Delhi protest: NEET आंदोलन से फिर करीब आए राहुल-अखिलेश? यूपी चुनाव से पहले युवाओं के मुद्दों पर BJP को घेरने की तैयारी

NEET protest: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब लगभग छह महीने का समय बचा है। ऐसे में NEET परीक्षा विवाद ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक नया और मजबूत राजनीतिक मुद्दा दे दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े विपक्षी अभियान का रूप ले चुका है। इसमें पेपर लीक, बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

दोनों दलों का मानना है कि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनका असर उत्तर प्रदेश के करोड़ों युवा मतदाताओं पर पड़ सकता है। आगामी चुनाव में यह बड़ा चुनावी हथियार साबित हो सकता है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच फिर दिखा तालमेल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच बढ़ता तालमेल ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति निर्णायक दौर में एंट्री  कर रही है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का चर्चित ‘दो लड़के’ अभियान मतदाताओं को प्रभावित करने में विफल रहा था। गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था।

लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कांग्रेस-सपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका दिया। इससे दोनों दलों का आत्मविश्वास बढ़ा और गठबंधन को नई राजनीतिक ऊर्जा मिली।

डिंपल यादव ने आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव जंतर-मंतर पहुंचीं। अपनी पहचान बन चुकी गुलाबी साड़ी में पहुंचीं डिंपल कई घंटों तक घायल छात्रों के बीच रहीं। उन्होंने घायल छात्रों का हौसला बढ़ाया। बेहोश हुए एक छात्र की मदद की की। योगत्यता उपलब्ध कराने में सहयोग किया और प्रदर्शनकारियों के साथ लगातार मौजूद रहीं।

सोशल मीडिया पर उनके पुलिस बैरिकेड पर चढ़ने, घायल छात्रों की मदद करने और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े रहने के वीडियो तेजी से वायरल हुए। सरकार के रवैये को असंवेदनशील बताते हुए उन्होंने कहा, “यह NEET नहीं, CHEAT है।” उनकी लगातार मौजूदगी ने समाजवादी पार्टी को युवाओं और छात्रों के प्रति संवेदनशील दल के रूप में पेश करने में मदद की।

युवाओं के जरिए बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार पहलों और राष्ट्रवादी राजनीति के जरिए पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के बीच मजबूत आधार बनाया है। विपक्ष का मानना है कि NEET विवाद बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के आरोप और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस और सपा इसी नाराजगी को राजनीतिक समर्थन में बदलना चाहती हैं। दोनों दल खुद को छात्रों और युवाओं की आवाज के रूप में स्थापित कर इस आंदोलन को चुनावी मुद्दे में बदलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ जॉइंट आंदोलन

NEET आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश में भी तेजी से दिखाई दिया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ सहित कई जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन किए। दोनों दलों के छात्र संगठनों ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कई जगह पुलिस के साथ झड़पें हुईं। विपक्षी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी हुई, जिससे यह आंदोलन लगातार सुर्खियों में बना रहा। अब दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी संयुक्त विरोध प्रदर्शन जारी रखने की योजना बनाई है।

सिर्फ NEET नहीं, कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

दोनों दलों के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अब अपने अभियान को केवल NEET तक सीमित नहीं रखेंगी।

गठबंधन की योजना में शामिल प्रमुख मुद्दे हैं:-

कथित पेपर लीक

बेरोजगारी

सरकारी भर्तियों में देरी

राम मंदिर दान चोरी विवाद

किसानों के लिए खाद की कमी

नकली दवाओं का मुद्दा

बढ़ते बिजली बिल और बिजली दरें

विपक्ष की रणनीति है कि चुनाव तक जनता का ध्यान इन मुद्दों पर केंद्रित रखा जाए, ताकि बीजेपी पहचान की राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए चुनावी एजेंडा तय न कर सके।

फिलहाल सीट बंटवारे का विवाद भी पड़ा ठंडा

कुछ समय पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बराबर सीटों की हिस्सेदारी चाहेगी। गौतम ने कांग्रेस को गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ तक बताया था।

इन बयानों से दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। हालांकि, छात्र आंदोलन के बाद फिलहाल बातचीत का केंद्र सीटों की बजाय संयुक्त राजनीतिक अभियान बन गया है। इससे दोनों दल एकजुटता का संदेश देने में सफल रहे हैं।

