Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

ट्रंप ने खत्म किया सीजफायर! अब तेल, सोना और चांदी पर क्या होगा असर; जानिए एक्सपर्ट्स से

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Upcoming SUVs India: Nissan Tekton से लेकर Toyota Hilux तक, इस महीने लॉन्च होंगी ये 5 नई SUVs

Upcoming SUVs India: अगर आप इस महीने नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा और इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, कई ऑटो कंपनियां नई SUV लॉन्च करने, मौजूदा मॉडल को अपडेट करने और लग्जरी गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जिससे खरीदारों को अलग-अलग कीमतों में कई नए वेरिएंट चुनने का मौका मिलेगा। अब चलिए जानते हैं आने वाली इन 5 नई कारों के फीचर्स के बारे में।

Nissan Tekton

निसान भारतीय बाजार में अपनी नई मिड-साइज SUV Nissan Tekton को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि यह SUV हाल के वर्षों में ब्रांड के सबसे अहम प्रोडक्ट्स में से एक होगी और Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder, Honda Elevate, Renault Duster और Tata Sierra जैसे मॉडल्स वाले सबसे ज्यादा कॉम्पिटिशन वाले सेगमेंट में मुकाबला करेगी। इंजन की बात करें तो, इस SUV में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों ऑप्शन के साथ आ सकता है।

Maruti Suzuki Brezza Facelift

Brezza लॉन्च होने के बाद से ही भारत की पसंदीदा कॉम्पैक्ट SUV में से एक रही है, और ऐसा लगता है कि Maruti Suzuki इस महीने इसे बड़े पैमाने पर अपडेट (मिड-साइकिल रीवैम्प) करने की योजना बना रही है। नई Brezza में कुछ कॉस्मेटिक बदलाव, इंटीरियर में सुधार और नए फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिल सकता है। इसके अलावा, इसमें नया अंडरबॉडी CNG टैंक दिया जा सकता है, जिससे सामान रखने के लिए ज्यादा बूट स्पेस मिलेगा। इसे मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों विकल्पों के साथ पेश किए जाने की उम्मीद है। नई Brezza का मुकाबला Tata Nexon, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO, Hyundai Venue और Skoda Kylaq जैसी कारों से जारी रहेगा।

Honda ZR-V Hybrid

Honda भारत में अपनी नई प्रीमियम SUV Honda ZR-V Hybrid को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसे Completely Built Unit (CBU) के तौर पर भारत लाया जाएगा। यह SUV कंपनी की मौजूदा Honda Elevate से ऊपर की पोजिशन पर होगी और Honda के SUV पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी।

Honda ZR-V Hybrid में कंपनी की e:HEV स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दी जाएगी। यह SUV करीब 40 लाख रुपये के सेगमेंट में आने की उम्मीद है और यह उन ग्राहकों को टारगेट करेगी जो प्रीमियम SUV खरीदना चाहते हैं। इंजन की बात करें तो, इसमें 2.0 लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन मिलेगा, जिसे e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा जाएगा।

भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Volkswagen Tiguan, Volkswagen Tayron, Skoda Kodiaq और Jeep Meridian जैसी प्रीमियम SUVs से होगा।

2026 Toyota Hilux

2026 Toyota Hilux नए डिजाइन, बेहतर इंटीरियर और ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ आने वाली है। हालांकि, इसमें पहले जैसी मजबूत और दमदार पिकअप ट्रक वाली पहचान बरकरार रहेगी। यह गाड़ी उन ग्राहकों को पसंद आ सकती है, जो एक मजबूत और भरोसेमंद पिकअप ट्रक की तलाश में हैं। इसमें 2.8 लीटर टर्बो-डीजल इंजन मिलने की उम्मीद है।

इस SUV में इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के विकल्प दिए जा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें फोर-व्हील ड्राइव (4WD) सिस्टम भी मिलने की संभावना है, जो इसे ऑफ-रोड ड्राइविंग के लिए बेहतर बनाएगा।

