योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा को बड़ी उड़ान, दीक्षा पर यूपी के 27 लाख से अधिक उपयोगकर्ता

योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा को बड़ी उड़ान, दीक्षा पर यूपी के 27 लाख से अधिक उपयोगकर्ता

DIKSHA App UP Users: किताब, ब्लैकबोर्ड और कक्षा से आगे बढ़कर जब पढ़ाई मोबाइल, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास तक पहुंचती है, तो ज्ञान की पहुंच भी व्यापक होती है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को इसी व्यापक पहुंच से जोड़ते हुए दीक्षा (DIKSHA) के उपयोग और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार पर जोर दिया है। इसका परिणाम प्रदेश में बने 27.01 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के बड़े आधार के रूप में सामने आया है, जो देश के कुल पंजीकृत दीक्षा उपयोगकर्ताओं का लगभग 12 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ता दीक्षा से जुड़े रहे, जबकि इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ता भी इस डिजिटल मंच से जुड़े।

योगी सरकार की पहल से गांव-गांव पहुंच रही डिजिटल पढ़ाई

डिजिटल शिक्षा को शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर 16 हजार से अधिक क्यूआरलिंक्ड शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए हैं। संबंधित पाठ में दिए क्यूआर कोड के माध्यम से शिक्षक और विद्यार्थी शिक्षण वीडियो तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इससे विद्यालयों में उपलब्ध पाठ्य सामग्री को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने और बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। इसके साथ गेम आधारित आकलन, प्री लोडेड स्मार्ट क्लास सामग्री और बहुभाषी पाठ्य सामग्री जैसे नवाचार भी डिजिटल शिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बनाए गए हैं। इससे शिक्षकों को विषयों को समझाने के लिए अतिरिक्त डिजिटल संसाधन मिल रहे हैं और बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और रोचक बनाया जा रहा है।  

समावेशी शिक्षा को भी मिला डिजिटल सहारा

योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा पहल में समावेशिता पर भी ध्यान दिया गया है। दीक्षा पर भारतीय सांकेतिक भाषा में कंटेंट उपलब्ध कराया गया है, जिससे विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए भी डिजिटल शिक्षण संसाधनों की पहुंच बेहतर हो सके। वहीं दीक्षा पॉकेट बुकलेट जैसे प्रयासों के माध्यम से डिजिटल संसाधनों के उपयोग को विद्यालय स्तर पर अधिक सहज बनाने की दिशा में काम किया गया है।

हर दिन हजारों उपयोगकर्ता कर रहे इस्तेमाल

वर्ष 2025-26 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ताओं का दीक्षा से जुड़े रहना इसके नियमित उपयोग को दर्शाता है। इसी अवधि में 49,789 नए उपयोगकर्ताओं का जुड़ना भी प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते आधार की तस्वीर सामने रखता है। यानी दीक्षा के माध्यम से उपलब्ध शिक्षण सामग्री का उपयोग लगातार नए शिक्षकों और अन्य उपयोगकर्ताओं तक पहुंच रहा है।

सिर्फ अनुपात से नहीं दिखती पूरी तस्वीर

केवल प्रति हजार उपयोगकर्ताओं के अनुपात को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश की दीक्षा उपलब्धि का आकलन करने से तस्वीर पूरी तरह सामने नहीं आती। प्रदेश की बड़ी आबादी और व्यापक विद्यालयी पहुंच को देखते हुए 27.01 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का आधार डिजिटल शिक्षा की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। देश के कुल पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर मजबूत डिजिटल शिक्षा आधार तैयार किया है।

डिजिटल संसाधनों से मजबूत होगी बच्चों की सीख

योगी सरकार का प्रयास डिजिटल संसाधनों को केवल तकनीकी सुविधा के रूप में उपलब्ध कराने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें शिक्षक और विद्यार्थी के नियमित शिक्षण-अधिगम अनुभव से जोड़ना है। क्यूआरलिंक्ड वीडियो से लेकर स्मार्ट-क्लास सामग्री, गेम-आधारित आकलन, बहुभाषी कंटेंट और भारतीय सांकेतिक भाषा की सामग्री तक, विभिन्न माध्यमों से डिजिटल शिक्षा को अधिक उपयोगी और समावेशी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 

