Swiggy ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया, शेयर बने रॉकेट

स्विगी ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया है। वह अमितेश झा की जगह लेंगी। वह 3 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभालेंगी। सिन्हा मिंत्रा की सीईओ रह चुकी हैं। 29 जुलाई को स्विगी के शेयरों में जबर्दस्त उछाल दिखा। 13:10 बजे शेयर 7.40 फीसदी उछाल के साथ 288.40 रुपये पर चल रहा था।

क्विक कॉमर्स बिजनेस में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

Swiggy ने सोच-समझकर नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ बनाया है। देश में क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतियोगिता तेजी से बढ़ रही है। इस फील्ड में पहले से Blinkit, Zepto, Flipkart और Amazon जैसी कंपनियां मौजूद हैं। मनीकंट्रोल ने मार्च में खबर दी थी कि सिन्हा मिंत्रा के सीईओ पद को छोड़ रही हैं। इसके कुछ दिन पहले फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने उन्हें वॉलमार्ट की कंपनी में बनाए रखने की संभावनाओं पर विचार किया था।

सिन्हा के नेतृत्व में मिंत्रा घाटे से फायदे में आई

सिन्हा फ्लिपकार्ट में 12 साल रहीं। इसमें से 4 साल से ज्यादा समय उन्होंने Myntra का नेतृत्व किया। उन्हें मिंत्रा के फैशन बिजनेस को चार चांद लगाने का श्रेय जाता है। उनके नेतृत्व में मिंत्रा चार साल तक लॉस उठाने के बाद फायदे में आ गई। FY24 में कंपनी ने 31 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया। एक साल पहले कंपनी ने 782 करोड़ रुपये का लॉस उठाया था।

स्विगी के कई एंप्लॉयीज फ्लिपकार्ट में रह चुके हैं

FY25 में कंपनी का प्रॉफिट बढ़कर 18 गुना यानी 548 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ऑपरेटिंग रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़ा। अब स्विगी सिन्हा से इंस्टामार्ट में इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। मनीकंट्रोल की लिंक्डइन की एनालिसिस के मुताबिक, स्विगी के 7,500 एंप्लॉयीज हैं। इनमें से अभी 350 से ज्यादा ऐसे एंप्लॉयीज हैं, जो अपने करियर में किसी समय फ्लिपकार्ट में काम कर चुके हैं।

सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ानी होगी

सिन्हा पर सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी है। नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) के लिहाज से Instamart दूसरे नंबर पर रही है। कभी यह तो कभी जेप्टो दूसरे नंबर पर रही हैं। ऑर्डर वॉल्यूम के लिहाज से इस्टामार्ट ब्लिंकिट और जेप्टो से काफी पिछड़ चुकी है। ब्लिंकिट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट मिनट्स, एमेजॉन नाउ और फर्स्टक्लब ने प्रतियोगिता बढ़ने की वजह से प्रॉफिट टारगेट को पीछे कर दिया है।

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स्विगी का इंस्टामार्ट के लिए लंबी अवधि का विजन

नूडल्स ब्रांड नेचुरली योर्स के फाउंडर विनोद चेनधिल ने सिन्हा की नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि नई टीम प्रीमियम ऑफरिंग्स को लाएगी, जिसके लिए वह जानी जाती है।” स्विगी पहले कह चुकी है कि कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धा सिर्फ समस्या का समाधान नहीं है। उसने कहा है कि समाधान ऐसा बिजनेस बनाने में है, जो सिर्फ कीमतों के लिहाज से आगे न हो। क्विक बिजनेस की उपयोगिता बढ़ रही है।

Renting vs Buying: घर खरीदें या किराये पर रहें? जानिए EMI, रेंट रेश्यो और रिटर्न का पूरा गणित

Buying vs Renting Real Estate Guide: बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु या पुणे में घर खरीदना लोगों का सपना होता है। कई लोग इसे ‘इमोशनल ओनरशिप’ से जोड़कर देखते हैं, तो कुछ लोग इसे केवल ‘फाइनेंशियल रिटर्न’ के नजरिए से देखते हैं।

लेकिन क्या मेट्रो शहरों में आज की तारीख में घर खरीदना फायदे का सौदा है, या फिर किराये पर रहकर पैसों को शेयर बाजार या अन्य ऑप्शन में निवेश करना ज्यादा समझदारी है? आइए इसे EMI-to-Rent Ratio, रेंटल यील्ड और रियल-लाइफ कैलकुलेशन से समझते हैं।

किराए पर रहना vs घर खरीदना: गणित क्या कहता है?

