लोकसभा में ऐसा क्या बोल गए राहुल गांधी…जिसपर मचा हंगामा, सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति

Rahul Gandhi Speech: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। वहीं लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक शब्द को लेकर सदन में तीखी बहस हो गई। राहुल गांधी ने अपने भाषण में “इडियट्स” (मूर्ख) शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह शब्द असंसदीय है और इसे रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की लगातार हो रही घटनाओं से देश के युवाओं में गहरी निराशा है। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए एक 18 साल के छात्र से हुई बातचीत का भी जिक्र किया और बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों में भरोसा कम होता जा रहा है।

राहुल गांधी की इस शब्द पर आपत्ति

राहुल गांधी ने उस छात्र से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र ने लोगों को तीन हिस्सों में बांटा था। उसके मुताबिक, पहला वर्ग छात्रों का है, दूसरा “मूर्ख” लोगों का और तीसरा उन लोगों का है जो इन मूर्खों का बिना सोचे-समझे समर्थन करते हैं। राहुल गांधी के इतना कहते ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में ही आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल संसद की मर्यादा के खिलाफ है और इन्हें नहीं कहा जाना चाहिए। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने “इडियट” (मूर्ख) शब्द का कई बार इस्तेमाल किया, जो असंसदीय है। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

सराकर ने कही ये बात 

जब सत्ता पक्ष के सांसदों ने राहुल गांधी के बयान का विरोध किया, तब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आपत्ति जताने के बाद भी राहुल गांधी उसी असंसदीय शब्द का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं। किरेन रिजिजू ने कहा, “वह बार-बार उसी शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।” इस पर राहुल गांधी ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा किसी व्यक्ति को उस शब्द से संबोधित करने का नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं किसी को ऐसा नहीं कह रहा हूं।” इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह आगे अपनी बात रखने के लिए कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल करेंगे।

हालांकि, किरेन रिजिजू ने सरकार की आपत्ति दोहराते हुए कहा, “आपने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है, इसलिए हमने इसका विरोध किया।” इसके बाद राहुल गांधी ने अपना भाषण जारी रखा और छात्र की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्र का मानना था कि सच्चा छात्र हमेशा सच के साथ खड़ा रहता है, जबकि कुछ लोग अपनी छवि बनाने में लगे रहते हैं। राहुल गांधी के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में फिर हंगामा होने लगा। यह पूरा विवाद लोकसभा में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान हुआ। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद यह विधेयक पहले से ही राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

राहुल गांधी के बयान पर भड़के किरेन रिजिजू, स्पीकर बिरला ने भी दी हिदायत

Loksabha News

Rahul Gandhi vs Kiren Rijiju: लोकसभा में बुधवार को उस समय भूचाल आ गया जब पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बेहद संगीन आरोप लगाए। राहुल ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलीबारी और पैलेट गन चलाने का आदेश खुद गृहमंत्री ने दिया था और 'वह डरे हुए हैं'।

किरेन रिजिजू  की राहुल गांधी को चुनौती 

राहुल गांधी के इस बयान पर सत्तापक्ष उबल पड़ा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सरासर झूठा आरोप करार देते हुए राहुल गांधी से तुरंत माफी मांगने या आदेश का सबूत दिखाने की चुनौती दे डाली। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सख्त रवैया अपनाया और राहुल गांधी की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। ALSO READ: एक्टिविज्म करना है तो सजा के लिए तैयार रहें, नड्डा का खरगे पर पलटवार

 

संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक बिल पर जारी बहस के दौरान लोकसभा का माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। दोपहर करीब 12:30 बजे बोलने खड़े हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सीधे गृहमंत्री अमित शाह को निशाने पर ले लिया।

क्या कहा राहुल गांधी ने?

