Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज का ₹170 करोड़ का IPO 23 जुलाई को खुलने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। पब्लिक इश्यू में 1.34 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी एक इंटीग्रेटेड IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह एंटरप्राइज एप्लिकेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज, प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप्स जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज के प्रमोटर सुखबीर सिंह कुकरेजा, जोगेंद्रपाल सिंह अलघ और शाइनी ​सुखबीर हैं। IPO में एंकर निवेशक 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को लिस्ट होंगे। इस IPO के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार, Kfin Technologies Ltd है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए, सिस्टम्स और हार्डवेयर की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Xtranet Technologies में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹127 से 19.69% प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

Xtranet Technologies की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹366 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹276.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 36% की बढ़ोतरी के साथ ₹40.73 करोड़ रहा। EBITDA ₹63.18 करोड़ दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा ₹30 करोड़ और EBITDA ₹47.20 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज पर ₹85.45 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

20 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश में 5 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 2 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड है। शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 5 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Gulf Lloyds IPO: ₹18.19 करोड़ का इश्यू 20 जुलाई को खुल रहा है और 22 जुलाई को बंद होगा। IPO प्राइस ₹100 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1200 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 23 जुलाई को फाइनल हो सकता है, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 27 जुलाई को हो सकती है।

Metalic Technoforge IPO: ₹49.96 करोड़ का इश्यू 21 जुलाई को खुलेगा। इसमें ₹72-₹77 प्रति शेयर के भाव पर और 1600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 23 जुलाई को होगी। अलॉटमेंट 24 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी NSE SME पर 28 जुलाई को लिस्ट होने वाली है।

Cube Highways Trust InvIT: यह 22 जुलाई को ओपन होगा और 24 जुलाई को क्लोजिंग होगी। कंपनी ₹5000 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹151-₹152 प्रति शेयर है। अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। यूनिट्स की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shree Balaji Mala IPO: ₹18.90 करोड़ का पब्लिक इश्यू 22 जुलाई को खुल रहा है। इसमें ₹66-₹70 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में 24 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। IPO के बंद होने के बाद अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 29 जुलाई को सकती है।

Xtranet Technologies IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹166.80 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 110 शेयर है। क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश, लिस्टिंग बाद वैल्यूएशन 5.1 अरब डॉलर

पहले से खुले IPO

Sotefin Bharat IPO: ₹89.76 करोड़ का इश्यू 16 जुलाई को खुला था और 20 जुलाई को बंद होगा। इसे अभी तक 80 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹178-₹187 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 21 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की ​लिस्टिंग BSE SME पर 23 जुलाई को सकती है।

Caliber Mining IPO: यह इश्यू ₹450 करोड़ का है। यह 17 जुलाई को खुला था और अभी तक 1.31 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹402-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 21 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर SBI Funds Management और Alpine Texworld की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Millworks Technologies के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 23 जुलाई को BSE SME पर Sotefin Bharat के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 24 जुलाई को NSE और BSE पर Caliber Mining के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश

जेप्टो के आईपीओ को नॉर्जेज के कई फंडों, नॉर्वेजियन सॉवरेन वेल्थ फंड, मोतीलाल ओसवाल और अन्य निवेशकों की बोलियां मिली हैं। इस मामले से जुड़े कई लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि जेप्टो के एंकर बुक का करीब 40-45 फीसदी हिस्सा नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल कवर कर सकती हैं।

जेप्टो के आईपीओ का प्रोसेस अभी चल रहा है। कुछ बड़े म्यूचुअल फंड्स ने भी जेप्टो पर दांव लगाने में दिलचस्पी दिखाई है। वह क्विक कॉमर्स कंपनी के फंड जुटाने के प्लान का हिस्सा बन सकते हैं। जेप्टो, नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल ने इस बारे में मनीकट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए।

गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल (GPFG) जैसे फंडों के जरिए नॉर्जेज ने पहले से ही कई न्यू-एज कंपनियों में निवेश कर रखा है। इनमें Eternal और Swiggy शामिल है। इनका क्विक कॉमर्स मार्केट में सीधे जेप्टो से मुकाबला है। क्विक कॉमर्स मार्केट में ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट भी मौजूद हैं।

जेप्टो की नई प्री-मनी वैल्यूएशन 4.3 अरब डॉलर और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब 5.1 अरब डॉलर है। यह अक्तूबर 2025 में US CALPERS और दूसरे निवेशकों के 45 करोड़ डॉलर के निवेश के लिए लगाई गई जेप्टो की 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का 27 फीसदी है।

जेप्टो की वैल्यूएशन में आई कमी की वजह कंपनी के लगातार निवेश (Cash Burn), मुनाफा बनाने की क्षमता और दूसरे पैमाने हैं, जिनको लेकर सवाल खड़े होते हैं। न्यू-एज कंपनियों के प्राइवेट मार्केट के मुकाबले पब्लिक मार्केट में वैल्यूएशन कम रखने के मामले पहले भी आ चुके हैं। Meesho सहित कुछ कंपनियां ऐसा कर चुकी हैं।

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जेप्टो ने पिछले महीने की शुरुआत में सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) फाइल किया था। कंपनी आईपीओ में नए शेयर इश्यू करेगी। साथ ही इसमें ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल होगा। इसके जरिए पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ 9,000-10,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।

ABB India share price : 8% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना शेयर, जानिए क्या रही वजह

ABB India share price : ABB ग्लोबल के मजबूत नतीजों से ABB इंडिया में शानदार तेजी है। आज यह शेयर 8% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। फिलहाल 12.20 बजे के आसपास यह शेयर 594 रुपए यानी 8.24 फीसदी की बढ़त के साथ 7787 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज के कारोबारी सत्र में इसने 7,924.50 रुपए का हाई और 7,191 रुपए का लो छुआ है। स्टॉक में भारी वॉल्यूम के साथ तेजी आई है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 1,821,556 शेयर और मार्केट कैप 165,330 करोड़ रुपए के आसपास दिख रहा है।

ABB इंडिया में तेजी क्यों?

ABB इंडिया की पैरेंट कंपनी ABB ग्लोबल के दूसरी तिमाही के नतीजे ब्लॉकबस्टर रहे हैं। इस अवधि में कंपनी का इंडिया रीजन का इनफ्लो सालाना आधार पर 81 फीसदी बढ़ा है। दूसरी तिमाही में ऑर्डर ग्रोथ 30 फीसदी बढ़कर 12,04.2 करोड़ डॉलर हो गई है। इस तिमाही में कंपनी की आय 14 फीसदी बढ़कर 9,47.5 करोड़ डॉलर रही है। ABB ग्लोबल के ऑपरेटिंग मार्जिन पहली पर 20% के पार रहे हैं। ऑपरेटिंग कैश फ्लो में 9% और ROCE 28.4% रहा है। Q2 ऑर्डर 30% बढ़कर 12,04.2 करोड़ डॉलर रहा है। सभी क्षेत्र में ऑर्डर ग्रोथ डबल डिजिट में रही है। एशिया,पश्चिम एशिया और अफ्रीका में 13% ऑर्डर ग्रोथ देखने को मिली है।

ABB इंडिया पर असर

ABB ग्लोबल के इंडिया इनफ्लो में ABB इंडिया और अनलिस्टेड एंटिटी शामिल हैं। एनालिस्ट को ABB इंडिया में 20% इनफ्लो का अनुमान था। इनफ्लो ग्रोथ 25-30 फीसदी और रन रेट 4200 करोड रुपए पर रहना ABB इंडिया के लिए बड़ा पॉजिटिव है। इनफ्लो मजबूत रहने से कैलेंडेर ईयर 2027 का आउटलुक अपग्रेड संभव है। इसके चलते ही आज इस शेयर में जोरदार तेजी आई है।

