Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी

MS dhoni: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ समय से नों काफी चर्चा में हैं। ऐसी खबरे थी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी की हिस्सेदारी की मांग की थी। दावा किया गया था कि धोनी ने सीएसके में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी (स्टेक) की मांग की थी, लेकिन कंपनी 5.5 प्रतिशत ही स्टेक ऑफर किया था, जिसे धोनी ने मना कर दिया। CSK मैनेजमेंट और धोनी के बीच बात नहीं बन पाई। वहीं अब इन खबरों पर फ्रेंचाइजी के CEO काशी विश्वनाथन ने अपना रिएक्शन दिया है।

CEO ने क्या कहा

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने धोनी के टीम में हिस्सेदारी लेने वाली खबरों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने IPL के अगले सीजन को लेकर भी धोनी के CSK के साथ जुड़े रहने पर जानकारी दी है। बता दें धोनी के CSK में हिस्सेदारी लेने की खबरों के बाद फ्रेंचाइजी और उनके बीच रिश्तों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन, इन खबरों की कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में धोनी और CSK के बीच मतभेद होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

क्या थी अफवाह

क्रिकब्लॉगर की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने शुरुआत में CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इसके जवाब में CSK ने उन्हें 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश की थी।

विश्वनाथन ने इन दावों को किया खारिज

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने PTI से बातचीत में इन सभी दावों को खारिज कर दिया और खबरों को “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताया। उन्होंने IPL 2027 में धोनी के खिलाड़ी के तौर पर भविष्य को लेकर भी बात की। विश्वनाथन ने कहा, “धोनी ने अभी तक यह नहीं कहा है कि वह नहीं खेलेंगे। इसलिए हमें इंतजार करना चाहिए।” उन्होंने हिस्सेदारी से जुड़ी खबरों को भी “प्लांटेड स्टोरी” बताया।

नए कोच की तलाश में सीएसके

सूत्रों के मुताबिक, IPL 2027 से पहले CSK की टीम को लेकर एमएस धोनी की भूमिका अहम हो सकती है। टीम के नए हेड कोच के चयन से लेकर खिलाड़ियों की टीम तैयार करने तक धोनी की राय को महत्व दिया जा सकता है। स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद फ्रेंचाइजी अब नए कोच की तलाश में है। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए CSK का साथ छोड़ा था।

धोनी 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ही सीएसके के साथ जुड़े हैं। CSK ने IPL 2025 से पहले धोनी को 4 करोड़ रुपये में टीम में रिटेन किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को 5 ट्रॉफी जीता चुके हैं। वहीं चोट के चलते वह IPL 2026 में CSK की ओर से एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।

‘8 अरब लोगों के लिए लैपटॉप खरीदने लायक काला धन मौजूद’, ग्लोबल मनी लॉन्ड्रिंग पर बोले CJI सूर्यकांत

CJI Surya Kant: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने दुनिया भर में हो रही मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े पैमाने पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि एक साल में दुनिया भर में अवैध तरीके से घुमाया जाने वाला पैसा इतना हो सकता है कि उससे दुनिया के 8 अरब लोगों में से हर एक के लिए एक साधारण लैपटॉप खरीदा जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उस पैसे का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा कभी वापस मिल पाता है।

शनिवार को कैम्ब्रिज में ‘इकोनॉमिक क्राइम’ पर 43वें इंटरनेशनल सिम्पोजियम के समापन सत्र में बोलते हुए, जस्टिस कांत ने आपराधिक गतिविधियों से कमाए गए पैसे का पता लगाने, उसे जब्त करने और उसे वापस पाने पर वैश्विक स्तर पर ज्यादा ध्यान देने का आह्वान किया।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, CJI ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे धोखाधड़ी वाले मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने संसद के कदम उठाने का इंतजार करने के बजाय, ऐसे नए तरह के अपराधों पर तेजी से प्रतिक्रिया दी है।

