Delhi Weather Today: राजधानी में आज फिर बरसेंगे बदरा, IMD ने बताया इस हफ्ते कैसा रहेगा मौसम?

Delhi Weather Today: दिल्ली में बुधवार (19 अगस्त) को मौसम सुहाना रहने के साथ बारिश के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश, जबकि कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर हल्की बारिश की एक या दो बौछारें पड़ेंगी, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, शाम से रात तक हल्की से मध्यम बारिश की एक और बौछार पड़ने की संभावना है।”

19 अगस्त को, IMD ने अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान लगाया है।

दिल्ली के मौसम का साप्ताहिक पूर्वानुमान

IMD ने अनुमान लगाया है कि दिल्ली में 23 अगस्त तक बारिश हो सकती है, जबकि 24 अगस्त को बारिश नहीं होगी।

20 अगस्त के लिए IMD ने हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। पूर्वानुमान के अनुसार, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। शाम से रात के समय भी बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है।” इस दौरान अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

21 अगस्त से बारिश की रफ्तार होगी कम

21 अगस्त को बारिश की तीव्रता कम होकर बहुत हल्की बारिश में बदलने की उम्मीद है। IMD ने 21, 22 और 23 अगस्त को बहुत हल्की से हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। तीनों दिनों के लिए अनुमान में कहा गया है, “आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।”

इन दिनों अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

24 अगस्त से बारिश पर लग सकता है ब्रेक

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 अगस्त को दिल्ली में बारिश का दौर थम सकता है। इस दिन बारिश की कोई संभावना नहीं है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रह सकते हैं।

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Gold Silver Price Today: गिर गए सोने-चांदी के दाम, आखिर क्या है कारण, अब आगे क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

Gold Silver Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है। दरअसल, निवेशकों ने US ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों और ब्याज दरों के आउटलुक पर विचार किया, जिसके चलते सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा गिरावट आई। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, COMEX सोना $4,406 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 0.33% की गिरावट थी, जबकि COMEX चांदी $63.145 प्रति औंस पर थी, जिसमें 1.39% की गिरावट थी।

ये बदलाव पिछले सेशन में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट के बाद आए हैं। मंगलवार (18 अगस्त) को सोने में लगभग 2% की गिरावट आई थी, जबकि चांदी में भी तेज़ गिरावट देखी गई थी।

सोना और चांदी क्यों गिर रहे हैं?

US ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव इसका मुख्य कारण है। ज़्यादा यील्ड आम तौर पर सोने पर दबाव डालती है क्योंकि इस धातु पर कोई ब्याज नहीं मिलता, जिससे यील्ड देने वाली संपत्तियां ज़्यादा आकर्षक हो जाती हैं। US यील्ड अपने हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई हैं, लेकिन ग्लोबल बॉन्ड बिकवाली के कारण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में लंबे समय के लिए उधार लेने की लागत कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने के बाद भी वे ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

बाजार US फेडरल रिज़र्व की जुलाई की बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) का भी इंतज़ार कर रहा है। निवेशक सेंट्रल बैंक की ब्याज दर की दिशा के बारे में संकेत तलाशेंगे, खासकर इसलिए क्योंकि हालिया US डेटा में कमज़ोर रोज़गार और रिटेल खर्च के साथ-साथ कम महंगाई दर दिखाई दी है।

चांदी पर क्यों है ज़्यादा दबाव?

हालिया कारोबार में सोने के मुकाबले चांदी में ज़्यादा तेज़ गिरावट आई है। सोने के विपरीत, चांदी की औद्योगिक मांग का एक बड़ा हिस्सा होता है, जिसका मतलब है कि इसकी कीमतें ग्लोबल आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी उम्मीदों पर भी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। यह हालिया कमज़ोरी कीमती धातुओं में व्यापक गिरावट के बाद आई है।

घरेलू बाज़ार में क्या हो रहा है?

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, भारत में मंगलवार (18 अगस्त) को सोने की कीमतें ₹2,000 बढ़कर 99.9% शुद्धता वाले सोने के लिए ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम हो गईं। वहीं चांदी की कीमत भी ₹730 बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम हो गई। घरेलू कीमतें ग्लोबल स्पॉट कीमतों में गिरावट के अनुरूप थीं, साथ ही रुपया, आयात लागत और स्थानीय मांग ने भी भारतीय बुलियन दरों को प्रभावित किया।

क्रूड प्राइस बढ़ा रही अनिश्चितता

US-ईरान संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और सेंट्रल बैंकों के लिए ब्याज दरों को लेकर स्थिति और मुश्किल हो सकती है। अगर निवेशकों को लगता है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी, तो इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

वहीं, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट) के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है। इससे बुलियन मार्केट दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा हुआ है — एक तरफ सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग और दूसरी तरफ ऊंची यील्ड/ब्याज दरों को लेकर चिंता।

अब निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?

सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव की तत्काल वजह US फेड की बैठक के मिनट्स (बैठक का ब्योरा) हो सकते हैं। अगर इससे कोई संकेत मिलता है कि पॉलिसी बनाने वाले महंगाई को लेकर चिंतित हैं और ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं हैं, तो बुलियन पर दबाव बना रह सकता है।

दूसरी ओर, अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं या फेड की तरफ से ब्याज दरें कम रखने का संकेत (डोविश सिग्नल) मिलता है, तो ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी को सहारा मिल सकता है।

फिलहाल, US ट्रेजरी यील्ड, डॉलर, कच्चे तेल की कीमतें, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और फेड के संकेत ही वे मुख्य कारक हैं जिन पर कीमती धातुओं की कीमतों में अगले बदलाव के लिए नज़र रखनी होगी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : खराब ग्लोबल संकतों से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हो सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव है। FIIs की कैश में खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में तगड़ी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी दो लाख के करीब पहुंच गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए,निफ्टी 24,200 के निशान से नीचे फिसल गया और लगातार छठे सेशन में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। ईरान और US के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़े पैमाने पर बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से यह गिरावट आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 पर और निफ्टी 132.75 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिरा।

हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ी

हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ गई है। ट्रंप ने नक्शा जारी करके बताया है कि हॉर्मुज अमेरिका का हिस्सा है। इधर ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि बातचीत हमारी शर्तों पर ही होगी। US- ईरान टेंशन से कच्चा तेल लगातार चौथे दिन चढ़ा है। इसके भाव 92 डॉलर के करीब पहुंच गए हैं।

अमेरिकी और एशियाई बाजार

अमेरिकी बाजार दूसरे दिन भी फिसले हैं। क्रूड के साथ बाजारों को US बॉन्ड यील्ड की भी टेंशन है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड 19 साल की ऊंचाई पर आ गई है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के ऊपर बरकरार है। इधर अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी दबाव रहा। चिप शेयरों में 9% तक की भारी बिकवाली से नैस्डैक 1.25 फीसदी से ज्यादा फिसला है। चिप शेयरों की पिटाई से कॉस्पी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे आया है। निक्केई में भी 2.5 फीसदी की गिरावट है।

IT कंपनियों के लिए सेंटिमेंट पॉजिटिव, इंफोसिस का ADR करीब 2% चढ़ा

चिप शेयरों की बिकवाली से IT कंपनियों के सेंटिमेंट पॉजिटिव दिख रहे हैं। कल अमेरिका में एक्सेंचर,सेल्सफोर्स और एडोबी जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियां दो से चार फीसदी उछलीं। इंफोसिस का ADR भी करीब 2% चढ़ा।

Aster DM में आज बड़ी ब्लॉक डील संभव

Aster DM में आज करीब 4,780 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। सेंटेला मॉरिशस होल्डिंग्स (Centella Mauritius Holdings) 7.2% हिस्सा बेच सकता है। इसके लिए 6.3% डिस्काउंट पर 766 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम

घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। PNG कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रोत्साहन के लिए यह स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस खबर के चलते आज IGL, MGL और गुजरात एनर्जी के शेयरों में एक्शन आज बढ़ सकता है

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1,651 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और भारतीय शेयरों में ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।

 

Market cues : लगातार गिरावट के बाद आज हो सकती है वापसी की कोशिश, निफ्टी के लिए 24200-24300 पर रेजिस्टेंस

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को चंद्रमा को लगेगा ग्रहण, जानें कैसा होगा रक्षा बंधन का त्योहार और किस समय बांधी जाएगी राखी

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व हमारे देश में मनाए जाने वाले सभी प्रमुख पर्व और त्योहारों में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं और आरती उतार कर मुंह मीठा कराती हैं। माना जाता है कि ऐसा करते हुए वे अपने भाई की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत और खुशहाली की कामना करती हैं। इसके बदले में भाई अपनी बहन की सदैव रक्षा करने का वचन देते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व का इतिहास पौराणिक काल में भगवान कृष्ण और द्रौपदी से जुड़ा हुआ है।