इसे समझने के लिए ₹1 करोड़ की कीमत वाले 2BHK फ्लैट का उदाहरण लेते हैं:

सिनेरियो A: अगर आप घर खरीदते हैं

प्रॉपर्टी की कीमत: ₹1 करोड़

डाउन पेमेंट (20%): ₹20 लाख (अपनी बचत से)

होम लोन (80%): ₹80 लाख (8.5% ब्याज दर पर 20 साल के लिए)

मासिक EMI: लगभग ₹69,400 प्रति महीना

अन्य खर्च: मेंटेनेंस, प्रॉपर्टी टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन कॉस्ट (₹6-8 लाख एक्स्ट्रा)।

20 साल में कुल भुगतान: ₹80 लाख के लोन पर आप 20 साल में लगभग ₹86.5 लाख केवल ब्याज देंगे। यानी कुल भुगतान ₹1.66 करोड़ होगा (प्रिंसिपल + इंटरेस्ट)।

सिनेरियो B: अगर आप किराये पर रहते हैं और बाकी पैसा इन्वेस्ट करते हैं

मासिक किराया: भारत के मेट्रो शहरों में औसतन रेंटल यील्ड 2.5% से 3% होती है। यानी ₹1 करोड़ के मकान का मासिक किराया लगभग ₹22,000 से ₹25,000 होगा।

बचत (EMI vs Rent Diff): EMI (₹69,400) और Rent (₹25,000) के बीच का अंतर = ₹44,400 प्रति महीना।

डाउन पेमेंट की बचत: डाउन पेमेंट के ₹20 लाख भी आपके पास निवेश के लिए बचते हैं।

कंपाउंडिंग का जादू: अगर आप ₹20 लाख जो डाउन पेमेंट की बचत से हुआ है उसे म्यूचुअल फंड में 12% सालाना रिटर्न पर 20 साल के लिए इन्वेस्ट करते हैं, तो यह रकम बढ़कर लगभग ₹1.93 करोड़ हो जाती है।

साथ ही अगर आप हर महीने बची हुई ₹44,400 की SIP (12% रिटर्न के साथ) 20 साल तक करते हैं, तो इससे लगभग ₹4.43 करोड़ का फंड तैयार होता है। 20 साल बाद आपकी कुल वेल्थ ₹6.36 करोड़ होगी जो टैक्स और सालाना रेंट हाइक एडजस्ट करने के बाद भी एक बड़ा कॉर्पस आपके पास होगा।

EMI-to-Rent Ratio: क्या कहता है यह फॉर्मूला?

EMI-to-Rent Ratio यह तय करने का एक आसान तरीका है कि आपको घर खरीदना चाहिए या किराये पर रहना चाहिए:

EMI-to-Rent Ratio= मंथली Rent/ मंथली EMI

अनुपात 1 से 1.5 के बीच: अगर आपकी EMI और रेंट लगभग बराबर हैं, तो घर खरीदना ज्यादा बेहतर विकल्प है।

अनुपात 2.5 से अधिक: बड़े शहरों में अक्सर EMI (₹70,000) किराए (₹25,000) से 2.8 गुना अधिक होती है। जब अनुपात इतना ज्यादा हो, तो वित्तीय दृष्टि से किराये पर रहना और सरप्लस पैसे को इन्वेस्ट करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

Renting vs Buying: घर खरीदें या किराये पर रहें?

