नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

भारत में फूड सेफ्टी को लेकर चल रही मेगा ड्राइव में एक और बड़ा एक्शन देखने को मिला है और इस बार इसकी जद में नेपाल के एकमात्र अरबपति आ गए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेपाल के इकलौते अरबपति की कंपनी पर बड़ा एक्शन लिया है। मशहूर वाई-वाई नूडल्स बनाने वाली इस कंपनी की फैक्ट्री में जांच के बाद कुछ प्रोडक्ट्स को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यह फैक्ट्री भारत में स्नैक्स बनाने में अनहेल्दी तरीके से जमीन पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स का इस्तेमाल कर रही थी।

राजस्थान में कंपनी की फैक्ट्री पर गिरी गाज

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI का यह आदेश राजस्थान में सीजी फूड्स इंडिया की फैक्ट्री को जारी किया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी सीजी कॉर्प ग्लोबल का हिस्सा है, जिसके प्रमुख नेपाल के एकमात्र अरबपति बिनोद चौधरी हैं। बिनोद चौधरी को नूडल किंग के उपनाम से भी जाना जाता है। FSSAI की इस जांच का मुख्य फोकस वाई-वाई ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले भुजिया के 2 प्रोडक्ट्स पर था। ये भारत में कई कंपनियों द्वारा छोटे पैकेटों में बेची जाने वाली मशहूर फ्राइड स्नैक है।

बिना हीट ट्रीटमेंट फर्श के नूडल्स से बन रही थी भुजिया

FSSAI) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस एक्शन की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों और जांच करने वालों ने पाया कि फैक्ट्री में बिना किसी हीट ट्रीटमेंट के फर्श से इकट्ठा किए गए टूटे हुए नूडल्स को दोबारा प्रोसेस करके भुजिया बनाई जा रही थी। रॉयटर्स ने इस संबंध में रिएक्शन लेने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की, तो सीजी फूड्स इंडिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया। FSSAI के पोस्ट को यहां नीचे देखा जा सकता है।

32000 किलो स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री से 32000 किलोग्राम का स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा, परिसर से 1925 बॉक्स ऐसे तैयार सामान के मिले हैं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। FSSAI ने जानकारी दी है कि संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और प्रयोगशाला जांच के लिए प्रोडक्स्ट के सैंपल भी लिए गए हैं।

देशव्यापी फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा

इस समय देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर केंद्र और अलग अलग राज्य सरकारों के अधिकारी अभियान चला रहे हैं। फूड सेफ्टी, स्वच्छता या लेबलिंग में किसी भी कमी के लिए बड़े-छोटे रेस्टोरेंट्स और ब्रांड्स पर काफी कार्रवाई हो रही हैं। हाल के समय में डोमिनोज, पिज्जा हट से लेकर डियाजियो जैसे बड़े ब्रांड्स पर भी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिली हैं। इसी कड़ी में पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में एक अवैध नेटवर्क पर भी छापेमारी की थी। वहां पेप्सिको और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के मूल उत्पादों पर फर्जी तरीके से एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशनल जानकारी बदलकर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था।

यह भी पढ़ें: Vande Bharat: 5 सितंबर को चलेगी 16-कोच वाली वंदे भारत, वेस्टर्न घाट से होकर दौड़ेगी ये शानदार हाई-स्पीड ट्रेन, जानिए कितना घटेगा टाइम

