Trading Plan: निफ्टी पर दबाव बने रहने और कंसोलिडेशन की संभावना, जानिए इंडेक्स पर कमाई की रणनीति

Trading Plan: मार्केट का टेक्निकल स्ट्रक्चर और मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर हो रहे हैं। FIIs इंडेक्स फ्यूचर्स में लगातार शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में निफ्टी पर दबाव बने रहने और कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है। अगर यह निर्णायक रूप से 23,400 के नीचे टूटता है तो 23,300 के सपोर्ट लेवल के टूटने का जोखिम बढ़ सकता है। जिसके बाद यह 23,100 की ओर गिर सकता है। ऊपर की तरफ23,500–23,600 का दायरा निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है।

इसी तरह अगर बैंक निफ्टी 56,000 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिरता है तो यह 55,600–55,500 के स्तर तक आ सकता है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि अगर यह 56,000 के ऊपर बना रहता है तो 56,700–56,800 के रेजिस्टेंस जोन की ओर ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में और गिरावट आई है और बाजार में कोई राहत नहीं दिख रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पता चलता है कि मिडिल ईस्ट को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके अलावा,डेली चार्ट पर इंडेक्स पिछले स्विंग लो से नीचे आ गया है। RSI भी ओवरसोल्ड ज़ोन में आ गया है। हालांकि ट्रेंड अभी भी कमज़ोर है,लेकिन अगर निफ्टी गुरुवार को 23,500 के ऊपर बना रहता है तो अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि,23,400 के नीचे जाने पर इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,500, 23,660

अहम सपोर्ट: 23,400, 23,250

स्ट्रैटेजी: 15 सितंबर की एक्सपायरी वाली Nifty 23,500 कॉल को लगभग ₹111 पर खरीदें,स्टॉप-लॉस ₹84 और टारगेट ₹150 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

रूपक डे का कहना है कि पिछले सेशन में 57,000 के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे जाने के बाद बैंक निफ्टी में गिरावट जारी रही। इंडेक्स अपने 200-DMA के नीचे भी काफी नीचे आ गया है, जो चार्ट स्ट्रक्चर के कमजोर होने और लगातार बिकवाली के दबाव का संकेत है। RSI 40 के नीचे आ गया है,जिससे नेगेटिव मोमेंटम की पुष्टि होती है। इसलिए,निकट भविष्य में ‘सेल-ऑन-राइज’की रणनीति बेहतर रहने की संभावना है।

पिछले सेशन में 57,000 के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे जाने के बाद बैंक निफ्टी में गिरावट जारी रही। इंडेक्स अपने 200-DMA से भी काफी नीचे आ गया है,जो कमजोर चार्ट स्ट्रक्चर और लगातार बिकवाली के दबाव का संकेत है।

बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 55,900–56,000 के जोन में है,जबकि 57,000 के अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,000 से नीचे बना रहेगा,तब तक ओवरऑल ट्रेंड पर दबाव बने रहने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,600, 57,000

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,900

स्ट्रैटेजी: सितंबर एक्सपायरी वाली 56,000 PE स्ट्राइक की बैंक निफ्टी ऑप्शन को ₹400 के ऊपर खरीदें, स्टॉप-लॉस ₹300 और टारगेट ₹550 रखें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Market Trend : मार्केट का ट्रेंड निगेटिव, कमजोर बाजार में भी ये डिफेंस और बैंकिंग शेयर दिखा सकते हैं दम

AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: क्या 7 सितंबर को 24000 का लेवल टच कर पाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: निफ्टी शुक्रवार को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद संभला। इंडेक्स 24 अंक चढ़कर 23,897 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर कमजोर रही। निफ्टी में 1.15% की गिरावट आई। यह लगातार चौथा हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