‘100 में से एक से भी कम’ पैसा हो पाता है बरामद

जस्टिस कांत ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का दायरा इतना बड़ा है कि वैश्विक अनुमानों के आधार पर भी उसे समझना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “अगर मनी लॉन्ड्रिंग के वैश्विक अनुमान मोटे तौर पर भी सही हैं, तो दुनिया एक साल में इतना पैसा लॉन्डर करती है कि उससे आज धरती पर मौजूद सभी 8 अरब लोगों के लिए एक साधारण लैपटॉप खरीदा जा सकता है, और फिर भी खजाने में कुछ पैसे बच जाएंगे।”

इसके बाद उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अवैध तरीके से कमाए गए धन का बहुत छोटा हिस्सा ही आखिरकार वापस मिल पाता है।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “अवैध धन की इस विशाल रकम में से सबसे उदार अनुमान के मुताबिक भी 100 में से एक फीसदी से कम ही कभी वापस हासिल किया जाता है।”

उन्होंने कहा, “हर 100 हिस्सों में से 99 हिस्सों का जिक्र सिर्फ भाषणों और रिपोर्टों में होता है, जबकि वास्तव में सिर्फ एक हिस्से को ही वापस हासिल किया जा पाता है।”

उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ समस्या पहचानने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। अब ध्यान अपराध से कमाए गए पैसे का पता लगाने और उसे वापस हासिल करने पर होना चाहिए।

पुराने जमाने की धोखाधड़ी से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक

CJI ने कहा कि आर्थिक अपराध कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह एक पुरानी बुराई है जो टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सिस्टम में बदलाव के साथ बदलती रही है।

उन्होंने चौथी सदी ईसा पूर्व के एक यूनानी व्यापारी हेगेस्ट्रेटोस का उदाहरण दिया, जिसने कथित तौर पर इंश्योरेंस का क्लेम पाने के लिए अपना माल बेचने के बाद अपना जहाज डुबोने की योजना बनाई थी। जस्टिस कांत ने इस मामले को आर्थिक धोखाधड़ी का शुरुआती उदाहरण बताया।

उन्होंने कौटिल्य के अर्थशास्त्र का भी जिक्र किया, जिसमें उन 40 तरीकों की पहचान की गई थी जिनसे अधिकारी सरकारी राजस्व का गबन कर सकते थे। इस ग्रंथ में ऑडिट, मुखबिर, क्रॉस-वेरिफिकेशन और जब्ती जैसे उपाय भी बताए गए थे।

CJI ने कहा, “अर्थशास्त्र में बताए गए चोरी के 40 तरीकों के साथ-साथ अब पता लगाने, फ्रीज करने और वापस पाने के चालीस बेहतर तरीकों को भी शामिल किया जाए।”

भारत का कानूनी ढांचा

जस्टिस कांत ने आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए भारत के कानूनी ढांचे का जिक्र किया, जिसमें ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002’ और ‘फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट, 2018’ शामिल हैं।

उन्होंने अपराध से मिली कमाई का पता लगाने, उसे जब्त करने और अपने कब्जे में लेने के लिए इस्तेमाल होने वाले संस्थागत सिस्टम के तहत खास एजेंसियों और स्पेशल कोर्ट का भी जिक्र किया।

CJI ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग तेजी से जरूरी होता जा रहा है क्योंकि गैर-कानूनी पैसा आसानी से सीमाओं के पार जा सकता है।

उन्होंने कहा, “दूसरे देशों के साथ ‘म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी’ (आपसी कानूनी सहायता समझौते) – भले ही उनका सिस्टम और तौर-तरीके कितने भी अधूरे क्यों न हों – प्रत्यर्पण (extradition) की तुलना में बरामद संपत्ति को कहीं ज्यादा भरोसेमंद तरीके से वापस लाते हैं। आखिरकार, गैर-कानूनी दौलत शायद ही कभी उस जगह रहती है जहां से उसे चुराया गया था।”

उन्होंने गैर-कानूनी फंड का पता लगाने के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस शेयरिंग और ‘बेनिफिशियल ओनरशिप रजिस्ट्री’ जैसे टूल्स पर भी जोर दिया, जिन्हें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