भारतीय बाजारों ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

भारतीय बाजारों ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया है। सुबह 10 बजे, सेंसेक्स 295.68 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 76,866.03 पर और निफ्टी 86.50 अंक या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 24,000.95 पर दिख रहा था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अडानी पोर्ट्स,पावर ग्रिड कॉर्प, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और SBI शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा,नेस्ले,बजाज ऑटो,इंफोसिस और सिप्ला शामिल हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT इंडेक्स 1% नीचे दिख रहा। जबकि बैंक,रियल्टी और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहा है,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7% ऊपर है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि US बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी के कारण आज मार्केट का मूड बेहतर रहने की उम्मीद है। रुपये के नज़रिए से एक बड़ी अच्छी बात यह है कि कंसेशनल स्वैप सुविधा के तहत 136 अरब डॉलर की भारी रकम जुटाई गई है। FCNR(B) स्कीम के तहत जुटाए गए 127 अरब डॉलर की रकम अनुमान से कहीं ज़्यादा है। मार्केट के नज़रिए से इसका मतलब यह है कि रुपया स्थिर होगा,जिससे FIIs का भरोसा बढ़ेगा। ग्रोथ और कमाई की बेहतर संभावनाओं के कारण, US बॉन्ड यील्ड ज़्यादा होने के बावजूद FIIs के भारत में खरीदारी जारी रखने की उम्मीद है। साथ ही,बैंकों द्वारा भारी मात्रा में FCNR(B) फंड जुटाने से उनके NIMs को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह बैंकिंग स्टॉक्स के लिए अच्छी बात है।

कल बाज़ार में आई गिरावट की एक दिलचस्प बात यह है कि निफ़्टी में 141 अंकों की गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने ₹9,500 करोड़ की खरीदारी की। इसमें FII की खरीदारी ₹6,688 करोड़ और DII की खरीदारी ₹2,812 करोड़ रही। साफ है कि ज़्यादातर बिकवाली रिटेल इन्वेस्टर्स,प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स और ‘बेयर्स'(बाज़ार गिरने की उम्मीद करने वालों) की तरफ से हुई,जिन्होंने बाज़ार की कमज़ोरी का फ़ायदा उठाकर शेयरों की कीमतों को नीचे गिराया। आज इसमें बदलाव की संभावना है।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि वॉल स्ट्रीट के बढ़त के साथ बंद होने से ग्लोबल संकेत बेहतर हुए हैं। वहीं एशियाई बाज़ारों में राहत की रैली देखी जा रही है और US ट्रेज़री यील्ड में कमी आई है। हालांकि, US-ईरान के बीच तनाव और $95 के आस-पास कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजारों के लिए बड़ जोखिम बनी हुई हैं।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23951-24013 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24078-24121/24173 पर है। इसके लिए पहला बेस 23781-23841 पर और बड़ा बेस 23733-23767 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस- 57281-57341 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57640-57780/57910 पर है। इसके लिए पहला बेस 56830-57010 पर और बड़ा बेस 56530-56680 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी अदाणी पोर्ट्स फ्यूचर्स में 1675 रुपए के आसपास, 1658 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1715 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। मुथूट फाइनेंस फ्यूचर्स में भी इनकी 2941 रुपए के ऊपर, 2941 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ,3003 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Ideas : बाजार में कंसोलीडेशन की उम्मीद, शॉर्ट टर्म में जोरदार कमाई के लिए आज इन शेयरों पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Weather Forecast: यूपी-बिहार के लिए अगले 24 घंटे होंगे खतरनाक! IMD ने बारिश-तूफान का दिया अलर्ट

Weather Alert: देश के कई इलाकों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदल गया है। मौसम में बदलाव के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त को दिल्ली और बिहार समेत 19 राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में आईएमडी लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की संभावना जताई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मेघालय, केरल और असम में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 23 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिन के दौरान बारिश की संभावना जताई है। लेकिन, बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यूपी-बिहार में होगी तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 23 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के नोएडा, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। लखनऊ में तापमान 33 डिग्री और पटना में 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दोनों शहरों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

नेस्ले, पेप्सीको और कोका-कोला पर FSSAI का बड़ा एक्शन, भ्रामक विज्ञापनों के लिए 150 से अधिक कंपनियों को जारी किए नोटिस

Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

Waterways Leisure Tourism Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा यह शेयर, एक सप्ताह में 16% चढ़ा; रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त

रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FMCG Price Hikes: महंगा होगा तेल, साबुन, चॉकलेट? Britannia, Dabur, और HUL समेत छह कंपनियों की ये है तैयारी

