Silver Price Today:दशहरे के दिन क्या है चांदी का रेट? दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु समेत इन शहरों की कीमतें देखें

Silver Price Today: देश में चांदी की कीमतों में दबाव जारी है। 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर अलग-अलग शहरों में चांदी का भाव में नरमी आई है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर है। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत 2,30,000 रुपये प्रति किलो पर है।

दशहरे के कारण घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) में आज कारोबार बंद है। लेकिन इससे पहले तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा घटकर 209825 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,09,828 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,10,260 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.30 डॉलर प्रति औंस हो गई।

कहां है निवेशकों की नजर

निवेशक अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग 27-28 अक्टूबर को है। सितंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी बेंचमार्क ओवरनाइट ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद ये 3.75%-4.00% की रेंज में आ गईं।

भारत में कीमतें अंतरराष्ट्रीय बुलियन (सोना-चांदी) के रुझानों, USD/INR मुद्रा की चाल, और त्योहारों के दौरान होने वाली भारी खरीदारी की उम्मीदों से तय होती हैं। आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 20 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

 शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,30,000
मुंबई₹ 2,30,000
कोलकाता₹2,30,000
चेन्नई₹2,40,000
लखनऊ₹2,30,000
पटना₹2,30,000
जयपुर₹2,30,000
अहमदाबाद₹2,30,000
पुणे₹2,30,000
बेंगलुरु₹ 2,30,000
हैदराबाद₹2,30,000
भोपाल₹2,30,000
चंडीगढ़₹2,30,000
नोएडा₹2,30,000
गुरुग्राम₹2,30,000

बाजार जानकार का कहना है कि पिछले हफ्ते $55.40 के निचले स्तर पर सपोर्ट मिलने के बाद, चांदी (सिल्वर) एक अहम मोड़ पर है। अब आगे की चाल से यह तय होने की संभावना है कि क्या मंदी का रुझान (bearish trend) जारी रहेगा या फिर इसमें कोई रिकवरी (countertrend recovery) देखने को मिलेगी।

चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता, वजन और पक्का बिल जरूर जांचें। 999 शुद्धता वाली चांदी में 99.9 प्रतिशत चांदी होती है, जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर में 92.5 प्रतिशत चांदी होती है। गहनों की कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू GST भी जुड़ सकता है।

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IIT मद्रास के छात्र की बड़ी कामयाबी, AI चिप्स की गर्मी कम करने के लिए स्टार्टअप ने जुटाए 9 मिलियन डॉलर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच चिप्स को गर्म होने से बचाना टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। IIT मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास के AI स्टार्टअप ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MoneyControl की रिपोर्ट के अनुसार, आकाश रामदास द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप Discovered Materials  ने 9 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग हासिल की है। कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए नए और बेहतर मटेरियल की खोज में करेगी।

कौन हैं आकाश रामदास?

आकाश रामदास IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नए मटेरियल खोजने के लिए Discovered Materials की स्थापना की। उनका स्टार्टअप खास तौर पर सेमीकंडक्टर सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक – AI चिप्स की हीटिंग प्रॉब्लम पर काम कर रहा है।

क्या काम करता है Discovered Materials?

जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ज्यादा पावरफुल चिप्स की डिमांड भी बढ़ रही है। लेकिन इन हाई-पावर AI चिप्स के साथ एक बड़ी दिक्कत है ये चलने के दौरान बहुत ज्यादा गर्म हो जाती हैं। ज्यादा गर्म होने से चिप्स की परफॉर्मेंस गिर जाती है और कंपनियों को महंगे कूलिंग सिस्टम लगाने पड़ते हैं। इससे न सिर्फ बिजली की खपत बढ़ती है बल्कि डेटा सेंटर्स का खर्च भी कई गुना बढ़ जाता है। Discovered Materials इसी समस्या का हल खोज रहा है। कंपनी AI प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे नए मटेरियल की खोज कर रही है जो गर्मी को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें।

AI से मटेरियल खोजने का तरीका क्या होगा?

पहले किसी नए मटेरियल को लैब में खोजने में सालों लग जाते थे। लेकिन Discovered Materials का AI मॉडल इस पूरी प्रोसेस को कई गुना तेज कर देता है। कंपनी का AI सिस्टम हजारों केमिकल कॉम्बिनेशन को वर्चुअली टेस्ट करके यह पता लगा लेता है कि कौन सा मटेरियल सबसे ज्यादा हीट-रेजिस्टेंट और परफॉर्मेंस के लिए बेहतर होगा। इससे रिसर्च का समय और लागत दोनों कम हो जाती है।

फंडिंग से कंपनी को क्या फायदा होगा?