इस साल भाई बहन का यह पवित्र पर्व रक्षा बंधन 28 अगस्त 2026 को पूरे देश में धूम धाम से मनाया जाएगा। लेकिन इसी दिन एक और दुर्लभ खगोलीय घटना भी घटने जा रही है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है। दरअसल, इसी दिन साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। इस दिन चंद्र ग्रहण लगने से लोगों में इस बात का कंफ्यूजन हो रहा है कि बहनें अपने भाइयों को राखी कैसे बांधेंगीं, सूतक कब से कब तक रहेगा और ग्रहण का क्या समय रहेगा? आइए जानें इन सभी सवालों के जवाब।

रक्षाबंधन 2026

पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त 2026, गुरुवार को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से होगी। इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। तिथि के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त

28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 7 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 9 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा का साया

इस साल 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव सुबह 9 बजकर 8 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसलिए 28 अगस्त को बिना किसी बाधा के श्रद्धा और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।

चंद्र ग्रहण 2026

28 अगस्त 2026 को राखी के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगेगा। ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर होगी। इसका समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर माना जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल और ग्रहण से जुड़े नियम दोनों ही मान्य नहीं रहेंगे। ऐसे में बहनें बिना सूतक की बाधा के अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

कहां दिखाई देगा ग्रहण?

28 अगस्त का आंशिक चंद्र ग्रहण अफ्रीका, यूरोप, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका तथा पश्चिमी एशिया के कई देशों में दिखाई देगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

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ट्रंप बोले-ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी होगी बातचीत:नेगोसिएटिंग टीम से वार्ता रोकने को कहा; होर्मुज को लेकर तनाव जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेगोसिएटिंग टीम से ईरान के साथ वार्ता रोकने को कहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने यह फैसला तब तक के लिए लिया है, जब तक तेहरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रम्प ने आगे की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया। ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया था। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा- नया अमेरिकी क्षेत्र ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक पोस्ट किया, जिसके ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा था। इस मैप में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री इलाका दिखाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और UAE के हिस्से भी नजर आ रहे थे। ट्रम्प बोले- होर्मुज में नाकाबंदी जारी ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज को लेकर कहा कि वहां अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है। होर्मुज खुला है और वहां आवाजाही जारी है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के अपना वादा पूरी करने तक ईरान होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा। ट्रम्प के कहने से होर्मुज अमेरिका का हिस्सा हो जाएगा? सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। इसलिए इस पर सिर्फ किसी एक देश का अधिकार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के जहाजों को इस रास्ते से आने-जाने का अधिकार है। इसी वजह से कोई भी देश सिर्फ अपने दम पर इस समुद्री मार्ग पर कब्जे का दावा नहीं कर सकता। इसलिए ट्रम्प का मैप एक राजनीतिक दावा या मैसेज माना जा सकता है, लेकिन इससे अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर अपने आप कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौते में किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा। ————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प बोले-ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी होगी बातचीत:नेगोसिएटिंग टीम से वार्ता रोकने को कहा; होर्मुज को लेकर तनाव जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेगोसिएटिंग टीम से ईरान के साथ वार्ता रोकने को कहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने यह फैसला तब तक के लिए लिया है, जब तक तेहरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रम्प ने आगे की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया। ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया था। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा- नया अमेरिकी क्षेत्र ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक पोस्ट किया, जिसके ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा था। इस मैप में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री इलाका दिखाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और UAE के हिस्से भी नजर आ रहे थे। ट्रम्प बोले- होर्मुज में नाकाबंदी जारी ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज को लेकर कहा कि वहां अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है। होर्मुज खुला है और वहां आवाजाही जारी है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के अपना वादा पूरी करने तक ईरान होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा। ट्रम्प के कहने से होर्मुज अमेरिका का हिस्सा हो जाएगा? सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। इसलिए इस पर सिर्फ किसी एक देश का अधिकार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के जहाजों को इस रास्ते से आने-जाने का अधिकार है। इसी वजह से कोई भी देश सिर्फ अपने दम पर इस समुद्री मार्ग पर कब्जे का दावा नहीं कर सकता। इसलिए ट्रम्प का मैप एक राजनीतिक दावा या मैसेज माना जा सकता है, लेकिन इससे अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर अपने आप कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौते में किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा। ————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…

