Petrol-Diesel Price Today: 8 जुलाई के लेटेस्ट रेट जारी, जानें किस शहर में कितना मिल रहा है पेट्रोल और डीजल

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 08 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज तीसरा दिन:सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे, शाम को ऑस्ट्रेलिया के तीसरे दौरे पर होंगे रवाना

पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज तीसरा दिन है। पीएम बुधवार को यहां के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है। इससे पहले मंगलवार को जकार्ता में भारत-इंडोनेशिया के बीच 20 समझौते हुए। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहेंगे पीएम इंडोनेशिया के बाद, पीएम 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। पीएम मोदी का यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के प्रमुख कारोबारियों को संबोधित करेंगे। साथ ही, भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान मोदी की इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी 4 तस्वीरें… इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को लेकर चिंता क्यों है? इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक) में चीन पिछले कुछ सालों से अपनी सैन्य और समुद्री मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। इसी वजह से भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फिलीपींस, वियतनाम और कई अन्य देशों की चिंता बढ़ी है। चीन लगभग 90% दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। जबकि फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। चीन ने समुद्र में कृत्रिम द्वीप बनाकर वहां हवाई पट्टियां, रडार और मिसाइल सिस्टम तैनात किए हैं। फिलीपींस और वियतनाम के जहाजों के साथ चीनी कोस्ट गार्ड की कई बार झड़प हो चुकी है। पीएम मोदी बोले- दुनिया के 50% डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में होते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘दुनिया के करीब 50% डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में होते हैं। देश में हर महीने 75 करोड़ से ज्यादा डिजिटल पेमेंट किए जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग अब अपने डेबिट कार्ड और एटीएम का पासवर्ड तक भूलने लगे हैं। ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय यूनिवर्सिटी की संख्या 12 से बढ़कर 50 से ज्यादा हो गई है। एनर्जी से लेकर कनेक्टिविटी और चिप मैन्युफैक्चरिंग तक भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। PM मोदी बोले- भारत नए सी रूट बना रहा, इंडोनेशिया हमारा फेवरेट फ्रेंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के ग्रेट निकोबार द्वीप से इंडोनेशिया के आगे की दूरी करीब 150 किलोमीटर है। इसलिए इंडोनेशिया आने वाले हर भारतीय को यहां अपनापन महसूस होता है।
ट्रेड, ट्रेडिशन और टूरिज्म के जरिए दोनों देश वर्षों से अपने रिश्तों को आगे बढ़ा रहे हैं। आज भारत नए पोर्ट्स, नए शिप्स और नए सी रूट बना रहा है। ऐसे समय में इंडोनेशिया हमारे लिए फेवरेट फ्रेंड बनकर हमारे साथ खड़ा है।
भारत और इंडोनेशिया दोनों ही विकास के लिए अधीर हैं। हमारे पास न रुकने का मौका है और न थमने का। यहां रहने वाले कुछ भारतीयों ने भी मुझे इंडोनेशिया के विकास के बारे में बताया है। ———————– पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मोदी ने कहा- भारत-इंडोनेशिया में कुछ-कुछ होता है: इंडोनेशियाई राष्ट्रपति बोले- मैं मोदी का करियर कॉपी करता हूं पीएम मोदी ने मंगलवार शाम को जकार्ता में भारतीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यहां भारत का गाना ‘कुछ-कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। जब भारत-इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं तो कुछ-कुछ से भी आगे बढ़कर बहुत कुछ होता है। पीएम बोले- राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा था कि उनके अंदर भारत का DNA है। पूरी खबर पढ़ें…

मोदी आज इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे:यह एक हजार साल पुराना; शाम को 3 दिन के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होंगे पीएम

पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का आज तीसरा और आखिरी दिन है। पीएम आज इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर एक हजार साल पुराना है। इंडोनेशिया के बाद पीएम ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न रवाना होंगे। उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा 8 से 10 जुलाई तक है। पीएम ने मंगलवार को इंडोनेशिया यात्रा के दौरान डिफेंस डील का ऐलान किया था। दोनों देशों के बीच पहली बार लगभग साढ़े पांच हजार करोड़ रुपए का अहम रक्षा करार हुआ है। इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलें खरीदेगा। भारत मलक्का की खाड़ी में अहम साबांग पोर्ट को डेवलप करेगा। पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान पीएम मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान बिन्तांग आदिपूर्णा से नवाजा गया है। पीएम मोदी को यह 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा कि पीएम मोदी ने संबंधों में मजबूती लाने के लिए अहम योगदान दिया है। ऑस्ट्रेलिया में सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे पीएम पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वहां के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। मोदी की यह यात्रा पीएम अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। उनका यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है। पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के प्रमुख कारोबारियों को संबोधित करेंगे। साथ ही, भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। PM के इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

मानसून भी नहीं रोक पाएगा आपकी ट्रैवल प्लानिंग, बारिश से हटकर कुछ खास जुलाई में घूमने की टॉप 6 लोकेशन!

