Gold Silver Price Today: MCX पर सोना ₹1.47 लाख के नीचे फिसला, चांदी ₹2.25 लाख पर पहुंची

Gold Silver Price Today: मंगलवार, 29 सितंबर को सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। MCX पर अक्टूबर का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.21% गिरकर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। सोने की कीमतें सात हफ़्ते के निचले स्तर के आस-पास ट्रेड कर रही हैं क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि US फ़ेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखेगा।

वहीं चांदी में भी जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। MCX पर सिल्वर फ़्यूचर्स लगभग ₹2,25,220 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो पिछले हफ़्ते के मुकाबले करीब 6.29% कम है।

क्या होनी चाहिए अब रणनीति

रिद्धि-सिद्धि बुलियन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, बाज़ार में फ़ेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की संभावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि CME फ़ेडवॉच के अनुसार, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 72.5% है, जो पिछले हफ़्ते 57.6% थी।

US ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से सोने पर दबाव है, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं। कोठारी ने कहा कि US-ईरान के बीच जारी तनाव और तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई और यील्ड को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने में थोड़ी रिकवरी हो रही है, लेकिन यह सात हफ़्ते के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है क्योंकि US में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की उम्मीदों के कारण यील्ड ऊंची बनी हुई है।

गर्ग के अनुसार, स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग $4,130 प्रति औंस थी, जबकि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट लगभग ₹96 प्रति US डॉलर था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US यील्ड सोने और अन्य MCX कमोडिटीज़ के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

गर्ग ने कहा कि आने वाले US आर्थिक डेटा – जिसमें कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, जॉब ओपनिंग्स, ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा, PCE महंगाई और नॉन-फार्म पेरोल्स शामिल हैं – से फ़ेड की ब्याज दर की चाल और सोने में अगले कदम के बारे में और संकेत मिल सकते हैं।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, सितंबर में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट (करेक्शन) आई है और MCX पर सोना ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गया है। यादव ने इस गिरावट के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, US की सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों, डॉलर के मजबूत होने, US ट्रेज़री यील्ड में बढ़ोतरी और भारतीय रुपये में कमजोरी को जिम्मेदार बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि सोने को सपोर्ट करने वाले लंबे समय के कारण अभी भी बने हुए हैं, जिनमें सेंट्रल बैंक की खरीदारी, ग्लोबल डिमांड और गोल्ड ETF के ज़रिए इन्वेस्टमेंट शामिल है।

कम समय के लिए, चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट (टेक्निकल रिसर्च) आमिर मकदा ने कहा कि सोने के लिए मुख्य MCX सपोर्ट लेवल ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम और ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम हैं, जबकि रेजिस्टेंस लेवल ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम है।

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थार-स्कॉर्पियो और XUV 7XO होगी और महंगी! M&M चौथी बार बढ़ाएगी दाम!

M&M Price Hike: महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) की एसयूवी एक बार और महंगी हो सकती हैं। कमोडिटीज यानी कच्चे माल के बढ़ते भाव के चलते कंपनी इसकी योजना बना रही है और अगले कुछ हफ्तों में कंपनी इस पर फैसला ले सकती है। यह जानकारी कंपनी के ऑटोमोटिव प्रेसिडेंट और सीईओ Nalinikanth Gollagunta ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को एक इंटरव्यू में दी। उन्होंने कहा कि कंपनी साल पहले ही तीन बार- जनवरी, अप्रैल और जुलाई में कीमतें बढ़ा चुकी हैं और अब एक बार फिर इसकी तैयारी है। जुलाई में तो कंपनी ने एसयूवी की कीमतें करीब 2.7% तक बढ़ाई थी। अब चौथी बार बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर अगले कुछ हफ्तों में फैसला हो सकता है कि कीमतें बढ़ाने की जरूरत है या नहीं।

दाम में बढ़ोतरी का बिक्री पर कितना असर?

