मानसून में बालों का झड़ना और चेहरे की चिपचिपाहट होगी गायब, बस डेली रूटीन में शामिल करें ये 5 लाइफस्टाइल टिप्स

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Health Tips: देशभर में 6 अगस्त को झमाझम बारिश के साथ मौसम का मिजाज बदल चुका है। लेकिन इस सुहावने मौसम के साथ उमस, स्किन इंफेक्शन, हेयर फॉल और प्लेटलेट्स गिरने का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। यदि आप इन समस्याओं से बचना चाहते हैं तो अपनाएं ये 5 आसान और असरदार टिप्स।

 

  • बारिश के मौसम में नमी की वजह से स्किन और बालों का नेचुरल ऑयल बैलेंस बिगड़ जाता है।
  • इम्यून सिस्टम मजबूत रखने के लिए रोजाना डाइट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ताजे फलों को शामिल करें।
  • डेंगू और मानसून इंफेक्शन से बचने के लिए शरीर को ढंककर रखें और बासी खाने से परहेज करें।

1. मानसून का बदलता ट्रेंड और सेहत की चुनौतियां:

  • 6 अगस्त को आईएमडी (IMD) ने देश के कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश गर्मी से राहत जरूर दिलाती है, लेकिन इसके साथ ही हवा में नमी (Humidity) का स्तर 90% तक पहुंच जाता है।
  • इस मौसम में फंगल इंफेक्शन, चेहरे पर मुंहासे (Acne), तेजी से बाल झड़ना और डेंगू जैसे मच्छरों के काटने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। अगर आप इस मौसम में अपने डेली केयर रूटीन पर ध्यान नहीं देंगे, तो इंफेक्शन आपको आसानी से अपना शिकार बना सकता है।

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2. मानसून में स्किन और सेहत को फिट रखने के 5 आसान टिप्स:

सेलिसिलिक एसिड बेस्ड फेसवॉश का इस्तेमाल करें: हफ्ते में 3 से 4 बार यह वॉश चेहरे के एक्स्ट्रा ऑयल (Sebum) को हटाता है और पसीने से होने वाले मुंहासों को रोकता है।

एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल: बारिश में भीगे कपड़ों या जूतों की वजह से फंगल इंफेक्शन का खतरा रहता है। नहाने के बाद टॉवल से शरीर पूरी तरह सुखाकर पाउडर लगाएं।

हल्का और गर्म खाना खाएं: बारिश के दिनों में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। स्ट्रीट फूड और बासी खाने से बचें; सूप, हर्बल टी और घर का ताजा खाना ही लें।

बालों को गीला न छोड़ें: बारिश के पानी में एसिडिक तत्व होते हैं। अगर बाल भीग जाएं तो तुरंत माइल्ड शैम्पू से धोकर ड्राई कर लें।

हाइड्रेशन का रखें ध्यान: ठंडक महसूस होने पर भी दिन में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीएं ताकि बॉडी डिटॉक्स होती रहे।

एक्सपर्ट की राय:-

“मानसून के दिनों में हवा में नमी की वजह से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। अपने स्कैल्प को सूखा रखना, गीले कपड़े न पहनना और प्लेटलेट्स का ध्यान रखने के लिए विटामिन-C रिच डाइट लेना इस मौसम में सबसे जरूरी है।”- डॉक्टर राजेंद्र बिस्वारी (स्किन केयर विशेषज्ञ)

 

3. मानसून में भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां:

गीले बाल बांधना: गीले बालों को बांधने से स्कैल्प में फंगस और डैंड्रफ की समस्या दोगुनी तेजी से फैलती है।

भारी मॉइस्चराइजर लगाना: मानसून में जेल-बेस्ड (Gel-based) या ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर का ही इस्तेमाल करें; हैवी क्रीम्स पोर्स को ब्लॉक कर देती हैं।