राज्य के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के मुताबिक, दीक्षा के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर बच्चे और शिक्षक तक पहुंचाना योगी सरकार की प्राथमिकता है। लाखों उपयोगकर्ताओं की भागीदारी डिजिटल शिक्षा की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। हमारा लक्ष्य तकनीक के माध्यम से बच्चों की सीख को और बेहतर बनाना है।

BWF World Championship में पहली बार हुआ गोल्डन प्वाइंट, पर मेजबान भारत के खिलाफ

Badminton tournament

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चल रही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह पहला मौका है, जब कोई गेम गोल्डन पॉइंट तक पहुंचा है। अशित सूर्या और अमृता प्रमुतेश की भारतीय जोड़ी एमरे सोनमेज़ और यास्मीन बेक्तास से 71 मिनट चले रोमांचक मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार गयी।पहला गेम आसानी से जीतने के बावजूद, भारतीय जोड़ी दूसरा गेम गोल्डन पॉइंट में हार गयी और निर्णायक गेम में मैच अपने नाम नहीं कर सकी।

क्या होता है गोल्डन प्वाइंट?

इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह पहला मौका है, जब कोई गेम गोल्डन पॉइंट तक पहुंचा है। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी तुर्की की जोड़ी को कड़ी टक्कर दे रही थी और दोनों जोड़ियां बारी-बारी से पॉइंट जीत रही थीं। जब कोई भी जोड़ी गेम जीतने के लिए जरूरी दो पॉइंट की बढ़त नहीं बना पायी, तो गोल्डन पॉइंट का नियम लागू हुआ। गोल्डन पॉइंट तुरंत उस गेम के विजेता (30-29) का फैसला करता है, और दो पॉइंट की बढ़त वाले सामान्य नियम को दरकिनार कर देता है।

तुर्की की जोड़ी गोल्डन पॉइंट में सफल रही और दूसरा गेम जीतकर मैच में वापसी की। आखिरकार उन्होंने निर्णायक गेम 24-22 से जीता। गोल्डन पॉइंट का एक मशहूर उदाहरण है ऑल इंग्लैंड 2021 फ़ाइनल में विक्टर एक्सेलसन के ख़िलाफ़ ली जी जिया की जीत। उन्होंने पहला गेम 30-29 से जीता और फिर निर्णायक गेम 21-9 से जीतकर खिताब अपने नाम किया था।

दो टीमों के हटने के बाद रिज़र्व लिस्ट से इन नये खिलाड़ियों को आख़िरी समय में एंट्री मिली थी। जब उन्हें इस कन्फर्मेशन के बारे में पता चला, तो वे एक स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे। अशित ने कहा, “हम स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे और अब हम यहां हैं। यह हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।”

भारतीय जोड़ी ने कहा, “यह हमारे लिए एक स्प्रिंगबोर्ड (आगे बढ़ने का ज़रिया) का काम करेगा। हमें उम्मीद है कि हम इससे और बेहतर होंगे।”अशित ने कहा, “यह हमारे लिए एक कड़ा मुक़ाबला था। हमने पहला गेम जीता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। लेकिन हम सडन डेथ पॉइंट नहीं जीत पाये।” अमृता ने कहा कि यह अनुभव भविष्य के टूर्नामेंट में उनकी मदद करेगा। उन्होंने कहा, “हम यह सीखेंगे कि जब मौका मिले तो मैच पॉइंट कैसे जीतें। आख़िर तक मैच को खींचने का कोई फ़ायदा नहीं है।”


कल का मौसम: 20 अगस्त को इन 15+ राज्यों में होगी आफत की बारिश! हिमाचल से यूपी-बिहार तक IMD का अलर्ट जारी, ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त के लिए मौसम का डिटेल्ड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक 15 से भी अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर बेहद आक्रामक रहने वाला है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 20 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर जारी रहेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में 20 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश से भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट भी देखने को मिलेगी।

बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और कड़कती बिजली का साया

20 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का गखतरा मंडरा रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम और भी ज्यादा उग्र रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर के विभिन्न इलाकों में भी सिर्फ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनी

मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बन रहे मौसमी दबाव के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिमी-मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने की आशंका जताई गई है।

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‘फूलों का तारों का…,’ गाते-गाते सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दिया गिफ्ट, 1500 के साथ मिला 250 रुपये का शगुन

'फूलों का तारों का...,' गाते-गाते सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दिया गिफ्ट, 1500 के साथ मिला 250 रुपये का शगुन