नलिनकांत का दावा है कि पूरे ऑटो इंडस्ट्री में हाल ही में हुई प्राइस हाइक का ग्राहकों की इंक्वायरी और बुकिंग्स पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। इसकी एक बड़ी वजह उन्होंने बताई कि महिंद्रा की गाड़ियां अभी भी जीएसटी में कटौती से पहले की कीमतों की तुलना में सस्ती हैं। अब आगे की बात करें तो उन्हें फेस्टिव सीजन से पॉजिटिव उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि गाड़ियों की कीमतें अभी भी जीएसटी में कटौती से पहले की तुलना में सस्ती हैं तो महिंद्रा के नए और अपडेटेड मॉडल आ रहे हैं, जिनसे फेस्टिव सीजन में मांग अच्छी दिख सकती हैं

क्या है Mahindra & Mahindra की स्ट्रैटेजी

हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को लेकर नलिनकांत ने कहा कि कंपनी का फोकस फिलहाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) पर बना हुआ है लेकिन नियमों में बदलाव पर उसके हिसाब से कंपनी खुद को ढाल लेगी। उन्होंने कहा कि CAFE (कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिसिएंसी) से जुड़े नियमों में ईवी और हाइब्रिड को मिलने वाले फायदों में साफ फर्क है जिसकी वजह से कंपनी का फोकस ईवी पर है।

कैपेसिटी को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी के पास अभी हर महीने तेल से चलने वाली 60 हजार और 8 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने की क्षमता है और अगले साल मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक तेल से चलने वाली गाड़ियों के प्रोडक्शन की क्षमता हर महीने 70 हजार और ईवी की 12 हजार करने का लक्ष्य है। इस प्रकार कंपनी का लक्ष्य अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को करीब छह महीने में मौजूदा 68 हजार से बढ़ाकर 84 हजार करने की है। साथ ही कंपनी अगली दो तिमाहियों में तेल से चलने वाली एक और एक ईवी लॉन्च करने की तैयारी में है।

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NSE IPO Listing: ₹1800 पर लिस्ट एनएसई का ₹1140 का शेयर, 1% से कम लिस्टिंग गेन

NSE IPO Listing: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई के शेयरों की आज BSE पर 1% से कम प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1140 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1800.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.84% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹1827.95 (NSE Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.41% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹108 के डिस्काउंट पर मिला है।

कैसा रिस्पांस मिला था NSE IPO को

एनएसई का ₹22,562 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 12.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.40 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 12,64,36,650 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।

NSE के बारे में

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में शुमार है। इसकी शुरुआत साल 1992 में हुई थी। यह इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड्स जैसे एसेट क्वास में ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सर्विसेज और रेगुलेटरी ओवरसाइट को लेकर एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम मुहैया कराती है।

एनएसई ने देश में लगातार कैश मार्केट टर्नओवर, इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग और करेंसी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 26.13 करोड़ से अधिक निवेशक रजिस्टर्ड हैं तो 12.9 करोड़ यूनिक इंवेस्टर्स और 1328 ट्रे़डिंग मेंबर्स हैं। इसके अलावा एनएसई पर 3005 कंपनियां लिस्टेड हैं जिनका जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक मार्केट कैप करीब ₹474 लाख करोड़ है। इसके अलावा मार्च 2026 के आखिरी में कैश मार्केट में टर्नओवर के हिसाब से एनएसई की हिस्सेदारी 99.79%, इक्विटी फ्यूचर्स में 74.71%, इक्विटी ऑप्शंस में 99.48% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी है। इसके अलावा एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड की भी वित्त वर्ष 2026 में कैश मार्केट में 88.42%, इक्विटी डेरिवेटिव्स में 91.04% और एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स में 74.09% हिस्सेदारी है।

