आस्था स्पिनटेक्स की फाल्कन यार्न्स को ₹51 करोड़ के ऑर्डर, बोनस शेयर और डिविडेंड का भी किया है ऐलान

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी Falcon Yarns Pvt. Ltd. के लिए ₹51.46 करोड़ की ऑर्डर बुक का ऐलान किया है। ये ऑर्डर अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरे किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाली तिमाहियों के रेवेन्यू को मजबूती मिलेगी।

10 से ज्यादा ग्राहकों से मिले ऑर्डर

कंपनी को 10 से अधिक ग्राहकों से 38 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। यह ऑर्डर बुक कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के कुल रेवेन्यू का करीब 20.62% है।

ऑर्डर देने वाले प्रमुख ग्राहकों में Fair Deal, Elkins TradeLinks, ACME Textile जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान A M Trading को नए ग्राहक के रूप में भी जोड़ा है।

बोनस शेयर और विस्तार की तैयारी

बोर्ड ने Aastha Spintexकी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी है। इसके तहत 1:1 बोनस शेयर, डिविडेंड और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में फॉरवर्ड इंटीग्रेशन शामिल है। कंपनी के मुताबिक, वो अब केवल यार्न निर्माता नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी गई। साथ ही अधिकृत शेयर पूंजी ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

पिछले साल कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹352 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.8 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में उसका मुनाफा करीब 2,200% बढ़ा है। यह लगभग ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23.8 करोड़ हो गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, ग्राहकों का भरोसा और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

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Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Silver Price Outlook: इस साल चांदी ने निवेशकों को निराश किया है। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमत करीब 23% गिर चुकी है। सिर्फ जून महीने में ही इसमें 22% की बड़ी गिरावट आई। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारत में इसका भाव करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी ₹65,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

हालांकि, पिछले एक साल में चांदी ने 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। लेकिन अब कीमतें दिसंबर 2025 के स्तर के आसपास लौट आई हैं। सवाल यह है कि आखिर चांदी पर दबाव क्यों बना हुआ है?

तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा है। इससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें चढ़ गईं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो तेल महंगा हो सकता है। इससे महंगाई बढ़ेगी और दुनिया भर के बाजारों पर दबाव आएगा।

फेड की ब्याज दरें क्यों हैं अहम?

तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बनता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। ऐसे समय में निवेशक सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले एसेट छोड़कर डॉलर आधारित निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहता है।

चांदी सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली

चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और पावर ग्रिड जैसे सेक्टरों में होता है। इसलिए औद्योगिक मांग में थोड़ा भी बदलाव कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

गोल्ड सिल्वर रेशियो क्या होता है

जून 2026 में जब सोना 4,000-4,060 डॉलर प्रति औंस के बीच था, तब चांदी 60-61 डॉलर प्रति औंस पर थी। उस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 67 था। इससे पहले मई में यह 55 और जनवरी में 50 तक आ गया था।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो बताता है कि 1 औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी चाहिए। इसे सोने की कीमत को चांदी की कीमत से भाग देकर निकाला जाता है। अगर रेशियो 75 या उससे ज्यादा हो, तो इसका मतलब माना जाता है कि चांदी सोने के मुकाबले सस्ती है। वहीं, अगर यह 50-60 या उससे नीचे हो, तो सोना सस्ता माना जाता है।

क्या अभी चांदी सस्ती है?

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेन्द्र यादव का कहना है कि 70 का रेशियो अपने लंबे समय के औसत के करीब है। यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी चांदी सोने के मुकाबले थोड़ी सस्ती नजर आती है। खासकर तब, जब औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहे। भारत में दिसंबर 2025 से चांदी की कीमत लगातार ₹2 लाख प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है।

आगे किस धातु में ज्यादा दम?

