जिन्हें कब्रस्तान प्यारा, वे ही कर रहे राम मंदिर का विरोध : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– मुख्यमंत्री योगी की जनता से अपील- नकारात्मक व विकास विरोधी सोच वालों को खारिज कीजिए

– मुख्यमंत्री योगी ने 9 साल पहले के बुंदेलखंड की दुर्दशा और अब आए परिवर्तन का भी किया जिक्र 

– योगी ने कहा- बांदा के विधायक विकास में रुचि लेते हैं और बबेरू वाले गरीबों को प्रताड़ित करने में

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को फिर निशाने पर रखते हुए इन सरकारों के कार्यों का अंतर बताया। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरासत को अपमानित करते हैं। उन्होंने हिंदू परंपरा व सनातन को कोसना जीवन का ध्येय बनाया है। वे वैभवशाली व विकसित भारत नहीं देखना चाहते। हमारी सरकार जो पैसा मंदिरों के विकास व धामों के सुंदरीकरण के लिए देती है, समाजवादी पार्टी के समय यही पैसा कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल के लिए जाता था। उन्हें कब्रस्तान प्यारा है, इसलिए वे राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, नैमिषारण्य धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा व कांग्रेस वाले भाजपा के प्रतिनिधियों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों को पचा नहीं पाते।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जिनकी सोच नकारात्मक व विकास विरोधी है, उन्हें खारिज कीजिए। मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गईं कई योजनाओं को गिनाकर इसका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

 

कभी डकैतों व माफिया का था आतंक, आज प्रगति देखकर होती है प्रसन्नता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड की दुर्दशा के दौर को भी बयां किया। बताया कि मुख्यमंत्री

 बनने के बाद प्रधानमंत्री जी ने मुझसे कहा था कि पहला दौरा बुंदेलखंड का हो और वहां के लिए कुछ किया जाए। नौ- साढ़े 9 साल पहले जब आया तो देखा कि पिछड़ापन यहां का पर्याय था। पलायन और प्यास बुंदेलखंड की पहचान बन गई थी। खनन, लैंड, सैंड, वन, भूमाफिया व डकैतों का ऐसा आतंक था, जिससे किसान भी खेत में जाने से डरता था।

पाठा का यह क्षेत्र डकैतों के लिए फिरौती व वसूली का माध्यम बन गया था। कनेक्टिविटी, सिंचाई, पेयजल, सुरक्षा, रोजगार नहीं था। थाने में एफआईआर तक नहीं होती थी। बुंदेलखंड अस्तित्व के लिए जूझ रहा था परंतु अब बुंदेलखंड की प्रगति को देखकर अंतःकरण से प्रसन्नता होती है। हर किसी को 9 वर्ष पहले और आज के बांदा में परिवर्तन दिखेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास व विरासत के संरक्षण के लिए शासन के संज्ञान में जो भी प्रोजेक्ट आएगा, उसे लागू कर बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाएंगे। 

 

भाजपा सरकार ने हर वर्ग के सपनों को किया साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने जब देश की बागडोर संभाली तो आशा की किरण जगी। 2017 में यूपी में डबल इंजन सरकार बनने के बाद यहां भी कनेक्टिविटी, पेयजल, हर खेत को पानी और बांदा के युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सभी के सपनों को साकार किया है। 

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

वर्ष 2017 के पहले जिसे रखवाली की जिम्मेदारी मिली, वही प्रदेश को लूटते थे 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता ने श्रीप्रकाश द्विवेदी, रामकेश निषाद व ओममणि वर्मा जैसे अच्छे जनप्रतिनिधियों को जिताया है तो यहां विकास की परियोजनाएं आ रही हैं। बुंदेलखंड भी डकैत, माफिया, कर्फ्यू, उपद्रव व दंगामुक्त हो गया। अब यहां महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधा मिल रही है।

उन्होंने सचेत किया कि यदि भूमाफिया व डकैत चुनाव जीतेगा तो व्यापारी का अपहरण करेगा, गरीबों को उजाड़ेगा और नौजवानों-गरीबों की योजनाओं पर डकैती डालेगा। वर्ष 2017 के पहले उप्र में यही होता था। जिसे प्रदेश की रखवाली की जिम्मेदारी सौंपी, वही प्रदेश को लूटते थे। गरीबों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलती थीं। आवास की सुविधा उन्हें ही मिलती थी, जो समाजवादी पार्टी के थे परंतु अब ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के साथ हर वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। 

 

सरकार को उपद्रव पसंद नहीं, माने तो ठीक वरना यमराज के घर का रास्ता खोल दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार तुष्टिकरण की नीति पर नहीं चलती। सरकार को उपद्रव, कर्फ्यू, गुंडागर्दी पसंद नहीं है। सरकार बेटी-व्यापारी की सुरक्षा पर सेंध लगाने वालों को चेतावनी देती है और न मानने वालों के लिए यमराज के घर जाने का रास्ता भी खोल देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार आने पर भी यहां कुछ प्रतिमाओं का अनावरण किया था। आज भी अवंती बाई लोधी की दिव्य-भव्य प्रतिमा का अनावरण किया है। 