पूरे हफ्ते बिकवाली हावी रही

हफ्ते की शुरुआत ही कमजोर रही। ज्यादातर कारोबारी सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के बीच में बाजार तेज गैप-डाउन के साथ खुला। इसके बाद खरीदारों ने गिरावट रोकने की कोशिश की। लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। नतीजा यह रहा कि मुनाफावसूली जारी रही और निफ्टी पूरे हफ्ते दबाव में रहा।

किन शेयरों में बड़ी हलचल दिखी

निफ्टी 50 में SBI Life, Tata Steel और HDFC Life सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी तरफ HCL Tech, Bharti Airtel और Maruti सबसे ज्यादा टूटे। सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। Metals, Financial Services और Cement सेक्टर में तेजी रही। वहीं रियल्टी, हेल्थकेयर और केमिकल्स में दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में भी तस्वीर साफ नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.25% की गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 में 0.22% की बढ़त रही।

रुपया भी मजबूत हुआ

डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती रही। यह सिलसिला पूरे हफ्ते जारी रहा। हफ्ते के दौरान रुपया करीब 1% मजबूत हुआ। शुक्रवार को यह लगभग 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अब इन संकेतों पर रहेगी नजर

आने वाले दिनों में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। अमेरिका में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है। लेकिन बाजार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर है। दूसरा, वेस्ट एशिया में तनाव बना हुआ है।

निवेशकों की नजर क्रूड की कीमतों पर रहेगी। वेस्ट एशिया के घटनाक्रम भी अहम होंगे। इसके अलावा ग्लोबल रेट आउटलुक और घरेलू लिक्विडिटी पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। इनसे फेड के अगले फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगले हफ्ते US ISM Services PMI, ECB की पॉलिसी, OPEC की मंथली ऑयल मार्केट रिपोर्ट और भारत के फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े बाजार के लिए अहम रहेंगे।

24,000 के ऊपर जाना जरूरी

HDFC Securities के विनय राजानी के मुताबिक, 24,000-24,200 का जोन निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस है। 23,800 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,600 तक गिर सकता है। वहीं, 23,800 के ऊपर टिकने पर कुछ समय के लिए बाजार दायरे में रह सकता है। हालांकि, बड़ी तस्वीर में ट्रेंड अभी कमजोर है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,750-23,600 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके नीचे डेली क्लोज मिलने पर निफ्टी 23,450-23,400 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,000-24,050 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,150-24,200 का स्तर आएगा।

50-EMA से नीचे निफ्टी

LKP Securities के रूपक डे ने कहा कि अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का असर फेड के ब्याज दर के फैसले पर पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, निफ्टी प्रति घंटे के चार्ट पर 50-EMA से नीचे है। इससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर दिख रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के नीचे है, तेजी पर बिकवाली की रणनीति काम कर सकती है। नीचे 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

Banking Index में भी लंबे समय से ठहराव

बैंकिंग इंडेक्स करीब 24 सत्रों से एक दायरे में घूम रहा है। यानी इसमें भी कोई साफ दिशा नहीं दिख रही। शुक्रवार को इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 56,900-56,800 का जोन अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। ऊपर 57,800-57,900 का स्तर रेजिस्टेंस है।

अगर इंडेक्स 57,900 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है या 56,800 के नीचे टूटता है, तो कंसोलिडेशन खत्म हो सकता है। इसके बाद बाजार में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

अगले हफ्ते IPO की भी धूम

प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज हैं। अगले हफ्ते 11 मेनबोर्ड IPO खुलने वाले हैं। ये कंपनियां मिलकर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियों की लिस्टिंग भी अगले हफ्ते होगी। यानी शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स में भले ही सावधानी है, लेकिन IPO बाजार में हलचल बनी हुई है।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: दायरे में फंसा बाजार, ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे होगी कमाई

Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। बाजार को साफ दिशा पकड़ने के लिए सोमवार के ट्रेडिंग रेंज (24,150–24,300) से साफ तौर पर बाहर निकलना होगा। मंथली F&O एक्सपायरी से पहले बाजार में सावधानी का माहौल होने के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स ने अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार के संकेत दिए हैं। अगर इंडेक्स 24,300 के ऊपर मजबूती दिखाता है तो यह 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह 24,150–24,100 के नीचे गिरता है तो 24,000 के स्तर की ओर गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

उधर बैंक निफ्टी के 57,235 पर अपने 50-डे EMA को बनाए रखने की संभावना है,जो इस महीने क्लोजिंग बेसिस पर अच्छी तरह से टिका हुआ है। जानकारों के अनुसार,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 57,000–56,700 की ओर जा सकता है,जबकि 57,900 के ऊपर जाने पर यह 58,250 की ओर बढ़ सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च, जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी पिछले हफ्ते और इस हफ्ते के पहले दिन भी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव है। बैंक निफ्टी ऊंचे स्तरों से तेजी से गिरा,जिसका असर निफ्टी पर भी पड़ा। निफ्टी का सबसे ज्यादा पुट बेस 24,000 के स्तर पर है,जो इसे निचले स्तरों पर एक अहम सपोर्ट बनाता है,जबकि 24500 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसलिए,इंडेक्स के लिए निकट-अवधि की रेंज 24,000–24,500 है। जब तक इस रेंज से ब्रेकआउट नहीं होता,तब तक बाजार के साइडवेज रहने की संभावना है।

अब तक रोलओवर का स्तर ठीक-ठाक रहा है। पिछले शुक्रवार तक,पूरे मार्केट में रोलओवर 40 प्रतिशत था। जबकि सोमवार तक निफ्टी में गिरावट का रुख बना रहा। इससे पता चलता है कि FIIs शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं या उन्हें रोलओवर कर रहे हैं (कम से कम इंडेक्स में),क्योंकि हाल ही में नेट इंडेक्स शॉर्ट्स 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स से बढ़कर 2.10 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स हो गए हैं।

हालांकि,India VIX निचले स्तरों पर ट्रेड कर रहा है,लेकिन पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में इसमें इंट्राडे उछाल देखा गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में ग्लोबल इक्विटी के लिए एक निगेटिव फैक्टर बनी हुई हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं,महंगाई का जोखिम इंडेक्स पर ऊपरी स्तरों पर दबाव बनाए रखता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,500

अहम सपोर्ट: 24,000

रणनीति: 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,950 के नीचे रखें और टारगेट 24,400 व 24,500 रखें।

बैंक-निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी की तरह ही बैंक निफ्टी भी एक दायरे में फंसा हुआ है। ऊपर की तरफ,58,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस है, जबकि स्विंग रेजिस्टेंस 58,500 पर है। नीचे की तरफ,57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,जिससे यह एक तत्काल सपोर्ट लेवल बन गया है, जबकि 56,000 अगला सपोर्ट लेवल है। ऐसे में इसका शॉर्ट-टर्म रेंज 57,000–58,000 है,जबकि मीडियम-टर्म रेंज 56,000–58,500 है। निफ्टी PSU बैंक नेगेटिव ट्रेंड के साथ ट्रेड कर रहे हैं और इनमें काफी संख्या में शॉर्ट पोजीशन बनी हैं। वहीं,पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में प्राइवेट-सेक्टर बैंक इंडेक्स का प्रदर्शन PSU बैंक इंडेक्स से बेहतर रहा है। हालांकि एक्सिस बैंक और HDFC बैंक इसके अपवाद रहे हैं,क्योंकि बाकी ज्यादातर स्टॉक अपेक्षाकृत बेहतर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए,अगर बैंकिंग सेक्टर में शॉर्ट-कवरिंग होती है तो तेजी से ब्रेकआउट हो सकता है, जिससे इंडेक्स 60,000 और उससे ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 58,500

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रेटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 60,000 का टारगेट रखें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: दो हफ्तों की गिरावट के बाद क्या अब आएगी रिकवरी? एक्सपर्ट्स ने बताएं अहम लेवल्स

Nifty Outlook: शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद रखने वालों के लिए पिछला हफ्ता भी खास नहीं रहा। निफ्टी लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि शुक्रवार को हल्की बढ़त मिली, लेकिन पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.47% टूटकर 24,252 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को क्या हुआ?

