जंतर-मंतर पर दिपके का साया बने आशुतोष रांका कौन हैं? जानें IIT, LSE और मैकिन्से से आंदोलन तक का सफर

Who is Ashutosh Ranka: IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई और फिर लंदन में मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनी में भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरी! आम तौर पर लोग ऐसे करियर का सपना देखते हैं, लेकिन आशुतोष रांका इस सब से आगे बढ़कर देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। NEET पेपर लीक को लेकर CJP के ‘पॉलिसी हेड’ के रूप में केंद्र सरकार से सीधी बात करने वाले आशुतोष रांका कौन हैं और कैसे एक कॉर्पोरेट कंसल्टेंट छात्रों की सबसे बड़ी आवाज बन गया, आइए आपको बताते हैं।

कौन हैं आशुतोष रांका?

आशुतोष रांका ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। उन्हें इस पूरे आंदोलन का ‘पॉलिसी माइंड’ माना जा रहा है, क्योंकि वे शिक्षा सुधारों और सरकारी नीतियों के खिलाफ तार्किक और नीतिगत ड्राफ्ट तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से पढ़ाई की है और इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) जैसी विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। CJP में शामिल होने से पहले आशुतोष रांका लंदन में दुनिया की दिग्गज कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) में कंसल्टेंट के रूप में काम कर चुके हैं।

फिलहाल वो आंदोलन की नीतिगत रणनीति, शिक्षा सुधारों के ड्राफ्ट और केंद्र सरकार के साथ बातचीत में CJP का प्रतिनिधित्व कर रहे है।

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ आंदोलन का हिस्सा क्यों बने?

जब जून में CJP ने अपने प्रवक्ताओं के पैनल का ऐलान किया, तब आशुतोष रांका के शानदार एकेडमिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड को खास तौर पर हाईलाइट किया गया। IIT कानपुर, LSE और मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनियों में काम करने के अनुभव के कारण उनके पास नीतियों के विश्लेषण और रणनीतिक समझ का गहरा अनुभव है। नीट परीक्षा में हुई धांधली के बाद उन्होंने अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल छात्रों की मांगों को कानूनी और नीतिगत रूप से मजबूत बनाने के लिए किया।

केंद्र सरकार के साथ बातचीत में अहम भूमिका

NEET आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच आशुतोष रांका ने सरकार के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सौरव दास के साथ आशुतोष रांका भी उस दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे, जिसने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांगों का ड्राफ्ट सौंपा। वे केवल परीक्षा रद्द करने या जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक और पारदर्शी सुधारों की रूपरेखा पर भी काम कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर डटे हैं CJP संस्थापक

जहां आशुतोष रांका और सौरव दास सरकार के साथ टेबल टॉक संभाल रहे हैं, वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से किए जाने वाले एक बयान के विरोध में इस पार्टी की नींव रखी थी।

आंध्र प्रदेश के कारपेंटर की बेटी दुनिया के पहले ‘All-Girls Lunar Mission’ के लिए चुनी गईं, जानिए कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी

कहते हैं, ‘सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती’। आंध्र प्रदेश के धवलेश्वरम की कंदुला जेसी पर भी ये बात सही बैठती है। महज 14 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, उसकी वजह से हर कहीं उनकी चर्चा की जा रही है। कंदुला को ऐतिहासिक स्पेस मिशन शक्तिसैट के लिए चुना गया है। यह दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर क्यूबसैट मिशन है।

इस मिशन की ट्रेनिंग 23 अगस्त को नई दिल्ली में शुरू होगी। छात्रों का बनाया हुआ लूनर क्यूबसैट 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा। उन्हें उम्मीद है कि यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) में करियर और भविष्य में लूनर एक्सप्लोरेशन की ओर पहला कदम होगा।

दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर मिशन

मिशन शक्तिसैट एक अंतरराष्ट्रीय STEM इनिशिएटिव है। इसका मकसद अधिक से अधिक लड़कियों को स्पेस साइंस और इंजीनियरिंग में आने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रतिभागी क्यूबसैट को डिजाइन करने, बनाने और ऑपरेट करने में मदद करेंगे, जो भविष्य के लूनर मिशन के लिए प्लान किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यह प्रोग्राम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, मिशन प्लानिंग और स्पेस रिसर्च में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी देता है।

कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी?