 

वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान देता है बांदा

मुख्यमंत्री ने बांदा की सड़कों व चौराहों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। कहा कि शहर के लोग जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यवस्थित सिटी का मॉडल बना सकते हैं। बांदा वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान दे रहा है। यहां महापुरुषों के नाम पर पार्क बन रहे हैं। कालिंजर का अजेय दुर्ग विजय पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहां विराजमान नीलकंठ महादेव का आशीर्वाद हर किसी को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार है तो भारत की विरासत को संरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम चित्रकूट व बुंदेलखंड की स्मृतियों में हैं। 

 

सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, हमने ब्रह्मोस दिया, जिसे देख बाप-बाप चिल्लाता है पाकिस्तान

मुख्यमंत्री योगी ने फिर तंज कसा कि सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, नौकरी की बजाय नौजवानों को तमंचे दिए, जबकि हमारी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिया और डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर का हब बनाया। यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल को जब भारत दागता है तो पाकिस्तान भी बाप-बाप करते हुए चिल्लाता है। भारत के जवानों के इस शौर्य, पराक्रम का केंद्र बिंदु बुंदेलखंड बन रहा है। 

 

बांदा के विधायक विकास करते हैं, बबेरू के विधायक को रुचि कहीं और 

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि समर्पित और जनता-जनार्दन को योजनाओं से जोड़ने वाला होना चाहिए। बांदा के विधायक रुचि लेते हैं तो यहां विकास है, लेकिन बबेरू के सपा विधायक को विकास में रुचि नहीं है। उनके लिए विकास गरीबों की जमीन पर कब्जा, गरीबों को प्रताड़ित करना ही है। ऐसी उद्दंडता व गरीबों के हकों पर पड़ने वाली डकैती को रोकना पड़ेगा। कांग्रेस व सपा के समय में अवंती बाई लोधी, महाराणा प्रताप की मूर्ति, तीर्थों का पुनरुद्धार, मंदिरों का सुंदरीकरण, कनेक्टिविटी के बेहतरीन कार्य नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी रुचि नहीं थी। 

 

सपा के माफियाओं से खाली कराई गई 64 हजार एकड़ भूमि 

उन्होंने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने दो बातें कही थीं कि अवैध स्लाटर हाउस बंद होंगे और गरीबों-व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया 24 घंटे में खाली कर दें, अन्यथा हमें खाली कराना आता है। सपा से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ लैंड जमीन खाली कराई गई जिसमें अब निवेश हो रहा है और इससे नौजवानों को नौकरी मिल रही है। बुंदेलखंड के नौजवान को अब घर में ही कार्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी व रोजगार से जुड़े युवाओं की संख्या का भी जिक्र किया। 

 

कीमती पत्थरों में हो रही ‘शजर’ की गिनती 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद के यूनिक प्रॉडक्ट को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने बांदा के शजर पत्थर के सजावट की भी तारीफ की, कहा कि यहां के ‘शजर’ की गिनती कीमती पत्थरों में हो रही है। अब बड़ी-बड़ी कंपनियां भी नग की जगह शजर पत्थर को मंगा रहीं हैं। यह पीएम मोदी के विजन-ओडीओपी के कारण हो पाया है। एमएसएमई को सम्मान, सुरक्षा का वातावरण बना तो प्रदेश में निवेश भी आया। 

 

अब देश-दुनिया के लोग नौकरी मांगने आएंगे बुंदेलखंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर के निर्माण को बढ़ा रहे हैं। बीडा के रूप में बुंदेलखंड को यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर देने जा रहे हैं। पहले शासकीय उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड के लोग पलायन करते थे, लेकिन हमारा संकल्प है कि अब देश-दुनिया के नौजवान यहां नौकरी मांगने आएंगे। 

 

इस अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,  लोकनिर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मालती गुप्ता ‘बासू’, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

बकरी कान हिलाए तो समझो बारिश आए! हमारे किसान इन 5 पशुओं, पक्षियों, कीटों को देख बता देते थे कब और कितनी होगी बरसात

सालों से, भारतीय किसानों ने आसमान को समझने के अपने तरीके विकसित किए थे। ये कोई बिखरी हुई लोक-मान्यताएं या अलग-थलग परंपराएं नहीं थीं। कई इलाकों में, समुदाय बहुत ध्यान से देखे-परखे गए तरीकों को अपनाते थे। ये तरीके पीढ़ियों तक बेहतर बनाए गए, ग्रंथों में दर्ज किए गए और बहुत ही एकरूपता के साथ आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाए गए।