Wuling Starlight 560 पर आधारित JSW-MG SUV

उम्मीद है कि JSW MG Motor India इस महीने के आखिर में थ्री-रो वाली एक नई SUV पेश करेगी, जो शायद दुनिया भर में बिकने वाली Wuling Starlight 560 पर आधारित होगी। इस मॉडल में सात सीटों वाला केबिन, बड़ी टचस्क्रीन और पैनोरमिक सनरूफ होने की उम्मीद है। इसे या तो 1.5-लीटर प्लग-इन हाइब्रिड (195 hp, 1,000 km से ज्यादा की क्लेम्ड रेंज) या 69.2 kWh ऑल-इलेक्ट्रिक पावरट्रेन (201 hp, 530 km तक की CLTC रेंज) के साथ पेश किया जा सकता है।

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Lawrence Bishnoi US Charges: रंगदारी का मॉडल, डर को बनाया बिजनेस वेपन! समझिए कैसे दुनिया का सबसे खतरनाक सिंडिकेट बना बिश्नोई गैंग

सितंबर 2023 में कनाडा ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ था। इस आरोप के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। अब करीब तीन साल बाद, अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर इस हत्या का आरोप लगाया है। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त जांच की थी। इस जांच के तहत भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 लोगों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने बयान में कहा कि कुल 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। DOJ के मुताबिक, अमेरिका में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया में पकड़ा गया है। इन सभी को मंगलवार को संघीय अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले में आरोप तय होने के बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ (असल नाम सतविंदरजीत सिंह) की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, अमेरिका लॉरेंस बिश्नोई को भारत से प्रत्यर्पित कराने की तैयारी भी कर रहा है। उस पर गंभीर संघीय रैकेटियरिंग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित न कर सके।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई को बिश्नोई गैंग का सरगना माना जाता है। फिलहाल वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म किसी अपराधी परिवार में नहीं, बल्कि एक संपन्न परिवार में हुआ था। उसका जन्म 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ। उसका परिवार इलाके के सबसे अमीर परिवारों में गिना जाता था और उनके पास कई एकड़ जमीन थी। परिवार एक बड़े बंगले में रहता था।

लॉरेंस के पिता पहले पुलिस विभाग में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खेती और परिवार की जमीन की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी। परिवार के एक रिश्तेदार के अनुसार, लॉरेंस का नाम ब्रिटिश अधिकारी हेनरी मोंटगोमरी लॉरेंस के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सनावर में प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल की स्थापना की थी। लॉरेंस ने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। वह आठवीं कक्षा से ही बाइक चलाता था और महंगे जूते पहनता था। उस समय उसके पास ऐसी कई सुविधाएं थीं, जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। वहीं उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। इसी दौरान उसका सामना विरोधी छात्र गुटों से हुआ और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की ओर बढ़ता चला गया। कई लोगों का मानना है कि अपने गांव में अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर में उसकी पहचान और परिवार की दौलत का ज्यादा असर नहीं था। इसी वजह से वह गैंग और अपराध के रास्ते पर चला गया।

उत्तर भारत में गैंगवार पर लंबे समय से नजर रखने वाले लेखक जुपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, लॉरेंस अपने गांव में बेहद संपन्न परिवार से था। उसके परिवार के पास बड़ी जमीन थी और बचपन से उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे एहसास हुआ कि वहां पहचान बनाने के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि पैसा, रुतबा और सामाजिक प्रभाव भी जरूरी है। माना जाता है कि इसी सोच ने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया।

गोल्डी बराड़ कौन है?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदरजीत सिंह है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी साथी माना जाता है। उसका जीवन भी काफी हद तक बिश्नोई जैसा रहा है। गोल्डी का जन्म 1994 में पंजाब में हुआ था। बताया जाता है कि कॉलेज के दौरान उसकी लॉरेंस बिश्नोई से गहरी दोस्ती हो गई थी। ‘ओपन’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई और बराड़ 2012 से पहले ही हिंसक घटनाओं में शामिल हो चुके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संघ चुनाव के दौरान एक विरोधी उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद चुनावी रंजिश में उस उम्मीदवार के एक रिश्तेदार की भी हत्या कर दी गई, जिसने चुनाव जीता था।

इसके बाद दोनों ने धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क बढ़ाया। उन पर जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में विरोधी गैंग के लोगों पर हमले कराने के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीज़ा पर कनाडा चला गया। इसके बाद से उस पर कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बिश्नोई गैंग कैसे बना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क?