FMCG Price Hikes: एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के भाव बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। यह बढ़ोतरी इसी तिमाही में हो सकती है। इसकी वजह ये है कि कमोडिटी की बढ़ती लागत यानी कच्चे माल के महंगे होने और जियो-पॉलिटिकल लेवल पर अनिश्चितताओं के चलते कंपनियों के मुनाफे के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां मांग को लेकर अभी भी पॉजिटिव बनी हुई हैं। उनका कहना है कि खपत मजबूत बनी हुई है, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है और रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार हो रहा है। इससे पहले जून तिमाही में एफएमसीजी सेक्टर ने औसतन 2-5% तक भाव बढ़ाए थे।

कंपनियां मार्जिन बचाने के लिए कुछ चीजों के दाम बढ़ाने के अलावा श्रिंकफ्लेशन का भी सहारा ले रही है। श्रिंकफ्लेशन का मतलब है कि किसी चीज के दाम को स्थिर रखने या हल्के बदलाव के साथ उसके पैकेट का वजन कम कर दिया जाता है। कंपनियों की नजर महंगाई, कच्चे तेल के भाव और मौसम से जुड़े रिस्क जैसे मानसून और अल नीनो (El Nino) पर भी है।

क्या है कंपनियों की तैयारी

दिग्गज बेकरी फूड कंपनी ब्रिटानिया (Britannia) को इस तिमाही भाव में 1.5-2% बढ़ोतरी की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ₹5और ₹10 की बिस्किट वाले पैक में श्रिंकफ्लेशन के जरिए किया जा सकता है क्योंकि चीनी और पाम तेल की कीमतें अभी भी ऊंची हैं। कंपनी के एमडी और सीईओ रक्षित हरगवे के मुताबिक जून तिमाही में प्राइसिंग से जुड़ी ग्रोथ मुख्य रूप से श्रिंकफ्लेशन के जरिए आई थी और इसका ओवरऑल असर 1% था लेकिन सितंबर तिमाही में 1.5-2.0% तक अतिरिक्त प्राइसिंग एक्शन देखने को मिल सकता है।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Godrej Consumer Products) ने जून तिमाही में औसतन लगभग 5% भाव बढ़ाए थे। साथ ही कंपनी ने सितंबर तिमाही में भाव में और बढ़ोतरी की भी बात कही। हालांकि कंपनी कच्चे माल के भाव के रुझान को लेकर ज्यादा स्पष्टता का इंतजार कर रही है। कंपनी के सीईओ सुधीर सीतापति का कहना है कि कंपनी के कई कच्चे माल की कीमतें कच्चे तेल से जुड़ी हुई हैं और इसके भाव में बदलाव का असर आमतौर पर 3-4 हफ्ते में दिखाई देता है। फिलहाल कच्चा तेल प्रति बैरल $80-85 के आसपास है और कंपनी का मानना है कि फिलहाल बहुत अधिक प्राइस हाइक की जरूरत नहीं है।

डाबर इंडिया (Dabur India) का मानना है कि इनपुट कॉस्ट यानी कच्चे माल और अन्य खर्च के ऊंचे बने रहने के आसार हैं। ऐसे में कंपनी का कहना है कि मार्जिन को बनाए रखने के लिए वह सोच-समझकर भाव बढ़ाएगी और साथ ही प्रोडक्टिविटी और कॉस्ट एफिशिएंसी पर अधिक ध्यान देगी। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डाबर इंडिया के ग्लोबल सीईओ मोहित मल्होत्रा ​​का कहना है कि ग्रोथ मुख्य रूप से रेवेन्यू और प्राइस से आएगी। अर्निंग्स कॉल में उन्होंने कहा कि महंगाई की वजह से इसका बोझ कंज्यूमर पर डालना पड़ा, वॉल्यूम ग्रोथ के मुकाबले प्राइस ग्रोथ और वैल्यू ग्रोथ ज़्यादा हो रही है और महंगाई बहुत अधिक होने के कारण वॉल्यूम पर दबाव रहेगा।

