ट्रम्प बोले- चीन-रूस जंग में आए तो अंजाम बुरा होगा:पुतिन-जिनपिंग ने मुझे यकीन दिलाया, वे ईरान को हथियार नहीं देंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चीन या रूस ईरान युद्ध में शामिल हैं। हालांकि उन्होंने धमकी दी कि अगर दोनों देशों ने इस युद्ध में दखल दिया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे और यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल ही में बीजिंग में हुई उनकी मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया था कि वे किसी भी हाल में ईरान को हथियार नहीं देंगे। चीनी कंपनियों के लिए भी यही चीज लागू है। ट्रम्प ने कहा मुझे जिनपिंग पर यकीन है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उनसे कहा था कि वे ईरान को हथियार नहीं बेचेंगे। ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन जंग के बावजूद उनकी पुतिन से बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सीधे यूक्रेन को हथियार नहीं बेचता, बल्कि नाटो देशों को बेचता है। नाटो देश इन हथियारों की पूरी कीमत चुकाते हैं। उसके बाद वे इन्हें किस तरह आगे भेजते हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं होती। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. नेतन्याहू अमेरिका जाएंगे, जंग के बाद पहली बार ट्रम्प से मुलाकात: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना होंगे। वह राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ईरान जंग शुरू होने के बाद पहली बार होगी। 2. कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार: ईरान-अमेरिका में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड का भाव मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। 3. कुवैत में 3 अमेरिकी ठिकानों पर हमला: ईरान ने शुक्रवार को कुवैत में मौजूद अमेरिका के तीन सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमला किया है। इसमें कैंप अरिफजान, कैंप दोहा और कैंप अदैरी को निशाना बनाया गया। 4. ईरान बोला- अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान अमेरिका के सामने झुकेगा नहीं और उसकी धमकियां भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान किर्गिस्तान में SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में दिया। 5. होर्मुज में 28 क्रू मेंबर्स वाले LPG टैंकर पर हमला: ईरान के जलक्षेत्र में एक LPG टैंकर पर हमला हुआ। मोजाम्बिक के झंडे वाला यह टैंकर दिशा 28 भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा था। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट का 13वां टेस्ट कामयाब:पहली बार पानी में सुरक्षित लैंड कराया, अंतरिक्ष में 20 स्टारलिंक सैटेलाइट भी तैनात किए