समय के साथ लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ाया। आज इस गैंग की पहुंच पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों तक बताई जाती है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा, अमेरिका, थाईलैंड, फिलीपींस, मध्य एशिया, चीन और यूरोप के कुछ देशों में भी इसके नेटवर्क होने की बात कही जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के पास दुनिया भर में 700 से ज्यादा शूटर होने का दावा किया जाता है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस पर आरोप है कि वह अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता रहता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि लॉरेंस अपने मजबूत संपर्कों और अलग-अलग आपराधिक गठजोड़ का इस्तेमाल करता है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उसके कुछ संबंध खालिस्तान समर्थक संगठनों से भी रहे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस जानबूझकर जमानत की अर्जी नहीं देता और जेल के अंदर से अपने साथियों से “डब्बा कॉलिंग” और VoIP जैसी तकनीकों के जरिए संपर्क में रहता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग को चलाने के लिए एक खास “बिजनेस मॉडल” अपनाता है। इसके तहत वह अलग-अलग राज्यों के जेल में बंद गैंगस्टरों से गठजोड़ करता है। इनमें उत्तर प्रदेश के धनंजय सिंह, हरियाणा के काला जठेड़ी, राजस्थान के रोहित गोदारा और दिल्ली के रोहित मोई व हाशिम बाबा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। बिश्नोई गैंग की ताकत उसके सक्रिय सदस्यों की वजह से भी बढ़ी है। गोल्डी बराड़ के अलावा रोहित गोदारा को भी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। बताया जाता है कि वह लॉरेंस का करीबी है और ब्रिटेन (UK) से गैंग की गतिविधियां संभालता है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों समेत 35 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी है।

हरदीप सिंह निज्जर से लेकर सलमान खान तक, किन लोगों को बनाया गया निशाना?

बिश्नोई गैंग का नाम कई चर्चित लोगों को निशाना बनाने के आरोपों में सामने आ चुका है। अमेरिका ने जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी आरोप पत्र के अनुसार, 18 जून 2023 या उससे पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि इस साजिश के लिए बिश्नोई ने अपने एक साथी को निज्जर की तस्वीर और उसके ठिकानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। हत्या के कुछ घंटों बाद ही गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।

जब बीबीसी ने गोल्डी बराड़ से पूछा कि सिद्धू मूसे वाला को क्यों निशाना बनाया गया, तो उसने कहा कि मूसे वाला ने ऐसी गलतियां की थीं जिन्हें वह माफ नहीं कर सकता था। बराड़ का दावा था कि उनके पास उसे मारने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। करीब दो साल बाद, बिश्नोई गैंग का नाम मुंबई में हुए चर्चित नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी सामने आया। अक्टूबर 2024 में बांद्रा इलाके में उनके बेटे के ऑफिस के पास 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बाबा सिद्दीकी तीन बार विधायक रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त माने जाते थे। हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की कथित फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो भी सलमान खान की मदद करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

कल का मौसम 9 जुलाई: यूपी, बिहार, MP समेत इन 22+ राज्यों में IMD जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह आंधी-तूफान की भी चेतावनी

Weather Forecast for July 9: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तरी अरब सागर के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम प्रणालियों की बात करें तो उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके साथ हील दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ सक्रिय है।

इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 9 जुलाई को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है:-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

दिल्ली-NCR और गुजरात समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

9 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और राज्यों में भी भारी बारिश दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन इलाकों और राज्यों के नाम नीचे दिए गए हैं-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी हिस्सा)

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब और उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गांगेय पश्चिम बंगाल

केरल और माहे

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हवा की रफ्तार और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है:-

50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल: केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ्तार से आंधी-तूफान आने और हवाएं चलने की आशंका है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: राजस्थान, गुजरात राज्य, संपूर्ण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग हिस्सों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

गरज-चमक और बिजली का अलर्ट: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उत्तराखंड, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में सतह पर बहुत मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

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Dada The Sourav Ganguly Story: गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार नहीं आयुष्मान खुराना थे मेकर्स की पहली पसंद! फिल्म का पोस्टर हुआ रिलीज

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है। फिल्म में राजकुमार राव पूर्व भारतीय कप्तान का किरदार निभाते नजर आएंगे। सौरव गांगुली के जन्मदिन के मौके पर जारी किए गए इस फर्स्ट लुक के साथ मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। ये फिल्म 14 मई 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं फिल्म के फर्स्ट लुक को देखकर फैंस बेसब्री से इसके रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे।