शेयर की चाल पर एक नजर

पिछले 1 हफ्ते में यह शेयर 11.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 14.87 फीसदी की तेजी आई है। 3 महीने में यह शेयर 13.99 फीसदी और इस साल अब तक 50.53 फीसदी भागा है। 1 साल में इसने 38.03 फीसदी और 3 साल में 77.75 फीसदी रिटर्न दिया है। स्टॉक का 52 वीक हाई 7,924.50 रुपए और 52 वीक लो 4,637.50 रुपए है।

 

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मजबूत NBFCs,बैंक और रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें, SBI Funds IPO में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए लगाएं दांव

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी अब तक पिछले बुधवार की कैंडल नहीं तोड़ पाया है। बुधवार का हाई 24,300 और निचला स्तर 23,805 था। पिछले 3-4 दिनों का हाई देखिए,वही पार नहीं हो रहा। लेकिन निचले स्तर पर 24,000 भी नहीं टूट रहा है। कल भी हमारा 24,200-24,250 का शॉर्ट जोन था और क्लोजिंग में वापस हमने न्यूट्रल नजरिया रखा। अभी कुछ दिन यही रणनीति रहेगी। निफ्टी में इंट्राडे रहिए और क्लोजिंग में न्यूट्रल रहें।

बाजार: आज के 2 बड़े सेक्टरल कॉल्स

कोरिया के बाजार में भारी गिरावट आई है। बैंक ऑफ कोरिया ने पॉलिसी रेट 2.50% से बढ़ाकर 2.75% किया है। आमतौर पर कोस्पी में गिरावट हमारे लिए एल्गो पॉजिटिव मानी जाती है। खास तौर से IT शेयरों में आज फिर तेजी आ सकती है। कल भी हमने IT पर घबराने से रोका था। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने LTTS पर बिना घुमाए-फिराए लॉन्ग का नजरिया दिया था। TCS पर भी पिछले 1 हफ्ते से पॉजिटिव नजरिया रहा है। सिर्फ टाटा एलेक्सी और HCLTech पर हमने निगेटिव नजरिया रखा था। नतीजे,प्लेसमेंट और वैल्युएशन का कॉम्बिनेशन देखिए। आज उदाहरण के तौर पर विप्रो और टेक महिंद्रा पर लगभग सभी निगेटिव हैं। अगर इनके नतीजे हल्के से भी बेहतर आए तो इनमें जोरदार तेजी आ सकती है।

कच्चा तेल $85 पर है और रुपया ऑल टाइम लो के करीब है। ये भी IT शेयरों के लिए एल्गो पॉजिटिव ट्रिगर्स हैं। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। कल ICICI Pru के नतीजे बाजार के दौरान आए थे। ICICI Pru में प्रूडेंशियल की बिक्री का डर भी कम हुआ है। HDFC Life के नतीजे भी काफी अच्छे हैं।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमारी दिक्कत ये है कि कच्चा तेल $85 पर अड़ा हुआ है और यही कारण है कि कोई रैली टिकती नहीं है। मगर बाजार में किसी भी एंगल से पैनिक नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है India VIX। India VIX में रत्ती भर भी डर के संकेत नहीं हैं। इसीलिए जैसे ही हम 24,000 के करीब आते हैं,खरीदारी आ जाती है। ऐसे में इस रेंज को स्मार्टली खेलने की जरूरत है। इंडेक्स में बड़ी ट्रेड 23,800 के नीचे या 24,300 के ऊपर ही मिलेगी। तब तक आपको इंडेक्स में इंट्राडे ही रहना होगा और क्लोजिंग में किसी भी लेकर जाने की टेम्पटेशन से बचिए। लेकर जाना ही है तो हेज के साथ या इंडिविजुअल शेयरों में मजबूत NBFCs,बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट शेयरों को गिरावट में खरीदें। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में अब इन स्तरों पर शॉर्ट से बचें। जहां अर्निंग्स मजबूत हैं और कमेंट्री पॉजिटिव है,वहां खरीदारी करें।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,275-24,325 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 23,950-24,050 पर और बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,000-24,050 है। इसके लिए 23,950 पर स्टॉप-लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,200-24,250 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 24,325 पर रखें।

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बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,500-57,700 पर और बड़ा सपोर्ट 57,200-57,400 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,200-58,500 पर है। इस समय बैंक निफ्टी में ट्रेड करना बेहद मुश्किल है। कल का इंट्राडे चार्ट देखिए।

SBI Funds IPO: क्या करें निवेशक?

