यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद

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Yogi Adityanath government: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर वर्ष 2017 में इसकी स्थापना से अब तक ₹1 लाख करोड़ (₹1 ट्रिलियन) से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। देश के सभी राज्यों द्वारा जेम के माध्यम से की गई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी, एफिशियंसी और इन्क्लूसिव पब्लिक प्रोक्योरमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में- जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं। इन पुरस्कारों को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव शशिभूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया।

योगी सरकार के सुशासन मॉडल की बड़ी उपलब्धि

उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल सरकारी खरीद के आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे योगी सरकार के गुड गवर्नेंस और डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जेम के व्यापक उपयोग से सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी, सरल और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है। सरकारी खरीद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक प्रक्रियाओं में होने वाली जटिलताओं को कम करने, अधिक विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा का अवसर देने और सरकारी संस्थानों को बेहतर कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

₹1 लाख करोड़ की खरीद ‘वैल्यू फॉर मनी’

जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों ने डिजिटल खरीद व्यवस्था को बड़े पैमाने पर अपनाया है। इसके माध्यम से खरीद प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी, कम्पीटीशन, एफिशियंसी और ‘वैल्यू फॉर मनी’ को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। योगी सरकार की नीति के अनुरूप सरकारी खरीद को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के साथ-साथ छोटे और स्थानीय कारोबारियों को भी सरकारी बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिले अवसर

जेम के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद को केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित रखने के बजाय एमएसएमई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी वर्ग द्वारा संचालित उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए भी अवसरों का विस्तार किया है। इस व्यवस्था से छोटे उद्यमों को देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने का डिजिटल मंच मिला है। इससे प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार का दायरा बढ़ा है और उन्हें राज्य के बाहर भी अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिला है।

क्षमता निर्माण पर भी जोर

उत्तर प्रदेश की सफलता में ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में समय-समय पर अधिकारियों, विभागों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि जेम की सुविधाओं और प्रक्रियाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। इसी दिशा में किए गए प्रयासों को ‘बेस्ट आउटरीच इनिशिएटिव फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ राष्ट्रीय पुरस्कार के माध्यम से मान्यता मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार और जेम के बीच लगातार बेहतर होते समन्वय ने प्रदेश में सार्वजनिक खरीद सुधारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समावेशी और परिणाम आधारित बनाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

Indus Waters Treaty: भारत ने सिंधु के पानी पर पाकिस्तान को फिर दिया बड़ा झटका! ये बोल खारिज किया कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला

Indus Waters Treaty Update: सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। भारत ने सोमवार को तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) द्वारा अंतरिम उपायों और सिंधु जल संधि की स्थिति को लेकर जारी किए गए फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को ही गैर-कानूनी रूप से गठित बताते हुए साफ कहा है कि इस मंच का भारत पर कोई क्षेत्राधिकार नहीं है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वर्ल्ड बैंक द्वारा इस कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का गठन सिंधु जल संधि की शर्तों का प्रत्यक्ष उल्लंघन करके किया गया था। भारत ने इस निकाय द्वारा जारी हालिया फैसले के साथ-साथ इसके सभी पिछले बयानों और आदेशों को भी स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

गैर-कानूनी निकाय को भारत ने कभी मान्यता नहीं दी- विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि भारत ने कानूनी रूप से इस गैर-कानूनी और तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के अस्तित्व को कभी स्वीकार नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस मध्यस्थता निकाय की स्थापना स्वयं सिंधु जल संधि का एक गंभीर उल्लंघन है। भारत ने साफ किया कि वह इस निकाय के समक्ष कभी भी पेश नहीं हुआ है और उसने इसके किसी भी पिछले फैसलों या घोषणाओं का संज्ञान लेने से भी हमेशा इनकार किया है।

भारत की संप्रभुता और परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के पास भारत के संप्रभु निर्णयों पर फैसला सुनाने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है। भारत द्वारा शुरू की जा रही या चलाई जा रही परियोजनाओं से जुड़े कदमों पर इस निकाय के वर्तमान या भविष्य के किसी भी फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही भारत सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला पूरी तरह से लागू रहेगा और प्रभाव में बना रहेगा।