राव नहीं थे पहली पंसद

रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरव गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे। शुरुआत में आयुष्मान खुराना को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन किसी वजह से बात आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में यह अहम भूमिका राजकुमार राव को मिल गई।

 

रिलीज हुआ फिल्म का पहला पोस्टर

फिल्म के फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में राजकुमार राव ने सौरव गांगुली के करियर के सबसे चर्चित पल को पर्दे पर रीक्रिएट किया है। इसमें सौरव गांगुली साल 2002 में इंग्लैंड पर मिली ऐतिहासिक नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराते नजर आते हैं। उनका ये जश्न आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार लम्हों में गिना जाता है। सौरव गांगुली की बेखौफ कप्तानी और टीम इंडिया के नए दौर की पहचान माना जाता है।

सौरव गांगुली की कहानी

राजकुमार राव का इस ऐतिहासिक पल को पर्दे पर दोबारा जीवंत करना क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ में सौरव गांगुली के एक युवा क्रिकेटर से भारतीय टीम के सफल और प्रभावशाली कप्तान बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा। फिल्म में उनकी मेहनत, संघर्ष, बेखौफ नेतृत्व और भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने वाली कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।

विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को टी-सीरीज, डीबीएल और लव फिल्म्स प्रस्तुत कर रहे हैं। फर्स्ट लुक सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फैंस बेसब्री से बड़े पर्दे पर सौरव गांगुली की कहानी देखने का इंतजार है।

Yamaha का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगी 117 km की IDC रेंज, जानें कीमत

Yamaha Aerox E: Yamaha ने भारत में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox E लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.82 लाख रुपये (दिल्ली) रखी गई है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल पेश किया गया था और अब इसे भारत के कुछ शहरों में खरीदने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल Yamaha Aerox E दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और पुणे में बिक्री के लिए उपलब्ध है। बता दें कि यह इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मौजूद Ather 450 Apex, TVS X और Ola S1 Pro जैसे दमदार इलेक्ट्रिक स्कूटर को टक्कर देगा।

पावरट्रेन और रेंज

Yamaha Aerox E में दो 1.5kWh की हटाने योग्य (Removable) बैटरी पैक दिए गए हैं। इसमें Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) लगी है, जो 9.4 kW (12.60hp) की पावर और 48Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक स्कूटर फुल चार्ज होने पर 117 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज दे सकता है। वहीं, Power Mode में Boost फीचर ऑन करने पर इसकी टॉप स्पीड 95.5 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

बैटरी चार्जिंग की बात करें तो, एक बैटरी पैक को 0 से 100% चार्ज होने में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगता है। अगर दोनों बैटरियों को एक साथ चार्ज किया जाए, तो इन्हें पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 6 घंटे 20 मिनट लग सकते हैं।

Yamaha Aerox E का डिजाइन और डायमेंशन

देखने में, Aerox E काफी हद तक अपने पेट्रोल वाले मॉडल, Aerox 155 जैसी ही लगती है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव नया TFT डिस्प्ले है, जिसने ICE मॉडल वाले LCD कंसोल की जगह ली है। इसके अलावा, इसमें आपको शार्प बॉडीवर्क के साथ वही स्पोर्टी मैक्सी-स्कूटर स्टाइलिंग मिलती है। इस स्कूटर का व्हीलबेस 1,360mm और कर्ब वेट 139 kg है, जो इसे स्टैंडर्ड Aerox 155 से लगभग 13 kg भारी बनाता है।

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इसमें आगे की तरफ 110/80 टायर और पीछे की तरफ 140/70 टायर मिलते हैं, जो इसे बेहतर स्टेबिलिटी और स्पोर्टी राइडिंग अनुभव देने में मदद करते हैं।

Yamaha Aerox E के फीचर्स

Yamaha नई Aerox E में इकॉनमी, स्टैंडर्ड और पावर राइडिंग मोड देता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में बूस्ट मोड, रिवर्स मोड और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम भी है। इसकी अन्य खासियतों में Yamaha Y-Connect के साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, आगे और पीछे डिस्क ब्रेक, LED हेडलैंप और LED टेललैंप, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और सिंगल-चैनल ABS शामिल हैं।