निरपेन्द्र यादव का मानना है कि फिलहाल गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65 से 75 के बीच रह सकता है। यह काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर फेड ब्याज दरें घटाता है, डॉलर कमजोर पड़ता है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार आता है, तो चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इससे Gold-Silver Ratio घटकर 60-65 तक आ सकता है।

वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, मंदी का खतरा गहराता है या निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं, तो सोना चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में यह रेशियो 70 से ऊपर बना रह सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में सिर्फ सोना या सिर्फ चांदी चुनने के बजाय दोनों में संतुलित निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

अगर आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है और आप कम जोखिम लेना चाहते हैं, तो सोना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन अगर आप थोड़ा ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धीरे-धीरे चांदी में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से चांदी में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

Gold Price Today: अगस्त के पहले दिन सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ गया भाव

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Market Outlook: मिडकैप और स्मॉलकैप ने तोड़ा दो हफ्ते की गिरावट का सिलसिला, Nifty के लिए ये है सपोर्ट-रेजिस्टेंस

Market Outlook: दो हफ्ते से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 पिछले कारोबारी हफ्ते 2-2% से अधिक मजबूत हुए। इसे कंपनियों की जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, बेहतर मॉनसून, आईआईपी के उम्मीद से बेहतर आंकड़े और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली से अधिक खरीदारी से सपोर्ट मिला। पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2,034.87 प्वाइंट्स यानी 2.67% मजबूत होकर 78,094.64 तो निफ्टी 616.15 प्वाइंट्स यानी 2.59% चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ है।

पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2% से अधिक चढ़कर अपने 63,183.35 के रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गया। इस पर कोफोर्ज, लौरस लैब्स, स्विगी, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) और अशोक लेलैंड टॉप गेनर्स रहे और पिछले हफ्ते इनमें 10% से अधिक की तेजी आई। वहीं दूसरी तरफ सुजलॉन एनर्जी, फीनिक्स मिल्स, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो), बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस टॉप लूजर्स रहे।

पिछले कारोबारी हफ्ते निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 2.6% बढ़कर अपने 52-हफ्ते के हाई 19,470.50 के करीब पहुंच गया। रेडिंगटन, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, एफ्ल 3i, आईआईएफएल फाइनेंस, केफिन टेक्नोलॉजीज और आईएफसीआई के शेयरों में 24% तक की तेजी आई, जबकि नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, डेटा पैटर्न्स (इंडिया), ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी और सिटी यूनियन बैंक टॉप लूजर्स रहे।

सेक्टरवाइज पिछले कारोबारी हफ्ते सबसे मजबूत निफ्टी आईटी हुई जिसमें 6.75% की तेजी आई। वहीं इस दौरान निफ्टी मीडिया 5.97%, निफ्टी ऑटो 5.61%, निफ्टी फार्मा 3.86%, निफ्टी हेल्थकेयर 3.20% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.89% मजबूत हुआ। वहीं निफ्टी डिफेंस और निफ्टी एनर्जी रेड जोन में बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी हफ्ते ₹5,949.96 करोड़ के नेट शेयर खरीदकर लगातार दो हफ्तों से जारी बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी ₹5,387.66 करोड़ का निवेश किया। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया।

किस तरफ बढ़ रहा मार्केट

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक शेयर मार्केट में तेजी का रुख बने रहने की उम्मीद है क्योंकि घरेलू मैक्रो-इकनॉमिक हालत बेहतर है और जून तिमाही के मजबूत नतीजों से निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। अगले कारोबारी हफ्ते मार्केट की नजर आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान, देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई डेटा के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिमी एशिया में जियो-पॉलिटिकल टेंशन पर रहेगी। सिद्धार्थ के मुताबिक जून तिमाही का अर्निंग्स सीजन अलग-अलग शेयरों में हलचल बनाए रखेगा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्र का कहना है कि तकनीकी रूप से निफ्टी ने 24,370 के आस-पास 200-दिनों के EMA की अहम रुकावट को पार करके अपने बुलिश स्ट्रक्चर को और मजबूत किया है। अजीत के मुताबिक अब यह 24,600 के लेवल की तरफ बढ़ने की अच्छी स्थिति में दिख रहा है, जो पिछले स्विंग हाई के बराबर है। अजीत के मुताबिक अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर मजबूत स्थिति में ब्रेकआउट करता है, तो 24,800-25,000 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। वहीं नीचे की तरफ 24,270 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,150-24,050 का लेवल मुख्य सपोर्ट जोन है। अजीत का कहना है कि इस सपोर्ट के ऊपर हर गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा सकता है। उनका ऑटो और फार्मा सेक्टर पर भरोसा बना हुआ है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी फिलहाल 24350-24400 के लेवल के आसपास अहम रेजिस्टेंस जोन पर है जोकि 8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप, 17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-दिनों का EMA है। ऐसे में बड़ा ब्रेकआउट दिखाने से पहले रेजिस्टेंस के आसपास निफ्टी में कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। नागराज का कहना है कि निफ्टी अगर 24400 के ऊपर टिकता है, तो जल्द ही यह 24600-24700 के लेवल तक जा सकता है। इसे 24200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है।