Renting vs Buying: घर खरीदें या किराये पर रहें? जानिए EMI, रेंट रेश्यो और रिटर्न का पूरा गणित

इमोशनल ओनरशिप बनाम फाइनेंशियल प्रैक्टिकैलिटी

भारत में घर सिर्फ एक एसेट नहीं है, बल्कि एक सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ये रहे खुद के घर के फायदे:

  • सुरक्षा का अहसास: आपको कोई मकान मालिक खाली करने को नहीं कह सकता।
  • अपने हिसाब से बदलाव: आप इंटीरियर, रेनोवेशन या बदलाव अपनी पसंद से कर सकते हैं।
  • रिटायरमेंट एसेट: बुढ़ापे में रहने के लिए सिर पर पक्की छत रहती है।

किराये के घर के फायदे

  • जॉब फ्लेक्सिबिलिटी: अगर आपकी नौकरी बेंगलुरु से गुड़गांव शिफ्ट होती है, तो आप बिना किसी परेशानी के मूव कर सकते हैं।
  • बेहतर लोकेशन: जितने किराए में आप किसी प्रीमियम लोकेशन पर रह सकते हैं, उतना महंगा घर खरीदना आपकी क्षमता से बाहर हो सकता है।

आपके लिए क्या सही है?

आपको घर तब खरीदना चाहिए जब आपके पास इनकम का परमानेंट सोर्स हो, आप अगले 10-15 साल उसी शहर में बसना चाहते हैं, आपके पास डाउन पेमेंट का पर्याप्त फंड है, और आपके लिए मानसिक शांति वित्तीय रिटर्न से ज्यादा मायने रखती है।

वहीं आपको किराये पर तब रहना चाहिए जब आपकी उम्र 20-35 साल के बीच है, करियर में ग्रोथ और सिटी चेंज की संभावना है, और आप बचे हुए पैसों (EMI और रेंट के अंतर) को अनुशासित तरीके से शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Google में भर्ती करने वाली एक्सपर्ट ने बताया ऐसा सवाल, जो आपको बाकी उम्मीदवारों से बना देगा अलग

कई लोग नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी करते समय अपने रिज्यूमे, अनुभव और संभावित सवालों पर पूरा ध्यान देते हैं। वहीं, इंटरव्यू के अंत में जब उम्मीदवार से पूछा जाता है कि “क्या आपके मन में कोई सवाल है?”, तो अधिकतर लोग इसे सिर्फ एक औपचारिकता मानते हैं। ऐसे में वे सैलरी, छुट्टियों, प्रमोशन या ऑफिस की सुविधाओं से जुड़े सामान्य सवाल पूछकर इंटरव्यू खत्म कर देते हैं। हालांकि, करियर विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरव्यू का यह आखिरी हिस्सा आपकी सोच, काम के प्रति नजरिया और प्रोफेशनल एटीट्यूड दिखाने का बेहतरीन मौका होता है।

सही सवाल न केवल इंटरव्यूअर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, बल्कि ये भी दिखाता है कि आप केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी की जरूरतों और अपनी भूमिका को समझने में भी रुचि रखते हैं। कई बार एक अच्छा सवाल आपकी छवि को अन्य उम्मीदवारों से अलग बना सकता है और चयन की संभावनाएं भी बढ़ा सकता है।

10 साल का भर्ती का अनुभव

फराह शारगी ने पिछले एक दशक में Google, Uber और The New York Times जैसी बड़ी कंपनियों में भर्ती की है। उनका कहना है कि इंटरव्यू के अंतिम मिनटों में उम्मीदवारों के सवाल ये बताते हैं कि वो सिर्फ नौकरी चाहते हैं या वास्तव में कंपनी की जरूरत को भी समझना चाहते हैं। उनके मुताबिक, इंटरव्यू के अंत तक रिक्रूटर उम्मीदवार की तकनीकी क्षमता का काफी हद तक आकलन कर चुका होता है। इसके बाद वह उम्मीदवार की सोच और काम करने के नजरिए को समझना चाहता है।

वह एक सवाल जो बना सकता है आपको सबसे अलग

फराह शारगी के अनुसार, सबसे प्रभावशाली सवाल यह है:

“इस समय सबसे बड़ी समस्या क्या है, जिसे हल करने के लिए आप इस पद पर किसी को नियुक्त करना चाहते हैं?” उनका कहना है कि कंपनियां सिर्फ पद भरने के लिए भर्ती नहीं करतीं। हर नई भर्ती के पीछे कोई न कोई समस्या होती है, जिसे कंपनी हल करना चाहती है। जो उम्मीदवार इस नजरिए से सवाल पूछता है, वह दिखाता है कि वो पहले से ही खुद को उस भूमिका में सोच रहा है।

क्यों पसंद आता है यह सवाल?