युवा वोट बना सबसे बड़ा चुनावी रणक्षेत्र

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं को सबसे बड़ा चुनावी मैदान मान रही हैं। सपा का पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) वोट बैंक अभी भी उसके साथ माना जाता है। जबकि कांग्रेस ऊंची जातियों, दलितों, शहरी मतदाताओं और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे जाति और धर्म से ऊपर उठकर लगभग हर वर्ग के छात्रों को प्रभावित करते हैं। इसलिए इन्हें राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावी माना जा रहा है।

बीजेपी भी करेगी कड़ा मुकाबला

हालांकि बीजेपी इस चुनौती को आसानी से स्वीकार करने वाली नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव में झटका लगने के बावजूद भगवा पार्टी ने बाद के विधानसभा उपचुनावों में अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया है। बीजेपी आगामी चुनाव में अपनी कल्याणकारी योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी भर्ती अभियानों और सुशासन के रिकॉर्ड को प्रमुखता से जनता के सामने रखेगी। पार्टी को भरोसा है कि उत्तर प्रदेश में उसका बूथ स्तर तक फैला मजबूत संगठन विपक्ष पर बढ़त बनाए रखेगा।

क्या NEET आंदोलन बनेगा चुनावी गेम चेंजर?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NEET आंदोलन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की दिशा बदल पाएगा। यदि राहुल गांधी और अखिलेश यादव युवाओं के गुस्से को चुनाव तक बनाए रखने और पेपर लीक, बेरोजगारी तथा छात्रों की आकांक्षाओं को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाने में सफल रहते हैं, तो कांग्रेस-सपा गठबंधन 2024 के बाद बीजेपी के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

ये भी पढ़ें- E20 Petrol Row: Meta, X और Google पर मुकदमा करेंगे नितिन गडकरी! एथेनॉल वाले पेट्रोल से जुड़ा है ये पूरा केस

वहीं यदि बीजेपी बहस का केंद्र फिर से विकास, सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं और नेतृत्व पर ले जाने में सफल हो जाती है, तो जंतर-मंतर से उठी यह भावनात्मक लहर चुनाव तक पहुंचने से पहले कमजोर भी पड़ सकती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य के करोड़ों युवा मतदाता आखिर किस राजनीतिक दल पर सबसे अधिक भरोसा जताते हैं।

Snake: दिखने में शांत, लेकिन बेहद खतरनाक हैं ये 3 सांप, सामने आएं तो तुरंत करें ये काम

गर्मी और बरसात का मौसम आते ही सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। बारिश के दौरान बिलों में पानी भरने और मौसम में बदलाव के कारण कई जहरीले सांप इंसानी इलाकों के करीब पहुंच जाते हैं। रसल वाइपर, कॉमन करैत और कोबरा जैसे सांप अक्सर घरों, खेतों और आसपास की जगहों में दिखाई देते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों से बचाव के लिए डर नहीं, बल्कि सतर्कता और सही जानकारी जरूरी है।

घर की सफाई, आसपास के माहौल को सुरक्षित रखना और सांप दिखने पर सही कदम उठाना किसी भी अनहोनी से बचा सकता है। मानसून के दौरान कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इंसान और सांप दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

बरसात में क्यों बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले?

बारिश के दौरान बिलों में पानी भरने के कारण सांप बाहर निकल आते हैं और कई बार घरों, गोदामों या खेतों में पहुंच जाते हैं। अनाज निकालते समय, सफाई करते हुए या अंधेरे स्थानों पर अनजाने में इनके संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मई से सितंबर के बीच सर्पदंश के मामलों में तेजी देखने को मिलती है। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

ये तीन सांप माने जाते हैं सबसे ज्यादा खतरनाक

भारत में सर्पदंश से होने वाली मौतों के लिए ‘बिग फोर’ सांपों को जिम्मेदार माना जाता है। इनमें रसल वाइपर, कॉमन करैत, स्पेक्टिकल कोबरा (गेहुअन) और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। रसल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर के जहर का असर खून पर पड़ता है, जबकि करैत और कोबरा का विष नसों पर असर करता है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।

सांप काट ले तो झाड़-फूंक नहीं, तुरंत इलाज जरूरी

सांप के काटने के बाद समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। देरी या घरेलू नुस्खों और झाड़-फूंक पर निर्भर रहना जानलेवा साबित हो सकता है।

घर को सांपों से बचाने के आसान तरीके

सांपों को घर से दूर रखने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं:

