ITR Filing 2026: फॉर्म चुनने में की ये चूक तो टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस, फाइलिंग से पहले देख लें ये 10 नियम

ITR-1 vs ITR-2: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन आते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे ITR-1 (सहज फॉर्म) चुन लेते हैं। माना कि यह सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में सरल है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने सालभर में शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 भरने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म चुनना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग आपको ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ का नोटिस भेज सकता है। आइए जानते हैं वे 10 मामले, जिनमें आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इन 10 मामलों में ITR-1 फॉर्म भरना है मना, चुनना होगा ITR-2 या ITR-3

1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल से पहले बेचा है और उस पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इसके लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)

अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर आपको धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता बंद हो जाता है।

3. जमीन, मकान या सोना बेचना

अगर आपने कोई प्रॉपर्टी (जमीन या बिल्डिंग), ज्वेलरी या डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कमाई को ‘कैपिटल गेन्स शेड्यूल’ में दिखाना होता है, जो ITR-1 में उपलब्ध नहीं होता। इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आमदनी

अगर आपकी फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी तरह के प्रोफेशन या खुद के बिजनेस से कोई कमाई होती है, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में ITR-3 भरना पड़ता है। जब तक कि आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन के तहत ITR-4 के योग्य न हों।

5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को बिजनेस इनकम माना जाता है। इसे भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।

सैलरी के अलावा इन स्थितियों में भी बदल जाएगा फॉर्म

6. अनलिस्टेड शेयरों में निवेश

अगर आपने किसी ऐसी कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे साल में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते।

7. किसी कंपनी में डायरेक्टर होना

अगर आप किसी भी छोटी या बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म भरना होगा।

8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता

अगर आपके पास भारत के बाहर कोई प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स जैसे- अमेरिकी स्टॉक हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में विस्तृत ‘Schedule FA’ भरना होगा।

9. विदेश से होने वाली कोई भी कमाई

यदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज या किराए के रूप में कोई आमदनी हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ Schedule FSI और Schedule TR भरना पड़ता है।

10. ₹50 लाख से ज्यादा की कमाई या पुराना घाटा

अगर आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम ₹50 लाख से अधिक है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना नुकसान है जिसे आप इस साल एडजस्ट करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से कमाई हुई है, तो भी ITR-1 मान्य नहीं होगा।

एक्सपर्ट की सलाह: गलत फॉर्म चुनने पर क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म चुनना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप गलती से गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव यानी दोषपूर्ण माना जाएगा, जिससे रिफंड आने में देरी होगी और आपको दोबारा ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइलिंग से पहले अपने सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा जरूर कर लें।

8th Pay Commission से रेलवे इंजीनियरों ने सैलरी रिवीजन के साथ कर दी ये बड़ी डिमांड, जानें क्या-क्या बदलेगा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

श्रेयस पर भारी ब्रूक की पारी, इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेटों से रौंदा

ENGvsIND गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद फिल साल्ट (नाबाद 59) और कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 79) के बेहतरीन अर्धशतकों से इंग्लैंड ने भारत को चौथे टी 20 में गुरूवार को नौ विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की मदद से सात विकेट पर 158 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया लेकिन इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर मुकाबला एकतरफा अंदाज में निपटा दिया।

150 से अधिक रनों के चेज़ में यह इंग्लैंड के द्वारा सबसे तेज़ रन चेज़ है। सीरीज़ भी भारतीय टीम हार चुकी है। कप्तान श्रेयस का अपनी पहली जीत का इंतज़ार जारी रहेगा। 2018-19 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम लगातार दो टी 20 सीरीज़ हारी है। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम जब बल्लेबाज़ी कर रही थी तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट और बैक ऑफ़ लेंथ गेंदों से बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशान किया।

साथ ही स्पिनरों ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की। ऐसा लगा कि पिच काफ़ी धीमी है। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ पिच और परिस्थितियों के अनुरूप अच्छी गेंदबाज़ी करने में सफल नहीं हुए। साथ ही सॉल्ट और ब्रूक ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह तारीफ़ योग्य है। साल्ट ने 42 गेंदों की पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रूक ने 35 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाए।