चोरी हुई संपत्ति वापस पाने पर ध्यान दें

जस्टिस कांत ने कहा कि कानून को सख्ती से लागू करने का काम कानून के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का भी जिक्र किया, जिसमें धोखेबाज सरकारी या कानून लागू करने वाले अधिकारियों का रूप धारण कर लोगों से पैसे ऐंठते हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ कोशिशों की कामयाबी को इस आधार पर नहीं मापा जाना चाहिए कि समस्या का वर्णन कितनी अच्छी तरह किया गया है, बल्कि इस आधार पर मापा जाना चाहिए कि चोरी हुई संपत्ति का पता लगाने, उसे फ्रीज करने और वापस लाने में कितनी कामयाबी मिली है।

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7 चौके और छक्के, दलीप ट्रॉफी में शतक चूके लेकिन वैभव ने बना दिया यह अनोखा रिकॉर्ड

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी भले ही 8 रनों से शतक चूक गए हों लेकिन उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे अर्धशतक जमा कर सबसे कम उम्र में यह कारनमा किया। वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 157 दिनों में दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ा इससे पहले उनसे युवा सिर्फ लक्ष्मण सिंह थे जिन्होंने 16 साल 23 दिनों में अर्धशतक जमाया था।

लाल गेंद के टूर्नामेंट दिलीप ट्रॉफी में वैभव सफेद गेंद की तरह ही खेले और उन्होंने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए। इससे पहले ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए थे । उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया था।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।


1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम, LPG से लेकर विदेश यात्रा तक जानें क्या बदलेगा

1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम, LPG से लेकर विदेश यात्रा तक जानें क्या बदलेगा

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अगस्त का आज आखिरी दिन है। सितंबर की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के जीवन, खर्च और बचत से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। बैंकिंग, गैस सिलेंडर, टैक्स, यात्रा और क्रेडिट कार्ड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के ये बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं। इनमें से कुछ बदलावों के कारण आपको अधिक पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, तो वहीं कुछ नियमों से आपको बड़ी राहत मिलने की संभावना है। किसी भी परेशानी या अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए, नए नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

 

विदेश यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत

1 सितंबर से भारत से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इमिग्रेशन काउंटर पर अब यात्रियों के बोर्डिंग पास पर भौतिक (फिजिकल) मुहर नहीं लगाई जाएगी। इमिग्रेशन ब्यूरो ने प्रक्रिया को सुगम और तेज बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नए नियम के अनुसार, यात्री अपने मोबाइल फोन पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर आसानी से अपनी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और अस्पष्ट मुहरों जैसी पुरानी तकनीकी समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।

 

LPG सिलेंडर

31 अगस्त को एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक सत्यापन आखिरी दिन है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया 1 सितंबर को बंद हो जाएगी। यदि आपने इस अवधि में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आप घरेलू सब्सिडीयुक्त सिलेंडर प्राप्त करने से वंचित हो सकते हैं। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी प्रमुख तेल कंपनियां ग्राहकों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह देते हुए लगातार संदेश भेज रही हैं। 1 सितंबर से एलपीजी या पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव हो सकता है। 

 

बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव

बैंकों में बड़ी सावधि जमा (एफडी) करने वालों के लिए भी नियमों में पारदर्शिता लाई जा रही है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बड़ी जमा राशि पर दिए जाने वाले ब्याज दर रोजाना सुबह 10:10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बैंक की अलग-अलग शाखाएं एक ही दिन जमा की गई एक ही राशि पर अलग-अलग ब्याज दरें नहीं दे सकेंगी। हालांकि, इस नियम का आम नागरिकों की छोटी एफडी पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। ध्यान दें कि एफडी पारदर्शिता के ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। 1 सितंबर से एटीएम से जुड़े चार्जेस में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में ज्यादा ट्रांजैक्शन करने पर बैंक आपसे मोटी फीस वसूल सकता है।

 

