वीरांगना रानी अवंतीबाई ने देश की रक्षा व आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर किया : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi said that brave queen Avantibai sacrificed her all for defense and freedom of country

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का किया अनावरण

– मुख्यमंत्री ने कहा- 'जब अच्छे नेता चुने जाते हैं, तब महापुरुषों को मिलता है सम्मान

– योगी ने कहा- 'वीरों-वीरांगनाओं के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है यह सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : वीरांगना रानी अवंती बाई ने भारत की आन-बान-शान की रक्षा और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान और त्याग आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा जिले के कालू कुआं चौराहे पर वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए अपने संबोधन में यह कहा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए गौरव का विषय है। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के वीरों-वीरांगनाओं और राष्ट्र नायकों को बांदा के महत्वपूर्ण स्थलों पर सम्मान देकर वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए एक नया आदर्श प्रस्तुत किया है।

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गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लगभग तीन वर्ष पहले भी उन्हें बांदा में दो महत्वपूर्ण प्रतिमाओं के अनावरण का अवसर मिला था। आज वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमा के अनावरण से यह गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बांदा का सिटी डेवलपमेंट प्लान, विकसित होती सड़कें और अन्य विकास कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाबद्ध विकास किस प्रकार किसी शहर की पहचान बदल सकता है।

 

मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया बलिदान

मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पूरे देश में आजादी की प्रबल इच्छा थी। बैरकपुर में मंगल पांडे ने क्रांति की चिंगारी जलाई, मेरठ में धन सिंह गुर्जर ने उसका नेतृत्व किया, कानपुर के बिठूर में तात्या टोपे ने उसे आगे बढ़ाया और झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई ने वीरता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी महान परंपरा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी ने भी राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि मानते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका साहस, संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्थापना से जुड़े सभी लोगों का अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में राष्ट्रनायकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करते हैं।

 

वीरांगना अवंती बाई को किया नमन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कि जब अच्छे नेता चुने जाते हैं, तो महापुरुषों को ऐसे ही सम्मान मिलता है। यह सम्मान उन नायकों-नायिकाओं और वीरों-वीरांगनाओं के प्रति कृतज्ञता है, जिनके लिए राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि था और उसके लिए बलिदान दिया। इसी परम्परा में वीरांगना अवंती बाई लोधी का नाम भी आता है। मुख्यमंत्री

 ने उनकी स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र सम्मान अर्पित किया।

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इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, पीडब्ल्यूडी के राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह, बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत समेत अन्य भाजपा नेता व गणमान्य उपस्थित रहे।

चोटिल प्रतिका रावल की जगह लॉर्ड्स टेस्ट के लिए शामिल हुई यह खिलाड़ी

ENGvsIND लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ ऐतिहासिक वन-ऑफ़ टेस्ट से पहले भारत को एक झटका लगा है क्योंकि प्रतिका रावल इस मैच से बाहर हो गई हैं। दूसरे वनडे मैच के दौरान रावल के घुटने पर कट लग गया था और इस वजह से वह सीरीज़ के आखिरी मैच में भी नहीं खेल पाई थीं।इंग्लैंड में इंडिया ए टीम का हिस्सा रहीं प्रिया पुनिया को रावल की जगह टीम में शामिल किया गया है।

हेड कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की, “प्रतिका रावल ‘A’ सीरीज़ के दौरान लगी चोट के कारण टेस्ट मैच से बाहर हो गई हैं। उनके घुटने पर कट लग गया था जिसके लिए कुछ टांके लगाने पड़े। वह टेस्ट मैच से बाहर हैं और प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है।”

जहां रावल ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ वाका में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, वहीं पुनिया ने अभी तक टेस्ट लेवल पर डेब्यू नहीं किया है। हालांकि, ‘A’ सीरीज़ में इंग्लैंड के खिलाफ़ लगातार दो हाफ़-सेंचुरी लगाने के बाद वह इस मैच के लिए अच्छी फ़ॉर्म में हैं।25 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह चोट एक और झटका है; इससे पहले पिछले साल चोट के कारण वह वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में नहीं खेल पाई थीं। वह डब्ल्यूपीएल में भी नहीं खेली थीं और ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैचों के ज़रिए वापसी की थी।