इससे पूर्व टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और उसने 48 रन तक जाते-जाते अपने शीर्ष तीन बल्लेबाज गंवा दिए। वैभव सूर्यवंशी 15, ईशान किशन चार और अभिषेक शर्मा 16 रन बनाकर आउट हुए , लेकिन अय्यर ने इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी से खेलते हुए 49 गेंदों में चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि भारत निश्चित रूप से अच्छे स्कोर से काफी पीछे रहा।

2025 से इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रहा है और यह कहना सही होगा कि भारत का स्कोर उम्मीद से कम रहा। मेज़बान टीम की ओर से एक और शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन देखने को मिला। पावरप्ले में ‘हार्ड लेंथ’ वाली गेंदों ने कमाल किया; जोफ्रा आर्चर ने एक बार फिर वैभव को आउट किया और ईशान किशन, जोश टंग का शिकार बने।

आदिल राशिद ने अपने पहले ही ओवर में अभिषेक को आउट कर दिया। भारत के टॉप तीन बल्लेबाज़ – जो सभी बाएं हाथ के थे – ‘क्रॉस-द-लाइन’ शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे (22) ने पचास रनों की साझेदारी की, लेकिन उनके स्कोरिंग रेट से इंग्लैंड को ज़्यादा परेशानी नहीं हुई। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए। वाशिंगटन सुन्दर पांच और अक्षर पटेल एक रन बनाकर पवेलियन लौटे।

कप्तान श्रेयस ने 18वें ओवर में आदिल राशिद की गेंदों पर 6, 4 और 6 रन जड़कर उन पर दबाव बनाया। लेकिन आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड का प्रदर्शन फिर से बेहतरीन रहा – कोई बाउंड्री नहीं, 8 रन और 2 विकेट – क्योंकि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलावों का बखूबी इस्तेमाल किया।

Silver Price Today: आज चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर! खरीदारी से पहले जानें 10 जुलाई का रेट

Silver Price Today: देशभर में आज 10 जुलाई 2026 को चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब ₹234.90 से ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,34,900 से ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों में आई गिरावट के बाद आज बाजार में कीमतें लगभग स्थिर रहीं। स्पॉट चांदी 0.8% बढ़कर $60.46 प्रति औंस हो गई है।

रिकवरी के बावजूद, मेटल हफ्ते में गिरावट के रास्ते पर बना रहा क्योंकि निवेशक बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों के असर का अंदाजा लगाते रहे। चांदी खरीदने से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर या बुलियन डीलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

आज के राष्ट्रीय चांदी के रेट

1 ग्राम: ₹234.90–₹235

10 ग्राम: ₹2,349–₹2,350

100 ग्राम: ₹23,490–₹23,500

1 किलोग्राम: ₹2,34,900–₹2,35,000

बाजार का रुख

बुलियन बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में मुनाफावसूली (Profit Booking) और घरेलू बाजार में मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट आई थी। हालांकि, आज कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट के संकेत और एमसीएक्स (MCX) में होने वाली गतिविधियां आगे कीमतों की दिशा तय करेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग में बदलाव और भारतीय रुपये की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में हल्की नरमी देखने को मिली है। वहीं, वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से कीमतों को कुछ समर्थन मिला है। थोक बाजार और वायदा कारोबार (MCX) में चांदी की कीमतों पर निवेशकों की लगातार नजर बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

खरीदारों के लिए सलाह

अगर आप चांदी के आभूषण, सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार या अधिकृत ज्वेलर से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें। स्थानीय टैक्स, GST और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बात की आशंका भी बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, इसलिए सोने की ट्रेडिंग सावधानी के साथ हो रही है।

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हालांकि, इंटरनेशनल राजनीतिक तनाव आमतौर पर सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन एसेट्स) को बढ़ावा देते हैं। लेकिन सख्त मौद्रिक नीति और मजबूत अमेरिकी डॉलर की संभावनाओं ने सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखा है।

8th Pay Commission से रेलवे इंजीनियरों ने सैलरी रिवीजन के साथ कर दी ये बड़ी डिमांड, जानें क्या-क्या बदलेगा

