Manipal Health IPO: पैसों का कर लें इंतजाम! कल से खुल रहा है मणिपाल हेल्थ का मेगा इश्यू , जानें ब्रोकरेज की राय

Manipal Health Enterprises IPO: देश की प्रमुख अस्पताल चेन मणिपाल हॉस्पिटल्स का संचालन करने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ कल यानी 29 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। अगर आप भी इस IPO में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश करने से पहले इसका प्राइस बैंड, जीएमपी, लॉट साइज और ब्रोकरेज रिपोर्ट जान लें।

Manipal Health IPO: प्राइस बैंड और इश्यू साइज

  • प्राइस बैंड: ₹560 से ₹590 प्रति शेयर।
  • ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 29-31 जुलाई
  • अलाटमेंट: 3 अगस्त
  • लिस्टिंग: 5 अगस्त
  • न्यूनतम निवेश: रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट (25 शेयर) के लिए बोली लगा सकते हैं। अपर प्राइस बैंड (₹590) के हिसाब से 1 लॉट के लिए ₹14,750 का निवेश करना होगा।
  • इश्यू साइज: ₹9,275 करोड़ (₹8,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,275 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

कंपनी प्रोफाइल और फंड का इस्तेमाल

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज बेड क्षमता के आधार पर भारत का सबसे बड़ा पैन-इंडिया मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्क है। मार्च 2026 तक कंपनी 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 49 अस्पतालों और 13,037 लाइसेंस प्राप्त बेड्स का संचालन करती है।

कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड के बकाए कर्ज को चुकाने, सह्याद्री हॉस्पिटल्स में माइनॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

FY26 में कंपनी की कुल आय 26% बढ़कर ₹10,520.52 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹8,362.79 करोड़ थी। EBITDA भी बढ़कर ₹2,795.94 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,247.07 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) घटकर ₹916.52 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹1,081.67 करोड़ था।

ब्रोकरेज की राय: Subscribe करें या नहीं?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड ₹590 पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के आधार पर 85.4x PE पर है और इश्यू के बाद मार्केट कैप ₹77,605.6 करोड़ बैठता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आईपीओ का वैल्यूएशन पूरी तरह से प्राइज्ड-इन है। ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है।

ग्रे मार्केट में क्या है रुझान?

आईपीओ मार्केट ट्रैकर्स के मुताबिक, 28 जुलाई 2026 को मणिपाल हेल्थ का जीएमपी ₹13.5 दर्ज किया गया है। ₹590 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की लिस्टिंग ₹603.5 के आसपास हो सकती है। यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल लगभग 2.29% के मामूली लिस्टिंग गेन का इशारा कर रहा है।

डिक्लेमर: मनीकंट्रोल हिंदी पर दिए गए विचार और निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स के अपने निजी होते हैं। शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद लें।

Market Insight : इस बार IT रैली फेल होती नहीं दिख रही, बाजार में अभी भी शानदार स्टॉक स्पेसिफिक मौके

Market Insight : एशियाई बाजारों को देखकर डरने की कोई जरूरत नहीं है। हम कोस्पी के चलने से नहीं चले तो गिरे क्यों? बल्कि कोरिया और नैस्डेक का गिरना हमारे लिए पॉजिटिव होता है। हमारे लिए सबसे बड़ा फैक्टर कच्चा तेल है। वो वहीं है जहां हम कल छोड़कर गए थे,थोड़ा नीचे ही है। FIIs की बिकवाली जरूर थोड़ा सा सेंटीमेंट निगेटिव है। आज बड़ी वाली एक्सपायरी है तो थोड़ी वोलाटिलिटी संभव है। चिप शेयरों में गिरावट भी हमारे लिए एक और पॉजिटिव है। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार में रिकॉर्ड शॉर्ट्स हैं और हमने रेंज के निचले स्तर बचाए हैं। अगर कल का हाई पार हुआ तो बड़ी वाली कवरिंग संभव है। बाजार में अब वापस पैसा लॉन्ग साइड पर बनने की उम्मीद है। आज हमारे बाजार के पास चलने के लिए सब कुछ है। IT शेयरों में तूफानी तेजी है जो जारी रहनी चाहिए। कल चिप शेयरों में बड़ी गिरावट आई सॉफ्टवेयर शेयरों में बड़ी रैली रही।

चिप शेयरों में फिर बड़ी गिरावट क्यों आई?

AI डील्स को लेकर चिंताओं के बीच Nvidia में 5% की गिरावट देखने को मिली है। Nvidia का कहना है कि 750 अरब डॉलर की नई AI डील्स पर काम चल रहा है। Nvidia के कर्ज को डिफॉल्ट से बचाने की लागत रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है। SK Hynix ADR सोमवार को अपने IPO भाव 149 डॉलर से नीचे फिसल गया। चीन की एक सरकारी कंपनी चिप बनाने वाली मशीनें बना रही है। इससे ASML की बिक्री पर खतरा हो सकता है। इस खबर के बाद ASML NV में 6% की गिरावट आई।

बाजार: क्या आज होगी बड़ी रैली?