सदन में राहुल गांधी ने कहा कि छात्र अपने डर से बाहर निकलकर सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन सरकार उनसे घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि इस देश के कथित गृह मंत्री में सदन में आकर बैठने का साहस नहीं है। वह डरे हुए हैं और उन्होंने ही छात्रों पर गोली तथा पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। ALSO READ: संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

किरेन रिजिजू का करारा पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तुरंत खड़े हो गए और कड़ा प्रतिवाद किया। रिजिजू ने कहा कि कोई भी सदस्य बिना किसी आधार या सबूत के इतने जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति पर झूठा आरोप नहीं लगा सकता। रिजिजू ने कहा कि आप ऐसे कैसे बोल सकते हैं? किस आधार पर आपने यह कहा? किसने बताया आपको? आप गृहमंत्री का लिखित ऑर्डर दिखाइए! अगर आपके पास सबूत नहीं है तो आपको सदन और देश से माफी मांगनी होगी। जब तक राहुल गांधी माफी नहीं मांगेंगे, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा।

 

रिजिजू ने तीखे अंदाज में तंज कसते हुए यह भी कहा कि क्या मैं बिना किसी सबूत के ऐसा कह सकता हूं कि राहुल गांधी ने किसी का मर्डर किया है? आप बिना आधार के ऐसे गंभीर आरोप कैसे लगा सकते हैं?

लोकसभा स्पीकर की सख्त हिदायत

हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दखल दिया और नेता प्रतिपक्ष को संसदीय मर्यादा की याद दिलाई। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को हिदायत देते हुए कहा कि वह इस तरह सीधे नाम लेकर आरोप नहीं लगा सकते, वे केवल मामले की जांच की मांग कर सकते हैं। इसके साथ ही लोकसभा स्पीकर ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े राहुल गांधी के आरोपों और टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने (का स्पष्ट निर्देश दिया।

 

सदन में जब सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष ने कोई गंभीर सवाल उठाया है तो सरकार यह स्पष्ट कर दे कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों पर कार्रवाई हुई। इस पर रिजिजू ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि सवाल पूछना अलग बात है, लेकिन झूठा आरोप लगाकर सनसनी फैलाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

ALSO READ: Weather Update : असम में बाढ़ से हाहाकार, UP-MP समेत कई राज्‍यों में अलर्ट, गुजरात-हिमाचल में बारिश का कहर

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

ALSO READ: Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

ALSO READ: Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

ALSO READ: Weather Update : गुजरात से असम तक भारी बारिश से तबाही, UP-बिहार समेत कई राज्यों में अलर्ट

मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

दिल्ली से यूपी तक आज भारी बारिश का तांडव, IMD ने कई राज्यों में जारी किया हैवी रेन का अलर्ट, आंधी-तूफान का भी खतरा, ऐसा रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: देशभर में इस वक्त कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। ओडिशा-झारखंड-छत्तीसगढ़ से निकले डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश हो रही है। दिल्ली से लेकर उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंड अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने मध्य भारत के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे दैनिक जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरेगा।

इन 3 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक, तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की प्रबल संभावना है:

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बारिश के प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ों में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

यूपी, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज हल्की से मध्यम और कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम जताया है। आंध्र प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है।

Clipboard03RAIN23

बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में दिन भर मजबूत सतही हवाएं चलती रहेंगी।

कल भारी बारिश का तांडव: 22+ राज्यों में अलर्ट, IMD ने इन 3 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग जारी की, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Kal Ka Mausam 29 July: देशभर के कई इलाकों में इस वक्त भारी बारिश देखने को मिल रही है। देशभर में इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। एक डीप डिप्रेशन के चलते पूर्वी और मध्य भारत में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश देखने को मिल है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है।

इसके मुताबिक देश के 22 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड कलर वॉर्निंग (अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी) जारी की है।

ओडिशा-बंगाल पर बना डीप डिप्रेशन बढ़ा रहा खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी आंतरिक ओडिशा और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा दबाव 12 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। यह सिस्टम ओडिशा के बारीपदा से लगभग 20 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, बालेश्वर से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम और झारखंड के जमशेदपुर से 110 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है। अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम उत्तर ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसी मौसमी तंत्र के कारण देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश दर्ज की जा रही है।

इन 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग: अत्यंत मूसलाधार बारिश का खतरा

IMD ने 29 जुलाई को तीन प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी (रेड कलर वॉर्निंग) दी है:-

छत्तीसगढ़

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ (महाराष्ट्र)

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 29 जुलाई को नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

पश्चिम मध्य प्रदेश

ओडिशा

पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से दक्षिण भारत तक: यहां होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 29 जुलाई को देश के कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तर भारत और मैदान: उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय।