8th Pay Commission Railway: 8वें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों ने अपनी मांगें रख दी हैं। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान रेलवे इंजीनियरों ने वेतन विसंगति, प्रमोशन और करियर ग्रोथ से जुड़ी अपनी कई पुरानी और बड़ी शिकायतें आयोग के सामने उठाई हैं।

‘ऑल इंडिया रेलवे इंजीनियर्स फेडरेशन’ (AIREF) और ‘ईस्ट कोस्ट रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन’ (ECoREA) के प्रतिनिधियों ने ये मांगें 8वें वेतन आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन के सामने पेश कीं। आइए जानते हैं कि रेलवे इंजीनियरों की मुख्य मांगें क्या हैं और इससे उनके करियर पर क्या असर पड़ेगा।

‘5वें वेतन आयोग जैसा ढांचा हो बहाल’- वेतन में सुधार की मांग

AIREF के महासचिव बीपी दास के मुताबिक, रेलवे इंजीनियरों का मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर मौजूदा आर्थिक चुनौतियों और महंगाई से निपटने के लिए नाकाफी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद से इंजीनियरों के वेतन ढांचे में लगातार गिरावट आई है।

गैर-तकनीकी काडरों को ज्यादा वेतन: रेलवे इंजीनियरों पर बेहद संवेदनशील सुरक्षा और तकनीकी जिम्मेदारियां होती हैं। इसके बावजूद, कई गैर-तकनीकी और गैर-सुरक्षा काडरों को इस समय उनसे ज्यादा वेतन मिल रहा है।

समानता बहाल करने की मांग: फेडरेशन ने मांग की है कि 8वां वेतन आयोग उस वेतन पदानुक्रम को दोबारा बहाल करे जो 5वें वेतन आयोग तक लागू था।

रेलवे इंजीनियरों को मिले ‘ग्रुप-B’ का दर्जा

फेडरेशन की एक और प्रमुख मांग यह है कि रेलवे इंजीनियरों को अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों की तरह ग्रुप-B का दर्जा दिया जाए।

ग्रुप-B पदों की भारी कमी: रेलवे में इस समय ग्रुप-B पदों का प्रतिनिधित्व बेहद कम है। भारतीय रेलवे में वर्तमान में केवल 0.29% पद ही ग्रुप-B के हैं।

प्रमोशन के मौके बढ़ाने की अपील: AIREF ने मांग की है कि रेलवे में ग्रुप-B पदों की हिस्सेदारी को बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत 7.5% के बराबर किया जाए। पद कम होने की वजह से इंजीनियरों के सामने करियर में आगे बढ़ने और प्रमोशन के मौके बेहद सीमित हो जाते हैं। संगठन के सचिव शिवकांत सिंह ने भी इंजीनियरों में बढ़ते ठहराव और मोटिवेशन की कमी का मुद्दा उठाया।

रेलवे कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर एक नजर

मुख्य मुद्दा मौजूदा स्थिति AIREF की मांग
वेतन ढांचाकई गैर-तकनीकी काडरों से कम वेतन  5वें वेतन आयोग की तरह समानता बहाल हो
ग्रुप-B पदरेलवे में मात्र 0.29% हिस्सेदारी  राष्ट्रीय औसत के तहत इसे 7.5% किया जाए
करियर ग्रोथप्रमोशन के बेहद सीमित अवसरठहराव को दूर कर प्रमोशन के नए रास्ते खुलें
सर्विस स्टेटसमौजूदा सब-ऑर्डिनेट ढांचाअन्य केंद्रीय मंत्रालयों की तरह ग्रुप-B का दर्जा

देशभर में चल रहा है बैठकों का दौर

8वें वेतन आयोग की यह बैठक 6 और 7 जुलाई को आयोजित की गई थी, जो कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों के साथ देशव्यापी विचार-विमर्श का हिस्सा थी। आयोग आज यानी 10 जुलाई को कोलकाता में अपना यह परामर्श दौरा पूरा कर रहा है। इससे पहले दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी ऐसी बैठकें हो चुकी हैं।

रेलवे के अलावा, देशभर के अन्य कर्मचारी संगठन भी हायर फिटमेंट फैक्टर, भत्तों में सुधार, पेंशन सुधार, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में संशोधन और एमएसीपी (MACP) योजना में सुधार के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।

आगे क्या होगा?

