Galle Test: मानव सुथार यानी ‘फिरकी का नया जादूगर’, 10 विकेट झटक श्रीलंका को किया चारों खाने चित

श्रीलंका की धरती पर एक बार फिर भारतीय टीम ने जीत का झंडा गाड़ दिया है। बुधवार को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के पांचवें और आखिरी दिन भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। इस जीत के हीरो मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। भारत ने इस जीत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह भारत के 600वें टेस्ट मैच में मिली जीत भी है।मानव सुथार ने मैच का अपना 10वां विकेट भारी बारिश शुरू होने से ठीक पहले लिया। उनके विकेट लेते ही मैच खत्म हो गया और करीब पांच मिनट बाद गॉल में तेज बारिश शुरू हो गई।

मानव सुथार के जाल में फंसे श्रीलंका के बल्लेबाज

गॉल की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे मैदान पर मिली यह जीत भारत का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। इससे पहले भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन वाली पिचों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। कुछ हिस्से तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन आखिरकार 206 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। मानव सुथार ने श्रीलंका के आखिरी चार विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी।सुथार ने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। यह लगातार दूसरा टेस्ट था, जिसमें उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में भी उन्होंने 5 विकेट लिए थे। इस मैच की पहली पारी में भी सुथार ने श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को आउट किया था।

सीरीज के पहले ही मैच 10 विकेट किया अपने नाम

लंच के बाद श्रीलंका ने 6 विकेट पर 175 रन से खेलना शुरू किया और बिना कोई विकेट गंवाए स्कोर 199 रन तक पहुंचा दिया। उस समय लगा कि मेजबान टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है, लेकिन तभी मानव सुथार ने गेंदबाजी में वापसी की और लगातार विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।76वें ओवर में मानव सुथार ने सोनल दिनुशा को 84 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को पवेलियन भेज दिया। इन विकेटों के साथ श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 199 रन हो गया।

 

सुथार को गेंद से अच्छी टर्न और उछाल मिल रही थी। उन्होंने केशरा नुवंथा को बोल्ड कर श्रीलंका की पारी खत्म कर दी और भारत को 165 रन से शानदार जीत दिलाई। हालांकि, सोनल दिनुशा और श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने भारत को जीत के लिए उम्मीद से ज्यादा इंतजार कराया। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन सुथार के लगातार विकेटों ने श्रीलंका की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।

मैच में लिए ये अहम विकेट

रात से नाबाद खेल रहे सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा ने 202 गेंदों पर 95 रन की साझेदारी की। दोनों ने शुरुआती सेशन में एक घंटे से ज्यादा समय तक भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाए रखा। भारतीय स्पिनरों के खिलाफ श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने एक बार फिर स्वीप शॉट का खूब इस्तेमाल किया। मैच में पहले भी यह तरीका उनके लिए काफी कारगर रहा था। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा सबसे प्रभावी स्पिनर रहे। उन्होंने लगातार सही लाइन पर गेंदबाजी की और पिच से अच्छी पकड़ भी हासिल की। मानव सुथार ने दिन की शुरुआत में ज्यादा ओवर नहीं किए, लेकिन उनकी गेंदबाजी लगातार खतरनाक बनी रही। दूसरी ओर, कुलदीप यादव को पिच की खुरदरी सतह से ज्यादा मदद नहीं मिली। उनकी गेंदें भी काफी सपाट रहीं। कुलदीप ने ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए एंगल बनाने की कोशिश की, लेकिन इस वजह से उनके लिए बल्लेबाज को LBW आउट करने का मौका कम हो गया।

धनंजय डी सिल्वा ने 125 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसके कुछ ही देर बाद सोनल दिनुशा ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दिनुशा की फिफ्टी खास रही। उन्होंने कुलदीप यादव की गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलकर छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। जडेजा की गेंद में अतिरिक्त उछाल आया और डी सिल्वा के स्वीप शॉट का टॉप-एज लगा। गेंद शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े मानव सुथार के हाथों में चली गई।

इसके बाद निरोशन डिकवेला ने श्रीलंका के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। पहली पारी में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की थी, लेकिन इस बार उन्होंने कुलदीप यादव और जडेजा के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। वह लगातार स्लॉग-स्वीप खेलने के प्रयास में थे, लेकिन आखिरकार प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हो गए।