  • घर और आसपास नियमित सफाई रखें।
  • कबाड़, लकड़ी या बेकार सामान को लंबे समय तक इकट्ठा न होने दें।
  • झाड़ियों और घास को समय-समय पर साफ करें।
  • चूहों की संख्या नियंत्रित करें, क्योंकि सांप अक्सर शिकार की तलाश में आते हैं।
  • अनाज रखने वाली जगहों को साफ और सुरक्षित रखें।
  • घर के आसपास के बिल और दरारों को बंद करें।

सांप दिखे तो दूरी बनाएं, खुद पकड़ने की कोशिश न करें

अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग, प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या विशेषज्ञों की मदद लें। सावधानी, सफाई और जागरूकता ही बारिश के मौसम में सांपों से बचने का सबसे आसान तरीका है।

5 साल के बच्चे ने पैंट में पेशाब कर दी तो क्या कोई ऐसी हैवानियत की सजा देता है! लेडी टीचर पर लगा गंभीर आरोप

डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने के बाद भी नहीं छोड़ा सपना, लगातार मेहनत कर IIT बॉम्बे तक पहुंचा छात्र

बोर्ड परीक्षा के नतीजे अक्सर छात्रों के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। कई बार कम अंक आने पर विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि उनका भविष्य अब बेहतर नहीं हो सकता। लेकिन सच यह है कि किसी एक परीक्षा का परिणाम पूरी जिंदगी तय नहीं करता। सही दिशा, लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा किसी भी असफलता को सफलता में बदल सकता है। ऐसे ही एक छात्र की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। 10वीं में उम्मीद से काफी कम अंक मिलने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी कमियों को पहचाना, पढ़ाई का तरीका बदला और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा।

समय के साथ उसकी मेहनत रंग लाई और उसने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर IIT बॉम्बे तक का सफर तय किया। उसकी यह कहानी साबित करती है कि सफलता अंकों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से मिलती है।

10वीं के नतीजे ने दिया बड़ा झटका

जैनेंद्रजीत ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों की उम्मीद की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद से बिल्कुल अलग रहा। उसे कुल 54% अंक मिले। गणित में 41 और विज्ञान में 48 अंक आने से वह काफी निराश हुआ। रिजल्ट देखने के बाद उसे कुछ देर तक यकीन ही नहीं हुआ कि ये उसके ही नंबर हैं।

बीमारी बनी पढ़ाई में सबसे बड़ी रुकावट

बोर्ड परीक्षा से पहले जैनेंद्रजीत करीब 40 से 50 दिनों तक बेड रेस्ट पर रहा। लंबी बीमारी के कारण उसकी तैयारी प्रभावित हुई। वहीं उसके कई दोस्तों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, जिससे उसे अपनी कमियों का एहसास हुआ।

हार नहीं मानी, खुद को बदलने का लिया फैसला

निराश होने के बजाय उसने खुद से कहा, “यह मेरी असली पहचान नहीं है, मैं इससे बेहतर कर सकता हूं।” इसी सोच ने उसे आगे बढ़ने की ताकत दी। उसने तय किया कि अब बहाने नहीं, सिर्फ मेहनत ही उसकी पहचान बनेगी।

बदली पढ़ाई की पूरी रणनीति

11वीं में पहुंचने के बाद जैनेंद्रजीत ने पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल दिया। उसने तय समय पर पढ़ाई शुरू की, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई करने लगा। उसका मानना था कि सिर्फ लंबे समय तक पढ़ना काफी नहीं, बल्कि सही तरीके से पढ़ना ज्यादा जरूरी है।

क्लास से पहले ही समझ लेता था पूरा टॉपिक

उसने एक नई आदत अपनाई। क्लास में पढ़ाए जाने वाले विषय को पहले ही YouTube के जरिए समझ लेता था। इससे लेक्चर के दौरान कॉन्सेप्ट आसानी से समझ आते थे और पढ़ाई ज्यादा प्रभावी हो गई।

रोजाना बनाता था छोटे-छोटे लक्ष्य

बिना योजना के पढ़ाई करने के बजाय उसने हर दिन के छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए। हर चैप्टर पूरा होने के बाद Previous Year Questions (PYQs) हल करता था। इससे परीक्षा का पैटर्न समझने और सवाल हल करने की क्षमता मजबूत हुई।

मेहनत ने बदली किस्मत

लगातार मेहनत और अनुशासन का नतीजा यह रहा कि जैनेंद्रजीत ने JEE Main 2023 में 99.98 पर्सेंटाइल हासिल किया। इसके बाद JEE Advanced में AIR 349 रैंक के साथ IIT बॉम्बे के प्रतिष्ठित कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला मिला।