हालांकि इन बैठकों से तुरंत वेतन में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन यह कर्मचारी संगठनों को अपने दावों के पक्ष में सबूत और जमीनी अनुभव पेश करने का मौका देता है। 3 नवंबर 2025 को गठित किए गए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर 1.1 करोड़ से अधिक सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में मजबूत शुरुआत होने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,099.50 के आसपास बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यह बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में बड़ी गिरावट के बाद,9 जुलाई को बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखी गई। ऑटो और IT शेयरों को छोड़कर,सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार में यह तेजी आई। कल बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 इंट्राडे में 24,134.70 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग की वजह से दिन भर की अधिकांश बढ़त कम हो गई,फिर भी बेंचमार्क इंडेक्स पॉजिटिव जोन में ही बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 147 अंक यानी 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 24,135 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में चौतरफा तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.45 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.54 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी तो करीब 4.5 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.59 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को नैस्डैक में जबरदस्त तेजी रही। S&P 500 में 0.81% की बढ़त हुई और यह 7,543.66 पॉइंट्स पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.30% बढ़कर 26,206.89 पॉइंट्स पर पहुंचा,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.27% बढ़कर 52,487.41 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

कल की थोड़ी गिरावट के बाद,एशियाई कारोबार में US डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर के आस-पास बना हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.83 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.55% और 4.16% पर दिख रहे हैं।

Market cues : शॉर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद, 24200–24300 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में तेजी मुमकिन

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है और इसमें 0.284% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी भी 0.199% मजबूत हुई है। इसके बाद मलेशियन रिंगित (0.187%),फिलीपीन पेसो (0.12%),थाई बहत (0.105%) और सिंगापुर डॉलर (0.085%) का नंबर है। दूसरी ओर इंडोनेशियाई रुपिया में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.629% गिर गया है। जबकि ताइवान डॉलर में 0.45% की गिरावट आई है। दक्षिण कोरियाई वॉन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है और यह 0.082% नीचे आया है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने लगातार चार दिनों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए। उन्होंने 9 जुलाई को 532 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे।

अनुमान पर खरे TCS के नतीजे

TCS नतीजों के साथ रिजल्ट सीजन का आगाज हो गया है। TCS के Q1 नतीजे उम्मीद पर खरे उतरे हैं। तिमाही आधार पर कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू 0.4% बढ़ी है, हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है। ऑर्डर बुक 9.5 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर रही है। AI से होने वाली कंपनी की कमाई करीब 14% बढ़कर 2.5 अरब डॉलर के पार रही है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की बड़ी डील

PREMIER EXPLOSIVES में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स 1550 करोड़ रुपए में करीब 41% हिस्सेदारी खरीदेगी। 26% हिस्से के लिए 698 रुपए प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर का भी एलान किया गया है। PREMIER EXPLOSIVES का कंट्रोल अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के हाथों में होगा।

डिक्सन और Vivo की JV को सरकार से मंजूरी

डिक्सन टेक स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने के लिए Vivo मोबाइल इंडिया के साथ JV करेगी। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस JV में डिक्सन की 51% और Vivo मोबाइल इंडिया की 49% हिस्सेदारी होगी।

Semaglutide पर DRL मैनेजमेंट की सफाई

डाइबिटीज और वजन कम करने की दवा Semaglutide की क्वालिटी इश्यू पर DRL मैनेजमेंट की सफाई में कहा गया है कि API की वजह से कुछ बैचेज में दिक्कत हुई। ओरल टैबलेट्स पर असर नहीं पड़ा है। अक्टूबर अंत या नवंबर की शुरुआत तक Semaglutide की सेल्स दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इस दवा की सेल्स घटने से कनाडा के कारोबार पर असर संभव है।

आज आएंगे इंडियन बैंक,LTF के नतीजे

आज वायदा में शामिल इंडियन बैंक और L&T फाइनेंस के Q1 नतीजे आएंगे। LTF की ब्याज से होने वाली 24% बढ़ सकती है। हालांकि मार्जिन पर हल्का दबाव संभव है। वहीं इंडियन बैंक के प्रॉफिट में 10% तो NII में 16% का उछाल मुमकिन है।