पश्चिम व मध्य भारत: कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा।

दक्षिण व तटीय भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और माहे।

तेज हवाएं, बिजली गिरने और समुद्र में हलचल की चेतावनी

आंध्र प्रदेश, गुजरात, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है।

29_imd

मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलेंगी। सोमालिया और ओमान तटों, मध्य अरब सागर और उत्तरी अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी/घंटा से लेकर 65 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं चलेंगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़ें- Prayagraj Housing Scheme: सिर्फ ₹2.50 लाख देकर बुक करें 2BHK फ्लैट! अतीक अहमद की पुरानी कोठी के पास बनेगा 700 फ्लैटों का बड़ा प्रोजेक्ट

बारिश की बूंदे, समंदर की लहरे और एक लंबी सड़क! ये है भारत की सबसे खूबसूरत कोस्टल रोड ट्रिप्स

आपको लंबी ड्राइव, ठंडी हवाएं और समुद्र की लहरों का सुकून पसंद है, तो भारत की कोस्टल रोड ट्रिप्स (coastal road trip) आपके लिए परफेक्ट हैं। इन रास्तों पर सफर करते हुए एक तरफ नीला समंदर, दूसरी ओर हरियाली, पहाड़ और नारियल के पेड़ों का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। खासकर मानसून (monsoon) के मौसम में ये सड़कें और भी खूबसूरत हो जाती हैं। आप भी अपनी अगली छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं, तो कार या बाइक से इन सी-व्यू रोड ट्रिप्स (Sea-view road trips) का एक्सपीरियंस जरूर लें:

Goa to Gokarna (गोवा से गोकर्ण: सुकून और समुद्र का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)

The Ultimate Road Trip Guide To India: 6 Scenic Routes | Outlook Traveller

अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांति भरा सफर करना चाहते हैं, तो गोवा से गोकर्ण की रोड ट्रिप आपके लिए बेहतरीन रहेगी। इस पूरे रास्ते में कभी समुद्र की लहरें आपका साथ देती हैं तो कभी हरियाली से घिरे खूबसूरत नजारे मन मोह लेते हैं। बीच-बीच में छोटे-छोटे बीच (beache) और तटीय गांव (coastal village) मिलते हैं, जहां कुछ देर रुककर ताजा हवा का आनंद लिया जा सकता है। यह रूट उन लोगों के लिए खास है, जो ड्राइव के साथ प्रकृति का भरपूर मजा लेना चाहते हैं।

Chennai to Puducherry (चेन्नई से पुडुचेरी: समंदर के साथ दौड़ती शानदार सड़क)

Best Road Trips from Chennai by Car for a Perfect Getaway

चेन्नई से पुडुचेरी तक की ईस्ट कोस्ट रोड (East Coast Road) भारत की सबसे खूबसूरत सी-फेसिंग सड़कों में गिनी जाती है। कई जगह सड़क समुद्र के बिल्कुल पास से गुजरती है, जिससे पूरे रास्ते बंगाल की खाड़ी का शानदार नजारा दिखाई देता है। सुबह की हल्की धूप या शाम की ठंडी हवा में इस रूट पर ड्राइव (Driving) करना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है। रास्ते में कई बीच, कैफे और व्यू पॉइंट (viewpoints) भी मिलते हैं, जहां रुककर सफर को और यादगार बनाया जा सकता है।

Kochi to Kanyakumari (कोच्चि से कन्याकुमारी: हरियाली और समुद्र का खूबसूरत संगम)

HD wallpaper: seaside highway, road, photography, coast, cliff, rocks, water | WallpaperFlare

अगर आप प्रकृति के बीच लंबी ड्राइव का आनंद लेना चाहते हैं, तो कोच्चि से कन्याकुमारी का सफर जरूर करें। इस रूट पर नारियल के ऊंचे-ऊंचे पेड़, हरे-भरे नजारे और समुद्र का खूबसूरत दृश्य पूरे रास्ते आपका स्वागत करते हैं। जैसे-जैसे आप कन्याकुमारी के करीब पहुंचते हैं, समुद्र का नजारा (coastal scenery) और भी मनमोहक होता जाता है। यहां पहुंचकर सूर्योदय और सूर्यास्त देखना इस पूरी यात्रा की सबसे यादगार बात बन सकता है।

Mumbai to Goa (मुंबई से गोवा: हर मोड़ पर बदलता खूबसूरत नजारा)

