आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंका

गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्ट

महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादल

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंके

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Heavy Rain Alert: भयंकर बारिश का अलर्ट! 31 जुलाई को इन जिलों में बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज

भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए केरल के जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 31 जुलाई को एर्नाकुलम, कासरगोड और वायनाड जिलों के सभी स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। यह फैसला भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की चेतावनी के बाद लिया गया है। मौसम विभाग ने इन तीनों जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

एर्नाकुलम

एर्नाकुलम की जिला कलेक्टर जी. प्रियंका ने शुक्रवार, 31 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और प्रोफेशनल कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र और ट्यूशन सेंटर भी बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने यह फैसला मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लिया है।

कासरगोड

कासरगोड के जिला कलेक्टर अर्जुन पांडियन ने भी एहतियात के तौर पर जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का ऐलान किया है। इस आदेश के तहत स्कूल, कॉलेज, प्रोफेशनल कॉलेज, आंगनवाड़ी, ट्यूशन सेंटर, आईसीएसई, सीबीएसई स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और मदरसे सहित सभी धार्मिक शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। हालांकि, यह आदेश आवासीय (रेजिडेंशियल) स्कूलों पर लागू नहीं होगा। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि पहले से तय विश्वविद्यालय परीक्षाएं, अन्य सार्वजनिक परीक्षाएं और इंटरव्यू अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे।

वायनाड

वायनाड की जिला कलेक्टर डी.आर. मेघाश्री ने भी शुक्रवार, 31 जुलाई को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। इस आदेश के तहत स्कूल, प्रोफेशनल कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र, ट्यूशन सेंटर, विशेष कक्षाएं और धार्मिक शिक्षा से जुड़ी कक्षाएं बंद रहेंगी। हालांकि, आवासीय (रेजिडेंशियल) स्कूल और आवासीय कॉलेज इस आदेश से बाहर रहेंगे। यानी इन संस्थानों में छुट्टी लागू नहीं होगी।

केरल के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

केरल में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाएं और कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 30 जुलाई के लिए इडुक्की, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड और कन्नूर जिलों में बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और कासरगोड जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी के अनुसार, बहुत भारी बारिश का मतलब है कि 24 घंटे के दौरान 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

Tata Motors halts production at Sanand plants due to Gujarat flood

tata motors sanand plant

In a new regulatory filing to stock exchanges, Tata Motors has reported a temporary disruption to operations at its manufacturing plants in Sanand, Gujarat, after heavy monsoon rains and flooding affected the region. Specifically, some areas in Gujarat received between 300mm and 500mm of rain within 24 hours, which led to flooding, widespread road and rail disruptions, and the evacuation of more than 40,000 people across the state.

Production of Tata Nexon, Sierra, Tiago, Tigor briefly paused

In the regulatory filing, Tata Motors revealed that severe flooding disrupted supplier facilities in and around Gujarat as well, further impacting the carmaker’s supply chain. Efforts to restore operations at Tata’s assembly plants and vendor facilities are underway, and the carmaker is working closely with flood-affected suppliers to help them resume production as quickly as possible. If all goes to plan, production at Tata’s Sanand plants is expected to bounce back over the next few days.

Established in 2010 and located 25-30 km from Ahmedabad, the Sanand manufacturing complex houses two Tata Motors passenger vehicle plants. Both Sanand facilities manufacture the Tata Sierra, Nexon, Tiago, and Tigor, so the production pause could prolong waiting periods for these models.

Tata Motors also stated the overall financial impact and extent of damage are still being assessed. However, the carmaker assured that it has adequate insurance coverage for losses arising from natural calamities such as floods.

