महाराष्ट्र, यूपी और उत्तराखंड को रेलवे ने दिया बड़ा तोहफा, शुरू की ये नई ट्रेनें…जानें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू की और कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कई नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ मौजूदा रेल मार्गों का विस्तार करने का ऐलान किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव पुरी की रथ यात्रा के लिए रेलवे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा दौरे पर थे।

इन जगहों को जोड़ेगी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी घोषणाओं में नांदेड़ से मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। ये ट्रेन वाशिम और हिंगोली के रास्ते चलेगी, जिससे महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में रेल संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने टनकपुर से नांदेड़ के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन की भी शुरुआत की है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित दोनों इलाकों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर सिख समुदाय को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन का विस्तार अब शाहजहांपुर तक कर दिया गया है, जबकि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन सेवा के रूप में चलाने का फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर भी रुकेगी ट्रेन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, नई ट्रेन सेवाएं लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रेल संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग पर भी रेलवे विचार करेगा। मंत्री ने कहा, “अगर यह संभव हुआ, तो हम खटीमा और बनबसा में इस ट्रेन का स्टॉपेज जरूर देंगे।”

देश भर में बिछाए गए 37 हजार किलोमीटर ट्रैक

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 37 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं और लगभग 99.6 प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफाइड पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि ओणम के दौरान केरल के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पुरी की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ओडिशा में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि, राज्य में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

जिस रेप केस को लेकर फायर हैं ममता बनर्जी उसी पर सरकार को क्लीनचिट देती दिखीं कभी उनकी करीबी रहीं सयोनी घोष, ये सब कहा

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के बाद पूरे राज्य के लोग गुस्से में हैं। दिल दहला देने वाले इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। वहीं अब इस मामले में पीड़ित परिवार से तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद सायोनी घोष भी पहुंचीं। बता दें कि, दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुई इस हृदयविदारक घटना सायोनी के अपने संसदीय क्षेत्र जादवपुर के अंतर्गत आता है। वहीं पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने जो कहा, वह उनके पुराने राजनीतिक स्टैंड से बिल्कुल उलट है।

घटना के बाद बंगाल में बवाल

सायनी घोष ने मंगलवार को आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार, 12 साल की एक बच्ची शनिवार को अचानक लापता हो गई थी। बाद में उसका शव एक तालाब से मिला। पुलिस का कहना है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने का आरोप है। इस घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है और विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पीड़ित परिवार से मिली TMC की बागी सांसद सायोनी घोष

जाधवपुर से सांसद सायनी घोष ने कहा कि वह पीड़ित बच्ची के परिवार से मिली हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। किसी भी बच्ची के साथ ऐसी घटना होती है तो उसका दर्द हर किसी को होता है। सायनी घोष ने कहा कि उनकी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले की निष्पक्ष, पूरी और गहराई से जांच कराएंगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी भरोसा दिया है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में भले ही इस मामले में दो, तीन या चार लोग शामिल दिख रहे हों, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा गिरोह होने की आशंका है। इसलिए जांच हर पहलू से की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और भविष्य में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सरकार का किया बचाव 

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायनी घोष ने कहा कि राज्य में नई सरकार बने अभी सिर्फ दो महीने ही हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल या कोई भी मुख्यमंत्री ऐसी घटनाएं नहीं चाहता। चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसे मामलों में तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए और सभी दोषियों को सबसे कड़ी सजा, यानी फांसी की सजा दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की एक अन्य सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक मामला है। वह इस घटना की कड़ी निंदा करती हैं और पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हैं। उन्होंने मांग की कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

बीजेपी नेता केया घोष ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि दो आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी को भी पेश किया जाना है। केया घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं और लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घटना वाले दिन पीड़िता के पिता की मुख्यमंत्री से बात हुई थी और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया गया था।

Mumbai Building Collapse: हाय रि किस्मत! अगले दिन घर छोड़ने वाला था परिवार, उससे पहले ही भरभराकर गिर गई बिल्डिंग

मुंबई के मानखुर्द इलाके से एक दिल दहला देने वाले घटना घटी है। मानखुर्द इलाके में शनिवार रात एक गैर-कानूनी चार मंजिला इमारत अचानक गिरकर पास बने टिन की छत वाले घर पर आ गिरी। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई। पड़ोसियों के मुताबिक, चार बच्चों की मां अख्तर जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वाजिद अली शाह ने रविवार को घर छोड़ने का फैसला किया था। लगातार बारिश के कारण उस बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं। इसी वजह से दोनों ने रविवार को घर छोड़कर दूसरी जगह जाने की योजना बनाई थी। लेकिन वह समय पर घर खाली नहीं कर पाए। वहीं इस हादसे में अबतक कुल 6 लोगों की मौत हुई है।