मेहनत हर चीज पर भारी पड़ती है’

अपनी सफलता पर जैनेंद्रजीत ने कहा, “अगर जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना है तो बहाने नहीं, मेहनत करनी होगी। मेहनत हर चीज पर भारी पड़ती है।”

सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ

यूट्यूब पर अपनी कहानी साझा करने के बाद हजारों लोगों ने उसकी सराहना की। किसी ने लिखा, “Hard work pays off,” तो किसी ने उसकी हिम्मत और समर्पण को सलाम किया। कई छात्रों ने कहा कि उसकी कहानी उन्हें मुश्किल हालात में भी अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहने की प्रेरणा देती है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की गई यूजर-जनरेटेड सामग्री पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

मानसून वेडिंग में इन 7 स्मार्ट एक्सेसरीज के बिना अधूरी है हर दुल्हन की तैयारी!

मानसून वेडिंग में इन 7 स्मार्ट एक्सेसरीज के बिना अधूरी है हर दुल्हन की तैयारी!

मानसून वेडिंग (monsoon wedding) जितनी खूबसूरत लगती है, उतनी ही परेशानी भी साथ लेकर आती है। कभी बारिश, कभी उमस तो कभी मेकअप (makeup) और आउटफिट (outfit) खराब होने की टेंशन। ऐसे में अगर आपकी वेडिंग किट (wedding kit) में कुछ जरूरी एक्सेसरीज (accessories) पहले से मौजूद हों, तो आपका ब्राइडल लुक पूरे दिन फ्रेश और परफेक्ट बना रह सकता है:

Transparent Umbrella (ट्रांसपेरेंट छाता)

Rain At An Indian Wedding - Indian wedding guides

मानसून ब्राइड (monsoon bride) के लिए ट्रांसपेरेंट छाता सबसे जरूरी एक्सेसरीज में से एक है। यह आपको बारिश से बचाने के साथ-साथ ब्राइडल लुक (bridal look) भी नहीं छिपाता। फोटोशूट में भी यह बेहद खूबसूरत दिखाई देता है और मेकअप व हेयरस्टाइल को खराब होने से बचाता है।

Waterproof Makeup Touch-up Kit (वॉटरप्रूफ मेकअप टच-अप किट)

Story pin image

बारिश और उमस के कारण मेकअप जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए अपने साथ कॉम्पैक्ट पाउडर (compact powder), ब्लॉटिंग पेपर (blotting paper), वॉटरप्रूफ काजल (waterproof kajal),लिपस्टिक (lipstick) और सेटिंग स्प्रे (setting spray) जरूर रखें। इससे जरूरत पड़ने पर कुछ ही मिनटों में मेकअप फ्रेश किया जा सकता है।

Anti-slip Footwear (एंटी-स्लिप फुटवियर)

गीली जमीन पर भारी हील्स पहनना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में अच्छी ग्रिप वाले सैंडल या एंटी-स्लिप फुटवियर आपको फिसलने से बचाते हैं और लंबे समय तक आराम भी देते हैं।

Hair Fixing Kit (हेयर फिक्सिंग किट)

Top 10 Trending Indian Bridal Hairstyles in 2026 | Stylish Mehndi designs

बारिश की नमी (Humidity) से हेयरस्टाइल (hairstyle) जल्दी खराब हो सकती है। मिनी हेयर स्प्रे (mini hairspray), बॉबी पिन (bobby pin), हेयर पिन (hairpins) और छोटे रबर बैंड (rubber band) अपने साथ रखें ताकि जरूरत पड़ने पर हेयरस्टाइल तुरंत ठीक की जा सके।

Microfiber Handkerchief or Small Towel (माइक्रोफाइबर रूमाल या छोटा टॉवल)

Elegant Indian Bride in Traditional Wedding Attire Stock Photo | Adobe Stock

उमस और पसीने के कारण चेहरा बार-बार पोंछना पड़ सकता है। माइक्रोफाइबर रूमाल या छोटा टॉवल मेकअप (makeup) खराब किए बिना नमी सोखने में मदद करता है और पूरे दिन फ्रेश (fresh) महसूस कराता है।

Waterproof Clutch or Pouch (वॉटरप्रूफ क्लच या पाउच)