भारत को मिली शानदार जीत

निरोशन डिकवेला ने खुद के लिए जगह बनाकर कवर के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा। गेंद विकेट के पीछे खड़े ऋषभ पंत के हाथों में चली गई और डिकवेला आउट हो गए। इसके बाद सोनल दिनुशा और केशरा नुवंथा ने करीब 30 मिनट तक हिम्मत और थोड़े भाग्य के सहारे बल्लेबाजी की। श्रीलंका को उम्मीद थी कि वह किसी तरह समय निकाल ले और मौसम खराब होने से पहले मैच को बचाने की कोशिश करे। लेकिन मानव सुथार के दोबारा गेंदबाजी पर आते ही श्रीलंका की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। मिडिल सेशन में 30 मिनट से कुछ ज्यादा समय के अंदर श्रीलंका का निचला क्रम बिखर गया। बारिश शुरू होने से ठीक पहले सुथार ने केशरा नुवंथा को आउट कर अपने 10 विकेट पूरे किए और भारत को शानदार जीत दिला दी।

Gold Silver price: भारत में सोना ₹1.53 लाख पर, चांदी 1.5% से ज्यादा लुढ़की, क्या आगे भी जारी रहेगा दबाव

Gold Silver price: घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। कमज़ोर स्पॉट डिमांड और मार्केट में शामिल लोगों की बिकवाली का असर घरेलू कीमतों पर पड़ा। यह गिरावट तब आई जब ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में मिला-जुला ट्रेंड देखा गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के फ्यूचर्स में ₹636 या 0.41% की गिरावट आई और यह ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस कॉन्ट्रैक्ट में 837 लॉट का बिज़नेस टर्नओवर दर्ज किया गया।सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के फ्यूचर्स में ₹4,023 या 1.73% की गिरावट आई और यह ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम हो गया, जिसमें 2,577 लॉट का बिज़नेस टर्नओवर हुआ।

दरअसल, घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट की वजह कमज़ोर स्पॉट डिमांड थी, जबकि चांदी की कीमतें तब दबाव में आईं जब मार्केट में शामिल लोगों ने अपनी पोजीशन कम कर दीं।

घरेलू फ्यूचर्स मार्केट को इंटरनेशनल स्पॉट कीमतों से अलग भी देखा जाना चाहिए, क्योंकि डॉलर, US बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीदों और लोकल करेंसी में बदलाव के कारण दिन के दौरान इनमें अलग-अलग उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में सोने के फ्यूचर्स 0.10% बढ़कर लगभग $4,338.74 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी 0.99% बढ़कर $62.74 प्रति औंस हो गई।

आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, US ट्रेजरी यील्ड में कमी के कारण पिछले सेशन की गिरावट के बाद सोने में कुछ रिकवरी देखी गई। हालांकि, US फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स जारी होने से पहले निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि इससे ब्याज दरों की भविष्य की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं।

कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सोने में ग्राहकों की दिलचस्पी में भारी कमी आई है। जब कीमतें ज़्यादा होती हैं, तो मांग छोटी खरीदारी की ओर भी बढ़ सकती है।

इंडियन एसोसिएशन फॉर गोल्ड एक्सीलेंस एंड स्टैंडर्ड्स (IAGES) के CEO कौशलेंद्र सिन्हा ने कहा कि ग्राहकों में सोने के प्रति अब भी काफी लगाव है, हालांकि कीमतें ज़्यादा होने के कारण खरीदार तेज़ी से हल्के वज़न और ट्रेंडी ज्वेलरी चुन रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ परिवार नया सोना खरीदने के बजाय अपनी मौजूदा ज्वेलरी को एक्सचेंज करने या उसे नया डिज़ाइन करवाने का विकल्प चुन रहे हैं। इससे ग्राहकों को अपनी मौजूदा होल्डिंग्स की वैल्यू का फ़ायदा उठाने में मदद मिलती है और उन्हें नया सोना कम खरीदना पड़ता है। त्योहारों और शादी-ब्याह का मौसम आने वाला है, ऐसे में घरेलू सोने के बाज़ार के लिए मांग एक अहम कारक हो सकती है। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों की दिशा ग्लोबल ब्याज दरों के अनुमान, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और रुपये की चाल पर भी निर्भर करेगी।

