
राष्ट्रमंडल खेल 2026 के उद्घाटन समारोह के लिए ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को क्रमशः भारत का ध्वजवाहक और बैटन वाहक नामित किया गया। लेकिन इसमें से लवलीना बोरगोहेन ने ध्वजवाहक बनने से पहले ही अपना पहला पदक इस राष्ट्रमंडल खेल में पक्का कर लिया है।
खबरों के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 75 किलोग्राम वर्ग में उनको सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई है। इस हिसाब से वह कमसेकम एक कांस्य पदक जरुर जीतेंगी। अगर वह सेमीफाइनल जीत जाती है तो फिर रजत या स्वर्ण पदक भी जीत सकती है।

दरअसल राष्ट्रमंडल खेल 2026 में सिर्फ 5 महिला मुक्केबाज महिला खिलाड़ी थी जिसमें से शीर्ष 3 को सेमीफाइनल में सीधे दाखिला मिल गया। इन मुक्केबाज महिला खिलाड़ियों में लवलीना भी शामिल थी।
लंदन ओलंपिक 2012 और रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले शिव थापा के बाद ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली असम की दूसरी मुक्केबाज लवलीना ने तोक्यो में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक जीतने वाली अपने राज्य की पहली खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया था।23 वर्ष की लवलीना को वेल्टरवेट (69 किलो) सेमीफाइनल में तत्कालीन विश्व चैम्पियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली ने 5-0 से हराया था। लवलीना विजेंदर सिंह (2008) और एमसी मैरीकॉम (2012) के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनी थी। 15 साल पहले मुक्केबाजी में करियर शुरू करने वाली लवलीना 2 बार विश्व चैम्पियनशिप कांस्य भी जीत चुकी हैं।