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9 जुलाई को होगा Nissan Tekton का ग्लोबल डेब्यू, Creta-Seltos को देगी कड़ी टक्कर

Nissan 9 जुलाई को अपनी बिल्कुल नई SUV Tekton ग्लोबल लेवल पर पेश कर सकती है, जिससे इसकी वापसी भारत के तेजी से बढ़ते मिड-साइज SUV सेगमेंट में होगी। वहीं, ग्लोबल लॉन्च से पहले जापानी कार कंपनी ने Nissan Tekton के कुछ ऑफिशियल टीजर जारी किए हैं। इसके अलावा कई स्पाई शॉट्स भी सामने आए हैं, जिनसे SUV के डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आई हैं।

उम्मीद है कि Nissan Tekton के प्लेटफॉर्म और मैकेनिकल पार्ट्स Renault Duster जैसे ही होंगे। इसके अलावा, यह SUV भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder और Maruti Suzuki Victoris से मुकाबला करेगी।

हालांकि भारत में निसान टेक्टॉन की लॉन्च की तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के कुछ महीनों के अंदर ही यह SUV देश में आ जाएगी।

Nissan Patrol से प्रेरित डिजाइन

Nissan Tekton का डिजाइन कंपनी की खास SUV, Nissan Patrol से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए इसे अक्सर ‘Baby Patrol’ कहा जाता है। वहीं, SUV के ऑफिशियल टीजर से इसके बोल्ड फ्रंट लुक का पता चलता है, जिसमें Nissan की सिग्नेचर ग्रिल, C-शेप के LED हेडलैंप और ऊंचा व मजबूत स्टांस देखने को मिलता है।

हाल ही में आई स्पाई तस्वीरों से SUV के पिछले हिस्से के डिजाइन का भी पता चला है। नई तस्वीर में कनेक्टेड LED टेललैंप दिख रहे हैं, जो काफी हद तक Renault Duster जैसे हैं, हालांकि इनकी लाइटिंग स्टाइल में थोड़ा बदलाव किया गया है। अपनी Renault सिस्टर कार की तरह, इस SUV के टेलगेट पर बड़े अक्षरों में ‘TEKTON’ लिखा है, जबकि पिछले बंपर का डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरा और सिंपल है।

कुल मिलाकर, Duster के साथ अपना प्लेटफॉर्म शेयर करने के बावजूद, इस SUV में Nissan का खास स्टाइल बरकरार रहने की उम्मीद है।

अनुमानित फीचर्स

Nissan ने अभी तक पूरी इक्विपमेंट लिस्ट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि टेक्टॉन में कई तरह के फीचर्स का पैकेज मिलेगा।

अनुमान के मुताबिक, Tekton में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, वायरलेस फोन चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, कई ड्राइव मोड्स और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स मिल सकते हैं।

सेफ्टी के मामले में भी यह SUV काफी मजबूत हो सकती है। इसमें 6 एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

इंजन विकल्प (अनुमानित)

उम्मीद है कि Nissan Tekton का पावरट्रेन लाइन-अप Renault Duster जैसा ही होगा।

इसके एंट्री-लेवल वेरिएंट में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 100 PS की पावर और 160 Nm का टॉर्क देगा। इसे छह-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा।

वहीं, इसके टॉप वेरिएंट्स में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो 163 PS की पावर और 280 Nm का टॉर्क देगा। इस इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, दोनों विकल्प मिलने की संभावना है। दोनों पेट्रोल इंजन E20 फ्यूल के अनुकूल हैं।

इसके अलावा, इस SUV में Renault का Strong Hybrid E-Tech 160 पावरट्रेन भी मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 1.4 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो कुल मिलाकर 160 PS की पावर और 172 Nm का टॉर्क देता है। साथ ही, यह शहर में गाड़ी चलाते समय काफी हद तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर चलने की सुविधा भी देता है।

प्रोडक्शन, अनुमानित कीमत और भारत में लॉन्च

Nissan Tekton को चेन्नई में Renault-Nissan Alliance प्लांट में बनाया जाएगा, जो घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों मार्केट के लिए गाड़ियां बनाता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन भारत में Nissan Tekton की कीमत 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच होने की उम्मीद है। वहीं इसकी लॉन्च कीमत, या भारत में Tekton की कीमत, इसके मार्केट में आने के समय के आस-पास कन्फर्म की जाएगी।