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवरा को प्रेम के अलग ही रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने मैहर जिले में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों को विख्यात गाना 'फूलों का तारों का सबका कहना है..,' सुनाया और उनके खातों में 2148 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह राज्य की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों को 1500 रुपये के साथ-साथ राखी का 250 रुपये का शगुन भी मिला। 

इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन यादव ने 256 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा भी की और हितग्राहियों को हितलाभ वितरिए किया। उन्होंने यहां कई विभागों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। दूसरी ओर, जनअभियान परिषद की सखियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विशाल राखी भेंट की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई घोषणाएं भी कीं। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार हर महीने बहनों को लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान करती है। राखी त्योहार तो साल में एक बार आता है, लेकिन हम हर महीने इस उत्सव को मनाते हैं। आज लाड़ली बहनों के प्रेम को देखकर, उनकी संख्या देखकर आनंद आ रहा है। मैहर मां शारदा का अद्भुत स्थान है। बड़े लड़ैया महुआ वाले, जिनकी मार सही न जाए, एक को मारे दो मर जाए, तीसरा धौंस खाए मर जाए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मां शारदा के अनन्य भक्त आला की अमरता की कहानी आज भी जीवंत है। जब तक आला दर्शन नहीं कर लेते, मां को भी आनंद नहीं आता। सनातन संस्कृति भी अपने आप में अद्भुत है।

उन्होंने कहा कि हमारे तीज-त्योहारों की वजह से हमारे कुटुम्ब जीवित हैं। हमारी संस्कृति में पूरी वसुधा को परिवार माना गया है। हम अपने पेड़-पौधे-नदी-पहाड़, सबको परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़ा है। पिछले साल आतंकवादियों ने माताओं-बहनों के सिंदूर पर हाथ डालने का प्रयास किया, उस वक्त हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना ने दुश्मन के घर में घुसकर मारने का रिकॉर्ड बनाया। हमारी सेना हर तरह से दुश्मन से निपटने में सक्षम है।

बहनों को दिया अतिरिक्त उपहार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मेरे दोनों हाथों में प्रेम का धागा है। मैं सौभाग्यशाली हूं। आज मैं मन में क्या महसूस कर रहा हूं, बताना मुश्किल है। मेरी सरकार और आपका जो संबंध है, वो अद्भुत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग दुर्भावना रखते हैं। हम जब भी लाड़ली बहनों को योजना की राशि ट्रांसफर करते हैं, तब कांग्रेसी हमें टोकते हैं। कांग्रेसी कहते हैं कि लाड़ली बहनों के खातों में पैसे मत डालो, ये शराब पी जाती हैं। कांग्रेसियों को डूब मरना चाहिए। सीएम डॉ. मोहन ने बहनों से अपील की, कि कांग्रेस की इस बात को गांठ बांधकर रखना। जिस दिन चुनाव आए, उस दिन कांग्रेस को बताना कि उसने क्या अपराध किया है। उनका हिसाब चुकता करना। लाड़ली बहनों का अपमान कोई बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के पहले जो वादा किया और अभी तक हम महीने आपके खातों में राशि आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी एक बार जो वचन देती है, उसे निभाती है। आज मुझे वो गीत याद आ रहा है, 'फूलों का तारों का कहना है, सबका कहना है, एक हजार में मेरी बहना है….'। हमारी सरकार को 1.25 करोड़ बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। आज हमारी सरकार ने नियमित राशि के अलावा 250 रुपये अतिरिक्त सावन के महीने का उपहार दिया है। 

 

बहनें परिवार को बांधे रखती हैं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से निवेदन किया कि ये राशि जब आपको मिले, तो अपने भाइयों को मिठाई खिलाना और टीका करना। मैं समझूंगा कि टीका मुझे लगा। मुझे आपका आशीर्वाद मिल गया। हमारी माताओं-बहनों में जो हिम्मत है, वो पुरुष में नहीं है। वे अपना परिवार छोड़कर अंजान परिवार को अपना भविष्य समर्पित कर देती हैं। उन्होंने कहा कि एक बार विश्व हिंदू परिषद का सम्मेलन विदेश में हुआ। उस समय मार्गरेट थ्रेचर वहां की प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि भारत और लंदन में सबसे बड़ा अंतर कुटुम्ब परंपरा का है। आपके ऋषि-मुनियों ने परिवार की जो परंपरा खड़ी की है, इसकी धुरी माता है। माता अपने सारे बच्चों से जिस प्रकार प्रेम करती है, वह अद्भुत है। मां अपना पेट काटकर बच्चों की सारी मांग पूरी करती है। घर में भले कमाने वाला एक हो, लेकिन मां सबकी पूर्ति करती है। हमको खिलाते-खिलाते मां का पेट भर जाता है। यह संस्कृति केवल भारत में ही है। हमारी संस्कृति त्याग-परिवार की परंपरा को लेकर चलती है।

