SBI Funds IPO: दूसरे दिन शेयर पर 16% जीएमपी, क्या पैसे लगाने से होगी जबर्दस्त कमाई?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Kusumgar के शेयरों की धांसू लिस्टिंग, IPO को 135 गुना बोली मिलने के बाद 37% का लिस्टिंग गेन

Kusumgar IPO Listing: एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए खास तरह के फैब्रिक्स बनाने वाली मुंबई की दिग्गज कंपनी कुसुमर की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 135 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹419 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹574.00 और NSE पर ₹569.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹597.00 (Kusumgar Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 42.48% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹39 के डिस्काउंट पर मिला है।

Kusumgar IPO को मिला था धांसू रिप्सांस

कुसुमगर का ₹650 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 299.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 174.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 27.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 11.09 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1,55,21,698 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है।

Kusumgar के बारे में

कुसुमगार एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव, और आउटडोर और लाइफस्टाइल सेगमेंट के लिए एडवांस्ड इंजीनियरिंग फैब्रिक्स बनाती है। इसके पास गुजरात में 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उत्तर प्रदेश में 1 फैब्रिकेशन यूनिट है। यह कंपनी डिफेंस सेक्टर के लिए पैराशूट सिस्टम, स्टील्थ सॉल्यूशंस और रैपिड डिप्लॉयमेंट सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके अलावा ऑटोमोटिव और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यह खास फैब्रिक तैयार करती है। कंपनी की कुल कमाई में एयरोस्पेस और डिफेंस फैब्रिक्स की 32%, एयरोस्पेस और डिफेंस सॉल्यूशंस की 23%, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव फैब्रिक्स की 24% और आउटडोर और लाइफस्टाइल फैब्रिक्स की 19% हिस्सेदारी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹84.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹111.99 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹98.20 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹474.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹790.21 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹711.78 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹223.58 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹491.05 करोड़ पड़े थे।

अमेरिका से आई राहत की खबर पर मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: खुल गया ₹9813 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में गिरी सेहत, निवेश से पहले जान लें ये 10 अहम बातें

SBI Funds Management IPO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल चुका है। पहले यह आईपीओ ₹11,693 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 बड़े निवेशकों से ₹1880 करोड़ जुटाने के बाद यह आईपीओ अब ₹9813 करोड़ है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के ₹9813 करोड़ के आईपीओ में ₹545-₹574 के प्राइस बैंड और 26 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और एसबीआई के एंप्लॉयीज को हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिलेगा। एसबीआई के शेयरहोल्डर्स के लिए कोई छूट नहीं है।

2. अहम डेट्स

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ आज 14 जुलाई को खुला है और 16 जुलाई को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 21 जुलाई को एंट्री होगी।

3. एंकर बुक

आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 129 एंकर निवेशकों से ₹2663 करोड़ जुटाए। इसके तहत ब्लैकरॉक, अबूधाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, मॉर्गन स्टैनले, गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर समेत अन्य एंकर निवेशकों को ₹574 के भाव पर 17.09 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। इसमें से ₹991 करोड़ के 1.72 करोड़ शेयर एचडीएफसी एएमसी, एक्सिस म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल एएमसी समेत 23 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 70 स्कीम्स के जरिए जारी हुए हैं।

4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की स्थिति कमजोर हुई है और आईपीओ खुलने से पहले इसकी जीएमपी ₹110 तक चली गई थी। हालांकि अब यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹93 यानी 16.20% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हो रही है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग बेच रहा है।

6. रजिस्ट्रार

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिन टेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिलेगा बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिलेगा।

8. कंपनी के बारे में?