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) सितंबर तिमाही में कई प्रोडक्ट कैटेगरी में कीमतें बढ़ा सकती है, क्योंकि इसे तिमाही आधार पर 2-5% की इनफ्लेशन ग्रोथ की आशंका दिख रही है। कंपनी की सीईओ और एमडी प्रिया नायर का कहना है कि जून तिमाही में कीमतें 2-5% बढ़ाई गई थी और अब बढ़ती लागत को एडजस्ट करने और वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखने के लिए सितंबर तिमाही में भी कीमतें बढ़ाई जाएगी।

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products) के एमडी सुनील डिसूजा ने जरूरत पड़ने पर कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

नेस्ले इंडिया (Nestle India) का कहना है कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन और मानसून पर अलनीनो के असर पर नजर बनी हुई है।

IRFC Shares: ₹200 के ऊपर थी तगड़ी डिमांड, अब ₹100 के नीचे नहीं मिल रहे खरीदार! आखिर क्या है चक्कर

Momentum Stocks: नेस्ले ने हिट किया नया हाई, फीनिक्स मिल्स,मंगलम ऑर्गेनिक्स और वायसराय होटल्स को पड़ी तगड़ी मार

Momentum Stocks : एक ऐसे बाज़ार में जहां किन्ही नए ट्रिगर्स की कमी दिख रही है,29 जुलाई को कई शेयरों ने चुपचाप सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसकी वजह रही इनमें आया टेक्निकल ब्रेकआउट,मज़बूत प्राइस एक्शन और लगातार कायम खरीदारी। चुनिंदा स्टॉक्स में तेज़ी का मज़बूत रुझान दिख रहा है और ये अपने अहम शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो शॉर्ट टर्म के लिए पॉजिटिव संकेत है।

Almondz Global के शेयर 15.04% बढ़कर ₹15.07 पर पहुंच गए हैं। यह अपने 30-दिन (₹13.10), 50-दिन (₹13.38) और 150-दिन (₹14.77) के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है,हालांकि यह अभी भी अपने 200-दिन के SMA (₹15.41) से थोड़ा नीचे है, जो इसकी बेहतर होती टेक्निकल पोजीशन का संकेत है।

केन एंटरप्राइजेज का शेयर 10.30% बढ़कर ₹39.50 पर पहुंच गया और अपने 30-दिन (₹35.81), 50-दिन (₹35.08) और 150-दिन (₹38.62) के मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। हालांकि,यह शेयर अपने 200-दिन के SMA (₹40.77) से थोड़ा नीचे ट्रेड करता रहा,जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल का संकेत है।

Expleo Solutions के शेयर 9.88% बढ़कर ₹893.70 पर पहुंच गए। यह शेयर अपने सभी अहम मूविंग एवरेज जैसे 30-दिन (₹813.31), 50-दिन (₹835.37), 150-दिन (₹842.98) और 200-दिन (₹889.94) के SMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है। सभी अहम एवरेज से ऊपर ट्रेड करना मज़बूत अपवर्ड मोमेंटम और पॉज़िटिव लॉन्ग-टर्म टेक्निकल ट्रेंड का संकेत है।

कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर बिकवाली का दबाव दिख रहा है। यह बाज़ार के सतर्क रुख को दर्शाता है। फीनिक्स मिल्स का शेयर 5.14% गिरकर ₹1,906.30 पर आ गया है। यह अपने 30-दिन के SMA (₹2,009.63) से नीचे और 50-दिन के SMA (₹1,908.97) से थोड़ा नीचे फिसल गया। हालांकि,शेयर अपने 150-दिन (₹1,792.18) और 200-दिन (₹1,770.94) के सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा है,जिससे पता चलता है कि हालिया कमजोरी के बावजूद इसका लॉन्ग-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