ग्राहकों के लिए, MCX फ्यूचर्स की कीमतें और रिटेल में गहनों की आखिरी कीमत एक जैसी नहीं होती हैं। सोने की रिटेल कीमतों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर का मार्जिन जैसी चीजें भी शामिल होती हैं। इसी तरह, चांदी के दाम अलग-अलग शहरों में और फिजिकल व फ्यूचर्स मार्केट के बीच अलग-अलग हो सकते हैं।

Silver price Today: ₹3000 सस्ती हुई चांदी, जानें मुंबई, दिल्ली, चेन्नई सहित 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

पहले शतक से मिला पहला मैन ऑफ द मैच, क्या बोले देवदत्त पड्डीकल

Devdutt Padikkal

भारत की पहली पारी में 167 रन बनाने वाले और दूसरी पारी में 44 रनों की पारी खेलने वाले देवदत्त पड्डीकल को गॉल टेस्ट में मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला। बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज 2024 में टेस्ट डेब्यू करने वाले देवदत्त लंबे समय से टीम से बाहर थे और उनको सांई सुदर्शन की चोट के कारण मौका मिला था जो उन्होंने भुना लिया। देवदत्त का यह पहला टेस्ट शतक था जो उन्हें  मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार दे गया।

देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि उन्होंने इस ख़ास पल का सपना देखा था।पडिक्कल ने कहा, ” मैंने इस पल का सपना देखा है। पिछले दो सालों से, मैं सच में बहुत मेहनत कर रहा हूँ ताकि जब मुझे वह मौका मिले, तो मैं ऐसा कुछ खास कर सकूँ, और मुझे ऐसा करके बहुत खुशी होती है।”

शुरुआत में स्पिन के खिलाफ उनके आक्रामक इरादे और निर्णायक फुटवर्क के बारे में पूछे जाने पर पडिक्कल ने कहा,”हाँ, मुझे लगता है कि हमने इस पर लंबी चर्चा की है, खासकर जब आप स्पिन खेल रहे हों, तो यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ प्लान हों। आप वहाँ जाकर हर समय रिएक्ट करने की उम्मीद नहीं कर सकते। यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ शॉट हों जिन्हें आप मैदान में उतरते ही खेलना चाहते हैं, ताकि आप बॉलर पर भी कुछ प्रेशर डाल सकें। तो, मुझे लगता है कि पिछले एक साल में, हमने अपनी ताकत में ऐसे तरीके खोजने की कोशिश की है जिन्हें आप सच में लागू कर सकें ताकि आप प्रेशर वापस डाल सकें।”

पडिक्कल ने साथ ही कहा, ”हाँ, बिल्कुल। मुझे लगता है कि जब आपको यह क्लैरिटी होती है कि आप क्या करना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि इससे आपके फुटवर्क में भी कॉन्फिडेंस आता है। मुझे लगता है कि मैं बस यह पक्का करना चाहता था कि मैं जो भी करूँ, उसमें 100% कमिटेड रहूँ। भले ही वह डिफेंसिव शॉट हो, मैं यह पक्का करना चाहता हूँ कि मैं उसे खेलने के लिए सच में कमिटेड रहूँ, इसलिए इससे मेरा फुटवर्क बहुत बेहतर हो गया।”

शतक को बड़े में बदलने की काबिलियत पर उन्होंने कहा, ”मुझे सच में लगता है, यह बस और रन बनाने की भूख है। मुझे बस वहाँ बैटिंग करने में मज़ा आता है, और जैसे ही आप 100 रन बनाते हैं, रिलैक्स करना और वह राहत महसूस करना आसान होता है। लेकिन मेरे लिए यह ज़रूरी है कि अगली 20-30 गेंदें सच में बहुत ज़रूरी फेज़ हों, जिसमें मैं यह पक्का करने की कोशिश करता हूँ कि मैं पूरी तरह से फोकस्ड रहूँ, पूरी तरह से वहाँ रहूँ। मुझे लगता है कि जब मैं 100 के बाद पहली 10 गेंदें पार कर लेता हूँ, तो मेरा काम बहुत आसान हो जाता है। और इतने सालों में, मैंने बहुत से क्रिकेटरों को बड़े रन बनाते, बड़े शतक बनाते देखा है, खासकर कर्नाटक में। इसलिए उन्हें बैटिंग करते देखकर मेरा भी मन करता है कि मैं भी वैसा ही करूँ।

बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे:जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा

बांग्लादेश, भारत के साथ गंगा जल संधि में ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करना चाहता है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। शाहिदुद्दीन ने कहा कि जरूरी हुआ तो बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय मंच का रुख भी कर सकता है। दरअसल, बांग्लादेश के साथ गंगा जल संधि दिसंबर 2026 में खत्म हो जाएगी। इस समझौते के तहत सूखे के मौसम में गंगा के पानी के बंटवारे की व्यवस्था की गई है। ऐसे में ढाका गारंटी क्लॉज में न्यूनतम जल प्रवाह की बात शामिल करने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश का कहना है कि मौजूदा संधि सूखे मौसम में जरूरत के मुताबिक पानी उपबल्ध नहीं कराती है। भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि की शर्त के बारे में जानिए बांग्लादेश को गारंटी क्यों चाहिए बांग्लादेश का कहना है कि मौजूदा संधि में पानी बांटने का फॉर्मूला तो है, लेकिन तय मात्रा में पानी मिलने की कानूनी गारंटी नहीं है। इसलिए वह नई संधि में ‘गारंटी क्लॉज’ जोड़ने की मांग कर रहा है। गारंटी क्लॉज ऐसा नियम है, जो सुनिश्चित करता है कि नदी के निचले हिस्से में बसे देश को भी जरूरत का पानी मिलता रहे। इसका मतलब है कि अगर नदी में पानी कम भी हो जाए, तब भी उसे एक तय मात्रा में पानी दिया जाएगा। बांग्लादेश चाहता है कि अगर किसी साल पानी कम हो या किसी कारण से समझौते का पालन न हो, तो उसका समाधान कैसे होगा और किसकी क्या जिम्मेदारी होगी, यह भी समझौते में साफ लिखा जाए। बांग्लादेश का कहना है कि 1977 के गंगा जल समझौते में यह व्यवस्था थी, लेकिन 1996 की संधि में इसे शामिल नहीं किया गया। इसलिए वह नई संधि में इस प्रावधान को जोड़ने की मांग कर रहा है। फरक्का बैराज बनने के बाद शुरू हुआ था विवाद भारत ने सत्तर के दशक में पश्चिम बंगाल में फरक्का बैराज बनाया था। इसका मकसद गंगा के पानी के एक हिस्से को हुगली नदी की तरफ भेजना था, ताकि हुगली में पानी का बहाव बढ़े और कोलकाता बंदरगाह में जमा होने वाली गाद को कम करने में मदद मिले। गाद कम करना इसलिए जरूरी था क्योंकि मिट्टी और कीचड़ जमा होने के कारण बंदरगाह और हुगली नदी की गहराई लगातार घट रही थी। इससे कोलकाता बंदरगाह के ठप होने का खतरा था।

समस्या यह थी कि गंगा भारत से निकलकर बांग्लादेश में भी जाती है। इसलिए भारत ने जब पानी का कुछ हिस्सा अपनी तरफ मोड़ दिया तो इससे वहां जाने वाले पानी की मात्रा कम होने लगी। इससे बांग्लादेश में कई तरह की समस्याएं बताई गईं – 1977 में पहली बार दोनों देशों में समझौता फरक्का को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक विवाद चलता रहा। भारत का कहना था कि फरक्का से पानी मोड़ना उसके लिए जरूरी है, जबकि बांग्लादेश लगातार अपने हिस्से के पानी की मांग करता रहा। आखिरकार दोनों देशों ने पानी को लेकर अलग-अलग समझौते किए। 1977 में एक समझौता हुआ, जिसमें पानी के बंटवारे के साथ एक गारंटी क्लॉज भी था। यानी कुछ परिस्थितियों में बांग्लादेश को न्यूनतम मात्रा में पानी मिलने की गारंटी दी गई थी। बाद में 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल समझौता हुआ। इसमें सूखे के मौसम में गंगा के पानी के बंटवारे का फॉर्मूला तय किया गया। इसमें पानी देने की न्यूनतम मात्रा की गारंटी नहीं दी गई। इसके बजाय कहा गया कि दोनों देश तुरंत बातचीत करके आपात स्थिति में पानी के बंटवारे में बदलाव करेंगे। ————————— यह खबर पढ़ें… पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा: इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। पूरी खबर पढ़ें…

