Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

पहले डॉल्फिन को साइकिल से बांधा, फिर बनाने लगा रील! वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचा दिया बवाल

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक शख्स कथित तौर पर गंगा नदी की डॉल्फिन को साइकिल से बांधकर उसके साथ रील बनाता नजर आ रहा है। फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए वन्यजीवों के साथ इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि मामला बिहार का है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति डॉल्फिन के साथ रील बना रहा था। घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो को लेकर डॉल्फिन के मृत होने की बात भी कही जा रही है।

हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पहले जिंदा नजर आई डॉल्फिन

वायरल पोस्ट में दो वीडियो का जिक्र है। पहले फुटेज में डॉल्फिन जिंदा दिखाई देती है और कथित तौर पर उसे साइकिल से बांधा गया है। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में वही जानवर मृत नजर आने का दावा किया गया है। इस दौरान शख्स के उसके साथ रील बनाने की बात कही जा रही है।

तेल निकालने के लिए पकड़ने का भी दावा

सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह घटना बिहार की है और इसमें नेटालाल कुमार नाम के एक व्यक्ति का कथित तौर पर शामिल होना बताया जा रहा है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि डॉल्फिन को कथित रूप से उसका तेल निकालने के लिए पकड़ा गया था और बाद में घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया।

‘रील के लिए लुप्तप्राय जीव को क्यों बनाया कंटेंट?’

वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के लिए किसी दुर्लभ वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है। कई लोगों ने बिहार पुलिस और वन विभाग से मामले की जांच कर दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

गंगा डॉल्फिन को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

गंगा नदी की डॉल्फिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसके संरक्षण को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में इनकी संख्या करीब 5,000 ही रह गई है। ऐसे में एक डॉल्फिन की कथित मौत ने संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

यूजर्स ने पुलिस और वन विभाग को किया टैग

मामले को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिहार पुलिस, पर्यावरण मंत्रालय और वन्यजीव संरक्षण संगठनों को टैग किया। एक यूजर ने मांग की कि अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर संरक्षित जीव को नुकसान पहुंचाया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कानूनी कार्रवाई की उठी मांग

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि भारत में गंगा डॉल्फिन को कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसे नुकसान पहुंचाने पर जेल व जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Kriti Sanon Raksha Bandhan Ad Row: रक्षाबंधन के ऐड पर मचा बवाल! तो ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने हटाया विज्ञापन, कृति सेनन के बचाव में उतरे राहुल गांधी

Upcoming IPO: पैसे कर लें तैयार, 31 अगस्त से खुलेगा मधुसूदन केला के निवेश वाली कंपनी पर्पल स्टाइल का IPO, जानिए सभी डिटेल्स

Purple Style Labs IPO: लक्जरी फैशन प्लेटफॉर्म पर्निया पॉप-अप शॉप की पैरेंट कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने ₹680 करोड़ के इस आईपीओ के लिए ₹546 से ₹575 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

आकाश भंसाली, मधुसूदन केला और मुकुल महावीर अग्रवाल जैसे दिग्गज निवेशकों के समर्थन वाली इस कंपनी का आईपीओ 31 अगस्त को खुलकर 2 सितंबर 2026 को बंद होगा।

आईपीओ से जुड़ी जरूरी बातें

  • आईपीओ खुलने और बंद होने की तारीख: 31 अगस्त- 2 सितंबर 2026
  • एंकर बुक इश्यू: 28 अगस्त 2026
  • इश्यू साइज: ₹680 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू)
  • प्राइस बैंड: ₹546 से ₹575 प्रति शेयर
  • न्यूनतम निवेश (1 लॉट): ₹14,950 (26 शेयर)

आईपीओ के फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने विस्तार और मार्केटिंग में करेगी:

₹371.1 करोड़: सब्सिडियरी कंपनी PSL रिटेल में निवेश किया जाएगा, ताकि भारत में एक्सपीरियंस सेंटर्स और बैक-एंड ऑफिसों के लीज पेमेंट पूरे किए जा सकें।