यूक्रेन के युद्धग्रस्त पोर्ट पर फंसे 13 भारतीय नाविक, ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच जान पर मंडरा रहा खतरा

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क (Chornomorsk) बंदरगाह पर खड़े मालवाहक जहाज MV AMIR1 पर सवार 13 भारतीय नाविकों समेत कुल 15 क्रू मेंबर युद्ध के बीच फंस गए हैं। यूक्रेन में लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण इनकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस स्थिति को ‘बेहद भयावह और जानलेवा’ बताते हुए भारत सरकार समेत संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और सुरक्षित निकासी की मांग की है।

यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़ा है। जबकि उसके आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। ऐसे में जहाज पर मौजूद भारतीय नाविक हर पल अपनी जान को लेकर भय के साये में जी रहे हैं।

हर पल सीधे हमले का खतरा

FSUI के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइलों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। यूनियन ने कहा कि क्रू के सदस्य इस डर में रह रहे हैं कि किसी भी समय जहाज पर सीधा हमला हो सकता है। यूनियन ने जहाज के मालिकों, जहाज के फ्लैग स्टेट, संबंधित इंटरनेशनल समुद्री अधिकारियों और भारत सरकार से अपील की है कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित निकाला जाए। FSUI ने कहा कि भारतीय नाविकों को युद्ध क्षेत्र में आसान निशाना बनाकर नहीं छोड़ा जा सकता। अब तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

MEA पहले ही जता चुका है चिंता

FSUI की यह अपील ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर यूक्रेन के सामने गंभीर चिंता जताई थी। सोमवार को भारत ने यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया था। यह कदम यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास कमर्शियल जहाज MV OMORFI पर हुए हमले के बाद उठाया गया, जिसमें चार भारतीय नाविक भी सवार थे।

कमर्शियल जहाजों पर हमलों की भारत ने की निंदा

विदेश मंत्रालय ने बताया कि MV OMORFI पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत ने यूक्रेन से यह भी आग्रह किया कि नागरिक नाविकों को लेकर चलने वाले व्यापारिक जहाजों को किसी भी तरह के सैन्य हमलों का निशाना न बनाया जाए।

ब्लैक सी में बढ़ता खतरा

FSUI का कहना है कि ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे MV AMIR1 के चालक दल की सुरक्षित वापसी अब सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक इन नाविकों को सुरक्षित नहीं निकाला जाता, तब तक वे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच लगातार जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं।

ये भी पढ़ें- Weather Rain Alert: दिल्ली से यूपी तक आज भारी बारिश का तांडव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया हैवी रेन का अलर्ट, आंधी-तूफान का भी खतरा, ऐसा रहेगा मौसम

FSUI की नई अपील में संघर्ष से प्रभावित ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे मर्चेंट जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई गई है। MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क में खड़ा है। यूनियन ने क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी तुरंत वापसी का इंतजाम करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि नाविक बंदरगाह के आसपास बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे में रहते हैं।

दिल्ली से यूपी तक आज भारी बारिश का तांडव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया हैवी रेन का अलर्ट, आंधी-तूफान का भी खतरा, ऐसा रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: देशभर में इस वक्त कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। ओडिशा-झारखंड-छत्तीसगढ़ से निकले डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश हो रही है। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंड अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने मध्य भारत के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे दैनिक जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरेगा।

इन 3 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक, तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की प्रबल संभावना है:

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बारिश के प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ों में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

यूपी, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम जताया है। आंध्र प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है।

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बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में दिन भर मजबूत सतही हवाएं चलती रहेंगी।

Delhi-NCR Weather Alert: दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश, IMD ने अगले 2 दिनों के जारी किया ये अलर्ट

Delhi NCR Mausam Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में सोमवार को झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने लोगों को उमस भरे मौसम से बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर और कर्तव्य पथ के आसपास आसमान में काले बादल छाए रहे। इस बारिश से जहां टेंप्रेचर में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली, वहीं कई प्रमुख सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही धीमी होने की वजह से यात्रियों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ा।

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD का अलर्ट

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार शाम अपने जिलेवार पूर्वानुमान में दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश, हल्की गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया। मौसम विभाग के मुताबिक ये मौसमी गतिविधियां दक्षिण पूर्व दिल्ली, पूर्व दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर पूर्व दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली और उत्तर दिल्ली के इलाकों में देखने को मिलीं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार और बुधवार को बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। इसे देखते हुए IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में मौसम का हाल

दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी के मुताबिक सोमवार सुबह दिल्ली का तापमान 26।6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि हवा में नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया था। सुबह के समय उत्तर-पूर्वी दिशा से लगभग 9 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। शहर के बेस वेदर स्टेशन सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही पूरे एनसीआर में बारिश का अनुमान है लेकिन यह बारिश मुख्य रूप से लोकलाइज्ड रह सकती है। यानी कुछ स्थानों पर कम समय के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं जबकि अन्य इलाके काफी हद तक सूखे रह सकते हैं।