9 जुलाई को होने वाली अनवीलिंग (पहली झलक) से इसके स्पेसिफिकेशन्स और इंटरनेशनल लॉन्च प्लान के बारे में और जानकारी मिलेगी। हालांकि Nissan ने अभी तक भारत में Nissan Tekton की लॉन्च डेट कन्फर्म नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के बाद यह SUV देश के मिड-साइज SUV सेगमेंट में Nissan की लंबे समय बाद वापसी को दर्शाएगी।

कॉम्पिटिटिव कीमत, कई पावरट्रेन ऑप्शन और बेहतरीन फीचर्स के साथ, Tekton के हाल के वर्षों में Nissan India के सबसे अहम नए लॉन्च में से एक बनने की उम्मीद है।

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IMD Flash Flood Alert: सावधान! अगले 24 घंटों में इन 3 राज्यों में आ सकती है अचानक बाढ़, फ्लैश फ्लड और भारी बारिश की चेतावनी

IMD Flash Flood Alert: देश भर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने लगातार हो रही भारी मॉनसूनी बारिश के मद्देनजर देश के तीन राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों के लिए अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के कई जिलों में मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है जहां बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका काफी बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पहले ही पूरी तरह गीली हो चुकी है और नदियां उफान पर हैं। इससे इन क्षेत्रों में तेजी से बाढ़ आने की संवेदनशीलता बढ़ गई है।

पश्चिमी भारत में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

IMD के मुताबिक सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड का खतरा नीचे दिए गए इलाकों को है-

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गुजरात

भारी बारिश से नदियां उफान पर

मौसम एजेंसी का कहना है कि बहुत कम समय में होने वाली बेहद तेज बारिश की वजह से नदियां, नाले और जल निकासी चैनल उफान पर आ सकते हैं। खासकर निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान बाढ़ वाली सड़कों या नदियों के किनारों से यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी है।

क्या होती है अचानक आने वाली बाढ़?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड सामान्य नदी की बाढ़ से बिल्कुल अलग होती है। मौसमी नदी की बाढ़ आमतौर पर बारिश होने के 100 से 150 घंटे बाद आती है लेकिन फ्लैश फ्लड भारी बारिश के कुछ ही मिनटों या घंटों के भीतर आ सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब जमीन पानी को सोखने की स्थिति में नहीं रहती या फिर नदियां, नाले और ड्रेनेज चैनल पूरी तरह से भर जाते हैं। तेज हवाओं की वजह से फ्लैश फ्लड अपने साथ मिट्टी, चट्टानें और मलबे को भी बहा ले आती है। अपनी बेहद तेज स्पीड और ताकत की वजह से इसे बारिश के मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक आपदाओं में से एक माना जाता है। ये तुरंत जानलेवा साबित हो सकती है।

IMD कैसे लगाता है फ्लैश फ्लड के खतरे का अनुमान?

मौसम विभाग द्वारा फ्लैश फ्लड की चेतावनियां जारी करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। वैज्ञानिक इसके लिए बारिश के पूर्वानुमान, सैटेलाइट ऑब्जर्वेशन, डॉपलर वेदर रडार डेटा और हाइड्रोलॉजिकल मॉडल्स का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक मिट्टी की नमी, नदियों के जलस्तर और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का भी बारीकी से एनालिसिस करते हैं ताकि यह सटीक अनुमान लगाया जा सके कि तेज बारिश के बाद कहां पानी तेजी से बढ़ सकता है।

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9 जुलाई तक जारी रहेगा मौसम का यह उग्र रूप

पश्चिमी भारत में वर्तमान दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में 9 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर से मिल रही प्रचुर नमी और अनुकूल मानसूनी चक्र की वजह से मौसम का यह चरम रूप देखने को मिल रहा है।

Market Outlook : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण 8 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1023 शेयरों में बढ़त हुई, 3070 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और HUL शामिल रहे।, जबकि बढ़त वाले शेयरों में ONGC, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और बजाज ऑटो शामिल रहे। सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, सभी अहम इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि वोलैटिलिटी इंडिया VIX में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आई।

निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी FMCG (-2.5 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.2 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.2 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। हालांकि, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। छोटे-मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और इसके चलते ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 76 डॉलर तक पहुंचने से मार्केट एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में आ गया है। यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और इसके क्या नतीजे होंगे, यह अभी अनिश्चित है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफ़ायर खत्म होने के बयान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद तेहरान को और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस बयान के बाद डेली चार्ट पर, निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और इसमें 30 मार्च, 2026 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की। ADX इंडिकेटर में, DI- ने DI+ को पार कर लिया है, जिससे पता चलता है कि बेचने वालों ने खरीदने वालों पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, RSI में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो मंदी के रुझान के बढ़ने का संकेत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप सीज़फायर खत्म होने के बयान के बाद इन्वेस्टर्स ने जोखिम से दूर रहने की नजरिया अपना लिया, जिससे निफ्टी इंडेक्स 500 अंक से ज्यादा गिर गया। ऊपर की ओर कंसोलिडेशन के बाद इंडेक्स में गिरावट आई, जिससे हालिया उत्साह कम हो गया। हालांकि, इसे 23,070 से 24,348 तक की पिछली रैली के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,800 के आसपास है) के पास सपोर्ट मिला।

आगे यह देखना अहम होगा कि क्या निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर यह 23,800 के नीचे टूटता है, तो जारी करेक्शन का दौर और लंबा खिंच सकता है। वहीं, अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो निकट भविष्य में अच्छी रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज सेशन में घरेलू शेयर बाजार का मूड साफ तौर पर नेगेटिव हो गया, जिससे हालिया बढ़त खत्म हो गई। इसकी वजह वेस्ट एशिया में फिर से तनाव बढ़ना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना रहा। महंगाई की चिंताएं भी फिर से बढ़ गईं हैं। इससे भारत और अमेरिका, दोनों जगह बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहा और इंडिया VIX में जबरदस्त उछाल आया। हर सेक्टर में गिरावट देखने को मिली। यह मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों से रिस्क लेने से बचने के ट्रेंड का संकेत है। साथ ही, पहली तिमाही के कमजोर अनुमानों के कारण नतीजों से पहले की घबराहट ने भी बाजार की गिरावट में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, आने वाले नतीजे शायद अकेले दम बाजार में बड़ी उठापटक न कर पाएं, लेकिन निवेशक मैनेजमेंट की कमेंट्री और आगे के अनुमानों पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या दूसरी तिमाही में भी कमजोर नतीजे जारी रहेंगे। अगर ऐसा होता है तो FY27 में घरेलू नतीजों और बाजार के प्रदर्शन में सुधार में देरी हो सकती है।

आगे चलकर बाजार की दिशा तय करने में फेड की जुलाई पॉलिसी मीटिंग के नतीजों, अमेरिका के मौजूदा आपसी टैरिफ समझौते की समय-सीमा खत्म होने के असर और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के स्तर की अहम भूमिका होगी।

 

 

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

 

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YouTube का बड़ा तोहफा! लॉन्च किया ‘Gifts’ फीचर, अब लाइव स्ट्रीम से कमाई होगी और भी आसान

यूट्यूब ने भारत में लाइव स्ट्रीम करने वाले क्रिएटर्स के लिए नया ‘गिफ्ट्स’ फीचर शुरू किया है। इस फीचर की मदद से दर्शक लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को एनिमेटेड गिफ्ट भेज सकेंगे। इन गिफ्ट्स में भारत से जुड़े डिज़ाइन, जैसे वड़ा पाव, चाय-टोस्ट और पानी पुरी शामिल हैं। इससे क्रिएटर्स को अपने दर्शकों से बेहतर जुड़ने का मौका मिलेगा और वर्टिकल लाइव स्ट्रीम के जरिए कमाई का एक नया साधन भी मिलेगा।

इसके साथ ही यूट्यूब ने ‘ज्वेल्स’ नाम का नया फीचर भी लॉन्च किया है। इसका मकसद क्रिएटर्स की कमाई के नए रास्ते खोलना और दर्शकों को अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को आसान और मजेदार तरीके से समर्थन देने का विकल्प देना है।

गिफ्ट्स और ज्वेल्स क्या हैं?