₹138.9 करोड़: सेल्स और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे।

बाकी रकम: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी का कारोबार और दिग्गज निवेशकों की हिस्सेदारी

पर्पल स्टाइल लैब्स भारत में लक्जरी फैशन, खासतौर पर वेडिंग और ओकेजन वियर का बड़ा क्यूरेटेड प्लेटफॉर्म चलाती है। कंपनी के पास देश भर में 12 एक्सपीरियंस सेंटर्स और 2 बैक-एंड ऑफिस हैं। प्रमुख निवेशकों की हिस्सेदारी:

  • आकाश भंसाली (Volrado Venture Partners Fund II): 2.41% हिस्सेदारी
  • मधुसूदन केला (Singularity AMC): 1.60% हिस्सेदारी
  • मुकुल महावीर अग्रवाल: 1.18% हिस्सेदारी

कैसी है कंपनी की माली हालत?

कंपनी की वित्तीय सेहत पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में राजस्व में उतार-चढ़ाव और घाटे में बढ़ोतरी देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का कुल घाटा बढ़कर ₹285.3 करोड़ हो गया है। वित्त वर्ष 2025 में घाटा ₹188.3 करोड़ था। साथ ही कंपनी का राजस्व 13.9% बढ़कर ₹557.8 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 2.9% घटकर ₹489.9 करोड़ रह गया था।

पर्पल स्टाइल लैब्स का ब्रांड नेम और इसमें दिग्गजों का निवेश इसे आकर्षक बनाता है, लेकिन पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में बढ़ता घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय रह सकता है। इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स एक्सिस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस कारण श्रीलंकाई बल्लेबाज को पड़ी फटकार और मिला एक डीमेरिट अंक (Video)

INDvsSL श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या पर भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जिताने का बड़ा दारोमदार था लेकिन वह इसमें पूरी तरह विफल रहे। गाले टेस्ट में उन्होंने 5 विकेट जरूर चटकाए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वहीं कोलंबो टेस्ट में भी उनकी गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में विफल रही। इस बात का ही खीज रही जब उनको रात्रि प्रहरी बनाकर कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन पिच पर भेजा गया तो वह पगबाधा आउट हो गए और बल्ला सीमा की रस्सी पर दे मारा।

श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या को कोलंबो में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई और उनके खाते में एक डिमैरिट अंक जोड़ा गया।

आईसीसी ने कहा कि जयसूर्या को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन करते हुए पाया गया है जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण या पोशाक को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।

आईसीसी ने कहा कि इस खिलाड़ी का पिछले 24 महीने यह पहला अपराध था।दूसरे दिन के खेल की आखिरी गेंद पर भारतीय स्पिनर मानव सुथार की गेंद पर पगबाधा आउट होने के बाद जयसूर्या ने पवेलियन लौटते समय बाउंड्री पर अपना बल्ला पटका था।

जयसूर्या ने अपराध स्वीकार किया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित दंड को मान लिया।इससे पहले, कोलंबो टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई झड़प के लिए भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उनके खाते में एक-एक डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया था।

तिब्बत की बाढ़ से नेपाल की भोटेकोशी नदी उफान पर:9 पुलिसकर्मी लापता, 5 जिलों में हाई अलर्ट; लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह

चीन के तिब्बत से आई अचानक बाढ़ का पानी नेपाल के रसुवा जिले में पहुंच गया है। इससे भोटेकोशी नदी का पानी तेजी से बढ़ गया और आसपास के इलाकों में नुकसान की खबर है। खतरे को देखते हुए त्रिशूली नदी के किनारे बसे रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में हाई अलर्ट जारी किया गया है। रसुवा के टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बाद से इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, बॉर्डर पोस्ट पर मौजूद 25 से 30 दूसरे लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधान रहने और पानी बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित जगह जाने को कहा गया है। मुग्लिन समेत त्रिशूली नदी के आसपास के लोगों को नदी के पास न जाने की सलाह दी गई है। PM बालेन ने सेना तैनात करने के आदेश दिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं। शाह ने कहा कि राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है। आपदा प्रबंधन एजेंसी के साथ मेडिकल टीमें, स्काउट्स और रेड क्रॉस की टीमें मिलकर काम कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ भी भेजा जा रहा है। बालेन ने नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने हाई लेवल बैठक बुलाई बालेन शाह के मुताबिक प्राइवेट हेलीकॉप्टर कंपनियों से भी विमानों को स्टैंडबाय पर रखने के लिए कहा गया है। वहीं कुछ हेलीकॉप्टर पहले ही प्रभावित इलाकों में तैनात किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थिति का जायजा लेने और आगे जरूरी कदम उठाने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है। नेपाल में आई बाढ़ से जुड़ी 3 फुटेज भोटेकोशी में पिछले साल भी आई थी बाढ़ भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में आती है और आगे जाकर सुनकोशी नदी में मिल जाती है। यही सुनकोशी नदी आगे चलकर सप्तकोशी (कोशी) नदी बनती है, जो भारत के बिहार में प्रवेश करती है। पिछले साल भी भोटेकोशी में आई बाढ़ से नेपास को बड़ा नुकसान हुआ था। उस हादसे में 9 लोगों की जान गई थी, जबकि 24 लोग लापता हो गए थे। नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ में बह गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सड़क संपर्क और व्यापार कई महीनों तक प्रभावित रहा। ————————— यह भी पढ़ें…… इस्लामाबाद के सरकारी अस्पताल में आग; 15 बच्चे जिंदा जले:सिर्फ 1 को बचाया जा सका; AC कंप्रेसर फटा, फिर पूरे वार्ड में आग फैली पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में बुधवार को आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Silver Outlook: अगस्त में 20% उछली चांदी, क्या अब खरीदारी करें, होल्ड रखें या मुनाफा वसूलें? एक्सपर्ट्स से समझिए

Silver Price Outlook: अगस्त 2026 में चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। कॉमेक्स पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी उछलकर $69.71 प्रति औंस पर पहुंच गई, जो 16 जून 2026 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई इस मजबूती के असर से भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर भी सितंबर कॉन्ट्रैक्ट की चांदी मंगलवार (25 अगस्त) को ₹2,44,328 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।

इस महीने अब तक चांदी निवेशकों को करीब 20% का शानदार रिटर्न दे चुकी है। इस बड़ी तेजी के बाद अब हर निवेशक के मन में सवाल है कि क्या इस भाव पर नई खरीदारी करनी चाहिए, मौजूदा पोर्टफोलियो को होल्ड रखना चाहिए या फिर प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए?

चांदी में इस बड़ी तेजी के ये है 4 मुख्य कारण

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के अनुसार, चांदी में यह तेजी केवल सट्टेबाजी नहीं बल्कि ठोस मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों पर टिकी है:

1. अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ है। बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों (जैसे सोना-चांदी) को रखने की अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट कम होने से निवेशक चांदी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

2. सोने की तेजी का सपोर्ट: अमेरिका के बढ़ते राजकोषीय घाटे और ट्रेजरी लिक्विडिटी की चिंताओं के कारण सोने में तेजी बनी हुई है। इसका सीधा फायदा चांदी को भी मिल रहा है।

3. मजबूत औद्योगिक मांग: सोने से इतर, चांदी का बड़ा हिस्सा उद्योगों में इस्तेमाल होता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और हाई-टेक सेक्टर्स से आती भारी मांग इसे मजबूत सपोर्ट दे रही है।

4. सप्लाई की तंगी और ETF इनफ्लो: फिजिकल सिल्वर की कम उपलब्धता और ETF खरीदारी ने इस रैली को और तेज कर दिया है। इसी वजह से चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से रिएक्ट करती है।

इन्वेस्टर्स के लिए रणनीति: Buy, Hold या Sell?

वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रेटजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल और बोनान्ज़ा के निरपेंद्र यादव के अनुसार, चांदी सोने की तुलना में अधिक वोलाटाइल होती है। इसलिए निवेशकों को ये तरीके अपनाने चाहिए:

मौजूदा निवेशक (Hold): अगर आपके पास पहले से चांदी या सिल्वर ETF मौजूद है, तो इसे होल्ड रखें। एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के लिहाज से चांदी को बनाए रखना समझदारी होगी।

नए निवेशक: एक महीने में 20% चढ़ने के बाद एकमुश्त पैसा लगाने से बचें। हर उछाल के बाद तीखा करेक्शन आ सकता है। नए निवेशकों को ‘बाय ऑन डिप्स’ यानी गिरावट पर खरीदारी या SIP के तहत स्टैगर्ड बाइंग का रास्ता चुनना चाहिए।

कब बेचें: जब तक आपका इन्वेस्टमेंट गोल पूरा न हो जाए या पोर्टफोलियो में चांदी का एलोकेशन जरूरत से ज्यादा न बढ़ गया हो, तब तक घबराकर बिकवाली न करें।

सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर रखें नजर

एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $70 प्रति औंस का स्तर पार करके टिक जाती है, तो यह तेजी और आगे जाएगी। अगर यह स्तर टूटता है तो मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

बाजार रेजिस्टेंस सपोर्ट
Comex (ग्लोबल)$69 – $70 / औंस$68 / औंस
MCX (भारत)₹2,55,000 / किग्रा₹2,35,000 – ₹2,38,000 / किग्रा

वैसे एक्सपर्ट्स का ये सुझाव है कि जनवरी के रिकॉर्ड स्तरों के बाद चांदी में बड़ी गिरावट आई थी। इसलिए वर्तमान तेजी एक ‘रिकवरी/कैच-अप रैली’ भी हो सकती है। नए निवेशक जल्दबाजी में दांव लगाने के बजाय कीमतों के थोड़ा स्थिर होने या गिरावट आने का इंतजार करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी! 30 बैंक लॉकरों की जांच में जुटी SIT, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी जांच अब केवल दस्तावेजों की पड़ताल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में संपत्तियों और बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी 30 बैंक लॉकरों में रखी सामग्री का सत्यापन किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लॉकरों में वास्तव में कितनी और कौन-कौन सी वस्तुएं मौजूद हैं। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि क्या उनका डिटेल्स राम मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज इन्वेंट्री से मेल खाता है या नहीं।

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच टीम ने मंगलवार (26 अगस्त) को भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। पूरी प्रक्रिया को वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है। लॉकर खोलने से लेकर उसमें रखी प्रत्येक वस्तु की जांच तक हर चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। टीम वस्तुओं की पहचान, उनकी संख्या, उपलब्धता और स्थिति की पुष्टि करने के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड से उनका मिलान कर रही है।

रिकॉर्ड और वास्तविक सामान का होगा मिलान

फोरेंसिक सत्यापन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज सामान और लॉकरों में वास्तव में मौजूद सामान में कोई अंतर तो नहीं है। टीम प्रत्येक वस्तु को रिकॉर्ड में दर्ज विवरण से क्रॉस-चेक कर रही है।

जांच के दौरान केवल सामान की गिनती ही नहीं की जा रही, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित वस्तु किस रिकॉर्ड में दर्ज है और मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। इस पूरी प्रक्रिया के आधार पर एक विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

हर सामान का बनाया जा रहा ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड

जांच की खास बात यह है कि प्रत्येक वस्तु के सत्यापन के दौरान ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी तैयार किया जा रहा है। सामान का डिटेल्स, उसकी पहचान, रिकॉर्ड में उसकी एंट्री और मौके पर उसकी मौजूदगी को डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इन डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में न्यायिक कार्यवाही के दौरान उनकी प्रामाणिकता पर सवाल न उठे। इस तरह जांच टीम केवल कागजी रिकॉर्ड पर निर्भर नहीं रहना चाहती। बल्कि भौतिक साक्ष्यों का भी डिजिटल दस्तावेज तैयार कर रही है।

पेन ड्राइव में सुरक्षित होंगे जांच के दस्तावेज और वीडियो

फोरेंसिक सत्यापन के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा। जांच से जुड़े दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों को एक पेन ड्राइव में संकलित कर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करने की भी तैयारी की जा रही है। इससे जांच में सामने आए भौतिक साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेगा।

सितंबर के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट?

सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। संभावना जताई जा रही है कि जांच टीम सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर सकती है। वहीं, 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी बैठक के आसपास SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में सौंप सकती है।

फिलहाल, 30 बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच को इस मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। इस सत्यापन से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों और वास्तविक रूप से मौजूद सामान के बीच कोई अंतर है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा भी तय हो सकती है।

आरोपियों पर BNS की गलत धाराएं लगाने का वकील का दावा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकील ने मंगलवार को विशेष अदालत में दावा किया कि पुलिस ने मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं के तहत की है। आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने कहा कि मामले में चोरी और गबन, दोनों की धाराएं लगाई गई हैं। जबकि ये दोनों धाराएं एक साथ लागू नहीं हो सकतीं। सिंह ने अयोध्या के विशेष जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रजत वर्मा की अदालत में यह दलील दी।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद FIR दर्ज की गई। साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए।

ये भी पढ़ें- योगी सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, IIT कानपुर, BHU और रुड़की को सौंपी कमान! यूपी में ₹100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट्स का यूं होगा ऑडिट

सिंह ने यह भी दलील दी है कि पुलिस ने आरोपियों को लोक सेवक के रूप में पेश किया है। जबकि राम मंदिर ट्रस्ट लोक प्राधिकरण नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लगाई गई धाराओं में आरोपियों को लोक सेवक बताया और उन पर सार्वजनिक संपत्ति के गबन का आरोप लगाया। सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की है।

Awarapan 2 box office collection day 12: दूसरे हफ्ते में भी धमाकेदार कमाई, 143 करोड़ पार हुआ कलेक्शन, 150 करोड़ से बस इतनी दूर फिल्म

‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। स्वतंत्रता दिवस से पहले रिलीज हुई इस फिल्म का मुकाबला ‘बटवारा 1947’ से हुआ, लेकिन इसका असर फिल्म की कमाई पर खास नहीं पड़ा। करीब 45 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने कमाई के मामले में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। शुरुआती दिनों में शानदार कलेक्शन के बाद फिल्म ने पहले हफ्ते में ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली। खास बात यह है कि अब तक फिल्म अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है और 200 फीसदी से अधिक मुनाफा दर्ज कर चुकी है।

दूसरे हफ्ते में भी दर्शकों का साथ मिलने से फिल्म की कमाई जारी है। अब सबकी नजर इसके अगले पड़ाव पर है। सवाल यही है कि क्या ‘आवारापन 2’ जल्द ही 150 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर पाएगी?

पहले दिन से दिखा दम

‘Awarapan 2’ ने सिनेमाघरों में पहले दिन 22 करोड़ रुपये की कमाई के साथ शुरुआत की। इसके बाद दूसरे दिन फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और इसने 33.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। पहले हफ्ते के अंत तक फिल्म ने भारत में 113.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया था, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस 161.67 करोड़ रुपये पहुंच गया।

दूसरे वीकेंड में भी दर्शकों ने नहीं छोड़ा साथ

पहला हफ्ता पूरा होने के बाद भी फिल्म की रफ्तार कमजोर नहीं पड़ी। आठवें दिन ‘Awarapan 2’ ने 5.75 करोड़ रुपये कमाए। नौवें दिन कमाई बढ़कर 8.25 करोड़ और दसवें दिन 8.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि 11वें दिन कलेक्शन गिरकर 2.75 करोड़ रुपये रहा।

मंगलवार को फिर दिखी कमाई में तेजी

दिलचस्प बात यह रही कि दूसरे मंगलवार को फिल्म ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी। 12वें दिन ‘Awarapan 2’ ने करीब 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। टिकटों की कीमतों में मिली छूट ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में मदद की। Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब 143 करोड़ रुपये हो चुका है।

अब सामने है असली बॉक्स ऑफिस चुनौती

फिल्म के लिए आगे का सफर इतना आसान नहीं रहने वाला है। जहां ‘Batwara 1947’ दर्शकों पर खास असर नहीं छोड़ पाई, वहीं ‘Hanuman Ansh’ तीसरे हफ्ते में भी मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा Toxic की रिलीज के साथ ‘Awarapan 2’ को कई सिनेमाघरों में स्क्रीन कम होने का सामना करना पड़ सकता है।

₹150 करोड़ क्लब के लिए थोड़ा और इंतजार?