इस मानसून अब भी 14% बारिश की कमी

हालिया बारिश के दौर के बावजूद इस मानसून सीजन में दिल्ली में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। 1 जून से 25 जुलाई के बीच दिल्ली में 247.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के लिए मौसमी सामान्य आंकड़ा 365.3 मिमी होना चाहिए था। इस तरह दिल्ली में अब भी 14 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के प्रदर्शन को अब भी सामान्य श्रेणी में ही रख रहा है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार

दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में व्यापक बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई थी। मंगलवार और बुधवार को यह मानसूनी गतिविधियां पूरे राज्य में और अधिक व्यापक हो जाएंगी। मानसूनी गतिविधियों में आई इस तेजी से अगले दो से तीन दिनों में लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूरे राज्य में 30 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना थी, जबकि मंगलवार और बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है।

डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

All you need to know about the Honda ZR-V

ZR-V

Honda has launched the ZR-V in India at an introductory price of Rs 48 lakh (ex-showroom). The SUV sits at the top of the Japanese carmaker’s India lineup as its flagship offering. Available only in a single, fully loaded variant, the ZR-V rivals premium SUVs such as the Skoda Kodiaq, Volkswagen Tayron and Tiguan. Imported from Japan as a completely built unit (CBU), the ZR-V will be sold in limited numbers, with Honda allocating 60 units each in the first two batches. Customer deliveries have already commenced, and the initial 120-unit allocation has been fully spoken for.

Here’s everything you need to know about the Honda ZR-V hybrid.

  1. 184hp strong-hybrid powertrain with claimed 22.79kpl efficiency
  2. Gets all-LED lights, 18-inch alloys and dual exhaust tips
  3. Features include Level 2 ADAS and powered front seats

1. What powertrain does the Honda ZR-V hybrid get?

The India-spec ZR-V Hybrid uses a 2.0-litre four-cylinder petrol engine paired with a dual-motor strong-hybrid setup and an e-CVT automatic gearbox. The combined system output stands at 184hp and 315Nm, with power sent to the front wheels.

Honda claims a 0-100kph time of 8 seconds and a top speed of 172kph. Internationally, the ZR-V is also available with a 1.5-litre turbo-petrol engine and an all-wheel-drive setup.

2. What fuel efficiency does the Honda ZR-V hybrid offer?

Honda pegs the ZR-V hybrid’s fuel efficiency at 22.79kpl. The strong-hybrid setup allows the SUV to run in EV-only mode at lower speeds and during light-throttle driving conditions, helping improve efficiency in city use.

3. What does the Honda ZR-V look like?

The ZR-V has a clean and relatively sleek design compared to its rivals. At the front, it features slim LED headlights with L-shaped daytime running lamps, a black grille and a bumper with functional air vents on both sides.

The SUV rides on 18-inch alloy wheels and gets body-coloured cladding around the wheel arches. At the rear, the ZR-V features LED tail-lights with U-shaped lighting elements, dual exhaust outlets integrated into the bumper and a roof-mounted spoiler, as well as a wiper and washer.

4. What is the Honda ZR-V’s interior like?

Inside, the ZR-V gets a simple dashboard layout with plenty of physical buttons and knobs for functions such as climate control and audio controls. The centre console also uses physical buttons for gear selection.

The SUV gets a dual-screen setup featuring a 9-inch touchscreen infotainment system with wireless Android Auto and Apple CarPlay, along with a 10.25-inch digital driver’s display. Honda is also offering leatherette upholstery, dual-zone climate control, a wireless charger, powered front seats, ambient lighting, a powered tailgate and a 12-speaker Bose sound system. Both rows get centre armrests as well.

However, unlike many rivals in this segment, the ZR-V does not get ventilated seats or a sunroof.

5. What colour options does the Honda ZR-V get?

Honda will offer the ZR-V hybrid in four exterior colour options in India: Crystal Black Pearl, Twilight Mist Black Pearl, Platinum White Pearl and Meteoroid Grey Metallic.

6. What safety and ADAS features does the ZR-V get?

The Honda ZR-V comes equipped with eight airbags, front and rear parking sensors, a 360-degree surround-view camera, hill-descent control, hill-start assist, electronic parking brake with auto hold, vehicle stability assist and disc brakes on all four wheels.