शारगी के मुताबिक, जब उम्मीदवार इस तरह का सवाल ईमानदारी से पूछता है, तो वह भीड़ से अलग नजर आता है। इससे रिक्रूटर को लगता है कि यह व्यक्ति सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी की समस्या सुलझाने के लिए भी तैयार है।

ये 3 सवाल भी छोड़ते हैं अच्छा प्रभाव

फराह शारगी ने इंटरव्यू के दौरान पूछे जाने वाले तीन और उपयोगी सवाल बताए हैं:

एक साल बाद आपको कैसे लगेगा कि इस पद के लिए सही व्यक्ति चुना गया?

आपकी टीम में ऐसा कौन-सा कर्मचारी है, जिसकी तरह आप एक और व्यक्ति चाहते हैं?

इस नौकरी का कौन-सा हिस्सा है, जिसे लोग अक्सर कम आंकते हैं?

इन सवालों से क्या फायदा होगा?

इन सवालों के जरिए उम्मीदवार यह समझ सकता है कि:

कंपनी सफलता को कैसे मापती है।

टीम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले लोगों की क्या खासियत होती है।

इस भूमिका में सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं।

इंटरव्यू को सिर्फ परीक्षा नहीं, सीखने का मौका समझें

फराह शारगी का कहना है कि इंटरव्यू केवल खुद को साबित करने का मंच नहीं है। इसे कंपनी की जरूरतों और उस समस्या को समझने का अवसर भी मानना चाहिए, जिसे हल करने के लिए आपको नियुक्त किया जा सकता है। यही सोच उम्मीदवार को दूसरों से अलग और अधिक प्रभावशाली बनाती है।

Guru Purnima 2026 Shubh Sanyog: आज गुरु पूर्णिमा पर 5 राशियों की नैया पार लगाएंगे बृहस्पति, शश, बुधादित्य और हंस राजयोग के प्रभाव से मिलेगा लाभ

Guru Purnima 2026 Shubh Sanyog: आज आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म भी हुआ था। इसलिए आज के दिन व्यास जयंति के साथ ही अपने गुरु के प्रति आभार जताने का यानि आज गुरु पूर्णिमा भी है। आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ ही ज्योतिषीय कारणों से भी अहम माना जा रहा है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस बार गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग, आयुष्मान योग बन रहा है। साथ ही गुरु के उच्च राशि में होने से हंस महापुरुष जैसे दुर्लभ योग का संयोग भी बन रहा है, जो सिंह समेत 5 राशियों के लिए बेहद कल्याणकारी रहने वाला है। इन राशियों को गुरु कृपा से सौभाग्य की प्राप्ति होगी और जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति भी मिलेगी।

मेष राशि : इस दुर्लभ संयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव मेष राशि वालों पर देखने को मिल सकता है। इनके लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और आत्मविश्वास पहले से अधिक मजबूत रहेगा। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे नई जिम्मेदारियां के अवसर बन सकते हैं।

सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए यह दुर्लभ संयोग कई शुभ अवसर लेकर आ सकता है। इन्हें करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अवसर प्राप्त होंगे और लंबे समय से किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को मनचाहा प्रस्ताव मिलने की संभावना है।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए यह समय उन्नति और सफलता का संकेत दे सकता है। इस राशि के नौकरी पेशा जातकों की ऑफिस में मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिलने से भविष्य में लाभ के रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए गुरु पूर्णिमा का यह विशेष संयोग भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा सकता है। मकर राशि वालों को करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और मेहनत का पूरा फल प्राप्त होने की संभावना है। परिवार में आपसी प्रेम और सहयोग बढ़ेगा तथा जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए आज बना दुर्लभ संयोग जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के संकेत दे सकता है। कुंभ राशि वालों के करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे और कार्यस्थल पर आपकी सराहना होगी। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी और लंबे समय से रुकी हुई योजनाएं पूरी होने की संभावना बनेगी।