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान कामयाब रही। पिछले हफ्ते इंजन इग्निशन में खराबी के कारण टले लॉन्च के बाद इस मिशन में स्टारशिप के अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ से स्टारशिप ने भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे उड़ान भरी थी। ये टेस्ट 1 घंटे 3 मिनट का था। इस टेस्ट की सफलता स्पेसएक्स और नासा दोनों के लिए बेहद जरूरी थी। अगले साल नासा की मून लैंडिंग इसी पर निर्भर है। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इस रॉकेट को बनाया है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ये पूरी तरह से रीयूजेबल है। पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने लाइव स्ट्रीम के दौरान कहा कि “यह पहली बार है जब हमने पूरे स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी ‘बेली-फ्लॉप’ स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा। पहली बार असली स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स की तैनाती इस मिशन में स्टारशिप ने पहली बार नए वर्जन के 20 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में तैनात किया। स्पेसएक्स ने पुष्टि की कि उसने सभी 20 टेस्ट सैटेलाइट्स से संपर्क स्थापित कर लिया है। ये सैटेलाइट्स सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर थे और इन्हें स्थायी रूप से अंतरिक्ष में रहने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। तैनात होने के लगभग 20 मिनट बाद ये पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो गए। सुपर हैवी बूस्टर और ‘हॉट स्टेजिंग’ में सुधार लॉन्च के समय सुपर हैवी बूस्टर के सभी 33 रैप्टर इंजनों ने उड़ान भरी, जिससे 1.8 करोड़ पाउंड का थ्रस्ट पैदा हुआ। स्पेसएक्स के स्टारशिप लॉन्च के सीनियर डायरेक्टर जस्टिन स्टेयर के मुताबिक, “यह दुनिया की सबसे बड़ी मशीन गन की तरह है जो गोलियों की जगह हर सेकंड 11 पिकअप ट्रक फायर कर रही हो।” उड़ान के 2 मिनट बाद मेन इंजन कटऑफ (MECO) के बाद ‘हॉट स्टेजिंग’ के जरिए स्टारशिप बूस्टर से अलग हुआ। मई में हुई पिछली उड़ान में सभी 6 इंजन एक साथ चालू न होने से बूस्टर उल्टा घूम गया था, जिसे इस बार सुधार लिया गया था। अलग होने के बाद बूस्टर ने 13 इंजनों का इस्तेमाल करके बूस्टबैक बर्न किया। लैंडिंग के समय इसकी स्पीड थोड़ी ज्यादा थी और सभी 13 इंजन चालू नहीं हो पाए, फिर भी इसने खाड़ी में एक नियंत्रित लैंडिंग की। अब स्टारशिप के पहले हुए 11 टेस्ट के बारे में जानें…. 12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग ‘स्टारशिप’ का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया।
11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया था, लेकिन शिप (ऊपरी हिस्सा) में ऑक्सीजन लीक से ब्लास्ट हो गया था। छठा टेस्ट: लॉन्चपैड पर उतरने में दिक्कत दिखी तो पानी पर लैंड कराया, ट्रम्प भी मौजूद रहे स्टारशिप का छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 03:30 बजे किया गया था। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुंचे थे। इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया। स्टारशिप के इंजन को स्पेस में फिर से चालू किया गया। इसके बाद हिंद महासागर में लैंडिंग हुई। पांचवां टेस्ट: पहली बार बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच किया था स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस टेस्ट में पृथ्वी से 96 Km ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस लाया गया, जिसे मैकेजिला ने पकड़ा। मैकेजिला दो मेटल आर्म हैं जो चॉपस्टिक्स की तरह दिखाई देती हैं। वहीं स्टारशिप की पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराकर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई गई। स्टारशिप ने जब पृथ्वी के वातावरण में एंट्री की तब उसकी रफ्तार 26,000 किलोमीटर प्रति घंटे थी और तापमान 1,430°C तक पहुंच गया था। चौथा टेस्ट: स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पानी में लैंडिंग हुई स्टारशिप का चौथा टेस्ट 6 जून 2024 को हुआ था, जो सक्सेसफुल रहा था। 1.05 घंटे के इस मिशन को बोका चिका से शाम 6.20 बजे लॉन्च किया गया था। इसमें स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पृथ्वी पर वापस लाकर पानी पर लैंड कराया गया। टेस्ट का मेन गोल यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में एंट्री के दौरान सर्वाइव कर पाता है या नहीं। टेस्ट के बाद कंपनी के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था, ‘कई टाइल्स के नुकसान और एक डैमेज्ड फ्लैप के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।’ तीसरा टेस्ट: रीएंट्री के बाद स्टारशिप से संपर्क टूटा था ये टेस्ट 14 मार्च 2024 को हुआ था। स्पेसएक्स ने बताया था कि स्टारशिप रीएंट्री के दौरान सर्वाइव नहीं कर पाया, लेकिन उसने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं इलॉन मस्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल आधा दर्जन स्टारशिप उड़ान भरेंगे। दूसरा टेस्ट: स्टेज सेपरेशन के बाद खराबी आ गई थी स्टारशिप का दूसरा टेस्ट 18 नवंबर 2023 को शाम करीब 6:30 बजे किया गया था। लॉन्चिंग के करीब 2.4 मिनट बाद सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप का सेपरेशन हुआ। बूस्टर को वापस पृथ्वी पर लैंड होना था, लेकिन 3.2 मिनट बाद 90 Km ऊपर यह फट गया। वहीं स्टारशिप तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ गया। करीब 8 मिनट बाद पृथ्वी से 148 Km ऊपर स्टारशिप में भी खराबी आ गई, जिस कारण उसे नष्ट करना पड़ा। फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम के जरिए इसे नष्ट किया गया था। दूसरे टेस्ट में रॉकेट और स्टारशिप को अलग करने के लिए पहली बार हॉट स्टैगिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया था, जो पूरी तरह सक्सेसफुल रही थी। सभी 33 रैप्टर इंजनों ने भी लॉन्च से सेपरेशन तक ठीक से फायर किया था। पहला टेस्ट: लॉन्चिंग के 4 मिनट बाद विस्फोट हो गया था 20 अप्रैल 2023 को स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट में बूस्टर 7 और शिप 24 को लॉन्च किया गया था। उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी के पास 30 किलोमीटर ऊपर स्टारशिप में विस्फोट हो गया था। स्टारशिप के फेल होने के बाद भी इलॉनमस्क और एम्प्लॉइज खुशी मना रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉकेट का लॉन्च पैड से उड़ना ही बड़ी सफलता थी। मस्क ने लॉन्चिंग से दो दिन पहले कहा था- सफलता शायद मिले, लेकिन एक्साइटमेंट की गारंटी है। स्पेसएक्स ने कहा था- सेपरेशन स्टेज से पहले ही इसका एक हिस्सा अचानक अलग हो गया, जबकि यह तय नहीं था। इस तरह के एक टेस्ट के साथ हम जो सीखते हैं, उससे सफलता मिलती है। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की रिलायबिलिटी में सुधार करने में मदद करेगा। टीमें डेटा को रिव्यू करना जारी रखेंगीं और अगले फ्लाइट टेस्ट की दिशा में काम करेंगीं।