पुनिया को हाल ही में इंडिया ए सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में वापस बुलाया गया है, जहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। अगर उन्हें चुना जाता है, तो यह अनुभवी बल्लेबाज़ लॉर्ड्स में अपना टेस्ट डेब्यू कर सकती हैं। भारत की जिन खिलाड़ियों का टेस्ट डेब्यू हो सकता है, उनमें हरलीन देओल, अच्छी फ़ॉर्म में चल रही स्पिनर श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ नंदिनी शर्मा शामिल हैं।

दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम में पांच ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है; इनमें एलिस कैपसी, टिली कॉर्टीन-कोलमैन, मैडी विलियर्स, ग्रेस पॉट्स और एली थ्रेलकेल शामिल हैं।टैमी ब्यूमोंट का विदाई मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट ने भारत के खिलाफ़ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं।

वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

SBI Funds Management की नजरें म्चूअल फंड्स की पहुंच बढ़ाने पर, कंपनी ने बताया फ्यूचर प्लान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई को आ रहा है। यह देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) है। इंडिया में म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी का बड़ा प्लान है। इसे पेरेंट कंपनी और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का सपोर्ट हासिल है। मनीकंट्रोल ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के फ्यूचर प्लान के बारे में जानने के लिए इसके एमडी एवं सीईओ देबाशीष मिश्रा, ज्वाइंट सीईओ डीपी सिंह और डिप्टी सीईओ डेनिस डी कैम्पिग्नेल्स से बातचीत की।

रिटेल बेस बढ़ाने पर कंपनी का फोकस

देबाशीष मिश्रा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता रिटेल इनवेस्टर्स का बेस बढ़ाना है। लोगों तक पहुंच के मामले में भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अभी शुरुआती अवस्था में है। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करीब 53 करोड़ कस्टमर्स हैं। लेकिन, म्यूचुअल फंड्स के यूनिक इनवेस्टर्स की संख्या सिर्फ करीब 55 लाख है। यह कस्टमर बेस का 1 फीसदी से थोड़ा ही ज्यादा है। अगले दो से तीन सालों में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ाना और लोगों तक पहुंच का विस्तार करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी।

पीएमएस, एआईएफ और SIF पर भी कंपनी की नजरें

उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड बिजनेस के अलावा कंपनी पीएमएस, एआईएफ, SIF और गिफ्ट सिटी में अपनी मौजूदी बढ़ा रही है। अमुंडी के सपोर्ट से हमारा इंटरनेशनल बिजनेस करीब 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। हम इसे अगले दो से तीन सालों में दोगुना करना चाहते हैं। हर ग्रोथ सेगमेंट में हमारी कोशिश स्ट्रॉन्ग रिसोर्सेज, स्ट्रेटेजी और पार्टनरशिप के जरिए लीडरशिप बनाने की है। हमारा प्लान हर जगह से इनवेस्टमेंट लेने का है।

एसबीआई के डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का मिलेगा फायदा

डीपी सिंह ने कहा कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को सबसे ज्यादा फायदा एसबीआई के डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का है। उन्होंने कहा कि हमारी मंथली सिप बुक करीब 4,000 करोड़ रुपये की है। इसमें से करीब 1300 करोड़ रुपये यानी करीब एक-तिहाई एसबीआई नेटवर्क के जरिए आता है। हमारे इंटरमीडियरी बिजनेस की भी करीब इतनी ही हिस्सेदारी है। एसबीआई का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क हमारी सबसे ब़ड़ी ताकत है। एसबीआई के 53 करोड़ कस्टमर बेस को देखते हुए हमें उम्मीद है कि हमारे लिए सिप बुक दोगुना करने की काफी गुंजाइश है।

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सेविंग्स इकोनॉमी से इनवेस्टमेंट इकोनॉमी बन रहा भारत

डेनिस डी कैम्पिग्नेल्स ने कहा कि दुनिया के कई देशों में बैंकिंग और म्यूचुअल फंड एक दूसरे के साथ चलते हैं। भारत में हमारे लिए मौके और भी ज्यादा हैं, क्योंकि देश अब सेविंग्स इकोनॉमी से इननवेस्टमेंट इकोनॉमी के रूप में बदल रहा है। SIP से लोगों में निवेश में अनुशासन की आदत बनी है। लोग छोटी अवधि के निवेश की जगह लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं। भविष्य में इंडस्ट्री की ग्रोथ म्यूचुअल फंड्स से आगे निकल रिटायरमेंट सॉल्यूशंस, अल्टरनेटिव्स और वेल्थ मैनेजमेंट तक जाएगी।