कंपनी को मिली 9 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग से तीन बड़े काम होंगे:

  • रिसर्च तेज होगी: नए मटेरियल की खोज और टेस्टिंग का काम और तेजी से होगा।
  • टीम बढ़ेगी: कंपनी अपनी टेक्निकल टीम में और एक्सपर्ट्स को शामिल करेगी।
  • सेमीकंडक्टर कंपनियों से पार्टनरशिप: बड़े चिप मेकर्स के साथ मिलकर इन मटेरियल को मार्केट में लाने की तैयारी होगी।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में AI चिप्स की डिमांड और भी ज्यादा बढ़ने वाली है, ऐसे में हीट मैनेजमेंट करने वाले मटेरियल की जरूरत भी बढ़ेगी। इस हिसाब से Discovered Materials का यह स्टार्टअप भविष्य की एक बड़ी जरूरत पर काम कर रहा है।

Commodity Cornor: क्रूड में नरमी से महंगाई की चिंता हुई कम , यील्ड में गिरावट से सोने को मिला सहारा

सोने की कीमतों में स्थिरता रही। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने सोने को और सहारा दिया। शाम के सत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) लगभग 4,165 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव से 0.09 प्रतिशत बढ़कर 4,185 डॉलर प्रति औंस (12:40 GMT) के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप, घरेलू बाजार में MCX पर हाजिर सोना शाम के सत्र में 1,45,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि 4 दिसंबर की डिलीवरी के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.08 प्रतिशत गिरकर 1,47,793 रुपये प्रति 10 ग्राम (18:16 IST) पर आ गया।

LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “सोने में काफी हद तक स्थिरता रही। 4,190 डॉलर के ऊपरी स्तरों से प्रॉफिट बुकिंग के बाद, यह कॉमेक्स (Comex) सोने के रुझान का अनुसरण कर रहा है। 4,200 डॉलर का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस (बाधा) बना हुआ है, जबकि डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से सोने में तेजी सीमित हो रही है।”

डॉलर इंडेक्स 0.09 फीसदी बढ़कर 101.93 पर कारोबार कर रहा था, जबकि फ्यूचर्स ट्रेड में ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत गिरकर 108.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

PL कैपिटल के कमोडिटी प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा, “अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और यील्ड कम रहती है, तो सोने और चांदी में रिकवरी जारी रह सकती है। हालांकि, अगर तेल की कीमतों में फिर से उछाल आता है या फेड (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) की ओर से कोई सख्त रुख (hawkish signal) देखने को मिलता है, तो सोने की ये बढ़त खतरे में पड़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि बाजार अब यह मानकर चल रहा है कि 27-28 अक्टूबर की बैठक में फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। “अब सबकी नजरें फेड के बयान के लहजे और महंगाई के आंकड़ों के अगले दौर पर टिकी हैं।” ओम्निसिएंस कैपिटल के CEO विकास गुप्ता का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हैं, लेकिन साथ ही कुछ बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो सोना बेच रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें नियंत्रित बनी हुई हैं।

गुप्ता ने कहा, “भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि, फेड (Fed) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए, वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है, लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today : एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में सोने-चांदी के भाव में नरमी, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Silver Gold Price Today : मंगलवार को एशियाई बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं। इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 0.3% गिरकर 4,126.84 डॉलर प्रति औंस पर दिख रहा है। वहीं, दिसंबर की डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर 4,146.00 डॉलर पर दिख रहा है।

निवेशकों का फोकस अब यूएस फेड की 27-28 अक्टूबर की नीति बैठक और अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी ‘पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स’ (PCE) डेटा पर है। यूएस फेड 2% महंगाई दर का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसलिए वह इस डेटा पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है।

यूएस फेड ने सितंबर में अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75%-4.00% की रेंज में कर दिया था। CME के ​​’फेडवॉच टूल’ के मुताबिक ट्रेडर्स का मानना ​​है कि इस बात की 83% संभावना है कि केंद्रीय बैंक अगले हफ्ते दरों में कोई खास बदलाव नहीं करेगा,जबकि दिसंबर में दरों के बढ़ने की उम्मीद 94% बनी हुई है।