दिल्ली के इस इलाके में फूड डिलीवरी और ई कॉमर्स सर्विस बंद? जानें दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी में क्या

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों को देखते हुए नई दिल्ली जिला, जंतर-मंतर, संसद, सेंट्रल विस्टा और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में बिना जरूरत यात्रा करने से बचें। पुलिस ने ऑनलाइन ऐप आधारित टैक्सी और अन्य सेवाएं देने वाली कंपनियों से भी इन क्षेत्रों में अपने संचालन को जरूरत के अनुसार नियंत्रित रखने को कहा है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह एडवाइजरी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इलाके में बढ़ती भीड़ को देखते हुए जारी की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

सेंट्रल दिल्ली में लागू पाबंदियां, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के तय इलाकों में प्रतिबंध लागू किए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी काम न होने पर इन क्षेत्रों में जाने से बचें और जहां संभव हो, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, दमकल विभाग और अधिकृत सरकारी वाहनों जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह बिना किसी रोक-टोक के चलती रहेंगी।

इसके साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी व आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। वाहन चालकों से धैर्य रखने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करने को कहा गया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

ऐप आधारित सेवाओं के लिए भी पुलिस की सलाह

दिल्ली पुलिस ने ऐप आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियों, जैसे ऑनलाइन टैक्सी, फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों से भी प्रतिबंधित इलाकों में अपने कामकाज को नियंत्रित करने को कहा है। पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, कंपनियां जरूरत पड़ने पर जियो-फेंसिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर सकती हैं या जहां संभव हो, वहां कुछ समय के लिए अपनी सेवाएं बंद रख सकती हैं। इसका उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही कम करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन कदमों का मकसद ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनर्स और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही इससे प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए लोग दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन 112 या अन्य आधिकारिक माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं।

NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

सीजेपी प्रोस्टेट के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। कुछ अफसरों पर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है।

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इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। 

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आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। इस घोषणा के कुछ घंटे बाद मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी।

Gold Rate: सोने की कीमत फिर टूटी, क्या ये एक लाख रुपये तक गिर जाएगा? एक्सपर्ट्स ने 3 बड़ी बातें बताईं

इस साल सोना खरीदने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक ही सवाल है कि क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या कीमत और गिरने का इंतजार करना चाहिए। इस पर बाजार के जानकारों का कहना है कि कोई भी यह तय नहीं कर सकता कि सोने की कीमत कितनी नीचे जाएगी। इसलिए सिर्फ सस्ता होने की उम्मीद में खरीदारी टालना सही फैसला नहीं हो सकता। पिछले कई वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025 तक भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत कभी भी 1 लाख रुपये से ऊपर नहीं गई थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। 24 जुलाई तक 10 ग्राम सोने की कीमत 1.43 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार की अपील के बावजूद देश में सोने का कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है। हालांकि, कई खरीदार फिलहाल ‘रुको और देखो’ की रणनीति अपना रहे हैं, क्योंकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमत फिर से 1 लाख रुपये के आसपास आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा युद्ध जैसे वैश्विक हालात के कारण महंगाई बढ़ी है। ऐसे में लोग पेट्रोल और रोजमर्रा की दूसरी जरूरी चीजों पर खर्च के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं, इसलिए सोने की खरीदारी को लेकर भी सावधानी बरत रहे हैं।

क्या सोने की कीमत और गिरेगी? 

ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोने की कीमत आगे और कम होगी या अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए। इस पर बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल बहुत कम है। ऑगमॉन्ट की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी के मुताबिक, ज्यादातर विशेषज्ञों को नहीं लगता कि सोना जल्द ही फिर से 10 ग्राम के लिए 1 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सहारा मिल रहा है। उनके अनुसार, सोने का 1 लाख रुपये तक गिरना सिर्फ एक बहुत कम संभावना वाली स्थिति है, न कि सामान्य अनुमान।

उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, जिसका असर सोने पर भी पड़ा। मार्च से ही सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली और 24 जुलाई तक 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.43 लाख रुपये के आसपास रहा। रेनिशा चैनानी का कहना है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आना सामान्य बात है। उनका अनुमान है कि 2026 तक सोना 10 ग्राम के लिए 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये के दायरे से ऊपर ही बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि 5 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव है, इसे बड़ी गिरावट या क्रैश नहीं माना जाना चाहिए।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अपना पैसा सिर्फ सोने में नहीं लगाना चाहिए, बल्कि अलग-अलग निवेश विकल्पों में निवेश करना चाहिए। उनका कहना है कि खबरों या अफवाहों को देखकर जल्दबाजी में सोना खरीदने या बेचने का फैसला नहीं लेना चाहिए। सबसे कम कीमत का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

कब आ सकती है सोने में बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों के मुताबिक, सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट तभी आ सकती है जब कोई बड़ा आर्थिक बदलाव हो। जैसे अमेरिकी डॉलर बहुत मजबूत हो जाए, ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी हो या फिर सोने की मांग में भारी कमी आ जाए। फिलहाल ऐसे संकेत नहीं दिख रहे हैं।

क्या सोना फिर 1 लाख रुपये तक आ सकता है?

बोनांजा के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि 10 ग्राम सोने की कीमत का फिर से 1 लाख रुपये तक पहुंचना पूरी तरह असंभव नहीं है। हालांकि, मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए ऐसा जल्द होने की संभावना नहीं है। अगर ऐसा होता भी है, तो यह आने वाले मध्यम या लंबे समय में ही संभव हो सकता है।

किन वजहों से सस्ता हो सकता है सोना?

वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी, यह दुनिया की आर्थिक स्थिति, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगा।

उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों में सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है:

  • अगर दुनिया में युद्ध या दूसरे अंतरराष्ट्रीय तनाव कम हो जाते हैं, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घट सकती है।
  • अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं या अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों में कटौती करने में देरी करता है, तो सोने में निवेश कम आकर्षक हो सकता है।
  • अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो इसका असर सोने जैसी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
  • अगर दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक सोना खरीदना कम कर देते हैं, तो कीमतों में कमजोरी आ सकती है।
  • अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरे निवेश विकल्पों की ओर जा सकते हैं।

निरपेंद्र यादव ने कहा कि इतिहास बताता है कि अपने सबसे ऊंचे स्तर से 10 से 20 फीसदी तक गिरना सोने के लिए कोई असामान्य बात नहीं है। हालांकि, लंबे समय में इसकी दिशा दुनिया की आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। उन्होंने सलाह दी कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अगर सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आती है, तो इसे धीरे-धीरे खरीदारी का अच्छा मौका माना जा सकता है। वहीं, कम समय के लिए निवेश करने वालों को कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए और उसी के अनुसार अपनी निवेश रणनीति बनानी चाहिए।

राइजिंग भारत समिट में बोले प्रियांक खड़गे- कर्नाटक में विजिलेंटिज्म पर जीरो टॉलरेंस, कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