The Level 2 ADAS suite includes collision mitigation braking, adaptive cruise control with low-speed follow, lane-keeping assist, road-departure mitigation, auto high beam and lead-car departure notification. Other safety equipment comprises a driver-attention monitor, rain-sensing wipers, ISOFIX mounts and an acoustic vehicle alert system for EV driving at low speeds.

7. What are the Honda ZR-V’s dimensions?

The Honda ZR-V measures 4,567mm in length, 1,840mm in width and 1,621mm in height and has a 2,655mm wheelbase. Honda says the SUV offers up to 1,313 litres of cargo space with the 60:40 split-folding rear seats folded down. The ZR-V rides on 18-inch alloy wheels and has a turning radius of 5.5 metres.

Compared to its rivals, the ZR-V is smaller overall and is available only as a five-seater. Most of its similarly priced rivals offer a third row and a larger overall footprint.

8. How much does the Honda ZR-V cost in India

VariantPrice (ex-showroom)
ZR-V e:HEVRs 48 lakh

The Honda ZR-V is offered in a single, fully loaded e:HEV variant priced at Rs 48 lakh (introductory, ex-showroom). Since it is imported via the CBU route, availability is limited. Honda has confirmed that the first two allocations comprised 60 units each, all of which have been reserved. A third batch is expected, although the company is yet to announce its arrival timeline. Customer deliveries have already commenced, and the initial 120-unit allocation has been fully spoken for.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Whose top spec trim offers better value?

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV

Kia has taken its first aim to crack the compact electric SUV space with the Syros EV. On the other hand, Tata has been dominating this very segment with the Nexon EV that’s been on the market for quite some time. But how do both SUVs fare when comparing specifications and features of their respective top-spec versions? For this comparison, we’ve chosen the Kia Syros EV’s X-Line variant and the Nexon EV’s Empowered+ A 45 variant.

Explore full specs, features, and a price breakdown in our Syros EV vs Nexon EV comparison.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Dimensions

Syros EV is comparatively the larger vehicle here

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Dimensions

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Length (mm)

3,995

3,995

Width (mm)

1,805

1,802

Height (mm)

1,670

1,625

Wheelbase (mm)

2,550

2,498

Frunk (litres)

16

11.6

Boot space (litres)

390

350

Wheel size (inches)

17

16

While both SUVs have identical length, the Syros EV is 3mm wider, 45mm taller, and gets a 52mm longer wheelbase than the Nexon. Additionally, the former gets a 40-litre larger boot, a 4.4-litre larger frunk, and rides on wheels an inch bigger than the Nexon EV.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Powertrains 

Syros EV gets the larger battery pack, more powerful motor, and higher claimed range figure

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV top-spec: Powertrains 

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Battery size (kWh)

51.4

45

Electric motor setup

Single motor

Single motor

Drive layout

FWD

FWD

Power (hp)

171

144

Torque (Nm)

255

215

Claimed 0-100kph time (seconds)

8.1

8.9

ARAI range (km)

526

489

The Syros EV features the largest battery pack in its segment with a 51.4kWh battery pack. Not only is its battery pack larger than the Nexon’s, but it also has a more powerful motor, leading to a quicker claimed 0-100kph time and a segment-best ARAI range that’s 37km higher than the Nexon’s.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV top-spec: Charging speeds and times 

Syros EV supports faster charging speeds

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV top-spec: Charging speeds and times 

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Battery size (kWh)

51.4

45

7.2kW AC charging (10-100 percent)

6 hours 36 minutes

11kW AC charging (10-100 percent)

8.9 hrs

 

DC fast charging (10-80 percent)

39 minutes at 100kW

40 minutes at 60kW

The Syros EV supports higher charging output than the Nexon EV, be it at AC or DC speeds. But despite this, the Nexon EV’s smaller battery helps it juice up quicker at AC speeds, while DC fast charging times are almost similar to the Syros EV’s. 