बिना मैच जीते विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के प्री क्वार्टफाइनल में पहुंचे सात्विक और चिराग

Satvik Chirag

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के बाद बुधवार को बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

विश्व चैंपियनशिप में पहले दो कांस्य पदक जीत चुकी पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी तथा दूसरे दौर में उनका मुकाबला स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल से होना था।स्कॉटलैंड की जोड़ी ने हालांकि आखिरी क्षण में नाम वापस ले लिया, जिससे सात्विक और चिराग को कोर्ट में उतरे बिना ही ‘राउंड ऑफ 16’ में जगह मिल गई।

तनीशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी मकाऊ के लियोन इओक चोंग और एनजी वेंग ची को 21-11 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।भारतीय खिलाड़ियों में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, आयुष शेट्टी और लक्ष्य सेन को भी बुधवार को अपने मैच खेलने हैं।

कंधे की बार-बार उभरने वाली चोट ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं और कई बार उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी के लिए भी यह स्थिति “परेशान करने वाली” रही है, लेकिन भारतीय पुरुष युगल जोड़ी घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक के रंग को बेहतर करने के लक्ष्य के साथ अपने आक्रामक और तेजतर्रार खेल पर कायम रहेगी।

सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है। इस जोड़ी ने दो साल के अंतराल के बाद अपना पहला खिताब जीतते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 अपने नाम किया था, लेकिन इसके बाद चोट फिर उभर आई और उन्हें इंडोनेशिया ओपन में मुकाबले के बीच से हटना पड़ा तथा जापान ओपन से नाम वापस लेना पड़ा।

सात्विक और चिराग पुरुष युगल वर्ग की उन शीर्ष पांच जोड़ियों में शामिल हैं, जिन पर विश्व चैंपियनशिप में खास नजर रहेगी। पुरुष युगल का मुकाबला परंपरागत रूप से बेहद खुला रहा है और पिछले छह संस्करणों में पांच देशों की छह अलग-अलग जोड़ियां खिताब जीत चुकी हैं।

विश्व नंबर एक किम वोन हो और सियो सेउंग जे ने 2025 की अपनी शानदार फॉर्म को इस सत्र की शुरुआत में भी जारी रखा था, लेकिन मई में थॉमस कप फाइनल के बाद उनकी कमजोरियां नजर आई हैं। इससे फजार अल्फियां-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी, गोह से फी-नूर इज्जुद्दीन और भारतीय जोड़ी जैसी चुनौती पेश करने वाली जोड़ियों के लिए उम्मीदें बढ़ी हैं।


भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराकर पाई टेस्ट सीरीज में बढ़त

INDvsSL भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से गॉल टेस्ट में हराकर टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। 372 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही  श्रीलंका को भारत ने 206 रनों पर समेट दिया और सीरीज में निर्णायक बढ़त बना ली। करीब 1 साल बाद भारत किसी बड़ी टीम के खिलाफ जीता है। इससे पहले भारत ने लीड्स में इस ही दौरान इंग्लैंड को हराकर सीरीज 2-2 से बराबर की थी।

भारत की पहली पारी में 462 रन बनाए लेकिन बारिश के कारण यह पारी 2 दिन तक चली। श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 284 रन बनाए और बमुश्किल फॉलोऑन टाल पाई। भारत की दूसरी पारी 194 रनों पर सिमट गई और श्रीलंका के लिए 372 रनों का लक्ष्य दिया गया। श्रीलंका की दूसरी पारी महज 206 रनों पर सिमट गई और इस तरह भारत ने गॉल टेस्ट अपने नाम कर लिया।

77 पर 4 विकेट खोकर अंतिम दिन बल्लेबाजी करनी उतरी श्रीलंका ने मैच के पहले देढ़ घंटे संयम से बल्लेबाजी की लेकिन पहले ज़ड़ेजा और फिर प्रसिद्ध कृष्णा ने टीम को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। भोजनकाल तक श्रीलंका 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बना चुकी थी।