Priyank Kharge news: कर्नाटक के गृह, आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि राज्य सरकार विजिलेंटिज्म के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और कानूनी प्रावधान हर किसी पर समान रूप से लागू होते हैं। न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट के दौरान मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता के साथ आयोजित ‘फायरसाइड चैट – हाउ कर्नाटक इज बिल्डिंग द इनोवेशन इकोनॉमी ऑफ भारत? में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि राज्य में किसी भी तरह के विजिलेंटिज्म की इजाजत नहीं है। उन्होंने आगे जोड़ा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। कानून सबके लिए एक बराबर है।

पुलिसिंग और प्रशासन में टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

कर्नाटक में गवर्नेंस और कानून-व्यवस्था के क्रियान्वयन पर बात करते हुए खड़गे ने बताया कि राज्य ने पुलिसिंग और सार्वजनिक प्रशासन में तकनीक को तेजी से इंटिग्रेट किया है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और पुलिसिंग के क्षेत्रों में डिजिटल टूल्स का काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रियांक खड़गे ने कहा कि हम ट्रैफिक, साइबर सुरक्षा और पुलिसिंग आदि में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। गवर्नेंस में तकनीक के उपयोग के हमारे प्रयासों की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है।

पुलिस की उपस्थिति और निगरानी में सुधार के लिए सरकार ने एक नया एप्लिकेशन पेश किया है। खड़गे ने कहा कि अब पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखने के लिए ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: ₹2700 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना

राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन उपायों को उजागर करते हुए खड़गे ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई बड़े पैमाने की कार्रवाई के आंकड़े साझा किए। पूरे राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के 7.7 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से राज्य भर में ₹2700 करोड़ से अधिक का जुर्माना लिया गया है।

क्विक कॉमर्स और गिग वर्कर्स पर क्या बोले मंत्री?

तेजी से बढ़ती ऐप-बेस्ड डिलीवरी सर्विस पर बात करते हुए खड़गे ने माना कि क्विक कॉमर्स के आने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बढ़ा है लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस कार्रवाई में सिर्फ डिलीवरी कर्मचारियों को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। खड़गे ने कहा कि 10 मिनट की डिलीवरी के इस दौर में कई तरह के उल्लंघन हो रहे हैं। हम अब उन्हें चार घंटे के लेक्चर दे रहे हैं। ट्रैफिक अपराधों को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि लेकिन हम सिर्फ गिग वर्कर्स को दोष नहीं दे सकते।

बेंगलुरु के ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए ‘अर्बन मोबिलिटी मिशन’

प्रियांक खड़गे ने बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम को कम करने के प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने बेंगलुरु को भारत का इनोवेशन हब होने के साथ-साथ इसकी ट्रैफिक कैपिटल के रूप में भी परिभाषित किया। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ की समस्या से निपटने और परिवहन योजना में सुधार के लिए राज्य सरकार ने एक अर्बन मोबिलिटी मिशन की स्थापना की है।

खड़गे ने कहा कि, ‘हम अधिक से अधिक लोगों को मास ट्रांजिट सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम ई-कॉमर्स कंपनियों, फ्लीट मैनेजर्स, ट्रैफिक पुलिस, जीबीए (GBA) और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर एक मिशन मोड कमेटी बना रहे हैं।’

शहर के परिवहन परिदृश्य पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। गवर्नेंस, पुलिसिंग और शहरी बुनियादी ढांचे पर हुई इस व्यापक चर्चा के दौरान प्रियांक खड़गे ने जोर देकर दोहराया कि कर्नाटक की सरकार इस सिद्धांत पर चल रही है कि कानून सबके लिए समान है।

BHAVYA-Rasayan Scheme: बड़ा ऐलान! 3030 करोड़ खर्च कर देश में बनेंगे 3 विशाल केमिकल पार्क, जानें किसे होगा फायदा

BHAVYA-Rasayan Scheme: देश में केमिकल सेक्टर को मजबूत करने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को स्पीड देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में देश में 3 डेडिकेटेड केमिकल पार्क बनाने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना-रसायन (BHAVYA-Rasayan Scheme) को मंजूरी दी गई है। PTI के मुताबिक सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इस नई योजना का ऐलान किया। इसकी घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में ही कर दी गई थी। सरकार ने बताया है कि इस स्कीम के लिए 3030 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया है।

₹3030 करोड़ के बजट का कैसे होगा इस्तेमाल?