एक पड़ोसी ने बताया, “बारिश के कारण लोगों को डर था कि बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है, इसलिए निवासी उसे खाली करने लगे थे। अख्तर जहां भी दूसरी जगह जाने के लिए अपना सामान पैक कर रही थीं, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

छोड़ने वाले थे घर

जनता नगर के न्यू मंडला इलाके में भारी बारिश के बीच एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई और उसके मलबे की चपेट में आसपास के कई घर आ गए। बताया जा रहा कि इमारत में रहने वाले लोग पहले ही दरारें, टाइलें गिरने और भवन के झुकने जैसे संकेत देखकर बाहर निकल गए थे, लेकिन पास के मकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। मोइनुद्दीन इस हादसे में इसलिए बच गए क्योंकि घटना से कुछ देर पहले ही वह घर से बाहर निकल गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने परिवार से कह दिया था कि अगले दिन वे दूसरी जगह रहने चले जाएंगे। लेकिन उससे पहले ही पास की इमारत अचानक उनके घर पर गिर गई, जिससे परिवार के लोग मलबे के नीचे दब गए।

दर्ज किया गया केस

हादसे के बाद पुलिस ने गिरी हुई इमारत के मालिक और उसके निर्माण से जुड़े ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का आरोप भी शामिल है। जांच एजेंसियां ये पता लगा रही हैं कि इमारत का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था या नहीं और क्या सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई थी। नगर निगम के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि गिरी हुई इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी। हादसे के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम और अन्य राहत दलों ने पूरी रात मलबे में फंसे लोगों को निकालने और मृतकों के शव बरामद करने के लिए बचाव अभियान चलाया।

कल का मौसम 8 जुलाई: इन 19 राज्यों में भारी बारिश और 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक IMD ने जारी की ये चेतावनी

India Weather Forecast for 8th July: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के शेष हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक दे देगा। मौसम प्रणालियों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाके पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और राजस्थान से लेकर बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ बनी हुई है। इन मजबूत सिस्टम्स के प्रभाव के चलते बुधवार 8 जुलाई को देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन 9 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 जुलाई को देश के 9 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ये अलर्ट नीचे दिए गए राज्यों के लिए जारी किया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

तटीय कर्नाटक

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

पूर्वी राजस्थान

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश

यूपी, दिल्ली-NCR और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

8 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस सूची में नीचे दिए गए राज्य शामिल हैं-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

पश्चिमी राजस्थान

सौराष्ट्र और कच्छ

विदर्भ (महाराष्ट्र)

केरल और माहे

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट (18 प्रभावित राज्य)

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी चेतावनी जारी की है:

1- 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल

गुजरात क्षेत्र, संपूर्ण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है।

2- 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप और पूरे राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

3- 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

बिहार, ओडिशा, संपूर्ण पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

4- गरज-चमक और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ सामान्य आंधी आ सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में सतह पर बेहद मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

समुद्री तटीय इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को न जाने की सलाह

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में तूफानी मौसम और भारी लहरें उठने की चेतावनी जारी की है:

उत्तरी कोंकण तट: यहां सबसे खतरनाक स्थिति रहने वाली है। यहां 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

दक्षिणी कोंकण और गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक छू सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। इससे मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ केंद्रीय, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

Railway Job Alert: रेलवे में 4000 से ज्यादा सरकारी नौकरियों का रास्ता साफ, जानिए किस कैटेगरी में सबसे ज्यादा वैकेंसी, क्या है टाइमलाइन?

Railway Job Alert: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली खबर आई है। रेल मंत्रालय ने देश के विभिन्न रेलवे जोनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए 4098 तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक मंत्रालय ने 35 तकनीकी श्रेणियों में खाली पड़े पदों को भरने का फैसला किया है। इनमें से कई पद रेलवे के परिचालन सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन पदों में जूनियर इंजीनियर, डिपो सामग्री अधीक्षक और केमिकल एंड मेटलॉर्जिकल असिस्टेंट शामिल हैं।