जुलाई का महीना भारत में मानसून का मौसम लेकर आता है, लेकिन अगर आप बारिश से बचते हुए घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो देश में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां इस समय भी मौसम सुहावना रहता है। इन डेस्टिनेशंस पर कम बारिश होने के कारण आप बिना किसी परेशानी के प्राकृतिक नज़ारों, एडवेंचर और संस्कृति का भरपूर आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं जुलाई में मॉनसून से बचने के लिए भारत की 6 बेहतरीन घूमने लायक जगहों के बारे में:

लाहौल घाटी-हिमालयी शांत वादी

PHOTOS: हिमाचल का स्वर्ग है स्पीति घाटी, हर साल आते हैं बड़ी संख्या में सैलानी

हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी जुलाई में मॉनसून से बचकर घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यह भी रेन शैडो क्षेत्र में आती है, इसलिए यहां बारिश बहुत कम होती है और मौसम सुहावना बना रहता है। सिस्सू, सूरज ताल, बारालाचा ला और गोंधला किला जैसी जगहें यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को और खास बनाती हैं। बर्फ से ढकी चोटियां, साफ नदियां और शांत वातावरण नेचर लवर को बेहद पसंद आता है। रोड ट्रिप, ट्रेकिंग, कैंपिंग और फोटोग्राफी के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

जैसलमेर-सुनहरी रेगिस्तान नगरी

Rajasthan - Sharvil Holidays

राजस्थान का गोल्डन सिटी जैसलमेर जुलाई में भी घूमने के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि यहां बारिश बहुत कम होती है। मानसून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाता है और टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है। जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर झील और सैम सैंड ड्यून्स यहां काअट्रैक्शन हैं। रेगिस्तान में ऊंट की सवारी, डेजर्ट सफारी, लोक संगीत और ट्रेडिशनल राजस्थानी संस्कृति का एक्सपीरियंस आपकी जर्नी को यादगार बना देता है। अगर आप रेगिस्तान की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं, तो जुलाई का समय भी अच्छा साबित हो सकता है।

हम्पी-पुरानी खंडहर नगरी

Uragas Immigrated in India Seems an Unproved Hypothesis – Raigar.net

अगर आप हिस्ट्री और आर्किटेक्चर में इंटरेस्ट रखते हैं, तो कर्नाटक का हम्पी जुलाई में घूमने के लिए शानदार डेस्टिनेशन है। हल्की बारिश के कारण यहां का वातावरण हरा-भरा और सुहावना हो जाता है, जिससे प्राचीन मंदिरों और खंडहरों की सुंदरता और बढ़ जाती है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह शहर विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर, लोटस महल और मातंगा हिल जैसी ऐतिहासिक जगहों के लिए प्रसिद्ध है। यहां साइकिल से घूमना, सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखना और विरासत से जुड़ी कहानियों को जानना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है।

स्पीति घाटी-बर्फीला रेगिस्तान

WINTER SPECIAL TRIP TO SPITI VALLEY - 7 Days/6 Nights at 17499 INR (EX- SHIMLA) - HTC - Hyderabad Trekking Company

हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो प्रकृति, रोमांच और शांति का आनंद लेना चाहते हैं। रेन शैडो क्षेत्र में होने के कारण यहां जुलाई में बहुत कम बारिश होती है, जिससे रोड ट्रिप और दर्शनीय जगहों की सैर आसान हो जाती है। की मठ, चंद्रताल झील, हिक्किम, कोमिक और धंकर मठ जैसी जगहें यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। बंजर पहाड़, नीला आसमान और प्राचीन बौद्ध संस्कृति इस घाटी को एक अलग पहचान देते हैं। ट्रेकिंग, बाइकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