ईटीएफ पर नए नियम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी (SEBI) ने ईटीएफ (ETF) कारोबार को लेकर 1 सितंबर से नए नियम लागू करने का फैसला किया है। नए नियमों के हिसाब से ईटीएफ की कीमत की सीमा तय के लिए पिछले कारोबारी दिन के आखिरी 30 मिनट की ट्रेडिंग वॉल्यूम की औसत कीमत को आधार बनाया जाएगा। इससे ईटीएफ की कीमत बाजार की ताजा स्थिति के आसपास बनी रहेगी।

 

विदेश यात्रा से जुड़ा बड़ा बदलाव

1 सितंबर 2026 से विदेश यात्रा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव होने वाला है। भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर अब बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. यात्री मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकेंगे। इस नए नियम से हवाई यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

Rain Forecast: अगले 48 घंटे 5 राज्यों पर भारी! यूपी, बिहार, झारखंड से MP तक IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त से अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटे देश के 5 प्रमुख राज्यों ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे ओडिशा तट पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से ओडिशा में 31 अगस्त को और छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटों में भी 20 सेमी से अधिक की भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।

यूपी, बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के निवासियों के लिए भी 31 अगस्त और 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD ने इन तीनों राज्यों में 31 अगस्त और 1 सितंबर के दौरान अत्यंत से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश में मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बनी एक ट्रफ लाइन के असर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 1 सितंबर से 6 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बिहार और झारखंड में भी 4 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ की वजह से मौसम बदला हुआ रहेगा। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, पश्चिम भारत और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

मध्य भारत के राज्यों में पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश देखने को मिलेगी जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है। कोंकण और गोवा में 6 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां थोड़ी धीमी बनी रहेंगी। हालांकि तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।

PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर ओवैसी का तंज, बोले- ‘बाबर के नाम पर गालियां देते थे, उसी देश ने दिया अवार्ड’

PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर ओवैसी का तंज, बोले- ‘बाबर के नाम पर गालियां देते थे, उसी देश ने दिया अवार्ड’

owaisi attacks PM Modi on dostlik award

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान में मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर जोरदार तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी को मुबारकबाद कि जिस बाबर के नाम पर हमें गालियां देते थे, उसी बाबर के देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवार्ड दिया है। ALSO READ: PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, द्विपक्षीय बैठक में हुए कई अहम समझौते

 

ताशकंद में रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च मित्रता सम्मान 'ओली दाराजाली दोस्तलिक' से सम्मानित किया। इस पर हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस को सोचने को कहा है कि जो भाजपा बाबर के नाम पर हमें गाली देती थी, उम्मीद करते हैं कि अब ऐसा नहीं करेगी।

 

पीएम मोदी को विदेश में मिलने वाले सम्मान पर कटाक्ष करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं अवार्ड लेकर आते हैं। मुबारकबाद आपको..बाबर के नाम पे इतनी गाली जो देते थे…उसी देश वाले अवार्ड दे रहे हैं आपको। संघ वालों को इस बारे में सोचना पड़ेगा। ALSO READ: अमेरिका से तनाव, चीन-रूस से नजदीकियां, SCO समिट में पीएम मोदी पर क्यों टिकी हैं दुनिया की निगाहें?

 

दिन में 100 बार 'दोस्तलिक' बोलता है हर भारतीय परिवार

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि ओली दराजाली दोस्तलिक' सम्मान प्राप्त कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थाई संबंधों को समर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के नाम में प्रयुक्त शब्द 'दोस्तलिक' से भलीभांति परिचित हैं। भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां 'दोस्तलिक' शब्द दिन में 100 बार न बोला जाता हो। आज आपने वास्तव में इस शब्द के सार को सामने ला दिया है। 'दोस्तलिक' का अर्थ मित्रता है। यह शब्द अपने आप में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों के केंद्र में मौजूद भावना को खूबसूरती से व्यक्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान प्राप्त करना उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है।

Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, भारतीय वायदा कारोबार में टूटा भाव, चेक करिए नए रेट्स