Coastal Highway Stock Photos, Images and Backgrounds for Free Download

मुंबई से गोवा की रोड ट्रिप (road trip) देश की सबसे पसंदीदा ट्रिप में शामिल है। कोंकण तट (Konkan coast) से गुजरने वाला यह रास्ता हरे-भरे पहाड़ों, घुमावदार सड़कों, छोटे गांवों और समुद्र के खूबसूरत दृश्यों से भरपूर है। अगर आप बिना जल्दबाजी के सफर करें, तो रास्ते में आने वाले कई बीच, लोकल मार्केट और खाने-पीने की जगहों का भी आनंद ले सकते हैं। मानसून (monsoon) में यह रूट और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

Mangaluru to Goa (मंगलुरु से गोवा: शांत सफर और मनमोहक नजारे)

Free Coastal Road Trip Image - Scenic, Coastal, Road | Download at StockCake

मंगलुरु से गोवा तक की ड्राइव उन लोगों के लिए शानदार है, जिन्हें लंबा और शांत सफर पसंद है। इस रूट पर कई जगह सड़क के एक ओर समुद्र और दूसरी ओर हरियाली का नजारा देखने को मिलता है। रास्ते में छोटे-छोटे बीच, नारियल के पेड़ों से घिरे गांव और शांत माहौल सफर को खास बना देते हैं। अगर आप नेचर के बीच आरामदायक रोड ट्रिप (road trip) चाहते हैं, तो यह रूट आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

ये जरूरी बातें रखें ध्यान

8 Epic Monsoon Road Trips in India That Are Worth Every Mile

समुद्र किनारे रोड ट्रिप (coastal road trip) का मजा तभी आता है, जब सफर पूरी तरह सेफ हो। निकलने से पहले अपनी कार या बाइक के टायर, ब्रेक, इंजन ऑयल और सभी जरूरी दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें। मानसून (monsoon) के दौरान तटीय इलाकों की सड़कें (Coastal road) फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए वाहन धीरे और सावधानी से चलाएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और समुद्र किनारे बने खतरनाक जगहों पर वाहन रोकने से बचें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी रोड ट्रिप (road trip) को सेफ और यादगार दोनों बना सकती है।

व्रत और मानसून का डबल असर! सावन में फिट रहने के लिए अपनाएं ये 7 आदतें

सावन (Sawan) हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें भगवान शिव की पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। यह महीना मानसून (monsoon) के बीच आता है, जब मौसम सुहावना तो होता है, लेकिन इंफेक्शन, वायरल फीवर और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई लोग इस दौरान व्रत रखते हैं और डाइट में बदलाव करते हैं, इसलिए शरीर की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर कुछ आसान आदतों को अपनाया जाए, तो आप पूरे सावन भर खुद को फिट और एनर्जेटिक रख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे जरूरी हेल्थ टिप्स:

Drink clean and boiled water (साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं)

This may contain: several jars filled with different types of fruit and vegetables

सावन (Saawan)और बारिश के मौसम (monsoon season) में दूषित पानी से टाइफाइड (typhoid), डायरिया (diarrhea) और पेट के इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा फिल्टर या उबला (boiled water) हुआ पानी ही पिएं। घर से बाहर निकलते समय अपनी पानी की बोतल साथ रखें और रोड साइड मिलने वाले खुले हुए खाने से बचें।

Eat fresh, light, and balanced meals (ताजा, हल्का और संतुलित भोजन)

Story pin image

बारिश के मौसम में डाइजेस्टिव सिस्टम (digestive system) थोड़ा कमजोर हो सकता है। ऐसे में बासी, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से बचें। घर का ताजा खाना, मौसमी फल, दाल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ इम्यूनिटी (immunity) भी मजबूत रखने में मदद करता है।

Prevent nutritional deficiencies (व्रत में शरीर में पोषण की कमी न होने दें)

सावन (Saawan) में कई लोग सोमवार का व्रत (fast) रखते हैं। ऐसे में सिर्फ भूखे रहने के बजाय फल, दूध, दही, मखाना, मेवे, नारियल पानी और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (adequate fluid) लें। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है और कमजोरी, चक्कर या डिहाइड्रेशन जैसी प्रॉब्लम से बचाव होता है।

Yoga, Pranayama or light exercise (रोज योग, प्राणायाम या हल्की एक्सरसाइज)

