Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें,फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर रहे फोकस

Market Insight : आज शेयर बाजार के लिए अगस्त सीरीज की शुरुआत शानदार रही। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। सेंसेक्स,निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 889 प्वाइंट चढ़कर 77,655 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 265 प्वाइंट चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT,मेटल और FMCG शेयरों में भी खरीदारी रही। फार्मा और निफ्टी बैंक इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 450 प्वाइंट चढ़कर 57,206 पर बंद हुआ। मिडकैप 511 प्वाइंट चढ़कर 62,862 पर बंद हुआ। आज निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में खरीदारी रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी आई। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में तेजी दिखी।

मार्केट आउटलुक

इस बीच मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि निवेशक अब AI निवेश से IT की ओर जा रहे हैं। टोकन वैल्युएशन की उम्मीद में AI की तेजी आई। आगे IT सेक्टर में कुछ विनर्स होंगे और कुछ लूजर्स होंगे। AI की मदद से प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को फायदा संभव है। तेजी से सस्ते IT प्रोडक्ट बनाने वाले को फायदा होगा।

सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही होगा फायदा

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। लार्जकैप से बेहतर मिड-स्मॉलकैप के नतीजे रहे हैं। सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही फायदा होगा। वेस्ट एशिया संकट के बीच बड़ी दिक्कतें नहीं आईं है। यह हमारे लिए काफी अच्छा संकेत है।

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FMCG के लिए समय बदला

FMCG के लिए समय बदल गया है। लिस्टेड FMCG कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशन में पिछड़ गई हैं। FMCG कंपनियों के लिए 3-6 महीने चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। पहले FMCG कंपनियों में ग्रोथ अच्छी रहती थी FMCG कंपनियां से नया प्रोडक्ट नहीं ला रही है। FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें।

फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति

मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में सभी देशों को डिफेंस खर्च बढ़ाना ही होगा। लोकल और ग्लोबल मार्केट तक डिफेंस प्रोडक्ट का पहुंचना और मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है। दुनिया में डिफेंस का खर्च बढ़ता ही रहेगा। फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। घरेलू के साथ एक्सपोर्ट वाली डिफेंस कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

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Tata Punch EV Facelift ने Bharat NCAP में मचाया धमाल, हांसिल की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग

Tata Punch EV Facelift: 2026 टाटा पंच EV फेसलिफ्ट को हाल ही में हुए भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। इस इलेक्ट्रिक SUV को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए 32 में से 31.09 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (बच्चों की सुरक्षा) के लिए 49 में से 45 स्कोर मिला है। इस स्कोर के साथ यह भारत के क्रैश टेस्ट प्रोग्राम के तहत टेस्ट किए गए सबसे अच्छी रेटिंग वाले मॉडल्स में शामिल हो गई है।

भारत NCAP स्कोर और क्रैश टेस्ट परफॉर्मेंस

Punch EV फेसलिफ्ट ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन असेसमेंट में 32 में से 31.09 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (बच्चों की सुरक्षा) में 49 में से 45 स्कोर हासिल किया, जिस वजह से इसे दोनों कैटेगरी में फाइव-स्टार रेटिंग मिली। भारत NCAP टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, फ्रंटल ऑफसेट क्रैश टेस्ट में ड्राइवर और आगे बैठे पैसेंजर की सुरक्षा अच्छी रही, जबकि साइड इम्पैक्ट असेसमेंट में भी परफॉर्मेंस शानदार रही।

बता दें कि बच्चों की सुरक्षा जांचने के लिए कार में चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम (CRS) का इस्तेमाल किया गया। इस टेस्ट में भी Punch EV ने अच्छा प्रदर्शन किया और CRS की फिटिंग व डायनामिक परफॉर्मेंस के मामले में बेहतर स्कोर हासिल किया। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि Bharat NCAP के ये स्कोर सिर्फ उसी वेरिएंट के लिए मान्य हैं, जिसका क्रैश टेस्ट किया गया है। इसलिए बाजार में मौजूद Punch EV के हर वेरिएंट को यही सेफ्टी रेटिंग मिलेगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा।

