे
मंत्रालय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अपने एग्जाम सेंटर के लिए तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे। उनके रहने की जगह के पास केंद्र आवंटित करने में आसानी के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर अपने गृह राज्य को चुनना अनिवार्य होगा।
एक सूत्र ने बताया कि पहले एग्जाम सेंटर वाले शहर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाते थे, जिससे रजिस्ट्रेशन विंडो खुलते ही उम्मीदवार जल्दबाजी में आवेदन करते थे। जो लोग देर करते थे, उन्हें अक्सर पास के परीक्षा केंद्र के विकल्प पूरी तरह भरे हुए मिलते थे। इससे उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।
तीन सप्ताह पहले मिल जाएगी जानकारी
एक और अहम बदलाव में उम्मीदवारों को परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित परीक्षा शहर के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मंत्रालय ने बताया कि NBEMS ने परीक्षा पैटर्न को भी तर्कसंगत बनाया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 210 मिनट में 180 सवालों के जवाब देने होंगे। इससे उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलता है। जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2,73,183 उम्मीदवारों ने कराया रजिस्ट्रेशन
NEET-PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह परीक्षा लगभग 340 शहरों और 1,300 से अधिक एग्जाम सेंटरों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।
काउंसलिंग चार अगस्त से शुरू होगी
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत MBBS और दूसरे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से शुरू होगा। 2026-27 बैच का एकेडमिक सेशन 8 सितंबर से शुरू होगा।
कमेटी की ओर से जारी काउंसलिंग शेड्यूल के मुताबिक, डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए AIQ काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से 17 अगस्त तक होगा। एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 22 अगस्त होगी।
शेड्यूल के अनुसार, AIQ काउंसलिंग का दूसरा राउंड 24 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा। इसके बाद तीसरा राउंड होगा, जो 10 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगा। स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 13 अगस्त से 22 अगस्त तक होगा, जिसमें कैंडिडेट्स को 28 अगस्त तक अपना एडमिशन पूरा करना होगा। दूसरा राउंड 31 अगस्त से 8 सितंबर तक और तीसरा राउंड 16 सितंबर से 26 सितंबर तक होगा।
IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।
मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।
राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।
तापमान और बारिश की स्थिति
हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।
तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।
बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।
हर मानसून में भारत के कई शहर पानी में डूब जाते हैं।
लेकिन जापान ने इस समस्या का समाधान ज़मीन के नीचे ढूँढ लिया।
टोक्यो के नीचे बना G-Cans Underground Flood Control System लाखों लोगों को हर साल बाढ़ से बचाता है। सड़कें खुली रहती हैं, ट्रेनें चलती रहती हैं और शहर नहीं रुकता।
क्या भारत के शहरों में भी ऐसा सिस्टम बनना चाहिए?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए।
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