स्क्रीन की संख्या घटने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ‘Awarapan 2’ की कमाई की रफ्तार आने वाले दिनों में धीमी पड़ सकती है। फिल्म ने पहले 12 दिनों में मजबूत आधार जरूर तैयार कर लिया है, लेकिन अब 150 करोड़ रुपये के भारत नेट कलेक्शन तक पहुंचने के लिए इसे थोड़ा और वक्त लग सकता है।

Salman Khan: कौन हैं बॉडी डबल परवेज काजी जिनकी तबीयत बिगड़ते ही बड़े भाई बन गए सलमान खान और सारी टेंशन अपने माथे ले ली?

LPG Price 26 August 2026: गैस सिलेंडर खरीदने से पहले जान लें आज का ताजा रेट, दिल्ली से पटना तक कीमतें यहां देखें

26 अगस्त 2026, बुधवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया गया है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने आज घरेलू गैस सिलेंडर के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतें फिलहाल पिछले स्तर पर ही बनी हुई हैं। ऐसे में रसोई गैस सस्ती होने का इंतजार कर रहे आम उपभोक्ताओं को इस बार भी राहत नहीं मिली है।

देश के अलग-अलग शहरों में LPG के दाम अलग-अलग हैं और महानगरों से लेकर अन्य प्रमुख शहरों तक कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। वहीं, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हालिया बदलाव के बाद कारोबारियों को जरूर राहत मिली है। ऐसे में घरेलू गैस की कीमतों पर लोगों की नजर बनी हुई है।

दिल्ली में ₹942 पर बरकरार घरेलू LPG

तेल कंपनियों ने जून में घरेलू LPG की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर का भाव ₹942 पर स्थिर है। मुंबई में यह ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 है।

आपके शहर में LPG सिलेंडर की कीमत कितनी है?

LPG सिलेंडर के दाम हर शहर में अलग-अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चों के कारण एक ही घरेलू सिलेंडर की कीमत में शहर के अनुसार अंतर देखने को मिलता है। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा LPG रेट जरूर चेक कर लें।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल सिलेंडर के दाम में मिली बड़ी राहत

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में भले ही कोई राहत नहीं मिली हो, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती की गई थी। अलग-अलग शहरों में यह कमी करीब ₹194 से ₹200 तक रही, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक ग्राहकों को फायदा मिला।

LPG सप्लाई में बदल रही भारत की रणनीति

वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के LPG आयात का स्रोत भी तेजी से बदल रहा है। पहले भारत अपनी LPG जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए मध्य-पूर्व पर निर्भर था, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के बीच अमेरिका से LPG खरीद बढ़ाई गई है।

अमेरिका से बढ़ा LPG आयात

Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जुलाई में अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात किया। अगस्त में अब तक लगभग 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।

खाड़ी देशों से सप्लाई में भारी गिरावट

अमेरिका से आयात बढ़ने के साथ पारंपरिक सप्लायर देशों से LPG की आवक काफी कम हुई है। अगस्त में UAE से भारत का LPG आयात करीब 1.40 लाख टन और कतर से लगभग 60 हजार टन रहा। वहीं, जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात शून्य रहा।

 

घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का ताजा रेट

अगर आप Indane Gas का इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले का चयन करके LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com पर उपलब्ध ‘Quick Book & Pay’ विकल्प के जरिए सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, HP Gas उपभोक्ता HP Pay ऐप से LPG सिलेंडर का ताजा रेट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, UMANG ऐप के जरिए LPG रिफिल बुक करने के साथ उसकी मौजूदा कीमत भी देखी जा सकती है।