 

Stocks to Watch: आज 10 जुलाई को TCS, Dixon Tech समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 10 जुलाई को टीसीएस, आनंद राठी वेल्थ, डिक्सन टेक्नोलोजिज समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे और Q1 के लिए बिजनेस अपडेट जारी किया था। वहीं कुछ ने नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कई कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

आज इन कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे

इंडियन बैंक, एलएंडटी फाइनेंस, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस और जस्ट डायल

11 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी नतीजे

एवेन्यू सुपरमार्ट्स, LTM, अवंतेल और तिरुपति फिनलीज 11 जुलाई को अपनी तिमाही कमाई के नतीजे जारी करेंगी।

आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज: क्यू 1 में मुनाफा 4.6% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हुआ। रेवेन्यू 13.9% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हुआ। EBIT 11.6% बढ़कर 17,317 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 24.45% से घटकर 23.95% हो गया। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

आनंद राठी वेल्थ: Q1 में मुनाफा 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हुआ। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये हुआ।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: जून महीने में कुल प्रोडक्शन वॉल्यूम 30% बढ़कर 1,10,795 यूनिट हो गया। सेल्स वॉल्यूम 32.5% बढ़कर 1,03,502 यूनिट हो गया। एक्सपोर्ट वॉल्यूम 120.7% बढ़कर 5,954 यूनिट हो गया।

डिक्सन टेक्नोलोजिज: डिक्सन टेक ने भारत में एक जॉइंट वेंचर कंपनी बनाने के लिए वीवो मोबाइल इंडिया (VMI) के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के तौर पर काम करेगी। प्रस्तावित जॉइंट वेंचर में डिक्सन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी वीवो मोबाइल इंडिया के पास होगी।

विक्रम सोलर: कंपनी ने 130 MW की कुल क्षमता वाले मोनो-PERC 10BB DCR-कम्प्लायंट सोलर सेल खरीदने के लिए एवरवोल्ट सोलर टेक्नोलॉजी इंडिया के साथ सोलर सेल सप्लाई एग्रीमेंट किया है।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: पावर ग्रिड को भदला-III, रामगढ़ PS और कानपुर (PG) में ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) आधार पर क्षमता बढ़ाने और बे (bay) एक्सटेंशन के काम वाले प्रोजेक्ट के लिए इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम स्थापित करने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है।

हैवेल्स इंडिया: कंपनी ने भारतीय बाजार के लिए एडवांस्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) विकसित करने और पेश करने के लिए नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है।

कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और GAIL: कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अहमदाबाद के खोडियार में CONCOR के इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) में अत्याधुनिक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए GAIL (इंडिया) के साथ एक एग्रीमेंट किया है।

पेस डिजीटेक: कंपनी की सब्सिडियरी, Lineage Power ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई के लिए Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ दो रणनीतिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रीमियर एनर्जीज: कंपनी ने तेलंगाना के सीतारामपुर में अपनी नई 5.6 GW सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया है। इसने अपनी 6 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैसिलिटी और 18,000 मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाली एल्युमीनियम फ्रेम मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए भी शिलान्यास समारोह आयोजित किया।

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी: कंपनी ने 2015 में बने ‘लॉन्ग रेंज 2’ टैंकर, ‘जग लक्ष्मण’ की डिलीवरी ली है, जिसकी डेडवेट टनेज (DWT) क्षमता लगभग 109,990 है। कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में इस पोत को खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। इस खरीद के लिए पूरी तरह से कंपनी के अपने फंड (इंटरनल एक्रूअल्स) का इस्तेमाल किया गया है।

इस सौदे के बाद, कंपनी के अपने बेड़े में 41 पोत शामिल हो गए हैं, जिनमें 26 टैंकर और 15 ड्राई बल्क कैरियर हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.35 मिलियन DWT है। इसके बेड़े की मौजूदा क्षमता का इस्तेमाल लगभग 100 प्रतिशत हो रहा है।