उन्होंने कहा कि हम लगातार विकास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 के बाद महाकाल लोक का लोकार्पण किया। उससे हमारा पूरा जिला बदल गया। हमने देव स्थान को धार्मिक स्थल बनाने का फैसला किया है। हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आय बढ़ाने का काम कर रही है। हमने फैसला किया है कि जो भी उद्योग बहनों को मौका देगा, वहां सरकार उसे प्रति बहन 5 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए स्लोगन है, सच्चा वादा पक्का काम-प्रेम से बोलो सीताराम। चित्रकूट में हमने 3 हजार करोड़ से ज्यादा के काम मंजूर किए हैं। अब मां मैहर के लोक के पहले फेज का भूमि-पूजन आज यहां हुआ है। कल कैबिनेट में हमने फैसला किया कि लाड़ली बहनों को आने वाले 5 साल तक राशि देंगे। बहनें इस राशि से सिलाई मशीन खरीदती हैं, ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। बहने इस राशि से परिवार की पूर्ति करती हैं। 

 

कांग्रेस को लिया आड़े हाथ-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहले नक्सलियों को खत्म किया, और अब नशा विरोधी अभियान चला रहे हैं। हमारी सरकार ने 19 धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें बंद की हैं। भविष्य की पीढ़ियों को बचाने के लिए, हर तरह के नशे के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। परिवार के परिवार नशे की वजह से बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप बच्चों को पढ़ाओ-लिखाओ, बड़ा अधिकारी बनाओ, लेकिन नशे के मामले में उसे सावधान करो। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मां नर्मदा विंध्याचल पर्वत की तरह आ नहीं सकती है, उसे लाने के लिए नहर बनाई जा रही थी। जिस मशीन से नहर बन रही थी, वह कंपनी ही बंद हो गई। मशीनें खराब हो गईं। यह योजना बंद होने के कगार पर थी। लेकिन, हमने कहा कि खुशहाली के लिए इस इलाके में पानी आना जरूरी है। 2 हजार करोड़ की योजना 800 करोड़ से शुरू हुई। हमने कहा कि इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि अब वो नहर पूरी हो गई है।

उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र के हर गांव में नर्मदा का पानी पहुंचेगा। हमने फैसला किया कि किसानों को खाते पलटाने नहीं पड़ेंगे। इसके अलावा आने वाली फसल के समय सरकार दिन में बिजली देगी। जिन-जिन गरीबों के मकान रह गए हैं, उनका मकान बनेगा। मैहर में कलेक्टर सहित 16 बड़े पदों पर बहने हैं। 


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगर कांग्रेसी अनुचित आचरण नहीं करते, तो विधानसभा में भी बहनों के लिए 33 फीसदी का आरक्षण हो जाता। कांग्रेस को पता नहीं किस बात का डर है। अगर माताएं-बहनें लोकसभा-विधानसभा में आएंगी तो क्या गलत हो जाएगा।    

 

सीएम ने की ये प्रमुख घोषणाएं

– मैहर में 25 करोड़ की लागत से आधुनिक स्टेडियम बनेगा।

– लिलजी जलाशय का 50 करोड़ की लागत से नवीकरण किया जाएगा। 

– मैहर में बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा।

– मैहर में 5000 गौवंश क्षमता की बड़ी गौशाला बनेगी।

– मैहर में आईटीआई संस्थान बनेगा, स्कूलों का उन्नय किया जाएगा।

– आल्हा गायकों की समितियों को 25-25 हजार रुपए देने की घोषणा।

युवा मानव सुथार ने गॉल टेस्ट में 10 विकेट चटकाकर बटोरी सुर्खियां

अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे भारतीय बांए हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने गॉल टेस्ट में 10 विकेट लेकर सूर्खियां बटोरी। भले ही देवदत्त पड्डीकल ने बल्ले से 167 और 44 रनों की पारी खेली हो लेकिन मानव सुथार का श्रेय नकारा नहीं जा सकता।