आपको बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता को स्थगित करने का फैसला किया था। इसके बाद ही पाकिस्तान लगातार इसे लेकर धमकी देने के साथ तमाम तरह के पैंतरे दिखा रहा है। इसी क्रम में अब इसे लेकर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले और खुद कोर्ट को ही खारिज कर भारत ने पाकिस्तान को एक और तगड़ा झटका दे दिया है।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए तैयार किए जाएंगे आकिब नबी, सरे के लिए खेलेंगें काउंटी

रणजी ट्रॉफी में चमक बिखेरने के बाद भारतीय टेस्ट टीम दल में शामिल होने वाले आकिब नबी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड काउंटी का अनुभव देना चाहती है ताकि न्यूजीलैंड श्रृंखला में भारत के पास तेज गेंदबाजी विकल्प रहें। गौरतलब है कि जसप्रीत बुमराह के फिटनेस पर संदेह के बादल हैं और मोहम्मद सिराज की गेंद की गति धीमी होती जा रही है।ऐसे में टीम को एक विश्वसनीय नाम चाहिए जो कि न्यूजीलैंड में विकेट निकाले।

इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज आकिब नबी भारत के अक्टूबर में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन एक में सरे के लिए तीन मैच खेलने के लिए ब्रिटेन रवाना हुए।    नबी को हाल में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की श्रृंखला के लिए चोटिल जसप्रीत बुमराह के स्थान पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिला।

गोपनियता की शर्त पर शीर्ष भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक सूत्र ने बताया, ‘‘नबी दुबई से ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए हैं और बुधवार को यॉर्कशर के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने को लेकर बेताब हैं।’’

रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नबी के समय पर लौटने की भी उम्मीद है जिससे कि वह पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत के चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट मैच में हिस्सा ले सकें। यह श्रृंखला 22 सितंबर से शुरू होगी।जम्मू-कश्मीर ने पिछले सत्र में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था।

इससे पहले खबर आई थी कि सरे को स्विंग गेंदबाज की तलाश थी और नबी को कुछ मैच में क्लब की ओर से खिलाने को लेकर बातचीत चल रही थी।यॉर्कशर के खिलाफ दो से पांच सितंबर तक होने वाले मुकाबले के बाद सरे को आठ से 11 सितंबर तक ससेक्स और 15 से 18 सितंबर तक ग्लेमोर्गन का सामना करना है।

आकिब बने थे रणजी के मैन ऑफ द मैच

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली। हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं।

नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

NCR के बाहर ‘रियल एस्टेट बूम’: मेरठ से नौगांव तक क्यों आसमान छू रही हैं जमीन-मकान की कीमतें? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

NCR Satellite Towns Real Estate Boom: मेरठ के रहने वाले प्रदीप चौधरी जब करीब ढाई साल पहले अपने शहर की एक पॉश कॉलोनी में 150 वर्ग गज के घर की जानकारी लेने गए थे, तब उसकी कीमत लगभग ₹1.1 करोड़ थी। हाल ही में उन्होंने वही प्रॉपर्टी ₹2.5 करोड़ में खरीदी।

प्रदीप बताते हैं, ‘अगर मैं ऐसा ही घर नोएडा में खरीदता तो ₹4-5 करोड़ लगते, और गुरुग्राम में तो रेट इससे भी कहीं ज्यादा हैं। मैं दिल्ली में नौकरी करता हूं, लेकिन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नमो भारत (RRTS) आने के बाद अब मेरठ से दिल्ली पहुंचने में सिर्फ 50 मिनट लगते हैं। यह सफर नोएडा या गुरुग्राम के कुछ इलाकों से भी ज्यादा आसान और तेज है। फिर मैं करोड़ों रुपये ज्यादा क्यों खर्च करूं?’

प्रदीप की यह कहानी अकेले उनकी नहीं है। यह दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में आ रहे एक ऐतिहासिक बदलाव की बानगी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नमो भारत (RRTS), गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने दूरी और समय को इतना घटा दिया है कि लोग अब नोएडा, दिल्ली या गुरुग्राम जाने के बजाय मेरठ और नौगांव जैसे उभरते शहरों में घर और जमीन खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

मेरठ का रियल एस्टेट मार्केट: सिर्फ 2-3 साल में दोगुनी हुईं कीमतें

मेरठ इस इंफ्रास्ट्रक्चर बूम का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। नमो भारत/RRTS और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी ने मेरठ को दिल्ली-एनसीआर का एक प्रैक्टिकल ‘कम्यूटर हब’ बना दिया है।

रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ मेरठ (REDAM) के अध्यक्ष अशोक गर्ग के मुताबिक, ‘पहले दिल्ली से दूरी और जाम मेरठ की सबसे बड़ी कमजोरी थी, लेकिन अब इंफ्रास्ट्रक्चर ने बाजी पलट दी है। पिछले 2 से 3 सालों में मेरठ में जमीन के रेट 100 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। दिल्ली-नोएडा की तुलना में मेरठ में रहने का खर्च बहुत कम है, इसलिए लोग यहां रहकर दिल्ली में आराम से नौकरी कर रहे हैं।’

सरकार मोदीपुरम के पास एक विशेष विकास क्षेत्र विकसित कर रही है, जिससे यहां कमर्शियल और बिजनेस एक्टिविटीज को और बड़ा बूस्ट मिलेगा। मेरठ के पॉश इलाके साकेत में ढाई साल पहले जमीन ₹80,000 से ₹90,000 प्रति वर्ग गज थी, जो आज बढ़कर ₹2 लाख से ₹2.25 लाख प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई है।

दिल्ली-NCR के मुकाबले क्यों लोगों की पसंद बन रहे हैं मेरठ जैसे शहर?

पहले जहां लोग नौकरी के सिलसिले में दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम में बसने का सपना देखते थे, वहीं अब महंगी प्रॉपर्टी और रोज के ट्रैफिक जाम के कारण वे अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं। दरअसल, मेरठ जैसे उभरते सैटेलाइट शहरों में ₹1.5 से ₹2.5 करोड़ में बड़ा विला या स्वतंत्र मकान मिल जाता है, जबकि नोएडा-गुरुग्राम में छोटे फ्लैट्स के लिए भी ₹4 से ₹6 करोड़ तक चुकाने पड़ते हैं।

इसके अलावा, एक्सप्रेसवे और नमो भारत (RRTS) की बदौलत अब मेरठ से दिल्ली का सफर ट्रैफिक जाम से बचकर महज 50 मिनट से 1 घंटे में पूरा हो जाता है, जो नोएडा या गुरुग्राम के कई इलाकों से भी तेज है। कम रहने का खर्च और बेहतर स्पेस मिलने की वजह से ही लोग अब इन नए शहरों का रुख कर रहे हैं।

नौगांव और बड़ौदा मेव: फार्महाउस और रिजॉर्ट्स का बूम

अगर मेरठ रोज की भागदौड़ और नौकरीपेशा लोगों की पहली पसंद बन रहा है, तो राजस्थान के अलवर क्षेत्र में स्थित नौगांव और बड़ौदा मेव वीकेंड होम्स और फार्महाउस के लिए हॉटस्पॉट बन चुके हैं।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ने इन इलाकों को गुरुग्राम और दिल्ली के बेहद करीब ला खड़ा किया है। स्थानीय डीलरों के अनुसार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनने के बाद नौगांव और बड़ौदा मेव के अर्बन लोकल बॉडी इलाकों में जमीनों के दाम 30 से 40 फीसदी तक चढ़ चुके हैं।

राम रतन ग्रुप के चेयरमैन विजय राम रतन बताते हैं कि एक्सप्रेसवे ने दिल्ली-गुरुग्राम के लोगों के लिए वीकेंड ट्रैवल को बहुत आसान बना दिया है। नौगांव के आसपास होटल, फार्महाउस रिजॉर्ट्स और ग्लैंपिंग की बुकिंग्स में भारी उछाल आया है।

डेवलपर्स की नई रणनीति: हाइवे किनारे होर्डिंग्स की भरमार

दिल्ली-एनसीआर के बड़े बिल्डर्स अब पारंपरिक हब्स को छोड़कर इन नए रूटों का रुख कर रहे हैं। डेवलपर्स को इन नए इलाकों में बड़े भूखंड काफी सस्ते दामों पर मिल रहे हैं। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के पास बागपत और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास नौगांव में बड़े बिल्डर्स प्लॉट्स, लग्जरी विला और गेटेड फार्म कम्युनिटीज ला रहे हैं।हाइवे किनारे लगे बड़े-बड़े बिलबोर्ड्स इस बात का सबूत हैं कि अब दूरी किलोमीटर से नहीं, बल्कि ‘मिनटों’ से नापी जा रही है।

कनेक्टिविटी ने पलट दिया पूरा गेम?