बारिश के कारण बाहर टहलना संभव न हो, तब भी घर पर 20–30 मिनट योग, स्ट्रेचिंग (stretching) या प्राणायाम जरूर करें। इससे शरीर एक्टिव रहता है, ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) बेहतर होता है और इम्यूनिटी (immunity) मजबूत होती है। रेगुलर एक्सरसाइज मेंटल स्ट्रेस कम करने में भी मदद करता है।

Adequate Sleep and Rest (पर्याप्त नींद और शरीर का आराम)

Story pin image

हेल्दी रहने के लिए अच्छी नींद उतनी ही जरूरी है जितना अच्छा खानपान (nutritious diet)। रोज 7–8 घंटे की नींद लेने से शरीर खुद को रिपेयर करता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होती है। अगर आप व्रत रख रहे हैं या एक्टिविटीज में बिजी हैं, तो बीच-बीच में आराम करना भी जरूरी है, ताकि शरीर पर अधिक थकान न पड़े।

cleanliness and personal hygiene (साफ-सफाई और पर्सनल हाइजीन का ध्यान)

This may contain: a woman washing tomatoes in a kitchen sink next to a window with potted plants

बारिश के मौसम में बैक्टीरिया (Bacteria) और वायरस (viruses) तेजी से फैलते हैं। इसलिए खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें और पैरों को साफ व सूखा रखें, ताकि फंगल इंफेक्शन का खतरा कम हो।

Protect mosquitoes and infections (मच्छरों और इंफेक्शन से बचे)

This may contain: a blue vase sitting on top of a tile floor next to a potted plant

मानसून (monsoon) में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

Delhi-NCR Weather Alert: दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश, IMD ने अगले 2 दिनों के जारी किया ये अलर्ट

Delhi NCR Mausam Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में सोमवार को झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने लोगों को उमस भरे मौसम से बड़ी राहत दिलाई है। बारिश के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर और कर्तव्य पथ के आसपास आसमान में काले बादल छाए रहे। इस बारिश से जहां टेंप्रेचर में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली, वहीं कई प्रमुख सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही धीमी होने की वजह से यात्रियों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ा।

दिल्ली-एनसीआर के लिए IMD का अलर्ट

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार शाम अपने जिलेवार पूर्वानुमान में दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश, हल्की गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया। मौसम विभाग के मुताबिक ये मौसमी गतिविधियां दक्षिण पूर्व दिल्ली, पूर्व दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर पूर्व दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली और उत्तर दिल्ली के इलाकों में देखने को मिलीं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार और बुधवार को बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। इसे देखते हुए IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में मौसम का हाल

दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी के मुताबिक सोमवार सुबह दिल्ली का तापमान 26।6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि हवा में नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया था। सुबह के समय उत्तर-पूर्वी दिशा से लगभग 9 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। शहर के बेस वेदर स्टेशन सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही पूरे एनसीआर में बारिश का अनुमान है लेकिन यह बारिश मुख्य रूप से लोकलाइज्ड रह सकती है। यानी कुछ स्थानों पर कम समय के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं जबकि अन्य इलाके काफी हद तक सूखे रह सकते हैं।

इस मानसून अब भी 14% बारिश की कमी

हालिया बारिश के दौर के बावजूद इस मानसून सीजन में दिल्ली में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। 1 जून से 25 जुलाई के बीच दिल्ली में 247.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के लिए मौसमी सामान्य आंकड़ा 365.3 मिमी होना चाहिए था। इस तरह दिल्ली में अब भी 14 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के प्रदर्शन को अब भी सामान्य श्रेणी में ही रख रहा है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार

दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में व्यापक बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई थी। मंगलवार और बुधवार को यह मानसूनी गतिविधियां पूरे राज्य में और अधिक व्यापक हो जाएंगी। मानसूनी गतिविधियों में आई इस तेजी से अगले दो से तीन दिनों में लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूरे राज्य में 30 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना थी, जबकि मंगलवार और बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है।

अगले 48 घंटे यूपी में भारी बारिश! प्रयागराज, बरेली समेत इन जिलों के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट, जानिए मौसम का पूरा हाल

राजधानी दिल्ली, यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में अब मानसून पूरी तरह से छा गया है। देश के कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। वहीं उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने एक बार फिर नई चेतावनी दी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून फिर से सक्रिय होने वाला है। इसके चलते राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं मंगलवार और बुधवार को पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है।

इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के फिर से सक्रिय होने से अगले दो से तीन दिनों में लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। कई इलाकों में लगातार बारिश होने से मौसम सुहावना बना रहेगा। आईएमडी ने 30 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक, सोमवार को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं मंगलवार और बुधवार को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने का भी अनुमान है। सोमवार को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मंगलवार को यूपी के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, लखीमपुर खीरी, शामली, मेरठ, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा और झांसी में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि आंधी, बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। जिन इलाकों में ज्यादा बारिश होगी, वहां जलभराव की स्थिति बन सकती है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो सकती है।

श्रावण मास में शाक खाना क्यों है वर्जित?