बल्क डील्स

सनटेक रियल्टी: फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ने ‘फिडेलिटी सीरीज इमर्जिंग मार्केट्स अपॉर्चुनिटीज फंड’ के जरिए सनटेक रियल्टी में 32.33 करोड़ रुपये में 10.05 लाख शेयर खरीदे, जो 0.68 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। वहीं, श्रोडर इंटरनेशनल सिलेक्शन फंड इमर्जिंग एशिया ने 42.47 करोड़ रुपये में 13.2 लाख शेयर बेचे, जो 0.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। यह सौदा 321.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ।

नैक पैकेजिंग: बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने नैक पैकेजिंग में 196.59 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 7 लाख शेयर खरीदे, जो 0.57 प्रतिशत हिस्सेदारी (कुल 13.76 करोड़ रुपये) के बराबर है।

इस कंपनी की होगी लिस्टिंग

Kody Technolab

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

एक्सिस बैंक

डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज

नेस्ले इंडिया

एजिस लॉजिस्टिक्स

एजिस वोपाक टर्मिनल्स

अपोलो टायर्स

आर्टेमिस मेडिकेयर सर्विसेज

बिड़लासोफ्ट

कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज

कंट्रोल प्रिंट

डी-लिंक (इंडिया)

डायनामिक केबल्स

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज

ग्राइंडवेल नॉर्टन

जेके सीमेंट

जेएसडब्ल्यू सीमेंट

महिंद्रा लॉजिस्टिक्स

न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी

नीलकमल

न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स

ओरिएंट इलेक्ट्रिक

पीटीएल एंटरप्राइजेज

रोसारी बायोटेक

स्मार्टलिंक होल्डिंग्स

शोभा

वीएसटी इंडस्ट्रीज

वेल्सपन लिविंग

ZF कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया

ये शेयर करेंगे एक्स-बोनस ट्रेड

गोल्डियम इंटरनेशनल

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

यह शेयर करेगा एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले स्टॉक्स

मंगलम वर्ल्डवाइड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

एक ही 40°C, फिर भी अलग एहसास! जानिए भारत, दुबई और फ्रांस में गर्मी का फर्क

भारत, दुबई और फ्रांस में अगर टेम्परेचर 40 डिग्री सेल्सियस हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि तीनों जगह गर्मी एक जैसी महसूस होगी। मौसम, नमी, हवा की रफ्तार, धूप की तीव्रता और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से गर्मी का अहसास बदल जाता है। यही कारण है कि एक ही टेम्परेचर अलग-अलग देशों में अलग एक्सपीरियंस देता है। आइए जानते हैं कि 40°C पर कहां कितनी तपिश महसूस होती है और इसके पीछे कौन-से फैक्टर जिम्मेदार हैं:

1. एक जैसा टेम्परेचर, लेकिन महसूस अलग

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भारत, दुबई और फ्रांस में अगर टेम्परेचर 40°C हो, तब भी तीनों जगह गर्मी एक जैसी महसूस नहीं होती। इसकी वजह यह है कि हर देश का मौसम, वातावरण, नमी, हवा और रहने का तरीका अलग होता है। इसलिए शरीर को गर्मी का अहसास भी अलग-अलग होता है।

2. फ्रांस में गर्मी का असर 

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गर्मियों में फ्रांस में दिन 15 से 17 घंटे तक लंबे होते हैं, जिससे धूप ज्यादा देर तक रहती है। सड़कें, इमारतें और फुटपाथ पूरे दिन गर्मी सोख लेते हैं और रात में भी गर्म रहते हैं। कई बार हवा कम चलने से गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और मौसम ज्यादा तपता हुआ महसूस होता है।

3. घरों का डिजाइन भी बड़ी वजह है

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फ्रांस के ज्यादातर पुराने घर ठंड से बचाने के लिए बनाए गए हैं। उनकी दीवारें मोटी और खिड़कियां छोटी होती हैं, जिससे घर के अंदर की गर्मी आसानी से बाहर नहीं निकलती। इसके अलावा कई जगहों पर पहले से एसी और सीलिंग फैन आम नहीं थे, इसलिए हीटवेव के दौरान लोगों को ज्यादा परेशानी होती है।