मंगलम ऑर्गेनिक्स का शेयर 3.53% गिरकर ₹524.95 पर आ गया और यह अपने 30-दिन (₹544.17)और 50-दिन (₹535.13)के सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। गिरावट के बावजूद,यह शेयर अपने 150-दिन (₹481.53) और 200-दिन (₹485.54) के मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसका लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अभी भी बरकरार है।

वायसराय होटल्स के शेयर 3.44% गिरकर ₹127.05 पर आ गए। यह अपने 30-दिन के SMA (₹131.58) से नीचे चला गया,लेकिन अपने 50-दिन (₹107.23), 150-दिन (₹37.29) और 200-दिन (₹28.47) के सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना हुआ है। शेयर अभी भी अपने लंबे समय के एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिन की गिरावट के बावजूद लॉन्ग टर्म ट्रेंड में मज़बूती को दिखाता है।

इस बीच,कई शेयरों ने 52-हफ्ते का नया उच्चतम स्तर छुआ जो लगातार जारी खरीदारी को दिखाता है। नए एक-साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने वाले प्रमुख शेयरों में रैडिको खेतान,कल्याण ज्वैलर्स,लॉरस लैब्स,डिविस लैब्स,मण्णापुरम फाइनेंस,यूनाइटेड स्पिरिट्स,टीवीएस मोटर,बजाज ऑटो,साई लाइफ साइंसेज, नेस्ले,फेडरल बैंक और टाइटन कंपनी शामिल हैं।

इसके अलावा,आलमंड्ज़ ग्लोबल सिक्योरिटीज,बोहरा इंडस्ट्रीज,गैलेंट इस्पात और सयाजी होटल्स अपने अपर सर्किट पर पहुंच गए,जो ज़बरदस्त खरीदारी और निकट भविष्य में इनमें तेजी बने रहने के संकेत हैं।

 

 

IT Stocks : Infosys और TCS करीब 3% भागे, AI खर्च से जुड़ी चिंताएं कम होने से पूरे सेक्टर में आई हरियाली

Market Outlook : हल्के लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे एक्सपायरी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुए। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर और निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। लगभग 1539 शेयरों में बढ़त हुई,2543 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

TCS सबसे ज़्यादा बढ़त (4.466%) के साथ टॉप गेनर रहा,इसके बाद एटरनल (4.23%), टेक महिंद्रा (3.82%),नेस्ले इंडिया (3%) और सिप्ला (2.5%) रहे। दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनीलीवर (HUL) सबसे ज्यादा गिरावट वाला शेयर रहा। Q1 नतीजों के बाद इसमें 7% की गिरावट आई। इसके बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) (-4.24%), कोल इंडिया (-4%),टाटा कंज्यूमर (-2.2%) और NTPC (-2%) रहे।

सेक्टर के हिसाब से मिला-जुला प्रदर्शन रहा। निफ्टी IT सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 3.2% की बढ़त हुई; इसके बाद निफ्टी रियल्टी (2%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.08%) रहे। निफ्टी ऑटो भी बढ़त के साथ बंद हुआ (0.69%), जबकि निफ्टी फार्मा में 0.2% की बढ़त हुई।