खबरों के अनुसार, भारत में बारिश का अनुमान लगाने के कुछ सबसे पुराने तरीके खगोल विज्ञान से गहराई से जुड़े थे। खगोल विज्ञान और समय की गणना पर सबसे शुरुआती भारतीय ग्रंथों में से एक, ‘वेदांग ज्योतिष’ ने ‘पंचांग’ (हिंदू कैलेंडर) की नींव रखी, जिसका इस्तेमाल आज भी देश के कई हिस्सों में किया जाता है। सूरज, चांद और तारों की चाल पर नजर रखकर, इस तरीके से लोगों को मौसम में बदलाव और बारिश के पैटर्न का अंदाजा लगाने में मदद मिलती थी।

सदियों बाद, खगोलशास्त्री और विद्वान वराहमिहिर ने इन विचारों को और आगे बढ़ाया। छठी सदी ईस्वी में लिखी अपनी रचना ‘बृहत्संहिता’ में, उन्होंने बारिश, खगोलीय घटनाओं और वायुमंडलीय स्थितियों के बीच संबंधों का वर्णन किया। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, इन अवलोकनों के कुछ हिस्से आधुनिक मौसम विज्ञान की अवधारणाओं से मिलते-जुलते हैं।

कई गांवों में, हिंदू नव वर्ष के दौरान ‘ग्राम जोशी’ या गांव का ज्योतिषी सालाना बारिश और फसल के बारे में भविष्यवाणियां पढ़कर सुनाता था। पीढ़ियों से चली आ रही गणनाओं पर आधारित ये भविष्यवाणियां अक्सर किसानों को आने वाले खेती के मौसम की योजना बनाने में मदद करती थीं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, समय के साथ किसानों ने खगोलीय परंपराओं के साथ-साथ मौसम का अनुमान लगाने के स्थानीय तरीके भी विकसित किए। आंध्र प्रदेश की ऐसी ही एक परंपरा थी ‘तट्टा संकेतम’; इसमें अनाज से भरी टोकरी के ऊपर एक गिलास रखा जाता था और एक बच्चा उसे सावधानी से संतुलित करता था। गिलास अंत में जिस दिशा में गिरता था, उसे ग्रहों की स्थिति के साथ जोड़कर देखा जाता था और माना जाता था कि इससे आने वाले मॉनसून के मिजाज का पता चलता है।

पीढ़ियों से, किसान अपने घरों और खेतों के आस-पास होने वाले बदलावों को समझना भी सीख गए थे। बकरियों का बार-बार कान फड़फड़ाना, रात भर उल्लुओं का लगातार बोलना और लाल बालों वाली इल्लियों का तेजी से सुरक्षित जगह की ओर बढ़ना – ये सभी इस बात के संकेत माने जाते थे कि बारिश होने वाली है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि कई कीड़े इंसानों के महसूस करने से बहुत पहले ही अपने एंटीना से नमी में होने वाले बदलावों का पता लगा सकते हैं। शायद इसीलिए ऐसी बातें अक्सर सही साबित होती थीं।

मधुमक्खियों का जल्दी अपने छत्तों में लौटना और मकड़ियों का तेजी से अपने जाले ठीक करना बदलते मौसम की और चेतावनियां मानी जाती थीं। इसके अलावा, शाम के समय खाना पकाने से निकलने वाला धुआं, जो ऊपर उठने के बजाय नीचे ही रहता था, उसे हवा में नमी बढ़ने का संकेत माना जाता था।

खबरों के मुताबिक, किसान शायद ही कभी सिर्फ एक संकेत पर निर्भर रहते थे। इसके बजाय, वे बुवाई का फैसला करने से पहले कई संकेतों की जांच-पड़ताल करते थे और खेती से जुड़े फैसलों में वैसी ही सावधानी और अनुशासन बरतते थे, जिसकी अनिश्चितता के कारण जरूरत होती थी।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर! सड़कें बनीं नदियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल, देखें वीडियो

Delhi Rain: गुरुवार सुबह दिल्ली और पूरे एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई इलाकों की सड़कें डूब गईं, लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजाना आने-जाने वालों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आए एक वीडियो में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। पानी से लबालब सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिन के ज्यादातर समय में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अधिकारी बारिश से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई जगहों से सामने आए वीडियो

रातभर हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लगातार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली के बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार और मेहरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई घंटे तक हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियाँ सावधानी से चलती दिखीं, जबकि कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

एक वीडियो में अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखीं, जहां सुबह के व्यस्त समय में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो गया था।

पड़ोसी शहर नोएडा में भी भारी जलभराव देखा गया। सेक्टर-75 से सामने आए वीडियो में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी हुई दिखाई दीं।

गाजियाबाद में भी भारी बारिश का असर साफ देखने को मिला। इंदिरापुरम और अभय खंड इलाके से सामने आए वीडियो में रिहायशी सड़कों पर बारिश का पानी भर गया।

शास्त्रीनगर और कौशांबी से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं, जहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आने-जाने वालों को देरी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

बुलंदशहर में भी भारी बारिश का असर दिखा। सामने आए वीडियो में रात भर हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हुआ नजर आया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी ट्रैफिक जाम की खबर मिली, जहां बारिश और जलभराव के कारण ऑफिस जाने के व्यस्त समय में गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई।