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Lunar Eclipse 2026: अगस्त में लगने वाला चंद्र ग्रहण इन राशियों के लिए हो सकता है भारी, शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में होगा ग्रहण

इंदौर के ऑलराउंडर को मिली टीम इंडिया में जगह, हनुमान भक्त को मंगलवार को मिली खुशखबरी

“उपर वाले के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं” यह उक्ति सारांश जैन के लिए सही साबित हुई जब मंगलवार का दिन था और हर मंगलवार की तरह तब सारांश हनुमान मंदिर में प्रार्थना कर रहे थे जब चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा की। मध्य-प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को श्रीलंका में होने वाली श्रृंखला के लिए मंगलवार को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया, जो घरेलू क्रिकेट में पिछले एक दशक में उनके शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

साल 2014 में जब सारांश जैन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे तो उन्होंने घर पर फोन लगाया था। उनके पिता सुबोध मुंह के कैंसर से ग्रसित हो गए थे। लेकिन उनके परिवार ने उनको यह नहीं बताया ताकि उनका प्रदर्शन में गिरावट ना आ जाए। जब सारांश घर पहुंचे तो उनके पिता सुबोध के बारे में जानकर भौंजक्के रह गए।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 18 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।

Saransh Jain: कौन है 33 साल के सारांश जैन? श्रीलंका के खिलाफ पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में हुए शामिल

बीसीसीआई ने अगले महीने श्रीलंका दौरे पर होने वाले 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं इस टीम में 33 साल के एक खिलाड़ी को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ चुनी गई टीम में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का उन्हें अब बड़ा इनाम मिला है। सारांश मध्य प्रदेश टीम के लिए अब तक 50 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं।

ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने वाले सारांश ने रेड बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत साबित की है। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें टेस्ट टीम में मौका दिया है, जो उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।

वाशिंगटन की जगह हुए शामिल

सारांश जैन को अगले महीने श्रीलंका दौरे पर जाने वाली भारतीय टेस्ट टीम में वाशिंगटन सुंदर की चोट के बाद मौका मिला है। इस दौरे पर भारत को दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इससे पहले भी सारांश इंडिया ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट झटके और नाबाद 70 रन की अहम पारी खेली। आईपीएल से दूर रहकर भी सारांश जैन ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। रणजी ट्रॉफी और अन्य रेड बॉल टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल के दम पर उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाई।

रणजी ट्रॉफी में किया बेहरतरीन प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के लिए खेलते हुए सारांश जैन ने ऑलराउंडर के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऑफ स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिसका इनाम उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में चयन के रूप में मिला। सारांश जैन ने रणजी ट्रॉफी में लगातार शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें इंडिया ए, दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन और ईरानी ट्रॉफी में रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिला। इन बड़े घरेलू टूर्नामेंटों में भी उन्होंने अपने खेल से प्रभावित किया, जिससे चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिल गई।

 

सारांश का प्रदर्शन

सारांश लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने साल 2014 में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। अब तक 54 प्रथम श्रेणी मैचों में वह 188 विकेट ले चुके हैं और बल्ले से 2,223 रन भी बना चुके हैं। उनके नाम दो शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 47 मैचों में 38 विकेट और 553 रन बनाए हैं, जबकि 20 टी20 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर अपनी उपयोगी गेंदबाजी का भी शानदार प्रदर्शन किया है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में सारांश जैन ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने सात मैचों में 518 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। वहीं, गेंदबाजी में 30 विकेट लेकर टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट के लिए भारत की टीम: शुभमन गिल [C], केएल राहुल [VC], यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत [WK], साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल [WK], रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह*, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन

Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा है बृहस्पति का साथ पाने का सबसे अच्छा दिन, जानें इस दिन का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व

Guru Purnima 2026: हिंदू धर्म में गुरु को माता-पिता ही नहीं भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया जाता है। यही वजह है कि गुरु पूर्णिमा का हिंदू धर्म के प्रमुख पर्व और उत्सवों में विशेष स्थान है। गुरु पूर्णिमा आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन वेदों के संकलनकर्ता और महाभारत के लेखक महर्षि वेद व्यास की जयंती है। गुरु पूर्णिमा का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जितना अहम है, उतना ही ज्योतिषीय रूप से भी है।

ज्योतिष में गुरु पूर्णिमा का महत्व

ज्योतिषशास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा, भाग्य, संतान, धर्म, विवेक और उच्च पद-प्रतिष्ठा का कारक माना गया है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त करना बहुत सुलभ होता है। जिनकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर, नीच या पीड़ित स्थिति में होता है, उनके लिए इस दिन किए जाने वाले उपाय और मंत्र-जाप विशेष लाभ प्रदान करते हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि इस दिन प्रार्थना, ध्यान और आभार व्यक्त करने से, कोई भी अपनी कुंडली में बृहस्पति को मजबूत कर सकता है। ज्ञान, करियर, रिश्तों और आध्यात्मिक विकास के रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर कर सकता है।

पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा में पूर्णिमा तिथि का स्वामी स्वयं चंद्रमा है, जो व्यक्ति के मन, भावनाओं और मानसिक ऊर्जा को नियंत्रित करता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है। इस दिन गुरु (ज्ञान) और चंद्रमा (मन) की ऊर्जा मिलकर साधक को आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि, एकाग्रता और मानसिक शांति प्रदान करती है। इसलिए, गुरु पूर्णिमा को साल की सबसे आध्यात्मिक रूप से चार्ज पूर्णिमा में से एक माना जाता है, क्योंकि यह बताती है:

  • जीवन के अर्थ के बारे में सोचें और समझने की कोशिश करें।
  • नकारात्मक भावनाओं को छोड़ें, अपनी समझ को विकसित करें।
  • आभार जताएं और विनम्रता रखें।
  • भगवान की चेतना से जुड़ें।

कुंडली में गुरु की स्थिति का परिणाम

ज्योतिष के हिसाब से, बृहस्पति विस्तार, उम्मीद, अच्छाई और खुशहाली का ग्रह है। जन्म कुंडली में बृहस्पति मजबूत होने पर जातक को पढ़ाई में सफलता, रुपये-पैसे में स्थिरता, समाज में सम्मान, परिवार के रिश्ते अच्छे रहते हैं, आध्यात्मिक रुझान, समझदारी पूर्ण और सही फैसला लेते हैं। इसके उलट, कमजोर बृहस्पति अनिश्चितता, देर से सफलता, गाइडेंस की कमी, पढ़ाई में दिक्कतें या गलत फैसला लेने का कारण बन सकता है।

इसलिए जताएं अपने गुरु का आभार

हर इंसान का जीवन सिर्फ़ ग्रहों की चाल से ही नहीं, बल्कि कर्म से भी प्रभावित होती है। बृहस्पति इंसान को समझदारी और अनुशासन से उस कर्म को समझने और बदलने में मदद करता है। गुरु पूर्णिमा पर माता-पिता, टीचर, आध्यात्मिक गुरु या गुरुओं को सम्मान देना, बृहस्पति का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु का आशीर्वाद कर्म की रुकावटों को दूर करने और तरक्की और कामयाबी की संभावनाओं को आकर्षित करने में मदद करता है।

गुरु पूर्णिमा 2026 के उपाय

1. गुरु पूजा : अपने गुरु या गुरुओं को पीली मिठाई या फूल, फल या एक छोटी सी प्रार्थना दें। अगर आपके गुरु शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, तो उनकी शिक्षाओं के प्रति आभार जताएं।

2. बृहस्पति के मंत्रों का जाप करें : गुरु मंत्रों का जाप करने से बृहस्पति की एनर्जी बढ़ती है। इन मंत्रों का जाप करें :