2027 में दुनिया पर मंडरा सकता है बड़ा खाद्य संकट, भारत पर क्या पड़ेगा असर? JP Morgan ने चेतावनी में क्या कहा

2027 में दुनिया पर मंडरा सकता है बड़ा खाद्य संकट, भारत पर क्या पड़ेगा असर? JP Morgan ने चेतावनी में क्या कहा

el nano efact

वैश्विक वित्तीय संस्था JP Morgan से जुड़ी एक चेतावनी के मुताबिक, वर्ष 2027 में दुनिया को बड़े खाद्य आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है। भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया उन देशों में शामिल हो सकते हैं, जहां इसका असर सबसे गंभीर रहने की आशंका है। इस संभावित संकट के पीछे भूराजनीतिक तनाव, उर्वरकों की कमी, कृषि लागत में बढ़ोतरी और अल नीनो से जुड़े बदलते मौसम के पैटर्न को प्रमुख कारण माना गया है।

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2027 की पहली छमाही में महंगाई 5% तक पहुंचने का अनुमान

 

रिपोर्ट के अनुसार, 2027 के पहले छह महीनों में वैश्विक महंगाई करीब 5% तक पहुंच सकती है। इसकी तुलना में 2026 की इसी अवधि में यह करीब 2.8% रही थी।

 

संभावित संकट केवल खाद्यान्न की कमी तक सीमित नहीं रहेगा। उत्पादन लागत बढ़ने और मौसम में अनिश्चितता के कारण किसानों के लिए फसल उत्पादन बनाए रखना भी मुश्किल हो सकता है। अगर खाद्य कीमतों में तेज वृद्धि होती है तो विकासशील देशों में परिवारों को अपनी आय का बड़ा हिस्सा जरूरी खाद्य वस्तुओं पर खर्च करना पड़ सकता है।

 

उर्वरक की कमी बढ़ा सकती है चिंता

 

संभावित खाद्य संकट में उर्वरक आपूर्ति एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कुल यूरिया निर्यात में मध्य पूर्व की हिस्सेदारी करीब 42%, जबकि अमोनिया निर्यात में हिस्सेदारी करीब 27% है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।

 

रिपोर्ट में एक संभावित घटनाक्रम की ओर भी इशारा किया गया है। इसके अनुसार, संघर्ष से ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, जिसके बाद उर्वरकों की कमी, कृषि लागत में बढ़ोतरी, उत्पादन में गिरावट और अंततः खाद्य कीमतों में वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, बाधित आपूर्ति व्यवस्था और उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने में एक से चार साल तक का समय लग सकता है।

 

अल नीनो से फसल उत्पादन पर बढ़ सकता है दबाव

 

अल नीनो से जुड़े मौसम में बदलाव वैश्विक कृषि पर दबाव और बढ़ा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अल नीनो के दौरान सूखा, बाढ़ और अन्य प्रतिकूल मौसम की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अल नीनो के कारण फसल उत्पादन में औसतन 3.5% की गिरावट देखी गई है। वहीं, एक 'सुपर अल नीनो' वैश्विक खाद्य महंगाई को करीब 0.7% तक बढ़ा सकता है। यदि इसके साथ ऊर्जा की कीमतों में भी वृद्धि होती है तो इसका प्रभाव 1.3% से 1.5% तक पहुंच सकता है।

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भारत पर भी पड़ सकता है सीधा असर

 

भारत में अगर मानसून कमजोर या अनियमित रहता है तो कृषि क्षेत्र पर सीधा असर पड़ सकता है। बारिश पर निर्भर धान, दाल, तिलहन, कपास और गन्ने जैसी फसलों पर बारिश के बदलते पैटर्न का प्रभाव पड़ने की आशंका है। भारत के सामने चुनौती केवल पर्याप्त अनाज उपलब्ध कराने की नहीं होगी, बल्कि उर्वरक और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों के लिए कृषि उत्पादन की लागत को वहनीय बनाए रखना भी होगी।

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ब्राजील और इंडोनेशिया भी जोखिम वाले देशों में

 