एक्सचेंज के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 11% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10,302.06 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹16,352.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹19,176.83 करोड़ से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹18,713.37 करोड़ पर आ गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹3,120.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹5,252.17 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में एक्सचेंज के रिजर्व और सरप्लस में ₹34,996.73 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Global Market: बॉन्ड यील्ड में उछाल से US मार्केट में बिकवाली, एशिया में जापान ऊपर, कोरिया के बाजार हैं बंद

Asian Market Today: वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी इंडेक्स के खराब प्रदर्शन के बाद एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स लगभग 1.38 फीसदी की बढ़त के साथ तेजी दिखा रहा है। दक्षिण कोरिया का अहम और बहुत उतार-चढ़ाव वाला इंडेक्स, KOSPI, हार्वेस्ट फेस्टिवल ‘चूसोक’ के कारण बंद है।

ताइवान का बाजार 0.38 फीसदी गिरकर 17,684.59 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ 24,744.00के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ 3,918.46 के स्तर पर दिख रहा है।

इस बीच, भारत में GIFT निफ्टी ने 150 अंक से ज़्यादा की बड़ी ‘गैप-डाउन’ शुरुआत का संकेत दिया, जिससे पिछले दिन की सारी बढ़त खत्म हो सकती है।

वॉल स्ट्रीट को भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि पेट्रोलियम की कीमतें बढ़ गईं और उम्मीद से बेहतर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने महंगाई की चिंता और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों को बढ़ा दिया।

जापानी येन, जो तीन हफ्तों में अपने सबसे निचले स्तर के करीब है, पर सबकी नज़र रहेगी क्योंकि जापानी वित्तीय बाजार फिर से खुल रहे हैं।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, एशियाई कारोबार के शुरुआती दौर में न्यूजीलैंड के सरकारी बॉन्ड में गिरावट आई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई बॉन्ड फ्यूचर्स ने संभावित गिरावट का संकेत दिया, जो ट्रेजरी बाजार में व्यापक गिरावट को दर्शाता है।

हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया के इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स ने गिरावट का संकेत दिया, जबकि बुधवार को S&P 500 में 0.8% और नैस्डैक 100 में 0.9% की गिरावट के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स काफी हद तक स्थिर रहे। दक्षिण कोरियाई बाजार बंद रहे।

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी पेट्रोलियम की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, क्योंकि ब्रेंट क्रूड 3.9% बढ़कर $103.08 प्रति बैरल पर बंद हुआ था। बुधवार को, दस-वर्षीय ट्रेजरी सिक्योरिटीज पर यील्ड 15 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.11% हो गई, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रैल 2025 में टैरिफ लागू करने से बाजार में आई उथल-पुथल के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी।

इससे पहले, आर्थिक आंकड़ों से पता चला था कि अमेरिकी मॉर्गेज दरें दो साल से अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं, जबकि S&P ग्लोबल का शुरुआती अमेरिकी कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स सितंबर में जुलाई 2021 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी को दर्शाता है। पांच साल की सिक्योरिटीज़ के $70 बिलियन के कमज़ोर ट्रांज़ैक्शन के बाद बाज़ार की हालत और खराब हो गई। इससे यील्ड 2007 के बाद पहली बार 5% से ऊपर चली गई और साथ ही डॉलर की कीमत भी सभी मुख्य करेंसी के मुकाबले बढ़ गई।

दूसरी कमोडिटीज़ की बात करें तो, बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण बुधवार को बुलियन (कीमती धातुएं) की कीमत में 2% तक की गिरावट आई और यह लगभग $4,275 प्रति औंस हो गई। आम तौर पर, ऊंची ब्याज दरों से कीमती धातुओं को नुकसान होता है क्योंकि उनसे कोई यील्ड नहीं मिलती।

इसके अलावा, वॉल स्ट्रीट गुरुवार को वॉशिंगटन में ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली मीटिंग और अमेरिका के बड़े बिज़नेस एग्जीक्यूटिव्स के साथ होने वाले रिसेप्शन की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने पिछले हफ़्ते मीडिया को बताया था कि उन्हें उम्मीद है कि इस मीटिंग के दौरान “कई अलग-अलग समझौते” होंगे।