ये योजना मौजूदा वित्त वर्ष से शुरू होकर वित्त वर्ष 2030-31 तक (5 वर्षों के लिए) के लिए होगी। कुल बजट में से ₹3000 करोड़ पार्कों के भीतर कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं को तैयार करने के लिए दिए जाएंगे। बाकी ₹30 करोड़ का इस्तेमाल एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों के लिए होगा। केंद्र सरकार प्रति पार्क ₹1000 करोड़ तक की सहायता देगी। इसके लिए संबंधित राज्य सरकार को न्यूनतम ₹500 करोड़ का योगदान देना अनिवार्य होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इन तीनों पार्कों की स्थापना के लिए कुल निवेश इससे कहीं अधिक होगा। सरकार की ओर से दी जा रही ₹3,030 करोड़ की सहायता मुख्य रूप से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के लिए है।

क्यों खास है केमिकल सेक्टर?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इकॉनमी में ऐसे कई क्षेत्र हैं जो बुनियादी महत्व रखते हैं और केमिकल सेक्टर उनमें से एक है क्योंकि यह कई अन्य उद्योगों को बेसिक रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराता है।

इस योजना से किसे और क्या फायदा होगा?

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक ‘भव्य-रसायन योजना’ से कई फायदे होंगे। यह योजना अपस्ट्रीम, डाउनस्ट्रीम और सहायक उद्योगों सहित पूरी वैल्यू चेन के साथ-साथ केमिकल इंडस्ट्री के विकास को बढ़ावा देगी। पार्कों के निर्माण से संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा। एक ही जगह पर इंटिग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और उद्योगों के लिए उत्पादन आसान होगा।

कल भारी बारिश-आंधी तूफान वाला मौसम: गुजरात के लिए रेड कलर वॉर्निंग, बाकी इन 20 राज्यों में भी मूसलाधार का अलर्ट

Mausam update 25 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर गुजरात में लगातार तीसरे दिन हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि अहमदाबाद के पॉश बोपाल इलाके में पानी बढ़ने की वजह से भारतीय सेना को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। सेना ने शुक्रवार दोपहर तक करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देश के कई इलाकों में मानसूनी हवाओं के असर से मौसम का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है।

मौसम विभाग ने एक बार फिर गुजरात राज्य के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए बेहद भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र के तटीय अंचलों और ओडिशा से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 25 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

गुजरात के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 25 जुलाई को गुजरात राज्य में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव के साथ तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 4 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 25 जुलाई को देश के चार प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी-

  • राजस्थान: राज्य के पूर्वी और पश्चिमी भागों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके पहाड़ी (घाट) क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वाकलन है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।

इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 25 जुलाई को देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है:

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के तटीय अंचलों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। अपने इस्तीफे में शहाबुद्दीन ने लिखा- मैं लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी से जूझ रहा हूं। हाल ही में डॉक्टरों ने मुझमें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नाम की बीमारी का पता लगाया है। इस बीमारी की वजह से कई बार अचानक कुछ समय के लिए बेहोशी आ जाती है। शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए अब राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। हसीना के देश छोड़ने के बाद भी पद नहीं छोड़ा था मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था। जुलाई-अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। उस आंदोलन के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद शहाबुद्दीन ही अवामी लीग सरकार के दौर के एकमात्र संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो 2 साल बाद भी पद पर बने हुए थे। लंदन दौरे पर शेख हसीना से बातचीत का आरोप वह 9 मई को इलाज के लिए लंदन गए थे और 18 मई को ढाका लौटे थे। बांग्लादेशी समाचार पत्रों की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। जैसे ही इस बातचीत की भनक बीएनपी (BNP) के शीर्ष नेतृत्व को लगी, उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से लिया। इसके बाद राष्ट्रपति तक यह मैसेज पहुंचाया कि शेख हसीना से संपर्क साधना या बातचीत करना मौजूदा राजनीतिक माहौल में स्वीकार्य नहीं है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अखबार प्रोथोम आलो ने भी सरकार के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि सरकार इस बात से नाराज है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में शेख हसीना से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की थी। वहीं द डेली स्टार ने बीएनपी के एक सीनियर नेता के हवाले से लिखा था कि शहाबुद्दीन और शेख हसीना के बीच कथित फोन पर हुई बातचीत ही इस्तीफे की एकमात्र वजह नहीं है। दरअसल शेख हसीना ने इसी साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है। इससे देश का राजनीतिक माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। अब स्पीकर राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाएंगे बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के मुताबिक, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद संसद को 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना होगा, जो मौजूदा कार्यकाल का बाकी समय पूरा करेगा। मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वह सत्तारूढ़ अवामी लीग के उम्मीदवार थे और निर्विरोध चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था। स्पीकर इलाज के लिए बैंकॉक गए थे स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद 19 जुलाई को इलाज के लिए थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक गए थे। उनकी वापसी रविवार को तय थी, लेकिन उन्होंने अपना दौरा बीच में ही खत्म कर दो दिन पहले ढाका लौटने का फैसला किया। ढाका हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि विदेश में होने के कारण उन्हें राष्ट्रपति के इस्तीफे के फैसले की जानकारी नहीं थी।