ॐ गुरवे नमः, ॐ बृं बृहस्पतये नमः। इन मंत्रों का 108 बार श्रद्धा से जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।

3. ध्यान करें : गुरु पूर्णिमा के दिन, ध्यान मन को शांत करने और ध्यान लगाने में मदद करता है। कुछ पल का मौन और सोच-विचार खुद के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए काफी है।

4. दान करें : बृहस्पति उदारता का ग्रह है। खाना, किताबें, पढ़ाई के सामान, हल्दी, या पीले कपड़े दान करने या स्टूडेंट्स और टीचरों की मदद करने से भगवान का आशीर्वाद और अच्छे कर्म मिलते हैं।

5. कुछ नया सीखें : गुरु पूर्णिमा को कुछ नया सीखने के लिए या नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा 2026 की लकी राशियां

गुरु पूर्णिमा का सभी राशियों पर अच्छा असर पड़ता है, लेकिन बृहस्पति की प्रिय राशियों पर इसका शुभ प्रभाव पड़ता है। इनमें शामिल हैं

मेष : करियर गाइडेंस और पढ़ाई के ज्यादा मौके।

कर्क : भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी।

सिंह : लीडरशिप स्किल्स और कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।

धनु : बृहस्पति की राशि होने के कारण, धनु राशि वालों को नई उम्मीद, आध्यात्मिक तरक्की और पढ़ाई में सफलता की उम्मीद करनी चाहिए।

मीन : आपके लिए ध्यान करने या कुछ क्रिएटिव करने का बहुत अच्छा समय है।

गुरु पूर्णिमा 2026: अपने कर्मों से अपना भाग्य बदलने का मौका

गुरु पूर्णिमा का दिन बड़े बदलावों का दिन होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ज्ञान में किस्मत बदलने की ताकत होती है। यह पूर्णिमा लोगों को अहंकार छोड़ने, विनम्रता अपनाने, जरूरत पड़ने पर मार्गदर्शन लेने और धैर्य, दया, ईमानदारी और उदारता जैसे गुण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। ये गुण बृहस्पति की ऊर्जा के साथ गहराई से जुड़ते हैं और माना जाता है कि ये हमेशा रहने वाला आशीर्वाद देते हैं। गुरु पूर्णिमा 2026 सिर्फ एक पारंपरिक त्योहार ही नहीं है, बल्कि ज्ञान और आभार की ताकत की एक कॉस्मिक याद भी है जो बदलाव ला सकती है।

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Sharmila Dhankhar: पोलियो, गरीबी और दहेज प्रताड़ना से लड़ी…अब देश के लिए जीता ऐतिहासिक गोल्ड, जानिए शर्मिला धनखड़ की प्रेरक कहानी

CWG 2026: शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में सोमवार (27 जुलाई) को भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। 40 साल की शर्मिला ने 9.81 मीटर के अपने सीजन के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। इसी के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स मेडल के लिए भारत के 20 साल के इंतजार को खत्म किया। इसी इवेंट में एक विवाद के बाद एक और भारतीय एथलीट शिल्पा शायला को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। शिल्पा ने 7.26 मीटर का अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो किया था।

शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी ब्रॉन्ज मेडल की स्थिति में थीं। लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। नतीजतन, चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शैला को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। हालांकि, नाइजीरिया के इस फैसले के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने की संभावना है।

मेडल स्टैंडिंग में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह, भारत ने इस इवेंट में दो मेडल जीते। F57 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत कम होती है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का पहला पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल है।

2 साल की उम्र में पोलियो ने बदल दी जिंदगी

शर्मिला धनखड़ का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता छोटे किसान थे। जबकि उनकी मां नेत्रहीन थीं। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने किसी तरह जीवनयापन किया। महज दो साल की उम्र में शर्मिला पोलियो की शिकार हो गईं। गांव में समय पर इलाज न मिलने के कारण उनका बायां पैर हमेशा के लिए प्रभावित हो गया। लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।