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

9. कैसी है कारोबारी सेहत?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

10. क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ पर ब्रोकरेजेज का रुझान पॉजिटिव है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लीडरशिप पोजिशन, एसबीआई के दमदार डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के सपोर्ट, मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और हाई ऑपरेटिंग मार्जिन के चलते ब्रोकरेजेज इसे लेकर बुलिश हैं। स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है तो अरिहंत कैपिटल ने भी लॉन्ग टर्म के लिए इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी

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त्योहारों में महंगे हवाई टिकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए एयरफेयर नियम

supreme court on air fare

त्योहारों और छुट्टियों के दौरान एयरलाइंस कंपनियों द्वारा बढ़ाए जाने वाले हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों के भीतर नए एयरफेयर नियम सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। ALSO READ: हार्मुज स्ट्रेट में UAE के 2 तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला, 1 भारतीय की मौत; अमेरिका ने नाकेबंदी का किया ऐलान

 

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियम संसद में पेश हों या न हो, लेकिन सरकार को अगले 2 हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी 'सीलबंद लिफाफे' में कोर्ट में जमा करनी होगी।

 

क्या थी याचिकाकर्ता की मांग?

सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी।

याचिका में किराए की अधिकतम सीमा तय करने, यात्रियों के मुफ्त चेक इन सामान का वजन दोबारा 25 किलोग्राम करने जैसी मांगें भी की गई हैं। उन्होंने देश में एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाने की मांग की थी, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। ALSO READ: SBI Funds Management IPO खुला: 11,693 करोड़ के इश्यू पर दांव लगाने से पहले जानें GMP, प्राइस बैंड और लिस्टिंग डेट

 

किरायों में भारी उछाल यात्रियों का शोषण

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए। कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान किरायों में भारी उछाल को यात्रियों का शोषण करार दिया था। ALSO READ: 900 साल पुरानी मूर्ति का रहस्य सुलझा, सरस्वतीजी की समझी जाने वाली मूर्ति निकली देवी गायत्री की दुर्लभ प्रतिमा

कोर्ट ने केंद्र और डीजीसीए से इस पर विचार के लिए कहा था। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि 'भारतीय वायुयान कानून, 2024' लागू हो चुका है। उसके आधार पर नए नियम बनाए जा रहे हैं।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बुल्स ने जोरदार तरीके से वापसी की है। निफ्टी नीचे से करीब 200 अंक रिकवर होकर 24200 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी नीचे से 500 अंकों का सुधार हुआ है। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रिकवरी आई है। हालांकि फीयर इंडेक्स INDIA VIX अभी भी करीब 9 फीसदी ऊपर है। लेकिन यह कंफर्ट जोन के नीचे है। IT शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी IT इंडेक्स 4% दौड़ा है। TCS, इंफोसिस,टेक महिंद्रा और HCL टेक करीब 4-5 फीसदी उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर बने हैं। TCS 2 दिनों में करीब 7 फीसदी उछला है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। कल्याण ज्वेलर्स में आज भी10% का अपर सर्किट लगा है। यह शेयर 4 दिनों में करीब 50 फीसदी चढ़ा है। हालांकि रियल्टी,मेटल और FMCG में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

बाजार: शानदार रिकवरी

बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने खरीदारी जोन का सम्मान किया है। सुबह घबराहट में ना बेचने की सलाह काम आई है। उम्मीद के मुताबिक निफ्टी IT ने रिकवरी को लीड किया है। TCS आज का स्टॉक ऑफ द डे रहा। इसने 2 दिनों में शानदार रिटर्न्स दिए। बैंक निफ्टी में भी निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी दिखी। मिडकैप आज कम चले,लेकिन यहां भी अच्छी रिकवरी रही। इंडिया VIX 9% भागा लेकिन कम्फर्ट जोन के नीचे है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार में ट्रंप फैक्टर का डर खत्म हो गया है?

बाजार: अब क्या?