Tata Punch EV: सेफ्टी फीचर्स

Punch EV, Tata Motors के Acti.ev आर्किटेक्चर पर बनी है और इसमें कई तरह के एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। वेरिएंट के आधार पर, इसमें छह एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), EBD के साथ ABS, ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट, सभी पैसेंजर्स के लिए 3-पॉइंट सीट बेल्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), 360-डिग्री कैमरा और ड्राइवर की मदद करने वाले दूसरे फीचर्स मिलते हैं।

हालांकि, Bharat NCAP की सेफ्टी रेटिंग सिर्फ कार में दिए गए फीचर्स की लिस्ट देखकर तय नहीं की जाती। इस टेस्ट में कार की बॉडी स्ट्रक्चर की मजबूती, फ्रंट और साइड इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट में उसका प्रदर्शन, यात्रियों को सुरक्षित रखने वाले सिस्टम और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े फीचर्स को भी ध्यान में रखा जाता है।

खरीदारों को क्या जानना चाहिए

आज के समय में कार खरीदते वक्त क्रैश टेस्ट रेटिंग एक अहम फैक्टर बन गई है, खासकर कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में, जहां ग्राहक सुरक्षा को काफी महत्व देते हैं। नई Bharat NCAP रिपोर्ट से पता चलता है कि टेस्ट किए गए Tata Punch EV फेसलिफ्ट ने नियंत्रित क्रैश परिस्थितियों में एडल्ट और चाइल्ड पैसेंजर्स की सुरक्षा के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है।

हालांकि, सिर्फ 5-स्टार रेटिंग को हर स्थिति में सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जाना जा सकता है। क्रैश के नतीजे गाड़ी की रफ्तार, टक्कर किस जगह लगी, सड़क की हालत और इस बात पर निर्भर कर सकते हैं कि गाड़ी में बैठे लोगों ने सीटबेल्ट पहनी है या नहीं।

वहीं, इलेक्ट्रिक SUV खरीदने वाले ग्राहकों के लिए Bharat NCAP की यह रिपोर्ट एक भरोसेमंद सुरक्षा मानक के रूप में मददगार हो सकती है। हालांकि, कार खरीदने से पहले ग्राहकों को कीमत, फीचर्स, मेंटेनेंस खर्च, रनिंग कॉस्ट और आफ्टर-सेल्स सर्विस जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

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V-Guard Q1 Results: सभी सेगमेंट में जबरदस्त उछाल से 9% दौड़ा शेयर, मुनाफा 76% बढ़ा

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल बनाने वाली कंपनी V-Guard Industries ने FY27 की शुरुआत जबरदस्त तरीके से की है। कंपनी के सभी बिजनेस पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ देखी गई। गर्मियों में अच्छी मांग और मजबूत कामकाज की वजह से कंपनी को वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ी सप्लाई की दिक्कतों से निपटने में मदद मिली। अच्छे नतीजों से निवेशक खुश हुए और बुधवार,29 जुलाई को कंपनी के शेयर में लगभग 9% की तेज़ी आई।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 76% की बढ़ोतरी के साथ ₹130 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू 23.5% बढ़कर ₹1,811 करोड़ हो गया। EBITDA 56% बढ़कर ₹192 करोड़ हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 8.4% से बढ़कर 10.6% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और लागत के अच्छे मैनेजमेंट को दिखाता है।

यह मज़बूती सिर्फ़ एक प्रोडक्ट कैटेगरी तक सीमित नहीं थी। तिमाही के दौरान हर बिज़नेस सेगमेंट में रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई, जो कंपनी के अलग-अलग तरह के पोर्टफोलियो और हर तरफ मांग में सुधार को दिखाता है।

इलेक्ट्रिकल्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट रहा, जिसमें रेवेन्यू 27.7% बढ़ा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स में 22.8% की ग्रोथ हुई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 19.2% की अच्छी बढ़ोतरी हुई और Sunflame ने बिज़नेस में शामिल होने के बाद सकारात्मक योगदान देना जारी रखा। ज़्यादातर बिज़नेस में सेगमेंट की मुनाफ़ा कमाने की क्षमता में सुधार हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स डिवीज़न ने पिछले साल इसी अवधि में नुकसान दर्ज करने के बाद पॉज़िटिव मार्जिन हासिल किया।

इलाके के हिसाब से देखें तो दक्षिणी बाज़ार कंपनी के रेवेन्यू में सबसे बड़ा योगदान देने वाले बने रहे, जहाँ से कुल बिक्री का आधे से ज़्यादा हिस्सा आया।

हालांकि, कंपनी के पारंपरिक मजबूत गढ़ के बाहर भी ग्रोथ में तेज़ी आई; दक्षिण से बाहर के बिज़नेस में सालाना आधार पर 12% की बढ़ोतरी हुई, जो देश भर में अपनी पहुँच बढ़ाने की V-Guard की लगातार कोशिशों को दिखाता है।

मैनेजिंग डायरेक्टर मिथुन के. चिट्टिलाप्पिली ने कहा कि वेस्ट एशिया में संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने तिमाही में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रदर्शन का श्रेय बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए ऑपरेशनल उपायों और गर्मियों के महीनों में अच्छी मौसमी मांग को दिया।

उन्होंने कहा, “बिज़नेस ने तिमाही के लिए ज़बरदस्त प्रदर्शन किया और सभी सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई। वेस्ट एशिया युद्ध की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने मज़बूत नतीजे दिए और अच्छे मार्जिन बनाए रखे। यह बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए उपायों और गर्मियों के मौसम में मिली मदद की वजह से संभव हुआ।” उन्होंने कहा कि कंपनी जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखेगी और सप्लाई व मुनाफ़े को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली तिमाहियों में भी ग्रोथ की मौजूदा रफ़्तार बनी रहेगी।

निवेशकों ने कंपनी के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों का स्वागत किया। इस घोषणा के बाद, मंगलवार के सेशन में V-Guard Industries के शेयर लगभग 9% बढ़कर ₹316.80 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, हालांकि बाद में वे दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आकर 301.95 रुपये पर बंद हुआ।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअर सर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअरसर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

Thangamayil Jewellery Share Price: ज्वैलरी रिटेलर थंगामयिल ज्वैलरी  (Thangamayil Jewellery) के शेयरों में 29 जुलाई को भारी गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में दमदार मुनाफे के बाद भी शेयर में आज 10 फीसदी का लोअरसर्किट लग गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों ने कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बजाय मौजूदा तिमाही के लिए कंपनी के सतर्क नजरिए पर ज्यादा ध्यान दिया, जिससे सेंटीमेंट पर असर पड़ा।

जून तिमाही के दौरान कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने मांग में लगातार कमजोरी की ओर इशारा किया। इसके पीछे उन्होंने वेस्ट एशिया में युद्ध की अनिश्चितता, सोने पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी, रुपये की गिरती कीमतों को टहराया है। साथ ही सोने की कीमतें कम होने की उम्मीद में ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने का हवाला भी दिया है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

थंगामयिल ज्वैलरी  ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए ₹85 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹45.7 करोड़ से 86% ज्यादा है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 71.2% बढ़कर ₹2,666.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में यह ₹1,558 करोड़ था।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी मजबूत रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 66.2% बढ़कर ₹144.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹87 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 5.4% रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 5.6% था।

अच्छे फाइनेंशियल नतीजे दिखाने के बावजूद, कंपनी ने निकट भविष्य में मांग को लेकर सतर्क रुख दिखाया।

30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही के दौरान सेम-स्टोर सेल्स (SSS) ग्रोथ 44.4% रही, जबकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 72.3% थी। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि सोने की बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) अपेक्षाकृत कम रही, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें पिछली तिमाही (जब कीमतें काफी ऊंची थीं) की तुलना में कम थीं। कंपनी के अनुसार, मांग पर मुख्य रूप से 13 मई, 2026 से सोने पर आयात शुल्क (import duty) 6% से बढ़कर 15% होने और भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट का असर पड़ा। इन घटनाक्रमों के कारण कई ग्राहकों ने गहनों की खरीदारी टाल दी, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें कम हो सकती हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता का ग्राहकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा। कंपनी ने बताया कि जिन इलाकों में वह काम करती है, वहां से आने वाले पैसे (remittances) में कमी के कारण विदेशों में रहने वाले भारतीयों (expatriates) द्वारा सोने की खरीदारी में सुस्ती आई, जिससे तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बिक्री और कम हुई।

मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में भी यह कमजोरी बनी हुई है। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के पहले 28 दिनों में बिक्री में कोई खास सुधार नहीं दिखा। बिक्री में लगातार सुस्ती की वजह युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता और ग्राहकों की यह उम्मीद रही कि अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आएगी, जिसके चलते उन्होंने खरीदारी को और टाल दिया।

कंपनी को उम्मीद है कि जियोपॉलिटिकल हालात स्थिर होने और सोने की कीमतों को लेकर नजरिया बेहतर होने पर यह टली हुई मांग वापस आएगी। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में सुधार होगा।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

हालांकि बुधवार के कारोबार में स्टॉक 10% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। थंगामयिल ज्वैलरी  के शेयरों में पिछले 1 महीने में 10%, 3 महीनों में 62% और पिछले 6 महीनों में 85% की बढ़त हुई है। एक साल के आधार पर, स्टॉक ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और इसमें 249% की उछाल आई है, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसने 1,370% का रिटर्न दिया है।

स्टॉक ने पिछले कारोबारी सत्र में 28 जुलाई को ₹7,429 का अपना 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹1,774.35 पिछले साल जुलाई में दर्ज किया गया था।

Devyani International share Price: Q1 मुनाफे में 4 गुना की दमदार बढ़ोतरी, शेयर 9% भागा, मार्जिन में भी दिखा सुधार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Adani Ports Q1 Result: 10% उछलकर मुनाफा पहुंचा ₹3650 करोड़ पर, रेवेन्यू में जोरदार तेजी

Adani Ports Q1 Result: अदाणी ग्रुप की पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने आज चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 के कारोबारी नतीजे पेश किए। देशी-विदेशी कारोबार के दम पर रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की मजबूत ग्रोथ ने इसके मुनाफे को सपोर्ट किया और यह 10% उछल पड़ा।

Adani Ports Q1 Result: खास बातें

जून 2026 तिमाही में अदाणी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹3,311 करोड़ से 10% उछलकर ₹3,650 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा। अदाणी पोर्ट्स का जून तिमाही में ईबीआईटीडीए ₹6,541 करोड़ रहा जोकि सालाना आधार पर 19% अधिक है लेकिन मार्जिन में इस दौरान हल्की सुधार दिखी और यह 60.2% से 60.4% पर पहुंच गया।

वैसे तो कंपनी का देश-विदेश में कारोबार तेजी से आगे बढ़ा लेकिन घरेलू पोर्ट बिजनेस अहम बना रहा। कंपनी के घरेलू पोर्ट्स बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़ा। इसे बेहतर कार्गो मिक्स, हाई रियलाइजेशंस और कॉर्गो वॉल्यूम में उछाल से सपोर्ट मिला। जून तिमाही में घरेलू बंदरगाहों ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभाला। इसके घरेलू पोर्ट्स बिजनेस का ईबीआईटीडीए मार्जिन 74% रहा जिसे इंडस्ट्री में शानदार माना जाता है।

अदाणी पोर्ट्स का कहना है कि यह अब तक के सबसे बड़े पोर्ट कैपेसिटी एक्सपैंशन प्रोग्राम पर काम कर रही है। जून 2026 तक इसकी घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी और कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2030 तक इसे बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य है। जून तिमाही के दौरान पूरे भारत में कार्गो मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 27.6% थी, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में हिस्सेदारी 44.8% थी।

जून तिमाही में कंपनी के इंटरनेशनल पोर्ट्स बिजनेस का रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू सालाना आधार पर 80% बढ़कर ₹1,747 करोड़ हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए 256% उछलकर ₹730 करोड़ हो गया। इसे ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में शानदार परफॉरमेंस से सपोर्ट मिला।