मेरठ और नौगांव भले ही दो अलग-अलग तरह के रियल एस्टेट मार्केट हों जहां मेरठ रोजाना दिल्ली आकर नौकरी करने वालों का नया ठिकाना बन रहा है, वहीं नौगांव वीकेंड गेटवे और लाइफस्टाइल फार्महाउस के रूप में उभर रहा है। लेकिन दोनों को जोड़ने वाली सबसे बड़ी कड़ी है एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी। बेहतर कनेक्टिविटी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सफर आसान हो, तो महंगे एनसीआर हब्स में करोड़ों रुपये फंसाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

GATE 2027 Registration: अब तक शुरू नहीं हुई गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

GATE 2027 Registration: ग्रैजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की परेशानी अब तक खत्म नहीं हुई है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (IIT), मद्रास अब तक गेट 2027 के लिए पंजीकरण शुरू नहीं कर सका है। दो बार पंजीरण शुरू होने की तारीख टलने के बाद अब उम्मीदवार नई तारीख घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि आईआईटी मद्रास जल्द ही गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकता है। रजिस्ट्रेशन की बदली हुई तारीखें आने वाले दिनों में ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी होने की उम्मीद है।

पहले जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त, 2026 को शुरू होने वाली थी। हालांकि, इसे बदलकर 27 अगस्त, 2026 कर दिया गया। लेकिन 27 अगस्त से भी पंजीकरण शुरू नहीं हो चका है। उम्मीदवार अब तक दो बार टल चुकी गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की बदली हुई तारीखें जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा?

ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध शेड्यूल के अनुसार, छात्रों के लिए गेट 2027 आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 27 सितंबर, 2026 है। यह देखते हुए कि कंडक्टिंग बॉडी छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए कम से कम एक महीने का समय देती हैं, इस बात की बहुत संभावना है कि गेट 2027 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में कभी भी शुरू हो जाएगा। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलने में देरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

गेट 2027 जरूरी तारीखें

गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया रद्द होने के बाद, कैंडिडेट अब रजिस्ट्रेशन और एप्लीकेशन प्रोसेस की नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। नीचे दी गई जरूरी तारीखें देखें

एक्टिविटी तारीख

गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) शुरू होने की तारीख : 14 अगस्त 2026, 27 अगस्त 2026, TBA

रेगुलर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (बिना लेट फीस के) खत्म होने की तारीख : 21 सितंबर 2026, 27 सितंबर, 2026

एक्सटेंडेड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (लेट फीस के साथ) खत्म होने की तारीख : 30 सितंबर 2026, 5 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार शुरू होने की तारीख : 14 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार खत्म होने की तारीख : 21 अक्टूबर, 2026

सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन : 4 जनवरी, 2027

एडमिट कार्ड डाउनलोड : TBA

गेट 2027 एग्जाम : फरवरी 6, 2027, फरवरी 7, 2027, फरवरी 13, 2027, फरवरी 14, 2027, फरवरी 20, 2027, फरवरी 21, 2027

रिजल्ट की घोषणा : मार्च 19, 2027

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन के लिए DigiLocker क्रेडेंशियल जरूरी

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन विंडो जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इस साल गेट के लिए रजिस्टर करने के लिए, छात्रों के पास वैलिड DigiLocker क्रेडेंशियल होना जरूरी है। कैंडिडेट्स को गेट 2027 के लिए अप्लाई करने से पहले अपने वेरिफाइड DigiLocker अकाउंट बनाने या अपडेट करने होंगे। DigiLocker के जरिए गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन सभी भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्टर करने के स्टेप्स

जीओएपीएस पोर्टल पर गेट 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया खुलने के बाद, योग्य उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने और आवेदन शुल्क जमा करने से पहले रजिस्ट्रेशन लिंक में सभी जरूरी क्रेडेंशियल डालने होंगे।

  • गेट 2027 के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • गेट 2027 GOAPS पोर्टल पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • सभी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए लॉगिन करें।
  • गेट 2027 एप्लीकेशन फीस जमा करें।
  • सेव करें और सबमिट पर क्लिक करें।

RPSC APO Admit Card 2026: आरपीएससी ने जारी किया 02 सितंबर को होने वाली एपीओ 2026 भर्ती का एडमिट कार्ड, आधिकारिक वेबसाइट से करें डाउनलोड

कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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थाईलैंड के खिलाफ बल्लेबाजी कैसे ढह गई? एशिया कप के पहले मैच पर क्या बोली शेफाली

Shefali Verma

भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने कहा कि थाईलैंड की कमजोर टीम के खिलाफ महिला एशिया कप के पहले मैच में 94 रन की आसान जीत के बावजूद टीम की बल्लेबाजी इकाई को टर्न लेती पिचों पर अपनी कमियों का आकलन करना होगा।

शेफाली ने 36 गेंदों में 64 रन बनाकर भारत को अच्छी शुरुआत दी। उनकी पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल थे। लेकिन भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाज नहीं चल पाए। एक विकेट पर 91 रन के बाद उसका स्कोर जल्द ही 6 विकेट पर 127 रन हो गया और 137 रनों पर 9 विकेट हो गया। आखिर में टीम ने क्रांति गौड़ के बल्ले से निकले छक्के और चौक्के के कारण 159 रन बनाए। थाईलैंड की टीम इसके जवाब में 65 रन पर आउट हो गई।

शेफाली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम इस पर गौर करेंगे कि बल्लेबाजी में हमसे कहां गलतियां हो रही हैं और हम कहां सुधार कर सकते हैं। आज का मैच खत्म हो गया है और हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। वापस जाने पर हम इस पर विचार विमर्श करेंगे कि हम क्या सुधार कर सकते हैं और टीम के लिए और क्या योगदान दे सकते हैं।’’

हरमनप्रीत कौर (05 रन), भारती फुलमाली (14 गेंदों पर 13 रन), ऋचा घोष (00) और दीप्ति शर्मा (05) ने थाईलैंड के अनुभवहीन गेंदबाजों के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन किया।

शेफाली ने कहा कि भारत को पता था कि पिच से कुछ टर्न मिलेगा और पारी आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजों को बेहतर ढंग से तालमेल बिठाने की जरूरत होगी।उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यहां की पिच टर्न लेगी। हम यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और हम इस पिच के बारे में जानते थे।’’

शेफाली ने कहा कि नई गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आ रही थी।उन्होंने कहा, ‘‘नई गेंद बल्ले पर बहुत अच्छी तरह से आ रही थी। गेंद पुरानी होने के बाद गेंद टर्न लेने लगती है।’’शेफाली ने कहा, ‘‘दो साल पहले विश्व कप के लिए हम यहां आए थे, इसलिए मुझे यहां की परिस्थितियों का पता है और मैं तैयार थी। स्वदेश में मैं इस तरह की पिच पर खेलने का अभ्यास कर रही थी।’

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GDP Growth: जून तिमाही में 7.8% रही भारत की जीडीपी ग्रोथ, सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा

GDP Growth: इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा रहा है। जून तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 7.8 फीसदी रही। यह एनालिस्ट्स और इकोनॉमिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा है। खास बात यह है कि जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ तब 7.8 फीसदी रही, जब वैश्विक स्थितियां काफी चैलेंजिंग थीं।

मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.6 फीसदी

इस साल मार्च तिमाही में भारत में जीडीपी ग्रोथ 8.6 फीसदी थी। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MoSPI) ने 31 अगस्त को जून तिमाही के जीडीपी के डेटा जारी किए। जीडीपी की ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही। मनीकंट्रोल के पोल में इकोनॉमिस्ट्स ने जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

जून तिमाही में जीवीए 8.2 फीसदी रहा

जून तिमाही में ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) 8.2 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 8.7 फीसदी था। जीवीए का मतलब इकोनॉमी में उत्पादित गुड्स और सर्विसेज की कुल वैल्यू से है। इसमें नेट इनडायरेक्ट टैक्स शामिल नहीं होता है। जून तिमाही में अर्थव्यवस्था के शानदार प्रदर्शन में सर्विसेज और इनवेस्टमेंट का बड़ा हाथ है।

पहली तिमाही में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा

जून तिमाही में सर्विसेज का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसकी ग्रोथ 10 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 8 फीसदी थी। मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 9.2 फीसदी रही। कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही। ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से संबंधित सर्विसेज सेगमेंट की ग्रोथ 8.5 फीसदी रही।

पहली तीमाही में मध्यपूर्व में लड़ाई का असर इकोनॉमी पर

जून तिमाही का मतलब अप्रैल, मई और जून के महीनों से है। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को लड़ाई शुरू हुई थी। जून तिमाही में ज्यादातर समय ईरान को अमेरिकी हमले का सामना करना पड़ा। ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए।