इसके अलावा बैंकों में भी आज पॉजिटिव संकेत हैं। कच्चे तेल का नीचे आना बैंकों के लिए एल्गो पॉजिटिव है। कल रुपये में भी शानदार तेजी आई थी। हां,बस FIIs की कैश बिकवाली थोड़ा सा निगेटिव फैक्टर है।

बाजार: क्या हो रणनीति?

हमने 23,700 के करीब से शुक्रवार से लॉन्ग का नजरिया लिया था। वहां से 300 अंकों की रैली आ चुकी है। हमारा मानना है कि अब हम वापस रेंज के बीच में हैं। यहां से निचला स्तर 23,800 और ऊपरी स्तर 24,300 है। अगर आपके पास लॉन्ग हैं तो कल के निचले स्तर का SL रखें और अगर कल का हाई पार हो तो लॉन्ग पोजिशंस जोड़ें। ऑप्शन राइटर्स की रेंज है 23,800-24,100 । स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी शानदार हैं। आपको चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना होगा। सबसे मजबूत पॉकेट अभी भी मिडकैप IT ही है। आज कोफोर्ज के नतीजों पर देखना होगा बाजार कैसे रिएक्ट करता है। इंफोसिस में मल्टी ईयर लो से अच्छी रैली की उम्मीद है। लगभग यही मामला TCS और HCL Tech का भी है।

इस बार IT रैली फेल होती नहीं दिख रही है,ट्रेंडलाइन भी यही दिखा रही है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में भी अच्छी रैली हो रही है। आज HUL और L&T के नतीजे बाजार के लिए काफी अहम हैं। अगर HUL की वॉल्यूम ग्रोथ ने चौंकाया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। L&T के नतीजों पर युद्ध का असर रहेगा,लेकिन कमेंट्री ज्यादा अहम होगी।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी में ऑप्शन राइटर्स की रेंज 23,800-24,100 है। कल का निचला स्तर 23,891 है। कल का हाई 24,012 है। सबसे बड़ा रजिस्टेंस जोन 24,050-24,100 है। 24,100 के ऊपर 24,300 तक बड़ी रैली संभव है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,900-23,950 है। स्टॉप लॉस 23,850 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज की बेसिक रेंज 56,800-57,350 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 56,700-56,900 है। इसके लिए 56,500 पर स्टॉप लॉस रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 57,300-57,450 के रिजेक्शन पर है। इसके लिए SL 57,550 पर रखें।

 

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Metalic Technoforge IPO Listing: ₹87 पर लिस्ट ₹77 का शेयर, तगड़ा है कंपनी का बिजनेस

Metalic Technoforge IPO Listing: ऑटो सेक्टर के लिए जरूरी पार्ट्स बनाने वाली फोर्जिंग और मशीनिंग कंपनी मेटलिक टेक्नोफोर्ज के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 8 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹77 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹87.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 12.99% का लिस्टिंग गेन (Metalic Technoforge Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹90.00 (Metalic Technoforge Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 16.88% मुनाफे में हैं।

Metalic Technoforge IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मेटलिक टेक्नोफॉर्ज का ₹50 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-23 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 8.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 4.58 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 17.07 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 7.00 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 64.88 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹30.81 करोड़ एक यूनिट लगाने और मौजूदा यूनिट को अपग्रेड करने, ₹₹6.72 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Metalic Technoforge के बारे में

मेटालिक टेक्नोफोर्ज क्लोज्ड-डाई फोर्ज्ड और प्रिसिजन-मशीन्ड पार्ट्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कॉम्प्लेक्स, सेफ्टी-क्रिटिकल फॉर्ज्ड और प्रिसिजन-मशीन्ड प्रोडक्ट्स बनाती है जैसे कि छोटी-बड़ी रिंग्स, बॉल स्टड्स, ब्रोचिंग वाले गियर ब्लैंक्स, गियर्स, कपलिंग असेंबली और अलग-अलग इंडस्ट्रीज के लिए दूसरे जरूरी पार्ट्स। कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर में घरेलू और ग्लोबल OEMs (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) को सर्विसेज देती है। ऑटोमोटिव OEMs में ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर और कमर्शियल गाड़ियों के बनाने वाले शामिल हैं। नॉन-ऑटोमोटिव OEMs में खेती के इक्विपमेंट्स, हाइड्रोलिक इक्विपमेंट्स, कंस्ट्रक्शन मशीनरी और जनरल इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स बनाने वाले शामिल हैं। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 70% से अधिक की रफ्तार (CAGR) से बढ़कर ₹12.36 करोड़ और टोटल इनकम भी करीब 38% के सीएजीआर से ₹97.98 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹31.78 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.92 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Global Market Today: ग्लोबल बाजार में कोहराम, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा, निक्केई 4% से ज्यादा लुढ़का