इस बीच बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने कहा है कि रिटेल महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य के काफी करीब है। ग्लोबल स्तर पर AI की भारी मांग और टाइट जॉब मार्केट के कारण महंगाई का दबाव बढ़ रहा है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना के संकेत मिलते हैं।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि इससे सोना (बुलियन) अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है, जबकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।

जियोपोलिटिकल फ्रंट की बात करें तो यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं।

दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो, स्पॉट सिल्वर 0.7% गिरकर 56.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, प्लैटिनम 1,639.65 डॉलर पर सपाट दिख रहा है। जबकि, पैलेडियम 0.7% गिरकर 1,112.08 डॉलर पर आ गया है।

एक्सपर्ट्स की राय

स्मॉलकेस मैनेजर और ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता का कहना है कि अगले 2-3 के नजरिए से सोने को लेकर आम राय यही है कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। इस अवधि के दौरान महंगाई और ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि,ये दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं।

विकास गुप्ता का मानना है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हो सकते हैं,लेकिन साथ ही ऐसे बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो उसी समय सोना बेचें,जिससे सोने की कीमतें नियंत्रण में बनी रह सकती है।

भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि,फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए,ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है,लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि भारत में दशहरा मनाया जा रहा है और इस समय 24-कैरेट सोना लगभग 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले महीने यह अपने रिकॉर्ड हाई से 6% से ज्यादा नीचे आया है। इस त्योहारी सीजन में जो बदलाव आया है वह सोने के प्रति भारतीय परिवारों के लगाव में नहीं,बल्कि इसे खरीदने के तरीके में है। भारतीय अपने त्योहारी बजट को तो स्टेबल रख रहे हैं,भले ही इसके लिए उन्हें कम वजन वाले आभूषण खरीदने पड़ें।

साथ ही लोग सोने के सिक्कों,बार और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में अधिक निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी खरीदारी अब केवल गहने खरीदने तक सीमित न रहकर, संपत्ति को सुरक्षित रखने के एक व्यवस्थित तरीके में बदल रही है। आगे चलकर, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें सोने की कीमतों में बहुत तेज उछाल नहीं आने देंगी,जिससे निकट भविष्य में सोने की कीमत में 5% तक की उतार-चढ़ाव वाली रेंज बनी रहने की संभावना है। इस दशहरे पर,खरीदार कीमतों में आई हालिया गिरावट को किसी चेतावनी के रूप में नहीं, बल्कि खरीदारी शुरू करने के एक अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं।

 

 

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मस्क एक लाख करोड़ का शेयर बच्चों को देंगे

नई दिल्ली। अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले मिड टर्म इलेक्शन से पहले दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि वे अमेरिका के सात करोड़ बच्चों के बीच एक लाख करोड़ रुपए का शेयर बांटेंगे। मस्क ने कहा है कि वे अमेरिकी बच्चों को अपनी सेटेलाइट बनाने वाली अपनी कंपनी स्पेसएक्स का एक एक शेयर देंगे। गौरतलब है कि मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुत करीबी हैं और उनके लिए चुनाव प्रचार भी करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी बच्चों के लिए ‘ट्रंप अकाउंट’ खोल कर उसमें एक एक हजार डॉलर डालने वाले हैं।

बहरहाल, मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के एक शेयर की कीमत अभी 146 डॉलर यानी करीब 14 हजार रुपए के बराबर है। अमेरिका में करीब 7.2 करोड़ बच्चे हैं। ऐसे में बांटे जाने वाले शेयरों की कीमत एक लाख करोड़ रुपए होगी। हालांकि मस्क ने यह नहीं बताया है कि बच्चों तक शेयर कैसे पहुंचेंगे, क्या पैरेंट्स के नाम से शेयर जारी होंगे, क्या पैरेंट्स इनको बेच सकेंगे, सभी बच्चों को शेयर मिलेंगे या उनमें कुछ पैमाना तय होगा?