यह कहना कि ट्रंप फैक्टर खत्म हो गया है, जल्दबाज़ी होगा। लेकिन एक बात साफ है कि बाजार में अब घबराहट नहीं है। पिछले बुधवार का लो अब पत्थर की लकीर बन चुका है और आज तो निफ्टी ने 24,000 तक नहीं तोड़ा। बैंक निफ्टी ने ठीक 20 DEMA से रिवर्सल दिखाया। बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का बन चुका है। ऐसे में बने रहें और गिरावट में सौदे और जोड़ें। ओवरनाइट पोज़िशन को चाहें तो थोड़ा हेज करें। शुक्रवार के हेज ने आज सुबह शानदार काम किया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,000-24,050 पर सपोर्ट और 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,700 पर सपोर्ट और 58,200-58,500 पर रेजिस्टेंस है।

IT: अब क्या है नजरिया?

पिछले कुछ दिनों से लगातार IT पर पॉजिटिव नजरिया था। इस महीने निफ्टी IT 11% चल चुका है। आज सुबह भी हमने खुलते ही IT लेने का नजरिया रखा था। TCS पर भी शुक्रवार सुबह से पॉजिटिव राय रखी गई थी। शुक्रवार को शुरुआत ही हमने TCS के एनालिसिस से की थी। IT में इस बार की रैली थोड़ी अलग लग रही है। पहले दो रैलियां बुरी तरह से फेल हुई थीं। लेकिन इस बार कंपनियों के पॉजिटिव इरादे के बाद तेजी आई है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।

इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।

यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।

UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।

PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।

इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।

 

 

Chartist Talk: जुलाई में निफ्टी के 25000 के स्तर को पार करने की संभावना कम, जोरदार कमाई के लिए इस हफ्ते इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Shadowfax Technologies में हो सकती है ब्लॉक डील, ₹700 करोड़ के शेयर बेचने की तैयारी में Flipkart

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। इस हिस्सेदारी की कीमत 700-750 करोड़ रुपये हो सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया, “फ्लिपकार्ट जुलाई महीने के आखिर में एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत शैडोफैक्स में शेयर बेच सकती है। शैडोफैक्स के शेयरहोल्डर्स के​ लिए 6 महीने का लॉक-इन पीरियड जुलाई के आखिर में खत्म हो रहा है।”

शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹1,907.27 करोड़ का था। फ्लिपकार्ट ने शैडोफैक्स के IPO में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत कुछ शेयर बेचे और शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी घटाकर लगभग 8 प्रतिशत कर ली। उसके पास अभी भी लगभग 4.26 करोड़ शेयर हैं। शैडोफैक्स के शेयर की कीमत फिलहाल 230 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है।

फ्लिपकार्ट ने पहली बार 2019 में शैडोफैक्स में निवेश किया था और बाद के फंडिंग राउंड में भी इस लॉजिस्टिक्स कंपनी को सपोर्ट किया। आज शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। साथ ही यह उन कई कारोबारों के लिए मुख्य डिलीवरी पार्टनर के तौर पर भी काम करती है, जो पूरी तरह से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पर निर्भर हैं।

पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती फ्लिपकार्ट

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि फ्लिपकार्ट एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत 700-750 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकती है। यह डील आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है। हालांकि फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स में अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती। मौजूदा 4.26 करोड़ शेयरों में से, फ्लिपकार्ट के लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने की संभावना है। अगर यह डील हो जाती है, तो फिर फ्लिपकार्ट के पास शैडोफैक्स में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। बाकी बचे 89 लाख शेयर फ्लिपकार्ट को अपने पास रखने होंगे क्योंकि वे ‘मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन’ का हिस्सा हैं।

मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन वह न्यूनतम हिस्सेदारी है, SEBI किसी IPO के बाद लॉक-इन रखने के लिए जरूरी मानता है। ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रमोटर्स का कंपनी में लंबे समय तक हित बना रहे और पब्लिक इनवेस्टर्स को भरोसा दिलाया जा सके कि मुख्य शेयरधारक लिस्टिंग के तुरंत बाद बाहर नहीं निकल सकते। इन शेयरों पर एक अनिवार्य लॉक-इन पीरियड लागू होता है, जो कि आमतौर पर 18 महीने होता है। इस दौरान इन्हें बेचा नहीं जा सकता।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।