Gold-Silver Price Drop Today: भारतीय वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हफ्ते के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। हाजिर मांग में सुस्ती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते सोने के भाव में ₹2000 से ज्यादा और चांदी में लगभग ₹1950 की बड़ी नरमी दर्ज की गई है।

अगर आप भी सोने या चांदी की खरीदारी या इसमें निवेश की योजना बना रहे हैं, तो जानिए MCX और ग्लोबल मार्केट में आज क्या हैं नए रेट्स।

सोने के रेट में ₹2000 से ज्यादा की गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने के वायदा भाव में तगड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹2,045 या 1.31% टूटकर ₹1,54,236 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कुल 2,680 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार जानकारों के मुताबिक, लोकल मार्केट में हाजिर मांग कमजोर पड़ने से बिकवाली का दबाव बढ़ा है जो गिरावट की बड़ी वजह है।

₹1955 घटकर ₹2.40 लाख के करीब पहुंची चांदी

सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। निवेशकों द्वारा अपनी पोजीशन काटने से चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट आई। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹1,955 या 0.81% गिरकर ₹2,40,489 प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस दौरान कुल 2,004 लॉट का ट्रेड हुआ। जानकारों के मुताबिक, हालिया मुनाफावसूली का सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुस्ती और घरेलू बाजारों में हाजिर मांग कमजोर रहने से शॉर्ट टर्म में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का एक नया मौका भी बन सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nepal Flood: कैलाश मानसरोवर गए 21 भारतीयों की जान एक साड़ी ने बचाई! नेपाल में जल प्रलय के बीच इस कपल ने किया गजब का रेस्क्यू

नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के तेज बहाव में कई घर, सड़कें और पुल बह गए। वहीं बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई और कई लोग लापता हैं। नेपाल में आए इस विनाशकारी बाढ़ में तमिलनाडु से गए 21 तीर्थयात्रियों भी फंसे हुए थे। वहीं इस मुसीबत के समय में एक कपल की समझदारी ने कई लोगों को जान बचाई। नेपाल में अचानक आई बाढ़ में तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री तिमुरे इलाके के पास फंस गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान एक कपल ने सूझबूझ दिखाते हुए साड़ी की मदद से महिलाओं को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। महिलाओं को कीचड़ भरी और खड़ी ढलान से ऊपर खींचने के लिए साड़ी को रस्सी की तरह इस्तेमाल किया गया। इस मुश्किल वक्त में कपड़े के एक साधारण टुकड़े ने लोगों को सुरक्षित निकलने में बड़ी मदद की।

कैसे बची जान

26 अगस्त को माउंट कैलाश की यात्रा पर निकले तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री नेपाल के तिमुरे इलाके के पास फंस गए। इस दौरान भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइ़ड की स्थिति बन गई। उनकी गाड़ी एक सुरक्षित जगह पर रुक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आसपास पानी और मलबा तेजी से बह रहा था, जिसके बाद सभी यात्री गाड़ी से बाहर निकलकर सुरक्षित ऊंचाई पर जाने की कोशिश करने लगे। लेकिन कीचड़ और फिसलन की वजह से पहाड़ी पर चढ़ना उनके लिए काफी मुश्किल हो रहा था।

साड़ी से कैसे की मदद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रत्नाकुमार और उनकी पत्नी पूंगुझाली किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंच गए, लेकिन उन्होंने नीचे फंसी दूसरी महिलाओं को मुश्किल में देखा तो उनकी मदद करने का फैसला किया। पूंगुझाली ने अपना स्वेटर पहना, साड़ी उतारी और उसे नीचे की ओर पहुंचाया। महिलाओं ने साड़ी और वहां मौजूद लोहे की केबल का सहारा लिया, जबकि ऊपर मौजूद लोगों ने उन्हें धीरे-धीरे खींचकर सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस तरह साड़ी ने मुश्किल हालात में फंसे तीर्थयात्रियों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