Global Market Today: एशियाई बाजारों में 28 जुलाई को गिरावट देखने को मिली। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 फीसदी के लोअर सर्किट पर फिसल गया। निक्केई 4.40 फीसदी टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले है। बेंचमार्क कोस्पी (Kospi) 8.70 फीसदी गिरा। जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक (Kosdaq) में 3.63% की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 4.21% गिरा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में 0.38% नीचे आ गया।

वॉल स्ट्रीट

सोमवार को वॉल स्ट्रीट मिला-जुला बंद हुआ क्योंकि निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्क रहे। बाज़ार के प्रतिभागियों ने तेल की बढ़ी हुई कीमतों पर भी कड़ी नज़र रखी, क्योंकि चिंता थी कि लगातार महंगाई का दबाव फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों पर सख्त रुख बनाए रखने के लिए मजबूर कर सकता है।

S&P 500 मामूली रूप से 0.02% बढ़कर 7,413.18 पर बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर बंद हुआ।

टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, मेटा और एप्पल इस हफ़्ते अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाले हैं। निवेशक यह भी आकलन कर रहे हैं कि क्या पिछले कुछ वर्षों में बाज़ारों को आगे बढ़ाने वाली AI-संचालित तेज़ी अब अपनी रफ़्तार खो रही है।

अमेरिकी चिप शेयरों में बिकवाली

कई नकारात्मक घटनाक्रमों के बीच सोमवार को चिप शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट जारी रही। Nvidia और AMD के शेयरों में 5-5% की गिरावट आई, जबकि Seagate के शेयर कंपनी की तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले 4% गिर गए।

इस बीच, SK Hynix के US-लिस्टेड शेयरों (ADRs) में रातों-रात 7.5% की गिरावट आई और वे अपने $149 के IPO प्राइस से नीचे बंद हुए। Micron और Western Digital के शेयर भी क्रमशः 2% और 4% गिरकर बंद हुए।

US-ईरान युद्ध

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Axios की एक खबर में बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को एक और मौका देने के लिए ईरान पर सैन्य हमले टालने का फैसला किया है। इस कदम के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस बातचीत हुई है या नहीं।

साथ ही, खबर है कि ईरान और ओमान के अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है। सामान्य समय में, इस जलमार्ग से दुनिया की दैनिक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

क्रूड में नरमी

मंगलवार, 28 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट जारी रही। यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान मध्य पूर्व के संघर्ष को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

पिछले सत्र में 7% से ज़्यादा गिरने के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $82 प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड में तीन महीने से ज़्यादा समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह $88 प्रति बैरल के करीब बंद हुआ।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ऊंची बनी रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि वाशिंगटन और ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, युद्ध से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाएं कम हुईं।

सोमवार को 0.6% की बढ़त के बाद, शुरुआती कारोबार में यह कीमती धातु $4,075 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। जून के आखिर से सोना $4,000 प्रति औंस के स्तर के करीब बना हुआ है। इसे ‘बार्गेन बाइंग’ (कम कीमत पर खरीदारी) का सहारा मिला है, जिससे यह ट्रेडर्स द्वारा बारीकी से देखे जाने वाले अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है।

हालांकि, पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों में 20% से अधिक की गिरावट आई है। इससे उस कई साल की तेजी का अंत हो गया है, जिसने जनवरी के आखिर में कीमतों को लगभग $5,600 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा दिया था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

MV Electrosystems IPO: ₹400-₹425 प्रति शेयर तय हुआ प्राइस बैंड, 30 जुलाई से लगा सकेंगे पैसे

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने अपने ₹290 करोड़ के IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह ₹400-425 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशक 34 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। IPO की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है।

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

अगले महीने यानि अगस्त में IPO मार्केट काफी गुलजार रहने वाला है। मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से ज्यादा IPO लॉन्च हो सकते हैं। लिस्ट में जेप्टो, ट्रूहोम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसे नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, नए आ रहे IPO में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है कि बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा के चलते वे कंपनियां भी अब आगे बढ़ रही हैं, जो पहले IPO योजनाओं को टाल रही थीं।

शाह का मानना है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के IPO मार्केट का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इस कैलेंडर ईयर यानि​ कि साल 2026 में भारत IPO के जरिए लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाएगा।

Zepto के IPO में 8010 करोड़ के नए शेयर

आने वाले IPO में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो एक प्रमुख नाम है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS भी रहेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहोम फाइनेंस का इरादा IPO से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही इतने ही रुपये के शेयरों का OFS होगा। एलिवेट कैंपसेज 2,550 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। इसमें केवल नए शेयर जारी होंगे।