4. दुबई का रेगिस्तानी इलाका

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दुबई रेगिस्तानी इलाका है, इसलिए वहां धूप बहुत तेज होती है और गर्म हवाएं चलती हैं। हालांकि, लगभग सभी इमारतों, मॉल, बस स्टॉप, मेट्रो और कारों में एयर कंडीशनिंग की सुविधा होती है। इसी वजह से बाहर गर्मी ज्यादा होने के बावजूद लोगों को अंदर राहत मिलती है।

5. भारत में लोग गर्मी के आदी हैं

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भारत में हर साल कई राज्यों में टेम्परेचर 40°C या उससे ऊपर पहुंच जाता है। लंबे समय से ऐसी गर्मी झेलने के कारण लोग और उनका शरीर इस मौसम के काफी हद तक आदी हो जाते हैं। यहां के कई घर भी ऐसे बनाए जाते हैं जिनमें ऊंची छत, बरामदा और क्रॉस वेंटिलेशन जैसी सुविधाएं होती हैं, जो गर्मी कम करने में मदद करती हैं।

6. गर्मी का एहसास बदलता है

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सिर्फ टेम्परेचर ही नहीं, बल्कि हवा में नमी, हवा की रफ्तार, धूप की तीव्रता, इमारतों का डिजाइन और आसपास का वातावरण भी तय करते हैं कि 40°C कितना गर्म महसूस होगा। यही वजह है कि एक ही टेम्परेचर अलग-अलग जगहों पर अलग एक्सपीरियंस देता है।

7. तीनों देशों में अंतर

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फ्रांस में लंबे समय तक धूप, गर्म इमारतें और सीमित कूलिंग व्यवस्था हीटवेव को ज्यादा कठिन बना सकती है। दुबई में तेज गर्मी के बावजूद मॉडर्न एसी इंफ्रास्ट्रक्चर राहत देता है। वहीं भारत में लोग गर्म मौसम के ज्यादा आदी हैं, लेकिन 40°C से ऊपर की गर्मी में भी पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव करना जरूरी रहता है।

हर देश में 40°C का टेम्परेचर एक जैसा दिखाई दे सकता है, लेकिन उसका असर वहां के मौसम, नमी, हवा, धूप और इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुसार अलग होता है। इसलिए केवल टेम्परेचर देखकर गर्मी का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

ऐसे मौसम में सबसे जरूरी है कि पर्याप्त पानी पिएं, तेज धूप से बचें और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाएं। चाहे भारत हो, दुबई या फ्रांस, हीटवेव के दौरान सावधानी और सही तैयारी ही सेफ रहने का सबसे अच्छा तरीका है।

LPG Price Today: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ग्राहकों को राहत! जानिए आपके शहर में आज क्या है कीमत

LPG Price Today: अगर आप आज (10 जुलाई) गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा एलपीजी (LPG) रेट जरूर देख लें। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 जुलाई 2026 के लिए नई कीमतें जारी कर दी हैं। आज भी 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति समझौते को खत्म बताने और अमेरिका द्वारा नए हमले शुरू करने के बाद LPG, CNG और PNG की कीमतों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

इससे एनर्जी सप्लाई के लिए अहम रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है। ट्रंप ने कहा है कि US-ईरान युद्ध को खत्म करने का अंतरिम समझौता खत्म हो गया है। 17 जून के समझौते को खत्म करने के कुछ घंटों बाद, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ नए और बड़े सैन्य हमले किए। इन हमलों में देश के दक्षिणी तट पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा करना बताया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि शुरुआती शांति समझौते और चल रही बातचीत के बावजूद उसने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं।

भारत में इंडियन ऑयल ने 1 जुलाई से 19-kg वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत कम की, जो 2026 में पहली कटौती थी। अलग-अलग शहरों में यह कटौती ₹173 से ₹183.50 के बीच थी। सरकार ने कहा कि देश भर में घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह से बनाए रखी जा रही है। सरकार ने यह भी कहा कि सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने के बाद होटलों, रेस्तरां और दूसरे व्यवसायों को कमर्शियल LPG की सप्लाई संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दी गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल LPG की कीमतों में कटौती पिछले हफ्ते कमर्शियल ग्राहकों को सप्लाई बहाल होने के बाद की गई। घरेलू उत्पादन में सुधार और इंपोर्टेड LPG कार्गो के आने की उम्मीद के कारण कमर्शियल LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटा ली गई थीं। इसके अलावा, बुधवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती थी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट पर एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है।