गौरतलब है कि 30 जून 2026 तक की एक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक स्पेसएक्स में मस्क की कुल हिस्सेदारी 48.4 फीसदी है। इस समय मस्क की हिस्सेदारी की कुल कीमत करीब 860 बिलियन डॉलर यानी करीब 80 लाख करोड़ रुपए है। मस्क ने अपने पोस्ट में कहा कि यह कई योजनाओं में से सिर्फ पहली योजना है। इससे साफ है कि वे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, उनकी बाकी योजनाएं क्या हैं और उनके बारे में वे कब बताएंगे, इसका उन्होंने कोई टाइमटेबल नहीं दिया है।

Jio Platforms IPO: एंकर बुक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, ब्लैकरॉक और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े नामों ने दिखाई दिलचस्पी

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की Jio Platforms के IPO को लेकर बड़े निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। कंपनी के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग आई है। संस्थागत निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई हैं। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी मांग पहली बार देखने को मिली है।

इस इश्यू में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों और सरकारी निवेश फंड ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें BlackRock, Fidelity Investments, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton, Invesco और Capital Group जैसे नाम शामिल हैं।

दुनिया के बड़े निवेशक लगा रहे दांव

Jio Platforms के IPO में सिंगापुर के GIC, नॉर्वे के Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority और Qatar Investment Authority जैसे बड़े सरकारी निवेश फंड भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउस ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

LIC और बड़ी बीमा कंपनियां भी कतार में

इस IPO में देश की बड़ी बीमा और पेंशन कंपनियां भी निवेश करना चाहती हैं। इनमें LIC, HDFC Life, SBI Life, SBI Pension, HDFC Pension और ICICI Prudential के नाम शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, इस इश्यू के लिए कई अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं। विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों, सरकारी निवेश फंड और पेंशन फंड से बड़ी मांग आई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले वैश्विक फंड और बड़े फैमिली ऑफिस भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं है Jio

Jio का कारोबार अब मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़ चुका है। कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में भी काम कर रही है।

IPO के बाद निवेशकों को Jio Platforms में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। अभी यह Reliance Industries की सब्सिडियरी है। करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार में उतरने से पहले कंपनी को लेकर मजबूत उत्साह दिख रहा है।

Hindustan Zinc Q2 Results: वेदांता की कंपनी का मुनाफा 142% उछला, रेवेन्यू रिकॉर्ड ₹15093 करोड़ पर पहुंचा

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Aayush Wellness ने लॉन्च की कैल्शियम-विटामिन टैबलेट, 16 अरब डॉलर के बाजार में एंट्री

हेल्थकेयर सेक्टर की Aayush Wellness Limited ने कैल्शियम और विटामिन सप्लीमेंट लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम Aayush Calcium Vitamin Tablets रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने बोन और जॉइंट हेल्थ यानी हड्डियों और जोड़ों की सेहत से जुड़े बाजार में कदम रखा है।

कंपनी के मुताबिक, यह बाजार 16.3 अरब डॉलर का है। वहीं, ग्लोबल डाइटरी सप्लीमेंट्स बाजार में कंपनी की मौजूदगी पहले से है, जिसे वह अब और मजबूत करना चाहती है।

टैबलेट में क्या-क्या है?

कंपनी के मुताबिक, इस टैबलेट में पांच पोषक तत्व शामिल हैं। इनमें कैल्शियम साइट्रेट, विटामिन D2, मैग्नीशियम, जिंक और फोलिक एसिड शामिल हैं। इन सभी का शरीर में अलग-अलग काम है।

कैल्शियम साइट्रेट शरीर को कैल्शियम देता है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है। वहीं, विटामिन D2 शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। यानी शरीर को कैल्शियम का पूरा फायदा मिले, इसके लिए विटामिन D भी जरूरी है।

इसके अलावा, टैबलेट में मैग्नीशियम और जिंक भी हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों के सही कामकाज में मदद करता है। वहीं, जिंक शरीर की कोशिकाओं और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसमें फोलिक एसिड भी मिलाया गया है, जो नई कोशिकाएं बनाने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भूमिका निभाता है।

कंपनी का कहना है कि इस फॉर्मूलेशन का मकसद शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद करना है। इससे हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज को सहारा मिल सकता है।

कंपनी ने क्या कहा?