ठहरा हुआ पानी नजरअंदाज करना: घर के आसपास 24 घंटे से ज्यादा पानी जमा न होने दें, यह डेंगू के मच्छरों का मुख्य ब्रीडिंग ग्राउंड बनता है।

सनस्क्रीन स्किप करना: बादलों के पीछे भी यूवी (UV) किरणें मौजूद रहती हैं, इसलिए बिना सनस्क्रीन लगाए बाहर न निकलें।

 

बारिश का मौसम का आनंद लेने के साथ-साथ अपनी सेहत और स्किन की सही देखभाल करना बेहद आसान है। बस अपने डेली रूटीन में ये छोटे-छोटे बदलाव करें और इस मानसून को पूरी तरह सुरक्षित और झंझट-फ्री बनाएं!क्या आपने इस मानसून में अपना नया स्किनकेयर या फिटनेस रूटीन शुरू किया है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं!

El Nino Impact: अल नीनो और युद्ध के बीच भारत के मानसून से दुनिया को क्यों हो रही टेंशन? नए संकट की आहट!

El Nino Impact On Monsoon: वैश्विक स्तर पर खाद्य महंगाई की मार झेल चुकी दुनिया के सामने साल 2026 के अंत तक एक बार फिर से भोजन महंगा होने का नया संकट मंडराने लगा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘फर्स्टपोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी युद्ध की वजह से फ्यूल और फर्टीलाइजर की सप्लाई काफी प्रभावित हो रही है।इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक देश भारत में मानसून की धीमी और देर से हुई शुरुआत ने वैश्विक चावल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा को लेकर दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

कच्चे तेल के ऊंचे दाम, खाद आपूर्ति में रुकावट और जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम कृषि उत्पादन व उसके परिवहन की लागत को लगातार बढ़ा रहे हैं। इस वजह से दुनिया भर के उपभोक्ताओं को इस साल के अंत और वर्ष 2027 के दौरान खाद्य महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में राहत की खबर यह है कि घरेलू स्तर पर सुधरती बारिश और पर्याप्त अनाज भंडार के दम पर भारत पर इसका असर सीमित रहने का अनुमान है।

संयुक्त राष्ट्र ने दिए संकेत: साल के अंत से फिर बढ़ेंगे खाने-पीने के सामान के दाम

साल 2022 में ग्लोबल महंगाई को बढ़ाने में खाद्य कीमतों ने मुख्य भूमिका निभाई थी लेकिन चालू वर्ष में ऊर्जा लागत अधिक रहने के बावजूद खाद्य कीमतें अपेक्षाकृत नियंत्रित रही हैं। हालांकि यह राहत अस्थाई साबित हो सकती है। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने चेतावनी दी है कि कमोडिटी की कीमतें अब ज्यादा तेजी से बढ़ेंगी और साल के अंत तक खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने शुरू हो जाएंगे।

इसका असर अगले साल यानी 2027 में और अधिक देखने को मिलेगा। टोरेरो के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमोडिटी की बढ़ी हुई कीमतों का असर रिटेल यानी खुदरा बाजार में दिखने में तीन से छह महीने का समय लगता है।

हालांकि हाल के महीनों में गेहूं, मक्का और चावल जैसी प्रमुख फसलों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन यह मौजूदा समय की ठीक-ठाक पैदावार दिखा रही है। असली चुनौती अगली बुवाई के सीजन में उत्पादन लागत बढ़ने से सामने आएगी।

युद्ध की वजह से सप्लाई चेन पर बढ़ा भारी दबाव

ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा की है। ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। मैक्सिमो टोरेरो के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह का अवरोध कृषि प्रणालियों और उसके इनपुट्स पर सीधा असर डालता है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की ऊंची दरें सिंचाई, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ा देती हैं। इसके अलावा नेचुरल गैस के दाम बढ़ने से खाद बनाना भी काफी महंगा हो जाता है।