किस कैटेगरी में हैं सबसे ज्यादा वैकेंसी? यहाँ देखें आंकड़ा

पीटीआई की रिपोर्टके मुताबिक रेलवे जोनों द्वारा HRMS के माध्यम से भेजी गई रिक्तियों के आकलन के बाद सबसे अधिक पद सुरक्षा और रखरखाव से जुड़ी श्रेणियों में पाए गए हैं। जोनों द्वारा पहचानी गई रिक्तियों का विवरण इस प्रकार हैं-

परमानेंट वे कैटेगरी : सबसे अधिक 845 पद खाली हैं।

वर्क्स कैटेगरी : इसके बाद दूसरे नंबर पर 470 पद हैं।

कैरिज एंड वैगन कैटेगरी : इसमें 450 पद शामिल हैं।

जूनियर इंजीनियर (सिग्नल): इस पद के लिए 197 रिक्तियां स्वीकृत की गई हैं।

जूनियर इंजीनियर (टेलीकम्युनिकेशन): इसके लिए 79 पद निर्धारित किए गए हैं।

21 जुलाई से जारी होगा आधिकारिक नोटिफिकेशन, ये है टाइमलाइन

रेल मंत्रालय द्वारा सभी रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को भेजे गए एक हालिया सर्कुलर में कहा गया है कि जोनों द्वारा हाइलाइट की गई रिक्तियों के आधार पर ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

अधिसूचना की तारीख : रेलवे भर्ती बोर्ड बेंगलुरु के अध्यक्ष के साथ परामर्श के बाद मंत्रालय ने एक टाइमलाइन तय की है। इसके तहत नोडल RRB द्वारा 21 जुलाई 2026 से केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना जारी की जाएगी।

जोनों को सख्त निर्देश : जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि वे आंतरिक प्रणाली पर अंतिम रिक्ति सूची अपलोड करने से पहले सभी आंतरिक प्रक्रियाओं को पूरा करें। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणियों के लिए निर्धारित आरक्षण मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।

पहले ही आ चुकी है 6565 तकनीशियनों की भर्ती

सर्कुलर में यह भी जानकारी दी गई है कि इससे पहले मंत्रालय की मंजूरी के बाद 6565 तकनीशियनों की भर्ती के लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इसमें नीचे दिए गए पद शामिल थे:

सिग्नल तकनीशियन ग्रेड I: 323 पद

तकनीशियन ग्रेड III: 6242 पद

रेलवे यूनियनों ने फैसले का किया स्वागत, काम का बोझ होगा कम

सुरक्षा श्रेणी के इन महत्वपूर्ण पदों को भरने के मंत्रालय के फैसले पर विभिन्न रेलवे यूनियनों ने गहरी संतुष्टि जताई है। यूनियनों का कहना है कि इस कदम से परिचालन दक्षता में सुधार होगा और वर्तमान में काम कर रहे कर्मचारियों पर से काम का बोझ कम होगा। ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने इस फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि ‘करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा-श्रेणी के रिक्त पदों को भरना बेहद आवश्यक कदम है। मैं रेल मंत्रालय के इस फैसले की सराहना करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे परिचालन सुरक्षा पर अपना ध्यान इसी तरह केंद्रित रखेंगे।’

इंडियन रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने दावा किया कि यह भर्ती प्रक्रिया सिग्नल और टेलीकॉम कर्मचारियों द्वारा किए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि, ‘मुझे खुशी है कि रेल मंत्रालय ने हमारे विरोध पर संज्ञान लिया और विभिन्न सुरक्षा-श्रेणियों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का फैसला किया। मुझे उम्मीद है कि मंत्रालय न केवल चरणबद्ध तरीके से सभी खाली पदों को भरेगा बल्कि रेलवे नेटवर्क और इसके इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैमाने पर हो रहे विस्तार की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए पदों का सृजन भी करेगा।’

RRB NTPC UG CBT 2 Admit Card: 10 जुलाई को है सीबीटी 2 परीक्षा, आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट से तुरंत डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

Abhishek Sharma: इंग्लैंड सीरीज के बीच दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक शर्मा, AI फोटोज से जुड़ा है मामला

भारत के ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिषेक शर्मा ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसका मतलब है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनका नाम, फोटो या उनसे मिलती-जुलती तस्वीर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई (AI) से बने कंटेंट में इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस मामले में भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने सोशल मीडिया और एआई की मदद से तैयार किए गए कथित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की मांग की है।

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने अदालत को बताया कि क्रिकेटर की ओर से बताए गए आठ यूआरएल में से दो लिंक फिलहाल खुल नहीं रहे थे। अभिषेक शर्मा फिलहाल भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं। 5 मैचों की टी20 सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे हैं।