SBI Funds देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है,मगर सिर्फ AUM के आधार पर। सिर्फ AUM सबसे बड़े MF का पैमाना नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो IPO वैल्यूएशन ICICI Pru के मुकाबले इतने डिस्काउंट पर नहीं होता। ऊपरी प्राइस बैंड पर मार्केट कैप ICICI Pru से 40,000 करोड़ रुपए कम होगा। SBI AMC की AUM ग्रोथ 17% है,जबकि ICICI Pru की 26% है। SBI AMC का Equity AUM 36% है,जबकि इंडस्ट्री एवरेज 56% है। SBI AMC का 32% AUM Passive Funds से है। यही कारण है कि SBI MF का मुनाफा कमजोर है और ICICI Pru के मुकाबले ROE काफी नीचे है। अब क्योंकि टेबल पर कुछ छोड़ा है तो लिस्टिंग गेन मिल सकता है। अगर अप्लाई कर रहे हैं तो सिर्फ लिस्टिंग गेन के हिसाब से करें। अगर सिर्फ MF सेक्टर पर दांव लगाना है तो और भी बेहतर विकल्प हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Happy Steels की ठीकठाक शुरुआत, शेयर 3% प्रीमियम पर लिस्ट

हैप्पी स्टील्स की गुरुवार, 16 जुलाई को लिस्टिंग ठीकठाक रही। NSE SME पर शेयर 3 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 68 रुपये पर लि​स्ट हुआ। IPO प्राइस 66 रुपये था। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर 5 प्रतिशत उछला और 71.40 रुपये पर अपर प्राइस बैंड हिट किया। कंपनी का 25 करोड़ रुपये का IPO 54.54 गुना भरकर बंद हुआ था। इसमें 38 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का मार्केट कैप 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

1996 में इनकॉरपोरेट हुई हैप्पी स्टील लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है। यह सेफ्टी-क्रिटिकल, फोर्ज्ड और मशीन्ड ट्रांसमिशन और ड्राइवलाइन पार्ट्स बनाती है। ये पार्ट्स ऑन-हाइवे, ऑफ-हाइवे, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और डिफेंस सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन में काम करती है। इसकी क्षमताओं में कच्चा माल खरीदना, फोर्जिंग, हीट ट्रीटमेंट, प्रिसिजन मशीनिंग, गियर कटिंग, ड्रिलिंग, सरफेस हार्डनिंग, ग्राइंडिंग, इंस्पेक्शन और पैकिंग शामिल हैं।

हैप्पी स्टील्स के प्रोडक्ट्स में कई तरह के एक्सल, लंबे स्प्लाइन शाफ्ट, स्पिंडल और दूसरे सेफ्टी-क्रिटिकल और लोड-बेयरिंग पार्ट्स शामिल हैं। ये पार्ट्स गाड़ियों की परफॉर्मेंस और सेफ्टी में अहम भूमिका निभाते हैं। ये प्रोडक्ट्स भारत और विदेशों में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और टियर-I सप्लायर्स को सप्लाई किए जाते हैं।

Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

Laser Power IPO Listing: ₹214 के शेयर 26% प्रीमियम पर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Paytm के Q1 नतीजे 20 जुलाई को, पहली बार बोनस शेयरों का भी हो सकता है ऐलान

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का बोर्ड 20 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की मीटिंग खत्म होने के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही कंपनी का बोर्ड बोनस शेयरों के इश्यू को भी मंजूरी दे सकता है। पेटीएम इस बारे में शेयर बाजारों को जानकारी दे चुकी है।