इसी तरह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों ने डीजल और नेचुरल गैस के निर्यात पर असर डाला है। इससे दुनिया भर में किसानों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। यूरोप, अमेरिका, ब्राजील और एशिया के किसान इस दबाव को महसूस कर रहे हैं और कम मुनाफे की वजह से फसलें उगाएं या न उगाएं, इस सवाल से जूझ रहे हैं।

भारत का मानसून बना दुनिया के लिए अहम वॉचपॉइंट

दुनिया में चावल के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक और सबसे बड़े निर्यातक देश भारत का मानसून अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजारों के लिए एक प्रमुख वॉचपॉइंट बना हुआ है। भारत में मानसून की देरी से शुरुआत और औसत से कम बारिश ने चावल के उत्पादन और वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। अगर भारत के चावल उत्पादन में कोई बड़ी बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई टाइट हो सकती है। इससे कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर सीमित: बजाज एसेट मैनेजमेंट की रिपोर्ट

बजाज एसेट मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में देर से आए मानसून का देश की इकॉनमी पर बड़ा निगेटिव असर पड़ने की संभावना बेहद कम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जून के आखिरी हफ्ते में बारिश काफी बेहतर हुई है। जुलाई में भी मानसूनी बारिश मजबूत रही। देश के प्रमुख नदी घाटियों और जलाशयों में पानी का स्तर बेहतर स्थिति में है। भारत के पास सरकारी गोदामों में अनाज का भंडार तय बफर नॉर्म्स से लगभग 5 गुना अधिक है। ये खाद्य कीमतों में उछाल को रोकने में एक मजबूत कवच का काम करेगा।

वित्त वर्ष 2027 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर औसतन 5 से 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये खाद्य आपूर्ति के अस्थाई दबावों की वजह से होगी। हालांकि कोर इन्फ्लेशन दर कंट्रोल में है। भारत की रूरल इकॉनमी मजबूत बनी हुई है। मई में ट्रैक्टरों की बिक्री में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह एग्रीकल्चर क्रेडिट करीब 15 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा। गैर-कृषि आय के मजबूत रहने से बुवाई में देरी के बावजूद ग्रामीण खपत बनी हुई है।

रिपोर्ट में ऐतिहासिक तथ्यों के हवाले से कहा गया कि जून 2026 पिछले एक सदी में सबसे शुष्क महीनों में से एक रहा लेकिन पूरे मानसून का नतीजा जून से तय नहीं होता। अगर अगस्त और सितंबर में बारिश का सिलसिला बेहतर बना रहता है तो मानसून घाटे की चिंताएं दूर हो जाएंगी और 2026 को एक रिकवरिंग मानसून वर्ष के रूप में देखा जाएगा।

बढ़ती लागत से किसानों ने घटाई बुवाई: अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक संकट

बढ़ती उत्पादन लागत के कारण दुनिया भर के किसानों ने फसलों का रकबा घटाना शुरू कर दिया है। ईरान संघर्ष के शुरुआती तीन महीनों में वैश्विक स्तर पर गेहूं और मक्के की बुवाई में गिरावट आई है। कई अमेरिकी किसानों ने सोयाबीन की ओर रुख किया है क्योंकि इसमें खाद की जरूरत कम होती है। अमेरिकन फार्म ब्यूरो फेडरेशन के अनुमान के मुताबिक अतिरिक्‍त सरकारी मदद के बिना 2027 में 9 प्रमुख फसलें उगाने वाले अमेरिकी किसानों को कुल मिलाकर 32 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

दुनिया के बड़े कृषि निर्यातक देशों में शामिल ऑस्ट्रेलिया ने अनुमान लगाया है कि फ्यूल और खाद की अत्यधिक ऊंची कीमतों के साथ इनपुट्स की अनिश्चितता के चलते उसकी सर्दियों की फसल उत्पादन में 21 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

अल नीनो की आहट से खाद्य सुरक्षा पर मंडराया ‘परफेक्ट स्टॉर्म’

