Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

Zepto IPO: दिग्गज क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो आईपीओ से पहले अपने शेयरहोल्डर्स के साथ एक एग्रीमेंट किया है। कंपनी ने शनिवार को ऐलान किया कि यह एग्रीमेंट प्री-आईपीओ इक्विटी प्लेसमेंट को लेकर हुआ है। इसका उद्देश्य कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करना है। कंपनी का कहना है कि इस नई फंडिंग से उसके मौजूदा ₹5,681 करोड़ के कैश रिजर्व में और बढ़ोतरी होगी। साथ ही कंपनी ने यह दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक उस पर कोई कर्ज नहीं था। कंपनी का कहना है कि पब्लिक मार्केट इंवेस्टर्स से बोर्ड और फाउंडर्स को कंपनी की लिस्टिंग का प्रस्ताव मिला और उन्होंने दिलचस्पी दिखाई लेकिन फिलहाल कंपनी का फोकस कारोबार पर है।

तो क्या नहीं आएगा Zepto IPO?

मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए जेप्टो का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान अपने कारोबार के प्रभावी एग्जेक्यूशन पर है। हालांकि इसमें कहीं भी ये बात नहीं कही गई है कि आईपीओ में कोई देरी होगी। कंपनी ने सिर्फ इतना स्पष्ट किया है कि अभी उसकी प्राथमिकता अपने कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने और विस्तार करने की है। कंपनी का कहना है कि आने वाली तिमाही में नए ऑपरेटिंग रिजल्ट और फाइनेंशियल के साथ आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया जाएगा और अपडेटेड ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने के बाद सेबी के नियमों के हिसाब से तय समय के भीतर लिस्ट होगी।

आईपीओ को लेकर क्या है जेप्टो की योजना

जेप्टो लगभग $450 करोड़ (करीब ₹42,925 करोड़) के वैल्यूएशन पर फंड जुटाने की तैयारी में है। इसमें घरेलू घरेलू निवेशक मुख्य रूप से शामिल होंगे, जिससे कंपनी में भारतीय हिस्सेदारी करीब 40% के मौजूदा स्तर से अधिक हो जाएगी। हालांकि वैल्यूएशन की बात करें तो यह अक्टूबर 2025 में इसकी $700 करोड़ के वैल्यूएशन से कम है, जब कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) की अगुवाई वाले राउंड में $45.0 करोड़ जुटाए थे। जेप्टो ने दिसंबर 2025 में गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए आईपीओ का शुरुआती ड्राफ्ट फाइल किया था। जून 2026 में फाइल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर के अनुसार कंपनी नए शेयर जारी करके ₹8,010 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स भी 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे।

कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ऑपरेशंस से ₹22,624 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24,816 करोड़ का NRV (नेट रिसीवेबल्स वैल्यू) हासिल हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में हर दिन इसने औसतन 17.5 लाख ऑर्डर प्रोसेस किए और मार्च तिमाही में तो यह आंकड़ा हर दिन औसतन 23.3 लाख हो गया। मार्च 2026 तक इसके 1,189 स्टोर्स चल रहे थे और इसका सालाना ट्रांजैक्टिग यूजर बेस करीब 4.8 करोड़ था।

Optimystix Entertainment IPO: कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर शेफ्स, क्राइम पेट्रोल की प्रोड्यूसर होगी लिस्ट, 7 अगस्त को खुलेगा ₹108 करोड़ का इश्यू

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश

जेप्टो के आईपीओ को नॉर्जेज के कई फंडों, नॉर्वेजियन सॉवरेन वेल्थ फंड, मोतीलाल ओसवाल और अन्य निवेशकों की बोलियां मिली हैं। इस मामले से जुड़े कई लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि जेप्टो के एंकर बुक का करीब 40-45 फीसदी हिस्सा नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल कवर कर सकती हैं।

जेप्टो के आईपीओ का प्रोसेस अभी चल रहा है। कुछ बड़े म्यूचुअल फंड्स ने भी जेप्टो पर दांव लगाने में दिलचस्पी दिखाई है। वह क्विक कॉमर्स कंपनी के फंड जुटाने के प्लान का हिस्सा बन सकते हैं। जेप्टो, नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल ने इस बारे में मनीकट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए।

गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल (GPFG) जैसे फंडों के जरिए नॉर्जेज ने पहले से ही कई न्यू-एज कंपनियों में निवेश कर रखा है। इनमें Eternal और Swiggy शामिल है। इनका क्विक कॉमर्स मार्केट में सीधे जेप्टो से मुकाबला है। क्विक कॉमर्स मार्केट में ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट भी मौजूद हैं।

जेप्टो की नई प्री-मनी वैल्यूएशन 4.3 अरब डॉलर और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब 5.1 अरब डॉलर है। यह अक्तूबर 2025 में US CALPERS और दूसरे निवेशकों के 45 करोड़ डॉलर के निवेश के लिए लगाई गई जेप्टो की 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का 27 फीसदी है।

जेप्टो की वैल्यूएशन में आई कमी की वजह कंपनी के लगातार निवेश (Cash Burn), मुनाफा बनाने की क्षमता और दूसरे पैमाने हैं, जिनको लेकर सवाल खड़े होते हैं। न्यू-एज कंपनियों के प्राइवेट मार्केट के मुकाबले पब्लिक मार्केट में वैल्यूएशन कम रखने के मामले पहले भी आ चुके हैं। Meesho सहित कुछ कंपनियां ऐसा कर चुकी हैं।

यह भी पढ़ें: Caliber Mining IPO: इस माइनिंग कंपनी ने एंकर बुक में दिग्गज निवेशकों से जुटाए ₹135 करोड़, आज से खुला इश्यू; जानें पूरी डिटेल्स

जेप्टो ने पिछले महीने की शुरुआत में सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) फाइल किया था। कंपनी आईपीओ में नए शेयर इश्यू करेगी। साथ ही इसमें ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल होगा। इसके जरिए पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ 9,000-10,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है।