पहली पारी में भारत की ओर से मानव सुथार ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। उन्होंने अपने 21.4 ओवर के स्पैल में 76 रन दिए। दूसरी पारी में भी उन्होंने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट निकाले। भोजनकाल के बाद मानव सुथार ने एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर मैच को भारत की झोली में डाल दिया। आज बारिश के ना आने के कारण ही भारत यह मैच अपनी गिरफत में ले पाया।भाग्य का ऐसा साथ रहा कि भारत के मैच जीतते ही मैदान पर तेज बारिश शुरु हो गई।कुल 2 टेस्ट मैचों में ही मानव ने 17 विकेटों का आंकड़ा छू लिया है।

डेब्यू में छा गए थे मानव सुथार

जुलाई में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के सबसे बड़े स्टार रहे डेब्यूटेंट मानव सुथार। युवा स्पिनर ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 6 विकेट झटके। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और मैच पर भारत की पकड़ मजबूत कर दी।

अफगानिस्तान के खिलाफ पर्दापण टेस्ट मैच में 33 रन देकर छह विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज मानव सुथार, नरेंद्र हिरवानी के खास क्लब में शामिल हो गये थे। यह किसी भारतीय द्वारा पर्दापण टेस्ट पारी में दूसरा सबसे अच्छा गेंदबाजी प्रदर्शन था और लगभग चार दशकों में किसी भारतीय गेंदबाज का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था।राजस्थान के इस बाएं हाथ के स्पिनर ने सटीक लाइन-लेंथ, कंट्रोल और तेज टर्न के साथ अफगानिस्तान की बल्लेबाजी लाइन-अप को तहस-नहस कर दिया था। टेस्ट पदार्पण से पहले उन्होंने 29 प्रथम श्रेणी मैचों में 129 विकेट अपने नाम किए हैं।

कप्तान शुभमन ने की तारीफ

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में दस विकेट लेकर टीम की 165 रन से जीत में अहम भूमिका निभाने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि वह लंबे समय तक देश की तरफ से खेलेंगे।गिल ने मैच के बाद कहा, ‘‘वह शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। वह बहुत ही होनहार खिलाड़ी हैं। वह ऐसा खिलाड़ी है जो लंबे समय तक भारत के लिए खेल सकता है।’’

बांग्लादेशी नेता बोला- हिंदुओं को आसानी से मार सकते हैं:अल-कायदा से जुड़े हारून इजहार का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

बांग्लादेश में अल-कायदा से जुड़े नेता हारुन इजहार का हिंदुओं को लेकर धमकी वाला वीडियो सामने आया है। इसमें वह कह रहा है कि हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है। चटगांव में एक कार्यक्रम के दौरान इजहार हिंदुओं को आसानी से मारे जाने की बात कहता सुनाई दे रहा है। वह यह भी कहता है कि उसे खुद कुछ करने की जरूरत नहीं होगी, उसके समर्थक ही ऐसा करने के लिए काफी हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों और भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में यह बयान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है। हारुन इजहार कौन है? हारुन इजहार बांग्लादेश के चटगांव का कट्टरपंथी इस्लामी नेता है और हेफाजत-ए-इस्लाम से जुड़ा रहा है। वह संगठन की केंद्रीय समिति में शिक्षा और सांस्कृतिक मामलों का सचिव भी रह चुका है। उसके पिता मुफ्ती इजहारुल इस्लाम भी चटगांव के एक प्रभावशाली इस्लामी नेता और मदरसा संचालक रहे हैं। हारुन का नाम पहली बार नहीं बल्कि लंबे समय से कट्टरपंथ और हिंसक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। 2013 में चटगांव के लालखान बाजार स्थित मदरसे में विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने विस्फोटक बनाने की सामग्री, तेजाब और बिना फटे ग्रेनेड बरामद किए थे। इस मामले में हारुन और उसके पिता समेत कई लोगों पर केस दर्ज हुआ था। अल-कायदा से कनेक्शन का क्या मामला है? हारुन इजहार को लेकर अल-कायदा और दूसरे जिहादी नेटवर्क से संबंधों के आरोप पुराने हैं। बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों में उसके पिता के मदरसे को प्रतिबंधित संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बांग्लादेश के नेटवर्क से जोड़कर देखा गया है। एक रिपोर्ट में उसके पिता के ओसामा बिन लादेन और तालिबान नेता मुल्ला उमर से संपर्क होने के दावे भी किए गए थे। हालांकि इन दावों को खबर में आरोप या सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के तौर पर ही लिखना बेहतर होगा। 2025 की एक रिपोर्ट में इंडिया टुडे ने भी हारुन इजहार को कट्टरपंथी संगठन हेफाजत-ए-इस्लाम का वरिष्ठ नेता बताते हुए उसके अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क से कथित संबंधों का जिक्र किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां उसे प्रभावशाली कट्टरपंथी व्यक्ति मानती हैं। 2021 में भी हिंसा के मामले में नाम आया मार्च 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान चटगांव और दूसरे इलाकों में हिंसा हुई थी। हारुन इजहार को इन हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 2021 में उसने अदालत के सामने हिंसा के मामले में अपना बयान भी दिया था। पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ के दौरान हिंसा में अपनी भूमिका स्वीकार की और उन लोगों के नाम भी बताए, जिन्होंने हिंसा भड़काने में कथित तौर पर भूमिका निभाई थी। उसके खिलाफ ढाका, चटगांव और राजशाही में कई मामले दर्ज थे। 2023 में वह चटगांव सेंट्रल जेल से जमानत पर बाहर आया। पुलिस के मुताबिक, उस समय उसके खिलाफ दर्ज 11 मामलों में उसे जमानत मिल गई थी और पुलिस ने कहा था कि वह निगरानी में रहेगा। 2025 में फिर चर्चा में आया दिसंबर 2025 में भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान भी हारुन इजहार का नाम सामने आया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव में भारतीय हितों को निशाना बनाकर हुए प्रदर्शनों के बाद वह एक पुलिस स्टेशन पहुंचा था और वहां भारतीय राजनयिक मिशन पर हमले के आरोपियों के मामले में हस्तक्षेप करता नजर आया। —————- यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे:जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा बांग्लादेश, भारत के साथ गंगा जल संधि में ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करना चाहता है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