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Royal Enfield की जुलाई 2026 में 34% बढ़ी बिक्री, बेची 1.18 लाख बाइक

अगर आप Royal Enfield के फैन हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने जुलाई 2026 में शानदार बिक्री दर्ज की है। इस दौरान Royal Enfield की कुल मोटरसाइकिल बिक्री 34% बढ़कर 1,18,232 यूनिट पर पहुंच गई। इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ा योगदान घरेलू बाजार का रहा, जबकि विदेशों में भी कंपनी की बिक्री में हल्की बढ़त देखने को मिली।

बता दें कि जुलाई 2026 में भारत में Royal Enfield की 1,05,317 मोटरसाइकिलें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 76,254 यूनिट था। वहीं, कंपनी का एक्सपोर्ट भी बढ़कर 12,915 यूनिट हो गया, जो जुलाई 2025 में 11,791 यूनिट था। इन आंकड़ों से साफ है कि भारतीय बाजार में Royal Enfield की बाइक्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। साथ ही, विदेशी बाजारों में भी कंपनी अपनी पकड़ धीरे-धीरे मजबूत कर रही है।

अगर चालू वित्त वर्ष में अब तक की बात करें, तो Royal Enfield ने कुल 4,48,659 मोटरसाइकिलें बेची हैं। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बिके 3,53,573 यूनिट के मुकाबले 27% ज्यादा है। वहीं, अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री बढ़कर 4,06,491 यूनिट हो गई। हालांकि, इस दौरान एक्सपोर्ट 42,168 यूनिट रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 48,540 यूनिट के मुकाबले कम है।

कंपनी ने क्या कहा?

सेल्स अपडेट के साथ-साथ, Royal Enfield ने बताया कि उसका Flying Flea इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड बेंगलुरु में अपना दायरा बढ़ा रहा है। जयनगर में अपना पहला स्टोर खोलने के बाद, ब्रांड ने 10 नए सेल्स और सर्विस टचपॉइंट्स जोड़े हैं। यह विस्तार ‘Flying Flea C6’ में बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है और संकेत देता है कि Flying Flea अपने इलेक्ट्रिक बिजनेस को शहर के बड़े कस्टमर बेस के लिए तैयार कर रही है।

इसके अलावा, कंपनी ने 2026 Classic 350 में भी कुछ अपडेट्स किए हैं, जिनमें असिस्ट और स्लिपर क्लच और USB टाइप-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। ये ऐसे बदलाव हैं जो कागज पर भले ही छोटे लगें, लेकिन रोजाना के इस्तेमाल में अक्सर मायने रखते हैं, खासकर उन राइडर्स के लिए जो ट्रैफिक में या रोजाना आने-जाने में लंबा समय बिताते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग के मोर्चे पर, कंपनी ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश में अपने 1,225 करोड़ रुपये के ग्रीनफील्ड प्लांट के पहले चरण पर काम आगे बढ़ा रही है। पूरी तरह चालू होने पर, इस फैसिलिटी से सालाना 450,000 मोटरसाइकिल तक की कैपेसिटी जुड़ने की उम्मीद है, और इसे FY2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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Ather का पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर इस दिन होगा लॉन्च, जानें कीमत

Ather Energy: अगर आप किफायती कीमत में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy 29 अगस्त को ‘Ather Community Day 2026’ पर अपना पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने जा रही है। खास बात यह है कि यह नया मॉडल कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। इस नए मॉडल के आने से Ather की इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज और मजबूत होगी। अभी कंपनी के पोर्टफोलियो में 450 और Rizta सीरीज के इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं।