दूसरी ओर,निफ्टी एनर्जी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.7% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी (-1.4%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (-0.9%) रहे। निफ्टी मेटल में 0.6% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी बैंक 0.58% गिरा। निफ्टी इंफ्रा (-0.5%),निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.4%) और निफ्टी मीडिया (-0.34%) में भी गिरावट रही।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.1% की मामूली बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स में 0.2% की गिरावट आई।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी आज दिन भर एक सीमित दायरे में रहा और मंथली एक्सपायरी के समय आमतौर पर दिखने वाली उतार-चढ़ाव की स्थिति नहीं दिखी। निफ्टी लगातार दूसरे दिन 50EMA के आसपास बंद हुआ,जो ट्रेडर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। ऊपरी स्तर पर 24,050 एक मजबूत रेजिस्टेंस बना रहा,जबकि निचले स्तर पर 23,920 के आसपास सपोर्ट देखा गया। अगर इंडेक्स जल्द ही 24,050 के स्तर को पार कर जाता है तो उसे 24,500 की ओर बढ़ने के लिए जरूरी मजबूती मिल सकती है। निचले स्तर पर सपोर्ट 23,800 पर है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह ने कहा कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24120-24150 के जोन में है,जो 100 डे EMA के पास स्थित है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24300 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24450 तक बढ़ सकता है। वहीं,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23850-23820 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडलस्टिक’के साथ सेशन खत्म किया,जो थोड़े नेगेटिव टेक्निकल सेटअप का संकेत है। आवरली चार्ट पर,RSI’बेयरिश क्रॉसओवर’में आ गया है और 50 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है। जबकि इंडेक्स अपने 20-पीरियड SMA से नीचे बना हुआ है,जो शॉर्ट टर्म के लिए कमजोर मोमेंटम दिखाता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,200 पर है,जबकि 57,300–57,500 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। जब तक इंडेक्स इस रेंज से बाहर नहीं निकलता,तब तक ट्रेडर्स को सलाह होगी कि वे लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाएं और एग्रेसिव डायरेक्शनल पोजीशन लेने से बचें।

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में यह नीचे की ओर गया। दिन के दौरान तेजी से हुई रिकवरी ने इंडेक्स को दिन के उच्चतम स्तर की ओर धकेला,लेकिन 57,030–57,060 का जोन एक मज़बूत रेजिस्टेंस के तौर पर उभरा,जिससे फिर से बिकवाली का दबाव बना। आखिर में इंडेक्स 0.58% गिरकर 56,756 पर बंद हुआ।

टेक्निकल तौर पर बैंक निफ्टी ने एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर की ओर एक लंबी विक (wick) दिखी जो ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग को दिखाती है। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (RRG) के ‘लैगिंग क्वाड्रेंट’में भी बना हुआ है जो बेंचमार्क की तुलना में कमजोर रिलेटिव स्ट्रेंथ और मोमेंटम को दर्शाता है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57,200-57,300 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57,700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58,000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की ओर बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,300-56,200 के जोन में है।

 

Trading Plan : एक्सपायरी के दिन 80 अंकों के छोटे से दायरे में फंसा निफ्टी, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ हुआ बंद, जानिए 24 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 23 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,900 के नीचे चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ। लगभग 1569 शेयरों में बढ़त हुई,2479 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,श्रीराम फाइनेंस,नेस्ले इंडिया,अदाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो,एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस,एमएंडएम,टीसीएस और आयशर मोटर्स शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा और केवल कुछ ही इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। गिरावट वाले सेक्टर में निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर,पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। अन्य पिछड़ने वाले सेक्टर में निफ्टी मेटल (-0.7%),निफ्टी फार्मा (-0.4%),निफ्टी एफएमसीजी (-0.4%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.4%) शामिल रहे।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 0.7% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी मीडिया में 0.22% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में और दिक्कत की चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। ऐसे में महंगाई के जोखिम और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव की आशंका के कारण निवेशकों का उत्साह कमजोर पड़ रहा है।

हाल के मैक्रो-इकोनॉमिक संकेत बताते हैं कि लंबे समय से चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसका संकेत थोक महंगाई और बिजनेस एक्टिविटी में आई सुस्ती से मिलता है।

एनर्जी की ऊंची कीमतों के चलते ग्लोबल ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका और मजबूत हुई है। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने इच्छा कमजोर हुई है। आज सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि,मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद,निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,मांग के रुझान अच्छे हैं और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका और यूरोप से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशक इक्विटी मार्केट में लंबे समय के लिए निवेश करने से घबरा रहे हैं। रुपये समेत प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती निवेशकों को सुरक्षित डॉलर एसेट्स की ओर खींच रही है। हालांकि बाजार’ओवरसोल्ड’जोन में दिख रहा है,फिर भी निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने अपवर्ड कंसोलिडेशन के लेवल को तोड़ दिया है। इससे पता चलता है कि मार्केट में मंदी का रुझान बढ़ रहा है। इसके अलावा,इंडेक्स अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे आ गया है। RSI इंडिकेटर ‘बेयरिश क्रॉसओवर’की स्थिति में है और नीचे की ओर जा रहा है।