रिपोर्ट में ब्राजील और इंडोनेशिया को भी संभावित खाद्य संकट से गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले देशों में शामिल किया गया है। कृषि लागत में वृद्धि, फसल उत्पादन में कमी, उर्वरक की संभावित कमी और प्रतिकूल मौसम इन देशों में खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। हालांकि, संभावित संकट का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले समय में भूराजनीतिक तनाव, उर्वरक की उपलब्धता, ऊर्जा कीमतों और मौसम की स्थिति किस तरह बदलती है।

पहला सेट हारने के बाद लक्ष्य सेन ने की जोरदार वापसी, विश्व चैंपियनशिप में जीत से आगाज

स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने मंगलवार को पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन को तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में हराकर बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

लक्ष्य ने 45 मिनट तक चले मुकाबले में फिलिमोन को 16-21, 21-8, 21-4 से हराया।दूसरे दौर में लक्ष्य का सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होगा जिन्होंने स्विट्जरलैंड के टोबियास कुएंजी को 21-4, 21-15 से हराया।लक्ष्य ने धीमी शुरुआत की और उनके कम रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी ने पहले गेम में उन्हें लगातार दबाव में रखा। स्टार भारतीय खिलाड़ी लय हासिल करने के लिए जूझता दिखा। दोनों खिलाड़ी एक समय लगभग बराबरी पर चल रहे थे लेकिन लक्ष्य के लचर खेल और सहज गलतियों का फायदा उठाते हुए फिलिमोन ने लगातार छह अंक जुटाकर 17-12 की बढ़त बना ली।

 लक्ष्य ने कुछ अंक जुटाकर वापसी की कोशिश की लेकिन ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने धैर्य बरकरार रखते पहला गेम अपने नाम कर लिया।दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ी 7-7 की बराबरी पर थे जिसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक खेल के दम पर 11-8 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद लक्ष्य ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लगातार 10 अंक जुटाए और प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं देते हुए दूसरा गेम जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस दौरान फिलिमोन की लय भी टूटती नजर आई।इसके बाद लक्ष्य को रोकना मुश्किल हो गया। उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा और फिलिमोन से लगातार सहज गलतियां कराईं। भारतीय खिलाड़ी ने 15-1 की बढ़त के साथ मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इससे पहले त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की गैरवरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने महिला युगल में लॉरेन लैम और एलिसन क्विन ली की अमेरिका की 16वीं वरीय जोड़ी को सीधे गेम में हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।त्रीसा और गायत्री ने दूसरे दौर में महज 38 मिनट में विरोधी जोड़ी को 21-15, 21-12 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।

भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए आत्मविश्वास के साथ खेल शुरू किया। त्रीसा ने अपने दमदार स्मैश से अंक जुटाए जबकि गायत्री ने शटल को खेल में बनाए रखने के साथ सटीक ड्रॉप शॉट लगाए और दोनों ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया।दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने इसी अंदाज में शुरुआत की और ब्रेक तक 11-4 की बढ़त बना ली।

भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और उनकी प्रतिद्वंद्वियों की कुछ सहज गलतियों का भी उन्हें फायदा मिला।कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफनी स्टोएवा की बुल्गारिया की नौवीं वरीय जोड़ी ने 32 मिनट में सीधे गेम में 21-7, 21-14 से हराया।मिश्रित युगल में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे तथा असित सूर्या और अमृता प्रमुथेश की जोड़ियां पहले दौर में ही बाहर हो गईं।

 रोहन और रुत्विका की जोड़ी को जोनाथन बिंग सान लाई और क्रिस्टल लाई की कनाडा की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 22-20, 19-21, 17-21 से हार मिली।असित और अमृता को एमरे सोनमेज और यासेमेन बेक्टास की तुर्किये की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत की एक अन्य मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो अभी प्रतियोगिता में बनी हुई है। इस 15वीं वरीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी और वह दूसरे दौर में मकाऊ के इओक चोंग लियोंग और वेंग ची एनजी से भिड़ेगी।उभरती हुई भारतीय महिला एकल खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में जगह बना ली। उन्होंने 40 मिनट चले मुकाबले में म्यांमार की थेट हतार थुजार को 22-20, 21-16 से हराया।उन्नति का अगले दौर में सामना कनाडा की 13वीं वरीय मिशेल ली से होगा।

जल बोर्ड टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन, AAP नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, 1.52 करोड़ की रिश्वत का आरोप

दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़े टेंडरों में कथित गड़बड़ी और हेरफेर के मामले में की गई है। सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्ट सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