कोर्ट में हुई सुनवाई

क्रिकेटर अभिषेक का मामला जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में सुना गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभिषेक शर्मा की ओर से बताए गए कई वेब लिंक पर गौर किया, जिनमें उनके पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। विरोधी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर प्रकाशित सामग्री से जुड़े मामलों में मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच अंतर करना कई बार मुश्किल हो जाता है। अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि संबंधित सामग्री की पूरी जांच किए बिना कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

जज ने नहीं दिया आदेश

जज ने अभिषेक के वकील से कहा, “यहां सच में गड़बड़ है। आप अपने याचिका से मिलते-जुलते स्क्रीनशॉट के साथ एक एफिडेविट दाखिल करें। आपने जो स्क्रीनशॉट अदालत को दिखाए हैं, वे रिकॉर्ड में मौजूद स्क्रीनशॉट से काफी अलग हैं। ऐसे में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकती।” कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर को निर्देश दिया कि वह याचिका के एनेक्सर में दी गई टेबल से मेल खाते स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड पर पेश करते हुए एक नया एफिडेविट दाखिल करें। सुनवाई के दौरान जज ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही कि मेरा ऐसा करने का मन नहीं है, लेकिन मौजूदा स्थिति में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकता।”

गलत तरीके से पेश की गई तस्वीर

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने दलील दी कि एक यूआरएल पर मौजूद वीडियो पैपराजी अकाउंट से शेयर किया गया था, इसलिए उसमें पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। वहीं, अभिषेक शर्मा के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि संबंधित सामग्री एआई की मदद से तैयार की गई थी।

अभिषेक के वकील ने कहा, “इसका क्या मतलब है? क्या ये दिखाया जा रहा है कि वह किसी और के कंधे पर रो रहे हैं, जबकि ये एआई से बनाई गई तस्वीर है। यह पैपराजी का मामला नहीं है। मैनेजर के साथ उनकी फोटो ली गई थी और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उसे अलग रूप दे दिया गया।” उन्होंने ये भी बताया कि एक पोस्ट में क्रिकेटर के मैनेजर को गलत तरीके से उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया, जिससे गलत जानकारी फैली।

IAF Success Story: छोटे शहर की बेटी ने अकेले MiG-21 उड़ाकर रचा इतिहास, बनीं भारत की पहली महिला फाइटर पायलट

एक समय था जब भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनना महिलाओं के लिए सिर्फ एक सपना माना जाता था। काबिलियत होने के बावजूद लड़कियों के लिए लड़ाकू विमान उड़ाने का रास्ता बंद था। लेकिन मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे से निकली अवनी चतुर्वेदी ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने अकेले MiG-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाकर इतिहास रच दिया और भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने बिना किसी ट्रेनर के फाइटर विमान की कमान संभाली। उनकी कहानी आज लाखों बेटियों के लिए हौसले और मेहनत की मिसाल बन चुकी है।

भाई की वर्दी से मिली देश सेवा की प्रेरणा

अवनी चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुआ और उनका बचपन देवलोंड कस्बे में बीता। उनके बड़े भाई भारतीय सेना में थे। भाई को वर्दी में देखकर अवनी के मन में भी देश के लिए कुछ करने की इच्छा पैदा हुई।

हालांकि उन्होंने सेना में जाने की बजाय आसमान को अपना रास्ता चुना। उनका सपना था कि वह भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनकर देश की सेवा करें।

जब सपना मुश्किल था, लेकिन हौसला मजबूत था

जिस समय अवनी बड़ी हो रही थीं, उस दौर में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम महिलाओं के लिए बंद थी। यानी महिलाएं चाहकर भी लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका नहीं पा सकती थीं।

लेकिन अवनी ने इस बाधा को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया।

फ्लाइंग क्लब ने बदली जिंदगी की दिशा

अवनी ने राजस्थान की बनस्थली विद्यापीठ से बीटेक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान वह फ्लाइंग क्लब से जुड़ीं और पहली बार विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया।

धीरे-धीरे उड़ान भरना उनका जुनून बन गया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की तैयारी की और भारतीय वायुसेना में शामिल होने का रास्ता बनाया।

2015 का फैसला, जिसने खोल दिए बंद दरवाजे

साल 2015 भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव लेकर आया। सरकार ने महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोलने का फैसला किया।

इसी ऐतिहासिक पहल के तहत अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह का चयन हुआ। ये तीनों भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं।

