SBI Funds IPO GMP: कल बाजार में मचेगा तहलका? लिस्टिंग से ठीक पहले GMP में भारी उछाल! जानें कितना हो सकता है मुनाफा

SBI Funds Management IPO GMP Update: देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड मैनेजर, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की कल यानी मंगलवार, 21 जुलाई को घरेलू शेयर बाजार में एंट्री होने जा रही है। बाजार में कदम रखने से ठीक पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है और यह करीब 18 फीसदी के मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के मामले में देश का पांचवां सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका है। जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसा लगाया है, वे बेसब्री से कल सुबह की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं ग्रे मार्केट का ताजा हाल क्या है और संभावित लिस्टिंग प्राइस क्या हो सकती है।

देश का 5वां सबसे बड़ा आईपीओ, लगी थी बोलियों की झड़ी

₹9,813 करोड़ के इस विशाल आईपीओ को लेकर निवेशकों में गजब का क्रेज देखा गया। 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुले इस आईपीओ को रिकॉर्ड तोड़ रिस्पांस मिला था। यह आईपीओ कुल मिलाकर 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा रिकॉर्ड 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

आईपीओ से जुड़ी कुछ अन्य बड़ी बातें

₹545 से ₹574 के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसके तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) ने मिलकर 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे हैं। चूंकि यह ओएफएस था, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम प्रमोटर्स के पास जाएगी, कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा।

मार्केट लीडर है कंपनी

साल 1992 में स्थापित हुई यह कंपनी देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड ‘एसबीआई म्यूचुअल फंड’ का इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट संभालती है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹16.32 लाख करोड़ था और भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी 15.5 फीसदी की है।

ग्रे मार्केट में दमदार प्रदर्शन, 18% मुनाफे के संकेत

आईपीओ पर नजर रखने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ‘इन्वेस्टरगेन’ और ‘आईपीओ वॉच’ के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹103 प्रति शेयर चल रहा है। इस जीएमपी के हिसाब से देखें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹574 के मुकाबले यह शेयर बाजार में ₹677 पर लिस्ट हो सकता है।

यानी कल पहले ही दिन निवेशकों को प्रति शेयर करीब 18% का तगड़ा लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है। कल सुबह 10 बजे जैसे ही बाजार खुलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह शेयर ग्रे मार्केट के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए कोई नया रिकॉर्ड बनाता है या नहीं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: ₹404-₹425 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 23 जुलाई से खुलेगा ₹1100 करोड़ का इश्यू

कानपुर की कंपनी लोहिया कॉर्प ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹404-₹425 प्रति इक्विटी शेयर रहेगा। निवेशक कम से कम 35 शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, लोहिया कॉर्प का लक्ष्य अपने पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,102.08 करोड़ जुटाने का है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें लोहिया परिवार की ओर से 2.59 करोड़ इक्विटी शेयरों को ​बिक्री के लिए रखा जाएगा। कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। नतीजतन, IPO से हासिल होने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वालों को मिलेगी।

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टेप एक्सट्रूजन लाइंस, सर्कुलर लूम्स, कोटिंग और लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग और कनवर्जन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन, ट्विस्टर वाइंडर, मोनोफिलामेंट एक्सट्रूजन लाइंस, रीसाइक्लिंग मशीन और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं। पॉलीप्रोपाइलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) से बुने हुए फैब्रिक और बोरे (राफिया) बनाने वाली मशीनरी के मामले में कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। लोहिया कॉर्प के प्रमोटर राज कुमार लोहिया, गौरव लोहिया, अमित कुमार लोहिया हैं।

30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

IPO में एंकर इनवेस्टर 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 जुलाई को होगी। लिस्टिंग के बाद लोहिया कॉर्प का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹4,490.13 करोड़ होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगस्त 2025 में अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर फिर से फाइल किए थे और दिसंबर 2025 में SEBI से मंजूरी मिली थी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में OFS का साइज 4.22 करोड़ इक्विटी शेयरों का था। यह अब घटकर 2.59 करोड़ इक्विटी शेयर रह गया है।

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IPO में रिजर्व हिस्सा

इस IPO में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए और बाकी 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। लोहिया कॉर्प के लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में राजू इंजीनियर्स, लक्ष्मी मशीन वर्क्स (LMW) और ममता मशीनरी जैसे नाम शामिल हैं। इश्यू के लिए इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लोहिया कॉर्प का शुद्ध मुनाफा 64.2% बढ़कर ₹193.5 करोड़ हो गया। यह एक साल पहले ₹117.8 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू 24.7% बढ़कर ₹1,717 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹1,376.9 करोड़ था।

Alpine Texworld कितना दे पाएगा लिस्टिंग गेन! ग्रे मार्केट से मिल रहे ‘कमजोर’ संकेत

Alpine Texworld Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केट में अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपाओ लॉन्च हुआ था। एक तरफ एसबीआई फंड्स के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी तो दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ को ओवरऑल 1.40 गुना बोली मिली थी। इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹105 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को लिस्टिंग पर मुनाफे की बात करें तो ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹1 यानी 0.95% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की फीकी लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोली लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार केफिनटेक की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Alpine Texworld चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर स्टेटस चेक करने का तरीका

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Alpine Texworld चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

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शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Alpine Texworld IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का ₹126 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का सुस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.09 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,20,24,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.08 करोड़ प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नई वीविंग यूनिट लगाने, ₹52.20 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Alpine Texworld के बारे में

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड कपड़ों की डाईंग और प्रोसेसिंग के बिजनेस में है। इसके पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। इसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 6 हजार टन के कॉटन और ब्लेंडेड यार्न की है। इसके पास 112 हाई-स्पीड लूम हैं जो डेनिम, सूटिंग शर्टिंग, और RFD (रेडी-फॉर-डाईंग) फैब्रिक बनाते हैं। कंपनी को फिलहाल फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध 151.68% बढ़कर ₹21.72 करोड़ और टोटल इनकम 47.34% उछलकर ₹350.18 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹177.60 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹46.32 करोड़ पड़े थे।

एसबीआई फंड्स की कैसी रह सकती है लिस्टिंग?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दक्षिण कोरिया का जलवा, अमेरिका से जापान तक ट्रेडर्स की वॉचलिस्ट में, पहली बार देख रहे Kospi का चार्ट

Korea effect on US-Japan: यूके, अमेरिका और जापान के फंड मैनेजर्स अब ट्रेडिंग शुरू होने से पहले दक्षिण कोरिया के शेयर मार्केट पर एक नजर डाल रहे हैं। एक समय था कि दक्षिण कोरिया का बाजार लंदन, न्यूयॉर्क और टोक्यो के फंड मैनेजर्स के लिए बहुत अहम नहीं था लेकिन अब $4 लाख करोड़ का इक्विटी मार्केट एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रहा है। दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में उतार-चढ़़ाव अब दुनिया भर की चिप कंपनियों के शेयरों पर असर डाल रही है। खास बात ये है कि एसके हीनिक्स (SK Hynix) की अमेरिका में हाल ही लिस्टिंग हुई जिससे कोरिया का असर अमेरिका तक पहुंच गया और अब कोरिया की सेंटीमेंट-आधारित ट्रेडिंग अब चौबीसों घंटे ग्लोबल एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रही है।

दक्षिण कोरिया की वॉचलिस्ट में एंट्री

निवेश के तौर-तरीके बदल रहे हैं। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट के एशिया मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ने अपनी 14 साल की नौकरी में पहली बार कंपनी की ग्लोबल टीम के सामने कोरिया पर एक प्रेजेंटेशन दिया। जापानी ट्रेडर् दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स को अपनी वॉच लिस्ट में शामिल कर रहे हैं। पाइनब्रिज इन्वेस्टमेंट्स के लंदन-स्थित पोर्टफोलियो मैनेजर हनी रेढा (Hani Redha) का कहना है कि अब सभी कोरियाई निवेशक हैं। हनी का कहना है कि उनके दिन की शुरुआत अब कोरियाई बाजार में एआई ट्रेडिंग को देखने से होती है। जब कोरियाई बाजार बंद हो जाता है तो उनका ध्यान अमेरिकी मार्केट में एसके हीनिक्स के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स और कोरिया से जुड़े ईटीएफ (ETFs) पर चला जाता है। हनी के मुताबिक यह लगभग 24 घंटे नजर रखने जैसा है।

वैश्विक बाजारों पर गहरा असर

कोरियाई मार्केट का अमेरिका में असर पिछले हफ्ते साफ तौर पर दिखा। एआई की मांग को लेकर संदेहों पर कोस्पी में करीब 9% की गिरावट आई तो इसकी आंच अमेरिकी मार्केट तक फैल गई। एसके हीनिक्स के अमेरिकी लिस्टेड स्टॉक्स में 9.3% की फिसलन आई जिससे दूसरी बड़ी चिप कंपनियों के शेयर भी धड़ाम हो गए। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कोरिया और अमेरिका के बीच गहरे संबंध अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया के मार्केट इंडेक्स कोस्पी और अमेरिकी मार्केट के इंडेक्स नास्डाक 100 के बीच 60-दिनों का कोरिलेशन बढ़कर 0.46 पर पहुंच गया जोकि दो साल में सबसे अधिक है और पांच साल के औसत 0.16 से करीब तीन गुना अधिक है।

कोरियाई स्टॉक्स का असर मार्केट की गिरावट में और दिखता है। ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार 7 जुलाई को कोरियाई बाजार में कमजोरी के दौरान कोस्पी के प्रति नैस्डैक 100 इंडेक्स की संवेदनशीलता साल 1990 के बाद से सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई। इसी तरह MSCI वर्ल्ड इंडेक्स के लिए भी यह पैमाना इस महीने की शुरुआत में चार साल के हाई लेवल पर पहुंच गया।

न्यूयॉर्क में टाइग्रेस फाइनेंशियल पार्टनर्स के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर इवान फीनसेथ का कहना है कि कोरिया असल में नैस्डैक और एसओएक्स जैसे ही उतार-चढ़ाव वाले इकोसिस्टम का हिस्सा बन गया है। उनका कहना है कि एसके हीनिक्स, सैमसंग और कोस्पी अब अमेरिकी एआई और चिप से जुड़े रिस्क के लिए प्री-मार्केट इंडिकेटर का काम कर रहे हैं।

कोस्पी और जापान के निक्केई 225 के बीच भी कोरिलेशन यानी संबंध तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से ऑर्टस एडवाइजर्स के जापान इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड एंड्रयू जैक्सन ने इस साल की शुरुआत में बारीकी से नजर रखने के लिए कोस्पी का चार्ट शामिल किया। उन्होंने यह काम 20 साल से अधिक समय में पहली बार किया है। एचएसबीसी होल्डिंग्स में एशिया पैसिफिक के इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड हेराल्ड वैन डेर लिंडे का कहना है कि आजकल सभी मीटिंग में कोरिया पर चर्चा होती है। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट में एशिया पैसिफिक के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ताई हुई का भी कहना है कि इस साल से पहले अपनी ग्लोबल टीम के सामने उन्होंने कोरिया के बारे में कोई प्रेजेंटेशन नहीं दिया था।”

बना रहेगा कोरिया का वैश्विक मार्केट पर असर?

अब सवाल उठता है कि क्या दक्षिण कोरिया अब वैश्विक मार्केट के लिए अहम इंडिकेटर बना रहेगा। इसे लेकर यूबीएस सुमी ट्रस्ट वेल्थ मैनेजमेंट में जापान इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट चिसा कोबायाशी (Chisa Kobayashi) का कहना है कि जब तक एआई रैली जारी है, दक्षिण कोरियाई मार्केट अहम बना रहेगा। हालांकि उनका कहना है कि मार्केट में लेवरेज से जुड़े उतार-चढ़ाव और कम मेच्योर मार्केट की वजह से ट्रेडिंग मुश्किल हो जाती है क्योंकि यह फंडामेंटल्स से उल्टी दिशा में आगे बढ़ सकता है।

SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश

SBI Funds Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपाओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। हर कैटेगरी के निवेशकों के धांसू रिस्पांस के बाद आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹574 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को मंगल होने की उम्मीद है क्योंकि ग्रे मार्केट से 16% से अधिक लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹92.5 यानी 16.11% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोल लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

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SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या आप भी अनलिस्टेड मार्केट में शेयर खरीद रहे हैं? तो पहले ये बातें जान लीजिए

शेयरों के अनिलिस्टेड बाजार में पहले कभी इनवेस्टर्स की ऐसी दिलचस्पी नहीं दिखी थी। आज निवेशक कंपनी के शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने तक का इंतजार नहीं करना चाहते। वे आईपीओ से महीनों या सालों से पहले शेयर खरीद रहे हैं। उन्हें लगता है कि पहले निवेश करने पर लिस्टिंग के वक्त उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा। लेकिन, हाल में कुछ कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग से एक बात साफ हो गई है कि शेयरों में पहले निवेश करने का मतलब यह नहीं है कि आप सस्ते में शेयर खरीद रहे हैं।

हम एचडीपी फाइनेंशियल सर्विसेज का उदाहरण लेते हैं। अनलिस्टेड मार्केट में इस शेयर का प्राइस 1,000-1,300 रुपये चल रहा था। एक बार तो यह 1,525 रुपये तक पर पहुंच गया था। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर के लिए 700-740 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसी तरह टाटा कैपिटल के शेयर के प्राइस अनलिस्टेड मार्केट में 700-1,125 रुपये पहुंच गए थे। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर की कीमत 310-326 रुपये तय की थी।

SBI Funds Management के आईपीओ में भी यही बात देखने को मिली। कंपनी ने अनलिस्टेड मार्केट में चल रहे शेयर के प्राइस के मुकाबले 30 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर आईपीओ में प्राइस तय किए। इन सभी कंपनियों के शेयरों में अनलिस्टेड मार्केट में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स नोशनल लॉस उठा रहे थे। इसकी वजह यह नहीं है कि कंपनी के बिजनेस में किसी तरह की कमी आई। इसकी वजह है कि अनलिस्टेड मार्केट में शेयर की कीमतें जरूरत से ज्यादा चढ़ गई थीं।

इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स उपर्युक्त मामलों से कुछ बातें समझ सकते हैं:

1 अनिलिस्टेड मार्केट में स्टॉक एक्सचेंजों की तरह शेयर का प्राइस डिस्कवर नहीं होता

यह समझ लेना जरूरी है कि लिस्टेड मार्केट के मुकाबले अनिलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइस अलग तरह से डिस्कवर होता है। अनलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइवेट ट्रांजेक्शन होता है। इस बाजार में शेयर खरीदने वालों और बेचने वालों की संख्या सीमित होती है। इस वजह से कुछ मुट्ठीभर खरीदारी शेयरों की वैल्यूएशंस को बढ़ा देते हैं। दरअसल, कंपनी के आईपीओ लॉन्च होने की खबर आते ही अनलिस्टेड बाजार में शेयर की कीमत चढ़ने लगती है।

2. अच्छी कंपनी में भी आपका निवेश खराब हो सकता है

अच्छी कंपनी का मतलब यह नहीं है कि आप उसके शेयर में किसी भी कीमत पर निवेश करें। हर निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि वह इनवेस्टमेंट अर्निंग्स, बुक वैल्यू, ग्रोथ की संभावना और रिटर्न प्रोफाइल के लिहाज से कितनी वैल्यू ऑफर करता है। यह भी समझना जरूरी है कि आईपीओ में शेयर की वैल्यूएशन व्यापक प्रोसेस से तय होती है। इसमें इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड, ग्रोथ आउटलुक और बाजार में चल रही स्थितियों का हाथ होता है।

3. FOMO फंडामेंटल एनालिसिस की जगह नहीं ले सकता

कई निवेशक सिर्फ मौका चूक जाने के डर (FOMO) से निवेश करते हैं। इससे शेयर की कीमत में बुलबुला बनता है। इनवेस्टर्स को किसी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करना और उसे समझना जरूरी है। लेकिन, व्यावहारिक रूप से बहुत कम निवेशक ऐसा करते हैं। सिर्फ दूसरों को देख किसी शेयर में निवेश करने से बड़ा लॉस हो सकता है।

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Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। सिर्फ कंपनी के प्रमोटर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओएफएस में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे

Lohia Corp कानपुर की कंपनी है। यह टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाती है। ऑफर फॉर सेल में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे। 23 जुलाई को ही दो और आईपीओ आ रहे हैं। इसलिए इनवेस्टर्स को सोच-समझकर आईपीओ में निवेश करने की सलाह है। आईपीओ से आने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स की जेब में जाएगा। कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।

30 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे शेयर 

कंपनी ने ओएफएस में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटा दी है। पहले ओएफएस में 4.22 करोड़ शेयरों को बेचने का प्लान था। इस इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 27 जुलाई तक इनवेस्ट कर सकते हैं। शेयरों का ऐलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर स्टॉक एक्सचेंज में 30 जुलाई को लिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज के लिए 2 लाख शेयर रिजर्व किए हैं। कंपनी ने अभी प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया है।

कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी बनाती है

इस आईपीओ का सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ओएफएस में लोहिया फैमिली अपने शेयर्स बेचेगी। लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह टेप एक्सट्रूशन लाइंस, सर्कुलर लूम, कोटिंग एंड लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग एंड कनवर्सन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है।

FY26 में प्रॉफिट में 64.2 फीसदी का उछाल

FY26 में कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 64.2 फीसदी बढ़कर 193.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले प्रॉफिट 117.8 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 24.7 फीसदी बढ़कर 1,717 करोड़ रुपये रहा। Rajoo Engineers, Lakshmi Machine Works (LMW) और ममता मशीनरी इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां हैं।

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शेयर बाजार के सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट 

यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है। अमेरिका-ईरान की लड़ाई फिर से उग्र रूप धारण करने और क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद शेयर बाजारों में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24,000 अंक के लेवल के ऊपर बना हुआ है। 17 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में जबर्दस्त तेजी आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज का ₹170 करोड़ का IPO 23 जुलाई को खुलने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। पब्लिक इश्यू में 1.34 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी एक इंटीग्रेटेड IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह एंटरप्राइज एप्लिकेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज, प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप्स जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज के प्रमोटर सुखबीर सिंह कुकरेजा, जोगेंद्रपाल सिंह अलघ और शाइनी ​सुखबीर हैं। IPO में एंकर निवेशक 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को लिस्ट होंगे। इस IPO के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार, Kfin Technologies Ltd है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए, सिस्टम्स और हार्डवेयर की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Xtranet Technologies में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹127 से 19.69% प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

Xtranet Technologies की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹366 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹276.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 36% की बढ़ोतरी के साथ ₹40.73 करोड़ रहा। EBITDA ₹63.18 करोड़ दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा ₹30 करोड़ और EBITDA ₹47.20 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज पर ₹85.45 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

20 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश में 5 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 2 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड है। शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 5 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Gulf Lloyds IPO: ₹18.19 करोड़ का इश्यू 20 जुलाई को खुल रहा है और 22 जुलाई को बंद होगा। IPO प्राइस ₹100 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1200 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 23 जुलाई को फाइनल हो सकता है, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 27 जुलाई को हो सकती है।

Metalic Technoforge IPO: ₹49.96 करोड़ का इश्यू 21 जुलाई को खुलेगा। इसमें ₹72-₹77 प्रति शेयर के भाव पर और 1600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 23 जुलाई को होगी। अलॉटमेंट 24 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी NSE SME पर 28 जुलाई को लिस्ट होने वाली है।

Cube Highways Trust InvIT: यह 22 जुलाई को ओपन होगा और 24 जुलाई को क्लोजिंग होगी। कंपनी ₹5000 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹151-₹152 प्रति शेयर है। अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। यूनिट्स की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shree Balaji Mala IPO: ₹18.90 करोड़ का पब्लिक इश्यू 22 जुलाई को खुल रहा है। इसमें ₹66-₹70 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में 24 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। IPO के बंद होने के बाद अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 29 जुलाई को सकती है।

Xtranet Technologies IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹166.80 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 110 शेयर है। क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश, लिस्टिंग बाद वैल्यूएशन 5.1 अरब डॉलर

पहले से खुले IPO

Sotefin Bharat IPO: ₹89.76 करोड़ का इश्यू 16 जुलाई को खुला था और 20 जुलाई को बंद होगा। इसे अभी तक 80 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹178-₹187 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 21 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की ​लिस्टिंग BSE SME पर 23 जुलाई को सकती है।

Caliber Mining IPO: यह इश्यू ₹450 करोड़ का है। यह 17 जुलाई को खुला था और अभी तक 1.31 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹402-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 21 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर SBI Funds Management और Alpine Texworld की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Millworks Technologies के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 23 जुलाई को BSE SME पर Sotefin Bharat के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 24 जुलाई को NSE और BSE पर Caliber Mining के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।