भू-राजनीतिक तनावों के साथ-साथ अल नीनो मौसम पैटर्न के मजबूत होने की आशंका ने संकट को और गहरा कर दिया है। एफएओ ने चेतावनी दी है कि अल नीनो की वजह से मौसम पर पड़ने वाला असर फसलों की पैदावार घट सकती है। ऐसा हुआ तो खाद्य आपूर्ति में कमी आएगी और दुनिया भर में करोड़ों लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा की चपेट में आ सकते हैं।

जलवायु का झटका, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और फ्यूल-खाद की आपूर्ति में आ रही बाधा, ये सारी बातें मिलकर वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए एक परफेक्ट स्टॉर्म यानी चौतरफा संकट पैदा कर रही हैं। हालांकि कमोडिटी बाजार अब तक कुछ हद तक टिकाऊ बने रहे हैं लेकिन बढ़ती उत्पादन लागत का पूरा असर आने वाले महीनों में सुपरमार्केट और खुदरा दुकानों में सामानों के दामों में दिखाई देगा।

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इससे दुनिया भर के लोगों के लिए महंगाई का खतरा एक बार फिर बढ़ सकता है। दूसरी ओर भारत में सुधरती मानसूनी बारिश, प्रचुर अन्न भंडार और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के चलते देश के भीतर इसका व्यापक आर्थिक असर सीमित रहने की उम्मीद है।

कल बेहद भारी बारिश का अलर्ट: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बरसेंगे बादल! IMD ने इन 25+ राज्यों के लिए जारी की चेतावनी

Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अगस्त के लिए देशभर के मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देश के उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक मानसूनी गतिविधियों के चलते मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। आईएमडी ने देश के 25 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

इन राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 6 अगस्त को देश के कई इलाकों में अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है। मैदानी और तटीय इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भारी जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। विशेष रूप से गंगातटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार समेत मैदानी राज्यों का हाल

उत्तर और मध्य भारत के मैदानी भागों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बादलों की आवाजाही के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।

IMD Weather

अंडमान-निकोबार में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल का खतरा

तटीय और द्वीप क्षेत्रों में समुद्री मौसम काफी आक्रामक रहने वाला है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने द्वीप क्षेत्र में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समुद्र तटों और खुले इलाकों से दूर रहने तथा विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कई राज्यों में 30 से 40 किमी/घंटे की हवाओं के साथ बिजली चमकने का अलर्ट

देश के मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिम के कई अन्य हिस्सों में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिलेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

इन पहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्यों में वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों में केवल आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। आईएमडी ने इन सभी राज्यों के नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

Heavy Rain Alerts: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद भारी! स्कूल बंद…इन जिलों में हाई अलर्ट, जान लें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी

देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।

अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज फिर बरसेंगे बादल, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, जलभराव और ट्रैफिक की टेंशन बढ़ी

Delhi Weather Today: बुधवार, 5 अगस्त को दिल्ली में एक बार फिर बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, IMD ने 4 अगस्त से 6 अगस्त के बीच दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की भविष्यवाणी भी की है। इसके अलावा, दिल्ली में 10 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की भी संभावना है।

तेज बारिश से मिली उमस से राहत

मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच अयानगर में सबसे ज्यादा 49.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, सफदरजंग में 9.4 मिमी, पालम में 8.1 मिमी, लोधी रोड में 3.7 मिमी और रिज में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

वहीं, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक के पिछले 24 घंटों में अयानगर में 23.6 मिमी बारिश हुई थी, जबकि सफदरजंग, पालम और रिज में केवल हल्की (ट्रेस) बारिश दर्ज की गई।

आईएमडी के अनुसार, बुधवार को भी दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में एक-दो दौर हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर, खासकर सुबह से दोपहर के बीच मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद शाम और रात में भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि बुधवार को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