जून 2016 में तीनों को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला और एक नए दौर की शुरुआत हुई।

MiG-21 उड़ाकर रचा ऐसा रिकॉर्ड, जो हमेशा याद रहेगा

फाइटर पायलट बनना तो बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन असली परीक्षा अकेले उड़ान भरना था। क्योंकि सोलो फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में कोई ट्रेनर मौजूद नहीं होता।

19 फरवरी 2018 को जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से अवनी चतुर्वेदी ने MiG-21 बाइसन को अकेले उड़ाया। करीब 30 मिनट की इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ वह भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने अकेले फाइटर जेट उड़ाया।

यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं था, बल्कि भारतीय विमानन इतिहास में बदलाव का प्रतीक था।

विमान को फर्क नहीं पड़ता पायलट पुरुष है या महिला”

अवनी की सोच उनकी उपलब्धियों जितनी ही प्रेरणादायक है। एक बार उनसे महिला फाइटर पायलट होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विमान को इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसे उड़ाने वाला पुरुष है या महिला, उसे सिर्फ यह पता होता है कि उसे कौन सही तरीके से उड़ा सकता है।

उनकी यह सोच लैंगिक समानता का मजबूत संदेश देती है।

भारत की बेटी ने विदेशों में भी लहराया परचम

अवनी ने अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान के बाद भी कई उपलब्धियां हासिल कीं। साल 2023 में वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं, जिन्होंने जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।

इस उपलब्धि ने दिखाया कि भारतीय महिला पायलट अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।

नारी शक्ति पुरस्कार से हुआ सम्मान

अवनी चतुर्वेदी के योगदान को देखते हुए साल 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देने के लिए दिया जाता है।

एक उड़ान जिसने बदल दी हजारों बेटियों की सोच

अवनी चतुर्वेदी की कहानी सिर्फ एक फाइटर जेट उड़ाने की कहानी नहीं है। यह उन सीमाओं को तोड़ने की कहानी है, जो कभी महिलाओं के रास्ते में खड़ी थीं।

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Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में गोल्ड और सिल्वर में गिरावट, एक दिन में चांदी 5000 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में 7 जुलाई को सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना लगातार दूसरे दिन फिसला। विदेश में स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी गिरकर 4,129.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 1.9 फीसदी गिरकर 60.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले हफ्ते सोने में अच्छी तेजी दिखी थी। यह 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। लेकिन, यह हफ्ता सोने के लिए अब तक कमजोर रहा है।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,567 रुपये गिरकर 1,45,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सिल्वर फ्यूचर्स 2.16 फीसदी यानी 5,096 रुपये गिरकर 2,30,979 रुपये प्रति किलो पर आ गया। सोने ने 2025 में 70 फीसदी रिटर्न दिया था।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सोने पर असर

सोने में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.10 फीसदी चढ़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर सोने पर पड़ता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7 जुलाई को आई गिरावट की वजह पिछले हफ्ते की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है।

इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर घटेगी गोल्ड की चमक

ट्रेडर्स को अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के मिनट्स का इंतजार है। यह 8 जुलाई को आएगा। इससे पता चलेगा कि इनफ्लेशन के बारे में फेडरल रिजर्व की क्या सोच है। निवेशकों को अब सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का 56 फीसदी अनुमान है। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट में कमी आने पर सोने की चमक बढ़ती है। इसके उलट इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

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सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी फिसला

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। सोना अपने पीस से करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून में सोने में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी टिक नहीं पा रही है। यही हाल चांदी का है। कुछ समय तक बुलियन कंसॉलिडेशन फेज में रह सकते हैं।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Market Outlook: Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब अपने सबसे कमजोर दौर से बाहर निकल चुका है। उनके मुताबिक, अगले दो तिमाहियों में पूरे बाजार के बजाय चुनिंदा शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

संदीप टंडन का कहना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारत दूसरे बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां निवेश के लिहाज से पसंदीदा सेक्टर बने रहेंगे।

इंफ्रा और पावर पर सबसे ज्यादा भरोसा

संदीप टंडन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी सबसे पसंदीदा थीम बनी हुई है। इसकी वजह सरकार और निजी कंपनियों का बढ़ता कैपेक्स है।

उनके मुताबिक, पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, यूटिलिटीज, टेलीकॉम और चुनिंदा डिफेंस कंपनियों में अच्छे मौके हैं। ऐसे शेयरों पर फोकस करना चाहिए, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों। कैश फ्लो अच्छा हो। लेकिन अभी उन पर बाजार की ज्यादा नजर न गई हो।

FII की वापसी से मिलेगा सहारा

संदीप टंडन का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगभग खत्म हो चुकी है। अब FII धीरे-धीरे भारतीय बाजार में लौट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में गिरावट आती है, तो भारत और आकर्षक बन सकता है।

बैंकिंग और IT पर क्या राय?