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Exterior features

Syros EV top-spec limited to one colour 

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV top-spec: Exterior features

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

LED headlamps

Automatic

Automatic

LED tail-lamps

Yes

Connected

DRLs

Yes

Connected

Front fog lamps

LED

LED

Puddle lamps w/ logo projection

Yes

No

Powered and foldable ORVMS

Yes

Yes

Flush door handles

Yes

No

Rear spoiler

Yes

Yes

Colour options

2, monotone and matte

5, dual tone 

On the outside, the Syros EV gets goodies such as flush door handles with motorised opening for the front handles, and puddle lamps with logo projection, which the Nexon EV skips. But with the Syros EV in top-spec guise, you’re limited to only black exterior paint in either matte or gloss finish. On the other hand, the Nexon offers five dual tone paint choices with a black roof as standard at the top-end.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Interior features 

Sliding and reclining rear seats with seat base ventilation found only on the Syros EV

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Interior features 

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Infotainment screen

12.3-inch

12.3-inch

Digital driver’s display

12.3-inch

10.25-inch

HVAC display

5-inch

No

Apple CarPlay & Android Auto

Wireless

Wireless

Connected car tech

Yes

Yes

Sunroof

Panoramic

Panoramic

Sound system

8-speaker Harmon Kardon

9-speaker JBL

Automatic climate control

Yes

Yes

Wireless charger

Yes

Yes

Driver’s seat adjustment

4-way powered

No

Ventilated front seats

Yes

Yes

Rear seat base ventilation

Yes

No

Rear sunshades

Yes

Yes

Rear centre armrest

Yes

Yes

Sliding, reclining rear seats

Yes

No

OTA updates

Yes

Yes

Ambient lighting 

Yes

Yes

Air purifier

No

Yes

Rear AC vents

Yes

Yes

While Kia and Tata have packed a lot of features for their respective models, the former has the edge here. The Syros EV gets a larger digital driver’s display, powered driver seat, rear seat base ventilation, and sliding and reclining rear seats. But it misses out on an additional speaker and an air purifier, which the Nexon EV gets.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Driving features

Both models are on par with driving features

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Driving features

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Drive modes

Eco, Normal, Sport

Eco, City, Sport

V2L function

Yes

Yes

Multi-level regen braking

Yes

Yes

Paddleshifters for regen

Yes

Yes

Cruise control

Adaptive

Adaptive

In the driving features department, the Syros EV and Nexon EV are equally equipped with drive modes, regen paddle shifters, adaptive cruise control, and V2L functionality.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Safety features

Syros EV yet to achieve BNCAP certification

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Safety features

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Bharat NCAP rating

Yet to be tested

5 stars

Airbags

6

ABS with EBD

Yes

Yes

Electronic stability program

Yes

Yes

Follow-me-home headlamps

Yes

No

Hill hold control

Yes

Yes

Hill descent control

No

Yes

TPMS

Yes

Yes

360-degree camera

Yes

Yes

Parking sensors

Front, rear, side

Front and rear 

Electronic parking brake

Yes (w/ auto-hold)

Yes (w/ auto-hold)

Rain-sensing wipers

No

Yes

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

ISOFIX child seat anchors

Yes

Yes

Rear wiper, defogger

Yes

Yes

Disc brakes

All wheel

All wheel

Level 2 ADAS

Yes

Yes

While the Tata Nexon EV has already scored a 5-star rating in BNCAP tests, the Syros EV is yet to be tested. But for the latter, a similar rating can be expected considering its ICE version has already attained a 5-star rating. 

Both the Syros EV and Nexon EV come well equipped with basic and advanced safety features, including a Level 2 ADAS suite and a 360-degree camera. Here, the Kia gets follow-me-home headlamps and additional parking sensors on the side over the Tata. However, hill descent control and rain-sensing wipers are found only on the latter.

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Prices and Verdict 

Syros EV X-Line pricier by Rs 3.5 lakh

Kia Syros EV vs Tata Nexon EV: Price 

 

Kia Syros EV

Tata Nexon EV

Price (Rs lakh)

20.00

17.49

In top-specification guise, the Syros EV is Rs 3.5 lakh pricier than the Nexon EV. Between the two, it’s the Nexon EV we find as the better value proposition. While the Syros EV is the larger vehicle dimensionally, has the larger battery pack, more powerful motor, and the higher claimed range, it doesn’t justify the extra premium that it commands over the Nexon EV. The Nexon EV may not have as much claimed range or features as the Syros EV, but it isn’t bad by segment standards. 

All prices are ex-showroom, India.