Image related to information about not consuming green leafy vegetables during the month of Shravan

Why Shak is prohibited in Sawan: सनातन धर्म में श्रावण (सावन) मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने भक्त व्रत, पूजा, जप, दान और सात्विक जीवनशैली का पालन करते हैं। सावन के दौरान खान-पान को लेकर भी कई विशेष नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है शाक यानी हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन न करना। कई लोग इसे केवल धार्मिक परंपरा मानते हैं, जबकि इसके पीछे धार्मिक, आयुर्वेदिक और व्यावहारिक कारण भी बताए जाते हैं।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

 

श्रावण/ सावन मास में शाक या हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से क्यों बचा जाता है? जानें इसके धार्मिक, आयुर्वेदिक, वैज्ञानिक कारण, चातुर्मास के नियम और सही आहार संबंधी जानकारी।

 

चातुर्मास के नियम

बता दें कि हमारे शास्त्रों में अलग-अलग ग्रंथों और परंपराओं में आहार संबंधी नियमों में कुछ भिन्नताएं मिलती हैं। इसलिए स्थानीय परंपरा और अपने गुरु या परिवार की परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है। श्रावण मास चातुर्मास का हिस्सा होता है। चातुर्मास में ऋषि-मुनि और साधु-संत भी भोजन में संयम रखते थे। इस अवधि में कुछ खाद्य पदार्थों का त्याग करने की परंपरा बनी, जिसमें कई स्थानों पर शाक का भी उल्लेख मिलता है।

 

1. वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य कारण

कीड़े-मकोड़ों और जीवाणुओं यानी बैक्टिरिया (Bacteria) का बढ़ाव:

सावन का महीना बारिश का मौसम यानी मानसून का समय होता है। इस समय हवा में नमी बहुत अधिक होती है, जिसके कारण हरे पत्तों पर छोटे-छोटे सूक्ष्म जीव, कीड़े और उनके अंडे पनपने लगते हैं। कई बार ये इतने बारीक होते हैं कि अच्छे से धोने पर भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाते, जिससे पेट के संक्रमण यानी Infections का खतरा रहता है।

 

पाचन तंत्र का धीमा पड़ना:

मानसून के दौरान वातावरण में बदलाव के कारण हमारा पाचन तंत्र या पाचन अग्नि (Digestive System, Metabolism) मंद हो जाती है। साग में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसे पचाने के लिए शरीर को अधिक ऊर्जा लगानी पड़ती है। इस मौसम में साग खाने से गैस, एसिडिटी, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

 

वात दोष में वृद्धि:

आयुर्वेद के अनुसार, वर्षा ऋतु में शरीर में 'वात दोष' प्राकृतिक रूप से बढ़ता है। हरी पत्तेदार सब्जियां वात को और अधिक बढ़ाती हैं, जिससे जोड़ों में दर्द, वायु विकार और पेट की बीमारियां हो सकती हैं।

 

2. धार्मिक एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

पित्त और वात का संतुलन: आयुर्वेद के नियम 'ऋतुचर्या' के अनुसार, सावन के महीने में शरीर को हल्का और सुपाच्य भोजन चाहिए होता है।

 

सात्विकता और व्रत: सावन मास शिव जी की भक्ति और सात्विक जीवन शैली का महीना है। इस दौरान शरीर को शुद्ध रखने के लिए उन चीजों के त्याग का विधान है जो पाचन पर भार डालती हैं या बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

प्राचीन समय में आज की तरह सब्जियों को कीटाणुरहित करने के उन्नत साधन नहीं थे। इसलिए हमारे ऋषियों ने स्वास्थ्य सुरक्षा के इस नियम को धर्म और परंपरा से जोड़ दिया ताकि आम लोग मानसून में बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय