CBSE Class 12 Fresh Exams: सीबीएसई फिर से कराएगा पश्चिम एशिया में रद्द 12वीं की परीक्षाएं, विशेष मूल्यांकन से नाखुश छात्रों को मिलेगा मौका

CBSE Class 12 Fresh Exams: इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया में संघष को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। बोर्ड ने अब पश्चिम एशिया के 7 देशों के 12वीं कक्षा के छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने फैसला किया है। हालांकि इन छात्रों के नतीजे विशेष मूल्यांकन योजना के तहत घोषित किए गए थे। लेकिन छात्र इस व्यवस्था से खुश नहीं थे। बोर्ड के इस फैसले से बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE सात देशों छात्रों को मौका मिलेगा।

सीबीएसई ने इन 7 देशों में जारी हिंसक संघर्ष के बीच छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए 40 विषयों की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया था। इसमें 20 एकेडमिक सब्जेक्ट्स शामिल थे। बाद में 27 मार्च के एक आदेश में बोर्ड ने प्रभावित छात्रों का रिजल्ट विशेष मूल्यांकन व्यवस्था के तहत घोषित करने की जानकारी दी थी। पश्चिम एशियाई देशों के नियमित परीक्षार्थियों के परिणाम 13 मई को भारत और विदेश के छात्रों के कक्षा 12 के रिजल्ट के साथ घोषित किए गए थे। सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि मूल्यांकन योजना में यह प्रविधान किया गया था कि जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं है, उन्हें उन विषयों में परीक्षा देने का अवसर दिया जा सकता है, जिनकी परीक्षा पहले नहीं हो सकी थी। इसी प्रावधान के तहत अब परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

परीक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा शुल्क

सीबीएसई अब इन 7 देशों के छात्रों के लिए 40 विषयों में परीक्षा कराने जा रहा है। इस परीक्षा में वे छात्र शामिल हो सकते हैं, जिनके परिणाम विशेष मूल्यांकन योजना के तहत घोषित किए गए थे और जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

अपनी पसंद के विषय में परीक्षा दे सकेंगे छात्र

पश्चिम एशिया में हिंसक संघर्ष की वजह से रद्द हुई परीक्षा के प्रभावित छात्र नई परीक्षा के लिए अपने पसंद के विषयों का चुनाव कर सकते हैं। फ्रेश एग्जाम में मिले अंकों को फाइनल माना जाएगा और वे परीक्षार्थी के उस परीक्षा में पहले के प्रदर्शन की जगह लेंगे।

इच्छुक छात्रों को सीधे जमा करना होगा फार्म

योग्य छात्रों को परीक्षा फॉर्म सीधे जमा करने होंगे। फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड परीक्षा की तारीखें और विस्तृत डेट शीट की घोषणा करेगा। 12वीं कक्षा की फ्रेश परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र नहीं बदलेंगे। बोर्ड ने यह भी कहा है कि इन परीक्षाओं के लिए रिजल्ट घोषित होने के बाद कोई सुविधा नहीं मिलेगी।

IMD Weather Report: 23 सितंबर को मौसम का बड़ा अलर्ट! आज इन 4 राज्यों में होगी बेहद भारी बारिश, 60 kmph स्पीड से आएगी आंधी

कल का मौसम: 23 सितंबर को ओडिशा, आंध्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी मौसम का तांडव

September 23 Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप ले चुकी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार 23 सितंबर के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मौसम का भारी तांडव देखने को मिलेगा। इन राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।

WhatsApp Image 2026-09-22 at 5.31.52 PM

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तूफानी मौसम का सामना करना होगा। इन चारों राज्यों में मध्यम से तेज बारिश के बीच कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।

महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई दूसरे राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के साथ सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

50 से 60 kmph की रफ्तार से थंडरस्कवॉल और आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) की चेतावनी दी है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा और महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। वहीं कर्नाटक, केरल व माहे, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने की संभावना

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और हवा की स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

यह भी पढ़ें: बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम जल्द ही तटीय इलाकों में अपना असर दिखा सकता है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके जल्द ही और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने बताया था कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है।

IMD ने कहा, “पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 18 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) उसी इलाके में 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व में स्थित था।”

IMD ने आगे कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और पश्चिम-मध्य व उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (deep depression) में बदलने की बहुत संभावना है।” साथ ही, यह भी बताया गया कि इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के बुधवार रात और गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को ‘डीप डिप्रेशन’ के रूप में पार करने की संभावना है।

इसका नाम ‘अर्नब’ कब रखा जाएगा?

उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा।

‘अर्नब’ का मतलब बंगाली भाषा में ‘समुद्र’ होता है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से तैयार की गई क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की नामकरण सूची में शामिल है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 22-23 सितंबर को इन दोनों जिलों और पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इसके अलावा पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने और नालियों के जाम होने का खतरा भी है। कुछ जगहों पर जलाशयों या बांधों के टूटने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही सड़क, रेल और हवाई यातायात को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों के साथ बिजली और पानी विभागों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह मौसम संबंधी एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई।

यह भी पढ़ें: दिल्ली की हवा में क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? मानसून की वापसी से जुड़ा है इसका कनेक्शन

दिल्ली की हवा में क्यों बढ़ रहा प्रदूषण? मानसून की वापसी से जुड़ा है इसका कनेक्शन

दिल्ली में मौसम बदलने के साथ हवा की क्वालिटी में खराब होने लगी है। बारिश कम होने और हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने से प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम ज्यादा सूखा रहने की संभावना है, जिससे दिल्ली की हवा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

मानसून की वापसी से बदला मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से अगले दो-तीन दिनों में पूरी तरह लौट सकता है। इस हफ्ते दिल्ली में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। मानसून की बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले कुछ दिनों से हवा साफ थी, लेकिन अब मौसम के सूखने से प्रदूषक ज्यादा देर तक हवा में रह सकते हैं।

चार दिनों में तेजी से बढ़ा है AQI

दिल्ली का AQI शुक्रवार को 88 था। इसके बाद शनिवार को 118, रविवार को 160 और सोमवार को 169 पहुंच गया। इस दौरान PM2.5 और ओजोन प्रमुख प्रदूषकों में रहे। सोमवार का AQI 19 जुलाई के बाद सबसे ज्यादा बताया गया, जो कि 171 था।

कम हवा और धूल से बढ़ सकती है परेशानी

बारिश कम होने के साथ सड़कों की धूल, गाड़ियों का धुआं और कंस्ट्रक्शन से निकलने वाले कण हवा में ज्यादा फैल सकते हैं। कम हवाएं इन कणों को ज्यादा फैलने नहीं देतीं, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण जमा होने लगता है।

इन आठ जगहों की हवा है खराब

सोमवार को दिल्ली के 42 एक्टिव मॉनिटरिंग स्टेशनों में से आठ जगहों पर AQI 200 से ऊपर रहा।

  • सिरी फोर्ट और चांदनी चौक: दोनों जगह AQI 221 दर्ज किया गया।
  • IGI: यहां AQI 219 रहा।
  • बुराड़ी: यहां AQI 215 दर्ज हुआ।
  • वजीरपुर: यहां AQI 213 रहा।
  • पटपड़गंज: यहां AQI 208 दर्ज किया गया।
  • नरेला: यहां AQI 207 रहा।
  • IIT: यहां AQI 202 दर्ज हुआ।

सर्दियों में बदल जाता है प्रदूषण का असर

अभी दिल्ली में प्रदूषण का वह दौर शुरू नहीं हुआ है, जो आमतौर पर सर्दियों में देखने को मिलता है। टेम्परेचर गिरने और हवाओं के धीरे चलने से सर्दियों में प्रदूषण जमीन पर ही रहता है। पंजाब और हरियाणा में फसल के अवशेष जलाने का असर भी अक्टूबर से नवंबर के बीच ज्यादा दिखाई देता है।

AQI 169 का क्या मतलब है?

CPCB के अनुसार 101 से 200 के बीच AQI को ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में रखा जाता है। 201 से 300 के बीच हवा ‘खराब’ मानी जाती है। ऐसे में 169 खराब कैटेगरी में नहीं आता, लेकिन इसका लेवल उस केटेगरी के काफी पास है। प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को बाहर ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए।

पिछले महीनों में बारिश से सुधरी थी हवा की क्वालिटी

मानसून के दौरान बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिल्ली की हवा साफ रही थी। सितंबर में अब तक 12 दिन AQI ‘संतोषजनक’ और आठ दिन ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में रहा। वहीं 9 जुलाई को दिल्ली का AQI 48 दर्ज हुआ था, जो इस साल का सबसे साफ दिन रहा। इसके बाद 12 जुलाई को AQI 246 तक पहुंचा था और उस समय हवा ‘खराब’ कैटेगरी में थी।

वीकेंड तक ठंड बढ़ने के मिल सकते है संकेत

सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान इसी के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे कम होकर वीकेंड तक 22 से 23 डिग्री तक पहुंच सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता लेवल बताता है कि लोगों को हवा की क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान देना होगा। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। रोज के कामों के दौरान धूल और धुएं से बचना, बाहर निकलते समय जरूरी सावधानी रखना और एयर क्वालिटी का अपडेट देखते रहना चाहिए।

IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

ये भी पढ़ें- Jamui Molestation Case: जमुई छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, बिहार पुलिस ने पैर में मारी गोली

23 सितंबर की रात टकराएगा चक्रवाती दबाव, 12 घंटों में बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बनेगा डीप डिप्रेशन! इन 8 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव (डिप्रेशन) अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के एक विशेष बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन अक्षांश 17.9°N और देशांतर 86.3°E के पास स्थित था। यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 230 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 320 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह चक्रवाती दबाव और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच एक डीप डिप्रेशन के रूप में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से देश के 8 राज्यों में भीषण बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवाती दबाव के सीधे असर की वजह से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश (यणम सहित) में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ेगा। ओडिशा में 22 सितंबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 23 और 24 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी जबकि दक्षिणी ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी और अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी और 26 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 23 और 24 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश व यणम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 25 सितंबर को भी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश का मौसम

इस चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य भारत तक देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर को भारी बारिश, 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट है। तेलंगाना में 22, 23 और 24 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश होगी, जो 25 और 26 सितंबर को और बढ़कर बहुत भारी बारिश में बदल सकती है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में 23 से 26 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल पर भी असर

पूर्वी भारत के दूसरे राज्यों में झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल शामिल हैं, जहां इस चक्रवाती दबाव की वजह से लगातार बारिश होगी। झारखंड में 22 से 26 सितंबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी। राज्य में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक कई जगहों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। यहां भी 24 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में इस डिप्रेशन के कारण समुद्र की स्थिति बेहद उग्र और तूफानी बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं। 22 सितंबर की शाम से हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंचने की संभावना है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 22 सितंबर की सुबह से 45 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं, जो 23 सितंबर को बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) हो जाएंगी। तटीय इलाकों की बात करें तो दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटों पर 22 सितंबर की तड़के से ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम शुरू हो चुका है। यह आज शाम से बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर की तड़के से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटीय इलाकों में 23 और 24 सितंबर के दौरान 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

कल का मौसम 21 सितंबर: सोमवार को 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! अपने राज्य का वेदर अपडेट जानिए

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार 21 सितंबर के लिए देश भर का मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सप्ताह के पहले दिन देश के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत और द्वीपीय क्षेत्रों के 7 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

सोमवार को इन 7 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 21 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, देश के 7 प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना शामिल हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और अंडमान में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। यह मौसमी बदलाव अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने की भी आशंका है।

IMD (2)

तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल में 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के कुछ अन्य हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में केवल गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को लेकर बुलेटिन जारी किया है। जिन राज्यों में बिजली चमकने का अलर्ट है, उनमें असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, पूरा गुजरात राज्य, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं।

समुद्री इलाकों और मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्र में तेज तूफानी हवाओं और खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में उतरने वालों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य के कुछ हिस्सों और दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहेगा, जहां हवा के झोंके 65 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण व मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों (जो उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे हैं) और मन्नार की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

IMD Weather Update: समंदर में आ रहा भयंकर तूफान! मानसून की विदाई से पहले इन राज्यों में होगी आफत की बारिश

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। वहीं कई राज्यों से मानसून की विदाई होने लगी है। बारिश नहीं होने की वजह से कई जगहों पर तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। वहीं मानसून की विदाई से पहले मौसम विभाग ने 21 सितंबर के लिए कई राज्यों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 13 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

वहीं, पहाड़ी राज्यों में कुछ जगहों पर भूस्खलन का खतरा बताया गया है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भी तेज आंधी चल सकती है। आइए जानते हैं कैसा होगा कल का मौसम

समंदर में उठ रहा बड़ा तूफान

बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो रहा है,जो किसी बड़े खतरे की आहट दे रहा है। अंडमान सागर के पास बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और इसके आगे डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। मौसम में इस खतरनाक बदलाव का असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। समुद्र में उठ रही डरावनी लहरें और तेज हवाएं को देखते हुए तटीय इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में बारिश कम होने के बाद मौसम में गर्मी और उमस बढ़ गई है। तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आने वाले दिनों में दिल्ली के लोगों को राहत मिलने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 21 सितंबर को दिल्ली में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी-बिहार में हो सकती है तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी है। दोनों राज्यों के कई इलाकों में तेज धूप और ज्यादा नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे शहरों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। वहीं, 21 सितंबर को गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिहार के कई जिलों में भी बारिश और आंधी का येलो अलर्ट है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भी मौसम बदलने और कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है।

भारत ने तलाश लिया अमेरिकी बाजार का विकल्प? चीन को निर्यात 39% बढ़ा, BRICS देशों ने खरीदा $19.9 अरब का सामान

कल का मौसम 20 सितंबर: रविवार को इन 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! झारखंड से बंगाल तक आंधी-तूफान, यहां चेक करिए वेदर अपडेट

IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 20 सितंबर को दक्षिण भारत, द्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। रविवार को अंडमान और कर्नाटक समेत 7 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

रविवार को इन 7 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के बुलेटिन के मुताबिक देश के 7 क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और अंडमान में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अलर्ट है।

झारखंड से बंगाल और राजस्थान तक 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम का असर दिखेगा, जहां थंडरस्टॉर्म के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ के अलावा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पृथक स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

IMD Weather Alert IMD Weather Alert

पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत में बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में केवल गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, केरल व माहे, लक्षद्वीप के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

समुद्र और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

अंडमान सागर के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्रों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत

सामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैक

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार

22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

यह भी पढ़ें: Mausam Alert: बिहार, बंगाल से तमिलनाडु और राजस्थान तक आंधी-पानी की चेतावनी, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट