Weather Alert : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, 13 में भारी बारिश-आंधी; दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में आज कैसा रहेगा मौसम? असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 31 july

पश्चिम भारत के गुजरात राज्य में 2 अगस्त को जबरदस्त बारिश की संभावना जताई गई है। इसके कारण राज्य के तटीय और मध्य भाग बहुत प्रभावित रहेंगे। महाराष्ट्र के पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में 1 से 7 अगस्त के दौरान मानसून काफी सक्रिय रहेगा।

1 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते वहां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 

 

मौसम विभाग के मुताबिक 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आज बिहार के अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 2 से 6 अगस्त तक 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। साथ ही बिजली चमकने के साथ भारी बारिश के आसार हैं। 

 

पूर्वोत्तर राज्यों यानी असम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का दौर आज भी जारी रहेगा।  दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। 

Gujarat Heavy Rain

अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।

 

असम में बाढ़ की स्थिति में शनिवार को मामूली सुधार हुआ और प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1.78 लाख रह गई। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। बुलेटिन के अनुसार हालांकि बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन में कहा गया है कि पिछले 24 घंटे में राज्य में किसी भी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं मिली है और मृतकों की संख्या 82 ही है।

संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।

कल का मौसम 2 अगस्त: 16 राज्यों में हैवी बारिश और 7 राज्यों में बहुत भारी बरसात का अलर्ट, दिल्ली-यूपी से बिहार तक बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश

  • देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।
  • पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय।

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इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

कैसा रहेगा रविवार को मौसम का मिजाज? कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात में बढ़ सकती है मुश्किल

Weather update for Sunday (August 2, 2026): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 2 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी तटों, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

 

तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

इन स्थानों पर हो सकती है मूसलाधार बारिश

गुजरात (सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र सहित) में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद 2 अगस्त को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मुंबई, ठाणे और तटीय महाराष्ट्र के इलाकों में ऑरेंज-येलो अलर्ट के बीच रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में में मूसलाधार बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में रुक-रुक कर भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी के कारण सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इन इलाकों में रहेगी बाढ़ की आशंका

गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और कोंकण क्षेत्र के निचले इलाकों में पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। 2 अगस्त को भी इन इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और शहरी जलभराव का जोखिम बना रहेगा। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण अचानक बाढ़ आने की आशंका है। 

प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°-35°C के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।

 

पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कई जिलों में 2 अगस्त से मानसून का नया स्पेल शुरू हो रहा है। कोलकाता, पटना और रांची में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान (जैसे कोटा, जयपुर, उदयपुर) और पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। बेंगलुरु में रुक-रुक कर झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। चेन्नई में बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।

 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तटीय और पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड संभावित रास्तों और तटीय इलाकों की यात्रा टालें। 

 

कैसे जापान ने बाढ़ को हराया? | Japan Flood Control System | Flood control infrastructure

हर मानसून में भारत के कई शहर पानी में डूब जाते हैं।
लेकिन जापान ने इस समस्या का समाधान ज़मीन के नीचे ढूँढ लिया।
टोक्यो के नीचे बना G-Cans Underground Flood Control System लाखों लोगों को हर साल बाढ़ से बचाता है। सड़कें खुली रहती हैं, ट्रेनें चलती रहती हैं और शहर नहीं रुकता।
क्या भारत के शहरों में भी ऐसा सिस्टम बनना चाहिए?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए।

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IMD की चेतावनी- अल-नीनो की वजह से अगस्त-सितंबर में बारिश को लेकर आया नया अनुमान, मौसम विभाग ने कही चिंता वाली बात

El Nino impact: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे चरण यानी अगस्त और सितंबर महीने को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया है कि अल-नीनो के मजबूत होने की वजह से देश में मानसून के दूसरे छमाही के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगस्त 2026 के लिए बारिश और तापमान के डिटेल अनुमान के साथ-साथ प्रशांत महासागर और हिंद महासागर की मौसमी स्थितियों पर भी अपनी रिपोर्ट साझा की है।

अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के दूसरे चरण (अगस्त-सितंबर) के दौरान देश भर में कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत से कम यानी सामान्य से कम रहने की संभावना है। इसी दौरान देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होगी।वैसे प्रायद्वीपीय भारत कुछ हिस्सों, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी क्षेत्रों और पूर्व व पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है।

अगस्त महीने में कैसा रहेगा बारिश का हाल?