Once a Week Insulin Explained: साल में सिर्फ 52 इंजेक्शन, भारत में लॉन्च हुए पहले वन्स-वीकली इंसुलिन की कीमत समेत 5 बड़े फैक्ट्स जानिए

Once a Week Insulin news: भारत में डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। जहां डायबिटीज पीड़ितों के दिन की शुरुआत सुई के दर्द के साथ होती है और उन्हें साल में कम से कम 365 इंसुलिन इंजेक्शन लेने पड़ते हैं, वहीं अब इस संख्या में भारी कमी आने वाली है। डेनमार्क की दवा निर्माता कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) ने भारत में दुनिया का पहला वन्स-वीकली बेसल इंसुलिन (हफ्ते में एक बार लगने वाला इंसुलिन) लॉन्च कर दिया है। हमारे सहयोगी न्यूज18 की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने गुरुवार को भारत में अवीकली (Awiqli) नाम से इस इंसुलिन को लॉन्च किया है। इस दवा के 10 जुलाई से फार्मेसियों पर उपलब्ध होने की संभावना है। नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रांत श्रोत्रिय ने इसे कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया है।

आइए जानते हैं भारत में लॉन्च हुए इस पहले वन्स-वीकली इंसुलिन से जुड़े 5 बड़े फैक्ट्स, इसकी कीमत, काम करने का तरीका और फायदे या नुकसान।

1- कीमत और उपलब्धता: सबसे बड़ा फैक्ट

कितनी है कीमत?: कंपनी ने अवीकली को 2611 रुपये में 700 यूनिट के साथ लॉन्च किया है। यह एक डिस्पोजेबल फ्लेक्सटच पेन के रूप में आता है। इसकी प्रति यूनिट लागत लगभग 3.70 रुपये बैठती है। भारत जैसे कीमत के प्रति संवेदनशील बाजार के लिए कंपनी ने इसे बेहद किफायती रखने का प्रयास किया है। विक्रांत श्रोत्रिय के मुताबिक यह आधुनिक सेकेंड-जनरेशन इंसुलिन की तुलना में औसतन 25 से 35 प्रतिशत तक सस्ता है।

2- साल में 365 के बजाय सिर्फ 52 इंजेक्शन

रोजाना इंसुलिन लेने वाले मरीजों को साल में 365 इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। हफ्ते में सिर्फ एक बार लिए जाने वाले अवीकली से मरीजों को साल में सिर्फ 52 इंजेक्शन ही लेने होंगे। इससे मरीजों को रोज-रोज के दर्द और झंझट से बड़ी मुक्ति मिलेगी।

3- यह शरीर के भीतर कैसे काम करता है? (इसके पीछे का विज्ञान)

इस इंसुलिन का विज्ञान 1950 के दशक की खोजों से जुड़ा है। नोवो नॉर्डिस्क ने इंसुलिन चेन पर तीन अमीनो एसिड की पोजीशन में बदलाव किया है और इसके एक छोर पर फैटी एसिड जोड़ा है। इन बदलावों के कारण शरीर में दवा का प्रभाव 190 घंटे से अधिक समय तक बढ़ जाता है। यह संशोधित मॉलिक्यूल रक्त में मौजूद एल्ब्यूमिन (Albumin) प्रोटीन के साथ प्रतिवर्ती रूप से जुड़ जाता है और घंटों के बजाय कई दिनों तक धीरे-धीरे शरीर में रिलीज होता है। यही वजह है कि एक सिंगल इंजेक्शन पूरे हफ्ते का कवरेज दे देता है। कंपनी के मुताबिक इसके क्लिनिकल प्रोग्राम के छह फेज-3a ट्रायल्स में 4000 से अधिक वैश्विक मरीजों (भारतीयों सहित) पर अध्ययन किया गया। इसमें इसने प्रतिदिन दिए जाने वाले ग्लार्गिन यू100 की तुलना में बेहतर HbA1c नियंत्रण और टाइम इन रेंज का प्रदर्शन किया।

4- किसे करना चाहिए स्विच और क्या हैं इसके फायदे व साइड इफेक्ट्स?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह दवा मुख्य रूप से टाइप 2 डायबिटीज के उन वयस्क मरीजों के लिए है जिनका ब्लड शुगर ओरल दवाओं से कंट्रोस नहीं हो रहा है। फोर्टिस सी-डॉक अस्पताल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन डॉ अनूप मिश्रा के मुताबिक यह इंसुलिन रोजाना के इंजेक्शन के बोझ को कम करेगा और मरीजों में इलाज के प्रति निरंतरता को सुधारेगा। मैक्स हॉस्पिटल्स के ग्रुप चेयरमैन (एंडोक्रिनोलॉजी एंड डायबिटीज) डॉ अमरीश मित्तल ने कहा कि 24 घंटे वाले इंसुलिन की तुलना में 7 दिन में एक बार बड़ी खुराक देना एक महत्वपूर्ण प्रगति है। इससे उन मरीजों को इंसुलिन थेरेपी शुरू करने के लिए मनाना आसान हो जाएगा जो रोज सुई लगाने के डर से मना कर देते हैं।

चुनौतियां और साइड इफेक्ट्स

डोज एडजस्टमेंट में दिक्कत: डॉ. मित्तल के मुताबिक दैनिक इंसुलिन की तरह इसमें डोज को रोजाना माइक्रो-एडजस्ट नहीं किया जा सकता। अगर मरीज का ब्लड शुगर अचानक बहुत कम हो जाता है तो वह स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है क्योंकि एक बार शरीर में जाने के बाद इस इंसुलिन को रोका नहीं जा सकता। हालांकि इसका जोखिम मौजूदा इंसुलिन जितना ही है। अगर हफ्ते की कोई खुराक छूट जाती है तो उसे प्रबंधित करना अधिक जटिल होता है और उसे तुरंत ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए डॉक्टरों और मरीजों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होगी।

5- भारत में इंसुलिन से हिचकिचाहट और डायबिटीज के डरावने आंकड़े

भारत में इंसुलिन थेरेपी की उपलब्धता के बावजूद लोग जल्दी इंसुलिन लेना स्वीकार नहीं करते। अध्ययन बताते हैं कि 93 प्रतिशत मरीज इंसुलिन इंजेक्शन नहीं लेना चाहते और डॉक्टर भी हिचकिचाते हैं। लोग जरूरत से 8 या 9 साल की देरी से इंसुलिन शुरू करते हैं। तब तक स्वाभाविक रूप से इंसुलिन बनाने वाली शरीर की करीब आधी बीटा कोशिकाएं हमेशा के लिए खत्म हो चुकी होती हैं।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 20.9% पुरुषों और 17.8% महिलाओं में हाई ब्लड शुगर है या वे इसकी दवा ले रहे हैं। ये आंकड़ा जो NFHS-5 में क्रमशः 15.6% और 13.5% था। भारत में इस समय 10.1 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और 13.6 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज की श्रेणी में हैं।

नोवो नॉर्डिस्क के दूसरे अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

इंसुलिन के अलावा नोवो नॉर्डिस्क भारत में कई दूसरी दवाएं लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने भारत में वजन घटाने वाली वेगोवी पिलृ (Wegovy pill) जो कि एक ओरल GLP-1 फॉर्मूलेशन है, की मंजूरी के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा मोटापे और हृदय जोखिम के लिए ‘कैग्रिलिनटाइड-सेमाग्लूटाइड’, ग्रोथ हार्मोन की कमी के लिए वन्स-वीकली थेरेपी और ‘सिकल सेल डिजीज’ के इलाज पर भी काम चल रहा है। भारत में सेमाग्लूटाइड (पेटेंट खत्म होने) के जेनेरिक कंपीटिशन के बावजूद कंपनी का इन-हाउस सप्लाई चेन मजबूत होने के कारण डॉक्टर और मरीज इस पर भरोसा जता रहे हैं।

₹7 महीने की फीस वाले स्कूल से Paris Fashion Week तक | Rahul Mishra Success Story

₹7 महीने की फीस वाले स्कूल से पढ़ाई करने वाले राहुल मिश्रा ने Paris Haute Couture Week में भारतीय शिल्पकला को दुनिया के सबसे बड़े फैशन रैंप तक पहुंचाया। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से निकले राहुल मिश्रा ने भारतीय कारीगरों की कला को वैश्विक पहचान दिलाई।
और साबित किया सपनों की कीमत पैसों से नहीं हौसलों से तय होती है।