Shiprocket का पब्लिक इश्यू कितना बड़ा

शिपरॉकेट की तैयारी 2,342.35 करोड़ रुपये का IPO लाने की है। इसमें 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1,242.35 करोड़ रुपये का OFS होगा। कंपनी एक फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर है। इसका मतलब हुआ कि एक ऐसी कंपनी या प्लेटफॉर्म जो किसी​ बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने, चलाने और बढ़ाने के लिए शुरू से अंत तक सभी सर्विसेज और तकनीकी समाधान देती हो।

अन्य कंपनियों की बात करें तो इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का IPO लाना चाहती है। यह पूरी तरह से OFS होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का 1,553 करोड़ रुपये का IPO कतार में है। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, ARCIL (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड), गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वेलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, अर्डी इंडस्ट्रीज, हाई-टेक इंजीनियर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन भी कैपिटल मार्केट में उतरने की योजना बना रही हैं।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 IPO

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बढ़ती IPO गतिविधियां निवेशकों के भरोसे और मजबूत मांग को दर्शाती हैं। इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां IPO ला चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियां जुलाई महीने में लिस्ट हुईं। नए सप्ताह में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का पब्लिक इश्यू 29 जुलाई को खुल रहा है। जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के IPO 30 जुलाई को खुलने वाले हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स का ₹290 करोड़ का IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

MV Electrosystems IPO के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी तय नहीं हुआ है। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

2 और कंपनियों को अपना पब्लिक इश्यू लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है। ये कंपनियां हैं- नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी लिमिटेड और इंटेलियस रिकोड लिमिटेड। दोनों IPO को BSE और NSE पर लिस्ट कराने की तैयारी है। नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी सूरत, गुजरात की कंपनी है। इसने मार्च में IPO के ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे और उसे 23 जुलाई को सेबी की मंजूरी मिली। इसके ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 1.44 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा।

कंपनी अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इस पब्लिक इश्यू के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Bigshare Services Private Limited है।

Intellius Recode IPO

वहीं, इंटेलियस रिकोड ने मार्च में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। उसे 24 जुलाई को सेबी से मंजूरी मिली। ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 117 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 12.9 लाख शेयरों का OFS रहेगा। इस IPO के लिए Inga Ventures Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी के डिजिटल वर्कर्स के डेवलपमेंट, इससे जुड़ी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग फीस के पेमेंट और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।इंटेलियस रिकोड एक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह कॉरपोरेट ग्राहकों के डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन में मदद करती है। कंपनी टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। इनमें प्रोपराइटरी एजेंटिक AI बेस्ड डिजिटल वर्कर भी शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Orient Tech Share Price: NPCI से ₹76 करोड़ का ऑर्डर, अब 27 जुलाई को शेयरों पर रहेगा फोकस

Orient Tech Share Price: आईटी सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी ओरिएंट टेक्नोलॉजीज को NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से ₹76.2 करोड़ (जीएसटी छोड़कर) का पर्चेज ऑर्डर मिला। कंपनी ने एक दिन पहले 24 जुलाई को रात में एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी और अब सोमवार 27 जुलाई को इसके शेयरों पर असर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह कमजोर मार्केट सेंटिमेंट के साथ 0.76% की बढ़त के साथ ₹259.05 के भाव पर बंद हुआ था जबकि घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी (Nifty) 0.43% की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ था।

कैसा ऑर्डर मिला है Orient Tech को?

ओरिएंट टेक्नोलॉजीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से सर्वर सप्लाई करने के लिए ₹76.2 करोड़ (GST छोड़कर) का पर्चेज ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में सर्वर की सप्लाई के साथ-साथ बिक्री के बाद सपोर्ट सर्विसेज और सात साल की वारंटी भी शामिल है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 18 हफ्ते के भीतर सप्लाई पूरा करना है।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

ओरिएंट टेक के ₹215 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹206 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। 28 अगस्त 2024 को 40% पर एंट्री के बाद शेयर अपर सर्किट पर चले गए और इसी पर बंद भी हुए थे। धांसू लिस्टिंग के बाद 4 महीने से भी कम समय में यह 197.57% चढ़कर 20 जनवरी 2025 को ₹613 पर पहुंच गया जो इसके लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और इस हाई लेवल से टूटकर यह 30 मार्च 2026 को आईपीओ प्राइस के एकदम करीब ₹222.10 तक आ गया था। हालांकि इसमें ध्यान दें कि इसका मौजूदा भाव बोनस इश्यू के बाद का एडजस्टेड प्राइस है। कंपनी ने लिस्टिंग के बाद एक बार बोनस इश्यू जारी किया था जिसके तहत निवेशकों को 10 शेयरों पर एक शेयर बोनस में मिला था और इसकी एक्स-डेट 5 जनवरी 2026 थी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।