अगस्त 2026 के लिए विशेष रूप से जारी पूर्वानुमान में IMD ने बताया कि इस महीने भी देश भर में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत से कम यानी सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। देश के बड़े हिस्से में सूखा या कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इस महीने में भी पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के कुछ हिस्सों और पूर्व व पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

अगस्त में तापमान का पूर्वानुमान: बढ़ेगी गर्मी और उमस

बारिश में कमी के साथ-साथ अगस्त महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने वाला है। अगस्त 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। सिर्फ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों और उससे सटे दक्षिणी प्रायद्वीप के छिटपुट इलाकों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में रात और सुबह का मासिक औसत न्यूनतम तापमान भी सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

अल-नीनो बना बड़ी चिंता, इसके और मजबूत होने के संकेत

मौसम विभाग ने मानसून के दूसरे चरण में बारिश की कमी की मुख्य वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में बने अल-नीनो असर को बताया है। अभी मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। ऐसे में मॉडरेट अल-नीनो देखने को मिल रहा है। मानसून मिशन कपल्ड फॉरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के बाकी सीजन के दौरान अल-नीनो की यह स्थिति और अधिक मजबूत होने की आशंका है, जो मानसूनी हवाओं और बारिश को प्रभावित कर सकती है।

हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की क्या है स्थिति?

अभी हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशिनिक डिपोल (IOD) की स्थिति बनी हुई है। MMCFS के मॉडल संकेत देते हैं कि मानसून सीजन के बाकी बचे समय में यह तटस्थ स्थिति जारी रह सकती है। कुछ अंतरराष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्रों के जलवायु अनुमानों से संकेत मिलता है कि सितंबर 2026 के दौरान पॉजिटिव आईओडी स्थितियां भी बन सकती हैं। ये मानसून के लिए कुछ हद तक राहतकारी साबित हो सकती हैं।

आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप

आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंका

गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्ट

महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादल

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंके

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Weather Update : क्या कहता है कल का मौसम, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां आंधी-ओलों से बढ़ेगी परेशानी

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Weather Forecast Tomorrow : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2026 के लिए मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश, तेज हवाओं के चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी जताया गया है और पूरे सूबे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

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इन 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

 

1 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

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पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किल

 

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।

 

ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

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पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

 

असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

गुजरात से केरल तक भी मौसम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार तट से दूर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिणी गुजरात से उत्तरी केरल तक फैले मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश भर में मानसून के एक्टिव होने से भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। आने वाला पूरा सप्ताह भी एक बार फिर जोरगार बारिश का गवाह बनने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने विस्तृत वीकली मौसम बुलेटिन में देश के 20 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के बड़े हिस्से में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। डिप्रेशन के असर से गुजरात रीजन में 31 जुलाई को अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश और 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में 2 अगस्त को भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

मध्य महाराष्ट्र में 31 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश और 2 व 3 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। कोंकण और गोवा में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 31 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी, पंजाब और राजस्थान तक उत्तर भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 31 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस दौरान भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 3 से 5 अगस्त तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 31 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा से लेकर 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में पूर्वी राजस्थान में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है जबकि पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का दौर

मध्य भारत में विदर्भ और मध्य प्रदेश पर बने डिप्रेशन का असर दिख रहा है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (आंधी में 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 31 जुलाई तथा 3 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 3 से 6 अगस्त तक भारी बारिश होगी। विदर्भ में 31 जुलाई, 1 अगस्त और 6 अगस्त को बारिश का जोर रहेगा, जबकि 1 से 4 अगस्त के बीच आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, बंगाल, ओडिशा और असम का पूर्वानुमान

पूर्व भारत में बिहार में 1 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और 1 से 6 अगस्त तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 से 6 अगस्त और ओडिशा में 2 से 6 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और झारखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 अगस्त को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को 50-60 किमी/घंटा (आंधी में 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल चलने की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 40 से 60 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

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