फोन (phone), जूलरी (jewelry), कैश (cash) और जरूरी कॉस्मेटिक्स (cosmetics) जैसी चीजों को सेफ रखने के लिए वॉटरप्रूफ क्लच या पाउच जरूर रखें। इससे बारिश के दौरान भी आपका जरूरी सामान सेफ रहता है।

Portable Mini Fan (पोर्टेबल मिनी फैन)

Bride Wallpaper Stock Photos, Images and Backgrounds for Free Download

मानसून में बारिश के साथ उमस भी काफी होती है। छोटा रिचार्जेबल हैंड फैन (rechargeable handheld fan) चेहरे को ठंडक देता है, पसीना कम करता है और मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करता है।

इस तरह शादी की तैयारियों (wedding preparation) के साथ इन जरूरी एक्सेसरीज (accessories) को भी अपनी वेडिंग चेकलिस्ट (wedding checklist) में जरूर शामिल करें, ताकि आप पूरे दिन बिना किसी चिंता के अपने खास पल को खुलकर एंजॉय कर सकें।

Lucknow-Kanpur Expressway: उद्घाटन के 13वें दिन ही धंस गया कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, NHAI ने कही ये बात

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 13 दिन बाद ही इसकी सड़क दो जगहों पर धंस गई है। 13 जुलाई को शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर करीब 9 मीटर हिस्से में सड़क बैठ गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। उन्नाव से लखनऊ जाने वाली लेन में कोरारी के पास सड़क धंसने से गहरे गड्ढे बन गए हैं। लगातार बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा इसी लेन में टोल प्लाजा से करीब एक किलोमीटर पहले भी सड़क का लगभग 8 फीट हिस्सा धंस गया है।

शुरू हुआ मरम्मत का काम

एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। साथ ही, हादसों से बचाव के लिए प्रभावित जगहों पर बैरिकेड्स लगाकर वाहनों को सावधानी से गुजरने की सलाह दी जा रही है।

4200 करोड़ की लागत से बना था एक्सप्रेसवे

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया है। इसे ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन (AIMGC) तकनीक से तैयार किया गया था। दावा किया गया था कि अमेरिका और जर्मनी के बाद भारत में इस तकनीक से बनने वाला यह पहला एक्सप्रेसवे है। हालांकि, पहली ही मानसूनी बारिश में सड़क पर आई खराबी ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 45 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड सेक्शन में किलोमीटर संख्या 64.200 के पास कई मीटर तक सड़क की डामर परत उखड़ गई है। इस क्षतिग्रस्त हिस्से के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ग्रीनफील्ड सेक्शन के कई हिस्सों में डामर उखड़ने की शिकायत सामने आई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इससे पहले भी एक्सप्रेसवे के किनारों पर कई जगह मिट्टी का कटाव देखने को मिला था। वहीं, अचलगंज के पास अप्रोच रोड का एक हिस्सा भी धंस गया था। कई स्थानों पर मरम्मत के लिए किए गए पैचवर्क की वजह से सड़क पहले जैसी समतल नहीं रह गई है। वाहन चालकों का कहना है कि पुलों और पुलियाओं पर बने एक्सपेंशन जॉइंट्स से गुजरते समय तेज झटके महसूस हो रहे हैं। एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर वी. कुंडू ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कुछ जगहों पर सड़क को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। उनके मुताबिक, नया एक्सप्रेसवे होने के कारण शुरुआती दौर में इस तरह की छोटी-मोटी दिक्कतें असामान्य नहीं हैं और फिलहाल यातायात सामान्य रूप से जारी है।

कल भारी बारिश वाला मौसम: 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग, यूपी से MP तक इन 23 राज्यों में IMD ने दिया मूसलाधार, अंधड़ का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में मानसून अपनी चरम तीव्रता पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जुलाई के लिए अपना लेटेस्ट मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। देश के 23 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में कल भारी बारिश, अंधड़, आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कि 27 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति कैसी रहने वाली है।

2 राज्यों के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 27 जुलाई को देश के दो मध्य व पूर्वी राज्यों पर मानसून का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिलेगा-

  • छत्तीसगढ़: राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में गर्जना के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने निचले और तटीय क्षेत्रों में अलर्ट रहने को कहा है।

इन 5 राज्यों/क्षेत्रों में अति भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान जताया है-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल के जिलों में बादलों का तेज जमावड़ा रहेगा और कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश से बहुत भारी वर्षा का खतरा बना हुआ है।
  • गांगेय पश्चिम बंगाल: तटीय व दक्षिणी पश्चिम बंगाल के इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 अन्य राज्यों और क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है-