उमस से राहत, लेकिन आने-जाने वालों को परेशानी

लगातार हो रही बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली है। हालांकि, तेज बारिश ने आम जिंदगी पर भी असर डाला है। दिल्ली-NCR के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। IMD ने बताया कि बारिश तेज होने से पहले, रात 2.30 बजे तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवाएं शांत थीं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

जलभराव से निपटने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायजा लिया और सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, “दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशों के बाद सभी सरकारी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं।”

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे कहा गया कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और राजधानी में ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और नगर निगम (MCD) की टीमों को तैनात किया गया है।

वहीं, मानसून से पहले नरेला और द्वारका समेत कई बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की समय रहते सफाई (डी-सिल्टिंग) किए जाने का भी फायदा देखने को मिला। इसकी वजह से कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ और NHPC चौक जैसे अंडरपास भारी बारिश के बावजूद ज्यादातर समय चालू रहे।

रात भर हुई बारिश से उखड़े पेड़

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर दो पेड़ उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इस बीच, IMD ने दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है, इसलिए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि दिल्ली और NCR के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।

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Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम

Trip To London

Trip To London: जानकर अजीब-सा लगता है ना? लेकिन यह हकीकत है। ऐसा नहीं है कि ऐसा मैंने नहीं देखा, बल्कि वास्तविकता में भी है। होते हैं, लेकिन पूर्व सूचना के आधार पर, निर्धारित जगह पर, निश्चित समय पर। चारों तरफ पुलिस घेरे रहेगी, हेलिकॉप्टर से निगरानी होगी, लेकिन हुड़दंगलीला न प्रदर्शनकारियों की चलेगी, न पुलिस की। यह और बात है कि फ्रांस में फुटबाल के दीवानों ने जो किया, उसने तो सारी हदें पार कर दी। लेकिन, ये अपवाद हैं। हां, कोई अकेला व्यक्ति भी सड़क के बीच के फुटपाथ जितने ऊंचे डिवाइडर पर तख्ती लेकर चुपचाप या कुछ बोलते हुए भी प्रदर्शन कर सकता है, जिसे पुलिस जवान अपने घेरे में रखेंगे, लेकिन करेंगे कुछ नहीं, जब तक कि वह कुछ गैर कानूनी हरकत न करे। कितना अटपटा लगता है ना?

 

लंदन की छोटी-छोटी लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा करते हैं। हमारे इंदौर की तरह एक दिन छोड़कर पानी नहीं आता,न पानी के लिये टैंकर या बोरिंग के भरोसे हैं। वहां पानी 24 घंटे आता है और दो-तीन मंजिल तक आसानी से पहुंच जाए, इतना प्रेशर रहता है। सिंक के या बाथरूम के नल से लेकर पानी पी सकते हैं। आप यदि आशंकित हो तो आरओ या वाटर फिल्टर लगा सकते हो। फूड या किसी भी सामान की डिलेवरी के लिए ज्यादातर साइकिल, बैटरी साइकिल या कोई बाइक का उपयोग करता है। ये चौराहों पर सिग्नल जंप करते, लेफ्ट टर्न से राइट जाते हुए कभी नहीं दिखेंगे। वहां एटीएम के काउंटर के अलग कैबिन नहीं, बल्कि किसी भी भवन की दीवार में फिट रहते हैं, जिन्हें तोड़कर कैश लूटने की संभावना न्यूनतम होती है।

 

सड़क, मोहल्ले, मेट्रो, सिटी बस, मॉल, रेस्टारेंट या बगीचे में कुत्ते नजर आएंगे, लेकिन वे स्ट्रीट डॉग नहीं होते, बल्कि पालतू होते हैं। मालिक हाथ या बैग में पोट्‌टी पॉलिथिन लेकर चलता है। चूंकि सभी फुटपाथ पर चलते हैं तो कहीं-कहीं टकराने जैसी नौबत आए तो तत्काल वे रुककर सामने वाले को संकेत दे देते हैं। किसी को जल्दी हो तो एक्सक्यूज मी कहकर रास्ता मांगेंगे। अरे भिया, जरा छेटी होना-ऐसा नहीं बोलते। यह शिष्टाचार जबरदस्त है। एक दिन में बीसियों बार ऐसा मौका आता है। इंदौर में तो हम फुटपाथ पर चलते नहीं और चलें तो टक्कर देकर निकल जाएं।

 