कम उम्र में शादी, दहेज प्रताड़ना और टूटा परिवार

शर्मिला की जिंदगी की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। कम उम्र में उनकी शादी कर दी गई। लेकिन ससुराल में उन्हें दहेज की मांग को लेकर कथित तौर पर सालों तक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। आखिरकार, करीब 25 साल की उम्र में उन्हें अपनी दो बेटियों के साथ ससुराल छोड़कर मायके लौटना पड़ा। बाद में उनकी शादी अजीत सिंह से हुई। परिवार के सहयोग और पति के समर्थन ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। इसी दौरान उन्होंने खेलों में करियर बनाने का फैसला किया।

34 साल की उम्र में शुरू किया खेल करियर

जहां अधिकांश खिलाड़ी बचपन से ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं। वहीं शर्मिला ने 34 वर्ष की उम्र में पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा। उन्होंने F57 वर्ग में शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में प्रतिस्पर्धा शुरू की और बहुत कम समय में देश की शीर्ष पैरा एथलीटों में अपनी अलग पहचान बना ली। साल 2021 की पैरा नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने अपने पहले ही टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतते हुए 7.40 मीटर के थ्रो के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

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अब तक के प्रदर्शन पर एक नजर

  • 2025 इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (बेंगलुरु) में 9.77 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता।
  • 2026 फज्जा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (दुबई) में शॉट पुट में गोल्ड और डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
  • 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स (बर्मिंघम) में वह पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। लेकिन 8.43 मीटर के थ्रो के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
  • 2023 एशियन पैरा गेम्स (हांगझोउ) में चौथे स्थान पर रहीं।

भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों के लिए 4 स्पिनरों से युक्त घोषित की टीम

INDvsSL भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सुबह तड़के श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरु हो रहे 2 टेस्ट मैचों के दौरे के लिए टीम की घोषणा कर दी। टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है। हालांकि जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर संशय है। टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव नहीं है; यह टीम वैसी ही हैजैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह अंतिम ग्यारह में जगह बना पाएंगे या नहीं।

एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।

वहीं चोट से जूझ रहे कुछ खिलाड़ियों को दौरे से आराम दिया गया है। वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल नहीं किया गया है।श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो। नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और इस दौरे के लिए नहीं चुने गए।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

चोटिल भारतीय टेस्ट टीम, किन खिलाड़ियों को बोर्ड भेजेगा श्रीलंका दौरे पर

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम का चयन जब चयनकर्ता करने बैठेंगे तो बड़ा सवाल यह होगा कि चोटिल खिलाड़ियों की लंबी फहरिस्त की जगह किसको शामिल किया जाए।मीडिया सूत्रों से आर रही खबरों के मुताबिक वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर सस्पेंस बरकरार है। श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।

वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो लेकिन जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी ठीक नहीं है जो घुटने की चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर बैठे थे।भारत 15 से 27 अगस्त के बीच गाले और कोलंबो में दो टेस्ट मैच खेलेगा और घोषणा मंगलवार को संभावित है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है; यह टीम वैसी ही होगी जैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह को सीरीज़ के लिए चुना जाएगा या नहीं।

हालांकि उनके चुने जाने की संभावना है, और साथ ही मोहम्मद सिराज के भी, जिन्होंने बुमराह की गैर-मौजूदगी में अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की कमान संभाली थी, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि क्या चयनकर्ता पिछले रणजी सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले आकिब नबी को टीम में मौका देंगे या नहीं।

इस बीच, खबर है कि नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और उनके चुने जाने की संभावना कम है। भारतीय टीम में शामिल कुछ चुनिंदा सभी प्रारुप के खिलाड़ियों में से एक, रेड्डी ने बेंगलुरु में गेंदबाजी शुरू कर दी है।

लेकिन सूत्रों का कहना है कि पांच दिन के मैचों के लिए उन पर विचार करना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि, उम्मीद है कि वह सितंबर में होने वाले कई सफेद गेंद मैचों के लिए तैयार हो जाएंगे। रेड्डी ने आखिरी बार जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारत के लिए खेला था।

वहीं एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।