14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)

दिल्ली: ₹942

नोएडा: ₹939.50

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹968

पटना: ₹1,031.50

लखनऊ: ₹979.50

चेन्नई: ₹957.50

चंडीगढ़: ₹951.50

जयपुर: ₹945.50

हरियाणा: ₹943.50

असम: ₹991

19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)

दिल्ली: ₹2,930

नोएडा: ₹2,930

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: ₹3,081.50

पटना: ₹3,227

लखनऊ: ₹3,052.50

चेन्नई: ₹3,106

चंडीगढ़: ₹2,954.50

जयपुर: ₹2,957.50

हरियाणा: ₹2,932

असम: ₹3,173.50

कब बदलती हैं LPG की कीमतें?

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर महीने के बीच में भी घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर के दाम बदले जा सकते हैं।

घर बैठे ऐसे करें अपने शहर का LPG रेट चेक

अगर आप अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की सटीक कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ताजा रेट देख सकते हैं। वहां हर शहर के अनुसार अपडेटेड कीमतें उपलब्ध रहती हैं। फिलहाल 10 जुलाई 2026 को एलपीजी उपभोक्ताओं को कीमतों में किसी तरह की राहत नहीं मिली है। घरेलू एवं कमर्शियल दोनों कैटेगरी के सिलेंडरों के दाम स्थिर बने हुए हैं।

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IMD Heavy Rain Alert: पूरे भारत में पहुंचा मानसून! दिल्ली में आज होगी भारी बारिश, UP-उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’, मुंबई में भी बरसेंगे बादल

Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई) के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में बारिश की तीव्रता कम रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिमी तटीय और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूरे देश में पहुंचा मानसून

IMD के अनुसार, 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है, जो सामान्य तारीख 8 जुलाई से एक दिन बाद हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाके, पश्चिमी तटीय क्षेत्र, प्रायद्वीपीय भारत और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

दिल्ली में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

IMD ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई की दोपहर और शाम के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने, तेज हवाओं से कमजोर ढांचों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है।

मुंबई में हल्की बारिश के आसार

मुंबई और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, पुणे और सतारा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि रायगढ़, कोल्हापुर, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में येलो अलर्ट लागू रहेगा।

यूपी के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल और ज्योतिबा फुले नगर शामिल हैं। वहीं सीतापुर, हरदोई, बुलंदशहर, सहारनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हापुड़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।

उत्तराखंड में भी ‘रेड अलर्ट’

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी ने बताया कि एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मध्य अक्षांशीय पश्चिमी हवाओं (Mid-Latitude Westerlies) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लोगों को जलभराव, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

IMD ने कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

साप्ताहिक बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान

हालांकि, कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। लेकिन आईएमडी का कहना है कि सप्ताहभर के दौरान देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। विशेष रूप से इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में औसत बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर जारी रहेंगे।

पिछले सप्ताह कैसा रहा मौसम?

पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बने इस सीजन के पहले डिप्रेशन के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। अब मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने और कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की आशंका है।

India का Football का Future बदलने निकला एक Bollywood Star | John Abraham | Northeast Football Team

बॉलीवुड स्टार जॉन अब्राहम का भारत के लिए फुटबॉल खेलने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन उन्होंने दूसरों का सपना सच करने का फैसला किया। उन्होंने NorthEast United FC की शुरुआत की, अपने पैसों से सालों तक टीम का साथ दिया और आज नॉर्थईस्ट में फुटबॉल के भविष्य को मज़बूत बना रहे हैं। शिलॉन्ग में भारत की सबसे बड़ी फुटबॉल अकादमी बनाने का उनका सपना हज़ारों बच्चों को नई उम्मीद दे रहा है।
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John Abraham, NorthEast UnitedFC Indian Football, Northeast Football Team

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