हर छोटी-बड़ी दुकान, मॉल, शॉपिंग सेंटर, रेस्टारेंट हो, ज्यादातर जगह नो कैश के बोर्ड टंगे होते हैं। हम भारतीयों की मुश्किल हो जाती है, जो रुपए के बदले पाउंड ले जाने की याद तो रखते हैं, लेकिन क्रेडिट, डेबिट कार्ड नहीं रखते। वे 90 प्रतिशत तक कैशलेस इकॉनॉमी को अपना चुके हैं। मेट्रो, सिटी बस, कार टैक्सी, शॉपिंग सभी कुछ कार्ड से। इसलिए भारत से कोई जा रहा हो तो ट्रेवल एजेंट आपको यहां पर एक कार्ड दे देगा, जो विदेश में कहीं भी भुगतान के काम आएगा। इसमें फायदा यह भी है कि वहां बैलेंस खत्म होने पर एजेंट को फोन करने पर वह यहां से रकम उसमें डिपॉजिट कर सकता है या आपका कोई रिश्तेदार भी जमा कर सकता है।

Trip To London

भारतीय वैसे तो कोशिश करते हैं कि खाने का कुछ सामान यहां से ले जाएं। जैसे थेपले, खाखरे, दूध के पराठे, नमकीन, अचार, जीरावन, रेडी टू इट वाले सब्जियों के पैकेट, रेडिमेड चाय-कॉफी के पाउच आदि। वहां कोई भी सामग्री इसलिए बजट के बाहर हो जाती है कि एक पाउंड 125 से 130 रुपए का होता है। तब आप दिमाग लगाते हैं कि पौने दो पाउंड की चाय 450 में और मसाला डोसा 1300 रुपए का आता है। तब आप अनावश्यक रूप से खाने-पीने से बचते हैं, जो कि गलत होता है। पानी की बोतल ही 80 रुपए की आती है। इस गणित से आप विदेश में कहीं घूम नहीं सकते। खासकर, यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, रूस या किसी भी विकसित पश्चिमी देश में।

 

अब एक चलन और बढ रहा है कि यदि 4-6 लोग या परिवार जा रहा है तो वे होटल की बजाय अपार्टमेंट में रुकना पसंद करते हैं। वह एक, दो, तीन बेडरूम का मिल जाता है, जिसमें 6-7 व्यक्ति रुक सकते हैं। वहां खाना बनाने की सामग्री के अलावा सब मिलेगा। जैसे, गैस, इलेक्ट्रिक चूल्हा, इंडक्शन, हॉट वाटर पॉट, क्रॉकरी, रसोई बनाने के नॉन स्टीक कूकवेयर, फ्रीज, माइक्रोवेव ओवन, कॉफी मशीन, वॉशिंग मशीन वगैरह सब कुछ। बाथरूम के लिए पर्याप्त टॉवेल, नेपकीन, टॉयलेट पेपर, सोप भी। बस कहीं-कहीं एक बड़ी गड़बड़ होती है- न तो बेडरूम में अंदर से चिटकनी या लॉक होता है, न बाथरूम में कपड़े टांगने की खूंटी। और तो और टॉयलेट के साथ हैंड शॉवर भी नहीं होता, न ही मग होता है। टॉयलेट पेपर से ही सफाई करना होता है। ये अपार्टमेंट होटल से सस्ते पड़ते हैं और पसंद का खाना मिल जाता है। दाल, चावल, आटा, मसाले, सब्जियां वगैरह वहां आसानी से मिलता है।

 

आज जब भारत में पोस्टल सर्विस काफी कमजोर हो चुकी है, ब्रिटेन में रॉयल पोस्ट काफी लोकप्रिय और प्रामाणिक है। वहां बहुतायत से लाल रंग के लैटर बॉक्स भी मिलेंगे और रॉयल पोस्ट की वैन कूरियर सेवा के तहत घर पहुंच सेवा भी देती है। जिसके तहत आप भारत के निजी कूरियर वाले की तरह कोई भी छोटा-बड़ा सामान कहीं भी भेज सकते हैं। (क्रमश:) 
-लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं। 

 

भारतीय बेसबॉल का चेहरा बने सूर्याकुमार यादव, नजर आएंगे इस टूर्नामेंट में

टी-20 विश्व विजेता कप्तान सूर्याकुमार यादव अब भारतीय बेसबॉल का चेहरा बन गए हैं। टी-20 विश्वकप जीतने के बाद खराब फॉर्म के कारण उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। हालांकि अब करियर के अंतिम पड़ाव पर खड़े सूर्या भाऊ ने दूसरे खेलों को प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी उठाई है।वह एमएलबी इंडिया यानि कि भारतीय बेसबॉल टीम के ब्रांड एंबेसेडर बन गए हैं और उनको अमेरिका में होने वाले एमएलबी ऑल स्टार वीक में देखा जा सकेगा। यह टूर्नामेंट 12 से 14 जुलाई को फिलेडिया में होगा।

सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।सूर्याकुमार यादव बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे।

 

हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।

35 वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

ट्रेन में शादीशुदा जोड़े के लिए हनीमून कूप डेकोरेट करने वाले मामले में भयंकर बवाल, TTE निपटे और हुए ये सारे एक्शन