निफ्टी 53 अंकों की बढ़त के साथ खुला। लेकिन पूरे दिन बाजार छोटी रेंज में ही घूमता रहा। आखिर में इंडेक्स 20 अंक यानी 0.08% चढ़कर बंद हुआ। क्लोजिंग ऑक्शन में भी 19 अंकों का सहारा मिला।

निफ्टी में Power Grid, HDFC Life और Nestlé सबसे ज्यादा चढ़े। वहीं Trent, Maruti Suzuki और IndiGo सबसे ज्यादा गिरे।

कौन से सेक्टर चमके?

इस बार तस्वीर मिली-जुली रही। मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी में खरीदारी दिखी। वहीं ऑटो, मीडिया और आईटी सेक्टर दबाव में रहे।

अच्छी बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 0.10% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की बढ़त रही।

अगले हफ्ते क्या रहेगा फोकस?

बाजार जानकारों का कहना है कि अगले हफ्ते निफ्टी एक सीमित दायरे में रह सकता है। दो हफ्तों की गिरावट के बाद हल्की रिकवरी की उम्मीद भी बनी हुई है। इन बातों पर बाजार की नजर रहेगी।

  • मानसून की रफ्तार
  • FII की खरीद-बिक्री
  • कच्चे तेल की कीमत
  • बड़े आर्थिक घटनाक्रम

ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। उनके मुताबिक इंडेक्स अगले हफ्ते 24,500 से 24,600 तक जा सकता है। उन्होंने 24,100 को अहम सपोर्ट बताया है।

HDFC Securities के विनय राजानी का कहना है कि निफ्टी अभी 50 और 100 दिन के EMA के ऊपर टिका हुआ है। ये दोनों करीब 24,200 के आसपास हैं। लेकिन इंडेक्स अभी भी 20 दिन के EMA यानी 24,300 और 200 दिन के EMA यानी 24,376 से नीचे है। इसलिए फिलहाल बाजार में साफ दिशा नहीं दिख रही।

उनके मुताबिक अगर निफ्टी 24,000 से नीचे बंद होता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। वहीं 24,400 के ऊपर टिकने पर शॉर्ट टर्म में तेजी लौट सकती है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को फिलहाल साइडवेज से हल्का पॉजिटिव मानते हैं। उनके मुताबिक 24,200 पहला सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,350 पहला रेजिस्टेंस है। इसे पार करने पर 24,500 का रास्ता खुल सकता है।

Bank Nifty के अहम स्तर

Bank Nifty शुक्रवार को करीब 290 अंकों की रेंज में रहा। SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 58,200 से 58,300 बड़ा रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर इंडेक्स 58,700 और फिर 59,000 तक जा सकता है। नीचे की तरफ 57,300 से 57,200 मजबूत सपोर्ट है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में आज हो सकती है रिकवरी की कोशिश, कमाई के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : लगातार हो रहे कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग के बीच, मार्केट के पिछले दिन के निचले स्तर (low) को बनाए रखने और वापसी (rebound) करने की कोशिश करने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि, हमारी नजर इस बात पर होगी की यह बढ़त कितनी टिकाऊ रहेगी। निफ्टी को आज 24,500–24,600 के दायरे में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह लगातार इस दायरे से ऊपर बना रहता है, तो इसके 24,700–24,800 के स्तर तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 24,429 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 24,350–24,200 की ओर गिर सकता है। वहीं, नीचे की तरफ, 24,429 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो यह 24,350–24,200 की ओर फिसल सकता है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 50-डे EMA (जो 57,100 पर है) पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है। अगर यह इस स्तर से नीचे जाता है, तो इसमें 56,800–56,500 तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि अगर इसमें रिकवरी होती है तो 57,600–57,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 58,100–58,250 के जोन में अगला अहम रेजिस्टेंस होगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO, आशीष क्याल का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ़्टी ने 4 अगस्त से बने ट्रायंगल पैटर्न के रेंज में रहने के बाद आखिरकार उससे नीचे की ओर ब्रेकडाउन दिया। इंडेक्स में दिन के हाई से लगभग 130 अंकों की तेज इंट्राडे गिरावट नजर आई। US-ईरान शांति वार्ता को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार की परेशानी को और बढ़ा रही हैं।