जेसी धवलेश्वरम के जिला परिषद गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती हैं। विज्ञान के प्रति उसके जुनून को स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में उसके शिक्षकों ने पहचाना। कंदुला ने लगभग 550 ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र पूरे किए। उन्होंने उपग्रह प्रणाली, प्रणोदन और ऊष्मागतिकी जैसे विषयों को कवर किया। इंटरव्यू के दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलने की तैयारी में मदद करने के लिए उसने अपनी अंग्रेजी भाषा की क्षमताओं को और बढ़ाया। कंदुला आंध्र प्रदेश धवलेश्वरम के एक बढ़ई की बेटी है। उन्होंने 108 देशों के लगभग 12,000 आवेदकों में से चुने गए 20 भारतीय भगीदारों के बीच ये जगह बनाई है। वह फाइनल लिस्ट में जगह बनाने वाली आंध्र प्रदेश की अकेली स्टूडेंट भी हैं।

कौन कर रहा है इस मिशन का संचालन?

शक्तिसैट मिशन STEM शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष पेशेवरों के एक समूह द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  कार्यक्रम का उद्देश्य उपग्रहों के विकास के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष उद्योग में अधिक लड़कियों को शामिल करना है।

उसके परिवार के लिए गर्व का क्षण!

बढ़ई पिता की बेटी कंदुला के परिवार को कुछ आर्थिक कठिनाइयों की वजह से बाद में उसका दाखिला एक सरकारी स्कूल में करा दिया गया। हालाकि, वह अपने सपने के प्रति दृढ़ थी। उसका चयन उसके माता-पिता, शिक्षकों और समुदाय के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

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छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

Commonwealth Games में भारतीय झंडा उठाने से पहले ही पदक पक्का किया लवलीना बोर्गहेन ने

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के उद्घाटन समारोह के लिए ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को क्रमशः भारत का ध्वजवाहक और बैटन वाहक नामित किया गया। लेकिन इसमें से लवलीना बोरगोहेन ने ध्वजवाहक बनने से पहले ही अपना पहला पदक इस राष्ट्रमंडल खेल में पक्का कर लिया है।

खबरों के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 75 किलोग्राम वर्ग में उनको सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई है। इस हिसाब से वह कमसेकम एक कांस्य पदक जरुर जीतेंगी। अगर वह सेमीफाइनल जीत जाती है तो फिर रजत या स्वर्ण पदक भी जीत सकती है।

दरअसल राष्ट्रमंडल खेल 2026 में  सिर्फ 5 महिला मुक्केबाज महिला खिलाड़ी थी जिसमें से शीर्ष 3 को सेमीफाइनल में सीधे दाखिला मिल गया। इन मुक्केबाज महिला खिलाड़ियों में लवलीना भी शामिल थी।

लंदन ओलंपिक 2012 और रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले शिव थापा के बाद ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली असम की दूसरी मुक्केबाज लवलीना ने तोक्यो में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक जीतने वाली अपने राज्य की पहली खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया था।23 वर्ष की लवलीना को वेल्टरवेट (69 किलो) सेमीफाइनल में तत्कालीन विश्व चैम्पियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली ने 5-0 से हराया था। लवलीना विजेंदर सिंह (2008) और एमसी मैरीकॉम (2012) के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनी थी। 15 साल पहले मुक्केबाजी में करियर शुरू करने वाली लवलीना 2 बार विश्व चैम्पियनशिप कांस्य भी जीत चुकी हैं।

कौन हैं अभिजीत दिपके, कितनी पढ़ाई की है? CJP के संस्थापक का पूरा बैकग्राउंड जानिए

सोशल मीडिया के दौर में कई अभियान कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच जाते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल के दिनों में Cockroach Janta Party (CJP) भी ऐसी ही एक मुहिम बनकर उभरी है, जिसने अपने अलग अंदाज और डिजिटल कैंपेन के जरिए लोगों का ध्यान खींचा। इस अभियान के साथ एक नाम लगातार सुर्खियों में है अभिजीत दिपके। उनकी रणनीति, सोशल मीडिया पर पकड़ और युवाओं से जुड़ने का तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है।

बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि आखिर अभिजीत दिपके कौन हैं, उन्होंने कहां से पढ़ाई की, उनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड क्या है और कैसे वे इस तेजी से वायरल हो रहे अभियान का प्रमुख चेहरा बन गए। आइए जानते हैं उनकी शिक्षा, करियर और अब तक के सफर से जुड़ी अहम बातें।

कौन हैं अभिजीत दिपके?