शादी के बाद की पहली यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक कपल ने ट्रेन के First AC Coupe को खास अंदाज में सजवाया। फूलों, गुब्बारों और गुलाब की पंखुड़ियों से सजा यह कोच देखने में बेहद खूबसूरत लग रहा था और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।लेकिन यह रोमांटिक सरप्राइज जल्द ही विवाद में बदल गया, क्योंकि सजावट रेलवे की अनुमति के बिना कराई गई थी। वीडियो सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

रेलवे ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की है और डेकोरेटर के खिलाफ भी कदम उठाए हैं। इस घटना ने ट्रेन में निजी आयोजनों और सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो में दिखा था खूबसूरत डेकोरेशन

मामला ट्रेन नंबर 11002 नंदिग्राम एक्सप्रेस का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक First AC Coupe को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया हुआ देखा गया। कोच में लाल और सफेद गुब्बारे, फूलों की माला, हार्ट शेप डेकोरेशन और गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुई थीं।

बताया गया कि यह सजावट एक नवविवाहित जोड़े के लिए कराई गई थी, ताकि उनकी ट्रेन यात्रा को यादगार बनाया जा सके।

रेलवे ने बताया- बिना अनुमति हुई थी सजावट

भारतीय रेलवे ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कपल ने ऑनलाइन एक डेकोरेशन कंपनी से संपर्क कर निजी तौर पर First AC Coupe सजवाया था। हालांकि, सजावट करने वाली टीम कोच में बिना आधिकारिक अनुमति के दाखिल हुई थी।

रेलवे के अनुसार, यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि बाहरी लोगों का बिना अनुमति ट्रेन के अंदर प्रवेश करना गंभीर मामला माना जाता है।

जिम्मेदार कर्मचारी पर हुई कार्रवाई

रेलवे ने इस मामले में ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट इंस्पेक्टर गिरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा घटना की पूरी जांच के लिए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और इस मामले में और कौन जिम्मेदार है।

डेकोरेटर के खिलाफ दर्ज हुआ केस

रेलवे ने सजावट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है। डेकोरेटर पर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि उसने बिना अनुमति ट्रेन में प्रवेश किया, बिना वैध टिकट यात्रा की और रेलवे संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश किया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी निजी कंपनी सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज न करे।

कैसे हुई थी पूरी घटना?

डेकोरेशन कंपनी के अनुसार, यह Coupe जलना से यात्रा करने वाले एक नवविवाहित जोड़े के लिए तैयार किया गया था। टीम कार से छत्रपति संभाजीनगर से पहुंची और कपल के ट्रेन में बैठने से पहले कोच को सजाया गया।

वायरल वीडियो में Coupe के दरवाजे पर गुलाबी पर्दे, छत पर गुब्बारे, खिड़कियों पर फूलों की सजावट और सीट व फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां दिखाई दे रही थीं।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे शादी के बाद की यादगार शुरुआत बताते हुए पसंद किया, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ट्रेन के अंदर इस तरह की सजावट की अनुमति है।

कुछ लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि गुब्बारे व सजावटी सामान आग जैसी आपात स्थिति में परेशानी पैदा कर सकते हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने मजाक में इसे “Honeymoon on Wheels” भी कहा।

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लॉर्ड्स में होने वाला है एतिहासिक भारत इंग्लैंड टेस्ट मैच, क्या बोले कोच

ENGvsIND इंग्लैंड के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में भारत बनाम इंग्लैंड की महिला टीम दो दो हाथ करने वाली है। लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम लाल गेंद का क्रिकेट खेलेगी। महिला विश्वकप के बीच और भारत  पुरुष इंग्लैंड दौरे और आयरलैंड दौरे की सुर्खियों के बीच यह टेस्ट दब सा गया था लेकिन इस टेस्ट के लिए भी लगभग 30 हजार लोगों ने टिकट खरीद रखा है।

भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले ऐतिहासिक चार-दिवसीय मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा। मेहमान टीम वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नई शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया से उपविजेता रहने के बाद इस टेस्ट मैच में उतरेगी।

मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि लॉर्ड्स में पहले कभी महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया। उन्होंने इस मौके को एक ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “बिल्कुल, मेरा मतलब है, लेकिन यह बात मुझे हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला टेस्ट मैच है। फिर भी, हम बहुत भाग्यशाली हैं और मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो इसमें शामिल हैं। यह एक शानदार मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा कि लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलना किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है और उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही ड्रेसिंग रूम में इस मैच के बारे में बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा, “किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलने की तो बात ही अलग है। मुझे यकीन है कि जो भी खिलाड़ी सफ़ेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेगा, उसे इस बात पर गर्व होगा। हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही बात कही है कि हमने पारंपरिक रूप से टेस्ट मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच की बात कर रहे थे, अब वह समय आ गया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे इसे लेकर उत्साहित होंगे।”

भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने पिछला चार दिन का मैच चार महीने पहले खेला था – वाका में पिंक-बॉल टेस्ट, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, उन्होंने 2025 में कोई टेस्ट नहीं खेला था; उनका पिछला टेस्ट 2024 में था, जब उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लैंड ने भी हाल के समय में बहुत कम रेड-बॉल क्रिकेट खेला है; उनका पिछला टेस्ट जनवरी 2025 में था, जब उन्हें एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पारी से हार का सामना करना पड़ा था।