Devi The Eternal Muse, Indian fashion designer Rahul Mishra, Indian craftsmanship on Paris runway

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एक दिन देर से ही सही पूरे देश में छा तो गया मानसून पर बारिश के ये 3 आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले, IMD का बिग अपडेट

Monsoon Rain Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को एक बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसके मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे देश को कवर कर लिया है। पूरे देश में मानसून के छाने में सामान्य तिथि (8 जुलाई) के मुकाबले इस बार महज एक दिन की देरी हुई है। भले ही मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए बारिश के तीन आंकड़े देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश में इस समय कुल मिलाकर बारिश की कमी बनी हुई है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो स्थितियों का उभरना इसके पीछे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। अल नीनो की स्थिति भारत में कम बारिश की वजह बनती है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वे 3 आंकड़े जो चिंता बढ़ा रहे हैं:

चिंता बढ़ाने वाले बारिश के 3 बड़े आंकड़े

IMD के डेटा के मुताबिक मानसूनी सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के आंकड़ों में गंभीर गिरावट दर्ज की गई है। इसे नीचे बिंदुवार समझा जा सकता है-

1- जून महीने में 40% की भारी कमी

भारत में इस साल जून के महीने में करीब 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। इसमें सबसे बुरी मार मध्य भारत पर पड़ी। यहां जून में 50.4 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। इतना ही नहीं देश में इस साल जून के दौरान साल 1901 के बाद से अब तक की पांचवीं सबसे कम (99.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।

2- ओवरऑल सीजनल डेफिसिट अभी भी 14% पर

भले ही जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश दिख रही है लेकिन IMD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 9 जुलाई की अवधि के लिए देश में कुल मिलाकर बारिश की कमी अभी भी 14 प्रतिशत पर बनी हुई है।

3- जुलाई महीने का सूखा अनुमान (94% LPA)

मौसम विभाग ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया था कि जुलाई के पहले 7 से 10 दिनों में देश भर में बारिश होगी (जो वर्तमान में दिख भी रही है) लेकिन इसके साथ ही विभाग ने आगाह किया है कि पूरा जुलाई महीना सामान्य से अधिक सूखा रहेगा। जुलाई में देश भर में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

क्या होता है LPA?

एलपीए (Long-Period Average) का मतलब किसी दिए गए समय (जैसे एक महीना या सीजन) के दौरान किसी विशेष क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश के उस औसत से होता है जो आम तौर पर 30 से 50 वर्षों की एक लंबी अवधि का निकाला जाता है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मौसमी बारिश का एलपीए (LPA) 87 सेमी है।

जुलाई के शुरुआती 9 दिनों में रहा बड़ा सरप्लस

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगर सिर्फ जुलाई महीने के शुरुआती आंकड़ों को देखें तो भारत ने अब तक बारिश का एक बड़ा सरप्लस (अधिकता) देखा है। जहां जुलाई के पहले 9 दिनों में सामान्य बारिश का आंकड़ा 73.8 मिमी होता है, वहीं देश में इस अवधि में अब तक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

इस साल सामान्य से कम रह सकती है कुल मानसूनी बारिश

केरल में इस साल मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई थी जिसने देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) की शुरुआत की थी। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून को दस्तक देता है। मौसम विभाग के कुल पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल पूरे मानसून सीजन में होने वाली कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) की सिर्फ 90 प्रतिशत होने की संभावना है। इसमें 4 प्रतिशत का मॉडल एरर शामिल है। अल नीनो की स्थिति के चलते इस कमी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

TCS Hiring: टीसीएस ने 9279 नई हायरिंग की, कर्मचारियों की संख्या 5.93 लाख के पार

TCS Hiring: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की शुद्ध भर्ती की है। इसके साथ ही 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

यह पिछले एक साल से ज्यादा समय में TCS की सबसे बड़ी तिमाही भर्ती है। इससे पहले जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी ने 2,356 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की थी।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन के तहत कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी। अब ताजा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी फिर से भर्ती बढ़ा रही है।