इसके अलावा हाल ही में शुरू किए गए CAS सिस्टम की वजह से मार्केट के बड़े प्लेयर्स अभी वेट एंड वॉच मोड में हैं। हालांकि, जैसे-जैसे मार्केट इस नए सिस्टम का आदी होगा, इसमें धीरे-धीरे भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। तब तक तिमाही नतीजों औरअपडेट्स को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा स्टॉक्स पर फोकस किया जा सकता है, बशर्ते निफ्टी में अहम जोन के नीचे कोई बड़ी गिरावट न आए।

डेली चार्ट पर निफ्टी कल पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे और 24,429 के पिछले गैप-सपोर्ट जोन के पास बंद हुआ। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो इससे शॉर्ट टर्म टॉप बनने की संभावना बढ़ जाएगी। अभी, इंडेक्स 24 जुलाई से शुरू हुई पिछली रैली से 23.6 प्रतिशत नीचे आया है। अगर यह 24,429 के नीचे जाता है तो हमें 24,320 की ओर मूवमेंट आता दिख सकता है जो 38.2 फीसदी रिट्रेसमेंट लेवल है।

थ्री-कैंडलस्टिक रूल के आधार पर देखें तो मार्केट ट्रेंड नीचे की ओर बदलता हुआ दिख रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और बिकवाली (फ़ॉलो-अप सेलिंग) की जरूरत है। 24,429 के नीचे जाने पर बिकवाली और बढ़ सकती है, जिससे निफ्टी 24,320–24,300 के लेवल या उससे नीचे जा सकता है। ऊपर की ओर, 24,630 सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस (फ्यूचर्स): 24,630

अहम सपोर्ट (फ्यूचर्स): 24,250

स्ट्रैटेजी : निफ्टी फ्यूचर्स में 24,420 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 24,520 और टारगेट 24,320, उसके बाद 24,250 होगा।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि पिछले हफ्ते बैंक निफ्टी ने वॉल्यूम प्रोफाइल के मेन ‘पॉइंट ऑफ कंट्रोल’ (POC) एरिया को छुआ और उसके पास उसे रुकावट (रेजिस्टेंस) का सामना करना पड़ा। उस लेवल से इंडेक्स धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। बैंक निफ्टी पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से गिरावट के साथ बंद हो रहा है। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की मुख्य भूमिका रही है। पिछले सेशन में यह इंडेक्स डेली चार्ट पर मिड-बोलिंगर बैंड के नीचे बंद हुआ, जिससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

इंडेक्स अब उस ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के सपोर्ट को टेस्ट कर रहा है, जो अप्रैल 2026 के निचले स्तर से बनी हुई है। अगर यह मंगलवार के 57,100 के निचले स्तर से नीचे जाता है, तो यह सपोर्ट स्ट्रक्चर कमजोर हो जाएगा और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

बैंक निफ्टी अपसाइड मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। यह रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाने के लिए संघर्ष कर रहा है। 57,100 के नीचे जाने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है, जिससे यह 56,680–56,700 के लेवल तक जा सकता है। ऊपर की तरफ, 57,650 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस है जिस पर नजर रखनी चाहिए।