अभिजीत दिपके एक राजनीतिक कम्युनिकेशन प्रोफेशनल और डिजिटल कैंपेन स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने Cockroach Janta Party की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में की, जिसे युवाओं ने तेजी से समर्थन दिया।

प्लेटफॉर्म खुद को “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताता है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग करता है।

सिर्फ कुछ दिनों में लाखों-करोड़ों का समर्थन

CJP की शुरुआत के कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी। इंस्टाग्राम पर कुछ ही समय में करोड़ों लोग इस मुहिम से जुड़ गए, जबकि X (पूर्व ट्विटर) पर भी मीम्स, रील्स और राजनीतिक व्यंग्य के जरिए यह अभियान वायरल हो गया।

इसके अलावा, संगठन ने अपनी वेबसाइट और एंथम भी लॉन्च किया तथा एक लाख से अधिक लोगों ने इससे जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।

क्या है अभिजीत दिपके की शैक्षणिक योग्यता?

अभिजीत दिपके ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भारत में पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए।

  • पुणे से जर्नलिज्म की पढ़ाई की।
  • अमेरिका की Boston University से मास्टर ऑफ पब्लिक रिलेशंस की डिग्री हासिल की।
  • पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बताया कि वह नौकरी के अवसरों की तलाश में हैं।

राजनीतिक कम्युनिकेशन में भी रहा अनुभव

Cockroach Janta Party शुरू करने से पहले अभिजीत दिपके 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया कैंपेन और चुनावी रणनीति पर काम किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान उन्होंने युवाओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए मीम-आधारित डिजिटल कैंपेन में भी भूमिका निभाई थी।

NEET विवाद के बाद तेज हुई मुहिम

CJP का अभियान सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। संगठन ने कथित NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सार्वजनिक प्रदर्शन भी किए। समर्थकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और संसद की ओर मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

48 घंटे की भूख हड़ताल भी की

अभिजीत दिपके ने इस अभियान के तहत 48 घंटे की भूख हड़ताल भी की। बाद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद यह अनशन समाप्त हुआ। इस दौरान संगठन ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन भी सौंपा।

सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंची मुहिम

Cockroach Janta Party का तेजी से बढ़ता प्रभाव यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शुरू हुआ कोई अभियान बहुत कम समय में बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है। मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया की ताकत के सहारे यह पहल अब ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे


रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

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इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

युवराज सिंह ने किया छात्रों का समर्थन पर दी यह हिदायत, इंस्टा पर डाली पोस्ट

भारत को दो विश्वकप जिता चुके युवराज सिंह ने नीट पेपर लीक के विवाद से उत्पन्न हुए छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखी। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि हर स्त्री पुरुष और विद्यार्थी को अपना सपना पूरा करने के लिए एक शांतिपूर्ण वातावरण में समय व्यत्तीत करने का हक है। आपकी भलाई भारत की बुनियाद है। इस कारण हर मसले को बैठकर शांति से सुलझाया जा सकता है।

पिता भी थे क्रिकेटर

युवराज भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 ट्वंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने क्रमश: 1900, 8701 और 1177 रन बनाए हैं। युवराज ने अपना आखिरी ट्वंटी-20 मैच फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ और वनडे जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।

उम्दा बल्लेबाज युवराज ने गेंदबाजी में हाथ आजमाए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 9, वनडे मैचों में 111, टी-20 में 28 और आईपीएल में 36 विकेट लिए। संन्यास के बाद कैंसर के खिलाफ जंग लड़ने वाले युवराज कैंसर पीड़ितों समय समय पर मदद भी करते हैं।

12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ शहर में जन्‍मे युवराज सिंह के पिता योगराज भी भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं। बचपन में स्केटिंग का शौक रखने वाले युवराज को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली। उन्‍होंने बेहद कड़ाई से युवराज को इस खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवराज के लिए घर में ही पिच बनवा दी थी। युवराज ने बचपन में एक पंजाबी फिल्‍म 'मेहंदी शगणा दी' में भी काम किया था।