वहीं, मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.5°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4°C रहा, जो सामान्य से थोड़ा ज़्यादा था। अयानगर सबसे ठंडा स्टेशन रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम था।

IMD ने जलभराव और ट्रैफिक में देरी की चेतावनी दी

IMD ने चेतावनी दी है कि हो रही बारिश से ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है, निचले इलाकों में पानी भर सकता है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देख लें, सरकारी सलाह मानें और जहां तक हो सके, पानी भरने वाले रास्तों पर जाने से बचें।

इस बीच, बारिश की वजह से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार जारी रहा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार शाम को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 64 था, जो इस महीने लगातार चौथे दिन “संतोषजनक” श्रेणी में बना हुआ है।

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अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर में भूस्खलन का खतरा, उत्तर भारत में भी भारी बारिश के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

rain alert 4 august

Weather Alert 4 August:  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में सक्रिय मानसून को देखते हुए 4 अगस्त के लिए ताजा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के साथ ही भूस्खलन होने की आशंका है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। ALSO READ: Top News 4 August: जम्मू कश्मीर में बादल फटे, चीन का न्यूक्लियर सीक्रेट बेनकाब, EPFO वेतन सीमा बढ़ाने को मंजूरी

 

जम्मू कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटे

जम्मू-कश्मीर के 6 जिलों में बादल फटने से हाहाकार मच गया। कुपवाड़ा के लोलाब में बाढ़ में बहने से महिला की मौत हो गई। शोपियां में बारिश ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ में फंसे 80 लोगों को बचाया गया है। डल झील में नाव में फंसे 4 युवकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन भी भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका

आईएमडी के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश हो सकती है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।

 

 पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। 

 

वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। ALSO READ: उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

 

राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बदलाव

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

 

दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

Delhi Weather Today: 3 साल में अगस्त की सबसे गर्म रात के बाद, मंगलवार को दिल्ली-NCR में बरसे बादल, IMD ने जारी किया अलर्ट

Delhi Weather Today: मंगलवार (4 अगस्त) को दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है, जिस वजह से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, सुबह से दोपहर तक दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, शाम और रात के समय भी कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

IMD ने आगे बताया कि मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। इससे हाल के दिनों की तुलना में दिन का मौसम ज्यादा सुहावना रह सकता है।

10-15 kmph की स्पीड से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में सुबह के समय हवाएं पश्चिम दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। वहीं, दोपहर में हवाओं का रुख बदलकर दक्षिण-पश्चिम दिशा से हो जाएगा, जबकि शाम तक हवाएं दक्षिण दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं।

यह मौसम अपडेट ऐसे समय आया है, जब सोमवार को दिल्ली में अगस्त महीने की तीन साल की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। IMD के मुताबिक, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

हालांकि, इसी स्टेशन पर अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री ज्यादा है।

दिल्ली में आज का मौसम: जलभराव और ट्रैफिक में रुकावट की आशंका

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश की वजह से ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है, एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है और सड़कों व निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट देख लें, पानी भरने वाले रास्तों से बचें और ट्रैफिक से जुड़ी सरकारी सलाहों का पालन करें।

IMD ने लोगों से यह भी कहा है कि बारिश और आंधी-तूफान के दौरान वे पानी भरे इलाकों, ऊपर से गुजरने वाली बिजली की लाइनों और खुले बिजली के उपकरणों से दूर रहें।

आने वाले दिनों में दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की उम्मीद है, और तापमान ज्यादातर 30 डिग्री सेल्सियस के निचले स्तर के आसपास ही रहेगा।

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उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

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IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए 4 अगस्त के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों—विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटों में सबसे ज्यादा सतर्कता की आवश्यकता है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मिला-जुला रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी। कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

राजस्थान में कैसा रहेगा मॉनसून?

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र के अनुसार, मॉनसून के ट्रफ लाइन के खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

दक्षिण भारत का हाल

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।