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Gold Silver Price: 1% से ज्यादा चढ़ी चांदी, सोना स्थिर, कीमतों में उतार-चढ़ाव की क्या है वजह

Gold Silver Price Today:बुधवार (23 सितंबर) को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतें स्थिर नजर आई। जबकि चांदी में बढ़त देखने को मिली। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत, तेल की कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों के आउटलुक पर नजर बनाए हुए थे।

23 सितंबर को खबर लिखे जाने तक COMEX सोना $4,380.90 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.10% की बढ़त थी। कॉन्ट्रैक्ट ने $4,407.50 प्रति औंस का उच्चतम और $4,378.60 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

COMEX चांदी $67.360 प्रति औंस पर थी, जिसमें 1.25% की बढ़त थी। सेशन के दौरान यह धातु $68.055 प्रति औंस और $67.240 प्रति औंस के बीच रही।

सोना तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील रहा है क्योंकि निवेशक महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल पर इनके असर का आकलन करते हैं। ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें प्रभावित हो सकती हैं, जबकि ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स (जिनसे कोई नियमित आय नहीं होती) पर दबाव डाल सकती हैं।

रॉयटर्स के अनुसार, बुधवार (23 सितंबर) को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में मामूली गिरावट आई। 0119 GMT तक ब्रेंट क्रूड 0.07% गिरकर $99.18 प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.39% गिरकर $90.17 पर आ गया।

भारत में क्या रहा भाव

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, भारतीय बाजार में मंगलवार (22 सितंबर) को नई दिल्ली में सोने की कीमतें ₹1,500 गिरकर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि चांदी की कीमतें ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहीं।

घरेलू बाजार में सोने में गिरावट मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की सख्त टिप्पणियों के बीच आई।

कहां है बाजार की नजर

HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि तेल की कीमतों में नरमी ने महंगाई की चिंताओं को कम करके कुछ सहारा दिया। निवेशक अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर भी नजर रखे हुए हैं। इस बीच, चीन द्वारा सोने के ज़्यादा आयात ने बुलियन की कीमतों के लिए मांग-पक्ष का एक और कारक प्रदान किया है।

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Gold Price Today: लगातार तीसरे दिन लुढ़का गोल्ड, दिल्ली से पटना तक 10 शहरों में अब ये है भाव

Gold Rate Today in India: डॉलर की मजबूती और पश्चिमी एशिया में जारी तनाव ने लगातार तीसरे दिन आज गोल्ड की चमक फीकी की है। एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार तीसरे दिन आज इसके भाव नीचे आए हैं। इन तीन दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹2510 और 22 कैरट वाला ₹2310 सस्ता हुआ है। इसमें से आज 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 और 22 कैरट वाला ₹10 नीचे आया है। चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड की सुस्ती से एक दिन की स्थिरता के बाद आज इसके भाव कम हुए हैं। एक किलो चांदी आज ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली  ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
मुंबई ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
कोलकाता ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
चेन्नई  ₹1,54,740 ₹1,41,840 ₹1,19,540
बेंगलुरू ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
हैदराबाद ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
लखनऊ ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
पटना ₹1,53,320 ₹1,40,540 ₹1,14,990
जयपुर  ₹1,53,320  ₹1,40,540  ₹1,14,990
अहमदाबाद₹1,53,320₹1,40,540₹1,14,990

एक दिन की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद आज इसकी चमक फीकी पड़ी है। इससे पहले 21 सितंबर को एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी और इससे भी पहले 20 सितंबर को इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ था लेकिन लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में यानी 18 और 19 सितंबर को एक किलो चांदी ₹10 हजार ऊपर चढ़ी थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,49,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,59,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि फेडरल रिजर्व के बयान और अमेरिकी डॉलर में मजबूती ने गोल्ड की चमक फीकी की है। डॉलर इंडेक्स 100 से ऊपर बना हुआ है। यह जुलाई के आखिरी के बाद से इसका सबसे हाई लेवल है। डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर उसकी कीमतों पर पड़ता है। इस बीच फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि ब्याज दरें लंबे समय तक हाई बनी रह सकती हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1500 रुपये गिरा, चांदी में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में 22 सितंबर को गिरावट आई। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव का असर इसकी घरेलू कीमतों पर पड़ा। दिल्ली सर्राफा बाजार में यह सोने में गिरावट का लगातार दूसरा दिन था।

चांदी की कीमतें 2.42 लाख रुपये पर स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी कीमत 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “सोने में मंगलवार को भी गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का बयान और अमेरिकी डॉलर में मजबूती है।”

डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सोने पर असर

डॉलर इंडेक्स 100 से ऊपर बना हुआ है। यह जुलाई के आखिर के बाद से इसका सबसे हाई लेवल है। डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर उसकी कीमतों पर पड़ता है। इस बीच, फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने कहा है कि इंटरेस्ट रेट लंबे समय तक हाई बना रह सकता है।

क्रूड में गिरावट का फिलहाल सोने पर असर नहीं 

क्रूड की कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन, फिलहाल इसका असर गोल्ड पर नहीं दिख रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 98.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह हाल में 108-109 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई है। क्रूड में नरमी से महंगाई बढ़ने का डर घटा है। लेकिन, कीमत अब भी फरवरी में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने से पहले के लेवल से काफी ज्यादा है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में कमजोरी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड करीब 1 फीसदी गिरकर 4,315 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। स्पॉट सिल्वर भी नरमी के साथ 65.60 डॉलर प्रति औंस पर था। इस बीच, इनवेस्टर्स की नजरें गुरुवार को न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर लगी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में मध्यपूर्व क्राइसिस पर भी चर्चा होगी।

टूथपेस्ट से लेकर नहाने के साबुन तक, हर सामान पर लगाना होगा वेज और नॉन वेज का निशान

साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट को की पैकिंग को देखने पर पहली नजर में यह बताना मुश्किल होता है कि ये उत्पाद पूरी तरह वेज हैं या नॉन वेज। इस समस्या से अक्सर खीझने वाले उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने इस उत्पादों पर खास लेबलिंग अनिवार्य कर दी है। इससे कस्टमर अब एक नजर देखकर जा सकेंगे कि पर्सनल केयर के ये उत्पाल वेजिटेरियन हैं या नॉन वेजिटेरियन हैं।

रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले टॉयलेटरीज की पैकिंग पर नॉन वेज और वेज की पहचान बताने वाले संकेत जरूरी होगा। इसके लिए सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) रूल्स, 2011 में बदलाव किया है। यह बदलाव सोमवार से लागू हो गया। नए नियमों के तहत, शाकाहारी उत्पादों की पैकेजिंग पर हरा डॉट होना चाहिए। वहीं मांसाहारी उत्पादों पर पर लाल या भूरा डॉट दिखना चाहिए।

यह संकेत पैकेज के मेन डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर लगाना होगा। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं के लिए शॉपिंग करते समय किसी उत्पाद की पहचान करना आसान बनाना है। यह नोटिफिकेशन खास तौर पर साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट और दूसरे कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज पर लागू होता है। यह जरूरी मार्किंग आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कई पर्सनल-केयर प्रोडक्ट्स पर लागू होगी। इससे कस्टमर्स खरीदने से पहले सीधे पैकेजिंग से प्रोडक्ट का शाकाहारी या मांसाहारी स्टेटस देख सकेंगे।