पुडुचेरी-फ्रेंच कोस्टल शांति

FORTE KOCHI (Fort Kochi) - Hotel Reviews, Photos, Rate Comparison - Tripadvisor

अगर आप समुद्र किनारे सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो पुडुचेरी एक बेहतरीन ऑप्शन है। जुलाई में यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर थोड़ा कम रहता है, जिससे मौसम घूमने के लिए फ्रेंडली बना रहता है। फ्रेंच वास्तुकला, रंग-बिरंगी गलियां, प्रोमेनेड बीच, ऑरोविल और श्री अरविंद आश्रम यहां के मेन अट्रैक्शन हैं। यहां बीच पर सैर, कैफे हॉपिंग, साइकिलिंग और मेडिटेशन का आनंद लिया जा सकता है। शांत वातावरण और खूबसूरत समुद्री नजारे इसे कपल्स और फैमिली ट्रिप दोनों के लिए खास बनाते हैं।

लेह-हिमालय का जादुई स्वर्ग

Top 23 Best Places to Visit in Leh Ladakh

अगर आप जुलाई में मॉनसून से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां नीला आसमान, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत झीलें आपका स्वागत करें, तो लेह आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। यह क्षेत्र रेन शैडो ज़ोन में आता है, इसलिए यहां बारिश बेहद कम होती है। जुलाई में पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला, शांति स्तूप और लेह पैलेस जैसी जगहों की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। यहां बाइक ट्रिप, रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और मठों की सैर जैसी एक्टिविटीज आपकी ट्रिप को यादगार बना देती हैं। हालांकि, अधिक ऊंचाई के कारण पहले दिन आराम करना और पानी पीना जरूरी होता है।

अगर आप जुलाई में बारिश से दूर और आरामदायक ट्रिप की तलाश में हैं, तो भारत में ये सभी जगहें शानदार हैं। आप अपनी पसंद और सुविधा से सही डेस्टिनेशन चुनकर मानसून के मौसम में भी यादगार छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं। सही प्लानिंग के साथ यह ट्रिप आपके लिए बेहद खास और यादगार साबित होगी।

E25 Petrol: सरकार E25 पेट्रोल लॉन्च करने से पहले सतर्क, इंजन और माइलेज पर असर की हो रही जांच

E25 Petrol: E25 पेट्रोल यानी 75% पेट्रोल और 25% एथेनॉल के मिश्रण को लागू करने की दिशा में सरकार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। हालांकि, अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार ऑटो कंपनियों, ऑयल कंपनियों और दूसरे संबंधित पक्षों से सलाह ले रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती।

पहले E20 का असर समझना चाहती है सरकार

सरकार फिलहाल यह जांच रही है कि E20 पेट्रोल का गाड़ियों के इंजन, दूसरे पुर्जों और माइलेज पर क्या असर पड़ा है। इन सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही E25 को मंजूरी देने पर फैसला लिया जाएगा।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार इस दिशा में ‘सोच-समझकर’ आगे बढ़ना चाहती है। इंडस्ट्री से भी इसी तरह की राय मिली है।

ऑयल कंपनियां तैयार, मंजूरी का इंतजार

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनियां E25 पेट्रोल की सप्लाई के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर चुकी हैं। अब उन्हें सिर्फ सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

एक सरकारी रिफाइनरी के अधिकारी ने बताया कि मंजूरी मिलते ही E25 की सप्लाई शुरू की जा सकती है। हालांकि, सरकार की अनुमति के बिना इसे बाजार में नहीं उतारा जाएगा।

E20 का लक्ष्य समय से पहले पूरा

भारत ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम के तहत पूरे देश में E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय समय से 5 साल पहले हासिल कर लिया है। पहले यह लक्ष्य 2030 तक पूरा होना था।

सरकार ने पहले ही शुरू कर दी तैयारी

सरकार ने E20 से आगे बढ़ने की तैयारी भी शुरू कर दी है। मई में E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल के लिए नए भारतीय मानक (Indian Standards) जारी किए गए थे।

इसके बाद जून में सरकार ने इन नए एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल्स पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में छूट भी दे दी। माना जा रहा है कि ये कदम भविष्य में E25 लागू करने की तैयारी का हिस्सा हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक E25 की लॉन्चिंग की कोई तारीख घोषित नहीं की है।

E20 को लेकर क्यों उठे सवाल?

हाल के दिनों में E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हुई है। पिछले हफ्ते एक अदालत की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कथित तौर पर E20 को ‘एक्सपेरिमेंट’ बताया था। उनका कहना था कि इसका पूरा असर अगले एक साल में साफ हो पाएगा।

वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि E20 से इंजन खराब होने या कीड़े लगने जैसी बातें वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। लोगों को अफवाहों के बजाय वैज्ञानिक प्रमाणों पर भरोसा करना चाहिए।

E25 के लिए गाड़ियों में बदलाव पड़ सकता है

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि E25 जैसे ज्यादा एथेनॉल वाले ईंधन के लिए ऑटो कंपनियों को इंजन की ट्यूनिंग, फ्यूल सिस्टम और दूसरे पुर्जों में बदलाव करने पड़ सकते हैं।

Grain Ethanol Manufacturers Association के अध्यक्ष सीके जैन के मुताबिक, E20 पेट्रोल से आमतौर पर 3% से 7% तक माइलेज कम हो सकता है। हालांकि, आधुनिक इंजन बेहतर दहन तकनीक और इंजन मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से इस असर को काफी हद तक कम कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है। इससे ईंधन बेहतर तरीके से जलता है। कार्बन मोनोऑक्साइड और कुछ अन्य प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है।

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Sabang Port Deal: ग्रेट निकोबार से सिर्फ 100 मील दूर! PM मोदी कर आये वो डील जो हिंद महासागर में चीन को देगी शिकस्त

होर्मुज की अहमियत को देखने के बाद भारत ने स्ट्रेट ऑफ मलक्का में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ाने जा रहा है। भारत और इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित रणनीतिक रूप से अहम सबांग बंदरगाह को मिलकर विकसित करने के लिए एक समझौता किया है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होगा। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति भी और बेहतर होगी। सबांग पोर्ट भारत में बन रहे ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट से करीब 160 किलोमीटर दूर है। यह मलक्का स्ट्रेट के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार और तेल-गैस की आपूर्ति होती है।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब भारत विदेशी पोर्ट पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है और पूर्वी हिंद महासागर में अपनी समुद्री ताकत और मौजूदगी को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

सबांग पोर्ट क्यों है इतना अहम?

मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया के बड़े हिस्से का व्यापार और तेल-गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। चीन के लिए भी यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है। उसके कच्चे तेल का करीब 80 प्रतिशत आयात और लगभग 60 प्रतिशत सामान का व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है। भारत के लिए सबांग पोर्ट की अहमियत भी काफी ज्यादा है। यह परियोजना भारत में बन रहे ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट को और मजबूत करेगी। दोनों बंदरगाह मिलकर मलक्का स्ट्रेट के आसपास भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रणनीतिक महत्व के साथ-साथ सबांग बंदरगाह भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को भी मजबूती देगा। इससे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और इंडोनेशिया के आचे प्रांत के बीच समुद्री संपर्क बेहतर होगा। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार होने की उम्मीद है।

व्यापार और भविष्य की संभावनाएं

फिलहाल सबांग एक छोटा पोर्ट है, जहां करीब 50 हजार टन तक के जहाज आ सकते हैं। यहां माल चढ़ाने और उतारने का काम अभी ज्यादातर जहाजों में लगी क्रेनों की मदद से किया जाता है। समुद्री मामलों के जानकारों का मानना है कि भविष्य में सबांग को एक बड़े क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे दक्षिण-पूर्व एशिया के छोटे बंदरगाहों तक सामान पहुंचाना आसान होगा और इस क्षेत्र में व्यापार को नई गति मिलेगी।

नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन के पूर्व निदेशक विजय सखूजा के अनुसार, भविष्य में सबांग बंदरगाह को बंगाल की खाड़ी के कई बड़े बंदरगाहों, जैसे चट्टोग्राम और यांगून, से कंटेनर जहाजों के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा हल्दिया, चट्टोग्राम और दावेई जैसे बंदरगाहों के साथ कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला, लौह अयस्क, उर्वरक और अनाज जैसी वस्तुओं की आवाजाही भी आसान हो सकती है।

एक्सपर्ट का मानना है कि यह सिर्फ व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर पूर्वी हिंद महासागर में गश्त, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान भारतीय नौसेना इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईंधन भरने, जरूरी सामान उपलब्ध कराने और जहाजों के रखरखाव के लिए भी कर सकती है। इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

Asia Cup 2027: अगले साल होने वाले एशिया कप 2027 की तारीखों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। इस बार टूर्नामेंट बांग्लादेश की मेजबानी में 50-ओवर फॉर्मेट में खेला जाना तय है। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआत 18 जून को होगी वहीं इसका फाइनल मुकबाला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। टूर्नामेंट सभी मुकाबले मीरपुर, चटगांव और सिलहट को संभावित मेजबान शहरों के रूप में चुना गया है। वहीं एशिया कप खेलने के लिए भारतीय टीम का बांग्लादेश जाना अभी तय नहीं है। पिछले साल से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है।

कब शुरू होगा एशिया कप

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआट वनडे वर्ल्ड कप से पहले 18 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। मंगलवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की सुरक्षा समिति के चेयरमैन सईद इब्राहिम अहमद ने बताया कि, एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने प्रस्तावित तीनों स्टेडियमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए इस दिशा में काम चल रहा है।

एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू की रिपोर्ट

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमसे संपर्क किया गया है और एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इस मामले को औपचारिक रूप दे दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम बोगुरा के शहीद चंदू स्टेडियम पर भी काम कर रहे हैं। वहीं, फिलहाल हमारी प्राथमिकता ढाका, सिलहट और चटगांव के वेन्यू हैं। बोगुरा को लेकर भी तैयारी जारी है, लेकिन अभी पूरा ध्यान इन तीन शहरों पर है।”

सफल टूर्मामेंट का हो आयोजन

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इन तीनों वेन्यू में से हर एक पर कम से कम एक मैच जरूर खेला जाएगा। अंतिम फैसला होने के बाद हम अगले कुछ दिनों में और जानकारी शेयर करेंगे। हमें भरोसा है कि इतने सालों बाद एशिया कप फिर से बांग्लादेश लौटेगा। हमारी कोशिश है कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक सफल टूर्नामेंट आयोजित किया जाए।”

पिछले साल हुए थी तनातनी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 एशिया कप पर इस बार क्रिकेट के साथ-साथ राजनीतिक माहौल का भी असर देखने को मिल सकता है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों को लेकर कई चर्चाएं हुई थीं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सितंबर में भारत के प्रस्तावित सीमित ओवरों के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अब इस दौरे के होने की उम्मीद फिर से बढ़ गई है।

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हर दौरे पर आने वाली टीम की सुरक्षा हमेशा एक अहम मुद्दा होती है, खासकर बड़ी क्रिकेट टीमों के लिए। अभी तक हमारी उनकी (BCCI) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। हमें उम्मीद है कि अगर दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो सुरक्षा को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं होगी।”

Viral Video: मॉल में ‘विराट कोहली’ की एंट्री से मची अफरा-तफरी, बाद में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के दुनिया भर में फैंस हैं। विराट कोहली की एक झलक पाने के लिए फैंस हमेशा एक्साईटेड रहते हैं। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर विराट कोहली की तरह दिखने वाला एक सोशल मीडिया क्रिएटर का प्रैंक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक शख्स विराट कोहली जैसी हेयरस्टाइल और टैटू बनवाकर आरसीबी की जर्सी पहन कर लखनऊ के एक मॉल में जाते हुए नजर आ रहा है। लोगों ने कोहली समझ लिया और बड़ी संख्या में लोग उनके आसपास इकट्ठा हो गए। बाद में पता चला कि वह भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली नहीं, बल्कि उनके जैसे दिखने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर कार्तिक शर्मा थे।

सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं इस प्रैंक को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए और कहा कि भीड़भाड़ वाली जगह पर इस तरह की हरकत करना सही नहीं है।

युवक ने किया प्रैंक

सोशल मीडिया क्रिएटर कार्तिक शर्मा, जिनकी शक्ल विराट कोहली काफी मिलती-जुलती हैं ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो शेयर किया। प्रैंक को बिल्कुल असली दिखाने के लिए कार्तिक शर्मा ने विराट कोहली के लुक और अंदाज की पूरी तरह नकल की। उन्होंने कोहली जैसी हेयरस्टाइल, दाढ़ी और टैटू अपनाए, साथ ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जर्सी भी पहनी। इतना ही नहीं, वह चार बॉडीगार्ड के साथ बीएमडब्ल्यू कार से मॉल पहुंचे, जिससे लोगों को लगा कि सच में विराट कोहली वहां आए हैं। ये प्रैंक शुरू होते ही सफल होता नजर आया।

 

जैसे ही कार्तिक शर्मा मॉल के अंदर पहुंचे, कई लोगों ने उन्हें विराट कोहली समझ लिया और उनके आसपास भीड़ जमा हो गई। लोग उनके साथ सेल्फी लेने और उनके पीछे-पीछे चलने लगे, जिससे मॉल में काफी हलचल मच गई।

कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई

वीडियो में दावा किया गया कि मॉल के सुरक्षा कर्मी भी इस पूरे घटनाक्रम से हैरान हो गए। कार्तिक शर्मा के अनुसार, कुछ सिक्योरिटी गार्ड उन्हें मॉल के अंदर ले जाने लगे और भीड़ को संभालने में जुट गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उनके पीछे चलने लगे, जबकि सुरक्षा कर्मचारी और उनके साथ मौजूद बॉडीगार्ड भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करते नजर आए। वीडियो में दिखाया गया कि कुछ ही देर में मॉल के कई फ्लोर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग रेलिंग और बालकनी से उस शख्स को देखने की कोशिश करने लगे, जिसे वे विराट कोहली समझ रहे थे।

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों को ये प्रैंक मजेदार लगा, लेकिन कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी आलोचना की। उनका कहना था कि इस तरह की हरकत से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सार्वजनिक जगह पर अनावश्यक भीड़ जुटने से लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

FII DII Data: विदेशी निवेशकों की लगातार तीसरे दिन खरीदारी, क्या अब आने वाली है बड़ी तेजी?

FII DII Data: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, FIIs ने 393.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII) 383.43 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर नेट सेलर रहे।

सोमवार को भी FIIs ने 243.03 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उस दिन DIIs ने 3,791.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इससे पहले 3 जुलाई को FIIs ने चार दिन की लगातार बिकवाली के बाद वापसी करते हुए 1,355.33 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। उसी दिन DIIs ने 1,953.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

बाजार में रही कमजोरी

हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी के बावजूद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 104 अंक टूटकर 78,181 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 32 अंक गिरकर 24,399 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 24,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

Nifty Bank 91 अंक गिरकर 58,201 पर बंद हुआ। वहीं Nifty Midcap 186 अंक टूटकर 62,285 पर आ गया। कारोबार के दौरान यह अपने ऊपरी स्तर से 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया।

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किन वजहों से गिरा बाजार?

बाजार पर हैवीवेट शेयरों में कमजोरी, मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली और डिफेंस व रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

इस बीच, वैश्विक जोखिम कम होने और Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से सप्लाई बाधित होने की चिंता घटी। इसका असर रुपये पर भी दिखा। भारतीय रुपया 48 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.95 के स्तर पर बंद हुआ।

क्या अब गिरावट का दौर खत्म?

मार्केट के जानकार FII की लगातार तीन दिनों की खरीदारी को पॉजिटिव संकेत मान रहे हैं। Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट चुका है।

संदीप टंडन के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी और यह दूसरे वैश्विक बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनका मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां आने वाले समय में निवेश के लिए सबसे आकर्षक सेक्टर बने रहेंगे।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

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‘मेरे शरीर में भारतीय DNA’, पीएम मोदी की मौजूदगी में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने कही ऐसी बात कि गूंजी तालियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलहाल इंडोनेशिया के दौरे पर हैं। वह सोमवार शाम जकार्ता एयरपोर्ट पर उतरे, जहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। वहीं इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कहा कि उनके शरीर में भी भारतीय डीएनए है। उनकी इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।

अपने संबोधन में प्राबोवो सुबियांतो ने बताया कि भारत की राजकीय यात्रा पर आने से पहले उन्होंने अपना डीएनए (जीनोम) टेस्ट कराया था। जांच में उन्हें पता चला कि उनके भीतर भारतीय मूल के डीएनए के अंश भी मौजूद हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि शायद यही वजह है कि जब भी वह कोई संगीत, खासकर भारतीय संगीत सुनते हैं, तो उनके पैर अपने आप थिरकने लगते हैं।

भारत को लेकर कही ये बात

राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो की यह बात सुनकर कार्यक्रम में मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और खुशी जताई। उन्होंने आगे कहा कि उनके कई मंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी भारतीय गाने सुनना पसंद करते हैं। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि हो सकता है उनके भीतर भी भारतीय डीएनए हो। प्राबोवो ने खुद को भारत का अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि इंडोनेशिया को भारत के अनुभवों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया की संस्कृति और सभ्यता पर भारत का गहरा प्रभाव रहा है। उनकी भाषा के कई शब्द संस्कृत से आए हैं और वहां के बहुत से लोगों के नाम भी संस्कृत से जुड़े हुए हैं।

भारत और इंडोनेशिया के बीच हुए 20 समझौते

इससे पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं आपका करियर कॉपी करता हूं।’ उनके इतना कहते ही तालियां बजने लगीं। उन्होंने कहा, ‘ मोदी सरकार की कई योजनाएं सफल रही हैं। इसलिए वे इन्हें अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। अच्छा हुआ इन योजनाओं पर ‘कॉपीराइट’ नहीं है।’ भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है।