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल भरवाने से पहले जान लें ये रेट! दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों में कितना है पेट्रोल-डीजल का भाव

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या भारतीय बाजार पर दिखाएगी अपना असर, इंडेक्स में आज किन लेवल पर दें ध्यान

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है, कच्चे तेल की गिरती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी और वॉल स्ट्रीट में रात भर हुई बढ़त ने ग्लोबल माहौल को बेहतर बनाया है। ज़्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी और घरेलू स्तर पर इंस्टीट्यूशनल बाइंग से और सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन निवेशक Nvidia की तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं, इसलिए वे सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8.10 बजे GIFT निफ्टी 75.00 अंक या 0.31 फीसदी बढ़कर 24,555 पर ट्रेड कर रहा था। घरेलू इक्विटीज़ पॉज़िटिव मोमेंटम के साथ सेशन की शुरुआत कर रही हैं, क्योंकि मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को रिकवर करने में मदद मिली थी। मंगलवार को सेंसेक्स 286.98 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,656.09 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 115.50 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में ज़्यादातर तेजी

बुधवार को एशियाई इक्विटीज़ में ज़्यादातर तेज़ी देखी गई, जिसे टेक्नोलॉजी स्टॉक्स और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी से सपोर्ट मिला। MSCI के एशिया-पैसिफिक इक्विटीज़ गेज में 0.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.4 प्रतिशत की बढ़त हुई। जापान का टोपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मामूली रूप से ऊपर थे, हालांकि निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

बुधवार को भारतीय इक्विटीज़ के लिए कच्चे तेल की कीमतों में और तेज़ गिरावट सबसे अच्छे संकेतों में से एक है, जबकि अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मदद की है। शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो पिछले सेशन की भारी गिरावट को और बढ़ा रही है। ईरान ने कहा है कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ बातचीत फिर से शुरू कर दी है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2 प्रतिशत गिरकर $86.80 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.8 प्रतिशत गिरकर $80.87 प्रति बैरल पर आ गया। मंगलवार को दोनों बेंचमार्क में 3 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई थी।

टेक शेयरों में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में कमी से वॉल स्ट्रीट में बढ़त

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए। Nvidia के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में रिकवरी देखी गई, जबकि हाल ही में बॉन्ड मार्केट में बिकवाली के बाद कच्चे तेल और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से निवेशकों को कुछ राहत मिली। Nasdaq Composite 0.66 प्रतिशत बढ़कर 26,151.30 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.32 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,677.24 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average 0.30 प्रतिशत बढ़कर 53,577.40 पर पहुंच गया।

बॉन्ड यील्ड में कमी ग्लोबल इक्विटी के लिए एक और सकारात्मक संकेत है। इससे पहले, कर्ज लेने की लागत में बढ़ोतरी ने वैल्यूएशन पर दबाव डाला था और उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह को लेकर चिंताएं पैदा की थीं।

FII और DII की खरीदारी

मंगलवार को इंस्टीट्यूशनल फ्लो (संस्थागत निवेश प्रवाह) सकारात्मक रहा, जिसमें विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशक नेट बायर (शुद्ध खरीदार) के तौर पर उभरे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 1,593 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट बायर रहे और उन्होंने भारतीय शेयरों में 230 करोड़ रुपये का निवेश किया। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी घरेलू इक्विटी के लिए एक उत्साहजनक संकेत है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बुधवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में तेज़ी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी से रिस्क एसेट्स के लिए माहौल बेहतर हुआ है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी और वॉल स्ट्रीट में रात भर आई रिकवरी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बेहतर माहौल को देखते हुए, GIFT निफ्टी फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 24,500 के स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि निफ्टी की पिछली क्लोजिंग 24,334 थी; इससे घरेलू इक्विटी में गैप-अप ओपनिंग का संकेत मिलता है।

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,360 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह 24,550-24,700 के स्तर तक जा सकता है, जबकि शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 के आसपास दिख रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।