मानसून का इस बार खेती पर कैसा असर! खरीफ फसलों की बुआई का गैप घटकर 2% पहुंचा पर धान दे रहा टेंशन, समझिए इसके मायने

देश में इस साल मानसूनी बारिश की शुरुआती सुस्ती के बाद अब खेती-किसानी के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आ रही है। जून के महीने में बीते 12 सालों की सबसे कम बारिश (40 फीसदी घाटा) दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में हुई सामान्य बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई की रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया है। Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसूनी फसलों के रकबे में जून के मुकाबले बड़ा सुधार देखने को मिला है। अगर आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है तो इससे देश में खाद्यान्न की महंगाई को कंट्रोल करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

बुआई का अंतर घटकर 2% पर आया, 101.7 मिलियन हेक्टेयर में हुई बुआई

कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 14 अगस्त तक देशभर के किसानों ने 101.7 मिलियन हेक्टेयर (लगभग 251 मिलियन एकड़) में मानसूनी फसलों की बुआई पूरी कर ली है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में हुई बुआई के मुकाबले महज 2 फीसदी कम है। जून के महीने में अल नीनो के असर की वजह से यह अंतर काफी ज्यादा था।

ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कृषि सचिव आतिश चंद्रा ने बताया कि जून के बाद से बुआई की गति में काफी सुधार देखने को मिला है। दलहन, तिलहन और कपास जैसी प्रमुख फसलों की बुआई संतोषजनक दिख रही है। हालांकि कुछ फसलों का रकबा पिछले साल से थोड़ा कम है तो कुछ दूसरी फसलों के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी भी देखी गई है।

अगस्त और सितंबर की बारिश होगी बेहद अहम

भारत की कुल वार्षिक बारिश का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से ही मिलता है। यह मानसून न सिर्फ फसलों की सिंचाई के लिए बल्कि भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए भी बहुत जरूरी है। जून से सितंबर तक चलने वाले इस सीजन में उगाई जाने वाली फसलें देश के कुल वार्षिक खाद्यान्न उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा होती हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक 17 अगस्त तक देश में क्यूमेलेटिव बारिश सामान्य से 13 प्रतिशत कम रही है। कृषि सचिव ने स्पष्ट किया कि फसलों की पैदावार और अंतिम उत्पादन के लिए अगस्त और सितंबर महीनों की बारिश बेहद निर्णायक साबित होगी। इसके लिए कृषि मंत्रालय लगातार राज्य सरकारों के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी कर रहा है। आतिश चंद्रा ने कहा कि हम राज्यों से आग्रह कर रहे हैं कि वे किसानों को इस सीजन में उपलब्ध सभी भूमि पर खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें, भले ही बुआई में थोड़ी देरी ही क्यों न हो रही हो।