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उनके करियर का मुख्य आकर्षण केंद्र स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के लगाना और एकदिवसीय विश्वकप 2011 का मैन ऑफ द टूर्नामेंट पाना रहा। इसके अलावा वह अभी टीम में मौजूद अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की कोचिंग कर रहे हैं।

Union Bank Recruitment 2026: यूनियन बैंक में मैनेजर, सीनियर मैनेजर से लेकर कई पदों पर निकली बंपर भर्ती, 10 अगस्त है आवेदन करने की लास्ट डेट

Union Bank Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए काफी काम की खबर है। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने यूनियन बैंक भर्ती प्रक्रिया 2026-27 के तहत 395 पदों पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत डोमेन विशेषज्ञता वाले अधिकार, साधारण बैंकिंग अधिकारी और विशेष अधिकारी के पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों पर भर्ती के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर 10 अगस्त, 2026 तक अपना अवेदन कर सकते हैं। यूनियन बैंक भर्ती प्रक्रिया 2026-27 की शुरुआत 21 जुलाई से हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवेदन शुल्क भी अदा करना होगा।

पदों का विवरण

वैकेंसी में 163 मैनेजर, 153 सीनियर मैनेजर, 52 चीफ मैनेजर, 20 असिस्टेंट जनरल मैनेजर और 7 डिप्टी जनरल मैनेजर के पद शामिल हैं। कैंडिडेट को आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरा करना होगा, बताए गए फॉर्मेट में जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे और आखिरी तारीख से पहले एप्लीकेशन फीस देनी होगी।

यूनियन बैंक रिक्रूटमेंट 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

कैंडिडेट यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • यूनियन बैंक के भर्ती पोर्टल ibpsreg.ibps.in पर जाएं।
  • ‘Click Here for New Registration’ पर क्लिक करें।
  • अपने नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें।
  • आवेदन फॉर्म ध्यान से भरें और सभी डिटेल्स वेरिफाई करें।
  • जरूरी फोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन अपलोड करें।
  • ‘कम्प्लीट रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करने से पहले एप्लीकेशन का प्रीव्यू देखें।
  • आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  • आवेदन सबमिट करें और आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज और ई-रसीद डाउनलोड करें।

यूनियन बैंक रिक्रूटमेंट 2026: आवेदन शुल्क

SC/ST/PwBD कैंडिडेट: Rs. 177 (GST के साथ)

UR/EWS/OBC कैंडिडेट: Rs. 1,180 (GST के साथ)

फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, कैश कार्ड या मोबाइल वॉलेट/UPI से पे की जा सकती है।

कैंडिडेट को पेमेंट कन्फर्मेशन का इंतजार करना चाहिए और सफल भुगतान के बाद ई-रसीद डाउनलोड करनी चाहिए।

अधूरे आवेदन या शुल्क भुगतान में फेल होने पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

यूनियन बैंक रिक्रूटमेंट 2026: जरूरी डॉक्यूमेंट्स

  • हाल का पासपोर्ट-साइज कलर फोटो (20 KB-50 KB)
  • सफेद कागज पर काली स्याही से सिग्नेचर (10 KB-20 KB)
  • बाएं अंगूठे का निशान (20 KB-50 KB)
  • कैंडिडेट की अपनी हैंडराइटिंग में हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन (50 KB-100 KB)
  • वैलिड फोटो ID जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर ID
  • रजिस्ट्रेशन और कम्युनिकेशन के लिए एक्टिव मोबाइल नंबर और ईमेल ID

कैंडिडेट्स को सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफ़ाई कर लेनी चाहिए, बताए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने चाहिए, फीस भुगतान पूरा करना चाहिए, और लास्ट-मिनट की दिक्कतों से बचने के लिए 10 अगस्त, 2026 से पहले आवेदन जमा कर देनी चाहिए।

ISRO Recruitment 2026: बिना लिखित परीक्षा के इसरो में अप्रेंटिस बनने का मौका, 25 जुलाई को होगा 462 पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू

Rashifal Today: कैसा होगा आपका 23 जुलाई का पूरा दिन, जानें किन बातों का रखना होगा ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में समझदारी से काम लेने का है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और अपने बजट पर नियंत्रण रखें। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश या बचत की योजना बना रहे हैं, तो उस पर गंभीरता से काम करें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। बचत बढ़ाने और भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक योजना बनाने का यह अच्छा समय है। किसी भी निवेश या समझौते से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। करियर और आय बढ़ाने से जुड़े नए रास्ते खुल सकते हैं। बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें और समय के अनुसार अपनी वित्तीय योजना में बदलाव करने से न हिचकें। सही फैसले आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर पैसा खर्च करने के बजाय जरूरत और सुविधा को प्राथमिकता दें। अपने बजट को व्यवस्थित रखें और सिर्फ जरूरी खर्चों पर ध्यान दें। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में व्यस्तता रह सकती है। बजट बनाकर चलेंगे तो फायदा होगा। फिजूल खर्च से बचें और हर खर्च को व्यावहारिक नजरिए से देखें। नई कमाई के अवसर भी मिल सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें और सही मौके का लाभ उठाएं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज अपने खर्चों और आय का सही हिसाब रखने की जरूरत है। योजनाबद्ध तरीके से काम करने से भविष्य में लाभ मिलेगा। अनावश्यक खर्चों से दूरी बनाएं और सिर्फ जरूरी चीजों पर पैसा लगाएं। आर्थिक मामलों में आपकी समझदारी आपको आगे बढ़ाएगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देने का है। लग्जरी चीजों पर बेवजह खर्च करने से बचें। अपनी आय और खर्च का संतुलन बनाए रखें। अगर आप अभी से सही योजना बनाएंगे, तो आने वाले समय में आर्थिक मजबूती मिलेगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और देखें कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें और भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला न लें। बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखें और अपनी वित्तीय योजनाओं की दोबारा समीक्षा करें। सही समय पर लिया गया समझदारी भरा फैसला भविष्य में बड़ा लाभ दे सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Rohit Sharma: ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता’ रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अफवाहों पर पूर्व साथी खिलाड़ी का बड़ा बयान

Rohit Sharma: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से हार मिली है। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि,लॉर्डस में होने वाले सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद रोहित शर्मा की रिटायरमेंट ले लेंगे। रोहित ने इस मुकाबले में शतक लगा कर इन खबरों को खारिज कर दिया है। इसी बीच रोहित शर्मा के साथी क्रिकेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर उठी चर्चाएं पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि, भले ही इन्हें बाहरी अफवाह बताया गया हो, लेकिन अक्सर ऐसी बातों के पीछे कुछ न कुछ वजह होती है।

बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को खारिज कर दिया था। लेकिन रविचंद्रन अश्विन के मुतबिक, इन चर्चाओं के पीछे कुछ न कुछ सच्चाई जरूर रही होगी। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी अटकलों और आलोचनाओं का करारा जवाब दे दिया।

अफवाह नहीं था रिटायरमेंट 

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “जब रोहित शर्मा के संभावित रिटायरमेंट की खबर सामने आई, तो कई लोगों ने इसे बाहरी शोर बताया। लेकिन मैं इसे सिर्फ अफवाह नहीं मानता। तमिल में एक कहावत है, ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता।'” अश्विन ने आगे कहा, “आग तो थी, लेकिन रोहित ने अपने बल्ले से जवाब दिया। उन्होंने दिखा दिया कि वह अब भी ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके मन में कोई संदेह है। मेरा मानना है कि वह 2027 वनडे विश्व कप तक खेल सकते हैं।”

रोहित-विराट करें फैसला

अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है कि ये चोट के बाद रोहित शर्मा की शानदार वापसी की शुरुआत है। अगर वह थोड़ी और बेहतर लय में होते या उनका आत्मविश्वास थोड़ा और ऊंचा होता, तो वह 180 रन तक भी पहुंच सकते थे और टीम को जीत दिला सकते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि रोहित शानदार फॉर्म में हैं। अगर रोहित और विराट खेलना चाहते हैं, तो उनके रिकॉर्ड और अनुभव के सामने कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। रोहित ने लगभग 12 हजार वनडे रन बनाए हैं, इसलिए उनके योगदान पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।”

रोहित ने आलोचकों को दिया जवाब

रोहित के रिटायरमेंट की चर्चा उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोहित की योजना 2027 वनडे विश्व कप तक खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने की थी। रोहित शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सभी चर्चाओं का जवाब दिया।