यह मामला डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर बनाने और अपग्रेड करने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर बदलाव किए गए और कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। एसीबी इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी की जांच की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7ए, 9 और 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 409, 418 और 120-बी भी लगाई गई हैं।

टेंडर की शर्तों में हेरफेर का आरोप

एसीबी का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें और नियम शामिल किए गए, जिनसे एक खास कंपनी को फायदा पहुंच सकता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन शर्तों से यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। एसीबी का कहना है कि टेंडर की शर्तों ने दूसरी कंपनियों के लिए मुकाबले का मौका सीमित कर दिया और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ मिला।

जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कई कथित अनियमितताएं भी सामने आई हैं। इनमें प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट का नहीं किया जाना, इस्तेमाल होने वाली तकनीक या फिल्टर मीडिया को लेकर ऐसी शर्तें रखना जिनसे दूसरी कंपनियों की भागीदारी सीमित हो सकती थी, साफ किए गए पानी की गुणवत्ता के लिए जरूरी मानक तय नहीं करना और बाद में टेंडर की तकनीकी शर्तों में बदलाव करना शामिल है। एसीबी अब इन सभी आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर और किसके निर्देश पर हुआ।

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने कहा कि टेंडर की शर्तों में किए गए कथित बदलावों से सरकारी खजाने पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ा। एजेंसी के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच में प्राइवेट कंपनियों के लोगों, सरकारी कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर की शर्तों, उनमें किए गए बदलाव और दूसरे दस्तावेजों को लेकर बातचीत के सबूत मिले हैं। एसीबी का कहना है कि बातचीत में जिन कई शर्तों और दस्तावेजों का जिक्र था, उन्हें बाद में दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी किए गए टेंडर में शामिल कर लिया गया। जांच एजेंसी को शक है कि प्राइवेट कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत हुई थी। इसका मकसद एक खास तकनीक देने वाली कंपनी के पक्ष में टेंडर की शर्तों को प्रभावित करना था।

पूर्व सीईओ को 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप

एसीबी ने आरोप लगाया है कि सृजनहार और एएन एंटरप्राइजेज जैसी बीच की कंपनियों के जरिए कमीशन या रिश्वत के तौर पर पैसों का लेन-देन किया गया। एजेंसी के मुताबिक, वित्तीय जांच में पता चला कि यूरोटेक से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों से आरोपी नागेंद्र यादव की कंपनी में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। एसीबी अब इन पैसों के लेन-देन और टेंडर प्रक्रिया के बीच संबंध की जांच कर रही है। एसीबी का यह भी आरोप है कि इस पूरे मामले में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी।

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने आरोप लगाया है कि बाद में यह रकम दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजी गई।एसीबी ने अपने बयान में कहा कि जांच के दौरान पता चला है कि उस समय दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ रहे उदित प्रकाश राय को एएन एंटरप्राइजेज के जरिए बैंकिंग चैनल से करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मिली। एजेंसी के मुताबिक, यह रकम राय के अलावा उनके कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर की गई थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि बाद में इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। एसीबी का यह भी कहना है कि एएन एंटरप्राइजेज के जरिए भेजी गई रकम कथित तौर पर तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी यूरोटेक से जुड़ी थी। एसीबी ने बताया कि वह इस मामले में पैसों के पूरे लेन-देन की कड़ी यानी मनी ट्रेल की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित भ्रष्टाचार से हासिल रकम कहां-कहां इस्तेमाल हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

भारतीय हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका को पहली बार हॉकी विश्वकप में हराया

पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने आक्रामक लय को कायम रखते हुए एफआईएच विश्व कप के पूल डी के दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर लिया। वेगनेर स्टेडियम पर खेले गए इस मैच में भारत के लिये छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये और तीन गोल तीसरे क्वार्टर में ही हुए। टूर्नामेंट में 11 पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह प्रदर्शन उनके लिये क्या मायने रखता है।

भारत के लिये सुनेलिटा टोप्पो (11वां), नवनीत कौर (17वां), सुशीला चानू (25वां) , दीपिका (38वां), लालरेम्सियामी (44वां) और साक्षी राणा (45वां ) ने गोल दागे। आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए टूर्नामेंट की तैयारी के लिये सोशल मीडिया पर अपील के बाद सरकार से मदद पाकर यहां पहुंची दक्षिण अफ्रीका के लिये एकमात्र गोल 55वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कायला डे वाल ने दागा।