कारोबार सुस्त, फिर भी भर्ती जारी

डॉलर के लिहाज से कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ लगभग स्थिर रही। इसके बावजूद TCS ने टैलेंट में निवेश जारी रखा। जून तिमाही के अंत तक कंपनी के पास 9.5 अरब डॉलर का ऑर्डर बुक (TCV) था। वहीं, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एट्रिशन में मामूली सुधार

आईटी सर्विसेज में पिछले 12 महीनों का एट्रिशन रेट 13.6% रहा, जो पिछली तिमाही के 13.7% से थोड़ा कम है।

तिमाही के दौरान कर्मचारियों ने 1.46 करोड़ लर्निंग आवर्स पूरे किए और 13 लाख नई स्किल्स (Competencies) हासिल कीं। कंपनी ने बताया कि अब 3.12 लाख से ज्यादा कर्मचारी AI और मशीन लर्निंग में बेहतर एफिशिएंसी हासिल कर चुके हैं।

HR प्रमुख ने क्या कहा?

TCS के चीफ HR ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल ने कहा कि इस तिमाही में कंपनी ने दुनियाभर के कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि लागू की है। साथ ही भारत के नए लेबर कोड के अनुरूप सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म में लगातार निवेश कर रही है, ताकि कर्मचारी भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार रहें।

तिमाही नतीजे भी आए

TCS ने पहली तिमाही में 13,349 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। वहीं, 72,275 करोड़ रुपये का रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Bank Holiday: 11 जुलाई को देशभर में बंद रहेंगे बैंक, फटाफट निपटा लें अपना काम; ये रही इस महीने की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays July 2026 Full List: अगर आपको इस हफ्ते या जुलाई के महीने में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। आगामी 11 जुलाई को देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे क्योंकि इस दिन महीने का दूसरा शनिवार है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक, भारत में सभी पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं।

चूंकि बैंकों में लगातार छुट्टियां रहने से आपके कामकाज प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले छुट्टियों की पूरी लिस्ट जरूर चेक कर लें। आइए आपको बताते हैं कि जुलाई 2026 में कब-कब बैंक बंद रहने वाले हैं।

जुलाई 2026 में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

जुलाई के महीने में दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार के अलावा कुछ क्षेत्रीय त्योहारों के कारण भी अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यहां इस महीने की मुख्य छुट्टियों की सूची दी गई है:

  • 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार, देशभर के सभी बैंकों में अवकाश।
  • 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।
  • 17 जुलाई (शुक्रवार): मुहर्रम, कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहेगी।
  • 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।
  • 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार, देशभर के सभी बैंकों में अवकाश।
  • 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश, देशभर के सभी बैंक बंद।

नोट: विभिन्न राज्यों में स्थानीय त्योहारों और संस्कृति के हिसाब से आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट में थोड़े बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने स्थानीय बैंक की शाखा से भी इसकी पुष्टि कर सकते हैं।

बैंक बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही इन तारीखों पर बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के 24 घंटे चालू रहेंगी। आप घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग, UPI और बाहर में एटीएम से अपने बैंकिंग काम निपटा सकते हैं।

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Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा मई महीने में की गई थी और रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे।

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1970 में हुई थी। कंपनी के 800 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड कास्टिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है। इसकी वैश्विक स्तर पर भी अच्छी-खासी मौजूदगी है। यह इंजीनियरिंग जरूरतों के लिए एक ही जगह पर सभी समाधान उपलब्ध कराती है, जैसे कि कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन, मशीनिंग, असेंबली और इक्विपमेंट बनाना। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का शेयर 9 जुलाई को बीएसई पर 518.75 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 425 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Simplex Castings का शेयर 2 साल में लगभग 150 प्रतिशत मजबूत

शेयर की कीमत एक साल में 33 प्रतिशत और 2 साल में 146 प्रतिशत उछली है। 3 साल में यह 980 प्रतिशत और 5 साल में लगभग 1200 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 623.50 रुपये और एडजस्टेड लो 356.60 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में Simplex Castings का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 54.76 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6.18 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 202.90 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 21.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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ये स्टॉक भी होने वाले हैं स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड और केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक भी स्प्लिट होने जा रहा है। मंगलम वर्ल्डवाइड का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

वहीं इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट रहा है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।