मार्केट का सेंटीमेंट नेगेटिव दिख रहा है और आने वाले समय में भी मार्केट में कमजोरी बनी रह सकती है। निचे की तरफ निफ्टी 23,600 या उससे भी नीचे जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ अगले कुछ दिनों तक 24,000 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।

 

Markets Trend : क्रूड के 98 डॉलर के पार जाने से सहमा बाजार, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : 23800 से नीचे जाने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Market Trend : ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच 23 जुलाई को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। मेटल शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 23900 के करीब ट्रेड कर रहा है। निफ्टी पर एटरनल,टाटा कंज्यूमर,ONGC,बजाज ऑटो और कोल इंडिया में बढ़त दिख रही है। जबकि डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,टाटा स्टील और सिप्ला में गिरावट नजर आ रही है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी ट्रेंड

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि कल का सेशन काफी खराब रहा। लेकिन यह बात ध्यान रखने की है कि पिछले दो दिनों की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप का पार्टिसिपेशन नहीं था। छोटे-मझोले शेयरों में काफी अच्छा मोमेटम देखने को मिला था। लेकिन कल की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप में भी प्रेशर देखने को मिला। क्रूड का दाम बढ़ने से बाजार का मूड खराब हुआ है। साथ ही ट्रंप टैरिफ का वापस आना भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर रहा है। ऐसे में अगर निफ्टी 23,800 के नीचे जाता है तो पोजीशन से निकल जाना चाहिए। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर है एग्जिट की सलाह नहीं होगी। निफ्टी में 23,800 का स्टॉप लॉस होना चाहिए। उसके नीचे जाने पर ही ट्रेंड क्लियरली नेगेटिव होगा। इसके बाद निफ्टी 23,400 तक फिसल सकता है। अपसाइड में निफ्टी के लिए 24,300-24,250 पर रेजिस्टेंस है। ऐसे में लगता है कि अगले कुछ दिन निफ्टी 23,800-24,300 के दायरे में ट्रेड करता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो यह थोड़ा ज्यादा वीक है। HDFC बैंक इस कमजोरी को लीड कर रहा है। क्रूड का बढ़ना भी बैंक निफ्टी को काफी परेशान करता दिख रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,700 के आसपास एक माइनर सपोर्ट है। अगर 56,700 का लेवल टूटता है तो बैंक निफ्टी मार्केट को और नीचे लो जा सकता है। ऐसे में आपको बैंक निफ्टी 56,700 पर स्टॉप लॉस लगाना है। अगर दोनों में से किसी में लॉन्ग पोजीशंस बनानी है तो निफ्टी ज्यादा बेहतर रहेगा।

Top Stock Picks : निफ्टी और बैंक निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, आज इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री का कहना है कि इस समय उनको दो स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं। दोनों ही काफी अच्छे मोमेंटम है। इनमें से पहला है नेस्ले इंडिया। कल इसका रिजल्ट आया था। रिजल्ट के बाद एक क्लियर ब्रेकआउट है। इसमें डेली चार्ट पर कप एंड हैंडल का ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक को 1497 के आसपास खरीदना है। 1472 रुपए का स्टॉप लॉस लगाएं। शॉर्ट टर्म में 1555 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। दूसरा स्टॉक थोड़े बड़े टिकट साइज का है। लेकिन इसमें मोमेंटम नजर आ रहा है। यह शेयर है BOSCH जिसमें 41550 रुपए के आसपास, 41020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 42300 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। दोनों ही स्टॉक्स आप दो से तीन दिन के लिए बाय करके चल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 22 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,000 के नीचे बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर और निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। लगभग 1443 शेयरों में बढ़त हुई, 2616 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड कॉर्प और ओएनजीसी शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज्यादातर नेगेटिव रहा। निफ्टी FMCG सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 0.65% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 0.18% की बढ़त हुई। गिरावट वाले सेक्टर में, निफ्टी मीडिया सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.68% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी PSU बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी IT (-1.5%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच जारी तनाव और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट पर हूथी गुट की वजह से आई दिक्कतो ने तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंता बढ़ा दी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ। घरेलू महंगाई को लेकर फिर से बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल हावी रहा। इसने उम्मीद से बेहतर बिजनेस अपडेट और Q1 के अच्छे नतीजों के असर को कम कर दिया।