अहम रेजिस्टेंस (फ्यूचर्स): 57,650

अहम सपोर्ट (फ्यूचर्स): 56,500

स्ट्रेटेजी : बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 57,100 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 57,350 और टारगेट 56,850, उसके बाद 56,700 होगा।

 

 

Market cues : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव, रिकवरी आने पर 24600-24700 पर दिखेगा रेजिस्टेंस

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Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

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Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

Stocks to Watch: सोमवार 10 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 21 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: 24200–24100 का सपोर्ट बने रहने तक निफ्टी में गिरावट पर करें खरीदारी, ऊपर की और 24500-24600 का टारेगट मुमकिन

Trading Plan : निफ्टी में लगातार हायर हाईज और हायर लोज बन रहे है। यह शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके मोमेंटम इंडिकेटर हो रहे हैं। साथ ही इंडिया VIX में भी नरमी आ रही है। कच्चे तेल के भाव भी घट रहे हैं। इन सब वजहों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। ऐसे में निफ्टी के 24400 के लेवल (जो इसके 200-दिन के EMA से थोड़ा ऊपर है) पर वापस आने की संभावना दिख रही है। बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 24,100 के सपोर्ट लेवल को बचाए रख पाता है और लगातार इस लेवल के ऊपर बना रहता है,तो यह 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई और अहम रेजिस्टेंस लेवल) की ओर बढ़ सकता है।

बैंक शेयरों की बात करें तो बैंक निफ्टी को 57,800-58,000 के जोन की ओर अपनी बढ़त जारी रखने के लिए 57,300 के रेजिस्टेंस को साफ तौर पर पार करना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना जब तक ऐसा नहीं होता तब तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है। बैंक निफ्टी के लिए 56,650-56,500 का जोन में सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट,धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी में लगातार पांचवें सेशन में रिकवरी देखने को मिली। इसने हायर हाइज़ की एक सीरीज़ बनाई,जो लगातार हो रही खरीदारी और मजबूत होते बुलिश मोमेंटम का संकेत है। निफ्टी अपने 20-DEMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है और अब 200-DEMA (24,370) के अहम लेवल के करीब पहुंच रहा है। यह एक बड़ा रेजिस्टेंस है जिसे पार करने पर मीडियम-टर्म ट्रेंड और मज़बूत हो सकता है। RSI बढ़कर 57.66 हो गया है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है। इंडिया VIX 12.16 के निचले स्तर पर बना रहा। यह भी एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शंस के आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट 24,000 के लेवल पर है और उसके बाद 24,200 पर भी अच्छे खासे पुट ओपन इंटरेस्ट हैं। वहीं सबसे ज्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट 24,600 के लेवल पर है और उसके बाद 24,500 पर भी अच्छी कॉल राइटिंग हुई है। PCR (पुट-कॉल रेश्यो) 1.29 के लेवल पर है, जो डेरिवेटिव्स में पॉजिटिव पोजीशन दिखाता है। जब तक निफ्टी 24,200–24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। निफ्टी में ऊपर की ओर 24,370 और 24,500 तक जाने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,360, 24,500, 24,650

अह सपोर्ट: 24,200, 24,100, 24,000

स्ट्रैटेजी: ट्रेडर्स 4अगस्त,2026 की एक्सपायरी के लिए’बुल पुट स्प्रेड’ले सकते हैं। इसके लिए वे 24,500 PE का एक लॉट 242 रुपये में बेच सकते हैं और 24,300 PE का एक लॉट 114 रुपये में खरीद सकते हैं। यह सेटअप संभावित बढ़त का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: इस स्ट्रेटेजी को सख्ती से अपनाएं और रिस्क मैनेजमेंट को सही ढंग से बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹4,712 तय करें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी को बनाए रखें और ज्यादा से ज्यादा ₹9,456 के मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफो का लक्ष्य रखें। जब MTM मुनाफा ₹8,287 से ज्यादा हो जाए,तो मुनाफा बुक कर लें।

 

 

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