आने वाला यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर ₹1 लाख से ₹1.25 लाख की कीमत वाले सेगमेंट को टारगेट करेगा, जिससे कंपनी मास-मार्केट स्कूटर के क्षेत्र में अपना विस्तार करेगी।

बता दें कि EL प्लेटफॉर्म, 450 प्लेटफॉर्म के बाद एथर एनर्जी का पहला पूरी तरह से नया व्हीकल आर्किटेक्चर है। ज्यादा वर्सटैलिटी, स्केलेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए बनाया गया यह प्लेटफॉर्म, अलग-अलग सेगमेंट में कंपनी के भविष्य के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को सपोर्ट करेगा। एथर एनर्जी के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म इसके मार्केट को बढ़ाने और ग्रोथ के अगले चरण की शुरुआत करने में मदद करेगा।

एथर एनर्जी के CEO ने सोशल मीडिया पर  क्या कहा?

X पर लॉन्च की घोषणा करते हुए, एथर एनर्जी के CEO और को-फाउंडर तरुण मेहता ने कहा कि नया एथर इलेक्ट्रिक स्कूटर टेक्नोलॉजी और व्हीकल आर्किटेक्चर में सालों के निवेश का नतीजा है।

मेहता ने कहा, “इस 29 अगस्त को, Ather Community Day पर, हम अपने बिल्कुल नए स्कूटर प्लेटफॉर्म पर बना मास-मार्केट स्कूटर लॉन्च करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सालों से उन चीजों को बनाने में धैर्यपूर्वक निवेश कर रहे हैं जो एक अच्छा स्कूटर बनाती हैं। हमने कई आर्किटेक्चर और टेक्नोलॉजी में नई शुरुआत की है। कभी-कभी समय से आगे, तो कभी-कभी शुरुआती इस्तेमाल करने वालों के लिए खास चीज के तौर पर।”

मेहता ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर इंडस्ट्री अब शुरुआती ग्राहकों से आगे बढ़कर आम खरीदारों तक पहुंचने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “एक दशक बीतने के बाद, EV टू-व्हीलर अब उस शुरुआती दौर से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। टेक्नोलॉजी सबके लिए तैयार है और फीचर्स सभी के लिए काम के होते जा रहे हैं। ये सिर्फ शुरुआती ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि असल में आम ग्राहकों के लिए हैं।”

मेहता के मुताबिक, इलेक्ट्रिक स्कूटर को अपनाने का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि गाड़ी की ओनरशिप (मालिकाना हक) के पूरे अनुभव को कैसे बेहतर बनाया जाए।

उन्होंने कहा, अब EV को ग्राहकों की हर जरूरत को पूरा करना होगा। इसमें रीसेल वैल्यू (बिक्री के बाद मिलने वाली कीमत) से लेकर सर्विस में लगने वाला समय, खराब सड़कों पर आरामदायक सफर, गड्ढों से बचने की सुविधा, आसान चार्जिंग से लेकर फास्ट चार्जिंग तक की सभी चीजें शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “ग्राहकों को ऐसी सुरक्षा चाहिए जिसे वे देख और महसूस कर सकें, जिसे उनके माता-पिता भी समझ सकें और भरोसा कर सकें। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर पर सालों की मेहनत से तैयार की गई अंदरूनी सुरक्षा भी जरूरी है।”

मास-मार्केट स्कूटर लॉन्च करने के अलावा, Ather Community Day 2026 में टेक्नोलॉजी, चार्जिंग और ओनरशिप इकोसिस्टम से जुड़े नए इनोवेशन भी दिखाए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, EL प्लेटफॉर्म को सबसे पहले Ather Community Day 2025 के दौरान दिखाया गया था। इस इवेंट में कंपनी ने ‘रिडक्स’ (Redux) कॉन्सेप्ट व्हीकल, अपनी अगली पीढ़ी की फास्ट-चार्जिंग टेक्नोलॉजी और AtherStack 7.0 को भी पेश किया था।

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यूपी को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा UP इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026

UP International Trade Show 2026

UP International Trade Show 2026: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का चौथा संस्करण आगामी 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात सामर्थ्य को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने पिछले तीन संस्करणों में प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनाया है। अब यह आयोजन केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश यानी 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' का प्रदेश है और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इस सामर्थ्य को अनुभव करने का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश और विदेश में इस आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें सहभागी बनें। 

ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' रखी गई है। आयोजन में 2400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक पंजीकृत बी2बी खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों तथा 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 4000 से अधिक एमओयू, ₹3200 करोड़ से अधिक प्रस्तावित एमओयू मूल्य और ₹13,500 करोड़ से अधिक बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अन्य देशों के साथ भी सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

 

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस बार ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा, फर्नीचर तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता एक ही मंच पर प्रदर्शित होगी। 

नॉलेज सेशन को उपयोगी बनाया जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नॉलेज सेशन को उद्योग जगत, निवेशकों और उद्यमियों के लिए उपयोगी बनाया जाए। इन सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नई श्रम संहिताएं, खाद्य प्रसंस्करण नीति, सड़क सुरक्षा, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते, एमएसएमई तथा अन्य समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी इस आयोजन की पहचान बने। इसके लिए सभी दिनों में शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन, ग़ज़ल तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आकर्षक आयोजन किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव कर सकें। 

विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय

बैठक में यह भी बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ व्यापक समन्वय किया गया है। विभिन्न देशों के खरीदारों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा बायर-सेलर बैठकों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को नए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो के दौरान उद्यमी मित्रों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों, खरीदारों और उद्यमियों को बेहतर सुविधा एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। 

 

बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर ने कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, वीआईपी आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। वहीं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आयोजन स्थल पर विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की प्रगति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों की सुविधा के लिए ईवी बसों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश अनुकूल वातावरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रभावी परिचायक बनकर उभरे।

औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रदेश को कौशल विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 27 मई को अभिरुचि आमंत्रण (ईओआई) जारी किया गया था, जिसमें बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने रुचि दिखाई है।

अधिकारियों की टीम टाटा आईआईएस केंद्रों का अध्ययन कर चुकी है, जबकि टीसीएस ने योजना के तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की है। अब तक 19 जनपदों में लगभग 1320 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है तथा प्रथम चरण में एमएसएमई, यूपीसीडा, जीएनआईडीए, यीडा, यूपीईडा, बीडा और गीडा के माध्यम से 17 केंद्र विकसित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत नौ क्षेत्रीय हब एंड स्पोक मॉडल विकसित करते हुए प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 80 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

Divi’s Lab Share Price: ये क्या! Q1 नतीजों से पहले मैक्वेरी ने बढ़ाया स्टॉक का 36% टारगेट, दिया ₹10,000 के ऊपर का लक्ष्य

Divi’s Laboratories Share Price: दवा बनाने वाली कंपनी Divi’s Laboratories के शेयर में आज 31 जुलाई को तेजी देखने को मिली। कंपनी के जून तिमाही के नतीजे शनिवार 1 अगस्त को जारी होगें बावजूद उसके शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के स्टॉक के टारगेट प्राइस को बढ़ाना माना जा रहा है।

ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने स्टॉक पर ‘आउटपरफॉर्म’रेटिंग की राय को बरकरार रखते हुए इसके लिए टारगेट प्राइस को 36% बढ़ाकर 7500 रुपये से बढ़ाकर 10,200 रुपये कर दिया है। मैक्वेरी द्वारा दिया गया यह नया टारगेट प्राइस Divi’s Laboratories के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹7,835 से लगभग 30.2% की बढ़त दिखाता है।बता दें कि बाजार में Divi’s Laboratories के लिए यह पहला और एकमात्र टारगेट है जो ₹10,000 प्रति शेयर से अधिक है।

टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी के लिए क्या है ब्रोकरेज का तर्क

मैक्वेरी का मानना ​​है कि बढ़ती मांग के कारण पेप्टाइड CDMO मार्केट में मध्यम अवधि में अच्छी ग्रोथ की संभावना है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि GLP-1 और अन्य पेप्टाइड थेरेपी के बढ़ते इस्तेमाल, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) की अधिक जरूरत और फेज 3 पेप्टाइड एसेट्स की बढ़ती पाइपलाइन के कारण यह मार्केट 2025 में लगभग $4 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $20 बिलियन-$25 बिलियन का हो जाएगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि Divi’s की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता उसे इस मौके का फायदा उठाने और पेप्टाइड CDMO मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बनने के अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी।