भोजनकाल के बाद मानव सुथार ने एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर मैच को भारत की झोली में डाल दिया। आज बारिश के ना आने के कारण ही भारत यह मैच अपनी गिरफत में ले पाया।भाग्य का ऐसा साथ रहा कि भारत के मैच जीतते ही मैदान पर तेज बारिश शुरु हो गई।

यशस्वी जायसवाल ने डिकवेला से करी स्लेजिंग, अगली गेंद पर हुए आउट (Video)

yashasvi jaiswal

yashasvi jaiswal

INDvsSL यशस्वी जायसवाल भले ही गॉल में चल रहे मौजूदा टेस्ट में कुछ खास नहीं कर पाए हों लेकिन उन्होंने भारतीय टीम को एक महत्वपूर्ण समय पर विकेट दिला दिया। पहली पारी में सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला की शतकीय साझेदारी के कारण श्रीलंका ने फोलोऑन बचा लिया था।

लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ यशस्वी जायसवाल ने दूसरी पारी के दौरान डिकवेला से बातचीत करनी शुरु कर दी। उन्होंने डिकवेला से कहा कि पहली पारी में तो बहुत अच्छे शॉट्स खेले थे इस पारी में भी दिखाओ। इस पर डिकवेला का जवाब था कि वह आईपीएल अनुबंध लेकर ही ऐसे शॉट्स खेलेंगे। इस पर यशस्वी जायसवाल ने कहा कि वह जरुर उनके लिए बात करेंगें। अगली ही गेंद पर डिकवेला ने कट शॉट खेला और कृष्णा की गेंद पर पंत ने उनका कैच लपक लिया। टीम ने यह विकेट जायसवाल के साथ मनाया।

पहली पारी में 80 रन बनाने वाले डिकवेला दूसरी पारी में सिर्फ 17 गेंदों में 10 रन बना पाए और बहसबाजी में अपना विकेट फेंककर चले गए।

पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा:फिल्म कहानी से हकीकत नहीं बदलेंगी; 15 अगस्त को रिलीज हुई फिल्म

ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और इससे असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ ने मंगलवार तड़के करीब 2 बजे सोशल मीडिया X पर यह बयान दिया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को ‘ट्रेजेडी और कॉमेडी’ तक बताया। उनका आरोप है कि फिल्म में कुछ चुनिंदा इंटरव्यू, भावुक कहानी और फिल्मी अंदाज का इस्तेमाल किया गया है। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ 15 अगस्त को रिलीज हुई थी। इसमें ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय सैन्य अधिकारियों के इंटरव्यू हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इसमें नजर आए हैं। पाकिस्तान बोला- सैन्य नाकामी को जीत बताया पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारत ने ऑपरेशन के नतीजे को अपनी जीत के तौर पर दिखाया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कहानी और वीडियो के जरिए सैन्य नाकामी को सफल ऑपरेशन बताया गया है। उनका कहना था कि फिल्म बनाने से उस समय हुई असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के संघर्ष में उनकी सेना ने 8 भारतीय सैन्य विमान गिराए थे। हालांकि भारत इन दावों को पहले ही नकार चुका है। सीजफायर पर भी पाकिस्तान ने सवाल उठाए पाकिस्तानी सेना ने कहा कि लड़ाई दोनों देशों के DGMO यानी सैन्य ऑपरेशन के प्रमुख अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद रुकी थी। इसलिए इसे भारत की एकतरफा जीत बताना सही नहीं है। पाकिस्तान ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में एक तरफ भारत की बड़ी और सटीक सैन्य कार्रवाई की बात कही गई है, तो दूसरी तरफ यह भी कहा गया है कि भारत ने लड़ाई को सीमित रखा और पाकिस्तान को पीछे हटने का मौका दिया। पाकिस्तान ने इसे विरोधाभासी दावा बताया। पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक 19 दिनों में क्या-क्या हुआ? 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा। 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ा और 10 मई को DGMO स्तर की बातचीत के बाद सीजफायर पर सहमति बनी। ————————
ये खबर भी पढ़ें…. इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM अस्पताल शिफ्ट किए जाएंगे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मुलाकात हुई। नोरीन 9 महीने बाद इमरान से मिलीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…