  • उत्तर व उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है।
  • मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और गुजरात रीजन के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा का पूर्वाकलन है।
  • पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।
  • दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे में भारी बारिश की संभावना है।

50-60 किमी/घंटा का अंधड़ और आंधी-तूफान

बारिश के अलावा कल कई राज्यों में तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक और तेलंगाना के इलाकों में कड़ाके की सतही हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर उमस भरी गर्मी का असर भी देखने को मिल सकता है।

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

Weather Update: दिल्ली-NCR में अगले 48 घंटे भारी! IMD का अलर्ट, इन राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का खतरा

Weather Update Today: देशभर में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर तेज रहेगा। सबसे ज्यादा असर गुजरात में देखने को मिलेगा, जहां कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

गुजरात में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। जबकि राजस्थान, दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

IMD के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण अगले कुछ दिनों तक देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को तेज बनाए रखेंगे। मौसम विभाग ने विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में सतर्क रहने की सलाह दी है।

गुजरात में हाई अलर्ट

IMD के अनुसार, गुजरात में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कई जिलों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

दिल्ली-NCR में अब तेज होगी बारिश

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कल यानी 27 जुलाई हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 जुलाई से बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और उमस बनी रहेगी।

राजस्थान के पूर्वी जिलों में भारी बारिश की आशंका

पूर्वी राजस्थान के जयपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

मध्य प्रदेश में दो दिन तक होगी तेज बारिश

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा

दोनों पहाड़ी राज्यों में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई से कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली

पंजाब और हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 जुलाई से कई इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

बिहार और पश्चिम बंगाल

बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

ओडिशा

राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है।

असम, मेघालय और पूर्वोत्तर

असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

मुंबई, कोंकण और गोवा

मुंबई, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। IMD फोरकास्ट के मुताबिक, निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है।

दक्षिण भारत

तेलंगाना: भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं के चलने की आशंका है।

कर्नाटक: आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। जबकि तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु: हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

IMD की लोगों को सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में नहीं जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

ये भी पढ़ें- Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव 14 दिन के लिए भेजे गए पटना के बेऊर जेल, NEET प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

Anti-Paper Leak Bill: ₹50 लाख का जुर्माना और 10 साल की जेल… पेपर लीक रोकने वाले नए बिल में क्या-क्या है?

Anti-Paper Leak Bill: दो साल पुराने ‘क्वेश्चन पेपर लीक’ विरोधी कानून में बदलाव करने वाला एक बिल सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में आरोपियों पर तेजी से मुकदमा चलाने के लिए हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सजा को और सख़्त करने का प्रस्ताव है। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के अंदर पूरी होनी चाहिए।

बिल पेश करने से पहले सदस्यों को दी गई कॉपी के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कम से कम पांच साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल हो सकती है। साथ ही ₹50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है। ऑर्गनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) के लिए बिल में कम से कम 7 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसे जल्द से जल्द संसद में पेश करने का निर्देश दिया। उम्मीद है कि यह बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा।

मौजूदा कानून में क्या है?

मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल की जेल का प्रावधान है। जबकि संगठित धोखाधड़ी और क्वेश्चन पेपर लीक में शामिल लोगों को पांच से 10 साल की जेल और कम से कम ₹1 करोड़ का जुर्माना हो सकता है। इस बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पास कराने के लिए लिस्ट किया गया है। आम तौर पर किसी बिल को एक ही दिन पेश करने और पास कराने के लिए लिस्ट नहीं किया जाता है।

सरकार ने घोषणा की है कि वह प्रस्तावित कानून ला रही है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में NEET क्वेश्चन पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

एक हफ्ते नहीं चल पाया संसद

NEET मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले हफ्ते की कार्यवाही में बाधा आई थी। नए बिल पर विपक्ष का रुख़ अभी साफ़ नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ेंगे।

ये भी पढ़ें- Pralhad Joshi: शिक्षा मंत्री बनने के बाद प्रह्लाद जोशी का आया पहला रिएक्शन, धर्मेंद्र प्रधान के बारे में क्या कहा?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य माँगें मान लिए जाने के बाद CJP ने शनिवार को अपना 36 दिन लंबा विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। इस बिल में 15 गैर-कानूनी कामों को शामिल किया गया है। इनमें क्वेश्चन पेपर लीक करना, OMR शीट के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाना और फर्जी एडमिट कार्ड जारी करना शामिल है।