मैक्वेरी ने अपनी कमाई के अनुमानों को भी बढ़ाया और उन्हें जून 2028 के EBITDA अनुमानों तक आगे बढ़ाया, जिससे टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी हुई।

ब्रोकरेज के अनुसार, Divi’s ने बिल्डिंग ब्लॉक्स, रिएजेंट्स और रेजिन को शामिल करते हुए एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाया है, जो इसे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लागत और गुणवत्ता के मामले में फायदा देता है। कंपनी के पास अभी 20,000-लीटर की सॉलिड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस क्षमता है और वह इंडस्ट्री में सबसे आगे रहने वाले 18,600-लीटर के लिक्विड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस (LPPS) रिएक्टर के साथ इसे और बढ़ाने की योजना बना रही है।

मैक्वेरी का अनुमान है कि मौजूदा सॉलिड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस क्षमता ही $550 मिलियन से अधिक के रेवेन्यू पोटेंशियल को सपोर्ट कर सकती है, साथ ही लिक्विड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस से अतिरिक्त बढ़त भी मिल सकती है।

ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट्स की सलाह के अनुसार, Divi’s Laboratories पर नजर रखने वाले 33 में से 16 एनालिस्ट्स ने इस स्टॉक के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है, जबकि 7 ने ‘Hold’ और 10 ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

शुक्रवार को Divi’s Laboratories के शेयर 2.7% बढ़कर ₹8,046.5 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 27% की बढ़त हुई है। कंपनी शनिवार, 1 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी।

Netweb Technologies India Share Price: 2 दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक, 10% चढ़ा शेयर, ब्रोकरेज हुआ बुलिश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Tata Steel, Vedanta, Swiggy, Bajaj Finance, Astra Microwave समेत इन शेयरों पर नजर, बड़ी हलचल की उम्मीद

शुक्रवार, 31 जुलाई को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा स्टील, वेदांता, स्विगी, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स, अबर्न कंपनी, नवीन फ्लोरीन, आरती इंडस्ट्रीज, मझगांव डॉक, रेलटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे नाम प्रमुख हैं। कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा।

इसके अलावा 65 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 31 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही 2 लिस्टिंग भी होने वाली हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, अर्बन कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, GAIL (इंडिया), ITC, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, ABB इंडिया, आधार हाउसिंग फाइनेंस, श्री सीमेंट, आदित्य बिड़ला कैपिटल, डिक्सन टेक्नोलोजिज (इंडिया), नारायण हृदयालय, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजिज

1 अगस्त को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

डिविस लैबोरेटरीज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, मुथूट फाइनेंस, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, लेटेंट व्यू एनालिटिक्स, आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स, क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ईपैक प्रीफैब टेक्नोलोजिज और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक

आज इन प्रमुख शेयरों पर रहेगी खास नजर

Tata Steel: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.6% बढ़कर 2,318.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये हो गया।

Vedanta: जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: Q1 में शुद्ध लाभ एक साल पहले से 34 प्रतिशत बढ़कर 5,455 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 58,188 करोड़ रुपये हो गया।

Swiggy: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 791 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये का था। रेवेन्यू 37.3% बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये हो गया।

Bajaj Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5985.75 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 23165.45 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत का इजाफा देखा गया और यह 11,495 करोड़ रुपये हो गई।

Torrent Pharmaceuticals: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 54.8% बढ़कर 4,921 करोड़ रुपये रहा।

RailTel Corporation of India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 0.5% घटकर 65.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.1% बढ़कर 893.3 करोड़ रुपये हो गया।

Mazagon Dock Shipbuilders: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21.5% बढ़कर 549.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 12.1% की बढ़ोतरी के साथ 2,942.7 करोड़ रुपये हो गया।

LIC Housing Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.9% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय 0.6% की बढ़ोतरी के साथ 2,087.2 करोड़ रुपये रही।

Data Patterns India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 13.5% घटकर 22.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.8% बढ़कर 116 करोड़ रुपये हो गया।

AWL Agri Business: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 48.2% बढ़कर 350.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 20,048.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पंकज गोयल को 31 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है।

Thermax: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.4% घटकर 25.2 करोड़ रुपये पर आ गया। रेवेन्यू 6.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,302.7 करोड़ रुपये हो गया।