‘डीके, सावधान रहना…’ PM मोदी ने डीके शिवकुमार से क्यों कही ये बात, बेंगलुरु को लेकर किया ये खुलासा

News18 Rising Bharat Summit: बेंगलुरु में आयोजित न्यूज 18 राइजिंग भारत समिट में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के लिए ज्यादा आर्थिक मदद देने की मांग की है। उनका कहना है कि कर्नाटक देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है, इसलिए उसे केंद्र से भी बेहतर आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए। ‘राइजिंग भारत’ समिट में डी.के. शिवकुमार ने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) बेंगलुरु पर नजर बनाए हुए हैं।

जब पीएम मोदी ने सीएम शिवकुमार से कही ये बात

सीएम शिवकुमार ने कहा, “जब भी मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होती है, मैं उनसे कहता हूं कि हम देश की तरक्की में पूरा सहयोग दे रहे हैं, इसलिए केंद्र को भी हमारी मदद करनी चाहिए। हमारे हिस्से के पैसे को दूसरे राज्यों में ज्यादा न बांटा जाए।” उन्होंने कहा कि कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों की लंबे समय से मांग रही है कि उन्हें केंद्रीय संसाधनों में उचित हिस्सा मिले।

डी.के. शिवकुमार ने आगे कहा कि यह केंद्र सरकार की नीति से जुड़ा मामला है और वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाल ही में हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। शिवकुमार के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने उनसे कहा, “डी.के., सावधान रहिए। दुनिया भर के सभी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) बेंगलुरु पर नजर रखे हुए हैं।”

बेंगलुरु के आर्थिक विकास पर फोकस 

बेंगलुरु की आर्थिक अहमियत पर बात करते हुए डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह शहर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से लेकर एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों तक बेंगलुरु का बड़ा योगदान है और इसी वजह से दुनिया भर के निवेशक यहां निवेश करना चाहते हैं। उन्होंने माना कि बेंगलुरु शुरू से योजनाबद्ध तरीके से नहीं बसाया गया था, लेकिन समय-समय पर अलग-अलग सरकारों ने शहर के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। शिवकुमार ने कहा, “जब सिद्धारमैया मुख्यमंत्री थे, तब मैं बेंगलुरु के शहरी विकास मंत्री के रूप में काम कर रहा था। उस दौरान हमने शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं तैयार की थीं। मैं मानता हूं कि बेंगलुरु पूरी तरह योजनाबद्ध शहर नहीं है, लेकिन अब हमें इसे उसी तरह विकसित करना होगा, क्योंकि यह आईटी से लेकर एयरोस्पेस तक कई क्षेत्रों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को बड़ी ताकत देता है।”

कर्नाटक को निवेश के लिए सबसे बेहतर राज्यों में से एक बताते हुए डी.के. शिवकुमार ने कहा कि राज्य कई क्षेत्रों में देश की अगुवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि खेती, डेयरी, रेशम उत्पादन और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) जैसे क्षेत्रों में कर्नाटक लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। शिवकुमार ने बेंगलुरु की खासियतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां का सुहावना मौसम, बेहतर जीवनशैली और लोकप्रिय पब संस्कृति लोगों को आकर्षित करती है। इसके साथ ही राज्य सरकार कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी लगातार काम कर रही है, ताकि देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सके।