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PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब PoK में चुनाव के विरोध में निकाले गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मार्च पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए… 5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी। 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। किस बात पर भड़का है आंदोलन? प्रदर्शन की अगुआई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांग है कि POK विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म की जाएं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां स्थानीय सरकार के गठन को प्रभावित करती हैं। उनका तर्क है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। POK की 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है? POK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 45 सीटों पर सीधे POK के लोग मतदान करते हैं, जबकि 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता POK में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य हिस्सों में रहते हैं। इस बार इन 12 सीटों पर करीब 6 लाख मतदाता वोट डालने वाले हैं। JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां POK की सरकार के गठन में दखल देती हैं। कई बार इन सीटों के नतीजे विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल देते हैं। यही वजह है कि JAAC की मांग है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए और 12 शरणार्थी सीटों की व्यवस्था खत्म की जाए। विपक्षी दलों का भी आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसी कारण पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं। भारत ने PoK में चुनाव को दिखावटी बताया भारत ने POK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे दिखावटी कवायद बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें POK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उबाल से क्या लाल होगा बाजार या बुल्स भरेगा आज नई उड़ान, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाज़ार मंगलवार की भारी बिकवाली से उबर गए हैं। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट से पहले आई उम्मीद ने ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाया है।

सुबह 8:15 बजे GIFT निफ्टी 245 अंक या 1.02 फीसदी बढ़कर 24,230 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार की क्लोजिंग 23,985.35 से काफी ऊपर खुल सकता है। यह सकारात्मक संकेत तब आया है जब मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़्यादातर सपाट कारोबार हुआ था। सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बढ़त के बावजूद एनर्जी, FMCG, मेटल और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाज़ार में गिरावट रही।

भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में रिकवरी

पिछले सेशन में भारी नुकसान के बाद बुधवार को एशियाई शेयरों में रिकवरी हुई, क्योंकि निवेशक US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फ़ैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को 3.6 प्रतिशत गिरने के बाद MSCI का एशिया-पैसिफिक शेयरों (जापान को छोड़कर) का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि जापान के निक्केई में लगभग 1 प्रतिशत की तेज़ी आई। नैस्डैक फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत बढ़े और यूरोपीय फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत का संकेत दिया।

यह रिकवरी AI से जुड़े खर्च, चिप-सेक्टर के वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद हुई, जिनकी वजह से इस हफ़्ते की शुरुआत में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण क्रूड में उछाल

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण हाल के दिनों में देखी गई शांति खत्म हो गई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर $81.95 पर पहुंच गया। यह बढ़त तब हुई जब US सेना ने कहा कि ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। एप्पल और दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजे आने से पहले, सेमीकंडक्टर शेयरों में आई गिरावट की भरपाई डिफेंसिव हैवीवेट शेयरों में हुई बढ़त से हो गई।

S&P 500 में 0.21 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.03 प्रतिशत चढ़ा। नैस्डैक कंपोजिट 0.22 प्रतिशत गिरा क्योंकि निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर सतर्क रहे।

उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को बाद में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा; बाज़ार में दरों में कोई बदलाव न होने की संभावना 71 प्रतिशत और 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 29 प्रतिशत मानी जा रही है।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर क्या बनाए रणनीति

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि सोमवार को आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कमज़ोर ग्लोबल मार्केट संकेतों के बीच मंगलवार को निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। उन्होंने बताया कि डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक छोटी बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है, जिसमें ऊपर की तरफ़ एक छोटी शैडो (upper shadow) है। यह 24,000–24,100 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के पास उतार-चढ़ाव वाली चाल (choppy price action) का संकेत देता है, जो ‘पोलैरिटी में बदलाव’ (change in polarity) के कॉन्सेप्ट के अनुरूप है।

शेट्टी के अनुसार, जारी कंसोलिडेशन के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है। हालांकि, इंडेक्स के एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के पास होने की वजह से, उन्हें उम्मीद है कि 24,100 के लेवल के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट की कोशिश करने से पहले, मार्केट में निकट भविष्य में और कंसोलिडेशन या मामूली पुलबैक देखने को मिल सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

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