कंडोम बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों को लगे पंख, एक महीने में 43% चढ़ा

क्यूपिड के शेयरों में 9 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। 8 जुलाई को भी इस शेयर में अच्छी तेजी दिखी थी। इससे यह 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गया था। लेकिन, हाई प्राइस पर प्रॉफिट बुकिंग की वजह से यह शेयर करीब 12 फीसदी गिर गया था। यह कंपनी पुरुष और महिलाओं के कंडोम सहित हेल्थकेयर और पर्सनल प्रोडक्ट्स बनाती है।

एक महीने में 43 फीसदी उछला शेयर 

Cupid का शेयर एक समय 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। 12 बजे यह शेयर 5.95 83 फीसदी चढ़कर 208.71 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में इस शेयर का प्रदर्शन जबर्दस्त रहा है। इसने निवेशकों को 859 फीसदी रिटर्न दिया है। एक महीने में यह शेयर करीब 43 फीसदी चढ़ा है। छह महीनों में यह शेयर 146 फीसदी चढ़ा है।

110 देशों में प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है कंपनी 

क्यूपिड मुंबई की कंपनी है। यह 110 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करती है। हाल में कंपनी ने जून तिमाही में अपने बिजनेस का अपडेट दिया है। उसने कहा है कि जून तिमाही में रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। इससे जून तिमाही कंपनी के बिजनेस के लिहाज से अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हो सकती है।

एक साल में निवेशकों का पैसा 9 गुना

बीते एक साल में कंपनी के शेयरों के रिटर्न ने निवेशकों को मालामाल किया है। 9 जुलाई, 2025 को कंपनी का शेयर 21.62 रुपये पर था। 9 जुलाई, 2026 को इस शेयर का प्राइस 208 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह एक साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 9 गुना कर दिया है। इस शेयर का प्रदर्शन ऐसा तब है जब बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न काफी कम रहा है।

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शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी

9 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी दिखी। सुबह में निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। फिर अच्छी खरीदारी से दोनों सूचकांक 0.75 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। 12:15 बजे निफ्टी 0.76 फीसदी यानी 180 अंक चढ़कर 24,059 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.75 फीसदी यानी 576 अंक के उछाल के साथ 77,074 पर था। बैंक निफ्टी में 0.93 फीसदी की तेजी आई। मिडकैप इंडेक्स में 1.71 फीसदी का उछाल था। 8 जुलाई को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। निफ्टी और सेंसेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसले थे।

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Saif Ali Khan: टाइम टू वेकअप…, ‘धुरंधर’ के बाद बॉलीवुड में आए बदलाव को लेकर बोले सैफ अली खान

Saif Ali Khan: एक्टर सैफ अली खान भी उन फिल्मी हस्तियों की लंबी लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के रिलीज होने के बाद से भारतीय सिनेमा का नजरिया बदल गया है। एक नए इंटरव्यू में सैफ ने फिल्म के साउंडट्रैक और म्यूजिक के नए तरह के इस्तेमाल की तारीफ करते हुए इसे ‘क्रांतिकारी’ बताया।

‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के साथ एक इंटरव्यू में सैफ से पूछा गया कि क्या हाल-फिलहाल में स्क्रिप्ट चुनने के उनके तरीके में कोई बदलाव आया है। इस पर एक्टर ने कहा, “मैं ‘धुरंधर’ से पहले और उसके बाद के समय को अलग-अलग देखता हूं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम समय के साथ आगे बढ़ते हैं या नहीं, और जागते हैं या नहीं। हर फिल्म के लिए नया एल्बम बनाने के बजाय शानदार म्यूजिक बनाना और दुनिया भर से अलग-अलग तरह की चीजों को अपनाना – जिसमें अंग्रेज़ी भाषा से भी न डरना शामिल है – एक बहुत ही सही और साफ-सुथरा विचार लगता है।”

‘धुरंधर’ का म्यूजिक शाश्वत सचदेव ने तैयार किया था। उन्होंने न सिर्फ़ ‘शरारत’ और ‘गहरा हुआ’ जैसे ओरिजिनल गाने बनाए, बल्कि ‘इश्क जलाकर’, ‘लुट ले गया’ और ‘रन डाउन द सिटी – मोनिका’ जैसे नए गाने बनाने के लिए पुराने क्लासिक गानों को रीमिक्स भी किया। यही तरीका इसके सीक्वल ‘धुरंधर द रिवेंज’ में भी अपनाया गया, जिसमें ओरिजिनल म्यूजिक, रीक्रिएशन और रीमिक्स का मिक्स था। दोनों फिल्मों के साउंडट्रैक की काफी तारीफ हुई और वे स्ट्रीमिंग चार्ट्स में टॉप पर रहे।