साल 2021 में लिस्टिंग के बाद कंपनी पहली बार बोनस शेयरों का तोहफा दे सकती है। Paytm के अभी 7.5 लाख से ज्यादा रिटेल शेयरहोल्डर हैं। इनके पास कंपनी में जून 2026 के आखिर तक 8 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी थी। पेटीएम का IPO 18300 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी नवंबर 2021 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई।

मार्च तिमाही में 183 करोड़ रुपये रहा था Paytm का मुनाफा

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान One97 Communications ने 183 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया था। एक साल पहले कंपनी 545 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये रहा था। मार्च 2025 तिमाही में यह 1,912 करोड़ रुपये था।

शेयर 2 साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर बुधवार को BSE पर 1367.90 रुपये पर बंद हुआ।पेटीएम का मार्केट कैप 87600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का शेयर एक महीने में 22 प्रतिशत, एक साल में 38 प्रतिशत और 2 साल में 190 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,407 रुपये और एडजस्टेड लो 947.10 रुपये है।

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Q1 नतीजों को लेकर क्या उम्मीद

JM फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Paytm का जून 2026 तिमाही में प्रदर्शन अच्छा रहेगा, जिसकी वजह मुख्य बिजनेस की मजबूती है। Paytm जून तिमाही में भी मुनाफा देख सकती है। EBITDA मार्जिन के तिमाही आधार पर बढ़ने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Caliber Mining IPO: 17 जुलाई को खुलेगा कैलिबर माइनिंग का आईपीओ, ग्रे मार्केट में शेयर ने मचाया धमाल

Caliber Mining IPO: कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स का आईपीओ 17 जुलाई को खुलेगा। कंपनी ने इश्यू के लिए 402-424 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। 450 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 21 जुलाई को बंद होगा। इस आईपीओ में कंपनी 400 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत 50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे।

शेयरों का एलॉटमेंट 22 जुलाई को

Caliber Mining and Logistics के शेयरों का एलॉटमेंट 22 जुलाई को हो सकता है। शेयर बाजारों में शेयर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं। ओएफएस में चड्ढ़ा फैमिली अपने शेयर बेचेगी। पहले ओएफएस के तहत 100 करोड़ रुपये के शेयर बेचने का प्लान था। कंपनी ने दिसंबर 2024 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। तब इश्यू का साइज 600 करोड़ रुपये था। सेबी ने डीआरएचपी मई 2025 में एप्रूव कर दिया था।

ग्रे मार्केट में शेयर पर चल रहा 19% प्रीमियम

कैलिबर माइनिंग के शेयर को ग्रे मार्केट में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 80 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर शेयर बाजार में प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल से करीब 19 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टरगेन ने भी इस शेयर का जीएमपी 80 रुपये बताया है।

कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,772 करोड़ रुपये

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,772 करोड़ रुपये है। रिटेल इनवेस्टर्स को शेयरों के कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 35 शेयरों का है, जिसकी कीमत प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 14,840 रुपये होगी। इश्यू के आधे शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व हैं। 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 35 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हैं।

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माइनिंग से जुड़ी सर्विसेज ऑफर करती है कंपनी 

यह कंपनी माइनिंग से जुड़ी कई तरह की सर्विसेज ऑफर करती है। इनमें कोल एक्सट्रैक्शन, ओवरबर्डेन रिमूवल, रोड ट्रांसपोर्टेशन और रेल कोऑर्डिशन शामिल हैं। कंपनी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सेवाएं देती है। कोल इंडिया की सब्सिडियरीज इसके सबसे बड़े ग्राहकों में हैं। इनमें वेस्टर्न कोलफील्ड्स और नॉर्दन कोलफील्ड्स शामिल हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

SBI Funds IPO: दूसरे दिन शेयर पर 16% जीएमपी, क्या पैसे लगाने से होगी जबर्दस्त कमाई?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।