दो दिनों तक रहा काफी मुश्किल

बाढ़ और लैंडस्लाइ़ड के बाद तीर्थयात्रियों को करीब दो दिनों तक काफी मुश्किल हालात में रहना पड़ा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें थोड़ा-बहुत राशन और पीने का पानी उपलब्ध कराया, जिससे उन्होंने किसी तरह समय बिताया। वहीं, अधिकारी लगातार उनके संपर्क में रहे। बाद में भारतीय दूतावास, नेपाल आर्मी और तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और फंसे हुए लोगों को हेलिकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाने की व्यवस्था की।

अब तक 42 हजार से ज्यादा लोग लापता

नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार तक इस आपदा में 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,247 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार अलग-अलग इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, चितवन, नवलपरासी ईस्ट, नवलपरासी वेस्ट और गोरखा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान अभी भी जारी है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है।

पहली बार चक दे गर्ल्स Girls हॉकी विश्वकप में Boys से निकली आगे

हॉकी विश्वकप में हमेशा भारतीय पुरुष टीम से महिला टीम कोसो पीछे रहती थी। ना जाने कितनी बार तो महिला टीम क्वालिफाय ही नहीं कर पाती थी। लेकिन इस बार महिला टीम ने ना केवल क्वालिफाय किया बल्कि अपने पुरुष साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया। इस बार उम्मीद की पुरुष टीम कम से कम सेमीफाइनल खेलेगी और महिला टीम से कोई उम्मीद ही नहीं थी। लेकिन भारतीय महिला टीम ने पांचवा पायदान पाया और पुरुष टीम को आठवां पायदान मिला।

अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले मनोबल बढ़ाने वाली जीत के साथ, भारतीय महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप में शानदार समापन किया। टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया। यह मैच गुरुवार शाम को खेला गया।

इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक हार का सामना किया। उन्होंने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। आखिर में, मुख्य कोच शुअर्ड मरिने के मार्गदर्शन में जर्मनी के खिलाफ जीत के साथ उन्होंने अपना अभियान पूरा किया।पहले मैच में चीन के खिलाफ 2-2 की बराबरी और फिर ऑस्ट्रेलिया से 0-0 की बराबरी। टीम नीदरलैंड्स से भी सिर्फ 2 गोल से हारी।यह सब भारत ने तब किया जब दल में 11 युवा खिलाड़ी थे और अपना पहला विश्वकप खेल रहे थे।

वहीं पुरुष टीम ने खासा निराश किया। पुरुष टीम की आलोचना पूर्व भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने भी की। हरमनप्रीत सिंह ने ने अंतिम मैच में गोल दागकर खुद को शीर्ष 5 गोल स्कोरर में स्थापित कर दिया लेकिन कुल मिलाकर टीम का अभियान निराशाजनक रहा।पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धीमी शुरूआत, मौके गंवाने और डिफेंस में चूक से आगे यह समस्या और बड़ी है और इसका हल काफी पहले निकाला जाना चाहिये था।

पुरुष टीम ने पूल डी के मुकाबले में इंग्लैंड जैसी टीम से 4-2 से मैच गंवाया।वह भी मैच में बढ़त बनाने के बाद। इसके बाद टीम का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा था लेकिन 5-3 की स्कोरलाइन संतोषजनक नहीं थी।

अगले दौर में टीम को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना मिली। नीदरलैंड्स ने भारतीय टीम को 3-1 से हराया। नीदरलैंड से हारने के बाद भारत पूल ई से अंतिम चार की दौड़ से लगभग बाहर ही हो गया था लेकिन अर्जेंटीना की इंग्लैंड पर जीत के बाद तकनीकी तौर पर उसके रास्ते खुले थे । इसके लिये उसे कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी।  लेकिन भारत ने पहले छह मिनट में ही दो गोल गंवा दिये और इस दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी। अर्जेंटीना के खिलाफ भारत 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।

लेकिन निराशाजनक अभियान और ज्यादा निराशाजनक तब हो जब सातवें और आठवें पायदान के लिए भारत बेल्जियम से भिड़ा।भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ सातवें / आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन के रोमांचक मुकाबले में शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा।निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने बाजी मारकर भारत को एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के लिए मजबूर कर दिया।