यूट्यूब का गिफ्ट्स फीचर ऐसे एनिमेटेड वर्चुअल गिफ्ट्स हैं, जिन्हें दर्शक लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को भेज सकते हैं। इन गिफ्ट्स के जरिए दर्शक तुरंत अपनी खुशी, रिएक्शन और सपोर्ट दिखा सकते हैं। जैसे ही कोई गिफ्ट भेजा जाता है, उसका एनिमेशन लाइव स्ट्रीम पर दिखाई देता है, जिससे क्रिएटर और दर्शकों के बीच जुड़ाव और भी बेहतर हो जाता है।

इन गिफ्ट्स को भेजने के लिए दर्शकों को पहले ज्वेल्स खरीदने होंगे। ज्वेल्स का इस्तेमाल करके वे योग्य वर्टिकल लाइव स्ट्रीम के दौरान क्रिएटर्स को अलग-अलग एनिमेटेड गिफ्ट्स भेज सकते हैं। इससे लाइव स्ट्रीम का अनुभव ज्यादा मजेदार बनता है और क्रिएटर्स को कमाई का एक नया तरीका भी मिलता है।

जब दर्शक ज्वेल्स का इस्तेमाल करके किसी क्रिएटर को गिफ्ट भेजते हैं, तो बदले में उस क्रिएटर को रूबीज़ मिलते हैं। यही रूबीज़ इस फीचर के जरिए होने वाली उनकी कमाई को दिखाते हैं। इस फीचर को और खास बनाने के लिए यूट्यूब ने भारत की संस्कृति से प्रेरित कई वर्चुअल गिफ्ट्स भी पेश किए हैं। इनमें वड़ा पाव, चाय-टोस्ट, पानी पुरी, बधाई हो, केम छो, माचा और ऑल इज़ वेल जैसे एनिमेटेड गिफ्ट्स शामिल हैं। दर्शक इन्हें भेजकर अपने पसंदीदा क्रिएटर्स का समर्थन और उत्साह बढ़ा सकते हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में त्योहारों और खास मौकों के लिए नए मौसमी वर्चुअल गिफ्ट्स भी लॉन्च किए जाएंगे।

गिफ्ट्स फीचर कैसे चालू करें?

जिन क्रिएटर्स का चैनल इस फीचर के लिए योग्य है, वे यूट्यूब स्टूडियो के ‘अर्न’ सेक्शन में जाकर ‘गिफ्ट्स’ फीचर चालू कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें ‘वर्चुअल आइटम्स मॉड्यूल’ की शर्तों को स्वीकार करना होगा। फीचर चालू होते ही उनकी वर्टिकल लाइव स्ट्रीम में गिफ्ट्स का विकल्प अपने-आप दिखाई देने लगेगा। हालांकि, जिन क्रिएटर्स की वर्टिकल लाइव स्ट्रीम में गिफ्ट्स फीचर चालू होगा, उन्हें उन स्ट्रीम्स में सुपर स्टिकर्स की सुविधा नहीं मिलेगी।

यूट्यूब ने यह फीचर ऐसे समय लॉन्च किया है, जब भारत में क्रिएटर इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी के अनुसार, एक साल में 7 लाख रुपये या उससे अधिक कमाई करने वाले भारतीय यूट्यूब चैनलों की संख्या में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भारत में यूट्यूब पर फैंस की बढ़ती भागीदारी भी क्रिएटर इकॉनमी को तेजी से आगे बढ़ा रही है। एक सर्वे के मुताबिक, 92 प्रतिशत भारतीय यूट्यूब क्रिएटर्स का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म उन्हें अपने दर्शकों के साथ मजबूत कम्युनिटी बनाने में मदद करता है। इस नए फीचर पर बात करते हुए मशहूर गेमिंग क्रिएटर नमन माथुर ने कहा कि फैंस से जुड़ने के लिए कई विकल्प होने से लाइव स्ट्रीम का अनुभव और बेहतर हो जाता है। उनके अनुसार, सुपर चैट और मेंबरशिप जैसे फीचर सिर्फ कमाई का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये क्रिएटर्स को ज्यादा समय तक लाइव रहने और अपने दर्शकों से बेहतर तरीके से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

नमन माथुर ने कहा कि सुपर चैट बैटल जैसे मौकों पर फैंस का आपसी जुड़ाव साफ दिखाई देता है। इसमें दर्शक न सिर्फ क्रिएटर से बात करते हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ भी अपनी भावनाएं साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे फीचर पसंद आते हैं, जिनके जरिए वे लाइव स्ट्रीम के दौरान तुरंत और आकर्षक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दे सकें।