Aayush Wellness Limited के निदेशक काशीराम जाधव ने कहा कि भारत में कैल्शियम और विटामिन की कमी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। इसी जरूरत को देखते हुए कंपनी ने इस बाजार में कदम रखा है।

उन्होंने कहा कि यह लॉन्च निवारक स्वास्थ्य सेवा और पोषण से जुड़े उत्पादों पर कंपनी के फोकस का हिस्सा है। लोगों में अपनी सेहत और खानपान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे इस तरह के उत्पादों की मांग बढ़ सकती है।

भारत में कैल्शियम और विटामिन D की कमी पर फोकस

कंपनी के मुताबिक, भारत में विटामिन D की कमी काफी आम है। कंपनी का दावा है कि यह कमी आबादी के 80-90% लोगों तक को प्रभावित कर सकती है। वहीं, 50% से ज्यादा वयस्कों को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल पाता।

विटामिन D की कमी होने पर शरीर कैल्शियम को ठीक से सोख नहीं पाता। इससे हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। कैल्शियम और विटामिन D की कमी का असर मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है।

इसी जरूरत को देखते हुए Aayush Wellness अपने न्यूट्रास्यूटिकल पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य रोजमर्रा की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले और उत्पाद बाजार में उतारना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dollar Vs Rupee : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे गिरकर 94.92 पर हुआ बंद, जानिए आगे कैसी रह सकती है रुपए की चाल

Dollar Vs Rupee : सोमवार, 19 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपनी शुरुआती बढ़त गंवाते हुए 3 पैसे की गिरावट के साथ 94.92 के स्तर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण रुपये पर दबाव पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के लगातार बने दबाव के बीच, रुपये की लगातार 6 सेशन की तेजी का सिलसिला टूट गया और यह गिरावट के साथ बंद हुआ।

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.90 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान, यह 94.75 के हाई और 94.97 के निचले स्तर तक गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज 94.92 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 3 पैसे कम है।

शुक्रवार को, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा डॉलर की हाजिर मांग को नियंत्रित करने के उपायों के चलते, रुपया लगातार छठे सत्र में मजबूत हुआ था और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की बढ़त के साथ 94.89 पर बंद हुआ।

16 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते के दौरान, डॉलर की मांग को नियंत्रित करने के लिए RBI द्वारा उठाए गए कदमों की मदद से भारतीय रुपये में लगभग 2 प्रतिशत की मजबूती आई थी।

लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड, गौरव गर्ग ने कहा कि RBI के कदम शॉर्ट टर्म में करेंसी के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसमें कोई टिकाऊ सुधार तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी पूंजी की निकासी रुकने और बाहरी दबावों में कमी पर आने पर निर्भर करेगा।

गर्ग ने आगे कहा कि हालांकि रुपये में सुधार उत्साहजनक है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या RBI के सपोर्ट के साथ-साथ ग्लोबल और घरेलू बुनियादी हालात (फंडामेंटल्स) भी बेहतर होते हैं।

इस बीच छह बड़ी मुद्राओं के एक बॉस्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.93 पर कारोबार कर रहा है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार (फ्यूचर्स ट्रेड) में 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 108.58 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

मिरे एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी का कहना है कि डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी के चलते उम्मीद है कि रुपया पॉजिटिव रुख के साथ कारोबार करेगा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और FII की निकासी इसमें बड़ी तेजी को सीमित कर सकती हैं।

HDFC सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट, दिलीप परमार का कहना है कि भारतीय रुपया लगातार सातवें सत्र में भी मजबूत हुआ। हालांकि, दिन के दौरान हुई अधिकांश बढ़त गंवाने के बाद, यह मामूली तेजी के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में सुधार और मंगलवार को बाजार में छुट्टी होने से पहले घरेलू शेयरों में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण, रुपये की तेजी सीमित रही। वहीं, RBI के दखल और अमेरिकी डॉलर के स्थिर रहने से रुपये को सहारा मिला। तकनीकी रूप से देखें तो स्पॉट USDINR के लिए 94.70 के स्तर पर सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 95.50 के स्तर पर रेजिस्टेंस है।