 इस जीत के बाद अब पूल चरण से चीन, भारत और इंग्लैंड तीनों के रास्ते खुले हैं और बड़े अंतर से जीत के कारण गोल औसत में भारत की उम्मीदें बेहतर होंगी। भारत के दो मैचों में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चीन के समान चार अंक है लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत पूल में शीर्ष पर है । इंग्लैंड के एक जीत और एक हार के बाद तीन अंक हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका दो मैच हारकर दौड़ से बाहर है।भारत को अब 20 अगस्त को इंग्लैंड से खेलना है जिसके बाद अगले दौर में पहुंचने वाली टीम का निर्धारण होगा।

मैच का पहला मूव दक्षिण अफ्रीका ने बनाया और चौथे ही मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने आसान बचाव किया। भारत को जवाबी हमले में सातवें मिनट में बलजीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया जिस पर बाहर की ओर जाती दीपिका की फ्लिक पर दक्षिण अफ्रीका की गोलकीपर वान टोंडेर मार्लिसे ने गेंद को दाहिने ओर से बाहर निकाल दिया।

भारत के लिये पहला गोल 11वें मिनट में सुनेलिटा ने किया । साक्षी राणा ने शॉट लेने की कोशिश की लेकिन गेंद छिटक गई और गोल के सामने खड़ी सुनेलिटा ने आसानी से उसे भीतर डाल दिया।दूसरे क्वार्टर में भारत की शुरूआत आक्रामक ही रही और दूसरे मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को नवनीत ने गोल में बदलकर बढत दुगुनी कर दी। नवनीत ने चतुराई से एंगल बदला और दाहिनी ओर नीचे की तरफ दमदार शॉट लगाकर गेंद को गोलकीपर और डिफेंडर के बीच से निकालते हुए भारत के लिये दूसरा गोल किया।

दक्षिण अफ्रीका के लिये ओंथाटाइल थाटी जुलू ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और कई बार भारतीय डिफेंस में सेंध लगाने की कोशिश की। वह 23वें मिनट में मैदान के बीच से दाहिने विंग से अकेले गेंद लेकर दौड़ी लेकिन भारतीय डिफेंस चौकस था। इसी मिनट भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत के शॉट पर गेंद दक्षिण अफ्रीका के डिफेंडर से टकराई ।भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले।

 पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर दीपिका की फ्लिक पहले रशर से टकराई लेकिन सुशीला ने रिबाउंड पर गोल करके भारत की बढत 3-0 की कर दी।भारत को ब्रेक से चार मिनट पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दीपिका की दमदार ड्रैग फ्लिक को एक बार फिर वान डोर ने आगे बढकर बचाया और रिबाउंड शॉट पोस्ट से टकरा गया।

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे क्वार्टर में एकमात्र अच्छा प्रयास 29वें मिनट में किया जब एनत्सोपा मोकोएना भारतीय सर्कल में घुसी तो गोलकीपर के अलावा कोई नहीं था लेकिन उनके शॉट पर गेंद हवा में उछलकर बाहर निकल गई।भारत के पास पहले हाफ के बाद तीन गोल की शानदार बढत थी।

ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने उसी लय को कायम रखा और 38वें मिनट में फॉरवर्ड पंक्ति के बीच बेहतरीन पासिंग से भारत को एक और गोल मिला। नवनीत ने बलजीत को तेजी से पास दिया जिसने बायीं ओर से दीपिका को क्रॉस दिया और दीपिका ने बैकहैंड पर गेंद रोककर सीधे शॉट पर गोल के भीतर डाल दिया।

 दक्षिण अफ्रीका को अगले मिनट पलटवार पर मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया। भारत ने तीसरे क्वार्टर में एक गोल और दागा और यह आज ही अर्जुन पुरस्कार पाने वाली लालरेम्सियामी के खाते में गया। नेहा से हवा में मिली गेंद को बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए उन्होंने रोका और उसी मूव में शॉट लगाते हुए गोल कर दिया।

गोलों की बौछार के बीच अगले मिनट साक्षी राणा ने भी स्कोरर में अपना नाम दर्ज कराया। कप्तान सलीमा टेटे ने इशिका को गेंद सौंपी जिनका शॉट गोलपोस्ट से टकराया लेकिन रिबाउंड पर साक्षी ने भारत का छठा गोल किया।
दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी मिनटों में मिले पेनल्टी कॉर्नर को तब्दील करके भारत को क्लीन शीट रखने से रोका।