रियल एस्टेट, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट पर US के प्रस्तावित टैरिफ को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के बीच फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा।

सावधानी भरे माहौल के बावजूद, FMCG और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से इन्हें सहारा मिला, जो यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में मज़बूत ग्रोथ दिख रही है।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज के सेशन में भारतीय इक्विटी मार्केट में हर तरफ गिरावट नजर आई। लगातार बिकवाली के दबाव और निवेशकों के सतर्क रवैये के बीच बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। अहम सेक्टरों में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) मूड दिखा।

निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। यह 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। अब इसके लिए 23,950–23,900 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। उसके बाद 23,800 के पास अगला मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, 24,100–24,200 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। पॉजिटिव मोमेंटम वापस पाने के लिए लगातार इन स्तरों से ऊपर बने रहना जरूरी होगा।

BSE सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ। इंडेक्स में हर तरफ बिकवाली हुई और यह दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,600–76,400 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 77,000–77,300 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन से ऊपर एक मजबूत चाल बुलिश सेंटीमेंट को बहाल करने में मदद कर सकती है।

आज की गिरावट की वजह हर तरफ से हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार का सतर्क रवैया रहा। हालांकि शॉर्ट-टर्म मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, मीडियम-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें, आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ मजबूत सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाएं।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिर से भारतीय इक्विटी मार्ट के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। जहां कच्चा तेल 50EMA के ऊपर बना हुआ है, वहीं निफ्टी 50EMA के नीचे जाने की कगार पर है। ऐसा लगता है कि निफ्टी और कच्चा तेल फिर से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चल रहे हैं।

निफ्टी के डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का दौर नीचे की ओर टूटता हुआ दिख रहा है। RSI में बेयरिश क्रॉसओवर है, जो निकट भविष्य में कमजोर मोमेंटम का संकेत दे रहा है। अगर निफ्टी 23900 के नीचे गिरता है तो गिरावट 23700/23600 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट टर्म में ऊपरी स्तर 24100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 191 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 715 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि बाजार का मूड खराब होने के बावजूद कुछ चुनिंदा FMCG और ऑटो शेयरों में तेजी दिखी। तकनीकी तौर पर निफ्टी 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,100 के सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी है, जो मौजूदा स्तरों से और गिरावट का संकेत देती है।

श्रीकांत चौहान मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे ट्रेड कर रहा है, तब तक गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। यह गिरावट 50-डे SMA या 23,850 के स्तर तक जारी रह सकती है। इसके बाद और गिरावट हो सकती है, जिससे इंडेक्स 23,750-23,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, 24,100 के स्तर के ऊपर जाने पर बाजार का मूड बदल सकता है। इस स्तर के ऊपर, बाजार में 24,200-24,250 तक की रिकवरी हो सकती है। इंट्राडे मार्केट की स्थिति अनिश्चित और उतार-चढ़ाव वाली है। इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी जो पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से 58,597–57,287 की रेंज में बना हुआ था, उसमें भी आज एक बड़ा ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 8 जुलाई के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ। गिरती हुई MACD लाइन और बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम बार नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है, तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56300 और फिर 56000 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।

 

 Markets crash: ट्रंप टैरिफ और क्रूड की मार से बाजार हुआ बेहाल, जानिए आगे क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।