घरेलू इक्विटी बाजार में, सेंसेक्स 876.37 अंक गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257.20 अंक गिरकर 22,888.95 पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) खरीदार बन गए और उन्होंने कुल 1,165.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच, शुक्रवार को जारी RBI के आंकड़ों के अनुसार, 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.578 अरब डॉलर घटकर 7.26 अरब डॉलर रह गया।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के हेड ऑफ रिसर्च, राजीव शरण का कहना है कि सोमवार को रुपया लगातार सातवें सत्र में मजबूत हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 94.8 के स्तर को छू गया और डॉलर के मुकाबले 94.95 के आसपास बना रहा। इस तरह, महीने की शुरुआत में 97 के स्तर से आई इसकी जोरदार रिकवरी कायम रही। शुक्रवार को जारी RBI के आंकड़ों से पता चलता है कि इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी है। 9 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.6 अरब डॉलर घटकर 7.26 अरब डॉलर रह गया। इस तरह, सितंबर की शुरुआत से अब तक कुल 60 अरब डॉलर की कमी आई है। यह एक अहम आंकड़ा है क्योंकि केंद्रीय बैंक ने केवल करेंसी सट्टेबाजों को चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि अपने नियमों को सख्त करने से पहले एक ‘कृत्रिम आधार’ (artificial floor) बनाने के लिए भारी रकम भी खर्च की।

हालांकि शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 1,166 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन ब्रेंट क्रूड का 110 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ना यह बताता है कि RBI हमेशा के लिए बाजार में शांति नहीं बनाए रख सकता। अब बाजार के बुनियादी कारकों (market fundamentals) को ही स्थिति संभालनी होगी।

 

Market Outlook : बाजार की तेजी को लगा ब्रेक, जानिए 21 अक्टूबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

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सिर्फ ₹5 की कॉफी ने खड़ा किया ₹180 करोड़ का बिजनेस! जानिए कैसे ‘हट्टी कापी’ बनी देश का मशहूर ब्रैंड?

नई दिल्ली। बेंगलुरु में 5 रुपये प्रति कप कॉफी बेचने से शुरू हुआ एक छोटा सा कारोबार आज करीब 180 करोड़ रुपये की कंपनी बन चुका है। इस कंपनी का नाम है हट्टी कापी (Hatti Kaapi)। यूएस महेंद्र (U.S. Mahendra) ने साल 2009 में एक इमारत की सीढ़ियों के नीचे छोटी सी जगह से इसकी शुरुआत की थी। आज कंपनी के आउटलेट ऑफिस, एयरपोर्ट और होटलों तक पहुंच चुके हैं।

महेंद्र कर्नाटक के हासन जिले में पले-बढ़े थे और उन्हें कॉफी के बिजनेस की अच्छी समझ थी। वह कैफे कॉफी डे के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ से भी इंस्पायर्ड थे। उन्होंने कॉफी के अच्छे टेस्ट और सर्विस पर ध्यान दिया। बाद में उन्होंने जंबराडी गांव के 15 से 20 किसानों से कॉफी खरीदनी शुरू की।

देश-विदेश तक ऐसे पहुंचा हट्टी कापी का बिजनेस

हट्टी कापी की पॉपुलैरिटी बढ़ने के बाद कंपनी ने अपने आउटलेट को बढ़ा दिया है। साल 2014 में इंफोसिस ने अपने कैंपस में इसे जगह दी। इसके बाद डेलॉइट और SAP जैसी कंपनियों के ऑफिस और एयरपोर्ट पर भी इसके काउंटर खुल गए। कंपनी मैरियट इंटरनेशनल से जुड़े होटलों को भी सर्विस दे रही है और पैक की हुई कॉफी ऑनलाइन बेचती है।

अब हट्टी कापी का कारोबार भारत से बाहर भी पहुंच गया है। कंपनी लंदन में मौजूद है और एम्स्टर्डम, अमेरिका, दुबई के साथ यूरोप के दूसरे शहरों में भी बिजनेस बढ़ाने की प्लानिंग बना रही है।

बिजनेस बढ़ाने के लिए कंपनी ने अलग-अलग इंवेस्टर्स से पैसा जुटाया। Tracxn के आंकड़ों के मुताबिक:

• मई 2024 में कंपनी को करीब 21.9 लाख डॉलर का इन्वेस्टमेंट मिला।

• अप्रैल 2025 में करीब 10.2 लाख डॉलर की फंडिंग मिली।

• कंपनी ने कुल 13 चरणों में करीब 66.83 करोड़ रुपये जुटाए।

• 19 अगस्त 2025 तक कंपनी की कीमत करीब 180 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

हट्टी कापी की कमाई साल 2025 में करीब 44.11 करोड़ रुपये रही। इसके बावजूद कंपनी को 18.59 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। साल 2024 में यह घाटा 3.86 करोड़ रुपये था। हट्टी कापी ने कॉफी से शुरुआत करके देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। उनकी कंपनी की कमाई के साथ घाटा भी हुआ है। अब कंपनी के इस बिजनेस को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।