क्रूड ऑयल  की कीमतें काफी समय तक 100 डॉलर से ऊपर रहीं

इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से क्रूड ऑयल सहित दूसरी कमोडिटीज की सप्लाई पर काफी ज्यादा असर पड़ा। क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। लेकिन, सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर जारी रखने से आर्थिक गतिविधियों को काफी सपोर्ट मिला।

प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 7.1 फीसदी बढ़ा 

जून तिमाही में प्राइवेट फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 7.1 फीसदी बढ़ा। इससे परिवारों में होने वाली खपत का पता चलता है। ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन 11.9 फीसदी बढ़ा, जबकि सरकार का फाइनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर 4.3 फीसदी बढ़ा। जून तिमाही के जीडीपी ग्रोथ के डेटा ऐसे वक्त आए हैं, जब इनफ्लशन से जुड़े रिस्क बढ़ रहा है।

FY27 में 5 फीसदी रह सकता है रिटेल इनफ्लेशन 

पिछले हफ्ते मनीकंट्रोल के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स का यह मानना था कि FY27 में रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी रह सकता है। इसकी रेंज 4.7 से 5.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया। इसकी कई वजहें हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। देश में मानसून की बारिश एक समान नहीं रही है। इसका असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा।

Poco X8 5G और X8 Power 5G की भारत में जल्द होगी एंट्री, जानें लॉन्च डेट और फीचर्स

Poco भारत में अपने दो नए स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने पुष्टि की है कि Poco X8 5G और Poco X8 Power 5G को भारत में 4 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च इवेंट दोपहर 12 बजे शुरू होगा। पोको ने यह भी बताया है कि दोनों स्मार्टफोन की बिक्री Flipkart के जरिए की जाएगी। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इन दोनों फोन के लिए अलग-अलग पेज भी लाइव हो चुके हैं।

Poco X8 सीरीज भारत में लॉन्च होने वाली है: क्या उम्मीद करें

लॉन्च से पहले, Poco ने टीजर वीडियो शेयर किए हैं जिनमें फोन और उनके कुछ खास फीचर्स की झलक दिखाई गई है। Poco X8 5G में 9,000mAh की बड़ी बैटरी होगी। Poco का दावा है कि यह फोन एक बार चार्ज करने पर 3.2 दिन तक की बैटरी लाइफ दे सकता है। इसके अलावा, इसमें 67W वायर्ड चार्जिंग और 22.5W रिवर्स चार्जिंग का भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे यूजर्स दूसरे कम्पैटिबल डिवाइस को चार्ज कर सकेंगे।

वहीं, ज्यादा पावरफुल Poco X8 Power 5G में 10,000mAh की बैटरी होगी। कंपनी का कहना है कि यह 3.5 दिन तक का प्लेबैक टाइम दे सकता है। इसमें 100W वायर्ड चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट मिल सकता है।

डिजाइन की बात करें तो Poco के टीजर में X8 5G को ऑरेंज और व्हाइट कलर में दिखाया गया है। फोन के पीछे ऊपर की तरफ वर्टिकल डुअल-कैमरा सेटअप नजर आ रहा है।

वहीं, X8 Power 5G को येलो कलर में दिखाया गया है। इसके पीछे ब्लैक कलर का गोल किनारों वाला चौकोर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जिसमें दो कैमरा सेंसर साफ दिखाई दे रहे हैं।

दोनों स्मार्टफोन में 6.83 इंच का डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। वहीं, Poco X8 Power 5G में 1.5K रेजॉल्यूशन वाला AMOLED पैनल दिया जा सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। इसमें Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर मिलने की संभावना है। फोन में LPDDR5X RAM और UFS 4.0 स्टोरेज भी दिया जा सकता है।

कैमरे की बात करें तो Poco X8 Power 5G में OIS सपोर्ट के साथ 50MP का मेन कैमरा, 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा मिल सकता है।

वहीं, Poco X8 5G में Snapdragon 6s Gen 4 चिपसेट दिए जाने की उम्मीद है। इसमें 6.83 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 3,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट कर सकता है। कैमरे के तौर पर फोन में 50MP का रियर कैमरा और 16MP का फ्रंट कैमरा मिल सकता है।

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