Aarti Industries: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 260.5% बढ़कर 155 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 42.4% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये हो गया।

Indegene: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% घटकर 116.2 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 39.7% बढ़कर 1,063.1 करोड़ रुपये हो गया।

Astra Microwave Products: कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से 2,205.23 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर ‘उत्तम रडार प्रोग्राम’ के लिए 122 एडवांस्ड एयरबोर्न एक्टिव ऐरे यूनिट्स (AAAUs) और 121 इंटरफेस फ्रेम के लिए है।

Navin Fluorine International: कंपनी ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) के साथ सोडियम बोरोहाइड्राइड के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक समझौता किया है। इसका मकसद एक अहम डिफेंस मैटीरियल के लिए स्वदेशी प्रोसेस डेवलपमेंट को तेज करना है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

बल्क और ब्लॉक डील्स

IIFL Finance: FIH मॉरीशस इनवेस्टमेंट्स ने IIFL फाइनेंस में 63.39 लाख शेयर 374.02 करोड़ रुपये में बेचे। अमेरिकन फंड इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल स्मॉल कैपिटलाइजेशन फंड ने 9.8 करोड़ रुपये में 1.66 लाख शेयर खरीदे। स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 364.2 करोड़ रुपये में 61.73 लाख शेयर खरीदे।

Sapphire Foods India: फिडेलिटी फंड्स इंडिया फोकस फंड ने अतिरिक्त 20.22 लाख शेयर 39.58 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। सिंगापुर सरकार ने 18.95 लाख शेयर 37.1 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Xtranet Technologies: मित्तल ग्रोथ पार्टनर्स LLP ने 9.4 लाख शेयर 12.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Bai-Kakaji Polymers: अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6.08 लाख शेयर 12.18 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड-I ने 2.16 करोड़ रुपये में 1.08 लाख शेयर बेचे हैं। संजय पोपटलाल जैन ने 6.84 करोड़ रुपये में 3.42 लाख शेयर बेचे हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट

सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

कोल इंडिया

आयशर मोटर्स

REC

भारती हेक्साकॉम

एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज

कल्याणी स्टील्स

मफतलाल इंडस्ट्रीज

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक

अनंत राज

कोरोमंडल एग्रो प्रोडक्ट्स एंड ऑयल्स

सिटी यूनियन बैंक

ASK ऑटोमोटिव

बेजल प्रोजेक्ट्स

बाटा इंडिया

ADC इंडिया कम्युनिकेशंस

ऑलडिजी टेक

बाटलीबोई

सेलो वर्ल्ड

सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स

बंगाल टी एंड फैब्रिक्स

अमल

बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी

कैंपस एक्टिववियर

कार्बोरंडम यूनिवर्सल

सिएट

DCM श्रीराम

EIH

ममता मशीनरी

नेक्सोम कैपिटल मार्केट्स

इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस

एक्सप्लेओ सॉल्यूशंस

केल्टेक एनर्जीज

किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स

KPT इंडस्ट्रीज

फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज

कैरा कैन कंपनी

केसी इंडस्ट्रीज

गैलेक्सी सर्फेक्टेंट्स

गंधार ऑयल रिफाइनरी (इंडिया)

एंड्योरेंस टेक्नोलोजिज

GE पावर इंडिया

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन

फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस

ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज

इगाराशी मोटर्स इंडिया

रेडटेप

वरुण बेवरेजेज

V-गार्ड इंडस्ट्रीज

RK स्वामी

PNB हाउसिंग फाइनेंस

इंडिजीन

प्लेटिनमवन बिजनेस सर्विसेज

इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज

प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स

प्रदीप मेटल्स

प्रिसिजन वायर्स इंडिया

सिंगर इंडिया

सिरका पेंट्स इंडिया

रामा फॉस्फेट्स

सैकसॉफ्ट

शिलचर टेक्नोलोजिज

टिम्केन इंडिया

स्मृति ऑर्गेनिक्स

स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस

WPIL

स्टॉक स्प्लिट के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नर्मदा एग्रोबेस

Asian Market Today: चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक,कोस्पी 13% ऊपर, निक्केई 5% चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।