संदीप टंडन का कहना है कि प्राइवेट बैंकों में रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन यह तेजी बहुत लंबी चलेगी, ऐसा जरूरी नहीं है।

आईटी सेक्टर को लेकर उनका नजरिया पहले से बेहतर हुआ है। कमजोर प्रदर्शन के बाद अब वैल्यूएशन आकर्षक दिख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस सेक्टर में आक्रामक खरीदारी का समय नहीं है। Quant Mutual Fund ने सिर्फ चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी शुरू की है।

FMCG और स्मॉलकैप में कहां हैं मौके?

उनके मुताबिक, FMCG सेक्टर में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे हैं। इसलिए यहां भी चुनिंदा शेयरों में निवेश करना बेहतर रहेगा।

संदीप टंडन का मानना है कि मिडकैप के मुकाबले स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में ज्यादा अवसर हैं। हालांकि, निवेश से पहले मैनेजमेंट की गुणवत्ता और कैश फ्लो की जांच जरूर करनी चाहिए।

IPO बाजार पर भी भरोसा

संदीप टंडन आने वाले बड़े IPO को लेकर भी सकारात्मक हैं। उन्होंने SBI Funds, NSE और Jio के संभावित IPO का जिक्र किया। उनका कहना है कि भारतीय बाजार अब इतने बड़े इश्यू को संभालने में सक्षम है। हालांकि, कंपनियों का उचित वैल्यूएशन पर आना जरूरी होगा।

संदीप टंडन का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा काम आएगी। इसलिए निवेशकों को इंडेक्स के बजाय मजबूत कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

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आईटी शेयरों ने दिखाया दम, टीसीएस, इंफोसिस सहित इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

आईटी कंपनियों के शेयरों में 7 जून को तेजी दिखी। आईटी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों से पहले शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी तक उछल गया। हालांकि, बाद में यह 2.3 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। बीते दो महीने में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। जुलाई में अच्छी तेजी दिखी है। इस महीने आईटी इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के जून तिमाही के नतीजे 9 जुलाई को आएंगे।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

मंगलवार को टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री में 3.7 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। पर्सिस्टेंट का शेयर शेयर भी 3.56 फीसदी ऊपर चल रहा था। टीसीएस के नतीजों से आईटी सेक्टर के प्रदर्शन का संकेत मिलेगा। हालांकि, AI की वजह से आईटी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ कमजोर रहने का अनुमान है।

अच्छे आईटी शेयरों में खरीदारी

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि आज आईटी शेयरों में अच्छी तेजी की वजह जून तिमाही के नतीजों से जुड़ी उम्मीद है। ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। इनवेस्टर्स अच्छी क्वालिटी के आईटी स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 7 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक दोपहर बाद बिकवाली की वजह से दबाव में आ गए। सेंसेक्स और निफ्टी हरे से लाल निशान में आ गए। लेकिन, आईटी शेयरों में तेजी बनी रही।

आईटी सेक्टर को AI बूम का मिल सकता है फायद

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम का अप्रत्याशित फायदा मिल सकता है। AI की वजह से आईटी शेयरों को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच यह सेक्टर विजेता के रूप में उभर सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजी प्लेबुक में कहा है कि दुनियाभर की कंपनियां एआई एप्लिकेशंस के लिए इन कंपनियों का रुख कर रही हैं।

मॉर्गन स्टेनली को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

मॉर्गन स्टेनली ने आईटी सेक्टर को लेकर काफी पॉजिटिव राय व्यक्त की है। बीते एक साल में आईटी शेयरों का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इसकी बड़ी वजह नए एआई टूल हैं। एआई के कोडिंग करने से ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर पड़ सकता है। इस वजह से आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे हैं। इसके उलट अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान जैसे बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी है।

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दोपहर बाद प्रमुख सूचकांकों ने गंवाई बढ़त

7 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों ने दोपहर बाद अपनी बढ़त गंवा दी। इससे बीते चार सत्रों से बाजार में जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। निफ्टी 0.13 फीसदी यानी 31 अंक गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.13 फीसदी यानी 104 अंक की गिरावट के साथ 78,189 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स में मजबूती दिखी।