रीमिक्स और संगीत की तारीफ करते हुए, सैफ ने खास तौर पर ‘शरारत’ गाने का जिक्र किया, जो फिल्म का एक डांस नंबर है और जिसमें आयशा खान और क्रिस्टल डिसूजा नजर आती हैं। एक्टर ने कहा, “सोचिए अगर यह चीज इतनी क्रांतिकारी हो कि किसी खूबसूरत लीडिंग एक्ट्रेस को सिर्फ ‘आइटम’ नंबर के लिए हायर करने का तरीका ही बदल दे। अगर आप इसे सिर्फ एक गाने की तरह देखें और इन दोनों लड़कियों को वैसे ही परफॉर्म करते हुए देखें जैसे किसी शादी में होता है, तो यह बिल्कुल भी अजीब नहीं लगता।” ‘शरारत’ गाना रणवीर सिंह के किरदार, हमजा की शादी के सीन में है, जिसमें ये दोनों एक्ट्रेस डांसर के तौर पर नजर आती हैं। उनके डांस के बीच-बीच में कहानी के दूसरे सीन भी दिखाए गए हैं।

दिसंबर 2025 और मार्च 2026 में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ फिल्मों की दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रहीं और उन्होंने कुल मिलाकर ₹3100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। ‘धुरंधर 2’ अब तक की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है। रणवीर के अलावा, आदित्य धर की इन फिल्मों में अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, राकेश बेदी और सारा अर्जुन भी शामिल थे।

सैफ अली खान हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘कर्तव्य’ में नजर आए थे। इस क्राइम थ्रिलर में उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई। अब वह पीरियड ड्रामा ‘हम हिंदुस्तानी’ और प्रियदर्शन की फिल्म ‘हैवान’ में नजर आएंगे। ‘हैवान’ के जरिए वह लगभग दो दशक बाद अक्षय कुमार के साथ फिर से काम करेंगे।

Kalyan Jewellers share: कल्याण ज्वेलर्स का शेयर बना रॉकेट, यहां से 74% चढ़ सकता है

Kalyan Jewellers share: कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 9 जुलाई को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गया। 11:10 बजे यह शेयर 15 फीसदी के उछाल के साथ 430.25 रुपये पर चल रहा था। 8 जुलाई को भी इस शेयर में बड़ी तेजी आई थी। कंपनी ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट रिलीज किया। इसके बाद इसके शेयरों में तेजी दिखी। एक हफ्ते में यह शेयर करीब 12 फीसदी चढ़ चुका है।

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने इस शेयर पर ‘बाय’ की अपनी राय बनाए रखी है। उसने Kalyan Jewellers के शेयरों के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 74 फीसदी चढ़ सकता है। सिटी ने कहा है कि कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही है। हालांकि, यह उसके 43 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान से थोड़ा कम है।

जून तिमाही में कल्याण ज्वेलर्स के बेहतर प्रदर्शन में सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSGG) का बड़ा हाथ है। जून तमाही में यह 28 फीसदी रही। जून तिमाही में कंपनी ने 12 नए कल्याण स्टोर्स भी ओपन किए। इससे भी रेवेन्यू को सपोर्ट मिला। सिटी के मुताबिक, कल्याण के मैनेजमेंट ने अधिक मास के बावजूद प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने के संकेत दिए हैं। कंपनी की कुल सेल्स में पुराने गोल्ड एक्सचेंज की हिस्सेदारी जून तिमाही में 55 फीसदी से ज्यादा रही।

कल्याण ज्वेलर्स के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। जून तिमाही में इस बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ 35 फीसदी रही। मिडिल ईस्ट ऑपरेशंस में साल दर साल आधार पर 30 फीसदी इजाफा देखने को मिला। हालांकि, मैनेजमेंट ने यह कहा है कि मध्यपूर्व में उसके स्टोर्स में आने वाले ग्राहकों की संख्या पर अप्रैल में जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर पड़ा। कंपनी का ज्वेलरी ब्रांड Candere का प्रदर्शन लगातार अच्छा बना हुआ है। साल दर साल आधार पर इस ब्रांड का रेवेन्यू दोगुना से ज्यादा हो गया है।

जून तिमाही में कल्याण ज्वेलर्स ने 12 कल्याण स्टोर्स और 5 Candere स्टोर्स ओपन किए। इससे कंपनी का टोटल रिटेल नेटवर्क बढ़कर 524 आउटलेट्स तक पहुंच गया है। इसमें भारत में 354 कल्याण स्टोर्स, मिडिल ईस्ट में 38, अमेरिका में 2, यूनाइटेड किंग्डम में 1 और 129 Candere के आउटलेट्स हैं। कल्याण ज्वेलर्स को कवर करने वाले सभी 8 ब्रोकरेज फर्मों ने इसे खरीदने की सलाह दी है। इन ब्रोकरेज फर्मों की आम राय के मुताबिक यह शेयर मौजूदा प्राइस से करीब 85 फीसदी चढ़ सकता है।