धान की बुआई पिछड़ी, लेकिन अभी भी उम्मीद बरकरार

खरीफ सीजन की सबसे प्रमुख फसल यानी धान का रकबा अभी भी पिछले आंकड़ों से पीछे चल रहा है। ये चिंता का विषय बना हुआ है। वैसे कृषि सचिव का कहना है कि किसानों के पास अगस्त के अंत तक और कुछ राज्यों/क्षेत्रों में सितंबर के महीने तक भी धान की रोपाई करने का समय उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी फसलों के अंतिम उत्पादन का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी क्योंकि राज्यों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

इसका सप्लाई और महंगाई पर क्या पड़ेगा असर?

अगर मानसूनी बारिश और फसलों की बुआई में यह रिकवरी नहीं होती तो देश में खाद्यान्न की सप्लाई प्रभावित हो सकती थी। सप्लाई घटने से खाने के सामान की कीमतें बढ़तीं और महंगाई पर काबू पाने की सरकारी को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता था। कृषि और खाद्य बाजार पर दबाव के संकेत पहले से ही दिखने लगे हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो भारत लगभग एक दशक में पहली बार चीनी के आयात शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रहा है ताकि घरेलू स्तर पर कीमतों और आपूर्ति को संतुलित रखा जा सके।

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जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

omar abdulla

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर अपने पहले कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुंचे और वहां के बदलते सुरक्षा माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा माना और कहा कि मोदी सरकार ने इसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया है। उनके इस 'सुरक्षित' वाले बयान के बहुत बड़े मायने हैं, जिसे उन्होंने अपने अगले ही वाक्य में साफ भी कर दिया। गोर ने बताया कि वाशिंगटन जल्द ही अपने नागरिकों के लिए जारी 'नेगेटिव ट्रेवल एडवाइजरी' की समीक्षा करने वाला है।

राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर को भारत का एक 'बेहद खूबसूरत और महत्वपूर्ण हिस्सा'  कहा है।  उन्होंने कहा कि वो पहली बार कश्मीर आए हैं और यहां की सुंदरता को देखकर हैरान हैं। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की तारीफें करते हुए गोर ने कहा कि क्षेत्र अब काफी सुरक्षित हो चुका है और बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक यहां आकर इसकी खूबसूरती का अनुभव जरूर करना चाहेंगे।  

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‘मैं दूसरे देश के राजदूत के सामने अपनी शिकायतें नहीं रखता’

 

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं उनकी बात सुनने के लिए अधिक उत्सुक हूं। मुझे अपनी शिकायतें किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने रखने की आदत नहीं है। हमारे मामले वॉशिंगटन में हल नहीं होने वाले हैं, बल्कि इन्हें हमारे देश की सरकार ही सुलझाएगी।” उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने शिकायत करना उनके लिए उचित नहीं होगा। 

 

बीजेपी का विरोध प्रदर्शन, उमर ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिया जवाब

इस बीच, बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने बुधवार को सिविल सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का कार्यक्रम बनाया है। पार्टी ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बीजेपी के आरोपों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार में इतना भी सामर्थ्य नहीं है कि वह इस तरह के कथित भ्रष्टाचार को “छिपा” सके।

WTC Final की राह हुई आसान, शुभमन ने बोला कैसे भी करके खेलना है फाइनल

गॉल टेस्ट जीतने के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवे स्थान पर ठहरी टीम इंडिया के लिए खुश खबरी लाया है। हालांकि टीम को अभी एक लंबा रस्ता तय करना है लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खेलने की उम्मीद की किरण बाकी है।

भारतीय कप्तान इस जीत से खुश थे क्योंकि इससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ, हालांकि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 53.33 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है। भारत जल्द ही चौथे स्थान पर आ सकता है अगर कोलंबो टेस्ट वह जीत जाता है साथ ही ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को दूसरे टेस्ट में हरा सकती है तो।

इस मैच से पहले भारत का जीत प्रतिशत 48 था और ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 83 था जो बांग्लादेश से हार के बाद 77 हो गया। हालांकि पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी 8 टेस्ट में 66 और अंक चाहिए।

इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

6 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 10
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 53.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 1 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 8 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 6 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच और गॉल टेस्ट जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।