इस बदलाव के बाद ये उत्पाद लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत एक खास पैकेजिंग डिस्क्लोजर की जरूरत के तहत आ जाएंगे। कलर-कोडेड सिंबल का मकसद ग्राहकों को उत्पाद की सामग्री की पूरी जानकारी देखे बिना एक साफ दिखाई देने वाला संकेत देना है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अब लागू हुए बदलावों के साथ, इसके तहत आने वाले उत्पादों के विनिर्माताओं और विक्रेताओं को अपनी पैकेजिंग पर बताई गई लेबलिंग जरूरतों को फॉलो करना होगा।

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Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में कमजोरी, जानिए कमोडिटी मार्केट में आज कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : MCX पर सोने-चांदी में आज कमजोरी देखने को मिल रही है। 11.15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर गोल्ड का अक्तूबर वायदा 524 रुपए यानी 0.34 फीसदी की कमजोरी के साथ 152,580 पर नजर आ रहा था। वहीं, चांदी का दिसंबर वायदा 1,667.00 रुपए यानी 0.70 फीसदी की कमजोरी के साथ 237,820 के लेवल पर नजर आ रहा था। US फेडरल रिजर्व (Fed) का सख्त रुख को सोने-चांदी (जिससे कोई ब्याज नहीं मिलता) पर दबाव डालने वाला एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

फेड के अपडेटेड इकोनॉमिक प्रोजेक्शन से पता चलता है कि इस साल कम से कम एक और बार ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद है। इसके अलावा, बोस्टन फेड की प्रेसिडेंट सुसान कॉलिन्स और सेंट लुइस फेड के प्रेसिडेंट अल्बर्टो मुसालेम ने पॉलिसी को और सख्त करने का खुलकर समर्थन किया है। उनका मानना है कि कमोडिटी की कीमतों में अचानक उछाल के कारण महंगाई का जोखिम अभी भी बना हुआ है।

उधर भारतीय बाजार में सोने की कीमत ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम से ऊपर बनी हुई है और ₹1,42,000 से ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास एक मजबूत आधार बना रही है। बाजार जानकारों के मुताबिक,भारत में सोने की कीमतों में बड़ी बढ़त की उम्मीद है। इसकी वजह त्योहारों का मौसम है,जिससे फिजिकल सोने की मांग बढ़ रही है। उनका कहना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव,बढ़ती फिजिकल मांग और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में अस्थिरता जैसे अहम कारण दुनिया भर में सोने की कीमतों को बढ़ा सकते हैं। जेफरीज के फाइनेंशियल एनालिस्ट क्रिस वुड सोने को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। उनका मानना ​​है कि लंबे समय में सोने की कीमतें 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। सोने की कीमत का $10,000 प्रति औंस तक पहुंचने का मतलब है कि भारतीय बाजार में इसकी कीमत ₹3 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकती है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 2.10 रुपए यानी 0.15 फीसदी की बढ़त के साथ 1,414.55 रुपए पर और क्रूड ऑयर का अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 139 रुपए यानी 1.57 फीसदी की बढ़त के साथ 8,974 रुपए पर दिख रहा है। वहीं, नैचुरल गैस का सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.40 रुपए यानी 0.15 फीसदी की बढ़त के साथ 273.40 रुपए पर कारोबार कर रहा है।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Prithvi Finmart के मनोज कुमार जैन। इनको आज GOLD MINI और NICKEL में कमाई के मौके दिख रहे हैं। GOLD MINI अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट में इनकी 152800 रुपए के आसपास, 152200 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 154000 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, NICKEL अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट में इनकी 1590 रुपए के आसपास,1578 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1612 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Gold Rate Today : कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Prithvi Finmart के मनोज कुमार जैन। इनको आज GOLD MINI और NICKEL में कमाई के मौके दिख रहे हैं

Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी; तीन लिस्टिंग और Pine Labs, Lenskart, Waaree Energies समेत 16 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 56.60 प्वाइंट्स यानी 0.24% की बढ़त के साथ 23,496.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 21 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 564.03 प्वाइंट्स यानी 0.76% की बढ़त के साथ 74,858.99 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 67.90 प्वाइंट्स यानी 0.29% के उछाल के साथ 23,414.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lumino Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर लुमिनो इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.4% बढ़कर ₹40.2 करोड़ और रेवेन्यू 19.3% चढ़कर ₹521.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Augmont Enterprises Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऑगमोंट एंटरप्राइजेज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 15.3% गिरकर ₹57.7 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30.2% चढ़कर ₹18,945.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Symbiotec Pharmalab Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिंबॉयोटेक फार्मालैब का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 53% गिरकर ₹14.1 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.4% चढ़कर ₹218.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Pine labs

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक ब्लॉक डील के जरिए पाइन लैब्स में अपनी 4.3% हिस्सेदारी यानी 4.97 करोड़ शेयर बेच सकती है। इसके लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹179.5 तय किया गया है।

Waaree Energies

वारी एनर्जीज को एक अहम सोलर डेवलपर से 2 GW सोलर मॉड्यूल की सप्लाई का ऑर्डर मिला है।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के बोर्ड ने रायचक में एक ग्रीनफील्ड शिपयार्ड बनाने के लिए ₹2,896 करोड़ के कैपिटल बजट को मंजूरी दी है। इसका मकसद नेवल और कमर्शियल दोनों सेगमेंट में कंपनी की जहाज बनाने की क्षमता को बढ़ाना है।

Pace Digitek

पेस डिजीटेक की सब्सिडियरी लिनिएज पावर को एनटीपीसी जीई पावर सर्विसेज से बाढ़ STPP (NTPC स्टेज I और II) में BESS प्रोजेक्ट के लिए ₹488.46 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Share India Securities

शेयर इंडिया सिक्योरिटीज के बोर्ड ने कन्वर्टिबल वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹200 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा बोर्ड ने एक नई सब्सिडियरी बनाने और इसमें ₹120 करोड़ तक के इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी है।

Reliable Data Services

रिलायबल डेटा सर्विसेज के बोर्ड ने आने वाले कई प्रोजेक्ट्स, मौजूदा प्रोजेक्ट्स को अपग्रेड/विस्तार करने और कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹200 करोड़ तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Lenskart Solutions

अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के मालिकाना हक वाले प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट ने लेंसकार्ट के 3.5 करोड़ इक्विटी शेयर (2.01% होल्डिंग) ₹2,390.57 करोड़ में प्रति शेयर ₹683.02 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक ADIA के पास प्लैटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट के जरिए लेंसकार्ट में 9.77% इक्विटी हिस्सेदारी थी।

Anupam Rasayan India

360 ONE एसेट मैनेजमेंट के 360 ONE पाइप फंड ने अनुपम रसायन इंडिया के 9 लाख शेयर (0.79% होल्डिंग) ₹104.85 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,165 के भाव पर हासिल किए। वहीं दूसरी तरफ आशापुरा कमोडिटीज ने 15.02 लाख शेयर (1.3% हिस्सेदारी) ₹175.02 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,165.16 के भाव पर बेच दिए।

CP Capital

सिद्धार्थ ओबेरॉय की प्रूडेंट इक्विटी ने सीपी कैपिटल के 1.11 लाख शेयर (0.61% हिस्सेदारी) ₹1.66 करोड़ में प्रति शेयर ₹149.09 ने बेची।

Mazda

अमेरिका के क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.12 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) ₹2.89 करोड़ में प्रति शेयर ₹256.58 के भाव पर बेच दिए। इससे पहले शुक्रवार को भी क्रॉल रेनॉल्ड्स ने मजदा में 0.74% हिस्सेदारी बेची थी। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 7.23% हिस्सेदारी थी।

Vama Wovenfab, Quanto Agroworld, Shakti Polytarp

वाना वुवनफैब, क्वांटो एग्रोवर्ल्ड और शक्ति पॉलीट्रैप के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।